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चोट के बाद नीरज चोपड़ा ने दिया बड़ा अपडेट, 2027 में वापसी को लेकर बताया पूरा प्लान

 नई दिल्ली भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने अपने कमबैक को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज ने बताया कि टखने की चोट से अब वह काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और अगले साल यानी 2027 में दमदार वापसी करना चाहते हैं. उनका लक्ष्य अगले सीजन में फिर से अपने प्रदर्शन का स्तर ऊंचा करना है।  नीरज को अगस्त में ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टियर (Ankle Ligament Tear) हुआ था. इस चोट के कारण उन्हें 2026 एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल से बाहर होना पड़ा. इससे पहले उन्होंने जुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का थ्रो किया था और दूसरे स्थान पर रहे थे।  मुंबई में 2026 ऑडी Q3 की लॉन्चिंग के दौरान नीरज ने अपनी रिकवरी पर बात की. उन्होंने कहा- बिल्कुल, ओलंपिक अभी कुछ समय दूर हैं, क्योंकि ये 2028 में होने हैं. जैसा कि आप जानते हैं, मुझे चोट लगी थी और अब मैं वापसी की तैयारी कर रहा हूं. मेरा चोटिल टखना अब काफी बेहतर महसूस कर रहा है और रिकवरी भी अच्छी चल रही है।  नीरज ने आगे कहा- फिलहाल मेरा मुख्य फोकस अगले साल दमदार वापसी करने और उन प्रदर्शनों को हासिल करने पर है, जो मैं अब तक नहीं कर पाया हूं।  यशवीर और रोहित के प्रदर्शन से खुश नीरज एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाने के बावजूद नीरज को भारतीय जैवलिन थ्रोअर के प्रदर्शन से खुशी मिली. नागोया में हुए इन खेलों में यशवीर सिंह ने सिल्वर और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. यशवीर ने 85.72 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया, जबकि रोहित का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 84.35 मीटर रहा. श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता।  2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में नीरज ने 88.88 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड जीता था, जबकि किशोर जेना ने 87.54 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर अपने नाम किया था. उस समय भारत ने इस स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल जीते थे. 2026 में नीरज और किशोर, दोनों के नहीं खेलने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने दो मेडल जीतने का सिलसिला जारी रखा।  नीरज ने कहा- मुझे लगता है कि सिर्फ यशवीर ही नहीं, रोहित ने भी शानदार प्रदर्शन किया. पिछले खेलों में हमने दो मेडल जीते थे, एक गोल्ड और एक सिल्वर. इस बार किशोर और मेरे नहीं खेलने के बावजूद हम दो मेडल जीतने में सफल रहे।  उन्होंने आगे कहा- इन नए और युवा खिलाड़ियों का उभरना भारत के लिए बहुत सकारात्मक संकेत है. यह दिखाता है कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं. मैं बस उनसे यही कहना चाहूंगा कि अपना ध्यान रखें, चोट से बचें और अपने गेम को इंजॉय करें। 

BCCI के अगले चीफ सेलेक्टर की दौड़ में नया नाम, पूर्व भारतीय ओपनर ने किया आवेदन

नई दिल्ली  भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने बीसीसीआई की सीनियर सेलेक्शन कमेटी में खाली हुए पद के लिए आवेदन किया है। पूर्व चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद से यह पद खाली पड़ा है। अभी प्रज्ञान ओझा चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ओझा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय सेलेक्शन कमेटी ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20, वनडे और टेस्ट टीम का चयन किया है। बीसीसीआई ने खाली पड़े पद के लिए आवेदन मांगे थे और समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जाफर ने इसके लिए आवेदन किया है। जाफर ने पीटीआई से कहा, "हां मैंने आवेदन किया है।" बन सकते हैं चीफ सेलेक्टर अगर अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) जाफर को चुनती है तो वह ओझा को चीफ सेलेक्टर के लिए टक्कर नहीं देंगे बल्कि फिर जाफर का इस पद पर काबिज होना तय है। सेलेक्शन कमेटी में सबसे ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी को चीफ सेलेक्टर चुना जाता है। जाफर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेले हैं तो वहीं ओझा ने 24। इस मामले में पूर्व सलामी बल्लेबाज का अनुभव ज्यादा है और चुने जाने पर वह स्वाभाविक तौर पर चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी निभाएंगे। जाफर के पास फर्स्ट क्लास का अनुभव भी ओझा से ज्यादा है। जाफर ने कुल 260 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं और 19,410 रन बनाए हैं जिनमें 57 शतक और 91 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, ओझा ने 108 फर्स्ट क्लास मैच ही खेले हैं। पार्थिव पटेल थे रेस में अगरकर के जाने के बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल का नाम नए चीफ सेलेक्टर की रेस में था, लेकिन पार्थिव ने सेलेक्टर पद के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में उनका नाम चीफ सेलेक्टर की रेस से बाहर हो गया था। इसके बाद ओझा का चुना जाना तय माना जा रहा था, लेकिन जाफर के आवेदन की खबर सामने आने के बाद चीफ सेलेक्टर पद की रेस में नया नाम शामिल हो गया है।  

