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फेक कंटेंट पर सख्त हुए गौतम गंभीर, किनके खिलाफ पहुंचे कोर्ट? जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली इंडियन क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से गुहार लगाई है। उन्होंने अपने नाम और तस्वीरों का अनधिकृत इस्तेमाल कर अपना प्रचार करने वालों के साथ-साथ एआई वीडियो और डीपफेक के जरिए फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों से हर्जाने की भी मांग की है। गंभीर ने अदालत से ऐसे ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश देने की भी गुहार लगाई है। उन्होंने कुल 16 व्यक्तियों या संस्थानों को पार्टी बनाया है। गौतम गंभीर से पहले अनिल कपूर, अमिताभ बच्चन, सुनील गावस्कर जैसी हस्तियां भी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। इन हस्तियों ने अपनी आवाज, वीडियों या तस्वीर के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत का रुख किया था और पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की थी। दो बार के विश्व कप विजेता गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल वाद दाखिल किया है। उसमें उन्होंने अपने नाम, वीडियो, तस्वीरों का इस्तेमाल कर प्रचार करने वालों या इनका इस्तेमाल कर दुष्प्रचार करने वालों से 2.5 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है। साथ में ये भी गुहार लगाई है कि उनकी उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाया जाए। वाद में कॉपीराइट ऐक्ट 1957, ट्रेड मार्क्स ऐक्ट 1999 और कमर्शन कोर्ट्स ऐक्ट 2015 के प्रावधानों का जिक्र करते हुए हाई कोर्ट से गुहार की गई है। इसके साथ ही उन्होंने अमिताभ बच्चन बनाम रजत नागी, अनिल कपूर बनाम सिंपली लाइफ इंडिया और सुनील गावस्कर बनाम क्रिकेट तक एवं अन्य मामले में हाई कोर्ट के दिए ऐतिहासिक आदेश का भी हवाला दिया है। एआई जैसी तकनीक से फर्जी वीडियो बना प्रचारित करने का आरोप गौतम गंभीर की लीगल टीम की तरफ से कहा गया है कि इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और फेसबुक पर तमाम ऐसे अकाउंट्स हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग, वॉइस क्लोनिंग टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करके गौतम गंभीर के असली से दिखने वाले वीडियो बना रहे हैं। उन फर्जी वीडियो में गंभीर के कथित बयानों को दिखाते, सुनाते हैं जो असल में उन्होंने कभी कहा ही नहीं होता है। ऐसे ही एक वीडियो में फर्जी तरीके से उनके कोच पद से इस्तीफा देने के ऐलान की बात रखी गई थी जिसने 29 लाख व्यूज बटोरे। इसके अलावा उन्होंने ईकॉमर्स प्लेफॉर्म्स को भी पक्ष बनाया है। गंभीर का दावा है कि ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उन पोस्टर्स या सामानों को बिकने दे रहे ही हैं जिन पर अनधिकृत रूप से उनका यानी गौतम गंभीर के नाम का इस्तेमाल किया गया है। गौतम गंभीर ने किन लोगों के खिलाफ किया है मुकदमा जानकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पैंटोला, लिजेंड्स रिवोलूशन, गुस्ताख एडिट्स, क्रिकेट मीमर 45, जेम्स ऑफ क्रिकेट, क्रिकएथ, सन्नी उपाध्याय, @imRavY_, ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक, एक्स कॉर्प, गूगल/यूट्यूब, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी और डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्यूनिकेशंस। क्या होता है पर्सनैलिटी राइट? पर्सनैलिटी राइट किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व की रक्षा से जुड़े हैं। भारतीय संविधान में अलग से इस तरह के किसी अधिकार की व्यवस्था नहीं है बल्कि यह अनुच्छेद 21 के तहत मिले निजता के अधिकार के तहत ही आता है। पर्सनैलिटी राइट्स में दो तरह के अधिकार शामिल होते हैं- राइट ऑफ पब्लिशिटी और राइट टु प्राइवेसी। राइट ऑफ पब्लिशिटी किसी व्यक्ति को अपनी तस्वीर, आवाज, वीडियो या उससे जुड़ी किसी भी चीज का बिना उसकी इजाजत या करार के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने से रक्षा का अधिकार है।

गंभीर ने AI डीपफेक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में की याचिका, लीगल एक्शन से बड़ी कंपनियों को घेरा

