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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का कमाल एक फोन कॉल से जशपुर के तपकरा में बहाल हुई जलापूर्ति 200 परिवारों को मिली राहत

रायपुर आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने और उनके त्वरित निराकरण में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 एक बेहद प्रभावी और सशक्त माध्यम साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए दर्ज होने वाली शिकायतों पर संबधित विभागों द्वारा तुरंत कार्रवाई की जा रही है, जिसका एक ताज़ा और बेहतरीन उदाहरण जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम तपकरा में देखने को मिला है। क्या थी समस्या? ग्राम तपकरा निवासी श्री ओम प्रकाश ने गत 26 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 पर गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि पिछले करीब 15 दिनों से गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। मोटर और पाइपलाइन में खराबी आ जाने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप थी, जिससे लगभग 200 घर-परिवारों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा था। त्वरित कार्रवाई और समाधान हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद मामले को तुरंत संबंधित विभाग और स्थानीय अमले के संज्ञान में लाया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम तपकरा में संचालित रेट्रो जल प्रदाय योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा तुरंत नया मोटर स्थापित किया गया। नया मोटर लगते ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से पुनः बहाल हो गई, जिससे लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे करीब 200 परिवारों को बड़ी राहत मिली है। सुनिश्चित हो रही है जवाबदेही  समस्या के समाधान के बाद शिकायतकर्ता श्री ओम प्रकाश से संपर्क कर उनकी संतुष्टि की भी पुष्टि की गई। इस व्यवस्था से न केवल नागरिकों की समस्याओं के समाधान में तेजी आ रही है, बल्कि समाधान के बाद फीडबैक लिए जाने की इस प्रक्रिया से शासन-प्रशासन की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आम नागरिकों और प्रशासन के बीच भरोसेमंद सीधे संवाद का मजबूत जरिया बन चुकी है।

आईईडी विस्फोटों के शिकार हर नागरिक को पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी को मिटाना – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर लंबे समय तक नक्सल हिंसा और बारूदी सुरंगों की विभीषिका झेलने वाला बस्तर अब अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क दिव्यांगजन सहायता एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर ने पीड़ितों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जारी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं कांकेर जिले से 3,800 से अधिक जरूरतमंदों का पंजीयन हुआ है, जिसके माध्यम से नक्सल विस्फोटों, सड़क दुर्घटनाओं व अन्य कारणों से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।  शिविर को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सली हिंसा के दंश से जूझा है, लेकिन अब यह अंचल उस दौर से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उपकरणों के वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्होंने हिंसा में अपने अंग गंवा चुके पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे खुद को कभी भी अकेला न समझें, पूरी सरकार और समाज पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार का लक्ष्य केवल बस्तर को हिंसा से मुक्त कराना नहीं, बल्कि एक शांत, सशक्त और 'विकसित बस्तर' का निर्माण करना है।  कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बारूदी सुरंगों और आईईडी विस्फोटों का शिकार होकर अपने अंग गंवाने वाले हर नागरिक को पुनः संबल देकर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी को मिटाना है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि नक्सलियों ने भले ही धमाकों से लोगों के पैर छीने हों, लेकिन बस्तर की जनता के आत्मबल और मां दंतेश्वरी की कृपा से आज वही लोग कृत्रिम अंगों के सहारे स्वाभिमान से आगे बढ़ रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने आईईडी ब्लास्ट के शिकार ग्रामीण संतोष पोयाम सहित कर्तव्य के दौरान घायल हुए पुलिस जवान राकेश कुमार यादव और घासीराम मांझी की जीवटता का विशेष उल्लेख किया, जो अब कृत्रिम अंगों की मदद से बिना किसी सहारे के चलने के लिए तैयार हैं।  यह पुनीत अभियान जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से 'जयपुर फुट' के लिए विख्यात भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर एनएसई फाउंडेशन और भारतीय जैन संघटना के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। शिविर की खासियत यह है कि यहां ऑन-साइट आधुनिक कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांगजनों का व्यक्तिगत नाप लेकर मौके पर ही आधुनिक कृत्रिम हाथ, पैर, कैलिपर्स तैयार कर लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ही दिन 70 से अधिक हितग्राहियों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही जरूरतमंदों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, कैलिपर्स, बैसाखी और श्रवण यंत्र पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम शिविर स्थल पर ही परीक्षण कर दिव्यांगजनों को मेडिकल सर्टिफिकेट सौंप रही है और हितग्राहियों को मौके पर ही शत-प्रतिशत दिव्यांग पेंशन व अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें भविष्य में दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।   इस महाशिविर के व्यापक विस्तार की जानकारी देते हुए भारतीय जैन संघटना के डॉ. अतुल जैन ने बताया कि पूर्व में यह शिविर कवर्धा के लिए प्रस्तावित था, किंतु उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के संवेदनशील सुझाव पर बस्तर के पीड़ितों को प्राथमिकता देते हुए इसे यहां आयोजित किया गया। शिविर की रूपरेखा दो चरणों में तय की गई है, जिसके प्रथम चरण में 5 से 7 अक्टूबर तक बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिसमें अकेले बस्तर जिले के 1,570 हितग्राही शामिल हैं। इसके पश्चात संभाग के शेष जिलों—दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के लिए 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में दूसरे चरण का शिविर आयोजित होगा। उद्घाटन अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा ही सबसे बड़ी ईश्वर आराधना है। वहीं चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त करने के संकल्प के साथ पीड़ितों के संपूर्ण पुनर्वास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस अवसर पर रायपुर से वर्चुअल जुड़े जगदलपुर विधायक  किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती वेदवती कश्यप, कमिश्नर  डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक  बीएन मीणा, कलेक्टर  आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ  तन्मय खन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