5 वनडे में 2 कप्तान! बुमराह पर BCCI का क्या फैसला, टीम इंडिया में हुए बड़े बदलाव

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंटोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया के वनडे और टेस्ट स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है. वनडे सीरीज के लिए दो अलग-अलग टीमें चुनी गई हैं. पहले तीन मुकाबलों में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे, जबकि आखिरी दो वनडे में श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे।  सवाल यह है कि आख‍िर BCCI ने ऐसा क्यों किया? तो इसके पीछे टेस्ट सीरीज की तैयारी और सीनियर खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट अहम वजह है. भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं. वनडे सीरीज 4 नवंबर से शुरू होगी, जबकि टेस्ट सीरीज का आगाज 19 नवंबर से होगा. ऐसे में वनडे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के दौरान कुछ सीनियर खिलाड़ियों का ध्यान टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर रहेगा।  शुभमन गिल और केएल राहुल तीसरे वनडे के बाद रेड-बॉल क्रिकेट पर फोकस करेंगे. इसी वजह से आखिरी दो वनडे के लिए अलग स्क्वॉड चुना गया है. गिल की गैरमौजूदगी में श्रेयस अय्यर कप्तान होंगे, जबकि ईशान किशन को उपकप्तान बनाया गया है।  आकाश दीप की टेस्ट टीम में वापसी टेस्ट स्क्वॉड में तेज गेंदबाज आकाश दीप और अंशुल कंबोज को जगह मिली है. आकाश दीप लोअर बैक में स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबरने के बाद लौटे हैं. उन्होंने पिछली बार 2025 में इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट खेला था, जहां उनका शानदार था।  अंशुल कंबोज ने भी इंग्लैंड दौरे पर मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू किया था. दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड A के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले तीन मल्टी-डे मैचों के लिए इंडिया A टीम का हिस्सा भी हैं. गुरनूर बरार को टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है।  ऋषभ पंत को टेस्ट टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनका खेलना फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा. वह बाईं पसली की चोट से उबर रहे हैं।  बुमराह सिर्फ टेस्ट सीरीज में खेलेंगे जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में खेलेंगे. टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स उनका वर्कलोड मैनेज करना चाहते हैं. अगले साल की शुरुआत में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं।  बुमराह घुटने की चोट के कारण अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ भारत की पिछली टेस्ट सीरीज से बाहर रहे थे. इसके बाद उन्होंने T20 फॉर्मेट से वापसी की और जापान में एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने. वह जल्द ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिपोर्ट करेंगे, जहां उनका फोकस टेस्ट क्रिकेट के लिए वर्कलोड बढ़ाने पर रहेगा।  तिलक वर्मा की वनडे टीम में वापसी, कुमार कुशाग्र को पहली बार मौका तिलक वर्मा की वनडे टीम में वापसी हुई है. उन्होंने पिछली बार दिसंबर 2025 में 50 ओवर का क्रिकेट खेला था. वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है. वह आखिरी दो वनडे के स्क्वॉड का हिस्सा हैं. अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को वनडे टीम में नहीं चुना गया है।  कब से शुरू होगा न्यूजीलैंड दौरा? भारत के न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से पांच मैचों की T20 सीरीज के साथ होगी. पहला और दूसरा T20 क्रमशः 22 और 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा. तीसरा T20 27 अक्टूबर को वेलिंगटन, चौथा 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और पांचवां 1 नवंबर को हैमिल्टन में होगा।  पांच मैचों की वनडे सीरीज 4 नवंबर से शुरू होगी. पहला मुकाबला ऑकलैंड, दूसरा 7 नवंबर को वेलिंगटन और तीसरा 10 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा. आखिरी दो वनडे 13 और 15 नवंबर को माउंट मॉन्गानुई में होंगे. 2टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 19 नवंबर से वेलिंगटन और दूसरा 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा।  बुमराह सिर्फ टेस्ट सीरीज खेलेंगे जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ टेस्ट सीरीज का हिस्सा होंगे. टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता उनका वर्कलोड मैनेज कर रहे हैं. अगले साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को घर में पांच टेस्ट मैच खेलने हैं।  न्यूजीलैंड दौरे का T20 शेड्यूल     – पहला T20: 22 अक्टूबर 2026, क्राइस्टचर्च      – दूसरा T20: 24 अक्टूबर 2026, क्राइस्टचर्च      – तीसरा T20: 27 अक्टूबर 2026, वेलिंगटन     – चौथा T20: 30 अक्टूबर 2026, ऑकलैंड     – पांचवां T20: 1 नवंबर 2026, हैमिल्टन  न्यूजीलैंड दौरे का वनडे शेड्यूल     – पहला वनडे: 4 नवंबर 2026, ऑकलैंड      – दूसरा वनडे: 7 नवंबर 2026, वेलिंगटन      – तीसरा वनडे: 10 नवंबर 2026, हैमिल्टन      – चौथा वनडे: 13 नवंबर 2026, माउंट मॉन्गानुई      – पांचवां वनडे: 15 नवंबर 2026, माउंट मॉन्गानुई  न्यूजीलैंड दौरे का टेस्ट शेड्यूल     – पहला टेस्ट: 19 नवंबर 2026, वेलिंगटन,     – दूसरा टेस्ट: 27 नवंबर 2026, क्राइस्टचर्च   पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा* और कुलदीप यादव. आखिरी दो वनडे के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आकिब नबी, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव.   टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर)*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज. *फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन.

टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, भुवनेश्वर की जगह क्रुणाल पंड्या को मिली कप्तानी

 नई दिल्ली न्ग कॉन्ग क्रिकेट स‍िक्सेस 2026 टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम में बड़ा बदलाव हुआ है. क्रुणाल पंड्या को टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार टीम से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह कुलवंत खेजरोलिया को भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है।  पहले भुवनेश्वर कुमार को इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी करनी थी, लेकिन अब क्रुणाल पंड्या को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. कुलवंत खेजरोलिया की एंट्री से टीम के गेंदबाजी विभाग में भी बदलाव हुआ है।  दरअसल, भुवनेश्वर कुमार अब टीम इंड‍िया की नेशनल टी20 टीम का ह‍िस्सा हैं, ज‍िसे 22 अकटूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी हैं. वहीं भुवी शन‍िवार (17 अक्टूबर) को होने वाले वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ आख‍िरी टी20 के लिए भी टीम का हिस्सा हैं।  हॉन्ग कॉन्ग क्रिकेट स‍िक्सेस में टीम इंडिया का स्क्वॉड: क्रुणाल पंड्या (कप्तान), कुलवंत खेजरोलिया, शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नीतीश राणा, राहुल त्रिपाठी, टी नटराजन IPL में खेलने वाले खिलाड़ियों से सजी टीम भारतीय टीम में ज्यादातर ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो इस साल IPL में खेले थे. कप्तान क्रुणाल पंड्या के अलावा शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नीतीश राणा और राहुल त्रिपाठी को भी टीम में जगह मिली है. तेज गेंदबाज टी. नटराजन और कुलवंत खेजरोलिया भी इस सात सदस्यीय स्क्वॉड का हिस्सा हैं।  कब से है हॉन्ग कॉन्ग स‍िक्सेस का आयोजन?  हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस का आयोजन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक हॉन्ग कॉन्ग के टिन क्वांग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में किया जाएगा.  कुल 12 टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी. भारत और पाकिस्तान को ग्रुप-सी में रखा गया है. इस ग्रुप की तीसरी टीम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है. पाकिस्तान अपने अभियान की शुरुआत 30 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार सुबह 8:05 बजे यूएई के खिलाफ करेगा. इसके बाद भारतीय समयानुसार सुबह 11:45 बजे उसका सामना भारत से होगा. भारतीय टीम 31 अक्टूबर को सुबह 8:05 बजे यूएई के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. ग्रुप चरण में हर टीम को अपने ग्रुप की बाकी दोनों टीमों से मुकाबला करना है. इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर टीमें कप, प्लेट और बाउल वर्गों में आगे बढ़ेंगी। 