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व वर्ल्ड कप विजेता गौतम गंभीर ने अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कोर्ट की कमर्शियल डिवीजन में सिविल सूट दायर कर AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के अंत से सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट तेजी से बढ़ा. इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), यूट्यूब और फेसबुक पर कई अकाउंट्स ने AI तकनीक, फेस-स्वैप और वॉइस क्लोनिंग के जरिए ऐसे वीडियो बनाए, जिनमें गंभीर को ऐसे बयान देते दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी रेज‍िग्नेशन को 29 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जबकि एक और क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते दिखाया गया, 17 लाख व्यूज तक पहुंची। सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर बिना अनुमति पोस्टर और प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। गौतम गंभीर ने किन पर किया केस इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों को शामिल किया गया है, जिनमें- सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैनकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पेंटोला, लीजेंड्स रेवोल्यूशन, आदि शाम‍िल हैं। इसके अलावा  ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म् में ऐमोजॉन और फ्ल‍िपकार्ट का नाम है. वहीं टेक कंपनियों में मेटा प्लेटफॉर्म, एक्स, गूगल, यूट्यब आद‍ि शाम‍िल हैं. साथ ही IT मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी शामिल किया गया है। गंभीर ने किन कानूनों लिया सहारा? गंभीर ने इस केस में कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, कमर्श‍ियल कोर्ट एक्ट 20215 का हवाला दिया है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों (जैसे अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के केस) का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है। गंभीर ने कितना हर्जाना मांगा? गंभीर ने कोर्ट से ₹2.5 करोड़ का हर्जाना, सभी फर्जी कंटेंट हटाने, और भविष्य में उनके नाम, चेहरा, आवाज के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कोर्ट ऑर्डर की मांग की है, ताकि तुरंत सभी फर्जी कंटेंट हटाया जाए और आगे इसका प्रसार रोका जा सके. उन्होंने कोर्ट से लीगल एक्शन लेने की मांग की है। मेरी पहचान को हथियार बनाया गया: गंभीर  गंभीर ने साफ कहा- मेरी पहचान, मेरा नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है. यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि कानून और गरिमा की बात है।

इंडियन टीम की इमेज पर असर! गौतम गंभीर की पॉलिटिक्स पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर का बड़ा बयान

नई दिल्ली अहमद शहजाद ने इंडिया के कोच गौतम गंभीर की आलोचना करते हुए कहा कि वह इंडियन टीम के माहौल में पॉलिटिक्स ले आए हैं। टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली बड़ी हार के बाद गौतम गंभीर पर प्रेशर बढ़ रहा है। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद ने इंडिया के कोच गौतम गंभीर की आलोचना करते हुए कहा कि वह इंडियन टीम के माहौल में पॉलिटिक्स ले आए हैं। टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली बड़ी हार के बाद गौतम गंभीर पर प्रेशर बढ़ रहा है। सेमीफाइनल की दौड़ में भारत और तब पिछड़ा जब वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज की। टी20 वर्ल्ड कप में भारत की इस स्थिति के बाद हर कोई कोच गौतम गंभीर के फैसलों पर सवाल उठा रहा है। भारत का अगला सुपर-8 का मुकाबला जिम्बाब्वे से 26 फरवरी को है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले में अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को चुनने पर गंभीर की आलोचना हुई, जिसमें आर अश्विन समेत कई खिलाड़ियों ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे। हारना मना है पर बात करते हुए, शहजाद ने कहा कि 2019-24 के दौरान भारतीय राजनीति में अपने समय के दौरान गंभीर की सोच बदल गई, जब वे पूर्वी दिल्ली से सांसद थे। शहजाद ने कहा, “जब आप किसी भी फील्ड में जाते हैं, तो पूरा फोकस करना होता है। गंभीर पॉलिटिक्स में आए, और जाहिर है उनका माइंडसेट बदल गया। वह पॉलिटिक्स में ज्यादा सफल नहीं रहे, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने वही पॉलिटिक्स टीम के माहौल में ला दी है। गौतम गंभीर की इस सारी पॉलिटिक्स ने इंडियन टीम की इमेज को नुकसान पहुंचाया है।” शहजाद ने गंभीर पर अपने रिसोर्स का सही इस्तेमाल न करने का आरोप लगाया और कुलदीप यादव का उदाहरण दिया, जिन्होंने मौजूदा T20 वर्ल्ड कप में सिर्फ एक मैच खेला है। शहजाद ने आगे कहा, "टीम के रिसोर्स का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है – गौतम गंभीर उन्हें ठीक से मैनेज नहीं कर रहे हैं। आपके पास कुलदीप यादव जैसा मैच-विनर है, लेकिन उसे सही तरीके से हैंडल नहीं किया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के साथ मैच के बाद एक घटना हुई थी, जिसमें सूर्यकुमार यादव ने उन्हें बाहर कर दिया था। लोग अब कह रहे हैं कि शायद कुलदीप यादव को डिसिप्लिनरी इशू या सूर्यकुमार यादव के साथ कोई प्रॉब्लम की वजह से बाहर किया गया। नहीं तो, उन्हें बाहर नहीं किया जाता। कुलदीप यादव वैरिएशन लाते हैं और मैच-विनर हैं।"  

