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करियर संकट में रोहित-विराट, गांगुली ने दी भरोसेमंद सलाह

कोलकाता  पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे रिकॉर्ड को ‘असाधारण’ करार देते हुए कहा कि इन दोनों दिग्गजों को 50 ओवर के प्रारूप में तब तक खेलते रहना चाहिए जब तक कि उनका प्रदर्शन अच्छा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कयास लगाया गया है कि ऑस्ट्रेलिया का आगामी दौरा इन दोनों खिलाड़ियों का आखिरी वनडे दौरा हो सकता है। गांगुली ने इस बारे में पूछे जाने परं कहा कि उन्हें ऐसे किसी बात की जनकारी नहीं है। गांगुली ने कहा, ‘‘मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए मैं इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता हूं।’’ गांगुली ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि उनके करियर को आगे बढ़ाने में प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण कारक होना चाहिए। उन्होंने कोलकाता में एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘‘यह कहना मुश्किल है। जो भी अच्छा करेगा, वही खेलेगा। अगर वे अच्छा करते हैं, तो उन्हें खेलना जारी रखना चाहिए। कोहली का वनडे रिकॉर्ड असाधारण है, रोहित शर्मा के साथ भी ऐसा ही है। वे दोनों सफेद गेंद की क्रिकेट (सीमित ओवरों के मैच) में असाधारण हैं।’’ टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूण से संन्यास ले चुके इन दोनों खिलाड़ियों ने 2027 के वनडे विश्व कप के बारे में अपनी योजनाओं को अभी तक स्पष्ट नहीं किया है। भारत का वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा 19 अक्टूबर से शुरू होगा, जिसके मैच पर्थ, एडिलेड और सिडनी में खेले जाएंगे। इसके बाद दिसंबर में भारत घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन वनडे मैच खेलेगा। भारतीय टीम 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो बार, अफगानिस्तान, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलेगी। दुबई में नौ सितंबर से शुरू होने वाले आगामी टी-20 एशिया कप के बारे में पूछे जाने पर गांगुली ने भारतीय टीम को जीत का दावेदार बताया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में पांच कड़े टेस्ट मैचों के बाद मिला आराम टीम के लिए बहुत जरूरी था। गांगुली ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों को विश्राम करने का जरूरी समय मिल गया है। उन्होंने आईपीएल के बाद पांच टेस्ट खेले और अब वे नौ सितंबर से एशिया कप खेलेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत बहुत मजबूत है। टीम अगर टेस्ट क्रिकेट में मजबूत हैं, तो वनडे और और भी ज्यादा मजबूत है। मैं समझता हूं कि भारत जीत का दावेदार होगा और दुबई की पिचों पर उन्हें हराना बहुत मुश्किल होगा।’’ शुभमन गिल के टेस्ट कप्तान के रूप में भविष्य के बारे में पूछे जाने पर, गांगुली ने युवा कप्तान की बहुत सराहना की और कहा, ‘‘वह भारत के टेस्ट कप्तान हैं, और उनका भविष्य बहुत उज्ज्वल है।’’ गांगुली ने कहा कि वह क्रिकेट प्रशासन में अपनी दूसरी पारी के लिए तैयार हैं और बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर सदस्य चाहेंगे, तो मैं नामांकन दाखिल करूंगा।’’ गांगुली 2015 के मध्य से अक्टूबर 2019 तक सीएबी के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह इसके बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।  

