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पटना समेत 20 जिलों में तेज बारिश, कई जगह 70 मिमी तक वर्षा दर्ज

 पटना बिहार के अलग-अलग भागों में पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात संग आंधी-बारिश होगी। 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट से मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के ज्यादातर भागों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आज सूर्योदय का वक्त 05:15 AM बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 06:26 PM बजे होगा। वातावरण में नमी का स्तर 47 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है। आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित बिहार के 20 जिलों के अधिकतम तापमान में भारी कमी आई है। पटना में अधिकतम पारा 29.7 डिग्री और न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। पटना में कुल 25.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी , बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी, मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच, कृषि विभाग ने जिलों से राज्य भर में हुई आंधी-बारिश से फसल, फल-सब्जी के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। आंधी-बारिश से सब्जियों की फसल को क्षति पटना जिले में बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से लौकी, तरोई, करेला, परवल जैसी सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कुछ जगहों पर लत्तर चढ़ाने वाली रस्सियां और चार्ली टूटने-बिखरने से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि तेज बारिश से खेत में पानी लगने से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ, झिंगुनी में पानी लगने से पीलापन की शिकायत हो सकती है। खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ रबी की फसल कटने के बाद खेतों में जमा भूसा 50 किलोमीटर की आई तेज आंधी में उड़ गई। इससे मवेशियों के भोजन जमा करने वाले किसानों को क्षति हुई। आम की डालियां टूटीं, लीची को भी नुकसान कृषि वैज्ञानिक पीके द्विवेदी बताते हैं कि तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची को भी हानि पहुंची है। आम की डालियां टूट गई हैं। डालियों पर लटके अधपके आम भी काफी मात्रा में टूट कर गिर गये हैं। लीची का पौधा आम की तुलना में सख्त होने के बावजूद टूटे हैं। आंशिक रूप से मकई की बाहरी दीवार के पौधे गिर गए है। जानवरों की शेड, छपरी उड़ गई है। पटना जिला कृषक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि पटना जिला में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खेत से निकल चुकी है। बची हुई 10 प्रतिशत फसल को बीते बुधवार की रात हुई बारिश और आंधी से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।

बिहार में अगले 3–4 दिन तक लू और तेज गर्मी का असर रहेगा

पटना  बिहार में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को रोहतास का डेहरी प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान भीषण गर्मी का दौर बने रहने की संभावना जताई है। अरवल में सबसे कम तापमान मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का अधिकतम तापमान 33.0 से 43.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। इस दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस अरवल में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 22.0 से 27.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। निम्न दबाव क्षेत्र का दिखेगा असर पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं की गई। जबकि उत्तर पूर्व जिलों के भाग में एक से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अरवल जिले में अधिकतम हवा की गति 46 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। आज की मौसम प्रणाली की बात करें तो बिहार, झारखंड और गंगा के पश्चिमी बंगाल क्षेत्र से होकर 0.9 किलोमीटर समुद्र तल से ऊपर पर एक निम्न दबाव क्षेत्र विस्तृत है। अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान पटना स्थित मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 24 घंटों के दौरान बिहार राज्य के दक्षिण पश्चिमी भाग के एक या दो स्थानों में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री अधिक रहने की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य के अनेक भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर समेत 6 जिलों में बारिश की संभावना मौसा विभाग के अनुसार 25 अप्रैल को राज्य के पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, अरिया और किशनगंज जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। जबकि शेष जिलों का मौसम आमतौर से शुष्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर मेज गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चलने की भी संभावना है। वहीं राज्य के औरंगाबाद, भभुआ, गया, नवादा एवं रोहतास जिलों में एक दो स्थानों पर उमस भरा दिन होने की संभावना है।  

गर्मी के साथ बिहार में गहराया जल संकट, 21 जिलों में तेजी से गिरा भूजल स्तर

 जयपुर बिहार में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. लेकिन इसके बाद गिरावट हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बिहार के अधिकांश इलाकों में रविवार तक गर्मी अधिक महसूस होगी और रात का तापमान बढ़ा रहेगा. दिन में तेज धूप के साथ हल्की धूल भरी हवा भी कहीं-कहीं चलने की संभावना है. 6 अप्रैल को मौसम लेगा यू-टर्न मौसम विभाग की माने तो, 6 अप्रैल से मौसम यू-टर्न लेगा और तेज आंधी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अप्रैल को बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, पटना, बेगूसराय, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, गया और नवादा जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में तेज बारिश, ठनका गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई गई है. 6 अप्रैल के बाद तीन से चार दिनों तक बिहार में मौसम का मिजाज इसी तरह का बना हुआ रहेगा. पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस डेहरी (रोहतास), शेखपुरा और कैमूर (भभुआ) में दर्ज किया गया. राज्य का अधिकतम तापमान 30.3 से 38.4 डिग्री के बीच रहा. पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश जगहों पर अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सुखेत (मधुबनी) में दर्ज किया गया. राज्य का न्यूनतम तापमान 18.4 से 26.6 डिग्री के बीच रहा. साथ ही पिछले 24 घंटों में बिहार के अनेक जगहों के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया. अप्रैल में ही गिर रहा भूजल स्तर बिहार में अचानक से बढ़ी गर्मी के कारण लगभग 21 जिलों के भूजल नीचे जाने लगा है. अप्रैल महीने की शुरूआत में ही राज्य में 126 ऐसी पंचायतें हैं, जहां दो से पांच फुट तक गिरावट दर्ज की गई है. पीएचईडी से मिली जानकारी के मुताबिक पटना, बिहारशरीफ, गया, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, भभुआ, जमुई, भागलपुर पूर्व और पश्चिम, बांका, सीतामढ़ी, दरभंगा, भोजपुर, गोपालगंज, मधुबनी, सहरसा, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, खगड़िया, समस्तीपुर में भूजल में गिरावट मार्च से ही शुरू हो गई है. विभाग ने इन जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. साथ ही 11 अप्रैल को पटना में भूजल को स्थिर रखने और भूजल में हो रही गिरावट को लेकर बैठक बुलाई गई है.

तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी के बीच बिहार के कई जिलों में ओलावृष्टि का बड़ा खतरा

पटना। ​बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। जहां मार्च के अंत में गर्मी चरम पर होनी चाहिए थी, वहीं अब आसमान में चक्रवाती जाल बुन रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने 31 मार्च और 1 अप्रैल को लेकर राज्य में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने और तेज आंधी की गंभीर चेतावनी दी गई है। जान-माल का खतरा ​बिहार के अधिकांश जिलों में हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। यह रफ्तार इतनी तेज है कि कच्चे मकानों, टीन शेड और पुराने पेड़ों को उखाड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी उलटफेर अचानक बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण का परिणाम है। ​ वज्रपात और ओलावृष्टि ​राज्य में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि वज्रपात का भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मवेशियों के लिए यह समय बेहद जोखिम भरा है। इसके साथ ही कई हिस्सों में होने वाली ओलावृष्टि रबी की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें। ​ सावधानी ही बचाव है ​बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे मेघगर्जन के समय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें। मार्च का यह तूफानी अंत आने वाले गर्मी के सीजन के लिए एक असामान्य शुरुआत का संकेत दे रहा है।

बिहार मौसम अपडेट: होली के बाद गर्मी का असर, जानिए आज किस जिले में ठंड का अहसास

पटना मार्च की शुरुआत हो चुकी है लेकिन अब भी बिहार के कई जिलों में लोग कंबल ओढ़ रहे हैं। न्यूनतम तापमान भी 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। बिहार के मधेपुरा, सहररसा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीवान, वैशाली, शेखपुरा, गया, बक्सर, भागलुपर और पूर्णिया का तापमान 15 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। होली तक ऐसा ही मौसम रहेगा। सुबह और रात गुलाबी ठंड का एहसास होगा। हालांकि, पटना समेत कुछ जिलों में गर्मी का भी एहसास हो रहा है। कई जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। होली के बाद पटना में गर्मी और बढ़ेगी। अधिकतम तापमन 33 डिग्री तक जाने के आसार हैं। मार्च से मई तक कैसा रहेगा मौसम? इधर, मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट कह दिया है कि मार्च से लेकर मई तक इस बार अधिक गर्मी लगेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख आशीष कुमार ने कहा कि मार्च से मई तक 2026 की बिहार के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान और न्यूतनत सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। दिन और रात दोनों समय तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होगा। अप्रैल और मई माह में ही बिहार के कई जिलों में हीटवेव की घटनाएं हो सकती है। शहरी क्षेत्रों में हीट आईलैंड प्रभाव के कारण तापमान अधिक हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख आशीष कुमार ने कहा कि राज्य सरकार से अपील है कि वह हीट एक्शन प्लान लागू करें। आम लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।    पिछले 24 घंटे में कहां का तापमान कितना रहा? मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। राज्य में अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस से 33.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया। वहीं न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस से 20.8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। तीन मार्च को बिहार में न्यूनतम तापमान सबसे कम 12.7 डिग्री सेल्सियस मधेपुरा और सहरसा में दर्ज किया गया। वहीं किशनगंज में 17.4 डिग्री सेल्सियस, अरवल में 17.5 डिग्री सेल्सियस, मोतिहारी में 17.5 डिग्री सेल्सियस, मुजफ्फरपुर में 17.2 डिग्री सेल्सियस, औरंगाबाद में 14.2 डिग्री सेल्सियस, मधुबनी में 14.2 डिग्री सेल्सियस, सुपौल में 16.6 डिग्री सेल्सियस, वाल्मीकिनगर में 16 डिग्री सेल्सियस, ज़िरादेई में 13.5 डिग्री सेल्सियस, समस्तीपुर में 13.8 डिग्री सेल्सियस, वैशाली में 15 डिग्री सेल्सियस, पटना में 18.2 डिग्री सेल्सियस, जहानाबाद में 16.8 डिग्री सेल्सियस, नालंदा (राजगीर) में 17.9 डिग्री सेल्सियस, शेखपुरा में 15 डिग्री सेल्सियस, गया में 15 डिग्री सेल्सियस, बक्सर में 15 डिग्री सेल्सियस, मुंगेर में 15.6 डिग्री सेल्सियस, भागलपुर में 14.7 डिग्री सेल्सियस, सबौर में 12.8 डिग्री सेल्सियस, पूर्णिया में 15.3 डिग्री सेल्सियस, कटिहार में 17.6 डिग्री सेल्सियस, फारबिसगंज में 18.2 डिग्री सेल्सियस तथा छपरा में 20.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान में अगले दो से तीन दिनों तक विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तीन दिनों के दौरान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। इसी तरह न्यूनतम तापमान में भी अगले दो से तीन दिनों तक स्थिरता रहेगी, जबकि उसके बाद दो से चार  डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। पटना में सात मार्च तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, तीन से सात मार्च तक राजधानी पटना में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 3 मार्च को अधिकतम 31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री रहने का अनुमान है, वहीं 4 मार्च को अधिकतम 32 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री रहेगा। 5, 6 और 7 मार्च को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने तथा न्यूनतम तापमान क्रमशः 19, 19 और 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस अवधि में सूर्योदय लगभग 6:11 बजे से 6:07 बजे के बीच और सूर्यास्त 5:52 बजे से 5:55 बजे के बीच होगा। कुल मिलाकर पटना में अगले पांच दिनों तक धूप खिली रहेगी और दिन में गर्मी का अहसास बढ़ेगा।