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रायपुर : प्रदेश में अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 740.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 245.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 446.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 443.8 मि.मी., गरियाबंद में 381.1 मि.मी., महासमुंद में 395.9 मि.मी. और धमतरी में 380.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 478.9 मि.मी., मुंगेली में 515.1 मि.मी., रायगढ़ मंे 578.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 606.8 मि.मी., कोरबा में 521.9 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 453.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 439.7 मि.मी., सक्ती में 547.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 373.3 मि.मी., कबीरधाम में 339.1 मि.मी., राजनांदगांव में 371.9 मि.मी., बालोद में 446.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 532.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 318.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 352.4 मि.मी., सूरजपुर में 569.3 मि.मी., जशपुर में 551.7 मि.मी., कोरिया में 532.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 490.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 549.9 मि.मी., कोंडागांव में 327.8 मि.मी., नारायणपुर में 347.6 मि.मी., बीजापुर में 512.1 मि.मी., सुकमा में 319.6 मि.मी., कांकेर में 406.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 433.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

त्योहारी सीजन में मिलावट पर सख्ती: बलौदाबाजार में खाद्य विभाग का विशेष जांच अभियान

बलौदाबाजार आगामी दिनों में रक्षाबंधन सहित कई त्यौहार आने वाले हैं। त्यौहारी सीजन में मिठाईयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों क़ी गुणवत्ता सुनिश्चित करने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जांच अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार क़ो सिमगा एवं भाटापारा के कई  दुकानों में खाद्य पदार्थों की जांच की गई।  खाद्य सुरक्षा  अधिकारी उमेश वर्मा एवं टीम  द्वारा  जिले के विभिन्न स्थानों के होटल का निरीक्षण किया गया। सिमगा स्थित बालाजी जोधपुर स्वीट्स से खोवा कतली एवं कृष्णा डेयरी से पनीर  का नमूना  लिया गया।जांच के दौरान भाटापारा के ट्रांसपोर्ट ऑफिस एवं गैराज का भी निरीक्षण कर रिकॉर्ड खंगाला गया कि कोई अमानक या नियम विरुद्ध खाद्य पदार्थों का परिवहन तो नहीं हो रहा। जांच टीम के द्वारा बिना पक्का बिल व रसीद के खाद्य पदार्थ एवं मिठाइयों का ट्रांसपोर्ट नहीं करने की हिदायत दी गई।

भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी: मंत्री जायसवाल

पुत्र मोह में भूपेश ने पूरी कांग्रेस को झोंका भूपेश के बेटे कांग्रेस के कौन से पद पर है जो कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी भाजपा ने पत्रकार वार्ता में किया कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश जारी किए,कोयला आबंटन और पेड़ों की कटाई के भूपेश बघेल सरकार के कई दस्तावेज भूपेश बघेल झूठ की फैक्ट्री, कोयला आबंटन के लिए कई पत्र लिखे ,परमिशन दिलवाई एमसीबी/चिरमिरी  श्यामबिहारी जायसवाल .ने आज चिरमिरी स्थित श्यामली गेस्ट हॉउस मे  आहूत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शाशन के स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक माननीय श्याम बिहारी जायसवाल. ने कहा कि कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा हमने पहले भी बड़े-बड़े ऐसे उदाहरण देखें हैं जिसमें लोगों ने पुत्र मोह में खुद को भी बर्बाद किया और अपने पूरे साम्राज्य को भी बर्बाद किया भूपेश बघेल इस दिशा में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है और साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो की प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।   कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है। भाजपा ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों एवं दस्तावेज प्रेजेंटेशन के माध्यम से कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था।   उन्होने  कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है।   जायसवाल ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?   जायसवाल ने कहा कि यह तथ्य है कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह जी की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।  और कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई।  और कहा कि महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।  भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि:- – क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे? – क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।   – क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?    श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।

