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25 हजार का इनाम: कौशांबी पुलिस ने बढ़ाया सिपाहियों का हौसला

कौशांबी उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की पुलिस व्यवस्था में "गुडवर्क" यानी उत्कृष्ट कार्य को लेकर नया संदेश सामने आया है। आमतौर पर किसी भी केस की कामयाबी का श्रेय थानेदार को ही दिया जाता है, लेकिन करारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने एक मिसाल कायम की है। क्षेत्र में लाखों की चोरी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले आरक्षी कुलदीप और धर्मेंद्र को सामने लाया गया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने खुद क्रेडिट लेने के बजाय दोनों आरक्षियों के कार्यों की सराहना कर उन्हें एसपी राजेश कुमार के सामने लाया। एसपी ने दोनों सिपाहियों को 25-25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और स्पष्ट संदेश दिया कि मेहनती पुलिसकर्मी ही इनाम के पात्र होंगे, जबकि लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी। यह पहल प्रयागराज जोन के प्रतापगढ़ जिले में बीट पुलिसिंग के माध्यम से शुरू हुई थी, जहां एसपी डॉ. अनिल कुमार ने सटीक जांच व कार्रवाई करने वाले आरक्षियों को सम्मानित किया था। वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला आगे इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। उसी दिशा में अब कौशांबी पुलिस भी आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, ई-साक्ष्य प्रणाली के जरिये कोर्ट से जारी वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला राज्य में आगे रहा है। यह उपलब्धि भी बीट आरक्षियों की सक्रियता और ई-साक्ष्य ऑफिस की नियमित मॉनीटरिंग से ही संभव हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी सीओ सिटी शिवांक सिंह को सौंपी गई है।

दलहन, तिलहन की फसल लेने पर भी किसानों को मिलेगा कृषक उन्नति योजना का फायदा

प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी कृषि विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश   बिलासपुर, राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना का फायदा धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल लेने वाले किसानों को भी मिलेगा। उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए है।     कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्वि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। इसके फलस्वरूप कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। राज्य सरकार द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत मंे राहत देने के लिये कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई गई है। फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देने, दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्म निर्भरता के लक्ष्य के साथ चिन्हित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है।   कृषक उन्नति योजना का लाभ केवल उन्ही कृषकों को मिलेगा जिन्होने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया है। विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होने धान फसल लगाये हों तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हों, धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु किसान पोर्टल में पंजीकृत किसानों का पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राशि रूपये 11000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जावेगी। खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल लेने वाले किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरान्त मान्य रकबे पर राशि 10000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जावेगी। योजना के दिशा-निर्देश अनुसार विधिक व्यक्तियों जैसे ट्रस्ट, मण्डल, प्राईवेट लिमिटेड, समिति, केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्था, महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना से लाभ लेने की पात्रता नहीं होगी। जो कृषक प्रमाणित धान बीज उत्पादन कार्यक्रम लेते हैं, और सामान्य धान भी सहकारी समितियों में विक्रय करते है, उनके द्वारा कुल विक्रय की जाने वाली धान की मात्रा, उनके कुल धारित रकबे की सीमा से अधिक नही होना चाहिये। इसे छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. एवं छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि. द्वारा आपसी समन्वय से सुनिश्चित किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सिलिंग कानून के प्रावधानों के अध्याधीन किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से की जावेगी । खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि रू. 731 प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) पर राशि रू. 711 प्रति क्वि. की दर से अधिकतक राशि रू. 14931 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा।  बीज उत्पादक कृषकों द्वारा छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को विक्रय किये गये धान बीज पर निर्धारित आदान सहायता राशि की कृषकवार मांग का विवरण बीज निगम द्वारा संचालक कृषि को प्रेषित किया जाएगा। संचालक कृषि द्वारा मांग अनुसार राशि छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई जाएगी। उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि जिले में धान के अलावा अन्य फसलों में खेती लिए अरहर, कोदो, उड़द, आदि फसलों के बीजों का भंडारण समितियों में किया गया है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के विकास खण्डों में स्थित कार्यालयों से जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Vivo ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन vivo X200 FE किया लॉन्च