इलाज के खर्च की चिंता हुई कम, आयुष्मान कार्ड से विजय पंडो के परिवार को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल

रायपुर  बीमारी के समय इलाज का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लोसंगी के पंडरीपानी निवासी  विजय कुमार पंडो का परिवार भी पहले इसी परेशानी से जूझता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार में किसी सदस्य के बीमार होने पर उपचार का खर्च जुटाना मुश्किल होता था। अब विजय कुमार पंडो के साथ उनकी बेटियों भारती पंडो और आरती पंडो का भी आयुष्मान कार्ड बन जाने से परिवार को जरूरत के समय उपचार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल मिला है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई विजय पंडो के परिवार की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि आयुष्मान कार्ड जरूरतमंद परिवारों के लिए बीमारी के समय इलाज के खर्च की चिंता को कम करने में सहायक बन रहा है। पात्रता अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलने से परिवार को भरोसा है कि आर्थिक तंगी अब बेहतर उपचार की राह में पहले जैसी बाधा नहीं बनेगी। पैसों की कमी से इलाज कराने में होती थी परेशानी विजय कुमार पंडो बताते हैं कि पहले परिवार के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य के बीमार होने पर अस्पताल में इलाज का खर्च स्वयं उठाना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अचानक आने वाला चिकित्सा खर्च परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन जाता था। कई बार पैसों की कमी के कारण बेहतर उपचार कराने में भी कठिनाई होती थी। अब आयुष्मान कार्ड बनने से परिवार को जरूरत के समय निःशुल्क उपचार की सुविधा का भरोसा मिला है। बेटियों भारती और आरती को भी मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ विजय के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके साथ उनकी दोनों बेटियों भारती और आरती का भी आयुष्मान कार्ड बन गया है। परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ने के बाद बीमारी अथवा उपचार की आवश्यकता होने पर इलाज के खर्च को लेकर उनकी चिंता कम हुई है। विजय बताते हैं कि आर्थिक कमी के कारण पहले अस्पताल में ठीक ढंग से इलाज कराने में दिक्कत होती थी। अब कार्ड बनने से जरूरत के समय उपचार कराने में परिवार को बड़ी सहायता मिलेगी। आयुष्मान कार्ड ने दिया जरूरत के समय इलाज का भरोसा विजय पंडो के परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि बीमारी की स्थिति में उपचार और आर्थिक सुरक्षा का भरोसा बन गया है। पात्रता अनुसार पांच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा परिवार को स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक खर्च से राहत देने में मददगार होगी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विजय पंडो के परिवार की यह कहानी बताती है कि स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं की पहुंच जरूरतमंद परिवारों तक होने से इलाज की राह में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल रही है। आयुष्मान कार्ड मिलने पर  विजय कुमार पंडो ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा से उनके परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल मिला है और जरूरत के समय इलाज कराने में बड़ी मदद मिलेगी।

संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें त्वरित राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं। प्रदेशभर में जलभराव और बाढ़ में फंसे 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 152 राहत शिविर स्थापित कर 11 हजार 945 से अधिक लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। राज्य में 1 जून से 30 सितम्बर 2026 की अवधि के दौरान, विशेषकर 23 से 29 सितम्बर के बीच हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रदेश के 33 में से 22 से अधिक जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से 1,083 गांवों के 74 हजार 130 से अधिक नागरिक प्रभावित हुए। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिलों में देखा गया। सुकमा जिले के 25 गांवों के 40 हजार 714 तथा बस्तर जिले के 145 गांवों के 20 हजार 212 लोग प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त रायपुर, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम, दुर्ग, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित अन्य जिलों के अनेक गांव भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए। 49 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू आपदा की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए। आपदा प्रबंधन की टीमों ने दिन-रात अभियान चलाते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रदेशभर में अब तक 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें अकेले सुकमा जिले में 40 हजार से अधिक तथा रायपुर जिले में 5,600 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में 152 राहत शिविर स्थापित किए गए। इन शिविरों में 11 हजार 945 से अधिक प्रभावित लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर बारिश और बाढ़ से हुई जनहानि, पशुहानि, मकानों तथा फसलों की क्षति के मामलों में राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है। बारिश और बाढ़ से संबंधित हादसों में प्रदेशभर में अब तक 15 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। इसके साथ ही 1,220 से अधिक पशुधन की हानि हुई है। प्राकृतिक आपदा से 2,103 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 7,947 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। किसानों की 6,154 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार ने क्षति के आकलन के साथ ही पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि पहुंचाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। जनहानि से लेकर मकान और फसल क्षति तक सहायता का त्वरित वितरण जनहानि के प्रकरणों में अब तक ₹16 लाख की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि ₹24 लाख से अधिक का भुगतान प्रक्रियाधीन है। पशुहानि के मामलों में प्रभावित पशुपालकों को ₹26.17 लाख से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है तथा ₹2.18 लाख की राशि का भुगतान शेष है। पूर्ण एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹1.61 करोड़ से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त ₹20.26 लाख की सहायता राशि शीघ्र ही संबंधित हितग्राहियों के खातों में भेजी जाएगी। इसी प्रकार फसल क्षति के लिए ₹12.82 लाख की क्षतिपूर्ति राशि जारी की जा चुकी है, जबकि ₹4.96 लाख से अधिक की राशि का वितरण शेष है। इस प्रकार जनहानि, पशुहानि, मकान एवं फसल क्षति से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सहायता और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। शेष नुकसान का शीघ्र आकलन कर राहत राशि देने के निर्देश राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग और गरियाबंद सहित प्रभावित जिलों में राजस्व एवं पटवारी टीमों को शेष नुकसान का अंतिम आकलन जल्द से जल्द पूरा करने और पात्र हितग्राहियों को राहत राशि का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के साथ नुकसान के आकलन और आर्थिक सहायता वितरण की कार्रवाई समानांतर रूप से की जा रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत देने और नुकसान से प्रभावित लोगों तक नियमानुसार आर्थिक सहायता शीघ्र पहुंचाने की है।

पंखों को मिली रफ्तार: सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों की शिक्षा की राह हुई आसान

