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खान सचिव का सख्त निर्देश—229 बालू घाटों की प्रक्रिया जल्द पूरी करें, अवैध खनन पर निगरानी तेज

रांची  राज्य में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तीन दर्जन के करीब बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे के कारणों को दूर करने का निर्देश खान सचिव अरवा राजकमल ने दिया है। बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे मुख्य वजह लीज डीड की प्रक्रिया लंबित होना है। राज्य के 16 जिलों के 229 बालू घाट केवल लीज डीड नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। लीज डीड की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के डीसी पर है। इनमें से 35 लीज डीड महज उपायुक्त के स्तर से हस्ताक्षर नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। 10 जून से पहले लीज डीड की प्रक्रिया पूरी करें सोमवार को बालू घाटों के संचालन और अवैध खनन की समीक्षा को लेकर आयोजित टास्क फोर्स की ऑनलाइन बैठक में खान सचिव अरवा राजकमल ने सभी डीसी को निर्देश दिया कि वे 10 जून से पहले हर हाल में लीज डीड की प्रक्रिया पूरी कर लें। बैठक में सभी जिलों के डीसी, डीएमओ तथा खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा भी जुड़े थे। खान सचिव ने कहा कि 10 जून से बालू घाटों से बालू निकासी पर एनजीटी की रोक प्रभावी हो जाती है। ऐसे में उससे पहले लंबित सभी घाटों का लीज डीड पूरा कर संचालन शुरू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नया लीज डीड ड्राफ्ट भी जारी कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश बैठक में सचिव ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के समन्वय से काम किया जाये। उन्होंने बताया कि लघु खनिजों के अवैध खनन की निगरानी के लिए सभी खनन पट्टों की डिजिटल फाइल तैयार की जा रही है। इसके जरिए सैटेलाइट से खनन क्षेत्रों की निगरानी होगी। इसके साथ ही खान सचिव ने खनन प्रहरी मोबाइल ऐप पर मिलने वाली सूचनाओं की तत्काल जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। संवेदनशील मार्गों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, चेकपोस्ट निर्माण और रेलवे साइडिंग व प्रवेश-निकासी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी आदेश दिए गये। बैठक के दौरान खान निदेशक ने कागजी कार्रवाई पूर्ण कर चुके सभी 35 बालू घाटों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। इन 35 बालू घाटों की लीज प्रक्रिया अगले 10 दिनों के अंदर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। इन घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई हो चुकी है पूर्ण     बोकारो : पिछरी -2 बालू घाट, खेटको चलकारी घाट     दुमका : हरिपुर बालू घाट, छोटाकमती बालू घाट, कटनाई बालू घाट, सिमरा और हरिपुर बालू घाट।     खूंटी : पांडू बालू घाट, बुधिरोमा बालू घाट     जामताड़ा : बनखेत बालू घाट     हजारीबाग : कंदटारी, सांढ़ एम सोनपुरा, बैरिसाल, लंगातू सिकरी, गोसाईं बलिया, चोबदार बलिया     रांची : चोकसेरेंगे बालू घाट, श्यामनगर, सुंडिल बालू घाट     गोड्डा : जसमाता बालू घाट-2, राहा बालू घाट, घाट झिलुआ, सनातन बालू घाट     पूर्वी सिंहभूम : बनकाटा बालू घाट, कोरियामोहन पाल बालू घाट, कोरियामोहन घाट एवं सुवर्णरेखा घाट     रामगढ़ : सिरका, टोकीसूद-1 एवं पैंकी बालू घाट     लातेहार : मरमर बालू घाट, राजहर बालू घाट, बाजकुम घाट और तुबेद बालू घाट।  

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख तक लोन, ऑनलाइन ट्रेनिंग अनिवार्य