नई दिल्ली Vivo ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Vivo X200 FE है। यह स्मार्टफोन Vivo X200 सीरीज में शामिल किया गया है। इस फोन में कई बेहतरीन फीचर्स को शामिल किया गया है। यह फोन OnePlus 13s और Apple के iPhone 16e जैसे फोन्स को टक्कर देगा। Vivo X200 FE में MediaTek Dimensity 9300+ प्रोसेसर और Zeiss-ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। आइए आपको इस फोन के फीचर्स के बारे में डिटेल में बताते हैं। कीमत सबसे पहले कीमत की बात कर लेते हैं। Vivo X200 FE की शुरुआती कीमत ₹54,999 है। यह कीमत 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वाले बेस मॉडल के लिए है। वहीं, इसके 16GB रैम और 512GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत ₹59,999 रखी गई है। यह फोन एम्बर येलो , फ्रॉस्ट ब्लू  और लक्स ग्रे तीन कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। आप इसे वीवो इंडिया ऑनलाइन स्टोर, फ्लिपकार्ट और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीद सकते हैं। फोन की प्री-बुकिंग आज से शुरू हो गई है और इसकी बिक्री 23 जुलाई से शुरू होगी। ग्राहक HDFC बैंक, SBI और Axis बैंक कार्ड से पेमेंट करने पर ₹6,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं। इसके अलावा पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर ₹6,000 तक का एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा। स्पेसिफिकेशंस स्पेसिफिकेशंस की बात करें तो Vivo X200 FE में 6.31 इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,800 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आती है। यह फोन MediaTek Dimensity 9300+ चिपसेट से पावर्ड है और इसमें 16GB तक LPDDR5X रैम और 512GB तक UFS 3.1 स्टोरेज मिलती है। कैमरे की बात करें तो फोन में Zeiss-सपोर्टेड ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट है। इसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ 50MP Sony IMX921 प्राइमरी सेंसर, 8MP अल्ट्रा-वाइड सेंसर और 3x ऑप्टिकल जूम के साथ 50MP Sony IMX882 पेरिस्कोप टेलीफोटो शूटर दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए डिवाइस में 50MP का फ्रंट सेंसर दिया गया है। बैटरी और AI फीचर्स Vivo X200 FE में 6,500mAh की बड़ी बैटरी है, जो 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। सॉफ्टवेयर के मामले में यह डिवाइस Android 15 पर आधारित Funtouch OS 15 पर काम करता है। इसमें कई AI फीचर्स भी दिए गए हैं, जैसे AI स्क्रीन ट्रांसलेशन, लाइव टेक्स्ट और स्मार्ट कॉल असिस्टेंट। कंपनी का दावा है कि यह फोन IP68+IP69 रेटिंग के साथ डस्ट और पानी से सुरक्षित है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 5G, ब्लूटूथ 5.4, GPS, NFC और एक USB Type-C पोर्ट शामिल हैं। इस फोन का वजन 186 ग्राम है।

प्रशासन का एक्शन: छांगुर बाबा की कोठी पर चला बुलडोजर, अब खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा

बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की जिस आलीशान कोठी को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त किया था, अब उस ध्वस्तीकरण का खर्चा भी छांगुर बाबा से वसूला जाएगा. बाबा की कोठी पर हुई ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के बाद उसपर वसूली का नोटिस चस्पा किया जाएगा. क्योंकि, सरकारी जमीन पर बनाए गए हिस्से के ध्वस्तीकरण में आए खर्च की वसूली उसी से की जाएगी.  आपको बता दें कि बलरामपुर जिला प्रशासन आज कोठी पर चस्पा वसूली का नोटिस करने जा रहा है. ध्वस्तीकरण में जेसीबी का खर्च, सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के तीन दिन का वेतन समेत अन्य खर्च शामिल है. ये रकम 8 लाख 55 हजार रुपये से अधिक है.  गौरतलब है कि छांगुर बाबा की जिस कोठी एक एक बड़े हिस्से को जमींदोज किया गया, वह किसी महल से कम नहीं थी. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. इसमें प्राइवेट पावर प्लांट लगा था. दर्जनों सोलर पैनल भी लगे थे. इतना ही नहीं बाउंड्री पर कटीले तार तक बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के आसपास फटक न पाए. कोठी के अंदर ही एक सीक्रेट कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी और ये कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम में था. अंदर-बाहर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की इसमें रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि यूपी पुलिस छांगुर बाबा, उसकी करीबी नीतू रोहरा, नीतू के पति जलालुद्दीन और बाबा के बेटे को पहले ही अरेस्ट कर चुकी है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. मामले में एटीएस और ईडी जांच कर रही है. करोड़ों की फंडिंग की बात भी सामने आई है. बाबा के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं.

