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Grok के Spicy Mode से जुड़ा नया खतरा, साइबर अपराधियों की नई चाल

नई दिल्ली Elon Musk की AI कंपनी के एक फीचर के बाद से सोशल मीडिया पर बवाल मचा है. एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि इससे देश में एडल्ट कंटेंट बढ़ेंगे और Sextortion जैसे क्राइम को भी हवा मिलेगी. सिर्फ एक फोटो से xAI का ये फीचर किसी की भी अश्लील फोटो तैयार कर देगा.  Grok AI पर इस फीचर को Spicy Mode नाम दिया है, जिसने आते ही कई लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हैरानी की बात ये है कि ये फीचर एवेलेबल करा दिया गया है और 700 रुपये की मंथली सब्सक्रिप्शन भी है. 700 रुपये में GrokAI का पेड सब्सक्रिप्शन मिलता है. Spicy Mode असल में Grok Imagine फीचर का हिस्सा है और यह एक AI-पावर्ड इमेज और वीडियो जनरेशन टूल है. यह फीचर SuperGrok या X Premium+ सब्सक्रिप्शन के साथ iOS ऐप पर दिया गया है.   Grok के Spicy Mode फीचर को लेकर उठने वाली चिंताएं लाज़मी हैं. असल में इस फीचर की मदद से यूजर्स ना सिर्फ प्रॉम्प्ट देकर एडल्ट कंटेंट बनाने की सुविधा मिलेगी बल्कि किसी पुरानी फोटो या किसी दूसरे शख्स की फोटो का भी गलत इस्तेमाल कर सकेंगे.  Deepfake जैसा खतरनाक Spicy Mode दरअसल, बीते साल Deepfake फोटो और वीडियो की वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. यहां तक कि ये मामले सेलिब्रिटी तक पहुंच गए थे, जहां रश्मिका मंदाना का एक फेक वीडियो काफी सुर्खियों में रहा था.  क्या Grok Spicy Mode भारत में उपलब्ध है? हां, भारत में Grok Spicy Mode मौजूद है, लेकिन इसका इस्तेमाल शर्तों के साथ करना होगा. अब अगर कोई शख्स Spicy Mode की मदद से किसी लड़की का फोटो अपलोड करता है और उसको Spicy Mode में कंवर्ट करने को कहता है तो यह पूरी तरह से गैर कानूनी काम है.  प्राइवेसी का उल्लंघन  जानकारी के लिए बता देते हैं कि इस एडल्ट कंटेंट जनरेट करना उस व्यक्ति की प्राइवेसी का उल्लंघन है और गैर कानूनी भी है. विक्टिम चाहे तो फोटो या वीडियो बनाने वाले के खिलाफ पुलिस कंप्लेंट भी दर्ज करा सकते हैं. xAI ने क्लियर कर दिया है कि Spicy Mode का मिसयूज कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है.  xAI की पॉलिसी लेकिन बहुत सीमित  xAI ने Spicy Mode में कुछ मॉडरेशन लगाए हैं, जैसे पब्लिक फिगर्स यानी सेलिब्रिटी आदि का एक्सप्लिसिट कंटेंट जनरेट नहीं होता. हालांकि प्राइवेट इंडिविजुअल्स के फोटो अपलोड किए जा सकते हैं, जिससे इस फीचर के मिसयूज होने का खतरा है. प्राइवेसी को सेफ रखने का क्या है तरीका?  xAI में फेस रिकग्निशन और आईडेंटिटी वेरिफिकेशन टूल्स का यूज किया जा रहा है. इससे पब्लिक फिगर्स की फोटो को एडल्ट कंटेंट में कंवर्ट नहीं कर पाएंगे. यहां यूजर्स चाहें तो कंटेंट की रिपोर्ट भी कर सकते हैं. इसके लिए xAI ने एक टीम तैयार की है, जो इन शिकायतों को सुनेगी और सॉल्व करेगी.  ग्लोबल पॉलिसी होने की वजह से परेशानी  xAI दुनिया के कई देशों में काम करता है और सभी देशों के अपने अलग-अलग नियम और कानून है. ऐसे में xAI के लिए ग्लोबल लेवल पर पॉलिसी लागू करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि अगर कोई देश या स्थानीय अथॉरिटी कंप्लेंट करती हैं तो X उस पर एक्शन लेता है. Spicy Mode बड़े खतरे में डाल सकता है भारत में किसी की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी फोटो को एडल्ट तस्वीर में बदलना गैरकानूनी है. भारत में इसके लिए कई नियम-कानून भी हैं. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत धारा 354C और धारा 509 के तहत केस दर्ज किया जा सकता है. साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 66E, धारा 67, धारा 67A के तहत केस दर्ज कराया जा सकता है. 

