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अश्विनी शर्मा का ऐलान—2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव भाजपा लड़ेगी अपने दम पर

चंडीगढ़ पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होंगे। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से ही अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस बीच पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पार्टी 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव अपने दम पर अकेले लड़ेगी। अश्विनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ठप हो गई है। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब में सरकार बनाने के बाद जिस तरह आम आदमी पार्टी ने नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में अपने मेयर और अध्यक्ष बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया, अब उसी तरह जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने चंडीगढ़ में राज्य चुनाव समिति की बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार अपने बेतुके बयानों से लोगों का ध्यान भटका रही है। अश्विनी शर्मा ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को 2027 के विधानसभा चुनावों के नतीजों का पहले ही अंदाजा हो गया है, इसीलिए घबराहट में वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद बयान दे रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को कंट्रोल कर पाई है? क्या ड्रग्स माफिया और गैंगस्टर खत्म हो गए हैं? और क्या किसानों, मजदूरों और महिलाओं से किए गए वादे पूरे हुए हैं? शर्मा ने कहा कि आप सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के राज से देश में जो माहौल बना है, उससे पंजाब के लोगों में उम्मीद और भरोसे की भावना पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाबी ड्रग्स का खात्मा, गैंगस्टरों का खात्मा, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और हरियाणा की तरह फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी चाहते हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने पठानकोट से फाजिल्का तक गैर-कानूनी माइनिंग का पर्दाफाश किया था, लेकिन उसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न तो कोई एक्शन लिया और न ही पब्लिक में कोई सफाई दी। उन्होंने आगे कहा, "इससे साफ पता चलता है कि आप सरकार के लिए प्राथमिकता पंजाब नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल को खुश करना है।"

ड्रोन, टीमें और 32 दिन की तलाश बेअसर—लापता मासूम का सुराग नहीं; परिजनों ने मंदिर में दिलाई शपथ

ग्वालियर मुरार के मोहनपुर से 32 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ तीन वर्षीय मासूम रितेश पाल को पुलिस ढूंढ नहीं सकी। 32 दिन से करीब 500 पुलिसकर्मी जंगल से लेकर हाइवे और गांव में परिचित, रिश्तेदारों के घर तक खंगाल चुके हैं। लेकिन असफलता ही हाथ लगी, पुलिस को स्वजनों पर शक है। फिर भी अब तक खाली हाथ है। जब पुलिस बच्चे को ढूंढ नहीं सकी तो समाज के लोग आगे आए। रितेश के ननिहाल और दादा पक्ष के लोगों को महाराजपुरा के गिरगांव स्थित मजिस्ट्रेट महादेव की अदालत में ले जाया गया। पहले पंचायत लगी, फिर 11 लोगों ने शिवलिंग पर हाथ रखकर कसम खाई। कहा, "रितेश को गायब करने में न हम शामिल हैं न कोई षड़यंत्र है।"   महादेव पर छोड़ दिया फैसला अब फैसला महादेव पर छोड़ दिया गया है। 6 दिसंबर शाम 6 बजे तक का समय पंचायत ने दिया है। अगर इस समय किसी भी पक्ष का कोई नुकसान नहीं हुआ तो यह दोषमुक्त होंगे। अब सभी को महादेव के फैसले का इंतजार है। यहां बता दें कि गिरगांव महादेव की अदालत पूरे अंचल में निष्पक्ष फैसले के लिए जानी जाती है। मंदिर के मुख्य द्वार पर ही लिखा है- मजिस्ट्रेट महादेव। अब तक यहां पैसों के लेनदेन और जमीनों के विवाद से जुड़े मामले ही आते थे। पहली बार ऐसा अवसर है- जब किसी अपहरणकांड में मजिस्ट्रेट महादेव की अदालत लगी है। यह है पूरा मामला     एक नवंबर को तीन वर्षीय रितेश पाल पुत्र दलवीर पाल अपने ननिहाल से लापता हो गया था। वह घर के बाहर खेल रहा था। ननिहाल मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहनपुर गांव में है। रितेश अपनी मां सपना के साथ ननिहाल में रहता है। जबकि बड़ा भाई पिता दलवीर के साथ उपनगर ग्वालियर में रहता है। सपना व दलवीर में झगड़ा रहता है। इसके कारण दोनों अलग रहते हैं।     पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया और बालक की तलाश शुरू की। सपना व उसके मायके वाले पति और ससुराल पक्ष पर आरोप लगा रहे थे।जबकि पति दलवीर का कहना था- सपना ने अपने मायके वाले और परिचितों के साथ मिलकर बच्चे को गायब करा दिया है।     खुद एसएसपी धर्मवीर सिंह, तीन एएसपी, चार सीएसपी, तीन टीआइ और करीब 500 पुलिसकर्मी अब तक तलाश में लग चुके हैं। ड्रोन से भी जंगल में सर्चिंग कराई गई, लेकिन बच्चे का सुराग नहीं लगा।     पुलिस ने करीब 50 संदेहियों से पूछताछ कर ली, सुई आखिर में स्वजनों पर ही आकर रुक जाती है। पुलिस इन पर ही संदेह कर रही है, इसके चलते इनसे पूछताछ भी हुई। जब बच्चा नहीं मिला तो समाज के लोग आगे आए और मजिस्ट्रेट महादेव के सामने ले गए। मंदिर में पंचों के सामने हुई चर्चा, फिर खाई कसम सपना, उसका भाई राजू, भाभी ज्योति व दो अन्य लोग और दलवीर के साथ उसका भाई, पिता व अन्य स्वजन पहुंचे। दोनों पक्षों से 11 लोग पंचायत में शामिल हुए। यहां करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। फिर महादेव के सामने ले जाया गया, यहां दोनों पक्षों ने कसम खाकर कहा- वह निर्दोष हैं। हमने गायब किया हो तो तीनों बेटे मर जाएं: दलवीर के पिता रामवीर ने कहा कि अगर उसका या उसके स्वजनों का हाथ रितेश को गायब कराने में हो तो उसके तीनों बेटे मर जाएं। इसी तरह अन्य लोगाें ने भी कसम खाई। सपना ने कहा कि उसका ससुर गलत नियत रखता है, इसलिए वह पति से अलग रहती है। 5 दिन में आ जाएगा फैसला पंचों ने कहा कि 6 दिसंबर शाम 6 बजे तक फैसला आ जाएगा। अगर इस दौरान किसी भी पक्ष के यहां चोरी, किसी की मृत्यु, पशु की मृत्यु या कोई हादसा होता है तो वह पक्ष दोषी माना जाएगा। अपराध स्वीकार करने पर सजा दी जाएगी।    

