samacharsecretary.com

किसानों के लिए बंपर खबर: सितंबर में बोएं ये फसलें, जल्दी तैयार और मुनाफा गारंटीड!

भोपाल 
अच्छी फसल के लिहाज से सितम्बर महीना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह महीना ना ही ज्यादा गर्म होता है और ना ही ज्यादा ठंडा। यह मौसम रबी की फसलों के साथ-साथ सब्जी की फसलों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है और उनका तेजी से विकास होता है। इन सब्जियों में शलगम, बैंगन, गाजर, मूली, चुकंदर, मटर, गोभी, ब्रोकली, पत्ता गोभी, सेम की फली और टमाटर शामिल हैं।

अगर आप भी खेती के जरिए अच्छी कमाई के बारे में सोच रहे हैं तो इनमें से किसी भी सब्जी का खेती करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से कुछ सब्जियां तो ऐसी हैं, जो दो महीने से भी कम समय में तैयार हो जाती है, जिन्हें बेच कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। एक नजर डालते हैं इन सब्जियों पर।
 
टमाटर
भारत ही नहीं पूरे बल्कि पूरी दुनिया में टमाटर की काफी डिमांड है। टमाटर की खेती के लिए सितंबर महीना उपयुक्त माना जाता है। टमाटर की खेती के लिए काली दोमट मिट्टी, रेतीली दोमट मिट्टी और लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अगर आप सितंबर में टमाटर की बुआई करते हैं तो इसकी फसल दिसंबर से जनवरी के बीच तैयार हो जाती है।

गाजर
सर्दी की शुरुआत होते-होते बाजार में गाजर की डिमांड बढ़ जाती है। गाजर की बुवाई अगस्त से लेकर नवंबर तक की जाती है। अच्छी बात यह है कि इसकी फसल दो महीने के अंदर ही तैयार हो जाती है, जिससे आप काफी मुनाफा कमा सकते हो। पूसा रुधिर, पूसा मेघाली और पूसा केसर गाजर की कुछ उन्नत किस्में हैं, जिन्हें आप इस समय बो सकते हैं।

ब्रोकली
सितंबर में ब्रोकली की खेती करने का सबसे अच्छा समय होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह ठंडे मौसम की फसल है। इस फसल की डिमांड शहरों में दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसकी कीमत 50 से 100 रुपये प्रति किलो के आसपास रहती है। ब्रोकली की फसल के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है।

बैंगन
सितंबर माह की प्रमुख फसलों में एक नाम बैंगन का भी है, जो कम खर्च में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है। बैंगन के लिए अच्छी तरह जुताई की गई, भुरभुरी और जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। यह फसल लगभग तीन महीने में तैयार हो जाती है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here