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ACB की त्वरित कार्रवाई, रिश्वत लेते तहसीलकर्मी को पकड़ा

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में आज सूरजपुर तहसील कार्यालय में एसीबी की टीम ने छापेमारी कर बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। ACB की इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि बाबू ने पीड़ित से जमीन नामांतरण के एवज में 25000 रुपये की डिमांड की थी। जानकारी के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ बड़े बाबू जुगेश्वर राजवाड़े को एसीबी की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी कर्मचारी एक किसान से जमीन नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया के एवज में यह राशि मांग रहा था। पीड़ित किसान ने इसकी शिकायत एसीबी कार्यालय में की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने जाल बिछाया और फिर राशि लेते समय आरोपी को तहसील परिसर में ही धर दबोचा। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है और पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। फिलहाल, आरोपी से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान: रईसजादों के हाईवे जाम पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

बिलासपुर न्यायधानी में भाजपा नेता के करीबी और रसूखदार लड़कों ने लग्जरी कारें खड़ी कर एनएच-130 जाम कर दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरू की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि लक्जरी कारों की जब्ती क्यों नहीं बनाई गई। हाईकोर्ट ने राज्य शासन से जवाब मांगा है। रसूखदार युवकों द्वारा लग्जरी गाड़ियां खड़ी कर एनएच जाम करने को लेकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने जनहित याचिका के रूप में केस की सुनवाई शुरू की है। सोमवार को उन्होंने हाईवे जाम करने वाली गाड़ियों की जब्ती नहीं बनाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। साथ ही इस मामले में शपथपत्र के साथ सरकार को जवाब देने कहा है। बता दें कि नई कार खरीदकर लड़कों ने रील्स बनाने के लिए नेशनल हाईवे को जाम कर दिया था, जिसका ड्रोन से वीडियो शूट कर नई कार खरीदने का जश्न भी मनाया। इससे लोग परेशान होते रहे। पुलिस ने रईसजादों पर FIR करने की बजाय सिर्फ जुर्माने की कार्रवाई की है। पुलिस की चालानी कार्रवाई के अनुसार रसूखदारों में वेदांश शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, यशवंत, दुर्गेश ठाकुर, विपिन वर्मा, अभिनव पांडेय शामिल हैं। इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। दो-दो हजार का काटा चालान पर गाड़ी नंबर बताए न लड़कों के नाम एडिशनल एसपी ट्रैफिक राम गोपाल करियारे ने बताया कि रतनपुर रोड में एक के बाद एक 6 कार को खतरनाक ढंग से लहराते हुए कट मारकर गाड़ी चलाते हुए देखा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। एसएसपी रजनेश सिंह ने तुरंत इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। रतनपुर रोड पर तैनात प्रभारी एएसआई केके मरकाम और स्टाफ ने सभी गाड़ियों को रोक कर 2000-2000 की चालानी कार्रवाई की, लेकिन एडिशनल एसपी ने इन 6 लड़कों के न तो नाम बताए और न ही जिन गाड़ियों का चालान काटा गया उनकी गाड़ी नंबर बताए।

सरकारी मदद न मिलने पर आत्मदाह की कोशिश, पेट्रोल छिड़कते ही अफसरों में मची भागदौड़

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित युवक आवास नहीं मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया. कलेक्ट्रेट के सामने सुरक्षा कर्मियों ने युवक को धर दबोचा और उसे नहलाकर तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया. बताया जा रहा है कि ग्राम डोमा निवासी पीड़ित करण सोनकर जिला प्रशासन को 6 से 7 बार आवास के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन युवक के आवास को लेकर अब तक कोई भी विचार प्रशासन ने नहीं किया है. इससे परेशान होकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया, ताकि यह कदम उठाने से उसकी परेशानी को कोई सुन सके और उसकी मदद कर सके. पीड़ित युवक ने बताया कि वह आवास नहीं मिलने के कारण काफी ज्यादा परेशान हो चुका है. गांव की सरपंच गुंजा साहू के व्यवहार से भी वह काफी ज्यादा परेशान है. आवास के लिए दिए हुए आवेदन में पीड़ित युवक का नाम भी काट दिया गया है. इसके चलते वह आत्मदाह करने का मन बनाकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचा था, लेकिन कलेक्ट्रेट के सामने मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने युवक को देख लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते हुए टल गया. वहीं युवक को सुरक्षा कर्मियों ने पड़कर उसे नहलाकर जिला अस्पताल इलाज के लिए ले गया. वहीं अब रुद्री पुलिस युवक को पड़कर पूछताछ कर रही है.