रायपुर गांव की पगडंडियों और लंबी सड़कों से होकर स्कूल पहुंचने वाली बेटियों के लिए एक साइकिल केवल दो पहियों का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा तक पहुंचने की राह आसान करने वाली साथी बन सकती है। घर से विद्यालय की दूरी, आने-जाने में लगने वाला समय, बदलता मौसम और परिवहन साधनों की कमी जैसी चुनौतियों के बीच सरस्वती साइकिल योजना दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने में मदद कर रही है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित शासकीय हाई स्कूल सेदम की छात्राएं रजनी एक्का, गायत्री यादव, सोनिया, रजनी साहू और नीतू यादव भी इस बदलाव को अपने जीवन में महसूस कर रही हैं। कभी स्कूल पहुंचने के लिए पैदल लंबी दूरी तय करने वाली इन छात्राओं के लिए साइकिल मिलने के बाद आवागमन आसान हुआ है। समय की बचत हो रही है और किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भरता भी कम हुई है। साइकिल नहीं, शिक्षा तक पहुंच आसान करने का माध्यम छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से कक्षा 9वीं में अध्ययनरत पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा देने के साथ बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। योजना का महत्व विशेष रूप से उन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अधिक दिखाई देता है, जहां घर और विद्यालय के बीच दूरी अधिक है तथा सार्वजनिक परिवहन के साधन सीमित हैं। ऐसी परिस्थितियों में प्रतिदिन पैदल स्कूल आना-जाना छात्राओं के लिए समय और श्रम दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होता है। साइकिल मिलने से यही दूरी कम समय में तय की जा सकती है। पहले पैदल पहुंचती थीं स्कूल, अब बच रहा समय शासकीय हाई स्कूल सेदम की छात्राएं बताती हैं कि साइकिल मिलने से पहले उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए पैदल चलना पड़ता था। इससे काफी समय लगता था और थकान भी होती थी। गर्मी, बारिश और ठंड के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती थी। अब साइकिल से वे कम समय में विद्यालय पहुंच रही हैं। समय पर स्कूल पहुंचने के साथ घर लौटने में भी कम समय लग रहा है। छात्राओं का कहना है कि आने-जाने में बचने वाला समय अब पढ़ाई और घर के अन्य जरूरी कार्यों में उपयोग हो रहा है। रजनी एक्का, गायत्री यादव, सोनिया, रजनी साहू और नीतू यादव का अनुभव बताता है कि आवागमन की एक सुविधा छात्राओं की रोजमर्रा की पढ़ाई को कितना आसान बना सकती है। अब उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत भी कम हुई है। “अब समय पर स्कूल पहुंचते हैं, पढ़ाई के लिए भी मिलता है ज्यादा समय” छात्राओं ने बताया कि साइकिल मिलने के बाद विद्यालय तक आने-जाने में काफी सुविधा हुई है। पहले पैदल चलने में अधिक समय और श्रम लगता था। अब कम समय में स्कूल पहुंचने से नियमित पढ़ाई में मदद मिल रही है। उनका कहना है कि साइकिल से आने-जाने में समय की बचत होने के कारण पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिलता है। घर के जरूरी काम और पढ़ाई के बीच बेहतर तालमेल बनाने में भी आसानी हुई है। इस सुविधा से विद्यालय जाने का उत्साह भी बढ़ा है और वे आगे मन लगाकर पढ़ाई करते हुए उच्च शिक्षा हासिल करना चाहती हैं। बेटियों के आत्मविश्वास को भी मिली नई ताकत सरस्वती साइकिल योजना का प्रभाव केवल स्कूल तक की दूरी कम करने तक सीमित नहीं है। स्वयं साइकिल चलाकर विद्यालय जाना छात्राओं को अपने दैनिक आवागमन में अधिक आत्मनिर्भर भी बना रहा है। पहले जहां कई छात्राओं को पैदल चलना पड़ता था या किसी परिजन पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे स्वयं स्कूल पहुंच रही हैं। छात्राओं के लिए यह अनुभव आत्मविश्वास बढ़ाने वाला भी है। अपनी राह स्वयं तय कर स्कूल तक पहुंचना उन्हें आगे बढ़ने और अपने शैक्षणिक लक्ष्यों के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है। बालिका शिक्षा को मिल रहा मजबूत आधार किसी भी समाज की प्रगति में बालिका शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय तक पहुंच जितनी आसान होगी, छात्राओं के लिए नियमित रूप से शिक्षा से जुड़े रहना उतना ही सुविधाजनक होगा। दूरस्थ क्षेत्रों में साइकिल जैसी व्यक्तिगत आवागमन सुविधा इसी आवश्यकता को पूरा करने में मदद करती है। स्कूल की दूरी और परिवहन की परेशानी कम होने से छात्राओं को अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलता है। माध्यमिक शिक्षा से लगातार जुड़ी रहने वाली छात्राएं आगे उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों की ओर कदम बढ़ा सकती हैं। एक शिक्षित बेटी, परिवार और समाज की ताकत एक बेटी की शिक्षा का प्रभाव केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य तक सीमित नहीं रहता। शिक्षित बालिका आगे चलकर परिवार में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और आर्थिक निर्णयों के प्रति अधिक जागरूक भूमिका निभा सकती है। इस तरह बेटियों की शिक्षा में किया गया सहयोग आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव भी तैयार करता है। शिक्षा बालिकाओं को अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पढ़ाई से लगातार जुड़ाव उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देता है। शिक्षा से मजबूत होती है बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता बालिकाओं का लगातार विद्यालय और शिक्षा से जुड़े रहना उनके सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षा उन्हें अपने अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और जीवन में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देती है। इससे कम उम्र में विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। जब बेटियां अपनी पढ़ाई जारी रखती हैं और उच्च शिक्षा तथा भविष्य के लक्ष्य तय करती हैं, तब शिक्षा उनके जीवन में प्राथमिकता के रूप में मजबूत होती है। इसलिए विद्यालय तक उनकी सुगम पहुंच केवल आवागमन का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भर भविष्य से भी जुड़ी है। साइकिल के पहियों पर आगे बढ़ रहे बेटियों के सपने शासकीय हाई स्कूल सेदम की छात्राओं के लिए सरस्वती साइकिल योजना से मिली साइकिल स्कूल आने-जाने का साधन होने के साथ समय की बचत, आत्मविश्वास और आगे पढ़ने की आकांक्षा से भी जुड़ गई है। छात्राओं का कहना है कि स्कूल तक पहुंच आसान होने से पढ़ाई … Read more

