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बारिश बनी आफत: अजमेर में जलजमाव से बिगड़ी व्यवस्था, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

अजमेर अजमेर जिले में गुरुवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने शहर की तस्वीर ही बदल दी है। रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह 7 बजे तक 64 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कॉलोनियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी भर जाने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए कलेक्टर लोकबंधु ने जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी की घोषणा कर दी। अजमेर संभाग के मुख्य सरकारी जेएलएन हॉस्पिटल तक बारिश के पानी से अछूते नहीं रहे। अस्पताल के वार्डों में पानी भरने से मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ को कठिनाई हुई। अस्पताल परिसर के बाहर भी पानी जमा होने से आने-जाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन परिसर में भी पानी भर जाने से यात्रियों को परेशानी हुई। यात्रीगण भारी बारिश के बीच लबालब भरे प्लेटफार्म और परिसर में संभल-संभलकर चलते नजर आए। वहीं, पुष्कर रोड स्थित मित्तल हॉस्पिटल और मुख्य सड़कों पर भी दो से तीन फीट तक पानी भर गया। इस बीच वाहन चालक बड़ी मुश्किल से अपने वाहन निकालते नजर आए। शहर के अलवर गेट स्थित सुनहरी कॉलोनी, नगरा क्षेत्र, प्रताप नगर, भट्टा, वैशाली नगर और श्रीनगर रोड जैसे रिहायशी इलाकों की गलियों में भी पानी भर गया। कई जगह लोगों के घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। वैशाली नगर क्षेत्र में एक ड्राइवर अपनी टैक्सी की छत पर बैठा दिखा, जो जलभराव की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। बांडी नदी में पानी का तेज बहाव देखा गया, जिससे निचले क्षेत्रों में और अधिक खतरा बढ़ गया है। झरनेश्वर महादेव मंदिर का झरना भी बारिश के चलते बह निकला। स्थानीय लोग इस नजारे को देखने पहुंचे लेकिन प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अजमेर में भारी बारिश से जलभराव मौसम विभाग ने शुक्रवार को अजमेर सहित पूरे संभाग में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और रेड अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि 19 जुलाई को भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि 20 जुलाई को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर लोकबंधु और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। नगर निगम की टीमें जल निकासी के काम में जुटी हुई हैं। वहीं, नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें।

CM योगी का बड़ा आरोप: सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर कुछ लोग जातियों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। इनसे भी सख्ती से निपटा जा रहा है।" सीएम योगी ने कहा, "दो-तीन साल पहले ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था और बीच में उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला था। ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। इससे पहले मुहर्रम था और हमने नियम बना दिए थे कि ताजिये की लंबाई सीमित रखें। इससे बिजली और पेड़ की टहनी को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई और ताजिये को इतना ऊंचा किया कि लोग हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। तीन लोग मारे गए और बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, 'लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे।' इसका किसी ने विरोध नहीं किया।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमने तो यूपी में व्यवस्था बना रखी है कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन नहीं करेगा। नहीं तो हमेशा मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उत्पात का कारण बनता था और बहन-बेटियां सड़क पर बाहर नहीं निकल पाती थीं। कोई उस समय नहीं बोलता था।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांवड़ यात्री भक्ति भावना से चलते हैं और 200, 300, और 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं। 'हर हर बम' बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है। उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। यह वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करती है। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।" इससे पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

अन्नदाताओं को राहत: डबल इंजन सरकार ने बढ़ाया चावल उपार्जन लक्ष्य, अब 8 लाख मीट्रिक टन अधिक खरीद

रायपुर  प्रदेश के किसानों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय पूल हेतु चावल उपार्जन के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह निर्णय राज्य के लाखों अन्नदाताओं के परिश्रम और विश्वास को सशक्त करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए  डबल इंजन सरकार दृढ़संकल्पित है। मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि हमारे अन्नदाताओं के हितों को सर्वोपरि रखने वाली यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय पूल में चावल उपार्जन के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की स्वीकृति प्रदान की है। हमारी सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार ने 08 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त चावल उपार्जन करने की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। साथ ही प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

रिलायंस के अधिग्रहण से केल्विनटर को मिलेगा नया जीवन, बाजार में फिर लौटेगा पुराना ब्रांड

