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बालों की चमक और सॉफ्टनेस के लिए लगाएं दही, इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल

 दही सेहत के साथ-साथ बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. पुराने समय से ही लोग बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए दही का इस्तेमाल करते आए हैं. दही में प्रोटीन, विटामिन B और D, लैक्टिक एसिड और हेल्दी फैट्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों और स्कैल्प को पोषण देने में मदद करते हैं. दही बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर की तरह भी काम करता है. इसे बालों पर रेगुलर लगाने से बाल सॉफ्ट और स्मूद नजर आते हैं. आज हम आपको बालों पर दही लगाने की सही तरीका बताएंगे जो हेल्दी बाल पाने में आपकी मदद करेगा. बालों पर दही का इस्तेमाल कैसे करें? दही और नारियल तेल अगर आपके बाल रूखे और बेजान हैं तो दही में नारियल तेल मिलाकर लगा सकते हैं. इसके लिए 3 चम्मच दही में 2 चम्मच हल्का गर्म नारियल तेल मिलाएं. इसे बालों पर लगाकर करीब 30-60 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर शैंपू से बाल धो लें. इससे बालों में सॉफ्टनेस और नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है. दही और मुल्तानी मिट्टी ऑयली स्कैल्प वालों के लिए दही और मुल्तानी मिट्टी का मास्क बालों पर लगाना फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए 3 चम्मच दही में 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे स्कैल्प और बालों पर लगाएं और लगभग 20-30 मिनट बाद धो लें. दही और आंवला दही में आंवला पाउडर मिलाकर बालों पर लगाने से भी कई फायदे मिलते हैं. इसके लिए 2 चम्मच सादे दही में 1 चम्मच आंवला पाउडर मिलाएं. आप चाहें तो इसमें थोड़ा मेथी पाउडर भी मिला सकती हैं. इस मिश्रण को बालों और स्कैल्प पर लगाकर लगभघ 30-45 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को अच्छी तरह धो लें. दही बालों में लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान     बालों पर हमेशा ताजा और सादा दही ही इस्तेमाल करें.     दही को आंखों के संपर्क में आने से बचाएं.     पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर जलन, खुजली या किसी तरह की एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें.  

अलसी के बीज से बनाएं नेचुरल जेल, स्किन से लेकर बालों तक आएगा निखार

सुंदर, चमकदार त्वचा और मुलायम, लंबे बाल पाने के लिए अक्सर लोग महंगे पार्लर ट्रीटमेंट, केराटिन और केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं. लेकिन कुछ समय बाद इन केमिकल्स का असर खत्म होते ही स्किन और बाल फिर से बेजान नजर आने लगते हैं. अगर आप बिना एक पैसा फालतू खर्च किए पूरी तरह नेचुरल और असरदार तरीका ढूंढ रहे हैं, तो अलसी के बीज का जेल आपके लिए एक वरदान है. ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर अलसी का जेल न सिर्फ चेहरे की झुर्रियों व दाग-धब्बों को दूर कर त्वचा पर 'कोरियन ग्लास स्किन' जैसा ग्लो लाता है, बल्कि बालों को नेचुरल केराटिन जैसा स्मूथ, सिल्की और मजबूत भी बनाता है. आइए जानते हैं घर पर ही आसानी से अलसी का जेल बनाने का तरीका और इसके इस्तेमाल की सही विधि. सामग्री अलसी के बीज : 1/2 कप पानी: 2 कप एलोवेरा जेल: 1 बड़ा चम्मच (ऑप्शनल – अतिरिक्त नमी के लिए) विटामिन E कैप्सूल: 1 (ऑप्शनल – ग्लो और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए) छानने के लिए: सूती कपड़ा या बारीक छलनी बनाने की सही और आसान विधि अलसी और पानी को उबालें: एक पैन में 2 कप पानी और 1/2 कप अलसी के बीज डालकर मीडियम आंच पर गरम होने रखें. जेल बनने तक पकाएं: मिश्रण को चम्मच से चलाते रहें. लगभग 7 से 10 मिनट में पानी उबलने लगेगा और अलसी के बीज एक सफेद झागदार, चिपचिपे जेल में बदलने लगेंगे. कंसिस्टेंसी चेक करें: जब पानी का टेक्सचर अंडे की सफेदी जैसा गाढ़ा और तार छोड़ने वाला हो जाए तो तुरंत गैस बंद कर दें. (मिश्रण को ज्यादा गाढ़ा न होने दें, वरना छानने में परेशानी होगी). गरम में ही छानें: मिश्रण के थोड़ा ठंडा होते ही (पूरी तरह ठंडा होने से पहले) इसे किसी सूती कपड़े या मलमल के कपड़े में डालें और निचोड़कर एक साफ कटोरी में जेल अलग कर लें. एक्स्ट्रा न्यूट्रिशन जोड़ें: तैयार जेल में 1 चम्मच एलोवेरा जेल और 1 विटामिन E कैप्सूल का ऑयल मिलाकर अच्छे से व्हिस्क करें. स्टोर करें: इस तैयार अलसी के जेल को एक साफ कांच के जार में भरकर फ्रिज में रखें. आप इसे 10 से 15 दिनों तक आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इस्तेमाल करने का सही तरीका त्वचा के लिए (Skin Care): साफ चेहरे पर कॉटन या उंगलियों की मदद से इस जेल को लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें. जब जेल सूखकर त्वचा खिंची-खिंची महसूस होने लगे, तो ठंडे पानी से चेहरा धो लें. यह नेचुरल बोटॉक्स की तरह काम करता है. बालों के लिए (Hair Care): बालों को सेक्शन में बांटकर जड़ों से लेकर सिरों तक इस जेल को अच्छे से लगाएं. 45 मिनट से 1 घंटे तक बालों में लगा रहने दें, फिर किसी माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. बाल एकदम सीधे, चमकदार और सॉफ्ट हो जाएंगे.

