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मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार: राज्यपाल पटेल ने लोक भवन में 63 पुरस्कृत पुष्प किस्मों का किया अवलोकन

मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार : राज्यपाल  पटेल

राज्यपाल ने लोक भवन की पुरस्कृत 63 पुष्प किस्मों का किया अवलोकन

भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में प्रदर्शित लोक भवन के पुष्पों की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने लोक भवन को प्राप्त पुरस्कारों की जानकारी ली। लोकभवन उद्यानों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल  पटेल ने अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहनत और निष्ठा से किए गए कार्य सदैव उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त पुरस्कार कर्मचारियों की कार्य-निष्ठा और समर्पण का प्रतिफल हैं। फूलों की देखभाल में बहाया गया पसीना ही इन पुरस्कारों का प्रसाद है। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में 63 किस्मों को पुरस्कार मिलना हर्ष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत किस्मों में से 42 पुष्पों को प्रथम तथा 21 पुष्पों को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होना एक विशिष्ट उपलब्धि है।

राज्यपाल  पटेल लोक भवन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत पुष्पों का अवलोकन करने के लिए लाल कोठी के सामने स्थित पुरानी तोप प्रांगण पहुँचे। उन्होंने प्रत्येक पुरस्कृत पुष्प किस्म का अवलोकन किया तथा पुरस्कारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि भोपाल में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थानों तथा कृषकों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में लोक भवन के पुष्पों की बड़ी संख्या में पुरस्कार प्राप्त होने के दृष्टिगत नियंत्रक, हाउसहोल्ड लोकभवन को शील्ड प्रदान कर अलंकृत किया गया। उनको बताया गया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में साल्विया,  पिंक,  एस्टर,  डॉगफ्लावर, सिनेरिया, हाइब्रिड डहेलिया, देशी डहेलिया, मिनी-डहेलिया, डायनामोर, स्वीट-विलियम, स्वीट-एलायसम, वर्बीना,  कैलेंडुला,  बिजली, सिलोसिया आदि मौसमी फूलों के गमले एवं कट-फ्लावर तथा गुलाब की विभिन्न किस्में—एच.टी. रोज (लाल, गहरे गुलाबी, हल्के गुलाबी, पीले, सफेद, ऑरेंज, मौव-पर्पल,  बहुरंगी,  धारदार, सुगंधित),  फ्लोरीबंडा (गुच्छ पुष्प), फ्ल्यूटी, समर स्नो, पोलिएंथा, मिनिएचर आदि के गमले एवं कट-फ्लावर प्रदर्शित किए गए थे।   

 

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