Fog Alert! हरियाणा रूट की दर्जनों ट्रेनें 3 महीने के लिए रद्द, यात्री ऐसे करें चेक

पानीपत  रेलवे यात्रियों के लिए जरुरी खबर है। कोहरे के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे हर साल कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करता है। उत्तर रेलवे ने पानीपत से अंबाला के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 64541 और अंबाला से पानीपत के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 64532 को 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द कर दिया है। ट्रेन रद्द रहने से हजारों यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। नौकरी करने वाले लोगों को समय से काम पर पहुंचने में दिक्कत होगी। यात्रियों की बस और निजी वाहनों पर निर्भरता बढ़ेगी।  कोहरे के कारण लेट हो रही ट्रेनें फाजिल्का इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटा, अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस 40 मिनट और दिल्ली-पानीपत एमईएमयू एक घंटे 40 मिनट की देरी से आई। लुधियाना स्पेशल फेयर एसी स्पेशल सुपरफास्ट फेस्टिवल सवा दो घंटे, जम्मू तवी एक्सप्रेस आधा घंटा और झेलम एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से पहुंची। वहीं नेताजी एक्सप्रेस सवा एक घंटा, कुरुक्षेत्र-दिल्ली एमईएमयू डेढ़ घंटा और हिमाचल एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से आई। आम्रपाली एक्सप्रेस सवा एक घंटा, हीराकुंड एक्सप्रेस आधा घंटा और दौलतपुर चौक जन शताब्दी एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से आई। शान ए पंजाब 38 मिनट और नई दिल्ली-कुरुक्षेत्र एमईएमयू एक घंटा की देरी से आई।

नवा रायपुर में डेढ़ एकड़ के कैंपस में होगा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला सह एफडीए भवन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्य बजट 2025-26 के प्रावधान के अनुरूप इस महत्वपूर्ण परियोजना से प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। नवीन इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला तथा नवीन एफ.डी.ए. भवन का रायपुर में स्थापना करने हेतु शासन द्वारा नया रायपुर में 1.5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। रायपुर स्थित वर्तमान प्रयोगशाला लगभग 5 हजार वर्ग फीट (भूतल, प्रथम एवं द्वितीय तल) में संचालित है। प्रस्तावित नवीन प्रयोगशाला अत्याधुनिक उपकरणों (ड्रग एवं इनफोर्समेंट) से सुसज्जित होगा तथा 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में (भूतल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल) में निर्मित होगा। इसके निर्माण से रासायनिक परीक्षणों की जांच क्षमता 500–800 नमूने प्रतिवर्ष से 7000–8000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगी। माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण (इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि) 2000 नमूने प्रतिवर्ष होंगे, मेडिकल डिवाइसेस (हाथ के दस्ताने, कैथेटर आदि) जिनका वर्तमान में परीक्षण नहीं किया जा रहा है उनका भी 500 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाएंगे। इसके साथ ही  फार्मास्यूटिकल्स नमूनों की जांच 50 से बढ़कर 1000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला राज्य में खाद्य सुरक्षा के ढांचे को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इससे जांच प्रक्रिया अधिक आसान, पारदर्शी और प्रभावी होगी। सरकार जनता को शुद्ध, प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में बनने वाली यह आधुनिक प्रयोगशाला राज्य के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला के रूप में विकसित होगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जज्बे की मिसाल! कांस्टेबल से फ्लाइंग अफसर तक का सफर, DGP ने बांधे तारीफों के पुल

