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छांगुर बाबा पर फूटा बीजेपी विधायक का गुस्सा, कहा- मिलनी चाहिए क्रूरतम सज़ा

इंदौर 

मध्य प्रदेश की महू से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर बाबा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि छांगुर बाबा नरपिशाच है। उसने कई बेटियों के साथ गलत किया है। उसके तो हाथ-पैर और प्रजनांग काट देने चाहिए और शरीयत जैसी कठोर होनी चाहिए।

उषा ठाकुर का विस्फोटक बयान

महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने छांगुर बाबा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'ऐसे नरपिशाचों के हाथ-पैर और प्रजनांग तक काट देने चाहिए ताकि कोई और ऐसा दुस्साहस न करे।' उन्होंने कहा कि ये नरपिशाच बेटियों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और ये भारत के संविधान को भी नहीं मानते, ये शरीयत को मानते हैं, तो फिर इन्हें सजा भी शरीयत जैसी कठोर मिलनी चाहिए।'

क्यों भड़कीं उषा ठाकुर?

उषा ठाकुर ने छांगुर बाबा के कथित अपराधों को लव जिहाद और धर्मांतरण का षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देश के संविधान और कानून का सम्मान नहीं करते और समाज की एकता को तोड़ने का काम करते हैं। ठाकुर ने यह भी जोड़ा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कस रही है और इस तरह के लोगों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।

छांगुर बाबा कौन है?

जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले का रहने वाला एक स्वयंभू धर्मगुरु है, जिस पर अवैध धर्मांतरण, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, छांगुर बाबा ने खाड़ी देशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग हासिल की और इसका इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को जबरन धर्म बदलवाने के लिए किया। उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया है।

जांच में पता चला है कि छांगुर बाबा के 40 से अधिक बैंक खातों में मध्य पूर्व और संभवतः पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से फंडिंग आई। ईडी ने बलरामपुर और मुंबई में 14 ठिकानों पर छापेमारी की। बलरामपुर के मधुपुर गांव में छांगुर बाबा की आलीशान कोठी, जो सरकारी जमीन पर बनी थी, को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

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