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मानसून हेल्थ अलर्ट: बारिश में बढ़ते संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

 देश के कई हिस्सों में मानसून की एंट्री के साथ लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने लगी है. बारिश का मौसम जहां ठंडक और सुकून लेकर आता है, वहीं यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है. मौसम में अचानक बदलाव होने पर वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी और पेट से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान बढ़ी हुई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में खानपान और साफ-सफाई को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है. साफ पानी पीना है सबसे जरूरी बारिश के मौसम में पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए. इससे पेट के संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. बाहर का खाना खाने से बचें मानसून में खुले में रखी खाने की चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं. कटे हुए फल, चाट-पकौड़ी और अन्य स्ट्रीट फूड संक्रमण का कारण बन सकते हैं. घर का ताजा और स्वच्छ भोजन बेहतर विकल्प माना जाता है. हाथों की सफाई पर दें ध्यान खाना खाने से पहले और बाहर से घर लौटने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए. यह आदत कई प्रकार के संक्रमण से बचाने में मदद करती है. भीगने के बाद तुरंत बदलें कपड़े बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर रहने से सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहन लेना चाहिए. इम्यूनिटी मजबूत रखें मौसमी फल, हरी सब्जियां, विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ और ड्राई फ्रूट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा पर्याप्त नींद और नियमित पानी पीना भी जरूरी है. मच्छरों से करें बचाव बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है. डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरे कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप मानसून के मौसम में खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं.

AI के दौर में टेक नौकरियों पर संकट: भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग हायरिंग में तेज गिरावट

भारत में टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों की हायरिंग की रफ्तार धीमी होती नजर आ रही है. इसका सबसे ज्यादा असर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि कंपनियां AI और ऑटोमेशन को ज्यादा अपनाने लगी है. एक नए अध्ययन के मुताबिक, कुल मिलाकर नौकरी के अवसर कम हुए हैं लेकिन टेक सेक्टर में नौकरियों की संख्या पिछले कुछ महीनों में और तेजी से घटी है. लोकप्रिय जॉब पोर्टल इंडीड के अनुसार, मई 2026 में प्लेटफॉर्म पर भारतीय नौकरियों के एड 0.7 प्रतिशत कम हुए, जिनमें से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की नौकरियों में पिछले तीन महीनों में 12.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस एंड सपोर्ट, आईटी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस और डेटा एंड एनालिटिक्स जैसी अन्य तकनीकी नौकरियों में भी 10.2, 9.3 और 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई है.  इंडीड के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि तकनीकी कंपनियां कर्मचारियों को ऑफिस लौटने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं. क्या कहते हैं आंकड़े? आंकड़े बताते हैं कि इस समय टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव हो रहे हैं. कंपनियों की हायरिंग और कामकाज अब इस बात पर निर्भर करता है कि वे AI को कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल कर पा रही हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि टेक नौकरियों के एड क्यों कम हुए हैं, लेकिन AI इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है. कई कंपनियां AI से जुड़े नए स्किल वाले कर्मचारियों को हायर कर रहे हैं, जबकि कुछ कंपनियां क्लाउड और ChatGPT जैसे AI टूल्स की मदद से कम कर्मचारियों के साथ ही ज्यादा काम कर रही हैं. छंटनी का बढ़ रहा है खतरा वहीं, तकनीकी क्षेत्र में छंटनी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि पहले यह बहुत कम होती थी. उदाहरण के लिए अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेजन ने लगभग 30,000 कॉर्पोरेट और तकनीकी पदों पर छंटनी की. इस अप्रैल में, मेटा ने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की. उसी महीने माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 8,750 अमेरिकी कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा की. इसकी लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन मुख्य बात यह है कि तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इंडीड के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि तकनीकी नौकरियां एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं, जिसमें कुछ पद पूरी तरह से समाप्त हो सकते हैं और फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर (एफडीई) जैसे नए पद सामने आ सकते हैं. कम कर रही है वर्क फ्रॉम होम की सुविधा कई कंपनियां अब वर्क फ्रॉम होम की सुविधा को कम कर रही है या पूरी तरह खत्म कर रही है. इंडीड के आंकड़ों के अनुसार, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सपोर्ट जैसी नौकरियों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है. इन क्षेत्रों में रिमोट वर्क के अवसर 4.4% तक कम हुए हैं. इसे लेकर इंडीड का कहना है कि रिमोट वर्क में कमी से यह पता चलता है कि कंपनियों का रुख बदल रहा है और वह अपने कर्मचारियों से ऑफिस में काम करने की उम्मीद कर रही है. खासकर टेक कंपनियों में यह बदलाव हाल के समय में साफ दिखाई दे रहा है. साथ ही कंपनियां ज्यादा उम्मीदवारों को आकर्षित करने के लिए अपनी हायरिंग प्लानिंग में बदलाव कर रही है. इन नौकरियां में हो रही बढ़त दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर टेक सेक्टर में नौकरियां कम हो रही हैं, वहीं कई दूसरे क्षेत्रों में हायरिंग तेजी से बढ़ रही है. देशभर में खेल, ब्यूटी और हेल्थ, पर्सनल केयर तथा घरेलू सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नई नौकरियां निकली हैं. पिछले तीन महीनों में खेल क्षेत्र में नौकरियां 41%, ब्यूटी और हेल्थ में 36% और पर्सनल केयर और घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं में 34% बढ़ी हैं.