शाकाहारी भी पा सकते हैं पूरा पोषण

मांसाहारियों को काफी हद तक उनके भोजन से पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती हैं। लेकिन इस मामले में कई बार शाकाहारी पीछे छूट जाते हैं। कई ऐसे पोषक तत्वों की इनमें कमी पाई जाती है। ऐसा नहीं है कि शाकाहारी भोजन से पूर्ण पोषण नहीं पा सकते, बस जरूरत होती है अपने भोजन को सही अनुपात और तरीके से लेने की। प्रोटीन का पोषण महिलाओं को प्रतिदिन 46 ग्राम और पुरुषों को 56 ग्राम प्रोटीन हर दिन आवश्यक होता है। वैसे यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, हाइट और वजन पर निर्भर करती है। ये हैं प्रोटीन के स्रोतः एक कप साबुत अनाज जैसे ज्वार या बार्ली जैसे अनाज में 18 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है, एक कप टोफू में 18 से 20 ग्राम प्रोटीन, काबुली मटर, मटर और सोयाबीन में काफी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, एक कप बीन्स में लगभग 15 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है साथ ही दालों में भी बड़ी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, दही पचाने में काफी आसान होता है और यह शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। विटामिन डी का पोषण कमजोर मांसपेशियां और खराब बोन डेंसिटी विटामिन डी की डिफिशिएंसी के प्रमुख लक्षणों में से एक हैं। लेकिन इस विटामिन की कमी से बच्चों में अस्थमा, वृद्धावस्था में कॉग्नेटिव इम्पेयरमेंट, इंटोलरेंस और मल्टीपल स्केलरोसिस की समस्या भी हो सकती है। वैसे इन समस्याओं को समय रहते सुधारा जा सकता है। कितनी मात्रा में चाहिए 1-70 साल के बीच की उम्र वालों को 15 माइक्रोग्राम प्रतिदिन की आवश्यकता होती है। इससे अधिक उम्र वालों को प्रतिदिन 20 माइक्रोग्राम की जरूरत होती है। ये हैं विटामिन डी के स्रोतः सोया से तैयार उत्पाद जैसे टोफू और सोया बड़ी, ओट्स, मशरूम, सूरज की रोशनी, ऑरेंज जूस, फोर्टिफाइड अनाज विटामिन डी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। विटामिन बी12 का पोषण इस विटामिन की कमी से एनीमिया, नर्व डैमेज, थकान और खराब स्मरणशक्ति की परेशानियां हो सकती हैं। विटामिन बी12 से रक्त के निर्माण और कोशिकाओं के डिविजन में मदद मिलती है। कितनी मात्रा में चाहिए वयस्कों को 1.9-2.4 माइक्रोग्राम की जरूरत होती है। वहीं गर्भवतियों को 2.6 माइक्रोग्राम, स्तनपान करा रही महिलाओं को 2.8 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की आवश्यकता प्रतिदिन होती है। ये हैं विटामिन बी 12 के स्रोतः चीज, अंडे, दही, व्हे पावडर, फोर्टिफाइड अनाज, लो फैट दही, ड्राय फ्रूट्स एवं नट्स इसके कुछ प्रमुख स्रोत हैं।  