मोहाली पंजाब पुलिस के एक युवा कॉन्स्टेबल ने वह सपना पूरा कर दिखाया, जिसे बहुत लोग देखते तो हैं, पर चंद ही लोग उसे हासिल कर पाते हैं। कॉन्स्टेबल गुरसिमरन सिंह बैंस (22), जो इस समय मोहाली में तैनात है, ने SSB इंटरव्यू पास कर लिया है। अब उनका चयन भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच के लिए हो गया है। वह जल्द ही फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में ट्रेनिंग लेने के लिए एयर फ़ोर्स अकादमी में शामिल होंगे। रूपनगर (रोपड़) जिले के रहने वाले गुरसिमरन सिंह बैंस अगस्त 2022 में पंजाब पुलिस में भर्ती हुए थे, पर खाकी वर्दी के पीछे उनका सपना हमेशा आसमान में उड़ना ही था। वर्षों की मेहनत, लगन और तैयारी के बाद अब उनकी यह मंज़िल पूरी हुई है। यह SSB में उनका चौथा प्रयास था। गुरसिमरन ने पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंटर फ़ॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की है। वह मौरिटोरियस स्कूल, मोहाली के पूर्व विद्यार्थी हैं, जहाँ से उन्होंने 10वीं और 12वीं शानदार अंकों से पास की। उन्होंने AFCAT (एयर फ़ोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) भी 143 अंकों के साथ पास किया, जिसके आधार पर उन्हें SSB के लिए क्वालिफाई किया। उन्होंने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने NDA और टेक्निकल ब्रांच के ज़रिए भी वायुसेना में प्रवेश की कोशिशें कीं, लेकिन थोड़ा-सा अंतर रह गया। पर निराश हुए बिना कोशिशें जारी रखीं। “असफलताओं ने मुझे कभी रोका नहीं। हर प्रयास ने मुझे और मज़बूत किया और IAF में शामिल होने के संकल्प को बढ़ाया,” उन्होंने कहा। DGP ने सांझा की खुशी गुरसिमरन सिंह बैंस की इस कामयाबी पर DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए कहा, “बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और कभी हार मत मानो—यही महानता का रास्ता है।” उन्होंने लिखा कि गुरसिमरन की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पंजाब पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर युवा अनुशासन, फोकस और मेहनत के साथ अपनी मंज़िल का पीछा करें, तो वे आसमान को भी छू सकते हैं।  

स्कूल बसों पर बड़ी कार्रवाई: 5200 बसें जब्त करने की तैयारी, क्या है कारण?

हरियाणा  हरियाणा में 5200 स्कूल बसों को जब्त करने के आदेश दिए गए है। प्रदेश में 5 हजार 200 स्कूल बसें जांच में अनियमितता पाई गई। पुलिस ने 11 नवंबर तक 25 हजार से अधिक स्कूल बसों की जांच की जिसमें 5 हजार 200 बसों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया है। इस पर पुलिस ने चालान जारी किए हैं।  पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूल बसों में फिटनेस, सुरक्षा उपकरण, वैध दस्तावेज या आवश्यक मानकों की कमी पाई गई, उन्हें तुरंत इंपाउंड किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी।  वहीं ओपी सिंह ने कहा कि हर स्कूल बस में फायर एक्सटिंगिवीशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, जीपीएस सिस्टम, आपातकालीन निकास, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रशिक्षित चालक–परिचालक होना चाहित। उन्होंने कहा कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया तो चालान किए जाएंगे।