मानसून में मलेरिया का खतरा बढ़ा: जानें इसके शुरुआती लक्षण और समय रहते कैसे पहचानें

मानसून का मौसम जहां तपती गर्मी से राहत देता है, वहीं यह कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिसके कारण मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी फैल सकती है. अक्सर लोग मलेरिया के शुरुआती संकेतों को सामान्य वायरल संक्रमण या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते लक्षणों की पहचान और सही इलाज शुरू कर दिया जाए तो मलेरिया से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं इस बीमारी के कुछ प्रमुख संकेतों के बारे में. तेज बुखार और ठंड लगना मलेरिया का सबसे सामान्य लक्षण तेज बुखार है. इसके साथ अचानक ठंड लगना और कंपकंपी भी हो सकती है. कई बार बुखार बार-बार आता है और शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है. ज्यादा पसीना आना बुखार उतरने के बाद अत्यधिक पसीना आना भी मलेरिया का संकेत माना जाता है. शरीर तापमान को सामान्य करने की कोशिश करता है, जिसके कारण मरीज को जरूरत से ज्यादा पसीना आ सकता है. सिरदर्द और शरीर में दर्द मलेरिया होने पर सिर भारी लगना, आंखों के आसपास दर्द और पूरे शरीर में टूटन महसूस हो सकती है. कई लोगों को मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी की शिकायत भी होती है. लगातार थकान और कमजोरी अगर बिना ज्यादा काम किए भी हर समय थकान महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मलेरिया शरीर की ऊर्जा को प्रभावित करता है, जिससे कमजोरी और सुस्ती बढ़ सकती है. उल्टी होना कुछ मरीजों में जी मिचलाना, उल्टी होना, भूख कम लगना और पेट में असहजता जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं. बुखार के साथ ऐसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए. मलेरिया से बचाव कैसे करें? मलेरिया से बचने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का उपयोग करें. यदि लगातार बुखार या ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें. मानसून के मौसम में थोड़ी सावधानी और जागरूकता आपको और आपके परिवार को मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकती है.

Apple का अगला धमाका: iPhone 18 Pro और Pro Max होंगे पहले से महंगे, फीचर्स भी अपग्रेड

