इस्लामाबाद
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले के बेट्टानी कबीले में एक पुलिस गाड़ी के पास हुए ब्लास्ट में एसएचओ समेत कम से कम सात पुलिसकर्मी मारे गए। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हुए इस धमाके में एक शख्स के घायल होने की खबर है। स्थानीय पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक, धमाका एक पुलिस मोबाइल के पास हुआ, जिसमें सात पुलिसवालों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पाकिस्तान के मीडिया आउटलेट जियो न्यूज के अनुसार, पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटनास्थल को सुरक्षित करने और आगे के एक्शन में मदद के लिए अन्य पुलिसवालों को तैनात किया गया था।
जब से तालिबान ने काबुल में सत्ता पर कब्जा किया है, पाकिस्तान में सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में, जिनकी सीमा अफगानिस्तान से जुड़ी है, वहां ऐसी घटनाएं ज्यादातर देखने को मिलती हैं। पाकिस्तान ने आतंकवादी घटनाओं के जवाब में ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' शुरू किया है और दावा किया है कि सीमा पर और अफगानिस्तान में किए गए हमलों में कम से कम 641 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।
इस ऑपरेशन से पहले, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान ने पाकिस्तान पर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों में जानलेवा हवाई हमले करने का आरोप लगाया है, जिससे कई आम लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 8 मार्च को पाकिस्तान के क्वेटा के किल्ली इस्माइल इलाके में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अनजान हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिसमें उनकी मौत हो गई।
पाकिस्तान मीडिया डॉन के अनुसार, पुलिस ने कहा कि इंस्पेक्टर मेथा खान, जो हाल ही में सीटीडी में शामिल हुए थे, को 8 मार्च को किल्ली इस्माइल इलाके से गुजरते समय हथियारबंद लोगों ने गोली मार दी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने सीटीडी अधिकारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने कहा कि घटना के बाद बंदूकधारी मौके से भाग गए। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस बीच, इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी में पाकिस्तान में लड़ाई से जुड़ी मौतों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसका कारण देशभर में आत्मघाती हमलों में वृद्धि है।