 लखनऊ यूपी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत अब किसी अभ्यर्थी को लोन 30 घंटे के ऑनलाइन ट्रेनिंग के बाद ही मिलेगा। यह पैसा बैंक को प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र मिलने के बाद जारी कर दी जाएगी। दरअसल, राज्य सरकार ने इसके लिए नियमों में बदलाव कर दिया है। सीएम युवा योजना के तहत बिना बैंक गारंटी पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन हासिल मिलता है। इसे लेने में युवाओं को कोई कठिनाई न हो और कहीं कोई तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए बड़ी पहल की गई है। योजना के तहत किसी युवा उद्यमी को अब लोन स्वीकृत होने के बाद चुनिंदा तीन संस्थानों से 30 घंटे का प्रशिक्षण सत्र पूरा करना अनिवार्य होगा। ट्रेनिंग के बाद प्रमाण पत्र ऑनलाइन ही बैंक को प्राप्त हो जाएगा। जिसके मिलने पर बैंक लोन राशि आवेदक के खाते में ट्रांसफर कर देगा। कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए विभाग ने फेस रिक्ग्नीशन प्रणाली अपनाई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बैंकों के बड़ी संख्या में आवेदनों को निरस्त किए जाने और युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में बेहतर प्रशिक्षण के लिए प्रणाली में बड़ा सुधार किया गया है। सीएम युवा उद्यमी विकास योजना की प्रमुख बातें सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उत्पादन और सेवा संबंधी उद्यम स्थापित कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। हर साल एक लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना। इसके अलावा 10 सालों में कुल 10 लाख स्वरोजगार के अवसर सृजित करना। इस योजना के तहत 5 लाख तक का लोन मिलता है। पात्रता और शर्तें आवेदनकर्ता की न्यूनतम उम्र 21 साल और अधिकतम 40 साल हो। आवेदनकर्ता कम से कम आठवीं पास होना चाहिए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी प्रशिक्षण योजना, एससी/एसटी/ओबीसी प्रशिक्षण योजना, यूपी कौशल विकास मिशन, के अंतर्गत ट्रेनिंग या किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से कौशल संबंधी प्रमाण पत्र/डिग्री/डिप्लोमा मिला हो। आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी सब्सिडी योजना का लाभ न ले रहा हो। आवश्यक दस्तावेज कौशल प्रमाण पत्र/प्रशिक्षण प्रमाण पत्र/कंप्यूटर प्रमाण पत्र/ आईटीआई प्रमाण पत्र परियोजना रिपोर्ट पैन कार्ड आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र बैंक पासबुक आयु प्रमाण पत्र हस्ताक्षर पासपोर्ट साइज फोटो स्वघोषणा पत्र कैसे करें आवेदन एमएसएमई पोर्टल https://msme.up.gov.in पर जाएं। यहां Register के बटन पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर और OTP के जरिए वेरीफाई करें। लॉगिन करने के बाद 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' का पर जाएं और मांगी गई जानकारी भरें इसके बाद डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर दें।

रांची में परीक्षा सुरक्षा पर विशेषज्ञों की चेतावनी—रिंग-0 मैलवेयर से सिस्टम हैकिंग का दावा