टेनिस खिलाड़ी पर बड़ी कार्रवाई, 2050 तक नहीं खेल पाएंगे स्टीफन मिलिसेविक

 नई दिल्ली टेनिस जगत में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. सर्बिया के 29 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी स्टीफन मिलिसेविक पर मैच फिक्सिंग और अन्य खिलाड़ियों को कथित भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल करने के मामले में 24 साल का प्रतिबंध लगाया गया है. इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) ने  यह जानकारी दी. सर्बियाई खिलाड़ी पर 70 हजार डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है।  इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी के मुताबिक, स्टीफन मिलिसेविक पर 2022 से 2024 के बीच छह मैचों को फिक्स करने का आरोप है. इनमें पांच मुकाबले ऐसे थे, जिनमें वह खुद खेल रहे थे. इसके अलावा, उन्होंने छह अन्य मैचों को प्रभावित करने की कोशिश भी की।  जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि स्टीफन मिलिसेविक ने कई पेशेवर खिलाड़ियों को एक कथित भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल किया, जिसके चलते इसी अवधि में दूसरे खिलाड़ियों ने भी मैच फिक्स किए. हालांकि, एजेंसी ने संबंधित मैचों या अन्य खिलाड़ियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।  इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी ने कहा कि स्टीफन मिलिसेविक ने जांच में सहयोग नहीं किया और एजेंसी के निष्कर्षों पर अपना पक्ष भी नहीं रखा. इस मामले में उन्हें 24 साल के प्रतिबंध के साथ 70 हजार डॉलर का जुर्माना भुगतना होगा. प्रतिबंध के कारण वह 2050 तक टेनिस से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।  स्टीफन मिलिसेविक की सर्वोच्च एकल रैंकिंग 1338 रही थी और वह मुख्य रूप से निचले स्तर के टूर्नामेंटों में खेलते हैं. उनके खिलाफ यह कार्रवाई टेनिस में मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की कोशिशों के बीच हुई है। 

वेस्टइंडीज के खिलाफ कुलदीप यादव को नहीं मिला मौका, अश्विन बोले- फैसले में कॉमन सेंस की कमी

नई दिल्ली  वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले दो मैचों के बाद कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया गया है। तीसरे और चौथे मैच में उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को खेलने का मौका मिला। लखनऊ में हुए सीरीज के पहले मैच में कुलदीप ने 33 रन देकर दो विकेट लिए थे। दूसरे मैच में वह महंगे रहे औऱ 53 रन खर्च कर दिए थे। इंदौर के बाद हैदराबाद में भी भारतीय टीम ने कुलदीप को नहीं खिलाया। आर अश्विन फैसले से हैरान भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन कुलदीप यादव के बेंच पर बैठने से हैरान हैं। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'यह काफी हैरान करने वाली बात है, क्योंकि ऐसे मैदान पर जहां कुछ उछाल मिलने की उम्मीद होती है, और मुझे पता है कि यह मैदान स्पिनरों के लिए हमेशा से बहुत मददगार नहीं रहा है, लेकिन वहां भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाज उसकी गुगली और लेग-स्पिन को समझने में संघर्ष कर रहे हैं।' टीम मैनेजमेंट पर बोला हमला आर अश्विन उस तर्क पर सवाल उठाया जिसके तहत कुलदीप को उस विरोधी टीम के खिलाफ बाहर रखा गया, जिसे उनकी गेंदों की विविधता को समझने में मुश्किल हो रही थी। उन्होंने आगे कहा- अगर आप उनके खिलाफ कुलदीप को बाहर रख रहे हैं, तो इसमें थोड़ी कॉमन सेंस की कमी लगती है। यह काफी हैरान करने वाला है, क्योंकि मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी से 15-20 रनों का फर्क पड़ सकता था।' अश्विन ने माना कि तीसरे मैच में मैदान छोटा होने की वजह से कुलदीप को बाहर रखना ठीक था। उन्होंने कहा- मुझे हैरानी हुई। इंदौर में कुलदीप को नहीं चुना गया था और मैं अभी भी उस फैसले का सपोर्ट करूंगा क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि वहां का मैदान छोटा है। लेकिन आप यह कहकर इसे एक मुद्दा बना रहे हैं कि रांची में भारत की हार कुलदीप की वजह से हुई। यह अपने आप में गलत है। कुलदीप यादव का रिकॉर्ड दमदार कुलदीप यादव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दुनिया के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में एक हैं। सिर्फ 56 मैचों में वह 98 बल्लेबाजों को आउट कर चुके हैं। उनके पास सबसे तेज 100 विकेट लेने का भारतीय गेंदबाज बनने का भी मौका है। अर्शदीप सिंह ने 64 मैचों में 100 विकेट झटके थे। कुलदीप ने दो बार मैच में 5 विकेट लिए हैं तो उनकी इकोनॉमी 7.11 और औसत 14.2 का है। वह इस फॉर्मेट में लगभग हर 12वीं गेंद पर विकेट लेते हैं।