T20 लीग ने IPL स्टार को निकाला, यौन शोषण के दो गंभीर आरोप

नई दिल्ली IPL 2025 में शानदार प्रदर्शन कर सुर्खियों में आए तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल के करियर पर अब गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दो अलग-अलग यौन शोषण के आरोपों ने न सिर्फ उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है, बल्कि अब उन्हें घरेलू क्रिकेट से भी बाहर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (UPCA) ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें आगामी यूपी टी20 लीग से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। क्रिकेट बोर्ड का यह फैसला खेल की नैतिकता और अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। RCB की जीत के नायक, अब विवादों के घेरे में 27 वर्षीय यश दयाल ने आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ओर से खेलते हुए 15 मैचों में 13 विकेट चटकाए थे और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। उसी प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें यूपी टी20 लीग की टीम गोरखपुर लायंस ने 7 लाख रुपये में खरीदा था। लेकिन अब, कानूनी पेंच में फंसने के कारण वे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। दो मामलों में आरोपी, गिरफ्तारी का खतरा बरकरार यश दयाल पर पहला केस गाजियाबाद में दर्ज हुआ था, जिसमें उन पर एक युवती से शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगा। इसके बाद एक और बड़ा आरोप जयपुर में सामने आया, जहां एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट सांगानेर सदर थाने में दर्ज कराई गई है। राजस्थान हाई कोर्ट में दायर याचिका में यश दयाल ने गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 अगस्त को निर्धारित है।   क्रिकेट करियर खतरे में, छवि को झटका UPCA का यश दयाल को सस्पेंड करना एक साफ संकेत है कि भारतीय क्रिकेट के गलियारों में खिलाड़ियों की नैतिक जवाबदेही को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। लीग आयोजकों का कहना है कि जब तक इन आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक वे किसी खिलाड़ी को मौका नहीं देंगे, जो विवादों में घिरा हो।

अंडर-20 महिला एशियाई कप के लिए किया क्वालीफाई, 20 साल बाद भारतीय महिला फुटबॉल टीम का कमाल

नई दिल्ली  भारत ने रविवार को एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप 2026 क्वालीफायर में ग्रुप-डी के अपने तीसरे और आखिरी मैच में मेजबान म्यांमार को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया। इसी के साथ भारत ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए थाईलैंड में होने वाले एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। पूजा ने यंगून के थुवुन्ना स्टेडियम में खेले गए मैच का एकमात्र गोल 27वें मिनट में दागा, जिससे भारत की जीत सुनिश्चित हुई। भारत और म्यांमार ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की। दोनों टीमों ने तेज पास के जरिए विपक्षी रक्षा पंक्ति के पीछे अपने खिलाड़ियों तक गेंद पहुंचाने की कोशिश की। मेजबान टीम नौवें मिनट में बढ़त के करीब पहुंच गई थी, लेकिन भारतीय गोलकीपर मोनालिसा मोइरांगथेम ने सु सु खिन के खतरनाक शॉट को गोल में जाने से रोक दिया। जैसे-जैसे पहला हाफ आगे बढ़ा, म्यांमार का आक्रमण और खतरनाक दिखा। हालांकि, भारत ने भी कुछ मौकों पर उम्मीदें जगाईं। पूजा 19वें मिनट में गोल करने के करीब पहुंचीं, लेकिन उनका शॉट पोस्ट से बाहर चला गया। हालांकि, भारत की नंबर-8 खिलाड़ी सही समय पर सही जगह मौजूद थीं, आखिरकार उन्होंने 27वें मिनट टीम को बढ़त दिला दी।   भारत ने साल 2006 में आखिरी बार जूनियर एएफसी महिला एशियन कप खेला था। उस समय यह अंडर-19 आयु वर्ग के लिए आयोजित किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम ने भी पिछले महीने एएफसी महिला एशियन कप 2026 के लिए क्वालीफाई किया था। इसी के साथ उसने महाद्वीपीय टूर्नामेंट में 23 साल बाद वापसी की। भारत ने ग्रुप-डी के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया को गोलरहित ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद शुक्रवार को तुर्कमेनिस्तान को 7-0 से हराया। म्यांमार के खिलाफ जीत से भारत के सात अंक हो गए। दूसरी ओर, म्यांमार के चार अंक हैं। इंडोनेशिया अगर तुर्कमेनिस्तान को हरा भी देती है, तो उसके पास अधिकतम पांच अंक ही होंगे। कुल 32 टीमें एएफसी अंडर-20 महिला एशियन कप 2026 के क्वालीफायर में शेष 11 स्थानों के लिए संघर्ष कर रही हैं। मेजबान थाईलैंड को स्वचालित रूप से प्रवेश मिल चुका है।