गौतम गंभीर की सराहना पड़ी भारी? थरूर पर कार्रवाई को लेकर BJP का कांग्रेस से सवाल

नागपुर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर की तारीफ कर दी। नागपुर में हुई इस मुलाकात को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि अब कांग्रेस इसके चलते थरूर के खिलाफ फतवा जारी कर सकती है। कांग्रेस सांसद ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद गंभीर के पास सबसे मुश्किल काम है।   भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, 'पता नहीं कांग्रेस को कौन सी बात ज्यादा गुस्सा दिलाएगी। थरूर का नागपुर जाना, थरूर का गौतम गंभीर से मिलना और उनकी तारीफ करना या थरूर का इस बात को मानना की भारत में पीएम मोदी के पास सबसे मुश्किल काम है। यह देखते हुए कि भारत के हितों से पहले परिवार के हितों को रखने वाला विपक्ष उनपर सवाल उठाता है।' पूनावाला ने लिखा, 'ऐसा लगता है कि यह तीसरा पॉइंट हो सकता है। क्या थरूर के खिलाफ एक और कांग्रेस फतवा जारी होने वाला है?' थरूर ने की थी गंभीर की तारीफ क्रिकेट के शौकीन थरूर ने नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज की लगातार आलोचनाओं के बावजूद अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उनकी तारीफ की। उन्होंने लिखा था, 'नागपुर में पुराने दोस्त गौतम गंभीर के साथ खुलकर और अच्छी बात हुई, जो भारत के प्रधानमंत्री के बाद सबसे मुश्किल काम करने वाले इंसान हैं। लाखों लोग रोज उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वह शांत रहते हैं और बगैर डरे आगे बढ़ते हैं। उनकी शांत दृढ़ता और नेतृत्व तारीफ के काबिल हैं। उन्हें सभी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।' गंभीर ने इस पर देर रात जवाब दिया और उन कुछ चर्चाओं का जिक्र किया जो उनके कार्यकाल में हावी रही हैं। गंभीर ने एक्स पर लिखा, 'डॉ शशि थरूर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। जब मामला शांत हो जाएगा तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ को लेकर सच्चाई और तर्क स्पष्ट हो जाएंगे। तब तक मुझे खुद के खिलाफ खड़ा देखकर हंसी आ रही है।'

गौतम गंभीर ने उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में भाग लिया, भारतीय क्रिकेट कोच ने किया दर्शन

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है। शुक्रवार को भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर बाबा के दरबार में पहुंचे। वे यहां सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान वे करीब 2 घंटे तक मंदिर प्रांगण में रहे और नंदी हाल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी। वे पूरी तरह शिव भक्ति में लीन दिखाई दिए। भस्म आरती के दौरान गौतम गंभीर ने नन्दी हाल में बैठकर ओम नमः शिवाय का जाप भी किया। वहीं, दूसरी ओर श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने बाबा महाकाल का प्रसाद व तस्वीर भेंटकर गौतम गंभीर का सम्मान किया। उन्होंने गर्भगृह की चौखट से बाबा महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया। 18 जनवरी को होने वाले मुकाबले के लिए टीम इंडिया इंदौर में मौजूद है। मैच से पहले दोनों कोच सुबह करीब चार बजे महाकाल मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल से टीम इंडिया की सफलता और जीत की कामना की। आरती के पश्चात गौतम गंभीर और शीतांशु कोटक ने गर्भगृह की देहरी से दर्शन किए और नंदी महाराज पर जल अर्पित किया। मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने दोनों का सम्मान भी किया। बगलामुखी धाम में भी की विशेष पूजा गौतम गंभीर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना की। इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। केएल राहुल ने भी लिया बाबा का आशीर्वाद शुक्रवार को ही भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का जाप किया, नंदी महाराज के कान में मनोकामना कही और जल अर्पित किया। पूजन के दौरान केएल राहुल केसरिया दुपट्टा धारण किए हुए नजर आए। राहुल ने गर्भगृह की देहरी से विधिवत पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक सिम्मी यादव ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इंदौर वनडे से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ की यह आध्यात्मिक यात्रा क्रिकेट प्रेमियों के बीच खास चर्चा का विषय बनी हुई है।

