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होली पर रंगों की मस्ती में कानून तोड़ा तो नहीं बख्शेगी बिहार पुलिस, जानें पूरा सुरक्षा इंतज़ाम

पटना

बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने शनिवार को होली से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। होली चार मार्च को मनाई जाएगी।

डीजीपी कंट्रोल रूम को हर 2 घंटे में मिलेगी अपडेट
कुमार ने बताया कि होली पर उपद्रव नहीं किया जायेगा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पुलिस थानों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर दो घंटे में डीजीपी नियंत्रण कक्ष को स्थिति की रिपोर्ट दें।"

असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने निर्देश दिया है कि पुलिस पिछले तीन वर्षों की घटनाओं का विश्लेषण करे। अक्सर देखा गया है कि होली की आड़ में पुरानी दुश्मनी या भूमि विवाद को लेकर वारदातों को अंजाम दिया जाता है। असामाजिक तत्वों के खिलाफ धारा-126 और BNSS के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सीसीए (CCA) की धारा-3 और बीएनएसएस की धारा-170 के तहत गिरफ्तारी भी हो सकती है। संदिग्ध लोगों से धारा-135 के तहत बॉन्ड भरवाया जाएगा, जिसका मिलान अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय से होगा।

राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
राज्यभर में होली को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी जिलों में 12 कंपनी रेंज रिजर्व बल, 31 कंपनी बीसैप (बिहार सशस्त्र पुलिस बल), 2768 पीटीसी प्रशिक्षु सिपाही और 5100 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा तीन कंपनी केंद्रीय पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। राजधानी पटना में सबसे अधिक सुरक्षा बल लगाए गए हैं। यहां तीन कंपनी रेंज रिजर्व बल, तीन कंपनी बीसैप, 535 नवनियुक्त सिपाही और 400 होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त दरभंगा, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, रोहतास, बक्सर, गया और मोतिहारी में भी अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे आपसी सौहार्द बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि होली का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।

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