केवल रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, निचले स्तर पर जाकर योजनाओें का क्रियान्वयन देखें : डेका

प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की राज्यपाल ने रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें। राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। श्री डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल, महिलाएं गढ़ रहीं बेहतर कल

रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

बिजली बिल शून्य, आय में वृद्धि : पीएम सूर्य घर योजना बनी आमजनों के लिए वरदान

रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी  राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने  बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।

चिरायु योजना: पहाड़ी कोरवाओं को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल

  इस योजना से देश भर के अच्छे निजी अस्पतालों में कराया जाता है निःशुल्क इलाज रायपुर,  चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान बन गई है। खासकर ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जो दूसरे शहरों में जाकर किसी निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जहां विशेष पिछड़ी जनजाति  के लोग भी निवास करते हैं। यह योजना गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है। दिल की बीमारी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा अंजलि बाई, अंशिका, रितेश या इनके जैसे कई ऐसे बच्चे हैं जो दिल या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। चिरायु योजना ने उन्हें नवजीवन देने का काम किया है।       जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के जंगलों के बीच बसे एक छोटे से ग्राम सोनक्यारी में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार में जन्मी अंजली बाई। जिनका दिल की बीमारी का इलाज चिरायु योजना से किया गया है। छोटे छोटे काम कर घर का गुजारा चलाने वाले पिता नान्हू राम को जब पता चला की अंजली के दिल में छेद है तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था वह क्या करे। प्रारंभिक जांच मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने के बाद चिरायु टीम के द्वारा उनका जांच किया गया। जिसमें पता चला कि अंजली के दिल में छेद है। अंजलि का रायपुर के एक बड़े निजी संस्थान में ले जाकर का उपचार किया गया। जहां सफल ऑपरेशन के बाद अंजली ठीक हो गयी।      इसी तहत जिले में कई गरीब परिवारों के बच्चे हैं जिनका सफल इलाज इस योजना के माध्यम से हुआ है। जिला मुख्यालय के पुरानीटोली निवासी सुदर्शन चौहान के पुत्र रितेश का निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। निजी अस्पताल में इलाज कराना मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए काफी मुश्किल था। फिर वे अपने बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। जहां अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चिरायु योजना की जानकारी दी गई और बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद आज बच्चा स्वस्थ है। इसी तरह विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम बेहराटोली के निवासी कृतिबाई और धनेश्वर यादव की पुत्री  अंशिका की दिल की गंभीर बीमारी का प्रारंभिक इलाज रायपुर के मेडिकल कॉलेज, सत्यसाईं चिकित्सा संस्थान एवं भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने के बाद चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में अंशिका का दिल का ऑपरेशन किया गया। जिसमें कुल 14.50 लाख रुपयों का खर्च आया, जिसका वहन चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा किया गया।       इसी प्रकार चिरायु अंतर्गत अपोलो चिल्ड्रन हॉस्पिटल चेन्नई में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 2 वर्षीय अन्वी बाई, 9 वर्षीय अनंत नाायक, 9 वर्षीय कुमार नायक का सफल ईलाज किया गया। इस योजना से जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी नोवेल भगत, बीटीआई पारा के गर्वित सिंह का भी रायपुर के निजी अस्पताल में जन्मजात होंठ व तालू के विकृति का निःशुल्क सफल इलाज किया गया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

आत्मदाह की दर्दनाक घटना: मां और मासूम की अधजली लाश ने खड़ा किया कई सवाल

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां घर में मां-बेटी की अधजली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. मां ने 8 साल की बेटी के साथ आत्मदाह किया है. यह घटना नंदनी थाना क्षेत्र के बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र की है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है. जानकारी के मुताबिक, मृतिका जागेश्वरी साहू टाउनशिप स्थित अपने बीएसपी रिटायर्ड पिता के घर में रहती थी. पति से उनका विवाद चल रहा था. धमतरी जिला न्यायालय में तलाक का मामला लंबित था. महिला ने घर में आग लगाकर अपनी मासूम बच्ची के साथ स्वयं को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में जागेश्वरी साहू और बेटी दिव्यांशी साहू की मौत हो गई है. नंदनी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही.