मुंबई  केल्विनेटर (Kelvinator), एक समय भारतीय बाजार में इस कंपनी की तूती बोलती है, दौर था 1960-80 का. यानी करीब 50 साल पहले. फिलहाल भारतीय बाजार में ये कंपनी गुमनाम है. लेकिन अब कंपनी के दिन फिर सकते हैं. देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने इस कंपनी को खरीद लिया है.  दरअसल, रिलायंस रिटेल ने अमेरिका की मशहूर कंपनी केल्विनटर का अधिग्रहण कर लिया है. इस डील की घोषणा 18 जुलाई, 2025 की गई. हालांकि इसका खुलासा नहीं हुआ है कि कितने में ये सौदा हुआ है. Kelvinator कंपनी रिलायंस रिटेल के पास पहुंचने के बाद अब इसका पुनर्जन्म की संभावना है. क्या-क्या बनाती है Kelvinator कंपनी  केल्विनेटर कंपनी फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और किचन के सामान बनाती है. 1970 और 80 के दशक में इस कंपनी के प्रोडक्ट्स की भारत में खूब डिमांड थी. इसके प्रोडक्ट्स मजबूत और अच्छे होते थे. लोग इस पर भरोसा करते थे. आज से 50 साल पहले Kelvinator की पहचान एक बेहतरीन ब्रांड के तौर पर थी.  इस बड़ी डील के बाद रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, 'हमारा हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि हम हर भारतीय की जरूरत को पूरा करें. हम चाहते हैं कि हर किसी को अच्छी तकनीक मिले, जो उनके काम आए और भविष्य के लिए तैयार हो.' उन्होंने कहा कि केल्विनेटर को खरीदना हमारे लिए एक बहुत बड़ा कदम है. इससे हम देश के लोगों को और भी अच्छे प्रोडक्ट्स दे पाएंगे. क्योंकि हमारे पास दुकानों का एक बड़ा नेटवर्क है. रिलायंस अपने 19,340 स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नेटवर्क के जरिये केल्विनेटर को फिर से घर-घर तक पहुंचाने का योजना बना रहा है. इसके अलावा रिलायंस की डिजिटल कॉमर्स रणनीति, जिसमें रिलायंस डिजिटल और जियोमार्ट शामिल हैं, ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दे सकती है.  Kelvinator का इतिहास केल्विनेटर की स्थापना 1914 में अमेरिका के नाथनियल बी. वेल्स और अर्नोल्ड एच. गोस ने की थी. यह ब्रांड रेफ्रिजरेशन तकनीक में अग्रणी रहा और इसका नाम वैज्ञानिक लॉर्ड केल्विन के नाम पर रखा गया था. भारत में केल्विनेटर ने 1963 में प्रवेश किया और अपने रेफ्रिजरेटरों की विश्वसनीयता और 'द कूलेस्ट वन' टैगलाइन के साथ घर-घर में लोकप्रिय हो गया.  केल्विनेटर ने 1970 और 1980 के दशक में भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई, जब यह गोदरेज और ऑलविन के साथ बाजार में अग्रणी था. हालांकि, 1990 के दशक में उदारीकरण के बाद LG, Samsung और Whirlpool जैसे वैश्विक ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा के कारण इसकी चमक फीकी पड़ गई.  2000 के दशक में, केल्विनेटर उपस्थिति भारतीय मार्केट में कमजोर हुई, हालांकि अभी Kelvinator के पोर्टफोलियो में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और माइक्रोवेव ओवन शामिल हैं. अब रियालंस इसे फिर से घर-घर तक पहुंचाने का प्लान बनाएगा. फिलहाल Kelvinator ये प्रोडक्ट्स बाजार में हैं… सिंगल-डोर रेफ्रिजरेटर: 95 लीटर से 201 लीटर (1-3 स्टार रेटिंग), कीमत 10,590 रुपये से 15,190 रुपये. डबल-डोर रेफ्रिजरेटर: 252 लीटर से 275 लीटर (2-3 स्टार), कीमत 22,490 रुपये से 23,490 रुपये. साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर: 500 लीटर, कीमत 75,600 रुपये।

रिलायंस के अधिग्रहण से केल्विनटर को मिलेगा नया जीवन, बाजार में फिर लौटेगा पुराना ब्रांड