दिव्यांगजन को दया नहीं, समान अवसर की आवश्यकता है : प्रमुख सचिव वायंगणकर

विश्व दिव्यांग दिवस का गरिमापूर्ण आयोजन भोपाल  विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर के मुख्य आतिथ्य में संचालनालय सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें दिव्यांगजनों के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर आयुक्‍त नि:शक्तजन डॉ. अजय खेमरिया भी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव श्रीमती वायंगणकर ने कहा कि दिव्यांगजन किसी दया या सहानुभूति के नहीं, बल्कि समान अवसर, गरिमा और अधिकार के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। श्रीमती वायंगणकर ने कहा कि विभाग कार्यस्थलों को पूर्णतः सुगम्य और दिव्यांग-अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में, कार्यक्रम के दौरान Atypical Advantage संस्था के साथ रोजगार पुनर्वास के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) किया गया। इस साझेदारी से निजी क्षेत्र में दिव्यांगजनों के लिए नौकरी के अवसर बढ़ाने, उचित स्किल-मैपिंग एवं प्लेसमेंट, और प्रतिभा के अनुरूप कार्यस्थल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में विभाग की पूर्व उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें नागरिकों के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार, सुगम्य भवन एवं प्रक्रियाएँ, पारदर्शी और सुलभ व्यवस्था, तथा रोजगार-परक प्रयास शामिल हैं। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय तैराकी प्रतियागिता में इंग्लिश चेनल में स्विमिंग करने वाले दो राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्यांग तैराक श्री सतेन्द्र लोहिया और श्री रामवरण को 5-5 लाख रूपये राशि के चेक भी प्रदान किये गये।  

पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के परियोजना उत्पादन और सिविल इंजीनियरिंग कार्यालय को मिला आईएसओ सर्टिफिकेशन

अब तक 12 कार्यालय को मिला आईएसओ प्रमाणन भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के जबलपुर मुख्यालय स्थित परियोजना उत्पादन व सिविल इंजीनियरिंग कार्यालय को अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी स्टैण्डर्ड आईएसओ 9001: 2015 सर्टि‍फिकेशन प्राप्त हो गया। पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा कार्यप्रणालियों के सतत् मानकीकरण व दक्षता वृद्धि की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में पॉवर जनरेटिंग कंपनी के कुल 12 कार्यालय इस अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर पूरे स्टॉफ को बधाई दी है। पूर्व में कम्पनी के दस कार्यालयों में मुख्य अभियंता उत्पादन भंडार, मुख्य अभियंता संचालन संधारण- जल विद्युत,मुख्य अभियंता फ्यूल मैनेजमेंट, कार्यपालक निदेशक इंजीनियरिंग, ज्वाइंट डायरेक्टर सीओजीएचएस कार्यालय, प्रबंध संचालक कार्यालय, डायरेक्टर टेक्निककल, मुख्य अभियंता कारपोरेट सर्विसेस, मुख्य अभियंता मटेरियल मैनेजमेंट व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम 9001:2015 प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है। यह सभी 12 कार्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानदंडों का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं।  

गणित एवं विज्ञान विषय के ओलम्पियाड का आयोजन, विकासखण्ड स्तरीय परीक्षा 7 दिसम्बर को

भोपाल  प्रदेश में ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने गणित एवं विज्ञान विषय में कक्षा 9वीं एवं 10वीं में ओलम्पियाड में भाग लेने के लिये पंजीयन किया था। उन विद्यार्थियों की विकासखण्ड स्तरीय परीक्षा 7 दिसम्बर 2025 रविवार को प्रात: 11 से दोपहर एक बजे तक विज्ञान विषय एवं दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई है। परीक्षा का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। ओलम्पियाड परीक्षा में कोई भी विद्यार्थी दोनों ही परीक्षा में भाग ले सकता है। इस परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र विद्यार्थियों के रोल नम्बर, परीक्षा केन्द्र आदि की जानकारी मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल द्वारा अलग से भेजी जा रही है। विकासखण्ड स्तरीय परीक्षा का परिणाम 18 दिसम्बर 2025 के पूर्व घोषित कर दिया जाएगा। इस परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी संभाग स्तरीय ओलम्पियाड 21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को भाग ले सकेंगे।  

कर्मचारियों को बड़ी राहत: अब हरियाणा के बोर्ड, निगम व सहकारी संस्थाओं में भी लागू होगी DCRG सुविधा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने एक जनवरी, 2006 के बाद सेवा में आए और न्यू डिफाइंड कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अंतर्गत आने वाले बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान (डैथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी) का लाभ देने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा राज्य के सभी बोर्डों, निगमों, कम्पनियों और सहकारी संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में वित्त विभाग के 19 जनवरी, 2017 का हवाला देते हुए बताया गया है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी उसी तरह रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी तथा डैथ ग्रेच्यूटी प्राप्त करने के पात्र होंगे, जो सीएसआर वॉल्यूम-2 के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रदान किए जाते हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामलों की पूरी जांच और सत्यापन के बाद ही रिटायरमेंट/डैथ ग्रेच्यूटी प्रदान की जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन उपादानों के कारण बढ़ने वाले वित्तीय दायित्वों को सम्बन्धित बोर्ड या निगम द्वारा स्वयं के संसाधनों से पूरा किया जाएगा।