गौतम गंभीर की सुरक्षा पर कोई आंच नहीं, बीसीसीआई के प्रमुख अधिकारी हुए उनके समर्थन में

नई दिल्ली घर पर टेस्ट सीरीज में बुरी तरह से मिली हार के बाद से भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर काफी कुछ सुनने को मिल रहा है. रिपोर्ट में ऐसा भी बताया गया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उनकी जगह पर पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को टेस्ट की कोचिंग देने का विचार कर रही है. ऐसी खबरों के लगातार आने के बाद बीसीसीआई की तरफ से इसे लेकर बयान सामने आया. बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन खबरों का खंडन किया है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को भारत का अगला टेस्ट कोच बनने के लिए संपर्क किया गया है, जो गंभीर की जगह लेंगे. ये खबरें तब आईं जब भारत को गौतम गंभीर की कोचिंग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-2 से टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा, जो लगातार दूसरे साल भारत को क्लीन स्वीप झेलना पड़ा है. पिछले साल भी इसी कोच के तहत न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को 0-3 से शर्मनाक हार मिली थी. मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए BCCI उपाध्यक्ष शुक्ला ने ANI से कहा, “मैं मीडिया में चल रही अटकलों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूं कि हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर कोई योजना नहीं है. BCCI सचिव (देवजीत सैकिया) ने भी साफ कर दिया है कि गंभीर को हटाने या भारत के लिए नया हेड कोच लाने की कोई योजना नहीं है,” इससे पहले ANI से बात करते हुए BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड ने टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में नेतृत्व बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. सैकिया ने कहा, “यह पूरी तरह से गलत खबर है. यह सिर्फ अटकलों पर आधारित है. कुछ प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियां भी इस खबर को चला रही हैं. इसमें कोई सच्चाई नहीं है. BCCI सीधे तौर पर इसका खंडन करता है. लोग जो चाहे सोच सकते हैं, लेकिन BCCI ने कोई कदम नहीं उठाया है. यह किसी की कल्पना है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है और मैं इसके अलावा कुछ नहीं कह सकता कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार खबर है,”

टेस्ट में लगातार नाकामी के बाद गंभीर पर सवाल, BCCI की दिग्गज से बैकडोर मीटिंग

नई दिल्ली  भारत की टेस्ट टीम को हाल ही में घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के भीतर टेस्ट टीम की कोचिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबर है कि बोर्ड के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने अनौपचारिक रूप से दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की कि क्या वह टेस्ट टीम के कोच की भूमिका संभालने में रुचि रखते हैं। टेस्ट क्रिकेट में गंभीर का रिकॉर्ड चिंता का विषय गौतम गंभीर का व्हाइट-बॉल कोच के तौर पर रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उनके कार्यकाल में भारत ने एक ICC और एक ACC ट्रॉफी जीती है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में तस्वीर अलग नजर आती है। SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ भारत को 10 टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी है, जिसने बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है। लक्ष्मण की दिलचस्पी नहीं सूत्रों के मुताबिक, वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ‘हेड ऑफ क्रिकेट’ की भूमिका से संतुष्ट हैं और वह सीनियर टेस्ट टीम की कोचिंग लेने के इच्छुक नहीं हैं। यही वजह है कि BCCI के पास फिलहाल गंभीर का कोई मजबूत विकल्प नहीं दिख रहा। कॉन्ट्रैक्ट पर दोबारा हो सकता है विचार गौतम गंभीर का BCCI के साथ करार 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक का है, लेकिन यह पूरी तरह भारत के आगामी T20 वर्ल्ड कप प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। यदि भारत खिताब बरकरार रखता है या फाइनल तक पहुंचता है, तो गंभीर की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसके उलट खराब प्रदर्शन की स्थिति में उनके कॉन्ट्रैक्ट पर पुनर्विचार संभव है। ड्रेसिंग रूम का माहौल रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा भारतीय ड्रेसिंग रूम में असमंजस की स्थिति है। कई खिलाड़ी गंभीर के कार्यकाल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे, जबकि राहुल द्रविड़ के दौर में खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट थीं और उन्हें लंबा मौका मिलता था। शुभमन गिल का T20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होना भी इसी नीति का उदाहरण माना जा रहा है। आगे का फैसला IPL के बाद T20 वर्ल्ड कप के बाद दो महीने का IPL सीजन होगा, जिसके दौरान BCCI के शीर्ष अधिकारी भारत के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण करेंगे। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच हों या सभी फॉर्मेट के लिए एक ही कोच रखा जाए। आने वाले दो महीने ‘गुरु गंभीर’ के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, भले ही उन्हें अभी भी BCCI के कुछ प्रभावशाली वर्गों का समर्थन हासिल है।  