मुंबई  केल्विनेटर (Kelvinator), एक समय भारतीय बाजार में इस कंपनी की तूती बोलती है, दौर था 1960-80 का. यानी करीब 50 साल पहले. फिलहाल भारतीय बाजार में ये कंपनी गुमनाम है. लेकिन अब कंपनी के दिन फिर सकते हैं. देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने इस कंपनी को खरीद लिया है.  दरअसल, रिलायंस रिटेल ने अमेरिका की मशहूर कंपनी केल्विनटर का अधिग्रहण कर लिया है. इस डील की घोषणा 18 जुलाई, 2025 की गई. हालांकि इसका खुलासा नहीं हुआ है कि कितने में ये सौदा हुआ है. Kelvinator कंपनी रिलायंस रिटेल के पास पहुंचने के बाद अब इसका पुनर्जन्म की संभावना है. क्या-क्या बनाती है Kelvinator कंपनी  केल्विनेटर कंपनी फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और किचन के सामान बनाती है. 1970 और 80 के दशक में इस कंपनी के प्रोडक्ट्स की भारत में खूब डिमांड थी. इसके प्रोडक्ट्स मजबूत और अच्छे होते थे. लोग इस पर भरोसा करते थे. आज से 50 साल पहले Kelvinator की पहचान एक बेहतरीन ब्रांड के तौर पर थी.  इस बड़ी डील के बाद रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, 'हमारा हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि हम हर भारतीय की जरूरत को पूरा करें. हम चाहते हैं कि हर किसी को अच्छी तकनीक मिले, जो उनके काम आए और भविष्य के लिए तैयार हो.' उन्होंने कहा कि केल्विनेटर को खरीदना हमारे लिए एक बहुत बड़ा कदम है. इससे हम देश के लोगों को और भी अच्छे प्रोडक्ट्स दे पाएंगे. क्योंकि हमारे पास दुकानों का एक बड़ा नेटवर्क है. रिलायंस अपने 19,340 स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नेटवर्क के जरिये केल्विनेटर को फिर से घर-घर तक पहुंचाने का योजना बना रहा है. इसके अलावा रिलायंस की डिजिटल कॉमर्स रणनीति, जिसमें रिलायंस डिजिटल और जियोमार्ट शामिल हैं, ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दे सकती है.  Kelvinator का इतिहास केल्विनेटर की स्थापना 1914 में अमेरिका के नाथनियल बी. वेल्स और अर्नोल्ड एच. गोस ने की थी. यह ब्रांड रेफ्रिजरेशन तकनीक में अग्रणी रहा और इसका नाम वैज्ञानिक लॉर्ड केल्विन के नाम पर रखा गया था. भारत में केल्विनेटर ने 1963 में प्रवेश किया और अपने रेफ्रिजरेटरों की विश्वसनीयता और 'द कूलेस्ट वन' टैगलाइन के साथ घर-घर में लोकप्रिय हो गया.  केल्विनेटर ने 1970 और 1980 के दशक में भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई, जब यह गोदरेज और ऑलविन के साथ बाजार में अग्रणी था. हालांकि, 1990 के दशक में उदारीकरण के बाद LG, Samsung और Whirlpool जैसे वैश्विक ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा के कारण इसकी चमक फीकी पड़ गई.  2000 के दशक में, केल्विनेटर उपस्थिति भारतीय मार्केट में कमजोर हुई, हालांकि अभी Kelvinator के पोर्टफोलियो में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और माइक्रोवेव ओवन शामिल हैं. अब रियालंस इसे फिर से घर-घर तक पहुंचाने का प्लान बनाएगा. फिलहाल Kelvinator ये प्रोडक्ट्स बाजार में हैं… सिंगल-डोर रेफ्रिजरेटर: 95 लीटर से 201 लीटर (1-3 स्टार रेटिंग), कीमत 10,590 रुपये से 15,190 रुपये. डबल-डोर रेफ्रिजरेटर: 252 लीटर से 275 लीटर (2-3 स्टार), कीमत 22,490 रुपये से 23,490 रुपये. साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर: 500 लीटर, कीमत 75,600 रुपये।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन हुई बढ़त दर्ज