विंडोज के लिए बेस्टी हैं ये फ्री एंटीवायरस प्रोग्राम

अगर आप विंडोज कम्प्यूटर यूजर हैं तो आपको एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ेगी। विंडोज के तमाम सुरक्षा दावों के बावजूद अपडेशन के दौरान कोई न कोई वायरस आपके कम्प्यूटर में आ ही जाता है। यदि आपके कम्प्यूटर में एक अच्छाद एंटी वायरस प्रोग्राम हो तो यह उस सुरक्षित रखता है। एक अच्छा एंटी वायरस न केवल वायरस वाली फाइलो को रोकता है बल्कि नए-नए वायरसों से निपटने के लिए अपडेशन भी इंस्टॉशल करता रहता है। जब भी आप नया कम्प्यूटर खरीदते हैं तो डीलर आपको एंटी वायरस प्रोग्राम खरीदने के लिए भी कहता है। हालांकि अधिकांश यूजर फ्री एंटी वायरस प्रोग्राम डाउनलोड करना पसंद करते हैं। जिसके साथ एंटी मालवेयर प्रोग्राम भी मिल जाता है। यूजर्स से मिले फीडबैक और एंटी वायरस की क्षमताओं के आधार पर हम आपको कुछ ऐसे प्रोग्राम्सि की जानकारी दे रहे हैं, जो विंडोज की सुरक्षा के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं: एवेस्टी 2015 फ्री एंटीवायरस एवेस्टी एक आसान एंटीवायरस प्रोग्राम है। जो काफी आसान तरीके से यूजर को समस्याओं की जानकारी देता है। यह वायरस काफी आसान है और वायरस लिस्ट के अनुसार अपनी डेफिनेशन को अपडेट करता रहता है। इसमें अनाउंसमेंट को साइलेंट भी किया जा सकता है। पांडा फ्री एंटीवायरस 2015 एवेस्टम की ही तरह पांडा भी वायरस प्रोटेक्शान के मामले में काफी अच्छार एंटी वायरस प्रोग्राम माना जाता है। इसका इंटरफेस देखने में तो आकर्षक है, एवेस्टं की तरह लेकिन यूजर फ्रेंडली नहीं है। इसमें एक अच्छा फीचर है और वो है यूएसबी वैक्सीइन। इस फंक्शैन पेन ड्राइव से आने वाले इंफेक्शीन और वायरस से आपके कम्यूाना टर को बचाता है। बिटडिफेंडर एंटी वायरस फ्री एडिशन बिटडिफेंडर की खासियत है कि यह प्रोग्राम डिफॉल्टस तरीके से बैकग्राउंड में चलता रहता है। यह यूजर को तब तक किसी भी तरह से परेशान नहीं करता है, जब तक कि उसे कोई इंफेक्शंन या दूसरा एंटी वायरस प्रोग्राम न मिले। यदि आपका पीसी वायरस इंफेक्टेड हो ऊपर बताए गए वायरस तभी कारगर साबित होंगे, जब उन्हेंह बिना किसी इंफेक्शेन के इंस्टॉसल किया गया हो। यदि इंफेक्शंन के बाद इंस्टॉिल किया जाएगा तब भी ये कारगर तो होंगे, लेकिन उस समय एंटीवायरस के बजाय मालवेयर ज्याकदा उपयोगी होता है।  

फेस वॉश करते हुए ना करें ये गलतियां

अगर आप बिना सोचे-समझे लापरवाही के साथ जब तब अपना चेहरा धोते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान। ज्यादा चेहरा धोने से भी आपकी स्किन जल्दी एज करेगी। दिनभर में दो बार से ज्यादा चेहरा ना धोएं। हां! अगर वर्कआउट करते हैं तो पोस्ट-वर्कआउट एक बार धोना ठीक है। साबुन हटा दें। यह आपकी स्किन के नैचरल ऑइल खींच लेता है और इरिटेशन भी पैदा करता है। अगर स्किन सेंसिटिव है तो नॉन-सोप क्लेंजर यूज करें। ऐसे क्लेंजर चुनें जिनमें ग्रीन-टी जैसे इंग्रेडिएंट्स हों जिससे आपकी स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनी रहेगी। अगर आपकी स्किन ऑइली है तो सैलिसैलिक एसिड वाला फेस वॉश यूज करें। एक्सफोलीएटर यूज करने से आपकी स्किन का टेक्स्चर और टोन सुधरता है। जैसे-जैसे उम्र ढलती जाती है हमारे स्किन के वो एन्जाइम्स जो नैचरल एक्सफोलीएटर होते हैं, वो कम होते जाते हैं। इसलिए कॉम्प्लेक्शन रफ और डल हो जाता है। रात में सोने से पहले एक्सफोलिएट करें। उस वक्त स्किन रिन्युअल मोड में होती है और नए स्किन सेल्स बनाती है। ध्यान रखें कि हफ्ते में दो बार से ज्यादा एक्सफोलिएट नहीं करें। मेकअप लगाने के बाद रात में देर हो जाने पर बिना चेहरा धोए नहीं सोना चाहिए। इससे आपका कॉम्प्लेक्शन हमेशा के लिए बिगड़ सकता है। मेकअप पोर्स पूरी तरह से बंद कर देता है। आंखों का मेकअप उतारना भी बेहद जरूरी है वरना इन्फेक्शन का रिस्क रहता है। सर्दियों में इस बात का ज्यादा ख्याल रखें क्योंकि तब स्किन सबसे ज्यादा ड्राय होती है। गर्म पानी आपकी स्किन और ज्यादा ड्राय कर देता है। चेहरा सिंक में धोएं शॉवर में नहीं। ऐसे में आप गुनगुना या ठंडा पानी यूज कर सकते हैं। मेकअप हटाने के लिए या जब आप जल्दी में हों तो क्विक क्लेंजिंग के लिए फेशियल वाइप्स अच्छे हैं, लेकिन इन्हें अपने रेग्युलर क्लेंजर की जगह यूज नहीं करें। पोर्स की अंदर तक सफाई के लिए घर पर स्क्रब और क्लेंजर ही यूज करें।  

