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रायपुर में 28 अगस्त से शुरू हो रही 24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य निशानेबाजी संघ के तत्वावधान में  24वीं राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ 28 अगस्त से होगा माना स्थित चौथी बटालियन के शूटिंग रेंज में किया जाएगा। यह प्रतियोगिता लगातार पिछले 23 वर्षों से सफलतापूर्वक जिंदल समूह के सौजन्य से आयोजित की जा रही है।   इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से महिला एवं पुरुष निशानेबाज, जूनियर और सीनियर वर्ग में भाग लेंगे। प्रतियोगिता में निम्नलिखित वर्गों के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे  10 मीटर राइफल एवं पिस्टल शूटिंग  25 मीटर पिस्टल शूटिंग 50 मीटर राइफल एवं पिस्टलशूटिंग   विभिन्न प्रतियोगिता के हर मैच व हर वर्ग में भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंक अर्जित करने पर  निशानेबाजों को ईस्ट ज़ोन,ऑल इंडिया जी.वी मावलंकर जो कि प्री-नेशनल है इस प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।  पंजीकरण की प्रक्रिया  प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी अपना पंजीकरण राष्ट्रीय रायफल संघ (NRAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 28 अगस्त 2025 तक कर सकते हैं।सभी छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।निवास प्रमाणपत्र के लिए  वोटर आईडी कार्ड ,पासपोर्ट , पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट की आवश्यकता होगी । यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के युवा निशानेबाजों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में एक अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने विदेश से फ़ोन कर बस्तर की बाढ़ का लिया अपडेट

राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी बरतने के निर्देश रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व सचिव श्रीमती कंगाले ने मुख्यमंत्री को बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य संचालित कर रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम  मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर और नाव की सहायता से ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। बीते 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पहुँचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यकता अनुरूप प्रभावितों को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री

रायपुर : विष्णु के सुशासन में ग्रामीणों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री  रायपुर जिला प्रशासन द्वारा सुशासन को लेकर की जा रही अभिनव पहल रायपुर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है।  ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा ग्राम पंचायत संकरी के युवा उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई, जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था।  67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।  गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है। प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया। प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है।  नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

दुर्गवासियों के लिए खुशखबरी: महाराजा चैक से बोरसी तक बनेगा फोरलेन रोड

फोरलेन प्रोजेक्ट की सौगात, दुर्ग को मिली नई सुविधा – मंत्री गजेन्द्र यादव निर्माण हेतु 23.96 करोड़ की स्वीकृति रायपुर दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में एक और फोरलेन सड़क बनाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्गवासियों को सौगात दी है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रयास से 2024-25 के बजट में स्वीकृत कार्य को प्रारंभ करने शासन ने 23.96 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली है। महाराजा चैक से बोरसी तक 1.80 किलोमीटर सड़क चैड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट आदि को भी दुरूस्त किया जाएगा। इस सड़क के चैड़ीकरण होने से यहां से गुजरने वाले हजारों वाहनों का यातायात सुगम होगा। वहीं शहर के भीतरी क्षेत्र में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में उपयोगी होगा। उतई और पाटन क्षेत्र के रहवासियों को भी इस सड़क चैड़ीकरण से राहत मिलेगी। गौरतलब है कि क्षेत्र के नागरिक इस सड़क के चैड़ीकरण की मांग बरसों से कर रहे थे, उनकी लंबित मांग को प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने गंभीरता से लिया और इंजीनियरों की टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कराया और 23.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के सतत विकास और नागरिकों की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। महाराजा चैक से बोरसी मार्ग का फोरलेन कार्य पूरा होने के बाद यहां ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का समय बचेगा। इससे न केवल दुर्ग शहर के नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुगम यातायात का लाभ प्राप्त होगा।

अम्बिकापुर में बढ़ा APK फ्रॉड का खतरा, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