रांची  कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में, विशेष रूप से लोकल नेटवर्क वातावरण में, एक नया और अत्यंत परिष्कृत साइबर सुरक्षा खतरा सामने आया है। इस तकनीक को जीरो-टच लोकल नेटवर्क हाईजैकिंग कहा जा रहा है, जिसके माध्यम से हमलावर बिना परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों या किसी अंदरूनी व्यक्ति की शारीरिक सहायता के, अभ्यर्थी के कंप्यूटर सिस्टम पर दूरस्थ रूप से नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। पारंपरिक नकल के तरीकों में जहां छिपे हुए नोट्स या मानवीय हस्तक्षेप का सहारा लिया जाता था, वहीं यह आधुनिक खतरा पूर्णतः तकनीक आधारित है और कंप्यूटर सिस्टम की आंतरिक संरचना में गहराई तक समाहित रहता है। रिंग-0 कर्नेलड्राइवर्स नामक उन्नत मैलवेयर का उपयोग बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी समूह रिंग-0 कर्नेलड्राइवर्स नामक उन्नत मैलवेयर का उपयोग कर रहे हैं, जो कंप्यूटर सिस्टम के सर्वोच्च विशेषाधिकार स्तर पर कार्य करता है तथा पारंपरिक सुरक्षा उपकरणों से आसानी से पकड़ा नहीं जाता है। कैंब्रिज इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, रांची के डीन एकेडमिक्स प्रो. अरसद उस्मानी ने बताया कि यह मैलवेयर सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम स्तर पर कार्य करते हुए सामान्य लॉकडाउन ब्राउजर और मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर को भी निष्प्रभावी कर सकता है। लोकल नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा लोकल नेटवर्क की कमजोरियों का लाभ उठाकर अनधिकृत संचालक गुप्त संचार चैनल स्थापित कर सकते हैं, जिनके माध्यम से परीक्षा स्क्रीन को दूरस्थ रूप से देखा जा सकता है तथा वर्चुअल ह्यूमन इंटरफेस डिवाइस (एचआइडी) ड्राइवर्स की सहायता से इनपुट भेजे जा सकते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि गत दिनों पिस्का मोड़ स्थित एक परीक्षा केंद्र में हुए फर्जीवाड़े में इस तरह की तकनीक का प्रयोग किया गया होगा। बताया कि परीक्षा सर्वर के लिए ये कमांड बिल्कुल वैसे ही प्रतीत होते हैं जैसे वे किसी वास्तविक रूप से जुड़े हुए माउस या कीबोर्ड से दिए गए हों। हालांकि, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तकनीकी निगरानी और मानवीय पर्यवेक्षण के संयुक्त प्रयासों से की जा सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायित सुरक्षा प्रणालियां असामान्य कर्सर मूवमेंट, अनियमित कमांड निष्पादन, असामान्य प्रतिक्रिया समय तथा रिमोट एक्सेस से जुड़ी संदिग्ध नेटवर्क गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं। साथ ही, परीक्षा निरीक्षक भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पंक्ति के रूप में कार्य करते हैं, जो अभ्यर्थियों के असामान्य व्यवहार, इनपुट डिवाइस के साथ असंगत गतिविधियों या अत्यधिक तेजी से उत्तर देने के पैटर्न पर निगरानी रखते हैं। ये हैं सुरक्षा और मैलवेयर से बचाव के तरीके ऐसे खतरों से बचाव के लिए डिजिटल पेपर ट्रेल बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। नेटवर्क लाग्स, सिस्टम मेटाडेटा, की-स्ट्रोक पैटर्न, डिवाइस संचार रिकॉर्ड तथा गतिविधियों की समय-रेखा को परीक्षा के बाद फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। ये रिकॉर्ड बाद में टाइम-टू-सॉल्व आडिट में सहायक हो सकते हैं, जिनके माध्यम से उन मामलों की पहचान की जाती है जहां अत्यंत जटिल प्रश्नों के उत्तर सामान्य मानवीय क्षमता से कहीं अधिक तेजी से दिए गए हों। ऐसे मामलों में विस्तृत मैनुअल जांच की जा सकती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि लोकल नेटवर्क सुरक्षा, एंडप्वाइंट प्रोटेक्शन, परीक्षा निरीक्षण प्रक्रियाओं तथा फॉरेंसिक मॉनिटरिंग तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना डिजिटल परीक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।

पंजाब की राजनीति में हलचल: मंत्री संजीव अरोड़ा ने ED हिरासत को चुनौती देकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