टेक की दुनिया में भारत की धमक: टिम कुक का 9 लाख करोड़ रुपए का मेगा प्लान

नई दिल्ली जब टेक दिग्गज एप्पल के सीईओ टिम कुक व्हाइट हाउस पहुंचे, तो वे सिर्फ़ एक औपचारिक मुलाकात के लिए नहीं आए थे. वे अमेरिका को एक “नया निवेश वचन” और 24 कैरेट सोने पर टिकी एक प्रतीकात्मक सौगात देने आए थे. कुक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और 100 बिलियन डॉलर यानी लगभग 9 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा कर दी. इस मुलाकात को खास बना दिया उस तोहफे ने, जो कुक ने ट्रंप को दिया: एक गोल गोरिल्ला ग्लास डिस्क, वही मैटेरियल जिससे iPhone का स्क्रीन बनता है. इसके केंद्र में चमकता हुआ एप्पल का लोगो और ऊपर लिखा था, “Made in USA 2025”. डिस्क को थामे 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड स्टैंड. यह तोहफा केवल तकनीक का नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश था, कि एप्पल अब अमेरिका में बनेगा और अमेरिका के लिए बनेगा. भारत से निकली लहर, जो अमेरिका तक जा पहुंची जहां एक ओर अमेरिका में एप्पल अपने निवेश का विस्तार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसकी मैन्युफैक्चरिंग रीढ़ अब चीन से हटकर भारत पर टिक गई है. 2025 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में भारत में बने iPhones की संख्या 2.39 करोड़ पार कर गई, जो पिछले साल की तुलना में 53% अधिक है. इतना ही नहीं, भारत से iPhone का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. 22.88 मिलियन यूनिट्स विदेश भेजे गए, जिनका कुल मूल्य ₹1.94 लाख करोड़ रहा. पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1.26 लाख करोड़ रुपए था, यानी 52% की जबरदस्त छलांग. भारत ने अमेरिका में चीन को पछाड़ा सबसे बड़ी खबर यह है कि अप्रैल 2025 में भारत से अमेरिका भेजे गए 33 लाख iPhones ने चीन से आए केवल 9 लाख यूनिट्स को बहुत पीछे छोड़ दिया. आज अमेरिका में बिकने वाले 78% iPhones भारत में बन रहे हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ 53% था. क्या एप्पल एक नई ग्लोबल री-शेपिंग की शुरुआत कर रहा है? एक तरफ अमेरिका को मिल रहा है बड़ा निवेश और राष्ट्रवाद की चमकदार गूंज, दूसरी तरफ भारत बन रहा है एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर. यह महज एक कंपनी की रणनीति नहीं, बल्कि एक नई टेक्नोलॉजिकल पॉलिटिक्स की कहानी है, जहां वैश्विक सप्लाई चेन अब केवल लागत नहीं, बल्कि सियासत और भरोसे के आधार पर तय हो रही है. टिम कुक का यह ‘गोल्डन डिस्क’ ट्रंप के लिए भले ही एक गिफ्ट हो, लेकिन दुनिया के लिए यह एक साफ संदेश है, एप्पल अब वैश्विक राजनीति का एक सक्रिय खिलाड़ी बन चुका है. निवेश, उत्पादन और रणनीति, सब कुछ अब दो शब्दों में गूंज रहा है: “Made in India, Powered by America.”

