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कोर कमेटी बैठक में MLC चुनाव पर मंथन, भाजपा ने 60-70 नामों पर की चर्चा

 पटना अगले महीने खाली हो रही विधान पार्षद की सीटों में से भाजपा की झोली में कम से कम चार आएंगी। इन सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर सोमवार को बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई। प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। लगभग घंटे भर चली बैठक में सांगठनिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। हर दो महीने पर होने वाली कोर कमेटी की बैठक में विधान पार्षद के संभावित उम्मीदवारों पर मंथन हुआ। बैठक में यह बात आई कि रिक्त हो रही नौ विप सीटों में भाजपा को चार, जदयू को तीन, लोजपाआर को एक और विपक्ष के हिस्से में एक सीट आएगी। भाजपा के खाते में आने वाली चार सीटों पर पार्टी नेताओं ने लगभग 60-70 नामों पर मंथन किया। हालांकि किसी भी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बनी। पार्टी की परिपाटी के अनुसार एक सीट के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम भेजे जाएंगे। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। वहीं प्रदेश भाजपा कमेटी का गठन होना है। कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश कमेटी में शामिल होने वाले पदाधिकारियों के नामों पर भी मंथन हुआ। पीएम नरेन्द्र मोदी को देश की गद्दी संभाले हुए 12 साल होने को है। पार्टी की ओर से इस उपलक्ष्य में राज्यव्यापी कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आने वाले दिनों में योग दिवस का भी आयोजन होना है। इस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी की ओर से जल्द ही कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर पार्टी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसे मंडल स्तर तक किया जाना है। बैठक में प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, सांसद राधामोहन सिंह, डॉ. संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बिहार भाजपा सह प्रभारी दीपक प्रकाश मौजूद थे।

कड़ी सुरक्षा के बीच भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव, 25 बूथों पर मतदान जारी

भोजपुर-बक्सर  भोजपुर सह बक्सर विधान परिषद उप चुनाव में मंगलवार को जनप्रतिनिधि मतदाताओं के फैसले की घड़ी है। मतदान के बाद जदयू, राजद समेत छह प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो जाएगा। इसे लेकर जिले के कलेक्ट्रेट से सोमवार को मतपेटी और मतदान सामग्री लेकर कर्मी और पुलिस बल के जवान मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान किया जाएगा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों जिलों के 25 बूथों पर 6084 वोटर वोट देंगे। दोनों जिलों में 14 जोनल दंडाधिकारी तैनात किये गये हैं। सभी बूथों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। मतदाता बैलेट मतदान पत्र पर अपने चहेते प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न पर मुहर लगाकर उनकी किस्मत लिखेंगे। दोनों जिलों में भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रत्याशियों ने अपनी ओर से हर तरह से मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने का हरसंभव प्रयास कर लिया है। इस दौरान डीएम ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हो सके। मतदान की मॉनिटरिंग सीधे आयोग की ओर से की जायेगी। मतदान की सारी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। एसपी राज की ओर से जानकारी दी गई कि जिले में भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। इसे मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। बिहार विधान परिषद के भोजपुर सह बक्सर उप चुनाव को लेकर जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम तनय सुल्तानिया की ओर से कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को ब्रीफिंग की गई। इस दौरान कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी की ओर से सभी दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखने का आदेश दिया जाए। मतदान केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की दिशा सही रहे, ताकि मतदान प्रक्रिया की समुचित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए। इनके भाग्य का फैसला होगा प्रत्याशी – दल कन्हैया प्रसाद – जनता दल यूनाइटेड सोनू कुमार राय – राष्ट्रीय जनता दल कन्हैया प्रसाद – निर्दलीय निरंजन कुमार राय – निर्दलीय मनोज कुमार उपाध्याय – निर्दलीय लालू प्रसाद यादव – निर्दलीय आरा में 14 को राजकीय कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय में होगी गिनती डीएम तनय सुल्तानिया की ओर से सभी मतदान कर्मियों को आदेश दिया गया कि मतदान संपन्न होने के उपरांत सभी पोलिंग पार्टियां यह सुनिश्चित करें कि समस्त मतदान सामग्री राजकीय कन्या +2 उच्च विद्यालय, आरा स्थित वज्रगृह में सुरक्षित रूप से जमा कराई जाए। यहीं पर 14 मई को वोटों की गिनती होगी। जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना भोजपुर सह बक्सर विधान परिषद उप चुनाव को लेकर जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। इन नंबरों पर आम लोग चुनाव से जुड़ी शिकायत और सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 06182-222005 है। जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभारी पदाधिकारी नगर आयुक्त, नगर निगम, आरा को बनाया गया है। इनका मो. नंबर 94314493468 है। प्रभारी पदाधिकारी परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र हैं। इनका मोबाइल नंबर 6205158960 है। किस जिले में कितने वोटर कुल – भोजपुर – बक्सर कुल मतदाता- 3779 – 2305 पुरुष मतदाता- 1750 – 1082 महिला मतदाता- 2029 – 1223 मतदान केंद्र – 14 – 11 दोनों जिलों में पुरुष मतदाता- 2832 दोनों जिलों में महिला मतदाता- 3262