डेविड वार्नर ने लंदन स्पिरिट को दिलाई पहली जीत, खेली 70 रनों पर नाबाद पारी

लंदन  लंदन स्पिरिट ने वेल्श फायर पर 8 रनों की कड़ी जीत के साथ मेन्स हंड्रेड में अपना खाता खोलने में कामयाबी हासिल की। टूर्नामेंट के पहले मैच में अपने खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद, लंदन स्पिरिट ने अनुभवी डेविड वार्नर की अगुवाई में शानदार वापसी की, जिन्होंने 70 रनों पर नाबाद रहते हुए बल्लेबाजी की। वेल्श फायर के सलामी बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो भी रन चेज में नाबाद रहे और अपनी टीम द्वारा बनाए गए आधे से ज्यादा रन बनाए, लेकिन फिर भी वे लड़खड़ा गए।  वार्नर पारी की शुरुआत में ही अच्छी फॉर्म में आ गए थे, लेकिन दूसरे छोर पर केन विलियमसन लड़खड़ा गए। आखिरकार उन्होंने मैदान पर छक्का जड़कर अपनी लय तोड़ी, लेकिन जोश हल के आउट होने के कारण ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाए। पारी को आधे समय में एक बड़ा झटका तब लगा जब वार्नर और जेमी स्मिथ ने मिलकर क्रिस ग्रीन को तीन छक्के जड़कर आउट कर दिया। यह सिलसिला जारी रहा और स्मिथ ने हल की गेंद पर एक और बड़ा छक्का जड़ा, उसके बाद एक चौका जड़ा, और फिर गेंदबाज ने इस पारी का अंत कर दिया।  इसके बाद एश्टन टर्नर की बारी आई और उन्होंने भी एक उपयोगी छक्का जड़ा। दूसरे छोर पर वार्नर ने रन बनाना जारी रखा और स्कोर को 160 के पार पहुंचाया, जिसका मतलब था कि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के लिए एक ठोस शुरुआत जरूरी थी। हालांकि स्टीव स्मिथ और बेयरस्टो ने अपने पहले मैच में पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शुरुआत में ही स्कूप करने की कोशिश में थडर् मैन पर आउट हो गए। दुर्भाग्य से वेल्श फायर के लिए, विकेटों के गिरने के साथ ही रन गति की शुरुआत हो गई।  लगातार दूसरे मैच में मध्यक्रम लड़खड़ा गया, जब लंदन स्पिरिट ने ल्यूक वेल्स, टॉम एबेल और टॉम कोहलर-कैडमोर जैसे बल्लेबाजों को आउट कर वेल्श फायर का स्कोर 39/5 कर दिया। कुछ ही गेंदों में स्कोर 55/6 हो गया, क्योंकि मैच का नतीजा साफ दिख रहा था। हालांकि, यह अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी कि वे केवल 8 रनों से हार गए, क्योंकि एक छोर पर उनके साथी खिलाड़ी कम पड़ रहे थे, और बेयरस्टो ने ग्रीन के साथ मिलकर टीम की उम्मीदों को कायम रखा।  इंग्लैंड के इस सलामी बल्लेबाज ने लगातार अंतराल पर बाउंड्री लगाते हुए जीत की दौड़ जारी रखी। जब 10 गेंदों पर 31 रनों की ज़रूरत थी, बेयरस्टो ने जेमी ओवरटन की लगातार दो गेंदों पर छक्के जड़कर लक्ष्य को 8 गेंदों पर 19 रनों तक सीमित कर दिया। हालांकि, ओवरटन ने जोरदार वापसी की और ल्यूक वुड ने उनका साथ देते हुए सुनिश्चित किया कि बाकी गेंदों पर केवल एक छक्का लगे और वेल्श फायर सीजन के अपने पहले अंक हासिल करने से वंचित रह जाए।   

वर्ल्ड कप 2027 तक खेलेंगे रोहित शर्मा? बचपन के कोच ने खोला ODI रिटायरमेंट का राज

नई दिल्ली भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा का भविष्य इस समय अधर में है, क्योंकि वे टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं। सिर्फ वनडे क्रिकेट वे खेलना जारी रखना चाहते हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट और युवा खिलाड़ी उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इस बीच उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा है कि रोहित शर्मा का इस समय एक ही लक्ष्य है और वह है वनडे विश्व कप जीतना। इसके बाद वह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे। रोहित शर्मा ने टी20 विश्व कप के बाद टी20 क्रिकेट को छोड़ दिया था। इंग्लैंड के दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिता चुके कप्तान रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड ने गौरव मंगलानी के पॉडकास्ट में कहा, “जब रोहित शर्मा ने टी20I से संन्यास लिया, तो उन्होंने टेस्ट और वनडे से संन्यास नहीं लिया, क्योंकि वह अभी भी WTC और वनडे विश्व कप जीतना चाहते थे, जो हम 2023 में हार गए। दुर्भाग्य से हम 2025 WTC फाइनल में नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने टेस्ट से भी संन्यास ले लिया। अब, उनका एकमात्र लक्ष्य वनडे खेलना और 2027 विश्व कप जीतना है, जिसके बाद वह संन्यास लेने की योजना बना रहे हैं।” हिटमैन के नाम से फेमस रोहित शर्मा हाल-फिलहाल में प्रोफेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली सीधे अक्तूबर में ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली वनडे सीरीज में खेलेंगे, क्योंकि अगस्त में बांग्लादेश में होने वाली वनडे और टी20 सीरीज कैंसिल हो गई है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट में उनको लौटने में वक्त लगेगा। विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने आखिरी बार इंटरनेशनल क्रिकेट चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान खेला था। भारत ने खिताबी मैच में न्यूजीलैंड को हराया था। लगातार दूसरा आईसीसी टाइटल भारत ने जीता था।  