Instagram का नया रूप: Reels रीपोस्ट और मैप फीचर से बढ़ेगा यूजर एक्सपीरियंस

नई दिल्ली Instagram ने दो नए फीचर्स पेश किए हैं। बता दें कि इंस्टाग्राम में भी अब लोगों को एलन मस्क के एक्स प्लेटफॉर्म वाली सुविधा मिलेगी। जी हां, अब इंस्टाग्राम पर भी रीपोस्ट करने का ऑप्शन मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने और भी कई फीचर्स पेश किए हैं। इसमें लोकेशन शेयरिंग मैप और नया Friends टैब शामिल हैं। इंस्टाग्राम के ब्लॉग पोस्ट में इन सभी फीचर्स के बारे में बाताय गया है। अब यूजर्स अपने पसंदीदा पब्लिक रील्स और पोस्ट को रीपोस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, अब आप इंस्टाग्राम मैप का यूज करके अपने चुनिंदा दोस्तों के साथ अपनी लोकेशन शेयर कर सकते हैं। आइये, फीचर्स के बारे में डिटेल में जानते हैं। इस ऐप की कर रहा नकल Instagram के नए फीचर्स को देखकर लग रहा है कि वह TikTok और X को कॉपी कर रहा है। हालांकि, ऐप के ये फीचर्स यूजर्स के काफी काम आ सकते हैं। रीपोस्ट फीचर की मदद आप अपने फॉलोअर्स के साथ कोई भी रील्स या फिर पोस्ट रीपोस्ट कर सकते हैं। बता दें कि रीपोस्ट किए गए पोस्ट एक अलग टैब में दिखाई देंगे। इंस्टग्राम प्रोफाइल ओपन करने के बाद जैसे आपको रील्स आदि का सेक्शन दिखता है, वहीं आपको रीपोस्ट का सेक्शन मिलेगा। यहां पर आपके द्वारा रीपोस्ट किए गए कई पोस्ट दिखाई देंगे। इससे क्रिएटर्स को भी काफी फायदा होगा। अगर उनका रील और पोस्ट कोई रीपोस्ट करता है तो वह अधिक लोगों तक पहुंचेगा बहुत आसान है रीपोस्ट करना इंस्टाग्राम के इस फीचर का यूज करना बहुत आसान है। इसके लिए आपको किसी भी पब्लिक पोस्ट या रील्स पर मिलेगा। यह ऑप्शन आपको लाइक, कमेंट और शेयर आइकन के पास होगा। इस पर क्लिक करके आप पोस्ट को रीपोस्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही, आप पोस्ट को रीपोस्ट करते समय एक नोट भी जोड़ सकते हैं। Instagram Map के जरिए अपने दोस्तों से करें कनेक्ट इंस्टाग्राम मैप के जरिए आप अपने दोस्तों के साथ अपडेट रह सकते हैं। आप अपनी आखिरी एक्टिव लोकेशन को शेयर कर सकते हैं। अपनी सुविधा के अनुसार इसे कभी भी बंद किया जा सकता है। आप मैप खोलकर अपने दोस्तों और पसंदीदा क्रिएटर्स द्वारा दिलचस्प या मजेदार जगहों से पोस्ट की जा रहे कंटेंट भी देख सकते हैं। लोकेशन शेयरिंग डीफॉल्ट रूप से ऑफ रहेगा। आप सिलेक्ट कर सकते हैं कि आप अपनी लोकेशन किसके साथ शेयर करना चाहते हैं। आपके पास किसी स्पेसिफिक जगह या व्यक्ति के साथ लोकेशन शेयर न करने का ऑप्शन भी है। Friends टैब भी है मजेदार रील्स में एक नया टैब "फ्रेंड्स" भी जोड़ा गया है। यहां आप अपने दोस्तों द्वारा इंटरैक्ट किए गए पब्लिक कंटेंट या आपके द्वारा शुरू किए गए ब्लेंड्स के सुझाव देख सकते हैं। साथ ही, उनके बारे में आसानी से बातचीत शुरू कर सकते हैं। "फ्रेंड्स" आपको यह देखने में मदद करेगा कि आपके प्रिय लोग कौन सी रील्स बना रहे हैं। कंपनी के ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में "फ्रेंड्स" शुरू किया था और अब इसे ग्लोबल लेवल पर लॉन्च किया गया है।

इवांका ट्रंप का स्टाइलिश अंदाज, कॉर्सेट टॉप में दिखीं बेहद ग्लैमरस

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप किसी फैशनिस्टा से कम नहीं हैं। ऐसे में उनका स्टाइल हर बार सुर्खियां बटोर लेता है। चाहे वह किसी इवेंट का हिस्सा बने या फिर कहीं स्पॉट हों, उनका अंदाज एकदम परफेक्ट ही नजर आता है। जिसे देखकर लगता ही नहीं है कि वह 43 साल की हैं और उनके तीन बच्चे भी हैं। अब हाल ही में इवांका पिंक कलर की खूबसूरत आउटफिट में नजर आईं। जहां उनका अंदाज इतना कमाल का लगा कि कोई उन्हें हीरोइन समझने की गलती भी कर सकता है। अपने स्टनिंग लुक को उन्होंने ज्यादा एलिमेंट्स ऐड करके ओवर ड्रामेटिक नहीं बनाया, जिससे उनका अंदाज हर बार की तरह सबको इंप्रेस कर गया। क्लासी है इवांका का अंदाज वैसे तो इवांका कुछ भी पहन ले उन पर सब जचता है, लेकिन उनका कपड़ों को कैरी करने का अंदाज ही उनके लुक को खास बनाता है। यहां भी उन्होंने बिना किसी पैटर्न या डिजाइन वाली आउटफिट की बजाए बेबी पिंक कलर के प्लेन कॉर्सेट और पैंट्स कैरी की। जिसमें भी इवांका का अंदाज किसी भी हीरोइन के ग्लैमर को टक्कर देने के लिए काफी है। कॉर्सेट टॉप को दिया स्टाइलिश टच इवांका यहां स्टाइलिश कॉर्सेट टॉप पहने नजर आ रही हैं। जिसे डीप नेकलाइन देकर ग्लैम कोशेंट को एन्हांस किया, तो नूडल जैसी पतली- सी स्ट्रैप्स दी है। इसे क्रॉप डिजाइन का रखते हुए नीचे से कॉर्सेट को स्टाइलिश कट दिया। जिसे उन्होंने पैंट्स के अंदर टक इन करने की बजाए सामने ही रखा। फ्लेयर्ड पैंट्स लगीं बढ़िया कॉर्सेट इवांका के बॉडी कर्व्स को ब्यूटीफुल तरीके से कॉम्प्लिमेंट कर रहा है, तो साथ में उन्होंने फ्लेयर्ड पैंट्स पहनी। जिसे हाई वेस्ट का रखा और वाइड लेग्स के साथ इसमें खूब सारी फ्लेयर्स ऐड की। जिससे लुक में बैलेंस क्रिएट हुआ और इवांका का ओवरऑल लुक भी क्लासी वाइब्स दे गया। जिसे उन्होंने बिना किसी एक्स्ट्रा एलिमेंट के स्टाइल किया। नो जूलरी लुक किया फॉलो अब रही बात लुक को स्टाइल करने की, तो इवांका ने जूलरी को न के बराबर रखा और अपनी आउटफिट को हाइलाइट कर गईं। जहां न तो उनकी हेयर स्टाइल की वजह से उनके इयररिंग्स नजर आए और न ही उन्होंने और कुछ वियर किया। लेकिन, बिना किसी जूलरी पीस के भी इवांका का स्टाइलिश लुक रीगल और रीचनेस वाली वाइब्स ही दे गया। ऐसे दिया फाइनल टच एक्सेसरीज के लिए इवांका ने एकदम आउटफिट के कलर से मैच करती हील्स वियर की और यहां तक की नेलपैंट भी एकदम मैचिंग लगाया। वहीं, शिमरी इफेक्ट वाले क्लच के साथ उन्होंने लुक को पूरा स्टाइल किया। आखिर में बात करें उनके हेयर और मेकअप की, तो उन्होंने उसे पिंक ग्लॉसी लिप्स के साथ हल्का शिमरी इफेक्ट किया और मिडिल पार्टीशन के साथ बालों को ब्लो ड्राई करके सॉफ्ट कर्ल किया।