बलौदाबाजार-भाटापारा में 1.74 करोड़ रुपए से निर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण

रायपुर  परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन सेवाओं को डिजिटल बनाने से लोगों को घर बैठे काम कराने की सुविधा मिलेगी।  कश्यप आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत परसाभदेर में 1 करोड़ 74 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री  कश्यप ने सोनबरसा जंगल सफारी के लिए चार नई जिप्सी तथा सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मंत्री  कश्यप ने कहा कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पांच पैक्स में परिवहन सुविधा केंद्रों के संचालन हो रहा है और इनके माध्यम से 572 लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पैक्स अब धान खरीदी के साथ अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराएंगे।  कश्यप ने सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए अभिभावकों से बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के प्रति अभिभावकों को सजग रहना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।  राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि जिले में परिवहन सुविधाओं को विस्तार देते हुए सर्वसुविधायुक्त कार्यालय भवन का निर्माण पूरा हुआ है। परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटल सुविधाओं से वाहन स्वामियों को राहत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों से गांवों तक विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम में वाहन चालकों को लाइसेंस, सुरक्षित यातायात के लिए हेलमेट तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के दस बुजुर्गों को निःशुल्क बस पास वितरित किए गए।  कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत परिवहन मंत्री  कश्यप व राजस्व मंत्री  वर्मा द्वारा कार्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायक  शिवरतन शर्मा और  प्रमोद कुमार शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम हेल्पलाइन 1076 से हो रहा समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध समाधान