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों हेतु आंकलन शिविर 21 से

बिलासपुर, समावेशी शिक्षा अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चिन्हांकन, आवश्यक उपकरण एवं उपचार का आकंलन एवं प्रमाणीकरण के लिए 21 जुलाई से 29 जुलाई तक शिविर का आयोजन किया जा रहा है। विकासखण्ड स्तरीय शिविर के तहत विकासखण्ड स्त्रोत केंद्र मस्तूरी में 21 जुलाई, कोटा में 22 जुलाई, तखतपुर में 23 जुलाई को शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार बिल्हा ग्रामीण एवं शहरी के लिए 25 जुलाई को पंडित देवकीनंदन दीक्षित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में एवं समस्त विकासखण्ड हेतु 29 जुलाई को पंडित देवकीनंदन दीक्षित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में जिला स्तरीय मेगा शिविर का आयोजन किया जाएगा। उक्त शिविर निर्धारित तिथियों को सवेेरे 9 बजे से प्रारंभ होगी। शिविरों में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, नवीनीकरण एवं यूडीआईडी कार्ड जारी किये जायेंगे।

जैविक धरोहर का संरक्षण: मुख्यमंत्री साय ने किया वेटलैण्ड मित्र बनने का आह्वान

नवा रायपुर में वेटलैण्ड एवं जैव विविधता संरक्षण पर उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन रायपुर, जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और 'वेटलैण्ड मित्र' बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं। आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है। कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन)  ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

एक बगिया माँ के नाम परियोजना से स्व-सहायता समूहों की होगी आर्थिक तरक्कीः कलेक्टर

सिंगरौली  कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला ने कहा कि एक बगिया मॉ के नाम परियोजना  स्वसहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायक होगा। उन्होने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में मनरेगा के माध्यम से “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना 15 अगस्त 2025 से 15 सितंबर तक चलाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत मनरेगा के माध्यम से प्रदेश की 30 हजार से अधिक स्व सहायता समूह की पात्र महिलाओं की निजी भूमि पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाएं जाएंगे जो महिलाओं की आर्थिक तरक्की का आधार बनेंगे जिसके अंतर्गत निजी भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा। उन्होने बताया कि परियोजना के तहत हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए कटीले तार की फेंसिंग और सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही उद्यान के विकास के लिए महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

भयानक एक्सीडेंट में तीन नर्सिंग छात्राओं की जान गई, तेज रफ्तार कार बनी मौत की वजह

बीकानेर शहर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें तीन नर्सिंग छात्रों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा जोधपुर बाईपास रोड पर हुआ, जहां तेज रफ्तार कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान 21 वर्षीय खुमानाराम, 24 वर्षीय अरविंद और एक अन्य युवक के रूप में हुई है, जो बीकानेर के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में अध्ययनरत थे। बताया जा रहा है कि तीनों युवक बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों की ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को मोर्चरी भिजवाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का मुख्य कारण माना है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कार चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। तीन नर्सिंग छात्रों की असमय मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं कॉलेज में भी शोक की लहर दौड़ गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई

दुबई यात्रा का दूसरा दिन वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में मध्यप्रदेश को स्थापित करने की दिशा में अहम पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव का टेक्समास मुख्यालय दौरा  मुख्यमंत्री यादव ने दुबई के प्रमुख कपड़ा व्यापारियों से मुलाकात कर उद्योग एवं निवेश से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई भोपाल  दुबई दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टेक्सटाइल मर्चेंट्स ग्रुप (TEXMAS) के मुख्यालय का भ्रमण किया और दुबई के प्रमुख कपड़ा व्यापारियों से मुलाकात कर उद्योग एवं निवेश से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा की। इस उच्च स्तरीय संवाद का उद्देश्य भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत कपड़ा क्षेत्र में व्यापार, नवाचार और निवेश के अवसरों को सशक्त बनाना है। टेक्समास की स्थापना 1990 में दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संरक्षण में हुई थी। यह दुबई के टेक्सटाइल री-एक्सपोर्ट हब के रूप में विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। चेयरमैन नासिर अखून, वाइस चेयरमैन विनोद नागदा, और अन्य भारतीय मूल के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में दोनों पक्षों ने CEPA के तहत द्विपक्षीय व्यापार को गति देने पर सहमति जताई। मध्यप्रदेश: टेक्सटाइल निवेश का अगला गंतव्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्समास के प्रतिनिधियों को बताया कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख वस्त्र उत्पादन राज्यों में से एक है। यहां “पीएम मित्रा पार्क (धार)” जैसे अत्याधुनिक टेक्सटाइल क्लस्टर वैश्विक निवेशकों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2025 के तहत भूमि, पूंजीगत अनुदान, SGST प्रतिपूर्ति और श्रम सुविधा जैसे प्रावधानों से अवगत कराया। डिजिटल टेक्सटाइल नवाचार में सहयोग टेक्समास द्वारा अपनाए जा रहे ई-कॉमर्स, RFID इन्वेंट्री और डिजिटल लॉजिस्टिक्स समाधानों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस क्षेत्र में तकनीकी सहयोग हेतु यूएई कंपनियों को आमंत्रित किया। हरित वस्त्र एवं सतत उत्पादन पर विशेष ध्यान बैठक में टेक्समास द्वारा EU/US मानकों के अनुरूप हरित वस्त्र उत्पादन और लॉजिस्टिक्स में ग्रीन इनिशिएटिव्स पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश हरित टेक्सटाइल और जैविक कॉटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है। I2U2 साझेदारियों के लिए तैयार मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश I2U2 (इंडिया, इज़राइल, यूएई, यूएसए) के फोकस क्षेत्रों—क्लीन टेक, फूड लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक नवाचार में निवेश हेतु तैयार है। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए टेक्समास जैसी संस्थाओं को आमंत्रित किया। टेक्सटाइल में युवा उद्यमियों के लिए अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार नई पीढ़ी के टेक्सटाइल उद्यमियों को प्रशिक्षण, लाइसेंसिंग मार्गदर्शन और पूंजीगत समर्थन देने के लिए एक विशेष स्टार्टअप पॉलिसी लागू कर रही है। उन्होंने TEXMAS से युवा उद्यमियों के साथ जुड़ने और B2B संवाद आयोजित करने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सिर्फ निवेश प्रोत्साहन नहीं, बल्कि भारत-यूएई टेक्सटाइल व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। टेक्समास जैसे वैश्विक संगठनों से सहयोग प्राप्त कर मध्यप्रदेश को कपड़ा उद्योग में वैश्विक हब बनाने की राज्य सरकार की योजना अब वास्तविकता की ओर बढ़ रही है।  