एंड्रायड व iOS के लिए ये हैं बेहतर एप्स

आज के स्मार्टफोन युग में मोबाइल ऐप्स हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। चाहे काम की बात हो, पढ़ाई की, मनोरंजन की या फिर फिटनेस की—हर काम के लिए कोई न कोई ऐप मौजूद है। एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर लाखों ऐप्स उपलब्ध हैं, लेकिन हर ऐप भरोसेमंद और उपयोगी नहीं होता। यहाँ हम आपके लिए कुछ ऐसे बेहतरीन ऐप्स की सूची ला रहे हैं, जो आपके मोबाइल अनुभव को और भी शानदार बना सकते हैं। 1. सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन ऐप्स WhatsApp / Telegram: तेज और सुरक्षित मैसेजिंग के लिए बेस्ट ऐप्स। Instagram / Threads: फोटो-वीडियो शेयरिंग और अपडेटेड रहने के लिए। Zoom / Google Meet: वीडियो कॉल और ऑनलाइन मीटिंग के लिए भरोसेमंद। 2. प्रोडक्टिविटी और ऑफिस वर्क ऐप्स Google Drive / iCloud: फाइल स्टोरेज और क्लाउड बैकअप के लिए। Microsoft Office / Google Docs: डॉक्युमेंट, शीट और प्रेजेंटेशन बनाने के लिए। Evernote / Notion: नोट्स बनाने और टास्क मैनेजमेंट के लिए। 3. एंटरटेनमेंट और स्ट्रीमिंग ऐप्स YouTube: वीडियो कंटेंट का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म। Netflix / Amazon Prime Video / Disney+ Hotstar: मूवी और वेब सीरीज देखने के लिए। Spotify / JioSaavn / Wynk Music: म्यूजिक और पॉडकास्ट का मज़ा लेने के लिए। 4. हेल्थ और फिटनेस ऐप्स Google Fit / Apple Health: स्टेप काउंटिंग और फिटनेस ट्रैकिंग के लिए। MyFitnessPal: डाइट और कैलोरी मैनेजमेंट के लिए। Calm / Headspace: मेडिटेशन और मानसिक शांति के लिए। 5. यूटिलिटी और जरूरी ऐप्स Google Maps / Apple Maps: लोकेशन और नेविगेशन के लिए। Paytm / PhonePe / Google Pay: आसान और सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट के लिए। Truecaller: कॉलर आइडेंटिफिकेशन और स्पैम ब्लॉकिंग के लिए। निष्कर्ष स्मार्टफोन तभी स्मार्ट कहलाता है जब उसमें सही ऐप्स हों। ये ऐप्स न केवल आपका समय बचाते हैं, बल्कि काम को आसान और मनोरंजन को और मजेदार बना देते हैं। एंड्रॉयड और iOS दोनों पर ये एप्स आपके डिजिटल लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।  