राजद की सीट बचाने की चुनौती, एनडीए 8–9 सीटों पर बढ़त के दावे में

पटना राज्य में होने वाले 9 विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) के चुनाव में क्या महागठबंधन तोड़फोड़ के जरिए नया गुल खिलाएगा? क्या कुछ समीकरण ऐसा बनेगा जिसके सहारे महागठबंधन के विधायक राजद के दो एमएलसी की पारी खत्म होने के बरक्स दो एमएलसी की सीटें हासिल कर सकें? क्या कुछ गणित बनने की संभावना है? क्या विपक्ष के बचे 16 विधायक अपने वोट का बलिदान करेंगे या फिर समीकरण की जद में कोई खेल रच पाएंगे? ऐसे कई सवाल एमएलसी की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के संदर्भ में उठने लगे हैं। राजद के लिए खोने का चुनाव ! जून 2026 में होने वाले बिहार विधान परिषद के आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल के मौजूदा 2 एमएलसी मोहम्मद फारुक और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। 9 सीटों के होने वाले चुनाव के संदर्भ में माना जा रहा है कि एक सीट के लिए 25 विधायक की जरूरत होगी। वैसे में राजद के हिस्से में केवल एक सीट बचाने की क्षमता है। ऐसा इसलिए कि राजद के पास एक्यूरेट 25 विधायक हैं। लेकिन इन 25 विधायकों के अलावा विपक्ष के 16 विधायक शेष रह जाएंगे। अब सवाल उठता है कि राजद का हाल कहीं राज्यसभा चुनाव वाला न हो जाए? 41 विधायकों के रहते राजद के एडी सिंह चुनाव हार गए और एनडीए राज्यसभा की सभी पांचों सीटें जीत गई। एनडीए के निशाने पर 9 MLC सीटें? तोड़फोड़ के जरिए जीत के आदी हो चुके एनडीए के रणनीतिकार क्या कुछ राज्यसभा वाला गेम खेलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं? वैसे अभी तक के गणित के अनुसार एनडीए आठ सीटों पर जीत के प्रति आश्वस्त है। एनडीए सूत्रों के अनुसार विधायकों की संख्या के अनुरूप वह विधान परिषद की रिक्त हो रही आठ सीटों का हकदार है। एक एमएलसी के लिए लगभग 25 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ेगी। इस जोड़ से 8 एमएलसी की सीटें जीतने के लिए 200 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। एनडीए के पास फिर भी 2 शेष रह जाएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन-तीन एमएलसी सीटें जदयू और बीजेपी के हिस्से आएंगी। एक सीट लोजपा और एक सीट रालोमो के हिस्से में जाने की बात कही जा रही है। क्या 9 वीं सीट को लेकर मचेगा धमाल? राज्यसभा चुनाव में सेंधमारी करने में सफल एनडीए के रणनीतिकार क्या कोई गुल खिला सकते हैं। राजद की बात करें तो राज्यसभा चुनाव में एक विधायक बागी हो गए थे। कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी अलग राह पकड़ी थी। क्या एआईएमआईएम के 5, कांग्रेस के छह, वाम दल के तीन बसपा के एक और आईपी गुप्ता कुल 16 विधायकों की भूमिका में कुछ उलट पुलट की संभावना है? या एनडीए किसी धनपशु के बहाने 9 वीं सीट के लिए कोई बाजी खेल जाए? क्या राजद को समर्थन देने वाले एआईएमआईएम को वादे के अनुसार एमएलसी की एक सीट देगी या फिर दूसरी सीट का गणित उलझाने के लिए एआईएमआईएम कोई उम्मीदवार खड़ा करेगा? ऐसे कई अनुत्तरित सवाल हैं। राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं कब कौन किसका साथ दे, कौन साथ छोड़ दे, कोई नहीं कह सकता है!  