ऐपल अपनी न्यू iPhone 18 Pro सीरीज पर काम कर रहा है, जिसको जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. बीते 3 साल का ट्रेंड देखें तो कंपनी सितंबर के दूसरे सप्ताह में अपनी फ्लैगशिप सीरीज को अनवील करती है. इस बार भी अपकमिंग आईफोन सीरीज को सितंबर में अनवील किया जा सकता है. कंपनी ने आईपैड और मैकबुक की कीमत में इजाफा कर दिया है, हालांकि आईफोन की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है. IDC इंडिया के वायस प्रेसिडेंट नवेंदर सिंह ने दावा किया है कि ऐपल कई आईफोन की कीमत में इजाफा करेगा. iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत में बदलाव होगा. सिंह ने बताया है कि मौजूदा मॉडल iPhone 17 Pro और 17 Pro Max की तुलना में iPhone 18 Pro/18 Pro Max की कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 142,00 रुपये तक ज्यादा हो सकती है. iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत 1,34,900 रुपये थी और अब iPhone 18 Pro की कीमत इससे ज्यादा होगी. वहीं iPhone 17 Pro Max की तुलना में iPhone 18 Pro Max की कीमत काफी ज्यादा हो सकती है. यह कीमत 1.50 लाख रुपये तक हो सकती है. iPhone 18 Pro सीरीज में डाइनेमिक नॉच मिलेगा iPhone 18 Pro सीरीज के अंदर कई अपग्रेड्स भी नजर आएंगे. iPhone 17 Pro की तुलना में iPhone 18 Pro के डिजाइन में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा. iPhone 18 Pro के डिस्प्ले में डायनेमिक आइलैंड का साइज छोटा किया जा सकता है. iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा अपग्रेड होगा iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में कैमरा सेटअप को अपग्रेड किया जाएगा. बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा, जिसमें तीनों ही कैमरा 48 मेगापिक्सल के होंगे, लेकिन सेंसर को बेहतर किया जाएगा. इसकी मदद से यूजर्स को बेहतर अपर्चर देखने को मिल सकता है. iPhone 18 Pro सीरीज में न्यू कलर वेरिएंट iPhone 18 Pro सीरीज में एक यूनिक कलर वेरिएंट देखने को मिलेगा, जो डार्क चेर होगी. यह वाइन रेड शेड में लॉन्च होगा. अपकमिंग वेरिएंट में कॉस्मिक ओरेंज कलर को बदल जाएगा.

Apple का बड़ा झटका: iPad और MacBook हुए 42% तक महंगे, iPhone की कीमत क्यों नहीं बदली?

अमेरिकी टेक कंपनी ऐपल ने भारत समेत दुनियाभर में अपने कस्टमर को बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने अपने प्रोडक्ट की कीमत में 42 परसेंट तक का इजाफा कर दिया है, जिसकी वजह iPad से लेकर मैकबुक आदि खरीदने वालों को ज्यादा रकम खर्च करनी होगी. कंपनी ने iPhone की कीमत में कोई  बदलाव नहीं किया है. आइए जानते हैं क्यों? Apple ने एक खास रणनीति के तहत अभी आईफोन की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है. कंपनी अपने सबसे ज्यादा रेवेन्यू कमाने वाले प्रोडक्ट की कीमत में कोई छेड़छाड़ नहीं करना चाहती है. हालांकि आगे कीमत में बदलाव होगा या नहीं, उसके बारे में अभी कहना मुश्किल है. कीमत बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह महंगे होते कंपोनेंट हैं. चिप, मेमोरी और अन्य कंपोनेंट के दाम में इजाफा हो रहा है, जिसकी वजह से कंपनी ने आईपैड से लेकर मैकबुक तक की कीमत में इजाफा किया है. ऐसा करके कंपनी अपने प्रोफिट को बरकरार रखना चाहती है. बीते दो क्वार्टर में कीमत में इजाफा नहीं ऐपल बीते करीब दो क्वार्टर से महंगे कंपोनेंट और अन्य प्रोडक्ट की बढ़ी हुई कीमत का सामना कर रहा था. कंपनी ने इसका बोझ कस्टमर पर नहीं पड़ने दिया. अब कंपनी ने iPad और मैकबुक की कीमत में इजाफा कर दिया है. AI डेटा सेंटर्स के लिए भी कंपोनेंट तैयार हो रहे दरअसल, चिप उत्पादन करने वाली कंपनियां अब AI डेटा सेंटर्स के लिए भी कंपोनेंट तैयार कर रही हैं, जिसकी वजह से उनपर दबाव बढ़ गया है. ऐसे में वे मोबाइल, लैपटॉप आदि के लिए पूरी तरह से सप्लाई नहीं दे पा रहे हैं और उन्होंने कीमत में भी इजाफा कर दिया है.