बिना मेकअप दिखें खूबसूरत

संवरने-संवारने की कला स्त्री को जन्मजात मिली है। यह आर्ट उसे सुंदर दिखने को भी प्रेरित करती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में रोज अच्छी तरह मेकअप करना तो संभव नहीं, मगर डाइट और लाइफस्टाइल को सही रखकर खुद को आकर्षक बनाया जा सकता है मेकअप एक कला है। कई बार इससे चेहरे पर कमाल हो सकता है। रोज आईने के सामने काफी वक्त बिताती हैं स्त्रियां ताकि वे सुंदर दिख सकें। कई स्त्रियां मानती हैं कि बिना मेकअप के वे सुंदर नहीं दिख सकतीं। हालांकि सादगी का अपना महत्व है और बिना बहुत वक्त या पैसा खर्च किए भी सुंदर बने रहा जा सकता है। एक प्याली गर्म पानी सुबह की शुरुआत के लिए इससे अच्छी कोई आदत नहीं है। सुबह उठने के बाद चाय के बजाय गर्म पानी पिएं। इसमें नींबू की कुछ बूंदें डालें। ओवरवेट होने या डाइबिटीज जैसी समस्या न हो तो थोड़ा शहद भी मिला सकती हैं। इससे ताजगी का अहसास होगा। एसपीएफ युक्त क्रीम उम्र बढन के साथ-साथ धूप, धूल और समय का प्रभाव चेहरे पर पडने लगता है। इसलिए सनक्रीम हमेशा साथ रखें। तेज धूप हो या नहीं, इसका इस्तेमाल करें। इसके प्रयोग से आप बहुत सी समस्याओं से बची रह सकती हैं। आदतें सुधारें चेहरे को सिकोड़ते हुए बात करने, माथे पर बल डालने, आखें मिचमिचाने, हथेलियों को गालों पर टिकाने, पिंपल्स नोचने, आंखें मलने जैसी आदतें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। चेहरे की त्वचा संवेदनशील होती है, इसलिए इस पर दाग-धब्बे बहुत पड़ते हैं। ये आदतें झुर्रियों को न्यौता भी दे सकती हैं। अति से बचें नियमित फेशियल से चेहरे की मांसपेशियों में कसाव आता है, रक्त संचार ठीक होता है और चेहरा साफ व सुंदर दिखता है, मगर ब्लीच का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। ज्यादा मसाज व ब्लीच से संवेदनशील त्वचा को नुकसान हो सकता है। स्क्रबिंग-क्लेंजिंग रोज सोने से पहले क्लेंजिंग मिल्क से चेहरा साफ करें। हफ्ते में एक बार स्क्रबिंग करें। इससे डेड स्किन हटेगी। क्लेंजर से त्वचा बैक्टीरिया रहित होगी, अतिरिक्त तेल व डेड स्किन सेल्स निकलेंगी। ड्राई स्किन के लिए मॉइश्चराइजर वाला क्लेंजर अच्छा है। पानी खूब पिएं रोज सात-आठ गिलास पानी पीना चाहिए। शरीर से हानिकारक तत्व निकालने का यह सर्वोत्तम उपाय है। यह सौंदर्य को बढ़ाता है और त्वचा को समस्या रहित रखता है। मॉइश्चराइजर मुलायम त्वचा के लिए मॉइश्चराइजर जरूरी है। प्रदूषण, मौसम, धूप और धूल से त्वचा को क्षति पहुंचती है। स्किन को सही पोषण और नमी मिले तो रिंकल्स कम पडेंगे और वह ड्राई होने से बची रहेगी। चेहरे और गर्दन के अलावा हाथों और पैरों पर भी मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें। टोनर टोनर से न सिर्फ त्वचा में कसाव आता है, बल्किइससे रोमछिद्र भी भरते हैं और चेहरे से अतिरिक्त तेल बाहर निकल जाता है। शैंपू सप्ताह में कम से कम तीन दिन बालों को किसी अच्छे शैंपू से धोएं और कंडीशनर का इस्तेमाल करें। चिपचिपे-गंदे बाल चेहरे का लुक बिगाड़ देते हैं। दिन में दो-तीन बार और सोने से पहले बालों में कंघी करना न भूलें। -बालों की समय-समय पर ट्रिमिंग कराएं, ताकि वे दोमुंहे न हों और खराब न दिखें। -नाखून चबाने की आदत से बचें। उन्हें सही ढंग से तराशें और अच्छा शालीन नेल पेंट लगाएं। -अत्यधिक कॉफी या चाय पीने से बचें। -कम से कम सात घंटे की अच्छी नींद लें। -दांतों की सुबह-शाम सफाई करें। कई बार ब्रश करने से दांतों का इनैमल कम होता है और वे पीले दिखने लगते हैं। दिनभर में दो बार ब्रश करना काफी है। -उठने-बैठने और चलने-फिरने में अपने बॉडी पोस्चर का ध्यान रखें। -तले-भुने खाद्य पदार्थों, मैदे से बनी चीजों का इस्तेमाल कम करें। तरल पदार्र्थों का सेवन अधिक करें। -सही फिटिंग के कपड़े पहनें और ऐसे फैशन ट्रेंड्स का अनुकरण करने से बचें जो आपके व्यक्तित्व पर न फबें। जिस ड्रेस में कंफर्टेबल महसूस करती हों, वही पहनें।  