चंडीगढ़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। अरोड़ा को 9 मई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी प्रथम दृष्टया 'मनमानी, यांत्रिक, अधिकार क्षेत्र से परे और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 के तहत प्राप्त अनिवार्य सुरक्षा उपायों का उल्लंघन' है। उन्होंने अदालत से गुरुग्राम के सेशन विशेष जज द्वारा दिये गये रिमांड आदेश को रद्द करने की भी मांग की। इस आदेश के तहत उन्हें 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेजा गया है। यह याचिका अधिवक्ता विभव जैन, वीरेन सिब्बल और जसमन सिंह गिल के माध्यम से दायर की गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष होने की संभावना है। मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि वह Hampton Sky Realty Limited (HSRL) के प्रमोटर और चेयरमैन थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 से मोबाइल फोन के निर्यात का कारोबार शुरू किया था, जो उसके वैध व्यापार विस्तार और विविधीकरण का हिस्सा था। सभी निर्यात लेनदेन पारदर्शी और पूरी तरह दस्तावेजी प्रक्रिया के तहत किए गए। याचिका में कहा गया कि सार्वजनिक पद पर निर्वाचित होने के बाद अरोड़ा ने कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके दैनिक संचालन, प्रबंधन या व्यापारिक मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। यह भी कहा गया कि बाद में हुई तलाशी कार्रवाई के दौरान कोई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, नकदी, अघोषित संपत्ति या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। ईडी अधिकारी 9 मई को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के लिए उनके घर पहुंचे थे, जिसके बाद उनका बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अरोड़ा ने दावा किया कि गिरफ्तारी के आधार पूरी तरह अस्पष्ट थे और उनमें ऐसा कोई ठोस तथ्य नहीं था जो यह साबित करे कि उन्होंने पीएमएलए के तहत कोई अपराध किया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग अपराध के मूलभूत तत्व साबित करने में विफल रही। जिन लेनदेन का हवाला दिया गया, वे “पूरी तरह दस्तावेजीकृत निर्यात लेनदेन” थे, जो नियमित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किए गए और जिनके समर्थन में इनवॉइस, शिपिंग बिल, कस्टम जांच, बैंक रियलाइजेशन सर्टिफिकेट, जीएसटी रिटर्न और ऑडिटेड अकाउंट मौजूद हैं। याचिका में कहा गया कि संबंधित रिकॉर्ड पहले ही एजेंसियों के कब्जे में थे, अरोड़ा से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई और हिरासत में पूछताछ या गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी। दिहाड़ी मजदूर निकला करोड़ों की फर्म का मालिक! प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि  संजीव अरोड़ा के खातों की जांच में पता चला कि है एक दिहाड़ी मजदूर कमल अहमद को करोड़ों की फर्म का मालिक बनाया गया था। ईडी ने सोमवार को गुरुग्राम की पीएमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये तथ्य पेश किए। ईडी के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की कंपनी 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' ने दिल्ली की एक फर्म को 27.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जिसका मालिक दिहाड़ी मजदूर है।दिल्ली के रहने वाले मजदूर कमल अहमद ने ईडी के सामने बयान दिया है कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे कंपनी वगैरह के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ईडी के अनुसार, कमल ने बयान दिया है कि अजहर हैदर उर्फ ​​मोंटी नाम के एक व्यक्ति ने उसका आधार और पैन कार्ड लिया था तथा कागजों पर उसके दस्तखत भी करवाए थे। हैदर ने खुद माना है कि उसने यह काम डेढ़ से दो प्रतिशत कमीशन के आधार पर किया था। आरोप है कि संजीव अरोड़ा की फर्म ने अगस्त 2023 से जनवरी 2024 के बीच, दिहाड़ी मजदूर की फर्म 'एसके एंटरप्राइजेज़' के कई बैंक खातों में 41 आरटीजीएस पेमेंट्स के जरिये 27.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। अरोड़ा परिवार की फर्मों ने स्थानीय और विदेशी कंपनियों को 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बेचने का दावा किया है। संजीव अरोड़ा फिलहाल ईडी की रिमांड पर हैं। अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दी है।

CBI की बड़ी कार्रवाई: भाजयुमो नेता की गिरफ्तारी के बाद पंजाब विजिलेंस मुख्यालय पर उठे सवाल