अंडा vs सोया चंक्स: प्रोटीन के मामले में कौन है ज्यादा फायदेमंद, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

प्रोटीन की बात जब भी आती है, तो अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर सबसे बेस्ट ऑप्शन क्या है. हाल ही में पश्चिम बंगाल के मिड-डे मील प्रोग्राम में अंडे की जगह सोया चंक्स को शामिल करने के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है. यह विवाद सिर्फ डाइट तक सीमित नहीं, बल्कि पोषण की क्वालिटी और शाकाहार VS मांसाहार के बीच भी सिमट गया है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स माना जाता है, वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए एक किफायती और दमदार विकल्प के रूप में देखे जाते हैं. तो आखिर क्या वाकई सोया चंक्स अंडे की कमी पूरी कर सकते हैं? दोनों ही प्रोटीन के पावरहाउस माने जाते हैं लेकिन फिर भी यह बहस काफी पहले से चली आ रही है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स कहा जाता है वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे सस्ता और बेहतरीन विकल्प है. कई लोग वजन घटाने या मसल्स बनाने के लिए भी डाइट में इन्हें शामिल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी फिटनेस गोल्स के हिसाब से इनमें से क्या चुनना ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स. अंडे और सोया चंक्स प्रोटीन क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन के मामले में अंडे को हमेशा नंबर वन माना जाता है. हेल्थलाइन का कहना है, अंडे में सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो मसल्स रिपेयर और ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी हैं. 1 अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है. इसकी बायो-अवेलेबिलिटी बहुत ज्यादा होती है जिसका मतलब है कि आपका शरीर इसे बहुत आसानी से इस्तेमाल कर लेता है. दूसरी तरफ सोया चंक्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक शानदार सोर्स हैं. इसमें भी सभी अमीनो एसिड्स होते हैं लेकिन इसकी क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन रेट अंडे के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि, फाइबर की बात करें तो सोया चंक्स इस मामले में बाजी मार ले जाते हैं. 50 ग्राम सोया चंक में करीब 25 ग्राम प्रोटीन होता है. कौन है आपके लिए बेस्ट? यदि आप मसल बिल्डिंग पर फोकस कर रहे हैं तो अंडा एक कंप्लीट और सुपीरियर प्रोटीन सोर्स है. इसकी डाइजेस्टिबिलिटी अंडे की तुलना में ज्यादा मानी जाती है. हालांकि यदि आप शुद्ध शाकाहारी हैं या बजट फ्रेंडली ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो सोया चंक्स एक बेस्ट ऑल्टरनेटिव है. वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, सोया जैसे प्लांट-बेस्ड सोर्स न सिर्फ प्रोटीन देते हैं बल्कि हार्ट हेल्थ में भी सुधार कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि सोया चंक्स को अगर आप अनाज जैसे चावल या रोटी के साथ मिलाकर खाएं, तो यह इसकी प्रोटीन प्रोफाइल को और बेहतर बना देता है. अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले हमेशा अपनी बॉडी की जरूरतों को समझना जरूरी है.

Apple प्रोडक्ट्स हुए 42% तक महंगे: MacBook Pro और iPad Air की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

