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नया ग्लोबल ग्रोथ इंजन बन रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वर्ष 2026 भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा सबमर टेक्नोलॉजीस से चर्चा के 24 घंटे के अंदर हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में दिया निवेश का आमंत्रण वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ मध्यप्रदेश विकास का नया केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निवेशकों की जरूरतों को हम अच्छी तरह से जानते हैं। निवेशकों को प्रॉपर्ली फेसिलिटेट करना ही हमारी नीति है। हमारी डेडिकेटेड इन्वेस्टर्स फ्रेंडली 18 औद्योगिक नीतियों के जरिए हमने सबके लिए निवेश के द्वार खोल दिए हैं। मध्यप्रदेश आईए, हमारी नीतियों और उपलब्धियों का अवलोकन कीजिए और निवेश कीजिए। उन्होंने कहा कि भारत और स्पेन के बीच पुराने संबंध हैं। हम उन्हीं संबंधों को और भी प्रगाढ़ करने यहां आए हैं। हम यहां से सिर्फ निवेश नहीं, दीर्घ साझेदारी चाहते हैं। हमारी सरकार अगले वर्ष 2026 को भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाएगी। इसके अंतर्गत कला, संस्कृति, साहित्य और फिल्म आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच फिल्म को-प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हमने स्पेन फिल्म आयोग के साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को यूरोप यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सबमर टेक्नोलॉजी स्पेन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह बार्सिलोना ने नवाचार, संस्कृति और आर्थिक समावेशन के जरिए विकास का अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया है, उसी तरह मध्यप्रदेश भी विरासत से विकास की परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए अब तेजी से ग्लोबल ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूरोप को विज़न देने वाले बार्सिलोना को मध्यप्रदेश की ओर से अभिनंदन है। बार्सिलोना नवाचारों और सपनों का शहर है, जिस पर मां सरस्वती की कृपा है। यहां के लोग अपने अतीत को साथ रखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विरासत के साथ विकास के मंत्र को स्पेन भी चरितार्थ करता है। बार्सिलोना ने विकास और नवाचार का नया मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्थिर शासन और सरल प्रक्रियाओं और तेज निर्णयों के मामले में दुनिया का विश्वास जुटाते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। भारत और स्पेन लोकतांत्रिक मूल्यों और नवाचारों के साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं। दोनों के बीच 9 बिलियन डॉलर से अधिक द्विपक्षीय व्यापार है। रक्षा क्षेत्र में भी बड़ी साझेदारी है। उन्होंने कहा कि स्पेन में निवेशकों से मिलकर सबसे अधिक आनंद की अनुभूति हुई है। यहां दुनिया की सबसे बड़ी कॉटन कम्पनी 'इंडिटेक्स' के विजिट के बाद पता लगा कि मध्यप्रदेश का कॉटन और यहां की टेक्निक मिलकर विकास का नया अध्याय लिख सकते हैं। धन कमाने में मानवीय मूल्यों को भूल जाते हैं। इंडिटेक्स के अधिकारियों ने बताया कि 30 से 40 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में कुल ऊर्जा उत्पादन का लगभग आधे से ज्यादा नवकरणीय ऊर्जा है। प्रदेश ज्यादा से ज्यादा ग्रीन एनर्जी के उत्पादन के लिये ठोस कदम उठा रहा है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश दुनिया के लिये आदर्श राज्य की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। यहां पर जैविक कपास के साथ-साथ फसल उत्पादन और अन्य सभी क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश ने अपनी गति बढ़ाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडिटेक्स टेक्सटाइल में मध्यप्रदेश के कॉटन से गारमेंट्स सेक्टर में बार्सिलोना बेताज बादशाह बना है, जिससे लगता है कि मध्यप्रदेश और बार्सिलोना जुड़वाँ भाईयों की तरह हैं। बार्सिलोना ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल को आगे बढ़ा रहा है। मध्यप्रदेश भी अपने किसानों को 32 लाख से अधिक सोलर इरिगेशन पंप बांटकर ग्रीन एनर्जी सेक्टर में देश-दुनिया में अपना शीर्ष स्थान बनाना चाहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी यूरोपियन देशों की आबादी करीब 74 करोड़ है और आप हैरत करेंगे कि हमारे यहां 80 करोड़ से अधिक लोगों को भारत सरकार द्वारा नि:शुल्क खाद्य सामग्री बांटी जा रही है। स्पेन की आबादी के बराबर लोगों को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नि:शुल्क पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यहां पर जरूरतमंद लोगों को आवास, भोजन, शिक्षा सहित अन्य सभी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। भारतीय संस्कृति 'जियो और जीने दो' पर विश्वास करती है। उन्होंने इकबाल की पंक्तियों को उदधृत करते हुए कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नही हमारी। भारत यूरोपियन देशों के साथ साझेदारी के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश भी इसी भावना से आगे बढ़ते हुए फूड, टैक्सटाईल, फार्मास्युटिकल, पॉवर सेक्टर सहित अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज डेटा सेंटर के लिए हमारा एमओयू साइन हुआ है, जिससे हमारे संबंध अब और पक्के हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूरोप यात्रा न केवल यहां के निवेशकों का विश्वास जीत रही है, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक कद, मध्यप्रदेश की कुशल औद्योगिक नीतियों और हमारे विज़न को वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम भी बन रही है।  

नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को 1 गीगावॉट तक किया जाएगा विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीस एस.एल. के बीच डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता हुआ। बार्सिलोना में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम और सबमर के बीच एमओयू संपन्न हुआ। इस समझौते में निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत डिजिटल अवसंरचना के विकास पर फोकस किया गया है। यह समझौता केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि नेतृत्व, नीति और परिणाम की मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 17 जुलाई की रात को बार्सिलोना स्थित सबमर मुख्यालय के भ्रमण के अगले कुछ ही घंटों बाद यह एमओयू साइन होना निवेश के प्रति मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्धता का सुदृढ़ कदम है। मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विजन से वैश्विक निवेशकों का विश्वास तेज़ी से हासिल करने का भी उदाहरण है। इस समझौते के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को संयुक्त रूप से 1 गीगावॉट तक विकसित करने के लिए एक रणनीतिक सहयोग स्थापित किया गया है। यह समझौता उन्नत लिक्विड-कूलिंग तकनीकों जैसे इमर्शन कूलिंग और डायरेक्ट-टू-चिप समाधानों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऊर्जा खपत, जल उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करना है। यह सहयोग डाटा सेंटर संचालन के लिए वैश्विक दक्षता मानकों के अनुरूप है। यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में 45 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत और 90 प्रतिशत तक जल संरक्षण करती है। सबमर कंपनी निर्माण, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश में निवेश करेगी। वहीं मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम इस परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि, आधारभूत संरचना, नीति सहयोग एवं शासकीय औपचारिकताओं का अंतिम रूप देगा। इस साझेदारी का उद्देश्य न केवल डिजिटल क्षेत्र में राज्य की तकनीकी क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि कौशल विकास, नवाचार और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करना है। प्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सबमर, मध्यप्रदेश में डाटा सेंटर्स के डिज़ाइन और स्थापना में नई पीढ़ी के मानकों को स्थापित करने में सहायता करेगा। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करते हुए लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन और एआई आधारित अवसंरचना विकास के लिए वैश्विक विशेषज्ञता प्रदान करेगा। यह सहयोग मध्यप्रदेश को टिकाऊ, एआई-रेडी डिजिटल केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देगा। इस समझौते के अवसर पर सांस्कृतिक सौहार्द्र का सुंदर दृश्य देखने को भी मिला, जब सबमर के फाउंडर श्री पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम से बनी विशेष टाई पहनकर एमओयू कार्यक्रम में शामिल हुए। यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की तकनीकी उन्नयन तथा वैश्विक निवेश प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। सबमर टेक्नोलॉजीस की स्थापना वर्ष 2015 में बार्सिलोना में हुई थी। यह कंपनी डेटा सेंटर्स, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज इमर्शन कूलिंग प्रणालियों में वैश्विक विशेषज्ञता रखती है। इसके उत्पादों में स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड शामिल हैं। कंपनी ने विश्वभर में वित्तीय संस्थानों, सरकारी क्लस्टर्स और एआई प्रयोगशालाओं में सफलतापूर्वक सिस्टम स्थापित किए हैं। मई 2022 में कंपनी ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी कर देश में स्मार्ट और सस्टेनेबल डाटा सेंटर की स्थापना की।  

बुरहानपुर में डायरिया का प्रकोप तेज, बड़गांव में मरीजों की संख्या बढ़ी, जांच-पड़ताल शुरू

बुरहानपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर बड़गांव माफी में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। गांव में 15 जुलाई को उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। जांच के दौरान पहले 15 मरीज सामने आए थे। इसके बाद दो दिन में नौ और मरीज सामने आए हैं। इनमें से कुछ मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शेष मरीजों का घर पर ही डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। चार सैंपलों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने बताया कि पंचायत और पीएचई विभाग ने ट्यूबवेल की पाइप लाइन में मौजूद लीकेज को ठीक करा दिया है। साथ ही ट्यूबवेल के आसपास मौजूद गोबर व गंदगी को भी साफ कराया गया है। पीएचई ने पानी के पांच सैंपल लिए थे। इनमें से चार सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए अभी लोगों को ट्यूबवेल की जगह हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में करने के लिए कहा गया है। साथ ही पानी को उबाल कर अथवा क्लोरीन की गोलियों से साफ कर पीने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब भी गांव में डेरा डाले हुए है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रित है।    सीईओ जिला पंचायत ने भी किया दौरा गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को सीईओ जिला पंचायत लता शरणागत सहित अन्य अधिकारियों ने भी गांव का दौरा किया था। उन्होंने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर क्लोरीन की दवाएं वितरित करने और निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। शाहपुर के बीएमओ डॉ. अरुण कुमार सिंह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जिन पांच मरीजों के स्टूल सैंपल लेकर इंदौर जांच के लिए भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट शुक्रवार रात तक मिलने की उम्मीद जताई गई है। जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने कहा कि बड़गांव माफी में अब तक डायरिया के 24 मरीज सामने आ चुके हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी और इलाज कर रही है।

नई सरकारी स्कीम 1 अगस्त से होगी शुरू, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा

धूरी इम्प्लॉईज प्रोविडैंट फंड ऑर्गनाइजेशन (ई.पी.एफ.ओ.) के सहायक आयुक्त मनोज पटेल और इनफोर्समैंट अधिकारी दिनेश गर्ग ने बताया कि केंद्र सरकार ने निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री ई.एल.आई. स्कीम शुरू की है।  यह स्कीम पूरे भारत में 1 अगस्त से लागू हो जाएगी। उन्होंने यह जानकारी औद्योगिक इकाई के.आर.बी.एल., भसौड़ (धूरी) में आयोजित एक जागरूकता सेमिनार में दी। मनोज पटेल और दिनेश गर्ग ने बताया कि यह स्कीम औद्योगिक इकाइयों पर चार साल और अन्य नियोक्ताओं पर 2 साल के लिए लागू होगी। उन्होंने कहा कि ई.पी.एफ.ओ. के पूरे देश में 7.83 करोड़ पी.एफ. खाताधारक हैं, जिन्हें करीब 150 कार्यालयों के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त से शुरू होकर 31 जुलाई 2027 तक चलेगी। यह स्कीम 1 लाख रुपए महीना वेतन प्राप्त करने वालों पर भी लागू होगी, लेकिन उन्हें मिलने वाली 15 हजार रुपए की राशि सालाना 2 किश्तों में दी जाएगी। यह स्कीम कर्मचारियों के साथ-साथ उत्पादकों (नियोक्ताओं) के लिए भी है। इसके तहत, 10 हजार रुपए तक वेतन वाले कर्मचारियों के मालिकों को 1 हजार रुपए प्रति महीना, 10,001 से 20,000 रुपए तक वेतन वालों के लिए 2 हजार रुपए, और 20,001 से 1 लाख रुपए तक वेतन वालों के लिए 3 हजार रुपए प्रति महीना नियोक्ताओं को दिया जाएगा। अधिकारियों ने कर्मचारियों और उद्योगपतियों से इस स्कीम का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट रखा गया है और इसके माध्यम से करीब साढ़े 3 करोड़ नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। इस अवसर पर संस्थान के जनरल मैनेजर सागर सिद्धू द्वारा ई.पी.एफ.ओ. अधिकारियों को सम्मानित किया गया। 

