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प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री साय, विकास योजनाओं को मिली रफ्तार

1 नवंबर को ‘अमृत रजत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्यौता नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’  दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है। राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

पुलिस ने मारा छापा, जुए की महफिल से 11 आरोपी गिरफ्तार

भाटापारा भाटापारा के मातादेवालय ग्राम खोखली रोड स्थित एक कॉलोनी में देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस छापेमारी में करीब 11 जुआरियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जुए की फड़ पर करीब दो लाख रुपये से अधिक की रकम दांव पर लगी थी। यह कार्रवाई भाटापारा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के निर्देशन में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि लंबे समय से यह जुआ रैकेट संचालित हो रहा था, जिसकी गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई।

अमित शाह से मिले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा

  छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियानों व उपलब्धियों की दी जानकारी नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

जिले में खरीफ सीजन के लिए उर्वरक की हो रही पर्याप्त आपूर्ति

एमसीबी  जिले में खरीफ सीजन प्रारंभ होते ही कृषकों द्वारा खाद एवं बीज की मांग की जा रही है। जिसकी आपूर्ति हेतु जिले की सहकारी समितियों में खाद बीज का पर्याप्त भण्डारण है। जिले में यूरिया की उपलब्धता 3081.90 मि.टन, डीएपी की उपलब्धता 721.55 मि.टन, एनपीके की उपलब्धता 1459.20 मि.टन, एसएसपी की उपलब्धता 349.35 मि. टन, पोटाश की उपलब्धता 234.95 मि.टन है। जिसके विरुद्ध सहकारी समितियों में अब तक यूरिया का भण्डारण 2094.56 मि.टन, डीएपी का भण्डारण 616.55 मि.टन, एनपीके का भण्डारण 1368.10 मि.टन, एसएसपी 325.35 मि.टन, पोटाश 156.85 मि.टन इस प्रकार समस्त उर्वरकों का भण्डारण 4702.52 मि.टन हुआ है। अब तक जिले के कृषकों द्वारा यूरिया 2013. 56 मि.टन.. डीएपी 491.20 मि.टन, एनपीके 1312.25 मि.टन, एसएसपी 190.35 मि.टन एवं पोटाश 120.7525 मि.टन कुल 4128.11 मि.टन, उर्वरक का उठाव किया गया है। कृषक की मांग को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों में नियमित रूप से उर्वरक का भण्डारण किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए नैनो डीएपी 804 लीटर का भण्डारण किया गया है तथा अब तक 114 लीटर नैनो डीएपी का वितरण कृषको को किया जा चुका है। जिले की प्रमख सहकारी समितियों जैसे चैनपुर, बरबसपुर, केल्हारी, जनकपुर, खड़गवां एवं कोड़ा व विकासखण्ड की अन्य समितियों में उर्वरक की उपलब्धता बनी हुई है। कृषि विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी किसान को खाद की कमी न हो। उर्वरक के उठाव होने के साथ साथ भण्डारण की कार्यवाही भी की जा रही है। आने वाले समय में उर्वरक की कमी नहीं होगी।

डायरिया रोकथाम अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनटोला में चला जागरूकता कार्यक्रम

एमसीबी/भरतपुर जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनटोला में आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत  ÞStop Diarrhoea CampaignÞ के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। टीम ने ग्रामीणों को डायरिया से बचाव के उपाय, हाथ धोने की सही विधि तथा दैनिक जीवन में स्वच्छता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को जल जनित रोगों से बचाने और बीमारियों की रोकथाम हेतु स्वच्छ जल व स्वच्छता के प्रति प्रेरित करना था।