गंभीर की कड़ी चेतावनी: स्प्लिट कोचिंग की चर्चा करने वालों पर कसा तंज

 नई दिल्ली टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने शनिवार को सोशल मीडिया पर चल रही स्पिलिट कोचिंग की थ्योरीज पर कड़ी आपत्ति जताई। कोच गंभीर ने उन बातों को 'हैरान करने वाला' बताया। यहां तक कि इस तरह की राय देने वालों से गौतम गंभीर ने 'अपने दायरे में रहने' को कहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की हालिया 0-2 टेस्ट सीरीज हार के बाद एक IPL टीम के मालिक सहित कुछ प्रभावशाली क्रिकेट हस्तियों ने BCCI से रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कोच नियुक्त करने पर विचार करने को कहा था। तमाम लोगों द्वारा साझा किए गए स्पिलट कैप्टेंसी के विचार से गौतम गंभीर खफा दिखे। गौतम गंभीर ने तीन मैचों की वनडे सीरीज को 2-1 से जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "देखिए, बहुत सारी बातें हुईं, क्योंकि नतीजे हमारे फेवर में नहीं रहे (टेस्ट सीरीज में), लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी मीडिया या जर्नलिस्ट ने एक बार भी यह नहीं लिखा कि हमारा पहला टेस्ट मैच (कोलकाता में) कप्तान (शुभमन गिल) के बिना खेला गया था, जिसने दोनों पारियों में बैटिंग नहीं की (गर्दन की चोट की वजह से)।" गंभीर ने आगे कहा कि ऐसे ओपिनियन मेकर्स को ऐसी बातें कहने से बचना चाहिए जिनका ऑन-फील्ड क्रिकेट मामलों से कोई सीधा कनेक्शन न हो। गंभीर ने कहा, "कुछ लोगों ने ऐसी बातें भी कहीं, जिनका क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं था। एक IPL टीम के मालिक (दिल्ली कैपिटल्स के पार्थ जिंदल ने X पर) ने भी स्प्लिट कोचिंग के बारे में लिखा। तो यह हैरानी की बात है। लोगों का अपने दायरे में रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर हम किसी के दायरे में नहीं जाते, तो उन्हें भी हमारे दायरे में आने का कोई हक नहीं है।" गौतम गंभीर ने आगे पत्रकारों को भी नहीं बख्शा और कहा, "मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहाने नहीं बनाता। इसका मतलब यह नहीं है कि आप दुनिया या देश के सामने फैक्ट्स न दिखाएं। जब आप एक ट्रांजिशन से गुजरते हैं और जब आप अपने कप्तान को खो देते हैं, जो ऐसी टीम (SA) के खिलाफ रेड-बॉल क्रिकेट में आपका मेन बैट्समैन भी है।"  

ऐसे कौन करता है बेइज्जती! आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड ने गंभीर को किया ट्रोल