बेंगलुरु में भारत-वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला, जीत पर रहेगी नजर

नई दिल्ली  भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना है। यह सीरीज का सबसे निर्णायक मुकाबला होगा। 5 मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर है। बेंगलुरु में भारत ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच 2024 में खेला था। टीम की भिड़ंत अफगानिस्तान से हुई थी। उस मुकाबले को जीतने में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम के पसीने छूट गए थे। दो सुपर ओवर के बाद निकला नतीजा भारतीय टीम ने पहले बैटिंग की और 4 विकेट पर 212 रन बनाए। 5वें ओवर में 22 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा ने शतक लगाया और 121 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं रिंकू सिंह ने 69 रनों की पारी खेली। दोनों के बीच 190 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। अफगानिस्तान ने भी दमदार बैटिंग की। रहमनुल्लाह गुरबाज के साथ ही कप्तान इब्राहिम जादरान और गुलबदिन नईब ने फिफ्टी ठोकी। आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को जीत के लिए तीन रन चाहिए थे। उनके बल्लेबाज दो रन ही ले पाए और मैच टाई हो गया। अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में 16 रन बना दिए। रोहित शर्मा ने दो छक्के मारे लेकिन भारतीय टीम भी 16 रनों तक ही पहुंच पाई। दूसरे सुपर ओवर में भारत ने पहले बैटिंग की। टीम ने कुल 11 रन बनाए और सभी रोहित शर्मा के बल्ले से ही निकले। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने तीन गेंदों पर एक रन देकर दो विकेट लिए और भारतीय टीम को जीत दिला दी। बेंगलुरु की पिच बल्लेबाजों के लिए जन्नत बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच हमेशा के बल्लेबाजी के लिए आसान रही है। आईपीएल 2026 की बात करें तो यहां 5 मैच खेले गए थे। इसमें 6 बार टीमों ने 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया। दो बार 200 से ज्यादा का टारगेट चेज भी हुआ। सबसे बड़ा स्कोर 250 रनों का रहा। यहां की बाउंड्री भी काफी छोटी है और इसी वजह से गेंदबाज स्ट्रगल करते हैं।  

भारत ने टी20 इंटरनेशनल में पूरे किए 2000 छक्के, वेस्टइंडीज सबसे आगे; जानें कौन-कौन सी टीमें शामिल