अम्बिकापुर : ट्रेंडिंग APK फ्रॉड से रहें सतर्क, सरगुजा पुलिस की चेतावनी अम्बिकापुर में बढ़ा APK फ्रॉड का खतरा, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी ऑनलाइन धोखाधड़ी पर कसा शिकंजा, सरगुजा पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह अम्बिकापुर डिजिटल दुनिया ने जहाँ हमारे काम को आसान बना दिया है, वहीं साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को ठगा जा रहा है और उनकी निजी एवं बैंकिंग जानकारी चोरी की जा रही है।सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। हाल के दिनों में साइबर अपराधी लोकप्रिय मोबाइल एप्लिकेशन के नकली “APK“ फाइल्स के जरिए लोगों के मोबाइल फोन में वायरस और मालवेयर इंस्टॉल कर बैंकिंग डिटेल्स,UPI पिन और व्यक्तिगत जानकारी चुरा रहे हैं। इससे कई लोगों के बैंक खातों को खाली किया जा रहा है। पुलिस द्वारा चिन्हित 7 प्रमुख फ्रॉड ऐप 1.Gas Connection APK Fraud – नकली गैस कनेक्शन ऐप के जरिए पैसे की ठगी। 2.Online Car Rental APK Fraud – कार बुकिंग के नाम पर एडवांस पेमेंट लेकर ठगी। 3. E-SIM Activation APK Fraud – नकली ऐप से ई-सिम एक्टिवेशन के जरिए मोबाइल डेटा एक्सेस। 4.Hospital Appointment APK Fraud – अस्पताल अपॉइंटमेंट के नाम पर डेटा चोरी और पेमेंट फ्रॉड। 5. Banking APK Fraud – बैंकिंग सर्विसेज के नाम पर बने APK से UPI/नेट बैंकिंग की जानकारी चोरी। 6.Wedding Invitation APK Fraud – शादी का निमंत्रण बताकर भेजे गए APK से मोबाइल हैक। 7.Traffic Challan/Vahan Parivahan APK Fraud – फर्जी चालान ऐप्स से भुगतान के नाम पर ठगी। पुलिस के बचाव उपाय किसी भी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या ईमेल से ऐप डाउनलोड न करें। केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL को ध्यान से जांचें। बैंकिंग, गैस, कार रेंटल, अस्पताल या सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्य के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें। मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा सक्रिय रखें। ठगी होने पर कहां शिकायत करें?“ ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या   www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

राज्य सरकार की बड़ी घोषणा: खेलों के बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया आयाम

रायपुर : राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, खेलों के लिए बुनियादी ढांचा होगा सुदृढ़ राज्य सरकार की बड़ी घोषणा: खेलों के बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया आयाम रायपुर से संदेश: खिलाड़ियों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करेगी सरकार धमतरी और कुरूद को मल्टीपर्पज इंडोर स्पोर्ट्स की सौगात रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर खेल सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है। इसी कड़ी में धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार कई महत्त्वपूर्ण पहल कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह पहल न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को ऊँचा करती है बल्कि आने वाली नई पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरित करती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की उपलब्धता, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता और पारंपरिक खेलों के आयोजन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले के धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल के प्रोजेक्ट के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां खिलाड़ियों के लिए विभिन्न इनडोर खेलों की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज, लूडो एवं साँप-सीढ़ी, डार्ट बोर्ड, स्नूकर, तीरंदाजी, योग कक्ष, स्क्वॉश, बास्केटबॉल,  पिकलबॉल प्रमुख हैं। सबसे अहम यह है कि इन खेलों के लिए आवश्यक उपकरण और संरचनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। इतना ही नहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में न केवल खेल सुविधाएं बल्कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों के आराम और तैयारी के लिए प्लेयर रूम, दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए सुव्यवस्थित स्पोर्ट्स हॉल वेटिंग एरिया, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए फर्स्ट एड रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय शामिल हैं। इन प्रावधानों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। धमतरी और कुरूद के आसपास के क्षेत्रों में अनेक युवा खेलों में सक्रिय हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण वे अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुँचा पाते। इन इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्सों के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे। धमतरी और कुरूद के मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। आने वाले समय में धमतरी और कुरूद के खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवंत संग्रहालय जल्द होगा तैयार

राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उदघाटन प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण  संग्रहालय होगा आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक  रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय निर्माण का कार्य लगभग पूर्णतः की ओर है। अंतिम फिनिशिंग एवं रंग रोगन का कार्य चल रहा हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वंत्रंता संग्राम सेनानियों पर बन रहे इस जीवंत संग्रहलय का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रजत जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के  मौके पर किया जाना प्रस्तावित है।   प्रमुख सचिव बोरा ने इसकी तैयारी के लिए निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों की बैठक ली एवम आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के निर्माण कार्य में लगने वाली प्रत्येक सामग्री उच्च गुणवत्तायुक्त एवं सभी मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। साथ ही संग्रहालय के निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई वित्तीय अनियमितता ना हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।  उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चैरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा। उल्लेखनीय है संग्रहालय निर्माण का कार्य आगामी माह के 30 सितंबर तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि संग्रहालय के फर्श पर भी ट्राईबल कलाकारों की आट्र्स को अंकित किए जाने के निर्देश दिए गए। म्यूजियम में अन्य मूर्तियों के साथ-साथ भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में डिजिटाइजेशन का कार्य तय समय पर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने  संग्रहालय में खुलने वाली सोवेनियर शॉप को गढ़ कलेवा अथवा ट्रायफेड या अन्य किसी प्रतिष्ठित संस्था को ट्राईबल उत्पाद के अनिवार्य रूप से विक्रय किए जाने की शर्त के साथ दिए जाने के निर्देश दिए।  बैठक में आयुक्त डॉक्टर सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत, अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, कार्यपालन यंत्री त्रिदीप चकवर्ती सहित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मूसलधार बारिश ने बस्तर में मचाई तबाही, कई गांवों में संपर्क बाधित

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले 12 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे नेशनल हाइवे-30 बंद हो गया है। केशलूर के पास सड़क पर 2-3 फीट पानी बह रहा है, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। सुकमा के झीरम नाले में एक कार बह गई, लेकिन ग्रामीणों ने चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया। बीजापुर में भी एक पिकअप वाहन बाढ़ में फंसा, पर सभी यात्री सुरक्षित हैं। इंद्रावती, शंखनी, और डंकनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है, जिससे कई गांव टापू बन गए हैं। मूसलाधार बारिश: चेरपाल में बाढ़ से 100 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा बीजापुर जिले में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते चेरपाल नदी में आई बाढ़ की वजह से करीब 100 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। बाढ़ के कारण आवागमन बंद है। जानकारी के मुताबिक चेरपाल नदी में रपटा पार करते समय एक ग्रामीण के बह जाने की खबर भी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया है। उफनती नदी और लगातार बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं।   नदी के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एहतियातन नदी के किनारे बसे घरों को खाली करवाया जा रहा है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के आसपास न जाएं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है। वही दूसरी ओर इंद्रावती नदी के मरकापाल घाट में फंसे ग्रामीण कृष्णा जुर्री को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू सकुशल निकाल लिया है। बीजापुर जिले में बारिश की स्थिति बीजापुर जिले के विभिन्न तहसीलों में औसत वार्षिक वर्षा की स्थिति पर नजर डाले तो बीजापुर: 74.5% गंगालूर : 80.2% भैरमगढ़: 68.3% कुटरू : 75.2% भोपालपटनम: 50.5% उसूर: 72.7% वही जिले में हुई औसत वर्षा अब तक वर्षा का 70.6% दर्ज किया गया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर वर्तमान जलस्तर: 5.520 मीटर खतरे का स्तर: 12.50 मीटर मापा गया है। सबसे ज्यादा बारिश बारसूर तहसील में, गीदम-बारसूर मार्ग पर पुल हुआ ध्वस्त     दंतेवाड़ा में सोमवार की रात से हो रही लगातार बारिश से दक्षिण बस्तर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा 2 सेमी बारिश बारसूर तहसील में दर्ज की गई है। इस बारिश की वजह से बारसूर-चित्रकोट मार्ग और गीदम-बारसूर मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया है।     गीदम-बारसूर मार्ग पर राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला का पुल घन्टो बाढ़ में डूबा रहा, जिससे पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुल का एक स्पॉन टूटने की वजह से स्टेट हाइवे पर आवाजाही ठप हो गई है।     इसी जगह पर सुबह दंतेवाड़ा से नारायपुर लौट रहा सीएएफ का जवान भूषण सेठिया बाइक समेत नाले में बह गया।     कुछ दूरी पर जाकर उसने एक पेड़ को पकड़ लिया, लेकिन तेज बहाव की वजह से करीब 3 घन्टे तक वहां फंसा रहा। कलेक्टर कुणाल दुदावत को सूचना मिलने पर उन्होंने तत्काल एसडीआरएफ की टीम को रवाना किया। बारसूर थाना की तरफ से भी पुलिस की टीम पहुंची।     एसडीआरएफ व पुलिस के जवानों ने मिलकर बाढ़ में फंसे जवान भूषण सेठिया को बड़ी मशक्कत से सुरक्षित निकाल लिया।     भूषण की पोस्टिंग सीएएफ 9 वीं बटालियन मुख्यालय कारली में है, जहां से वह मंगलवार की सुबह हरितालिका तीज मनाने नारायणपुर जिला स्थित अपने गांव के लिए बाइक पर रवाना हुआ बारसूर-गीदम के बीच राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला में पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिसे पार करने की कोशिश में आरक्षक बाइक समेत नाला के तेज बहाव में बह गया। जिला प्रशासन, पुलिस व एसडीआरएफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी। 