फिटनेस टेस्ट में बांग्लादेश टीम की पोल खुली, इस खिलाड़ी ने सबको किया हैरान

नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस की पोल उस समय खुल गई, जब रविवार को नेशनल स्टेडियम में 1600 मीटर की दौड़ में उन्होंने हिस्सा लिया। नाहिद राणा ने फिटनेस ट्रेनिंग में सभी को प्रभावित किया, लेकिन कई क्रिकेटर उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। पहले बांग्लादेश के खिलाड़ियों की फिटनेस की निगरानी यो-यो या बीप टेस्ट के जरिए की जाती थी, लेकिन नए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच नाथन कीली के आने के बाद से टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों की फिटनेस जांचने के लिए 1600 मीटर दौड़ और 40 मीटर स्प्रिंट का विकल्प चुना है। रिपोर्ट की मानें तो तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान, तस्कीन अहमद, तनवीर इस्लाम और शमीम पटवारी को 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने में लगभग आठ मिनट लगे। दूसरी ओर राणा फिटनेस टेस्ट में हिस्सा लेने वाले 22 क्रिकेटरों में सर्वश्रेष्ठ रहे, जिन्होंने 1600 मीटर की दौड़ सिर्फ 5 मिनट 31 सेकंड में पूरी की। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाड़ियों की फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं। रविवार को टीम मैनेजमेंट के एक सदस्य ने बताया, "नाहिद राणा का प्रदर्शन लाजवाब था। कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन साथ ही कुछ क्रिकेटर ऐसे भी थे जो हमारी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।" नीदरलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज और उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एशिया कप के लिए स्किल ट्रेनिंग शुरू करने से पहले वर्तमान में एक फिटनेस कैंप चल रहा है। रिपोर्ट में आगे बताया है कि मेहदी हसन मिराज पहले बैच में दूसरे स्थान पर रहे। मिराज ने 6 मिनट और 1 सेकंड में 1600 मीटर की रेस को पूरा किया, जबकि मुश्फिकुर रहीम, जो एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी-20 से संन्यास ले चुके हैं, 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट और 10 सेकंड में पूरी करके तीसरे स्थान पर रहे। 15 क्रिकेटरों वाले दूसरे समूह में तंजीम हसन साकिब ने 1600 मीटर की दौड़ 5 मिनट 53 सेकंड में पूरी की। उनके बाद शहादत हुसैन दीपू ने 6 मिनट में दौड़ पूरी की और परवेज हुसैन इमोन 6 मिनट 13 सेकंड इस रेस को पूरा करने में लगे।  