ऐपल ने भारत समेत दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसमें मैकबुक से लेकर iPad तक का नाम शामिल है. कंपनी ने प्रोडक्ट की शुरुआती कीमत में 20 से 42 परसेंट तक का इजाफा किया है. यहां तक कि MacBook Pro के शुरुआती वेरिएंट की कीमत में 1 लाख रुपये का इजाफा हुआ है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. कंपनी का कहना है कि कीमत बढ़ने के पीछे की मुख्य वजह मेमोरी चिप्स और अन्य कंपोनेंट की बढ़ती लागत है. Apple India पोर्टल पर नई प्राइस लिस्ट आ चुकी है. पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि M5 सीरीज चिप वाले MacBook Pro की कीमत में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है. MacBook Pro M5 Pro की नई कीमत 14-इंच MacBook Pro M5 Pro चिप वाले की कीमत अब 2,99,900 रुपये हो चुकी है. वहीं, लॉन्चिंग के दौरान इसकी शुरुआती कीमत 2,49,900 रुपये थी.   MacBook Pro 14-inch (M5 Max variant) की कीमत में करीब 1 लाख रुपये तक का इजाफा हुआ है. ये जानकारी इंडियाटुडे की रिपोर्ट से मिली है. iPad Air की कीमत में भारी इजाफा हुआ है. 13-इंच iPad Air के बेस मॉडल की कीमत 84,900 रुपये से बढ़ाकर 1,19,900 रुपये कर दी जा चुकी है, जो करीब 42 परसेंट तक का इजाफा है. कीमत बढ़ाने की वजह काउंटर रिसर्च के को-फाउंडर और रिसर्च वीपी नील शाह ने बताया है कि मैकबुक नियो, मैकबुक एयर, मैकबुक प्रो, आईपैड एयर और आईपैड प्रो वाईफाई की कीमत लागत में आए बड़े बदलाव को दर्शाती है. मेमोरी से सेमीकंडक्टर चिप्स की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. चिप मेकर AI डेटा सेंटर के लिए भी कर रही हैं काम मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपने मैन्युफैक्चरर का बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटरों को दे रही हैं. ऐसे में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए मेमोरी चिप्स की कमी हो चुकी है और उनकी लागत बढ़ रही है. नील शाह ने बताया है कि ऐपल ने करीब दो तिमाहियों तक कीमतें नहीं बढ़ाईं और महंगाई का असर ग्राहकों तक नहीं पहुंचने दिया. अब कंपनी के लिए बढ़ी हुई लागत का बोझ उठाना मुश्किल हो गया है, जिसकी वजह ये कीमत में इजाफा हुआ है. Apple इस साल अपने नए ऑन-डिवाइस Apple Intelligence जैसा फीचर लॉन्च कर सकती है. इसके लिए डिवाइस को और ज्यादा मेमोरी और रैम की जरूरत पड़ सकती है.

सुबह खाली पेट भीगी मेथी के 5 जबरदस्त फायदे, सेहत के लिए वरदान

हमारे इंडियन किचन में मेथी दाना एक बहुत ही आम मसाला है. तड़के से लेकर अचार तक, यह हर चीज का स्वाद बढ़ाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा सा पीला दाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए एक वरदान है. खासकर जब आप मेथी को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाते हैं, तो इसके गुण कई गुना बढ़ जाते हैं. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े लाइफस्टाइल में भीगी हुई मेथी को अपनी डाइट में शामिल करना एक बेहद समझदारी भरा फैसला हो सकता है. आइए जानते हैं सुबह खाली पेट भीगी हुई मेथी खाने के 5 बड़े फायदों (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) के बारे में. 1. डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार आज के समय में शुगर या डायबिटीज की समस्या बहुत आम हो चुकी है. भीगी हुई मेथी ब्लड शुगर लेवल को काबू में रखने के लिए एक रामबाण इलाज मानी जाती है. मेथी के दानों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो शरीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर के सोखने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. इससे खून में अचानक शुगर का लेवल नहीं बढ़ता. अगर आप रोज सुबह इसका पानी पीते हैं और इसके दाने चबाकर खाते हैं, तो इंसुलिन का सिक्रीशन भी बेहतर होता है. 2. पेट की दिक्कतों और कब्ज से छुटकारा गलत खानपान की वजह से आजकल हर दूसरा व्यक्ति गैस, एसिडिटी और कब्ज से परेशान रहता है. भीगी हुई मेथी में घुलनशील फाइबर होता है, जो हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है. रातभर भीगने के कारण मेथी थोड़ी सॉफ्ट हो जाती है और इसे पचाना आसान होता है. यह पेट को साफ करने में मदद (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) करती है और पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या को भी धीरे-धीरे खत्म कर देती है. 3. वजन घटाने में मिलती है मदद अगर आप अपने बढ़ते वजन या पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो भीगी हुई मेथी आपकी इस मुश्किल को आसान कर सकती है. सुबह खाली पेट इसे खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलरी तेजी से बर्न होती है. इसके अलावा, मेथी में मौजूद फाइबर के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा-भरा महसूस होता है. इससे आपको असमय भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग यानी ज्यादा खाने से बच जाते हैं. 4. खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करे (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) दिल की सेहत के लिए भीगी हुई मेथी बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करने में मदद करती है. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, तो नसों में ब्लॉकेज का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ और हार्ट अटैक आने की संभावना काफी हद तक घट जाती है. 5. त्वचा और बालों के लिए वरदान भीगी हुई मेथी सिर्फ अंदरूनी सेहत ही नहीं, बल्कि आपकी बाहरी खूबसूरती को भी निखारती है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स चेहरे के कील-मुंहासों को दूर करते हैं और स्किन पर एक नेचुरल ग्लो लाते हैं. इसके साथ ही, अगर आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या उनमें डैंड्रफ की समस्या है, तो भीगी हुई मेथी खाने (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बाल चमकदार बनते हैं.