नई दिल्ली  भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के चौथे मैच में हार मिली। वेस्टइंडीज ने बोर्ड पर 247 रन टांग दिए थे। जवाब में भारतीय टीम ने लगातार विकेट खोए और आखिरी ओवर में पारी 223 रनों पर सिमट गई। भारतीय टीम ने अपनी बैटिंग के लिए दौरान टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2000 छक्के पूरे किए। हम आपको सबसे ज्यादा छक्के मारने वाली 5 टीमों के बारे में बताते हैं। वेस्टइंडीज- 2026 छक्के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के वेस्टइंडीज की टीम ने मारे हैं। टीम ने अभी तक कुल 259 मैच खेले हैं और उनके 67 बल्लेबाजों के बल्ले से छक्के निकले। वेस्टइंडीज ने इस फॉर्मेट में कुल 2026 छक्के मारे हैं। भारत के खिलाफ इंदौर टी20 में ही टीम ने 2000 छक्के पूरे किए थे। भारत- 2010 छक्के हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान भारतीय टीम ने 200 छक्के पूरे किए। यह टीम का 297वां मुकाबला था। भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 205 छक्के रोहित शर्मा ने मारे हैं। न्यूजीलैंड- 1585 छक्के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में न्यूजीलैंड ने अभी तक 267 मैच खेले हैं। इसमें टीम की तरफ से कुल 39910 रन बने हैं। इस दौरान कीवी बल्लेबाजों ने 1585 छक्के उड़ाए। टीम के लिए 5 बल्लेबाजों ने 100 से ज्यादा छक्के मारे हैं। पाकिस्तान- 1507 छक्के पाकिस्तान की टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के बाद सबसे ज्यादा 45059 रन बनाए हैं। हालांकि छक्के मारने के मामले में वह काफी पीछे हैं। टीम के 1507 छक्के ही हैं। सिर्फ एक ही बल्लेबाज फखर जमां के इस फॉर्मेट में 100 छक्के हैं। इस फॉर्मेट में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा 305 मैच खेले हैं। साउथ अफ्रीका- 1407 छक्क साउथ अफ्रीका के पास शुरू से ही टी20 क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज रहे हैं। टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल मैचों में डेविड मिलर के सबसे ज्यादा 139 छक्के हैं। अभी तक साउथ अफ्रीका के 75 खिलाड़ियों के बल्ले से इस फॉर्मेट में 1407 छक्के निकल चुके हैं। 

बुमराह को वनडे और टी20 से मिलेगा आराम? बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर टीम मैनेजमेंट की नजर

 नई दिल्ली  भारतीय टीम के गेंदबाजी यूनिट के कप्तान इस समय जसप्रीत बुमराह हैं। फॉर्मेट कोई भी हो और कप्तान भी कोई भी हो, वह चाहेगा कि उसकी टीम में जसप्रीत बुमराह खेलें, लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट का प्लान बुमराह के लिए काफी अलग है। जसप्रीत बुमराह को सिर्फ और सिर्फ एक फॉर्मेट पर फोकस करने के लिए कहा गया है। यह फॉर्मेट है रेड बॉल क्रिकेट। भारत का यह प्रीमियर बॉलर आपको सिर्फ रेड बॉल पकड़े ही अगले कुछ महीने नजर आएगा। सीमित ओवरों की क्रिकेट से उसे आराम दिया जाएगा। मीडिया की रिपोर्ट की मानें तो टीम मैनेजमेंट चाहता है कि बुमराह सिर्फ रेड बॉल क्रिकेट पर फोकस करें। यही कारण है कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले इंडिया ए गेम में उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड दौरे पर खेले जाने वाले दो इंडिया ए मैचों के लिए टीम घोषित कर दी है, जबकि तीसरे मैच के लिए आने वाले समय में टीम की घोषणा होगी, जिसमें बुमराह के भी खेलने की पूरी उम्मीद है। क्या है बुमराह को लेकर प्लान? बुमराह को इस वजह से भी इंडिया ए के लिए मैच खेलने के मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि वे अभी फिट नहीं हैं और मैच फिटनेस असल में कोई प्रोफेशनल मैच खेलकर ही पता चलेगी। टेस्ट सीरीज से पहले अगर मल्टी डेज मैच खेलने के लिए मिले तो यह और भी अच्छा रहेगा। वे फिट हो गए हैं, लेकिन फिर भी नवंबर में न्यूजीलैंड में होने वाली वनडे सीरीज में नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि बोर्ड उनके वर्कलोड को देखते हुए सिर्फ टेस्ट सीरीज के लिए चुनने की प्लानिंग में है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट हो गए हैं, लेकिन फिर भी उन्हें रूटीन असेसमेंट के लिए उन्हें न्यूजीलैंड टूर से पहले बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी सीओई जाना होगा। बुमराह को दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज और फिर जनवरी में जिम्बाब्वे से होने वाली वनडे सीरीज से भी बाहर रखा जा सकता है और इसके पीछे की वजह है बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी है टीम इंडिया के लिए अहम टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में 3-1 से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में हार मिली थी। ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट चाहता है कि भारत कम से कम घर पर इस सीरीज को फिर से जीते। इस वजह से बुमराह को एक बेटर शेप में रखने के इरादे से उन्हें सीमित ओवरों से बाहर रखा जा सकता है, क्योंकि टेस्ट सीरीज के ठीक बाद आईपीएल 2027 होगा। 27 फरवरी 2027 से आखिरी टेस्ट भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। वहीं, आईपीएल में आराम देने का फैसला फ्रेंचाइजी को करना होता है और कोई क्रिकेटर आईपीएल से आराम नहीं लेता है, क्योंकि वहां से मोटी कमाई खिलाड़ियों की होती है। आईपीएल के बाद वह वनडे क्रिकेट पर फोकस कर सकते हैं, क्योंकि अक्टूबर-नवंबर 2027 में वर्ल्ड कप होगा।