रायपुर नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण और समाधान के प्रति उनकी संतुष्टि सुशासन की महत्वपूर्ण कसौटी है। इसी दिशा में सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिकों की समस्याओं को सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनके त्वरित समाधान की प्रभावी व्यवस्था के रूप में कार्य कर रही है। शिकायत दर्ज होने से लेकर संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई तथा निराकरण के बाद नागरिक से प्राप्त फीडबैक तक पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के वार्ड क्रमांक 12, नई बस्ती, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की शिकायत का भी समाधान किया गया। शिकायतकर्ता  मोहम्मद रियाज ने 10 सितम्बर 2026 को सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण क्षेत्र में रात के समय अंधेरा रहता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शिकायत प्राप्त होते ही इसे संबंधित निगम प्रशासन तक पहुंचाया गया। निगम की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत की और उसे पुनः चालू कराया। समस्या का समाधान होने के बाद शिकायतकर्ता  रियाज से फीडबैक लिया गया। उनके द्वारा निराकरण पर संतुष्टि व्यक्त किए जाने के बाद ही शिकायत को बंद किया गया। नागरिक की संतुष्टि के बाद ही शिकायत होती है बंद सीएम हेल्पलाइन 1076 में नागरिकों की शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा गया है। शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने, आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने और निराकरण के बाद शिकायतकर्ता की संतुष्टि की पुष्टि करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे समस्याओं के समाधान के साथ प्रशासनिक जवाबदेही भी मजबूत हो रही है। शिकायत से समाधान और समाधान से संतुष्टि तक सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिकों और शासन-प्रशासन के बीच संवाद, विश्वास और जवाबदेही की प्रभावी कड़ी के रूप में कार्य कर रही है।  

जिले में अत्याधुनिक वाहन टेस्टिंग की सुविधा जल्द प्रारंभ होगी – मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर  छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने सोमवार को बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत परसाभदेर में नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को नया आयाम देने के उद्देश्य से सोनबरसा जंगल सफारी के लिए 4 नई जिप्सियों और परिसर के सौंदर्यीकरण तथा अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए 1.5 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई। लोकार्पण के पश्चात मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सर्वसुविधायुक्त नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन  के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया। मंत्रीद्वय ने भवन की उच्च गुणवत्तापूर्ण निर्माण शैली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए अधिकारियों को आम जनता की सहूलियत और नागरिक केंद्रित सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। समारोह को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार जन-आकांक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए परिवहन सेवाओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है। आने वाले समय में परिवहन विभाग से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर आधारित होंगे, जिससे नागरिकों को अपने आवश्यक कार्य घर बैठे ही पूर्ण करने की अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। जिले में पंजीकृत 2 लाख 14 हजार से अधिक वाहनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल दिया। विशेषकर स्कूली बच्चों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करें ताकि संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित 'राहवीर योजना' का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक के मुफ्त एवं कैशलेस इलाज की व्यवस्था दी जा रही है। उन्होंने जिले के 5 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) में परिवहन सुविधा केंद्रों के सफल संचालन और 572 लर्निंग लाइसेंस जारी होने पर खुशी जाहिर की। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जिलेवासियों को बधाई देते हुए बताया कि महज पौने दो वर्षों के रिकॉर्ड समय में इस सर्वसुविधायुक्त आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही जिले में अत्याधुनिक वाहन टेस्टिंग की सुविधा भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय निवासियों को जांच के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आज गांव से लेकर शहर तक समाज के हर वर्ग को मिल रहा है। ​समारोह के दौरान सामाजिक सरोकारों और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 80 वर्ष से अधिक आयु के 10 वरिष्ठ बुजुर्गों को निःशुल्क बस पास प्रदान किए गए, जबकि 5 वाहन स्वामियों को लाइसेंस और 5 चालकों को सुरक्षा हेतु हेलमेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत 'एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम के तहत मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय परिसर में पौधरोपण कर हरित पर्यावरण का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा व प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, अपर आयुक्त परिवहन, मुख्य वन संरक्षक (रायपुर वृत्त) मणीवासन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक और डीएफ सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

कांग्रेस की दिल्ली बैठक में SIR के विरोध पर पुरंदर मिश्रा का निशाना, बोले- बार-बार आपत्ति क्यों?