वजन घटाने के लिए बेस्ट हैं ये 5 हेल्दी इवनिंग स्नैक्स, भूख भी मिटेगी और कैलोरी भी कम रहेगी

 जब बात वजन घटाने की आती है, तो यह एक ऐसा सफर है, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती जिम जाना नहीं, बल्कि अपनी भूख को कंट्रोल करना होता है. अक्सर देखा जाता है कि लोग सुबह का ब्रेकफास्ट और दोपहर का लंच तो हेल्दी तरीके से मैनेज कर लेते हैं, लेकिन शाम को भूख लगते ही कचौरी, समोसा या फिर बिस्कुट खाने के लिए निकल पड़ते हैं. शाम के समय होने वाली यही क्रेविंग्स अक्सर पूरे डाइट प्लान को खराब कर देती हैं. अगर आप भी हर शाम लगने वाली भूख से परेशान हैं, लेकिन अपना वजन बढ़ने नहीं देना चाहते, तो आपको भूखे रहने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आपको सिर्फ अपने अनहेल्दी स्नैक्स को कुछ टेस्टी और लो-कैलोरी ऑप्शंस से रिप्लेस करना होगा. आज हम आपको कुछ ऐसे इवनिंग स्नैक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने शाम के नाश्ते में शामिल कर सकते हैं. इन स्नैक्स की खासियत यह है कि ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लो-कैलोरी भी होते हैं, इसलिए इन्हें खाने से शरीर को एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं मिलती और आपकी वेट लॉस जर्नी भी पटरी पर बनी रहती है. टेस्ट और हेल्थ का कॉम्बिनेशन हैं भुने हुए मखाने जब शाम को कुछ क्रंची या क्रिस्पी खाने का मन करे, तो मखाने सबसे अच्छा ऑप्शन हैं. मखाने में कैलोरी बहुत कम होती है और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जब आप इन्हें खाते हैं तो आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. भुने हुए मखानों को तैयार करने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी या बिना घी के भी मखानों को सेंक लें. अब इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक, हल्दी और काली मिर्च पाउडर मिलाएं. यह लाइट और टेस्टी स्नैक आपकी शाम की चाय के साथ एक बेहतरीन जुगलबंदी बनाएगा. प्रोटीन का पावरहाउस है स्प्राउट्स चाट अगर आपको शाम के वक्त कुछ चटपटा और तीखा खाने की आदत है, तो स्प्राउट्स चाट आपके लिए बेस्ट है. इसे तैयार करने के लिए मूंग और चने को स्प्राउटेड करके उसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च मिलाएं. अब इसके ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस और चाट मसाला डाल लें. यह स्नैक न केवल लो-कैलोरी है, बल्कि इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो वजन घटाने में और आपके मसल्स को स्ट्रॉन्ग रखने में मदद कर सकता है. भुना हुआ चना शरीर को देगा इंस्टेंट एनर्जी ऑफिस में काम करते समय या फिर कहीं ट्रैवल करते समय भुने हुए चने खाना सबसे आसान और हेल्दी उपाय है. बता दें चने में फाइबर और प्रोटीन दोनों भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड में शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देते. इसे खाने से आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बार-बार कुछ मीठा या फ्राइड खाने की इच्छा शांत हो जाती है. इस बात का ख्याल रखें कि बिना छिलके वाले चनों की जगह छिलके सहित भुने चने खाएं, क्योंकि छिलके में फाइबर ज्यादा होता है. रिफ्रेशिंग और लाइट खीरे और गाजर की स्टिक्स गर्मियों के मौसम में या जब आपको बहुत ही हल्की भूख लगी हुई हो, तो इसे शांत करने के लिए खीरे, गाजर या चुकंदर को पतली स्टिक्स के रूप में काट लें. आप अगर चाहें तो इन्हें पुदीने और दही से बनी घर की चटनी के साथ भी शाम के नाश्ते में खा सकते हैं. बता दें इनमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है और आपको बिल्कुल भी एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं मिलती. बिना गिल्ट के खाएं पॉपकॉर्न बहुत से लोगों को लगता है कि पॉपकॉर्न खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन ऐसा उसी समय होता है जब आप उसमें बहुत ज्यादा बटर या चीज मिला देते हैं. अगर आप घर पर बिना बटर या कम तेल में प्लेन पॉपकॉर्न बनाते हैं, तो यह एक बेहतरीन लो-कैलोरी स्नैक बन जाता है. बता दें तीन कप पॉपकॉर्न में बहुत ही कम कैलोरी होती है और यह फाइबर से भी लोडेड होता है, जिससे आपका पेट आसानी से भर जाता है.