राशन कार्ड संकट गहराया: नियम सख्त, लाखों को खतरे का अलर्ट

नई दिल्ली  भारत में करोड़ों लोग सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं के तहत हर महीने सस्ते या मुफ्त राशन का लाभ उठाते हैं। यह लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत उन्हीं लोगों को मिलता है जिनके पास वैध राशन कार्ड होता है। लेकिन अब सरकार ने राशन कार्डधारकों के लिए एक सख्त फैसला लिया है-अगर आपने समय पर ई-केवाईसी नहीं करवाई, तो आपका नाम राशन कार्ड सूची से हटाया जा सकता है। क्यों जरूरी है ई-केवाईसी? सरकार ने यह कदम फर्जी राशन कार्ड और अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेने से रोकने के लिए उठाया है। ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सिर्फ सही और पात्र लाभार्थियों को ही राशन मिले। नई गाइडलाइन के मुताबिक: जिन राशन कार्डधारकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, उनका नाम कार्ड से हटा दिया जाएगा। बिना ई-केवाईसी के राशन वितरण में पारदर्शिता और नियंत्रण संभव नहीं है। क्या करें जिससे नाम ना कटे? अगर आप भी इस स्कीम के लाभार्थी हैं और आपका नाम सूची में बना रहे, तो तुरंत नीचे दिए गए तरीकों से ई-केवाईसी करवा लें:   ई-केवाईसी कैसे कराएं? ऑफलाइन तरीका: अपने नजदीकी राशन डीलर या लोक सेवा केंद्र (CSC) पर जाएं। आधार कार्ड ले जाएं और वहां बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) के जरिए पहचान सत्यापित करवाएं। ऑनलाइन तरीका (अगर राज्य की वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध है): अपने राज्य के राशन पोर्टल पर लॉगइन करें। आधार नंबर डालें, फिर मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) के जरिए ई-केवाईसी पूरी करें।  अगर ई-केवाईसी में परेशानी हो रही है? जिन लोगों को ऑनलाइन फिंगरप्रिंट या ओटीपी वेरिफिकेशन में दिक्कत आ रही है, वे सीधे निकटतम सेंटर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कब तक करवा लें? सरकार ने ई-केवाईसी के लिए अंतिम तारीख भी तय कर दी है (जो राज्यवार अलग-अलग हो सकती है)। यदि आप तय समयसीमा से पहले ई-केवाईसी नहीं कराते हैं, तो राशन वितरण बंद हो सकता है और आपका नाम सूची से हटाया जा सकता है।  

राज्यपाल पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री देवड़ा की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। श्री पटेल को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा भी की।     

राज्यपाल पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री देवड़ा की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। श्री पटेल को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा भी की।     

भारतीय टीम को मिला नया हथियार: कुलदीप यादव चयनित, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने की भविष्यवाणी

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में मिली हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को एक बड़ी सलाह मिली है। 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने बताया है कि इस अहम मैच में किस खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में जरूर शामिल किया जाना चाहिए। इस समय भारत के लिए करो या मरो की स्थिति है, क्योंकि एक और मैच हारने पर टीम सीरीज गंवा देगी। अगर भारतीय टीम चौथा मैच जीत जाती है तो सीरीज में जीवित रहेगी, अगर मैच हारी तो सीरीज भी हार जाएगी।   तीसरे मैच में मिडिल ऑर्डर ने थोड़ा सा साथ बल्लेबाजी में जरूर दिया, लेकिन फिर भी टीम 22 रन से मैच हारी। इस विषय पर बात करते हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने टीम इंडिया को सुझाव दिया कि आगामी मैच में स्पेशलिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव को खिलाना चाहिए। कुलदीप ने अभी तक इस सीरीज में कोई भी मैच नहीं खेला है, लेकिन यह उनके लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अच्छा मौका है। भारतीय टीम के लिए सीरीज भी दांव पर है। ऐसे में एक स्पेशलिस्ट स्पिनर पर दांव लगाया जा सकता है। बियोंड23 पॉडकास्ट में माइकल क्लार्क ने कहा, "भारत अपना सिर ऊंचा रख सकता है, खासकर जडेजा, लेकिन फिर से, देखिए, मैंने यह बात खुलकर कही है। मैं अब भी कुलदीप यादव को उस प्लेइंग इलेवन में देखना चाहूंगा। उन्हें शामिल करें, लेकिन अब मुझे नहीं पता कि कैसे? वाशिंगटन सुंदर ने शानदार गेंदबाजी की, कुछ उपयोगी रन बनाए। जडेजा की बल्लेबाजी अद्भुत रही है। उन्होंने कई मौकों पर भारत को बचाया है, कई मौकों पर भारत को मैच जिताए हैं। मुझे लगता है कि अगर कोई दूसरा छोर संभाले रहता और आउट नहीं होता, तो वह टीम को जीत दिला सकते थे। मुझे उनके लिए दुख हुआ और मुझे भारत के लिए भी दुख हुआ। ऐसे मैचों में तो आपको दुख होगा ही।"  

CPHC कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन

भोपाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा #ECHOIndia के सहयोग से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना रहा, जिससे वे महत्वपूर्ण ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से समृद्ध होकर समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। समापन समारोह में डॉ. सलोनी सिडाना, मिशन निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. प्रभाकर तिवारी, वरिष्ठ संयुक्त निदेशक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर बोलते हुए मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अंतिम छोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी हितग्राही न छूटे। अपने समर्पण और सेवाभाव से, वे न केवल हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव को मज़बूत करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य परिणामों और समग्र सामुदायिक कल्याण पर भी स्थायी प्रभाव डालते हैं।इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश ने #ECHOIndia के सहयोग से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया। इस पहल का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास से लैस करना है ताकि वे अपने क्षेत्र के हितग्राहियों की बेहतर सेवा कर सकें। भोपाल में आयोजित प्रसार बैठक नें प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों और गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने विचारों का आदान-प्रदान किया और राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

सर्वे से साफ़ तस्वीर: बिहार, बंगाल समेत 5 राज्यों में किस पार्टी की सरकार बनती दिख रही है?