मोहाली मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पर सोमवार रात सीबीआई की छापेमारी ने दो अलग-अलग मामलों को एक साथ जोड़ दिया है— एक तरफ मलोट के भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता राघव गोयल की गिरफ्तारी और दूसरी तरफ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शरद सत्य चौहान का कार्यालय, जो पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद के लिए सबसे वरिष्ठ दावेदार माने जा रहे हैं।भाजपा से जुड़े और अक्सर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करने वाले राघव गोयल को 25 लाख रुपये के रिश्वत मामले में कथित बिचौलिए के रूप में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि गोयल राजस्थान के भाजपा नेता गजेंद्र शेखावत के करीबी हैं। तीन दिन पहले ही उनकी पुलिस सुरक्षा वापस ले ली गई थी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सुरक्षा केंद्रीय एजेंसियों की थी या पंजाब पुलिस की। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हाल के समय में पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा अहम पदों पर नियुक्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती रही है। हालांकि, इस मामले में निशाना एक भाजपा नेता बना है। सीबीआई ने गोयल के मलोट स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। भाजपा सूत्रों के अनुसार, गोयल के बठिंडा और मलोट के कुछ भाजपा नेताओं से भी संबंध हैं। हालांकि, एक भाजपा नेता ने दावा किया कि गोयल को पार्टी में कोई आधिकारिक पद नहीं दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने पहले चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में छापा मारा और बाद में विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पहुंचकर 13 लाख रुपये बरामद किए। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार के आरोप में चौहान के निजी रीडर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उसने एक केस को निपटाने के लिए सौदेबाजी कराने में भूमिका निभाई। चौहान के साथ पिछले पांच-छह वर्षों से तैनात इस रीडर को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। शरद सत्य चौहान को पिछले महीने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया गया था। लगभग एक दशक बाद उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली थी। अप्रैल में यूपीएससी को भेजे गए पैनल में डीजीपी पद के लिए उनका नाम सबसे वरिष्ठ अधिकारी के रूप में शामिल था। मेरा नाम बेवजह घसीटा गया : चौहान विवाद पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में चौहान ने ‘ट्रिब्यून’ से कहा, 'मेरे रीडर की किसी भी संदिग्ध गतिविधि के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं। मेरा नाम बेवजह इस मामले में घसीटा गया है। मैं शाम 6 बजे तक कार्यालय में था और आज भी कार्यालय जाऊंगा। मैं उपलब्ध हूं।' उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या इस छापेमारी का यूपीएससी की लंबित चयन प्रक्रिया से कोई संबंध है। उन्होंने कहा कि उनका करियर हमेशा साफ-सुथरा रहा है।

बजट कार्यों में तेजी लाने के निर्देश: प्राथमिकता से भेजें प्राक्कलन, सरकारी भवनों के आधुनिक और वर्टिकल डिजाइन पर जोर

बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल भेजने के निर्देश, शासकीय भवनों के वर्टिकल व आधुनिक डिजाइन तथा नई तकनीक से निर्माण पर जोर लोक निर्माण विभाग के सचिव ने की कार्यों की समीक्षा, भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग की बाधाओं को समय-सीमा में निराकृत करने के दिए निर्देश रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय नवा रायपुर के निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों में भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग आदि की बाधाओं को स्वयं रूचि लेते हुए समय-सीमा में त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डी.पी.आर. तैयार करने, एजेंसी निर्धारण, मार्गों एवं भवनों के मरम्मत तथा कार्य मेजरमेंट बुक के लिए नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे। सचिव श्री बंसल ने बैठक में हाई स्कूल भवनों, हायर सेकेण्डरी स्कूलों, शासकीय आवासगृहों, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों व कम्पोजिट भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से शासकीय भवनों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल प्रेषित करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को हर 15 दिनों में कोर्ट प्रकरणों, भू-अर्जन के मामलों तथा लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन मामलों में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के सभी प्रगतिरत कार्यों में निर्धारित मानक अनुसार पूर्ण मासिक कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सभी कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं को छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहने और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी भी दिन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है।

कोरबा के विकास में DMF की बड़ी भूमिका: मंत्री लखनलाल देवांगन बोले- जिले की तरक्की का मजबूत आधार बना फंड