छक्कों के किंग बने अभिषेक शर्मा, एक साल में सूर्यकुमार का रिकॉर्ड तोड़ा

 हैदराबाद    भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में 24 रनों से हार झेलनी पड़ी. 14 अक्टूबर (बुधवार) को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारतीय टीम के सामने 248 रनों का टारगेट सेट किया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 223 रनों पर सिमट गई. इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली।  हैदराबाद टी20 में अभिषेक शर्मा से तूफानी प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि उन्होंने निराश किया.अभिषेक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 24 बॉल पर 29 रन बनाए. इस छोटी से पारी के दौरान अभिषेक ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली. अभिषेक टी20 इंटरनेशनल में किसी फुल मेम्बर टीम की ओर से एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. अभिषेक ने इस साल टी20 इंटरनेशनल में 69 छक्के लगाए हैं और वो अब सूर्यकुमार यादव से आगे निकल चुके हैं।  सूर्यकुमार ने 2022 में 68 छक्के लगाए थे. खास बात यह है कि इस साल खराब फॉर्म के दौर से गुजरने के बावजूद बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने छक्कों के मामले में नया मुकाम हासिल किया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पहली बाउंड्री 7वीं गेंद पर लगाया. शुरुआती ओवरों में संजू सैमसन ने ज्यादा स्ट्राइक अपने पास रखा, जबकि कैरेबियाई गेंदबाजों ने अभिषेक को खुलकर खेलने से रोके रखा. पावरप्ले के बाद उनका स्ट्राइक रेट भी 100 से नीचे था. नौवें ओवर में शमर स्प्रिंगर की गेंद पर अभिषेक ने आगे बढ़कर जोरदार छक्का लगाया. इसी शॉट के साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया।  अभिषेक शर्मा ने 2026 की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी. न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में उन्होंने 35 गेंदों पर 84 रन बनाए, जिसमें आठ छक्के शामिल थे. इसके बाद गुवाहाटी में 20 गेंदों पर नाबाद 68 रनों की पारी खेली और पांच छक्के जड़े. हालांकि, इसके बाद उनका बल्ला कुछ समय तक खामोश रहा. वो कई मौकों पर अपना खाता नहीं खोल पाए. इसके बावजूद अभिषेक ने दमदार वापसी करते हुए छक्कों का नया रिकॉर्ड बना दिया।  शाई होप का तूफानी शतक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शाई होप की नाबाद 102 रनों की पारी के दम पर तीन विकेट पर 247 रन बनाए. होप ने 50 गेंदों का सामना किया और पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया. यह मौजूदा दौरे पर उनका चौथा और टी20 इंटरनेशनल करियर का तीसरा शतक था. शेरफेन रदरफोर्ड ने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाए. दोनों ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ 43 गेंदों में 91 रनax की साझेदारी कर वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।  भारतीय गेंदबाजों के लिए दिन मुश्किल रहा. मयंक यादव और अर्शदीप सिंह ने चार-चार ओवरों में 52 रन दिए, जबकि फील्डिंग में कुछ मौके गंवाने से भी टीम को नुकसान हुआ. वेस्टइंडीज ने अपनी पारी में 16 छक्के लगाए. साथ ही भारतीय टीम ने 18 अतिरिक्त रन दिए, जिसका फायदा मेहमान टीम को मिला।