नई दिल्ली  भारत के पांच बड़े राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले जो ताज़ा सर्वे सामने आए हैं उनसे यह साफ हो गया है कि राजनीतिक माहौल में बदलाव की बयार बह रही है। वोट वाइब और इंक इनसाइट्स जैसे सर्वेक्षणों में जनता के रुझान ने कई पुराने आंकड़ों को उलट दिया है। इन राज्यों में केरल, तमिलनाडु, असम, बिहार और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। आइए जानते हैं क्या कहता है ताज़ा जनमत और किसकी बन सकती है सरकार। केरल: कांग्रेस गठबंधन UDF को जनता का भरोसा केरल में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है। वोट वाइब के सर्वे के मुताबिक राज्य में यूडीएफ (UDF) को 38.9% लोगों का समर्थन मिला है। यह गठबंधन कांग्रेस और कुछ अन्य सहयोगी दलों का है। वहीं मौजूदा मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ (LDF) 27.8% समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) भी पीछे नहीं है। उसे 23.1% वोट मिलने का अनुमान है। हालांकि केरल में भाजपा को अब तक बड़ी सफलता नहीं मिली है लेकिन इस आंकड़े से संकेत मिलता है कि पार्टी की पकड़ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। बाकी अन्य दलों को 4.2% समर्थन मिला है। तमिलनाडु: डीएमके को बढ़त लेकिन जनता में नाराज़गी भी तमिलनाडु में डीएमके (DMK) को 37% समर्थन मिला है जो इसे राज्य की सबसे लोकप्रिय पार्टी बना रहा है। हालांकि AIADMK को भी 33% वोट मिल सकते हैं और यह आंकड़ा उसे कड़ी टक्कर देने वाला बनाता है। अभिनेता कमल हासन की पार्टी टीवीके (TVK) को 12% समर्थन मिला है जो एक नई राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर रही है। हालांकि सर्वे में यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ 41% लोग एंटी इनकंबेंसी यानी सरकार से नाराज हैं। वहीं 31% लोग सरकार के समर्थन में हैं। यानी स्टालिन सरकार की राह आसान नहीं लेकिन बढ़त उनके पक्ष में है। असम: बीजेपी की मजबूत स्थिति, सीएम की दौड़ में कड़ी टक्कर असम में भाजपा को फिर से सत्ता में लौटने की संभावना दिख रही है। सर्वे के मुताबिक भाजपा को 50% लोगों का समर्थन है जबकि कांग्रेस को 39% समर्थन मिल सकता है। मुख्यमंत्री पद के लिए हेमंत बिस्वा शर्मा को 46% लोग पसंद कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस के गौरव गोगोई को 45% समर्थन मिला है। यह मुकाबला बेहद नजदीकी है और अंतिम परिणामों में उलटफेर भी संभव है। बिहार: NDA को बढ़त लेकिन तेजस्वी यादव सबसे पसंदीदा चेहरा बिहार में एनडीए (NDA) को 48.9% समर्थन मिल सकता है जबकि महागठबंधन को 35.8% का समर्थन मिला है। यानी भाजपा और जदयू का गठबंधन चुनावी मैदान में आगे दिख रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय चेहरा तेजस्वी यादव बनकर उभरे हैं जिन्हें 38% लोगों ने पसंद किया है। वहीं नीतीश कुमार को 36% और चिराग पासवान को 5% समर्थन मिला है। सम्राट चौधरी को सिर्फ 2% लोगों का समर्थन मिला। यह दर्शाता है कि भाजपा गठबंधन भले ही चुनावी आंकड़ों में आगे हो लेकिन नेतृत्व की पसंद के मामले में मतदाता तेजस्वी यादव को अधिक पसंद कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी फिर सबसे बड़ी पसंद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की लोकप्रियता बरकरार है। वोट वाइब के अनुसार 41.7% लोग उन्हें सीएम फेस के रूप में देखना चाहते हैं। भाजपा के शुभेंदु अधिकारी को 20.4%, सुकांत मजूमदार को 9.7% और तृणमूल के अभिषेक बनर्जी को 5.3% समर्थन मिला है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि ममता बनर्जी की पकड़ अब भी मजबूत है लेकिन भाजपा के पास भी एक बड़ा जनाधार मौजूद है। आने वाले दिनों में प्रचार और रणनीति इन आंकड़ों को बदल सकते हैं।