रक्तदान महादान – वी क्लब मनेन्द्रगढ़ का सराहनीय आयोजन

  एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ द एसोसिएशन ऑफ वी क्लब ऑफ इंडिया – वी क्लब समर्पण, मनेन्द्रगढ़ के द्वारा सेंटर हॉस्पिटल में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। क्लब की अध्यक्ष श्रीमती बबीता अग्रवाल के नेतृत्व में यह शिविर संपन्न हुआ। रक्तदान एक जीवन रक्षक कार्य है – इस बात को दोहराते हुए अध्यक्ष बबीता अग्रवाल ने कहा: “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। हमारा थोड़ी देर का दिया गया रक्त, किसी की पूरी ज़िंदगी को बचा सकता है। समाज के हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।” यह रक्तदान शिविर डॉ. लोकेश गुप्ता के कुशल निर्देशन में आयोजित हुआ, और रक्त संग्रहण सेंटर हॉस्पिटल के मदर ब्लड बैंक के सहयोग से किया गया।  10 लोगों ने किया स्वेच्छा से रक्तदान, जिनमें बबीता अग्रवाल,प्रतिभा अग्रवाल ,वर्षा अग्रवाल,सजल अग्रवाल,अंकिश अग्रवाल,पलक गोयल,दीनानाथ चक्रवर्ती ,महावीर सिंह शामिल रहे. इस अवसर पर क्लब की अन्य सदस्याएं पम्मी अरोड़ा, मधु जैन, मीरा गुप्ता, निधि अग्रवाल आदि उपस्थित रहीं और शिविर को सफल बनाने में सहयोग किया।  रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों का सच: * भ्रांति: रक्तदान से कमजोरी आती है। *सच्चाई: एक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान से कोई नुकसान नहीं होता। शरीर 24-48 घंटों में खोया हुआ द्रव वापस बना लेता है। * भ्रांति: महिलाओं को रक्तदान नहीं करना चाहिए।  *सच्चाई: यदि हीमोग्लोबिन सामान्य हो, तो महिलाएं भी पूरी तरह सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकती हैं। * भ्रांति: डायबिटीज या हाई बीपी वाले रक्तदान नहीं कर सकते। * सच्चाई: यदि रोग नियंत्रण में हो और डॉक्टर की अनुमति हो, तो ये लोग भी रक्तदान कर सकते हैं. इस संबंध में श्रीमती प्रतिभा अग्रवाल ने कहा कि "रक्तदान सिर्फ एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। जब आप रक्त देते हैं, तो आप सिर्फ एक यूनिट नहीं, किसी की उम्मीद, मुस्कान और ज़िंदगी देते हैं.

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो

रायपुर : ग्रामीण परिवार सिर्फ योजनाओं के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें-उपमुख्यमंत्री शर्मा महिला समूहों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर बाज़ार तक पहुँचाये-उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा- निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी समूहों से जोड़कर आयमूलक कार्यो से जोड़ने के दिए निर्देश उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की दो दिवसीय समीक्षा बैठक सम्पन्न रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण तस्वीर को संवारने और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दो दिनों तक पंचायत विभाग के कार्यो की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमति निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संयुक्त सचिव धर्मेश कुमार साहू, आयुक्त महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया के अलावा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।          उपमुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत में कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ गांव के मेहनतकश लोग और महिलाएं हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण परिवार सिर्फ योजनाओं के आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें। उन्होंने विशेष तौर पर महिलाओं और वंचित वर्गों को स्व-सहायता समूहों के माध्यम आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इन समूहों को खेती, जैविक उत्पादन, मशरूम उत्पादन, वनोपजों के संग्रहण व प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिला समूहों के उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी समूहों से जोड़कर आयमूलक कार्यो से जोड़ने के निर्देश दिए। आईआईटी भिलाई और तकनीकी संस्थानों से सहयोग लेकर वनोपजों जैसे महुआ, साल बीज, चिरौंजी, आंवला, लाह, हर्रा-बहेड़ा इत्यादि के प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक इकाइयां जिले स्तर पर स्थापित की जाएंगी। इससे न केवल रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं को भी गांव में ही स्वरोजगार के साधन मिलेंगे।          उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की भी समीक्षा की।  उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण हो, इसके लिए ठेकेदारों की जवाबदेही तय हो और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो। गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ निर्माण कार्य समय पर पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो।             बैठक में भू-जल संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे मोरे गांव मोरे पानी महाभियान की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अब तक निर्मित 37,090 जल संरचनाओं की सराहना की। इनमें तालाब गहराईकरण, डबरी, चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट और परकोलेशन टैंक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी और सामुदायिक श्रमदान से 3.32 लाख से अधिक कार्य पूरे किए गए हैं, जो गांवों की जल आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई से अक्टूबर तक जल संरक्षण अभियान तेज किया जाए और इसके साथ ही वृक्षारोपण, जल स्रोतों की सफाई और अमृत सरोवरों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।         उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत आवासों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति और लंबित मामलों के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण जनता को गरिमामय जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इसे सुचारु रूप से क्रियान्वित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जिन जिलों में अपेक्षित गति नहीं है उसका मोनिटरिंग राज्य स्तर से करें ताकि योजना के लाभार्थियों को शीघ्र आवास की सुविधा मिल सके। पीएम जन मन योजना के तहत 33,000 से अधिक आवासों को मंजूरी मिली है, जिनमें से 10,500 बन चुके हैं।