8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान

स्वच्छता में महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल 8000 दीदियों का कमाल: 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर बनाया स्वच्छता का नया कीर्तिमान प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर कदम: 8000 दीदियों ने इकट्ठा किए 1150 किलो कचरे, बना रिकॉर्ड 8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले की लगभग 8000 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं (दीदियों) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक ही दिन में 1150 किलो एकल उपयोगी प्लास्टिक अपशिष्ट का एकत्रीकरण कर स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय सोच को साकार किया है। यह अनूठा अभियान सिर्फ प्लास्टिक संग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव में स्वच्छता की अलख जगाने, जागरूकता बढ़ाने और सतत विकास के उद्देश्य को धरातल पर उतारने का माध्यम भी बना। प्लास्टिक: आधुनिकता का वरदान या प्रकृति का अभिशाप? आज जहां प्लास्टिक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसके असंगठित और अत्यधिक उपयोग से जल, वायु और भूमि प्रदूषण के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता जा रहा है। पशु-पक्षियों और समुद्री जीवों पर इसका घातक प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छाग्रहियों ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया। बच्चों ने भी निभाई अपनी जिम्मेदारी, 844 किलो प्लास्टिक किया एकत्र इस अभियान की शुरुआत में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 844 किलो प्लास्टिक एकत्र कर उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चों ने रैली, पोस्टर मेकिंग और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। ग्राम पंचायतें और जनप्रतिनिधि भी बने स्वच्छता सहभागी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने अभियान को जनांदोलन का रूप देने में सक्रिय सहयोग किया। कई गांवों में स्वच्छता रैली, नारा लेखन, और जनजागरण गतिविधियों का आयोजन कर “प्लास्टिक मुक्त ग्राम” का संकल्प लिया गया। 4R मॉडल से प्लास्टिक प्रबंधन की दिशा में एक ठोस कदम अभियान में 4R सिद्धांत  Reduce  (कम करना),  Reuse (पुनः उपयोग),  Recycle (पुनर्चक्रण), Recover (पुनर्प्राप्त करना) को अपनाया गया। अब तक छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं के माध्यम से कुल 2000 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र किया गया है, जिसे प्लास्टिक प्रबंधन इकाई में भेजा जाएगा। इससे अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे। अब जिले में प्लास्टिक से भी बनेगी सड़कें जिले के नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित प्लास्टिक को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ( PMGSY ) के अंतर्गत सड़क निर्माण में प्रयोग करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका   जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेंड़ माँ के नाम कार्यक्रम आयोजित सूरजपुर वन मंडल में इस साल 7 लाख पौधों का होगा रोपण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आम का पौधा लगाया  रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज सूरजपुर वनमंडल अंतर्गत गायत्री रोपणी नमदगिरी के समीप आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की चरण पादुका योजना का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं को चरण पादुकाएं प्रदान करते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। चरण पादुका योजना के तहत सूरजपुर जिले में 61,413 तंेदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर आम का पौधा रोपित कर जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। सूरजपुर वनमण्डल अंतर्गत इस साल कैम्पा, ग्रीन इंडिया मिशन, ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत 7 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। ’’किसान वृक्ष मित्र योजना’’ के तहत् हितग्राहियों के निजी भूमि पर ढाई लाख क्लोनल नीलगिरी पौधों का रोपण भी किया जायेगा। सूरजपुर जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा योजना के तहत् तैयार किये गये पौधों का निःशुल्क वितरण भी ग्रामीणों को किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरूआत की गई थी, ताकि तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान पैरों में कांटा, कंकड़ न चुभे। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था, जिसे प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फिर से शुरू किया है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने शत-प्रतिशत संग्राहक महिलाओं को इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही।  प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ पौधे लगाना बहुत जरूरी है। प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते  एवं वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सभी को अपने-अपने माता के नाम से एक पेड़ लगाने और उसकी सुरक्षा की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनमत कुमार बछाड, नगरपालिका उपाध्यक्ष शैलेष कुमार अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एस जयवर्धन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों और नागरिकों द्वारा पौधरोपण किया गया।

शासन के योजनाओं क्रियान्वयन की ली जानकारी, बिरहोर परिवारों की मांगों और समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी रायगढ़ प्रवास के दौरान लैलूंगा के कुर्रा गांव में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर परिवारों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने सुकनी बिरहोर के पीएम आवास का गृह प्रवेश कराया और नए मकान की पूरे परिवार को बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परिवार के नन्हें बच्चे दिलीप बिरहोर से ही गृह प्रवेश का फीता कटवाया।            इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कुर्रा में चौपाल लगा कर बिरहोर समुदाय के परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। पीएम जनमन योजना के तहत परिवारों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रायगढ़ में रह रहे बिरहोर परिवारों के लिए पीएम आवास का निर्माण प्राथमिकता से किया गया है। इसी तरह शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं से भी उन्हें जोड़ा जा रहा है। मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने बिरहोर परिवारों से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में चर्चा की। उपस्थित लोगों ने सीसी रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट के साथ ही पानी की उपलब्धता के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की बात रखी।  सामुदायिक भवन निर्माण की मांग भी की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को बिरहोर परिवारों के आवश्यकता अनुरूप सुविधाओं का प्राथमिकता से विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को दुलार किया और सभी को अच्छे से पढ़ाई करने की सलाह दी।           इस मौके पर पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया, नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मनोज सतपथी, रमेश होता, कुर्रा की सरपंच दमयंती राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण

रायपुर : किसानो के हित में निरंतर कार्य कर रही है राज्य सरकार: मंत्री  रामविचार नेताम कृषि मंत्री ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में हुए शामिल मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण 664.43 लाख रूपए की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम आज बलरामपुर जिले के ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान 664 लाख 43 हजार रूपए लागत की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड अन्तर्गत विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायतों में सी.सी. रोड के 28 एवं पुल-पुलिया निर्माण के 03 इस तरह कुल 31 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण  किया। जिसमें 21 कार्यों का भूमि पूजन जिसकी लागत 408.72 लाख रूपए और 10 कार्यों का लोकार्पण जिसकी लागत 255.71 लाख रूपए शामिल है। उन्होंने इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण भी किया।   कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के 8 किसान को सम्मानित किया गया। कृषि विभाग से 20 किसानो को रामतिल, उद्यान विभाग से 67 किसानों को पौध वितरण  मत्स्य विभाग के द्वारा 01 किसान को कोल्ड बॉक्स, वन विभाग अंतर्गत 10 महिलाओं को चरण पादुका का वितरण किया गया। साथ ही स्वेछानुदान राशि के चेक का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं फसल प्रबंधन पुस्तक का विमोचन भी किया।  कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसान हितैषी सरकार है। हमारी सरकार किसानों के हित में कार्य करने व उन्हें लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सभी वर्गों का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रयासरत है। प्रतिवर्ष धान की खरीदी के समर्थन मूल्य में निरंतर वृद्धि की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य मिल रहा है जिससे क्षेत्र में भी किसान बहुतायत में धान की फसल ले रहे है। उन्होंने धान के स्थान पर अन्य फसल जैसे मोटा अनाज, दलहन, तिलहन जैसे फसलों लेने प्रेरित किया जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके। साथ ही उन्होंने डीएपी के वैकल्पिक का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहक को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में राशि का अन्तरण किया जा रहा है। इस डिजिटल क्रांति के माध्यम से देश-प्रदेश में बदलाव आया है। डिजिटल क्रांति के माध्यम से शासन की योजनाएं पारदर्शी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।

फिशरीज सेक्टर में क्रांति: हसदेव डुबान में शुरू होगा छत्तीसगढ़ का पहला एक्वा पार्क

उत्पादन प्रोसेसिंग से लेकर एक्वा टूरिजम से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय रायपुर, छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में विकसित होने वाले इस एक्वा पार्क में दो तरह की सुविधाएं होंगी। एतमा नगर में फीड मिल, फिश प्रोेसेसिंग प्लांट, हेचरी और रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम स्थापित होगा। वहीं सतरेंगा में एक्वा टूरिजम को बढ़ाने के लिए म्यूजियम और अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ उन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट करने तक की सुविधा विकसित होगी। हेचरियों में मछलियों के बीज उत्पादन से लेकर फीड मिल में पूरक पोषक आहार भी यहीं बनेगा। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, हड्डियां हटाकर फिले बनाना और उसे उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सिस्टम से पैक कर विदेशों में निर्यात करने की पूरी व्यवस्था यहां की जाएगी। एतमा नगर के इस प्रोसेसिंग यूनिट से हटकर सतरेंगा में एक्वा म्यूजियम बनेगा। पहले ही सतरेंगा पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रमुख वाटर बॉडी है। एक्वा म्यूजियम बन जाने से विभिन्न प्रकार की मछलियों को पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां रखा जाएगा। इसके साथ ही सतरेंगा में एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। एक्वा पार्क बनने से प्रदेश में मछली व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा – मुख्यमंत्री साय इस एक्वा पार्क की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस एक्वा पार्क से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीकें लोगों तक पहुंचेंगी, बल्कि प्रोसेसिंग-पैकेजिंग यूनिट से छत्तीसगढ़ के मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस एक्वा पार्क में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुन्दर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने एक्वा पार्क की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया है। अभी लगभग 800 केज में हो रहा मछली उत्पादन, 160 से अधिक मछुआरें उठा रहे लाभ हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 800 केज लगे हैं। जहां मछली पालन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लगभग 9  मछुआ समितियों के 160 सदस्य मछली पालन कर रहे हैं। उन्हें पांच-पांच केज आबंटित किए गए हैं। केज कल्चर से इन सदस्यों को औसतन 90 हजार रूपए सालाना शुद्ध आमदनी मिल रही है। मछुआ समिति के सदस्य दीपक राम मांझीवार, अमर सिंह मांझीवार और श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि केज कल्चर से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि मछलियों का उत्पादन बढ़ जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 1600 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। केज कल्चर से मछली पालन में 70 से 80 लोग सीधे तौर पर रोजगार पा रहे हैं, वहीं 20 से 25 पैगारों-चिल्हर विक्रेताओं को बेचने के लिए हर दिन मछली मिल रही हैं। यहां मछली पालन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को उन्नत तकनीकों से प्रशिक्षित किया है। हसदेव बांगो डुबान केज कल्चर में मुख्यतः तिलपिया और पंगास मछली का उत्पादन किया जा रहा है। तिलपिया प्रजाति की मछली की अमेरिका में विशेष मांग है और इसका सीमित मात्रा में अभी निर्यात किया जा रहा है। एक्वा पार्क स्थापित कर इस मछली का उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका सहित दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसका निर्यात बढ़ाने की योजना है। इस मछली का निर्यात बढ़ने से बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुडे़ंगे और उनकी आमदनी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। एतमा नगर के साथ ही सतरेंगा में एक्वा पार्क के विस्तार तथा डिमोस्ट्रेशन यूनिट स्थापित हो जाने से पर्यटन बढ़ेगा। देश-प्रदेश से लोग यहां मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मछलियों के कई प्रकार के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेंगे, इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।