थाइरॉएड में शुगर और सोया से बचें

थाइरॉएड, गर्दन के सामने वाले हिस्से में तितली के आकार की ग्रंथि है। इससे निकलने वाले हार्मोंस शरीर की भोजन को ऊर्जा में बदलने की क्षमता को काबू में रखते हैं। इस ग्रंथि में गड़बड़ी आने पर हाइपो या हाइपर थाइरॉएडिज्म होता है और वजन तेजी से कम या बढ़ने लगता है। हृदय, बाल, नाखून व नींद पर भी इसका असर होता है। दवाओं के अलावा थाइरॉएड पीड़ितों के लिए खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है। आयोडीन शरीर में थाइरॉएड हार्मोन बनने के लिए आयोडीन की जरूरत होती है। चूंकि शरीर स्वयं आयोडीन नहीं बनाता, इसलिए उसे डाइट में लेना जरूरी हो जाता है। आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि समुद्री नमक या डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले नमक में आयोडीन नहीं होता। नमक या उत्पाद खरीदते समय इसका ध्यान रखें। समुद्री भोजन मछली, झींगा आदि तमाम तरह के समुद्री भोजन में आयोडीन प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। यदि हाइपर थाइरॉएडिज्म की शिकायत है, तो समुद्री भोजन अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। अगर थाइरॉएड ग्रंथि अधिक मात्रा में हार्मोन बनाती है तो अतिरिक्त आयोडीन स्थिति को और गंभीर बना देता है। उदाहरण के लिए समुद्री घास में आयोडीन बहुत अधिक मात्रा में होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे और बीज मैग्नीशियम की कमी से हाइपो थाइरॉएडिज्म होता है, जिससे थकावट व मांसपेशियों में खिंचाव रहने लगता है। इसके लिए पालक, लेट्यूस, हरी पत्तेदार सब्जियां, काजू, बादाम और सीताफल के बीज खाएं। ब्राजील मेवों में मैग्नीशियम के साथ सेलेनियम भी होता है। सोयाबीन विशेषज्ञों के अनुसार सोयाबीन लेना हाइपोथाइरॉएडिज्म की आशंका बढ़ाता है। यदि पर्याप्त आयोडीन नहीं ले रहे हैं तो सोया उत्पाद जैसे दूध व टोफू आदि में पाए जाने वाले रसायन थाइरॉएड की हार्मोन बनाने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। चीनी हाइपोथाइरॉएडिज्म में वजन तेजी से बढ़ता है। इसके लिए शुगर की मात्रा को कम रखना चाहिए। खासतौर पर ऐसे उत्पाद जिनमें कैलोरी अधिक व पोषक तत्व कम होते हैं, खाने से बचना चाहिए। दवाएं कुछ दवाएं थाइरॉएड दवाओं के असर को कम करती हैं। खासतौर पर अगर वे लगभग एक ही समय ली जा रही हों। मल्टी विटामिंस, आयरन कैल्शियम सप्लीमेंट्स, एंटासिड, अल्सर या कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाली दवाएं इनमें प्रमुख हैं। यदि आप ऐसी ही दवाएं ले रहे हैं तो थाइरॉएड व अन्य दवाओं में कुछ घंटे का अंतर अवश्य रखें। गोभी व ब्रोकली गाइट्रोजेंस, तत्व का असर थाइरॉएड ग्रंथि के आकार बढ़ने के रूप में दिखायी देता है जैसे गॉइटर। शरीर में आयोडीन की कमी से यह समस्या होती है। ऐसी स्थिति में गोभी, ब्रोकली, बंद गोभी खाना आयोडीन ग्रहण करने की क्षमता को कम करता है। जरूरी है तो इन्हें पकाकर ही खाएं। ग्लुटेन ग्लुटेन, गेहूं व जौ में पाया जाने वाला प्रोटीन है। ग्लूटेन की एलर्जी वालों को छोड़ दें तो ग्लूटन थाइरॉएड पर असर नहीं डालता। हां, अगर गेहूं आदि से एलर्जी है तो ग्लूटेन छोटी आंत को नुकसान पहुंचा कर थाइरॉएड ग्रंथि की प्रक्रिया को तेज या धीमा कर सकता है।