कोरबा जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है डीएमएफ – मंत्री लखनलाल देवांगन डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की। बैठक में मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए। सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव दिनेश नाग, निगमायुक्त  आशुतोष  पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए। खनिज संपदा से जनकल्याण की नई उड़ान वर्ष 2026-27 के लिए विकास का खाका तैयार कलेक्टर सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें खनिज क्षेत्रों के सतत विकास और प्रभावित समुदायों के कल्याण के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तीन चरणों में एक व्यापक बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5 विकास खंडों के 782 गाँवों को कवर कर आगामी पाँच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जो एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में जिले की सभी परियोजनाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और फंड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।वर्ष 2026-27 के लिए 70 प्रतिशत राशि सीधे तौर पर उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के लिए आवंटित की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये के बजट से 16 पीएम स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 67.18 करोड़ रुपये से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल संकट के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंपों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एंटी-स्मॉग गन और सघन वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुरूप, इन सभी प्रयासों का मुख्य लक्ष्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थायी और आत्मनिर्भर आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।

पटना में गर्मी का प्रकोप, मौसम विभाग ने 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना पटना में सुबह से ही तेज धूप निकली है। पिछले 24 घंटे से अचानक गर्मी बढ़ गई। लोगों के घरों से एसी चलने लगे। आज भी वहीं स्थिति है। तेज धूप निकली है। इधर, मौसम विभाग ने 12, 13 और 14 मई को बिहार के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।  इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने आम लोगों से सावधान रहने की अपील की है। आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज में ऑरेंज अलर्ट बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, अरवल, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय,  खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर बांका और जमुई में बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया गया। जानिए पटना के मौसम का हाल मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी पटना में अगले पांच दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। 12 मई को आंशिक बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज के आसार जताए गए हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहने का अनुमान है। 13 और 14 मई को मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। दोनों दिनों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रह सकता है। 15 मई को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दिन अधिकतम तापमान 36 डिग्रीऔर न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है। 16 मई को फिर से मौसम साफ रहने की संभावना है और तापमान बढ़कर 38 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहेगा।  

बिहार कैबिनेट अपडेट: आठ मंत्रियों को नए सरकारी आवास, कुमार शैलेंद्र ने संभाला पदभार

पटना बिहार सरकार के नए मंत्रियों को भवन निर्माण विभाग ने सरकारी बंगला आवंटित कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को दो देशरत्न मार्ग आवास तो शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को 13 हार्डिंग रोड आवास आवंटित किया गया है। सोमवार को भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी आवास आवंटन आदेश के अनुसार हार्डिंग रोड, देशरत्न मार्ग और गर्दनीबाग स्थित कई प्रमुख सरकारी आवास नए मंत्रियों को दिये गए हैं। कुल आठ मंत्रियों को नया आवास आवंटित किया गया है। पूर्व से जो मंत्री अपने सरकारी बंगले में रह रहे हैं, उन आवासों को पुन: उन्हें ही आवंटित कर दिया गया है। ऐसे 22 मंत्री हैं, जो पुराने बंगले में ही रहेंगे। विभाग के अनुसार, योजना एवं विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा को गर्दनीबाग स्थित 13/20 डुप्लेक्स आवंटित किया गया है। पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र को 12 हार्डिंग रोड स्थित आवास, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को 21 हार्डिंग रोड स्थित आवास, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को 33 हार्डिंग रोड स्थित आवास, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता को 15 हार्डिंग रोड स्थित आवास और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री रामचंद्र प्रसाद को गर्दनीबाग स्थित 10/20 डुप्लेक्स आवास आवंटित किया गया है। अत्याधुनिक तकनीक से पुल और सड़कें बनेंगी – शैलेंद्र इधर म्राट कैबिनेट के कई मंत्रियों ने सोमवार को पदभार ग्रहण किया। पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने कहा है कि सड़कों और पुलों के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होगा। इसके लिए राज्य के अभियंताओं को दूसरे राज्यों में प्रशिक्षण के लिए भी भेजा जाएगा। मंत्री सोमवार को पथ निर्माण विभाग में पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों में तकनीकी आधारित विकास कार्य हो रहे हैं, जिससे बिहार जैसा प्रदेश अभी अछूता है। मंत्री ने मीडिया से कहा कि वे खुद भी सिविल इंजीनियर हैं, इसलिए विकास कार्यों में अपनी दक्षता का इस्तेमाल करेंगे। किसी भी राष्ट्र के उत्थान के लिए सड़क मार्ग का सही होना जरूरी है। जनहित को प्राथमिकता दें अधिकारी – भगवान सिंह योजना एवं विकास विभाग के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग तथा डाटा आधारित नीति निर्माण को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। मंत्री ने सोमवार को पुराना सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद योजनाओं की जानकारी ली और कई निर्देश दिये। विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने मंत्री को विभाग की संरचना, प्रमुख योजनाओं, सांख्यिकी एवं मूल्यांकन गतिविधियों तथा विभिन्न विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