कैबिनेट विस्तार से पहले बीजेपी की रणनीति, अरविंद शर्मा को बनाया MLC उम्मीदवार

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो डिप्टी सीएम वाली नई सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को कैबिनेट विस्तार तक के लिए इंतजार कराने से भूमिहार समाज में उपजी नाराजगी को भाजपा मैनेज करने में जुट गई है। विधायक बन चुके पार्टी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद की एक सीट के लिए हो रहे उप-चुनाव में भाजपा ने 46 साल पुराने कार्यकर्ता अरविंद शर्मा को टिकट दिया है। विधानसभा कोटे की इस सीट पर 202 विधायकों के समर्थन वाले एनडीए के कैंडिडेट अरविंद शर्मा की जीत तय है, जो भूमिहार जाति से हैं। अरविंद शर्मा को टिकट मिलने को पार्टी से शुरुआत से जुड़े कार्यकर्ताओं के समर्पण का इनाम बताया जा रहा है। अरविंद शर्मा ने गुरुवार को नामांकन के आखिरी दिन पर्चा भरा है। उनके साथ दौरान सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार और लोजपा-आर के विधायक दल के नेता राजू तिवारी समेत एनडीए गठबंधन के अन्य नेता मौजूद रहे। विपक्ष के पास इतने विधायक नहीं हैं कि वो चुनाव लड़ने की भी सोच सके। इसलिए अरविंद शर्मा इस चुनाव में इकलौते कैंडिडेट होने के आधार पर निर्विरोध जीत जाएंगे। कोई कैंडिडेट आ जाता है तो 12 मई को मतदान और फिर उसी शाम को नतीजे आएंगे। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की सरकार के दौर में नक्सलियों और रणवीर सेना के संघर्ष का केंद्र रहे जहानाबाद से काटकर बनाए गए अरवल जिले के बंभई गांव के रहने वाले अरविंद शर्मा पटना में रहते हैं। भाजपा में पहले जिलाध्यक्ष और जिलों में प्रभारी रह चुके अरविंद शर्मा को सम्राट चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल में बिहार कार्यालय का प्रभारी बनाया गया था। भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन के दिवंगत पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और अरविंद शर्मा एक दौर के नेता हैं और गहरे मित्र रहे हैं। अरविंद शर्मा एक बार विधानसभा चुनाव लड़ने की रेस में थे, लेकिन टिकट का समीकरण नहीं बन पाया था। अब उनको पक्की जीत वाली सीट से एमएलसी का टिकट मिलने से पुराने कार्यकर्ताओं में उत्साह है कि पार्टी नेतृत्व कब किसे धैर्य का धमाकेदार तोहफा दे, कोई नहीं जानता। विधान परिषद में जून में 9 और सीटें खाली हो रही है, जिसका चुनाव मजेदार होगा। विपक्ष के पास जितने विधायक हैं, उसमें एकजुटता दिखाने पर एक सीट निकल सकती है। बाकी 8 सीटों पर एनडीए के कैंडिडेट बाजी मारेंगे, ऐसा माहौल दिख रहा है। अगले चुनाव में रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा को मौका मिलने को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है।