बेन डकेट को सेंड ऑफ देने पर आकाशदीप का बयान आया सामने

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाशदीप ने बेन डकेट को विवादित सेंड ऑफ देने और उस दौरान उन्होंने क्या कहा था इस पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि उनके और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज के बीच असल में क्या हुआ था। बता दें, यह घटना सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच के चौथे दिन घटी, जब इस तेज गेंदबाज ने डकेट को आउट किया और बल्लेबाज के मैदान से बाहर जाते समय उसके कंधे पर हाथ रखकर और कुछ कदम उनके साथ चले। ऐसा लग रहा था जैसे आकाश दीप डकेट को कुछ कह रहे हों, लेकिन डकेट ने अपना संयम बनाए रखा और तेज गेंदबाज पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आकाशदीप की इस हरकत से कई पूर्व क्रिकेटर नाराज हुए थे और उन्होंने आईसीसी से आकाशदीप पर फाइन लगाने की भी मांग की थी। सेंड ऑफ से पहले भी दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी, और दोनों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ था। भारतीय गेंदबाज ने खुलासा किया है कि डकेट ने कहा था कि वह उन्हें आउट नहीं कर पाएंगे; ऐसा लग रहा था कि इस बात से भारतीय गेंदबाज नाराज हो गया था, खासकर डकेट के खिलाफ उनके अच्छे रिकॉर्ड को देखते हुए। आकाश दीप ने रेवस्पोर्ट्ज से कहा, "डकेट के खिलाफ मेरा रिकॉर्ड अच्छा है और मैंने उन्हें कई बार आउट किया है। मुझे हमेशा से बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ अपने मौके का पूरा भरोसा रहा है, और वह भी इससे अलग नहीं हैं। उस दिन, वह मुझे मेरी लाइन और लेंथ से भटकाने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने कई अपरंपरागत शॉट खेले थे। तभी उन्होंने मुझसे कहा कि आज उनका दिन है और मैं उन्हें आउट नहीं कर पाऊंगा।" उन्होंने आगे कहा, "सच तो यह है कि अगर कोई बल्लेबाज पिच पर इधर-उधर घूमता है और ऐसे शॉट खेलता है, तो आपकी लाइन और लेंथ पर असर पड़ता है, क्योंकि आपको पता नहीं होता कि वह आगे क्या करेगा। यही हो रहा था। इसके अलावा, इंग्लैंड की शुरुआत तेज थी और हमें विकेट की जरूरत थी। हम एक मामूली स्कोर का बचाव कर रहे थे और विकेट बेहद जरूरी थे। जब मैंने उसे आउट किया (मुस्कुराते हुए), तो मैंने उससे कहा: 'यू मिस आई हिट।' हमेशा तुम जीत नहीं पाओगे। इस बार, मैं जीतता हूं।' यह वही था जो वह मुझसे कह रहा था, और यह सब अच्छी भावना से किया गया।"  

करुण नायर ने खोला राज, कैसे कोच के एक मैसेज से टीम इंडिया में आया जुनून

नई दिल्ली  टीम इंडिया हाल ही में परिवर्तन के दौर की पहली परीक्षा में सफल रही। भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। यह सीरीज बेहद रोमांचक रही। 25 वर्षीय शुभमन गिल की अगुवाई में टीम जब इंग्लैंड पहुंची थी तो उससे ज्यादा उम्मीद नहीं लगाई गई। इसकी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति थी, जिन्होंने सीरीज से पहले टेस्ट रिटायरमेंट ले लिया। हालांकि, शुभमन ब्रिगेड की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उसने किसी भी मैच में आखिर तक हार नहीं मानी। अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के अंदर की एक बात बताई है। उन्होंने कहा कि हेड कोच गौतम गंभीर के एक मैसेज ने टीम इंडिया में जुनून भरा था। नायर ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "शुरुआत में ही गौती (गौतम गंभीर) भाई ने कहा था कि वह नहीं चाहते कि हम इसे एक परिवर्तन के दौर से गुजरने वाली टीम के रूप में देखें। वह नहीं चाहते थे कि हम ऐसा महसूस करें। हमें जो पहला मैसेज मिला, वो था 'यह कोई यंग टीम नहीं बल्कि एक गन टीम है और सभी को इसे अंदर से महसूस करना चाहिए।' टीम के अंदर यही संदेश था कि हर कोई टीम के लिए खेले और एक-दूसरे को सपोर्ट करे। कोच या कप्तान का ऐसा कहना एक बात है लेकिन इसे महसूस करना अद्भुत था।" नायर ने सीरीज में चार मैचों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए, जिसमें एक फिफ्टी है। नायर 8 साल बाद भारत के लिए खेले। 33 वर्षीय बल्लेबाज ने युवा कप्तान गिल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "शुभमन ने जिस तरह से सभी को एकजुट रखा और जो प्रोत्साहन दिया, वो देखने लायक था। वह शुरू से ही अपनी बातचीत में बिल्कुल स्पष्ट थे। शुभमन ने टीम का नेतृत्व करते हुए एक बल्लेबाज के रूप में जो हासिल किया, उन्होंने गौती भाई द्वारा दिए गए मैसेज की भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया।" गिल ने 10 पारियों में 75.40 के औसत से 754 रन बनाए, जो सीरीज में सर्वाधिक थे। उन्होंने चार शतक लगाए। वह प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। गिल एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय कप्तान बन चुके हैं। वह ओवरऑल लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।  