मंत्री राजवाड़े ने कारली में सुरक्षा बलों संग मनाया राखी पर्व, दी शुभकामनाएं

 मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कारली पहुंचकर सुरक्षा बल के जवानों को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं रक्षा बंधन पर मंत्री राजवाड़े का अनोखा स्नेह, कारली में जवानों को बांधी राखी मंत्री राजवाड़े ने कारली में सुरक्षा बलों संग मनाया राखी पर्व, दी शुभकामनाएं जवानों की वीरता को नमन किया और कहा आप देश के प्रहरी है रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने  दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान सुरक्षा कैम्प कारली पहुंचकर जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों को राखी बांधी और उन्हें रक्षा पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने जवानों के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी देश के प्रहरी हैं। यह राखी केवल एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि आपके प्रति हमारे विश्वास, कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है। आपकी वीरता और अनुशासन, पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। हम अपने घरों में सुरक्षित हैं, यह आपकी कर्तव्य परायणता की बदौलत है। आपकी इस सेवा को हम हृदय से सम्मान करते हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जवानों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके परिवारजनों की कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी जवानों को मिठाइयाँ बांटी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा भी जवानों को राखियां बांधी गईं और रक्षाबंधन पर्व अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।

आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरुस्त करें, कुपोषण पर हो सटीक कार्यवाही: मंत्री का निर्देश

आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की आंगनबाड़ी व्यवस्था दुरुस्त करें, कुपोषण पर हो सटीक कार्यवाही: मंत्री का निर्देश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों की आंगनबाड़ियों के संचालन, वहां की व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी छह माह के भीतर पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, हितग्राहियों के घर-घर जाकर भेंट करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जन-जागरूकता का कार्यक्रम लगातार संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तैयार जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जा सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आगामी छह माह पश्चात वह पुनः दंतेवाड़ा जिले का आकस्मिक दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीन हकीकत का मुआयना करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक के दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पदुम सिंह एल्मा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े

 मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा जिले में आंगनबाड़ी, सखी सेंटर, बाल सम्प्रेषण गृह और नारी निकेतन केन्द्रों का किया निरीक्षण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा में नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े विभागीय योजनाओं से शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दो दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का मुआयना किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े  नियद नेल्ला नार योजना में शामिल ग्राम गमावाड़ा के आंगनबाड़ी केंद्र मुंद्रापारा का औचक निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं का जायजा लिया।  इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाईजर को मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना सहित सभी शासन की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों से आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला मुख्यालय स्थित सखी सेंटर का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने सेंटर में टोल फ्री नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सखी सेंटर की स्टाफ से बातचीत कर फील्ड में आने वाली समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।  इस दौरान श्रीमती राजवाड़े ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित बाल गृह और बाल सम्प्रेषण गृह का भी निरीक्षण कर बच्चों से बातचीत कर स्वास्थ्य, पोषण और समग्र देखरेख की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित स्टाफ को संस्थाओं के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। नारी निकेतन गृह के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने वहाँ निवासरत अंतःवासिनियों से एकांत में भेंट कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उनके शीघ्र समाधान हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।   मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दंतेवाड़ा में नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने दंतेवाड़ा के दो दिवसीय प्रवास के दौरान वहां नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र नशा मुक्ति हेतु रहवासी ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इन्ही में से एक ग्रामीणों से जानना चाहा कि नशे से मुक्त होने के पश्चात उसकी दिनचर्या कैसी बदली। इस पर ग्रामीण ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि यहाँ आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले से काफी अच्छा महसूस हो रहा है।  मौके पर मंत्री ने उनके भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली, और उन्हें बताया गया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं। इस पर मंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा, “सुबह उठकर नियमित रूप से योग करें, जिससे तन और मन दोनों स्वस्थ रहें।” इसके साथ ही मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी को नशा से पूर्णतः दूर रहने की समझाइश दी और भविष्य में पुनः नशा न करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से ग्रामीणों रोजगारपरक प्रशिक्षण से लाभान्वित हो सकते है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील किया कि वे वहां प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। रायपुर : आंगनबाड़ियों की व्यवस्था और कुपोषण उन्मूलन पर ध्यान दें अधिकारी: मंत्री श्रीमती राजवाड़े दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज दंतेवाड़ा में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों की आंगनबाड़ियों के संचालन, वहां की व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए।    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी छह माह के भीतर पोषण स्तर में ठोस सुधार लाने हेतु विशेष अभियान संचालित करने, हितग्राहियों के घर-घर जाकर भेंट करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जन-जागरूकता का कार्यक्रम लगातार संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तैयार जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जा सकें। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आगामी छह माह पश्चात वह पुनः दंतेवाड़ा जिले का आकस्मिक दौरा कर विभागीय योजनाओं की जमीन हकीकत का मुआयना करेंगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक के दौरान विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, एसडीएम श्री मूलचंद चोपड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री वरुण नागेश सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।