नई दिल्ली कभी चुटीले तो कभी चुभने वाले और कभी गुदगुदाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाले आइसलैंड क्रिकेट ने भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मजाक उड़ाया है। खुद को क्रिकेट की जननी बताने वाले देश की संस्था ने क्रिकेट की दुनिया के मौजूदा वक्त की सुपर पावर भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट मैचों में बुरे प्रदर्शन को लेकर कोच गौतम गंभीर को ट्रोल किया है। उसने अपने पोस्ट में लिखा है कि उनकी राष्ट्रीय टीम के कोच के लिए गंभीर के नाम पर विचार नहीं होगा और उन्होंने 2025 में अपने 75 प्रतिशत मैच जीते हैं। व्यंग्य के लिए मशहूर आइसलैंड क्रिकेट ने अपने ऑफिशल हैंडल से एक्स पर पोस्ट किया, 'हमारे सभी फैंस के लिए, नहीं, हम गौतम गंभीर को अपनी राष्ट्रीय टीम के नए कोच के लिए न्योता नहीं भेजेंगे। यह पद पहले ही भरा जा चुका है और हमने 2025 में अपने 75 प्रतिशत मैच जीते हैं।' गौतम गंभीर के भारत के मुख्य कोच बनने के बाद टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया एक औसत से भी खराब दर्जे की टीम नजर आ रही है। गंभीर ने जब भारतीय टीम के कोच की जिम्मेदारी संभाली, उस वक्त टीम घर में अजेय मानी जाती थी। लेकिन उनके कोच बनने के बाद न्यूजीलैंड ने भारत को उसी की धरती पर 3-0 से करारी शिकस्त दी। 12 सालों में वो भारत की घर में पहली सीरीज हार थी। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। उसी सीरीज के दौरान ही दिग्गज स्पिनर आर अश्विन को टेस्ट से संन्यास का ऐलान करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी अचानक टेस्ट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उसके बाद शुभमन गिल नए टेस्ट कप्तान चुने गए और इंग्लैंड दौरे पर टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज 2-2 से बराबर रही। गौतम गंभीर के कार्यकाल में अपने घर में पिछले 6 टेस्ट में भारत को 4 में हार का सामना करना पड़ा है। गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रहे टेस्ट मैच में भी भारत हार की कगार पर खड़ा है। अगर ऐसा हुआ तो घर में खेले गए पिछले 7 टेस्ट मैच में भारत की हार का आंकड़ा 5 पर पहुंच जाएगा। गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने घर में जिन दो टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की है, वो दोनों ही कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ मिली हैं। पिछले साल भारत ने होम सीरीज में बांग्लादेश को 2-0 से हराया था और इस साल वेस्टइंडीज को भी होम सीरीज में 2-0 से हराया है। इन दोनों टीमों के अलावा उनके कार्यकाल में भारत ने जिन भी दूसरी टीमों से घर में कोई टेस्ट मैच खेला है, जीतना तो दूर, ड्रॉ तक नहीं करा पाया है।  

गौतम गंभीर का बड़ा बयान: ‘टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को करनी होगी कड़ी मेहनत’

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के मामले में अभी उस स्थिति में नहीं है जहां वह पहुंचना चाहती है लेकिन उन्होंने इसके साथ ही कहा कि इस मुकाम पर पहुंचने के लिए टीम के पास अभी पर्याप्त समय है। गंभीर ने बीसीसीआई टीवी से बातचीत में फिटनेस के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने 46 सेकंड की क्लिप में कहा, ‘‘यह एक ऐसा ड्रेसिंग रूम है जहां बहुत अधिक पारदर्शिता और ईमानदारी है तथा हम चाहते हैं कि यह ड्रेसिंग रूम आगे भी ऐसा ही बना रहे। मुझे लगता है कि हम अभी भी उस स्थिति में नहीं हैं जहां हम टी20 वर्ल्ड कप तक पहुंचना चाहते हैं।’’ इस क्लिप के बाद पूरा साक्षात्कार बाद में प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि खिलाड़ियों को फिट रहने का महत्व पता चल जाएगा। हमारे पास उस स्तर पर पहुंचने के लिए अभी भी तीन महीने हैं, जहां हम पहुंचना चाहते हैं।‘‘ टी20 वर्ल्ड कप अगले साल फरवरी-मार्च में भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा। भारत इस टूर्नामेंट का मौजूदा चैंपियन है। गंभीर ने इसके साथ ही खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का अच्छी तरह से अहसास कराने और उन्हें समझने के लिए उनके सामने मुश्किल चुनौतियों को रखने की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘हम खिलाड़ियों के सामने जितना संभव हो सके उतनी कड़ी चुनौती रखते हैं। हमने शुभमन (गिल) के साथ भी यही किया था, जब उन्हें टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था।‘‘ गिल ने कप्तान के रूप में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने सीरीज 2-2 से बराबर की। इस सीरीज के सभी मैच रोमांचक रहे और प्रत्येक मैच पांचवें दिन तक खिंचा।