नर्मदा नदी के आस-पास के क्षेत्रों में वृहद स्तर पर पौधरोपण के कार्यक्रम किये जायेंगे : मंत्री विजयवर्गीय

प्रदेश की जीवनरेखा निर्मल नर्मदा के लिये केन्द्र से ली जाएगी पूरी मदद : नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय  नर्मदा नदी को निर्मल बनाये रखने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय नर्मदा नदी के आस-पास के क्षेत्रों में वृहद स्तर पर पौधरोपण के कार्यक्रम किये जायेंगे : मंत्री विजयवर्गीय 2459 करोड़ रूपये की तैयार की गई है पहले चरण की योजना भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और नर्मदा जी को निर्मल बनाये रखने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना में नर्मदा नदी को निर्मल बनाये रखने की योजना में केन्द्र सरकार से हरसंभव मदद ली जायेगी। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में निर्मल नर्मदा योजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस योजना पर पहले चरण में 2459 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। बैठक में अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारी मौजूद थे। नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के पहले कंपनी के अधिकारी अपने स्तर पर भौतिक सर्वे कर लें। उन्होंने कहा कि अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के नदी किनारे शहरों में सीवरेज प्लांट के कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाये। उन्होंने अधिकारियों से कहा‍कि ग्रामीण विकास, जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास के अधिकारियों के साथ समन्वय कर योजना के संबंध में वास्तविक जानकारी लेकर प्रोजेक्ट पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में निकलने वाले दूषित पानी को नदी में मिलने से रोकने और पानी के ट्रीटमेंट के उपाय को प्रोजेक्ट में शामिल करें। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा स्थल के आस-पास के क्षेत्रों में भी सर्वे का कार्य किया जाये। उन्होंने वर्तमान में कार्यरत और निर्माणाधीन सीवरेज प्लांट की स्थिति की जानकारी ली। नदी से लगे धार्मिक स्थलों का भी हो सर्वे मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा नदी के आस-पास अनेक धार्मिक स्थल हैं। इन क्षेत्रों में दूषित जल के ट्रीटमेंट के लिये प्लांट की स्थापना और उनको पर्यटन स्थल के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है, इसको भी कार्ययोजना में शामिल किया जाये। नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि नेशनल रिवर कंजरवेशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत नर्मदा नदी की स्वच्छता के लिये वर्ष 2025 को ध्यान में रखकर योजना तैयार की गयी है। उन्होंने बताया कि नदी से लगे शहरों में अधिक से अधिक आवासों को नजदीक के सीवरेज प्लांट से जोड़ने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। बैठक में तय हुआ कि नदी के आस-पास के क्षेत्रों के नगरीय निकायों के माध्यम से वृहद स्तर पर पौधरोपण के कार्यक्रम किये जाएं। निर्मल नर्मदा योजना योजना का उद्देश्य नर्मदा नदी के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट जल उपचार कर पुन: उपयोग की प्रणाली निर्मित कर नदी को प्रदूषण मुक्त करना। उपचारित पानी के पुन: उपयोग को बढ़ावा देना। प्रदेश में नर्मदा नदी की कुल लंबाई 1077 किलोमीटर है। इसके अंतर्गत 54 शहरी क्षेत्र और 818 ग्रामीण क्षेत्र आते हैं। योजना में 27 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है।