रायपुर. दिल्ली में आज कांग्रेस की होने वाली बैठक पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र काफी सालों से वैसा ही है. ये समय-समय पर अपना रंग गिरगिट की तरह बदलते रहते हैं. जब SIR होना था, तब विरोध हुआ. जब विरोध हो चुका है तो फिर क्यों विरोध? हकीकत यह है कि भारत 1947 में आजाद हो चुका है, लेकिन इनके ऊपर से गुलामी का साया अभी तक नहीं हटा है. भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में युवा कांग्रेस चुनाव में आपसी खींचतान को लेकर कहा कि तत्कालीन सरकार में शराब घोटाले का पैसा बराबर नहीं बंटा था, उसी का परिणाम है कि आपसी खींचतान जारी है. वहीं कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के छत्तीसगढ़ दौरा पर कहा कि एक बार आए थे, मैं उनका स्वागत कर चुका हूं. बार-बार छत्तीसगढ़ आयें. इससे हमारी रणनीति मजबूत होगी. वहीं, कोल लेवी मामले में पेशी को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, भ्रष्टाचार के मामले में जिन लोगों के खिलाफ प्रकरण है, उनके खिलाफ चालान पेश किया जा रहा है. अब जांच और कार्रवाई के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. जब चालान पेश होगा, तब पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.

जगदलपुर के जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, हितग्राहियों को मिले योजनाओं के लाभ

रायपुर  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल नक्सलवाद के लंबे और काले दौर से निकलकर अब शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शासन की योजनाएं और सेवाएं पहुंच रही हैं। विकास के साथ लोगों के जीवन में सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है।  उप मुख्यमंत्री  शर्मा आज जगदलपुर के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा एक ही स्थान पर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करने के साथ पात्र हितग्राहियों को वित्तीय सहायता, अधिकार अभिलेख, प्रमाण पत्र और विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। हिंसा के जख्मों पर सेवा और संवेदना का मरहम        शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मां दंतेश्वरी की कृपा और शासन-प्रशासन के साझा प्रयासों से बस्तर में माओवादी हिंसा समाप्ति की ओर है। क्षेत्र में अब भय के स्थान पर विश्वास और हिंसा के स्थान पर विकास एवं सेवा का नया सवेरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने नक्सली हिंसा और आईईडी विस्फोटों से प्रभावित आम नागरिकों एवं सुरक्षा जवानों के पुनर्वास का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन दिवसीय विशेष शिविर के माध्यम से पीड़ितों और दिव्यांगजनों को उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण शत-प्रतिशत निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने इस पहल से जुड़े एक भावुक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि कृत्रिम हाथ लगने के बाद एक हितग्राही ने उसी हाथ से पानी की बोतल उठाकर पानी पिया। वर्षों बाद अपने हाथ से सामान्य काम कर पाने की यह खुशी बताती है कि ऐसी पहल किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है। एक ही छत के नीचे मिला योजनाओं का लाभ  जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में विभिन्न विभागों ने मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्रदान किया। राजस्व विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन के अंतर्गत पांच बाढ़ प्रभावितों को कुल 6 लाख 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही 35 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। श्रम विभाग द्वारा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत एक हितग्राही को 20 हजार रुपए तथा मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत एक पात्र हितग्राही को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। कृषि विभाग ने पांच किसानों को फसल बीमा प्रमाण पत्र और मत्स्य पालन विभाग ने तीन मत्स्य पालकों को जाल वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदन कार्ड और पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। शिविर में 12 नागरिकों के आधार विवरण का अद्यतन करने के साथ जन्म एवं मृत्यु पंजीयन से संबंधित आवेदन भी लिए गए। बस्तर में विकास की नई तस्वीर – सांसद  महेश कश्यप     बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों तथा आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक प्रभाव बस्तर में दिखाई दे रहा है। दशकों तक उग्रवाद के कारण बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था, निःशुल्क राशन, पक्के आवास, शौचालय सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। सेवा संकल्प शिविर के माध्यम से एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय मौके पर ही समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, नगर निगम आयुक्त  प्रवीण वर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक उपस्थित थे।