इतिहास में पहली बार! 129 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में जिम्बाब्वे के नाम हुआ यह कलंक

 नई दिल्ली  जिम्बाब्वे के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया है। यह रिकॉर्ड इतना दुर्लभ है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 129 साल बाद ऐसा देखने को मिला है। जिम्बाब्वे ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली। इस सीरीज में मेजबानों को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे यह टेस्ट सीरीज 0-2 के अंतर से हारा। पहले मैच में उन्हें 9 विकेट तो दूसरे मैच में पारी और 359 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अब आप सोच रहे होंगे इसमें क्या रिकॉर्ड है, न्यूजीलैंड जैसी तगड़ी टीम का सामना जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम के साथ हो तो ऐसे रिजल्ट तो अपेक्षित है। मगर यहां एक ट्विस्ट है। जिम्बाब्वे की टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ चारों पारियों में क्रमश: 149, 165, 125 और 117 के स्कोर पर आउट हो गई। ये स्कोर देखकर ही समझ आ रहा है कि जिम्बाब्वे की टीम के किसी भी बल्लेबाज ने शतक तोड़ा नहीं होगा, हैरान करने वाली बात यह है कि इस सीरीज के दौरान कोई बल्लेबाज 50 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। जी हां, पहले टेस्ट में सीन विलियम्स ने 49 रनों की पारी खेली जो इस सीरीज में जिम्बाब्वे के किसी भी बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी थी। ANI के अनुसार टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह सिर्फ 6ठा मौका है जब कम से कम दो मैच की टेस्ट सीरीज में किसी टीम का कोई भी बल्लेबाज 50 रन का आंकड़ा ना छू पाया हो। आखिरी बार ऐसा 1895-96 सीजन में हुआ था, जब साउथ अफ्रीका के बार्बरटन हॉलिवेल 41 के स्कोर के साथ इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज थे। कैसा रहा जिम्बाब्वे वर्सेस न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम पहली पारी में 125 के स्कोर पर सिमट गई। जिसके बाद न्यूजीलैंड ने डेवोन कॉनवे, रचिन रवींद्र और हेनरी निकलोस के शतकों के दम पर 3 विकेट के नुकसान पर 601 रन पर अपनी पारी घोषित कर दी। इसके बाद जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में भी निराश किया और टीम 117 के स्कोर पर ढेर हो गई। न्यूजीलैंड ने यह मैच पारी और 359 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।  

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कर दिया कंफर्म, टी20 वर्ल्ड कप में मिचेल मार्श के साथ कौन करेगा ओपनिंग?

कैनवेरा  ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम के कप्तान मिचेल मार्श ने पुष्टि की है कि वह निकट भविष्य में ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करेंगे क्योंकि उनकी टीम अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले आदर्श संयोजन तैयार करना चाहती है। मार्श का 2021 में टी20 विश्व कप में तीसरे नंबर पर उतरना निर्णायक साबित हुआ था। उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को अपना पहला खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब टी20 टीम की कमान संभाल रहे इस 33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह पिछले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ सभी पांच मैचों में पारी का आगाज करने के बाद शीर्ष क्रम में बने रहेंगे। कैरेबियाई दौरे से पहले उन्होंने ऐसा सिर्फ एक बार किया था। मार्श ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ''निकट भविष्य में मैं और हेडी पारी की शुरुआत करेंगे। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी क्रिकेट खेली है और हमारे बीच बहुत अच्छा तालमेल है। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।'' हालांकि, मार्श और हेड ने अभी तक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक साथ पारी की शुरुआत नहीं की है, लेकिन वनडे जोड़ी के रूप में उनका रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने पांच पारियों में 70.50 की शानदार औसत से 282 रन बनाए हैं। पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के बाद डेविड वॉर्नर के संन्यास लेने के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई सलामी बल्लेबाजों को आजमाया है, जिनमें मैथ्यू शॉर्ट, ग्लेन मैक्सवेल, जेक फ्रेजर-मैकगर्क शामिल हैं। भारत और श्रीलंका अगले वर्ष फरवरी में टी-20 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी करेंगे।