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नीतिगत निर्णयों से सशक्त हुए छत्तीसगढ़ के किसान: सरकार की बड़ी पहल

रायपुर : विशेष लेख : सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन     रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है। कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।     डॉ. ओम डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

TSI का ऐतिहासिक कदम: पहले अंतरिक्ष मिशन के लिए छत्तीसगढ़ के राजशेखर पैरी होंगे शामिल

रायपुर, अमेरिका की प्रतिष्ठित निजी एयरोस्पेस कंपनी टाइटन स्पेस इंडस्ट्रीज (टीएसआई) ने अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पेंड्रा कस्बा निवासी 30 वर्षीय राजशेखर पैरी का चयन किया है। 2029 में लॉन्च होने वाले इस मिशन में राजशेखर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। वे अंतरिक्ष यान प्रणालियों के संचालन, मिशन सिमुलेशन, जीरो-ग्रैविटी उड़ानों की तैयारी, आपातकालीन प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे कार्यों में योगदान देंगे। राजशेखर ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि अब अंतरिक्ष की दौड़ में निजी कंपनियां वैश्विक प्रतिभाओं को अवसर दे रही हैं। यह हमारे जैसे इंजीनियरों और छात्रों के लिए नया युग है। राजशेखर ने स्थानीय स्तर पर शुरुआती पढ़ाई के बाद 11वीं-12वीं की पढ़ाई हैदराबाद से की और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (रक्षा मंत्रालय) में कार्य किया। इसके बाद उच्च शिक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान में विशेषज्ञता के लिए राजशेखर यूके गए। वर्तमान में यूके में रह रहे राजशेखर एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी ऑर्बिटालॉकर में प्रोजेक्ट मैनेजर (इंजीनियरिंग) के रूप में कार्यरत हैं। राजशेखर ने मिशन के लिए कठिन प्रशिक्षण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार किया, जिसमें नकली चंद्र मिशन, एनालॉग स्पेस आवासों में समय बिताना और उच्च स्तरीय शारीरिक व मानसिक मापदंडों को पूरा करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स में इंटर्नशिप और एयरोस्पेस प्रणोदन में विशेषज्ञता हासिल की। मिशन का नेतृत्व नासा के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री विलियम मैकआर्थर जूनियर करेंगे।  

संघर्ष से सफलता तक: बस्तर में ‘बिहान’ योजना से महिलाओं की आर्थिक उड़ान

एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से बढ़ रही आय रायपुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के तहत राज्य में  महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। बस्तर जिले में जगदलपुर, तोकापाल, लोहंडीगुड़ा और दरभा – इन चार विकासखंडों में चिन्हांकित 16 इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर्स के माध्यम से लगभग 4600 परिवारों को एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समूह से जुड़ी महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाना है, जिससे वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर सकें। 'बिहान' परियोजना के तहत, पारंपरिक खेती से हटकर उन्नत किस्म के बीजों और नई तकनीकों का उपयोग करके अधिक मात्रा में उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, पौधों में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह परियोजना के पहले चरण में, स्वसहायता समूह से जुड़ी 1800 से अधिक दीदियों ने अपने घरों के बाड़ी में 5 से 10 डिसमिल भूमि पर लतर वाली सब्जियों जैसे करेला, बरबटी, लौकी, तरोई और गिलकी का उत्पादन शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने मल्चिंग और मचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। ग्राम कलचा के जयंती बघेल बिहान स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और लगभग 15 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इसी तरह ग्राम नेगीगुड़ा की पद्मा बघेल 'रुपशिला स्व सहायता समूह' से जुड़ी हैं और 10 डिसमिल में सब्जी उगा रही हैं। ग्राम बीजापुट की चंपा बघेल 'जीवन ज्योति स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और 25 डिसमिल में, जबकि ग्राम करणपुर की हीरामणि 'दुलार देई स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और 5 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इस पहल से गांवों में सब्जियों का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है, जिससे न केवल स्वयं के परिवार के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने पर होने वाले खर्च में भी कमी आ रही है। इस बचत राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, संपत्ति निर्माण या नए व्यवसाय में कर सकती हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त सब्जी को स्थानीय बाजारों और छोटी मंडियों में बेचकर महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।g  भविष्य में, बस्तर में उत्पादित सब्जियों की मांग के अनुरूप जिले के बाहर भी इनकी आपूर्ति की योजना है। एक सदस्य, कई आजीविका गतिविधियां 'बिहान' परियोजना का लक्ष्य एक सदस्य को तीन से चार आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है। इसमें सब्जी उत्पादन के अलावा मक्का, पशुपालन (मुर्गी, बकरी), वनोपज (इमली प्रसंस्करण), मछली पालन और लघु धान्य उत्पादन जैसी संबद्ध गतिविधियां भी शामिल हैं, जो महिलाओं की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 'बिहान' की यह पहल बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे सही मायने में 'लखपति दीदी' बन सकेंगी।

सड़क हादसा: यात्री बस की चपेट में आया बाइक सवार, मौके पर ही तोड़ा दम

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. यात्री बस की चपेट में आकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. घटना बलांगी पुलिस चौकी अंतर्गत तुंगवा पुलिस चेक पोस्ट के पास हुई है. जानकारी के अनुसार, बाइक सवार अचानक यात्री बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए. सूचना पर बलांगी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. बलांगी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है. फिलहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है. वहीं वाहन को जब्त कर फरार बस चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है. बलंगी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