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट के सोने की कीमतों में 750 रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं, चांदी की कीमत एक बार फिर 1,12,000 रुपए के पार हो गई है। इससे पहले लगातार तीन दिनों से कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट देखी जा रही थी। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा शाम को जारी की गई कीमतों के मुताबिक, 24 कैरेट के सोने की कीमत 790 रुपए बढ़कर 98,243 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि बीते गुरुवार को 97,453 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 89,991 रुपए हो गई है, जो कि पहले 89,267 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, 18 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम बढ़कर 73,682 रुपए हो गया है, जो कि पहले 73,090 रुपए प्रति 10 ग्राम था। आईबीजेए की ओर से सोने और चांदी की कीमतों को दिन में दो बार सुबह और शाम अपडेट किया जाता है। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला। चांदी की कीमत 1,12,700 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1,11,000 रुपए प्रति किलो थी। चांदी की कीमत में 1700 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले चांदी ने बीते सोमवार को अपना ऑल टाइम हाई 1,13,867 छुआ था। वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.57 प्रतिशत बढ़कर 98,030 रुपए और चांदी के 5 सितंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.94 प्रतिशत बढ़कर 1,13,387 रुपए थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है। कॉमैक्स पर सोना करीब 0.46 प्रतिशत बढ़कर 3,360.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 38.72 डॉलर प्रति औंस पर थी।

सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन हुई बढ़त दर्ज

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट के सोने की कीमतों में 750 रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं, चांदी की कीमत एक बार फिर 1,12,000 रुपए के पार हो गई है। इससे पहले लगातार तीन दिनों से कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट देखी जा रही थी। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा शाम को जारी की गई कीमतों के मुताबिक, 24 कैरेट के सोने की कीमत 790 रुपए बढ़कर 98,243 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि बीते गुरुवार को 97,453 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 89,991 रुपए हो गई है, जो कि पहले 89,267 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, 18 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम बढ़कर 73,682 रुपए हो गया है, जो कि पहले 73,090 रुपए प्रति 10 ग्राम था। आईबीजेए की ओर से सोने और चांदी की कीमतों को दिन में दो बार सुबह और शाम अपडेट किया जाता है। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला। चांदी की कीमत 1,12,700 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1,11,000 रुपए प्रति किलो थी। चांदी की कीमत में 1700 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले चांदी ने बीते सोमवार को अपना ऑल टाइम हाई 1,13,867 छुआ था। वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.57 प्रतिशत बढ़कर 98,030 रुपए और चांदी के 5 सितंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.94 प्रतिशत बढ़कर 1,13,387 रुपए थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है। कॉमैक्स पर सोना करीब 0.46 प्रतिशत बढ़कर 3,360.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 38.72 डॉलर प्रति औंस पर थी।

50 लाख के लालच में अपहरण: प्रॉपर्टी डीलर को साथियों ने बनाया निशाना, जंगल में दी यातना

जयपुर राजधानी जयपुर में एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। बुधवार शाम को रेस्टोरेंट में बैठे एक प्रॉपर्टी कारोबारी का उसके पूर्व पार्टनर और साथियों ने अपहरण कर लिया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आदर्श नगर थाना पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते कारोबारी को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। रेस्टोरेंट से उठा ले गए कारोबारी पुलिस के अनुसार, अपहरण का शिकार हुआ कारोबारी सोनू शर्मा (30) दौसा जिले के लालसोट का निवासी है, जो जयपुर के दुर्गापुरा स्थित महारानी फॉर्म में अपने परिवार के साथ रहता है और प्रॉपर्टी कारोबार करता है। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह अपने दोस्त हनी के साथ राजापार्क गली नंबर-4 स्थित एक रेस्टोरेंट में एक क्लाइंट से मिलने गया था। पूर्व पार्टनर ने किया हमला सोनू शर्मा के अनुसार रेस्टोरेंट में बातचीत के दौरान उसका पूर्व पार्टनर प्रकाश चंद अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचा। आते ही उन लोगों ने कुर्सियों से हमला कर मारपीट शुरू कर दी और जबरन उसे कार में डालकर मौके से फरार हो गए। चलती कार में पिटाई, फिरौती की मांग सोनू को कार में बंधक बनाकर लालसोट के रामगढ़ क्षेत्र की ओर ले जाया गया, जहां सुनसान इलाके में लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस दौरान आरोपियों ने 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। पुलिस ने किया पीछा, अपहरणकर्ता भागे उधर, सोनू के दोस्त हनी ने अपहरण की सूचना तुरंत उसके परिजनों को दी। परिजनों ने आदर्श नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लोकेशन ट्रेस की और अपहरणकर्ताओं का पीछा शुरू किया। रामगढ़ इलाके में पहुंची पुलिस टीम को देखते ही आरोपी सोनू को छोड़कर मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और उनकी तलाश में दबिश दे रही है। शुरुआती जांच में यह मामला आपसी लेन-देन और पुराने विवाद से जुड़ा माना जा रहा है।