कड़ी सुरक्षा के बीच भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव, 25 बूथों पर मतदान जारी

भोजपुर-बक्सर  भोजपुर सह बक्सर विधान परिषद उप चुनाव में मंगलवार को जनप्रतिनिधि मतदाताओं के फैसले की घड़ी है। मतदान के बाद जदयू, राजद समेत छह प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो जाएगा। इसे लेकर जिले के कलेक्ट्रेट से सोमवार को मतपेटी और मतदान सामग्री लेकर कर्मी और पुलिस बल के जवान मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान किया जाएगा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों जिलों के 25 बूथों पर 6084 वोटर वोट देंगे। दोनों जिलों में 14 जोनल दंडाधिकारी तैनात किये गये हैं। सभी बूथों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। मतदाता बैलेट मतदान पत्र पर अपने चहेते प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न पर मुहर लगाकर उनकी किस्मत लिखेंगे। दोनों जिलों में भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रत्याशियों ने अपनी ओर से हर तरह से मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने का हरसंभव प्रयास कर लिया है। इस दौरान डीएम ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हो सके। मतदान की मॉनिटरिंग सीधे आयोग की ओर से की जायेगी। मतदान की सारी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। एसपी राज की ओर से जानकारी दी गई कि जिले में भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। इसे मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। बिहार विधान परिषद के भोजपुर सह बक्सर उप चुनाव को लेकर जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम तनय सुल्तानिया की ओर से कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को ब्रीफिंग की गई। इस दौरान कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी की ओर से सभी दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखने का आदेश दिया जाए। मतदान केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की दिशा सही रहे, ताकि मतदान प्रक्रिया की समुचित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए। इनके भाग्य का फैसला होगा प्रत्याशी – दल कन्हैया प्रसाद – जनता दल यूनाइटेड सोनू कुमार राय – राष्ट्रीय जनता दल कन्हैया प्रसाद – निर्दलीय निरंजन कुमार राय – निर्दलीय मनोज कुमार उपाध्याय – निर्दलीय लालू प्रसाद यादव – निर्दलीय आरा में 14 को राजकीय कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय में होगी गिनती डीएम तनय सुल्तानिया की ओर से सभी मतदान कर्मियों को आदेश दिया गया कि मतदान संपन्न होने के उपरांत सभी पोलिंग पार्टियां यह सुनिश्चित करें कि समस्त मतदान सामग्री राजकीय कन्या +2 उच्च विद्यालय, आरा स्थित वज्रगृह में सुरक्षित रूप से जमा कराई जाए। यहीं पर 14 मई को वोटों की गिनती होगी। जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना भोजपुर सह बक्सर विधान परिषद उप चुनाव को लेकर जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इन नंबरों पर आम लोग चुनाव से जुड़ी शिकायत और सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06182-222005 है। जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभारी पदाधिकारी नगर आयुक्त, नगर निगम, आरा को बनाया गया है। इनका मो. नंबर 94314493468 है। प्रभारी पदाधिकारी परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र हैं। इनका मोबाइल नंबर 6205158960 है। किस जिले में कितने वोटर कुल – भोजपुर – बक्सर कुल मतदाता- 3779 – 2305 पुरुष मतदाता- 1750 – 1082 महिला मतदाता- 2029 – 1223 मतदान केंद्र – 14 – 11 दोनों जिलों में पुरुष मतदाता- 2832 दोनों जिलों में महिला मतदाता- 3262