मुख्यमंत्री साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित

राज्य में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा  होगी स्थापित: कृषि मूल्य शृंखला और रोजगार को मिलेगा नया आयाम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सुगम प्रक्रिया और प्रत्येक स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड की प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा राज्य को उच्च-तकनीकी उत्पादन का नया केंद्र बनाएगी और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ये निवेश परियोजनाएँ आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उद्योग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समृद्धि, युवाओं का भविष्य और निवेशकों का विश्वास है, और इसी संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अम्बिकापुर : गणेश चतुर्थी एवं ईद मिलाद-उन-नबी त्योहार शांतिपूर्ण मनाने एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करने कलेक्टर ने जारी किए दिशा निर्देश

अम्बिकापुर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा ने आगामी त्यौहारों के मद्देनजर शांति एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गणेश चतुर्थी से लेकर गणेश विसर्जन तक होने वाले धार्मिक आयोजन तथा दिनांक 5 सितम्बर 2025 को मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले ईद मिलाद-उन-नबी पर्व के दौरान जिले में भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए यह आदेश लागू किए गए हैं। पंडाल व्यवस्था पर कड़े नियम सड़कों पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध नहीं किए जाएंगे। विशेष रूप से विद्यालयों, अस्पतालों और आपात सेवा मार्गों पर ध्यान रखा जाएगा। आयोजन समितियों को यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। पंडाल में सीसीटीवी कैमरे, वालंटियर्स की व्यवस्था और डस्टबिन रखना आवश्यक होगा। भंडारा के दौरान प्लास्टिक सामग्री का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना एवं पर्यावरण संरक्षण केवल मिट्टी से निर्मित मूर्तियों की स्थापना की अनुमति दी गई है। केमिकल युक्त रंग और प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर रोक लगाई गई है। मुख्य पंडाल के बाहर मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही अनुमति होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी की सीमा में रखना होगा तथा साउंड लिमिटर का उपयोग अनिवार्य है। अश्लील या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीतों पर प्रतिबंध रहेगा। मूर्ति विसर्जन के दिशा-निर्देश विसर्जन केवल निर्धारित तिथि, स्थल और मार्ग के अनुसार किया जाएगा। विसर्जन के दौरान सड़कों पर मंच बनाने की अनुमति नहीं होगी। घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोर, जेसीबी और क्रेन की व्यवस्था निगम द्वारा की जाएगी। शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक आयोजित कर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। पुलिस विभाग को पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को सौहार्द्र और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और प्रशासन को सहयोग दें।