करोड़ों के शराब घोटाले में नया मोड़, EOW ने कसा शिकंजा, तीन गिरफ्तार

रायपुर शराब घोटाला मामले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है. EOW ने मनीष मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा कि संजय और मनीष नेक्सजेन पॉवर कंपनी बनाकर FL 10 लाइसेंस लेकर प्रदेश में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे. बता दें कि मनीष और संजय कुमार आपस में सगे भाई हैं. संजय कुमार पेशे से चार्टड अकाउंटेंट हैं. अभिषेक सिंह पूर्व में आबकारी घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है. तीनों आरोपियों को EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है. बता दें कि हाल ही में ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच, राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था. इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था, और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी. 2174 से बढ़कर 3200 करोड़ का हुआ घोटाला EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2174 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. अब तक हुई प्रमुख गिरफ्तारियां इस प्रकरण में अब तक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा, विजय भाटिया सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. FIR के अनुसार 70 आरोपी नामजद हैं. चतुर्थ पूरक चालान की प्रस्तुति हेतु न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए. EOW/ACB की जांच जारी EOW/ACB द्वारा अब भी इस मामले की गहन जांच जारी है, जिसमें विदेशी शराब में लिये गये सिंडीकेट कमीशन, धन शोधन के नेटवर्क और राज्य स्तरीय समन्वय तंत्र की परतें खोली जा रही हैं. पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से यह सुनियोजित घोटाला किया गया. इस घोटाले से प्राप्त रकम को व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ. अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच जारी है.  शराब घोटाला मामले में 22 अफसर निलंबित बीती 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब घोटाला मामले में कुल 22 अधिकारियों को निलंबित किया था. यह कार्रवाई पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के आधार पर की गई है. वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए इस घोटाले में आबकारी विभाग के इन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी, जिन्होंने अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्तियां बनाई थी.

अमरकंटक से भोरमदेव तक: भावना बोहरा की आस्था की 151 किमी लंबी कांवड़ यात्रा शुरू

कवर्धा सावन के दूसरे सोमवार को शिवभक्ति की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने मां नर्मदा के जल के साथ 151 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की शुरुआत की। अमरकंटक से कांवड़ लेकर निकलीं विधायक बोहरा इस कठिन यात्रा के दौरान जंगल, पहाड़, नदी-नाले पार करते हुए डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव और प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगी। बता दें कि आज सुबह अमरकंटक पहुंचकर विधायक भावना बोहरा ने विधि-विधान से मां नर्मदा की पूजा की और छत्तीसगढ़ राज्य की सुख-शांति व समृद्धि की कामना करते हुए संकल्प के साथ यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान ‘बोल बम’ और ‘हर हर नर्मदे’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस यात्रा में उनके साथ सैकड़ों शिवभक्त भी कांवड़ उठाकर निकल चुके हैं। यह जत्था सात दिनों की कठिन यात्रा के बाद अपने गंतव्य तक पहुंचेगा, रास्ते में पहाड़ी इलाके, बीहड़ और घने जंगल होंगे, लेकिन श्रद्धा की ताकत हर बाधा को पार कर रही है। 4 वर्षों से कांवड़ियों के लिए कर रहीं भंडारे का आयोजन विधायक भावना बोहरा पिछले चार वर्षों से अमरकंटक में छत्तीसगढ़ से आने वाले कांवड़ियों के लिए नि:शुल्क भंडारे का आयोजन करती आ रही हैं। इसमें ठहरने, भोजन और जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है। इस निःस्वार्थ सेवा से प्रेरित होकर उन्होंने इस वर्ष स्वयं कांवड़ यात्रा पर निकलने का निर्णय लिया। जनआस्था का महापर्व सावन के इस पावन माह में पूरे कवर्धा जिले से लेकर अमरकंटक तक हर दिशा में “हर हर महादेव” की गूंज सुनाई दे रही है। पंचमुखी बूढ़ा महादेव और भोरमदेव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यह पदयात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा, सामाजिक एकता और प्रकृति से जुड़ाव की सशक्त मिसाल भी बन रही है।