iPhone 17 Pro पर भारी डिस्काउंट, प्रीमियम फीचर्स के साथ कीमत में बड़ी कटौती

अगर आप लंबे समय से ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 Pro को खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो यह आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है. कंपनी के इस फ्लैगशिप डिवाइस पर फिलहाल बड़ा डिस्काउंट मिल रहा है, जिससे इसकी कीमत लॉन्च प्राइस के मुकाबले काफी कम हो गई है. प्रीमियम डिजाइन, दमदार कैमरा सिस्टम और लेटेस्ट प्रोसेसर के साथ आने वाला यह स्मार्टफोन अब पहले की तुलना में ज्यादा आकर्षक डील बन गया है. लॉन्च के मुकाबले कितनी कम हुई कीमत? iPhone 17 Pro के 256GB वेरिएंट को भारत में ₹1,34,900 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था. अब यह स्मार्टफोन ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर कम कीमत में उपलब्ध है. मौजूदा ऑफर के तहत फोन की लिस्टेड कीमत ₹1,22,900 तक पहुंच गई है. इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड ऑफर का फायदा लेने पर खरीदारों को अतिरिक्त छूट भी मिल रही है. कुल मिलाकर इस डिवाइस पर करीब ₹18,000 तक की बचत की जा सकती है, जिससे इसकी प्रभावी कीमत लगभग ₹1,16,900 रह जाती है. डिस्प्ले और डिजाइन में क्या है खास? iPhone 17 Pro में 6.3 इंच का सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. OLED पैनल के साथ आने वाला यह डिस्प्ले बेहद ब्राइट और शार्प विजुअल एक्सपीरियंस देता है. फोन की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक पहुंच सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से दिखाई देती है. डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए कंपनी ने Ceramic Shield 2 का इस्तेमाल किया है. वहीं इसका प्रीमियम एल्युमिनियम बॉडी डिजाइन इसे मजबूत और आकर्षक लुक देता है. परफॉर्मेंस के लिए मिला नया A19 Pro Bionic चिप ऐपल ने इस फोन में अपना लेटेस्ट A19 Pro Bionic प्रॉसेसर दिया है. 3nm तकनीक पर आधारित यह चिपसेट बेहतर स्पीड, पावर एफिशिएंसी और एआई प्रॉसेसिंग ऑफर करता है. फोन में वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो लंबे समय तक गेमिंग या हेवी टास्क के दौरान तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है. कैमरा लवर्स के लिए शानदार पैकेज फोटोग्राफी के लिए iPhone 17 Pro में ट्रिपल 48MP कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 48MP का प्राइमरी सेंसर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 48MP का टेलीफोटो लेंस शामिल है. यह सेटअप अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर फोटो और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 18MP सेंटर स्टेज कैमरा दिया गया है, जो ऑटो फ्रेमिंग जैसी सुविधाएं भी सपोर्ट करता है. क्या यह खरीदने का सही समय है? प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे यूजर्स के लिए मौजूदा डिस्काउंट ऑफर काफी आकर्षक माना जा सकता है. लॉन्च के कुछ महीनों बाद मिलने वाली यह कीमत उन ग्राहकों को फायदा दे सकती है जो फ्लैगशिप अनुभव चाहते हैं लेकिन थोड़ा कम खर्च करना पसंद करते हैं. मजबूत कैमरा, हाई-एंड प्रॉसेसर और iOS 26 जैसे फीचर्स इसे प्रीमियम सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाते हैं.