छेड़छाड़ का मामला: हाईकोर्ट का सख्त रुख, शिक्षक की सजा बरकरार

बिलासपुर अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा (13 साल) के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी शिक्षक की सजा के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. आरोपी शिक्षक को 5 साल कैद और 2000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. बता दें कि मुंगेली जिला निवासी अपीलकर्ता अमित सिंह शासकीय हाई स्कूल में व्याख्याता के पद में कार्यरत था. स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा की मां ने 25 अगस्त 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया. जिसमें बताया गया, कि शिक्षक उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ किया है. पुलिस ने रिपोर्ट पर पीड़िता के अनुसूचित जाति/जनजाति का होने के कारण, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया गया. यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. न्यायालय ने दोष सिद्ब होने पर आरोपी को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 के अंतर्गत दोषी करार दिया गया और उसे 5 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में अपील की. जिसमें कहा गया कि आरोपी ने 25 अगस्त को स्कूल में नहीं होने और अकास्मिक अवकाश में होने की बात कही गई. न्यायालय ने उक्त दस्तावेज में सिर्फ स्कूल के प्राचार्य का हस्ताक्षर होने के कारण साक्ष्य के रूप में अस्वीकार किया था. इसके अलावा अपीलकर्ता ने 25 अगस्त के अलावा अन्य दिनों भी छात्रा से छेड़छाड़ किया था. जस्टिस संजय के अग्रवाल ने अपीलकर्ता और शासन के पक्ष को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय की एक प्रति संबंधित जेल अधीक्षक को भेजने कहा है. जहां अपीलकर्ता अपनी जेल की सजा काट रहा है.

ट्रेन का सफर बना जंग का मैदान: सीट विवाद में महिला घायल

बिलासपुर ट्रेन में सीट को लेकर दो महिलाओं में विवाद के बाद एक महिला ने दूसरी का सिर फोड़ दिया. जिसके बाद महिला को गंभीर हालत में बिलासपुर के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक रायगढ़-बिलासपुर लोकल ट्रेन (गाड़ी संख्या 68737) में सीट को लेकर दो महिला यात्रियों के बीच हुई मारपीट की घटना सामने आई है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) बिलासपुर ने रेल मदद शिकायत (संदर्भ संख्या 2025071906865) के आधार पर त्वरित कार्रवाई की. शिकायतकर्ता युवरानी सिंह ठाकुर (42 वर्ष), पति विजय ठाकुर, निवासी चांपा रेलवे स्टेशन, गणेश होटल के पास, ने बताया कि उनकी सहयात्री अनन्या गुरु (30 वर्ष), पिता सुधांशु गुरु, निवासी रायगढ़, के साथ सीट पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया. यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगमन पर GRP और RPF ने शिकायत का संज्ञान लिया. युवरानी सिंह ठाकुर के चेहरे और सिर पर चोट के निशान पाए गए, जिसके बाद GRP ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा. दोनो पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

तीन साल तक मासूम से हैवानियत, 54 साल का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

खैरागढ़ नाबालिग के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़िता को चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर अपने घर ले जाता था और फिर उसके साथ घिनौनी करतूत करता था. 19 जुलाई को पीड़िता की बड़ी बहन ने थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. उसने बताया कि आरोपी, जिसे गांव में सभी ‘साहेब’ के नाम से जानते हैं, उसकी अबोध नाबालिग बहन के साथ बीते करीब 3 वर्षों से यौन शोषण करता आ रहा है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 4 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर करता था घिनौना कृत्य जानकारी के अनुसार, आरोपी पुनित दास उर्फ ‘साहेब’ (54), जो ग्राम करमतरा का निवासी है और खेती किसानी का कार्य करता है. वह रोजाना स्कूल से लौटती बालिका को चॉकलेट, आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री का लालच देकर अपने घर ले जाता था और वहां दुष्कर्म करता था. यह सिलसिला करीब तीन वर्षों से जारी था. प्राथमिकी दर्ज होते ही थाना जालबांधा में अपराध क्रमांक 362/25 के तहत धारा 64, 64(2)(m), 65(2) भा.दं.सं. एवं POCSO Act की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई. जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस (सीजी टीम) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और प्रथम सूचना दर्ज होने के चार घंटे के भीतर आरोपी को उसके गांव से गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, घटना के सामने आने के बाद ग्राम करमतरा में आक्रोश फैल गया है. ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था, लेकिन उसकी धार्मिक छवि के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया. अब जब पूरा मामला सामने आ चुका है, तो गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सभी शालाओं में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं, जिनमें बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में निडर होकर परिजनों से बात कर सकें.

शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में 1.08 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा संपन्न हुआ

रायपुर शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड (क्रमांक 37) में कुल 1.08 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया  गया ।यह कार्यक्रम 20 जुलाई 2025, रविवार को दोपहर 3 बजे वंदना ऑटो के पास स्थित सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मा. विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत जी  ,  अध्यक्षता मीनल चौबे महापौर रायपुर,विशिष्ट अतिथि श्री सूर्यकांत राठौर सभापति, नगर पालिक निगम रायपुर, mic सदस्य मनोज वर्मा एवं वार्ड के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मीनल चौबे माननीय महापौर, नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम में श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, अध्यक्ष नगर निगम जोन 07 ,mic सदस्य मनोज वर्मा तथा श्री आनंद अग्रवाल पार्षद वार्ड 38 भी विशेष रूप से शामिल हुए। यह समस्त विकास कार्य दीपक जायसवाल, अध्यक्ष – लोककर्म विभाग एवं पार्षद, शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 के प्रयासों से संभव हो पाए हैं। उन्होंने वार्ड की बहुप्रतीक्षित आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को  सुनिश्चित कर वार्ड का गौरव बढ़ाया ।