रातभर बालों में तेल लगाकर सोते हैं तो सावधान! जावेद हबीब ने बताया सही तरीका

बालों में तेल लगाना भारतीयों की हेयर केयर रूटीन का हिस्सा रहा है. पूराने समय से बालों को मजबूत, स्मूद, सिल्की और शाइनी बनाने के लिए लोत बालों में तेल लगाते आए हैं. खासकर बालों को मजबूत और घना रखने के लिए लोग अक्सर रात में सिर पर अच्छी तरह तेल लगाकर सोते हैं और सुबह शैंपू करते हैं. लेकिन अगर आप भी सालों से ऐसा करते आ रहे हैं, तो जरा रुकिए! मशहूर हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के मुताबिक, तेल लगाने का ये तरीका सही नहीं है. यही बालों के झड़ने से लेकर उनका कमजोर होना का एक बड़ा कारण है. उनका कहना है कि सिर्फ तेल लगा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि इसे कब और कैसे लगाया जा रहा है, ये भी बालों की सेहत के लिए काफी मायने रखता है. अगर आप भी बालों में रात को ठूस-ठूसकर तेल भरकर सो जाते हैं और सोचते हैं कि सुबह आपके बाल अच्छे मिलेंगे, तो आप बहुत गलत सोच रहे हैं. चलिए जानते हैं क्या है बालों में तेल लगाने का सही तरीका, जो उन्हें मजबूती देने के साथ ही टूटने से भी बचाएगा. रातभर तेल लगाकर सोना पड़ सकता है भारी भारतीय आमतौर पर मानते हैं कि बालों में तेल जितनी देर लगा रहेगा, उतना ही ज्यादा फायदा होगा. इसी सोच के चलते कई लोग रात को सोने से पहले सिर में तेल लगाते हैं और सुबह तक इसे लगा रहने देते हैं. लेकिन जावेद हबीब इस आदत को सही नहीं मानते. उनके मुताबिक, रात सोने के लिए होती है, बालों में घंटों तक तेल लगाए रखने के लिए नहीं. लंबे समय तक स्कैल्प पर तेल लगा रहने से धूल-मिट्टी और गंदगी चिपक सकती है. इसकी वजह से स्कैल्प ब्लॉक रहता है. इससे स्कैल्प से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं और बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. उनका कहना है कि रात में तेल लगाकर सोना ना केवल बाल झड़ने का बल्कि सफेद होने का भी बड़ा कारण है. सूखे बालों पर तेल लगाना भी सही तरीका नहीं? बालों में तेल लगाने को लेकर एक और आम आदत है कि लोग सीधे सूखे बालों और स्कैल्प पर खूब सारा तेल लगा लेते हैं. जावेद हबीब के अनुसार, ये भी तेल लगाने का सही तरीका नहीं है. जिस तरह शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल बालों की कंडीशन के हिसाब से किया जाता है, उसी तरह तेल लगाने का तरीका भी मायने रखता है. वो कहते हैं कि तेल लगाने से पहले बालों को हल्का गीला किया जा सकता है. इससे तेल को बालों पर फैलाना आसान होता है और जरूरत से ज्यादा तेल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. यानी तेल सूखे बालों पर नहीं, बल्कि हल्के गीले बालों पर लगाना अच्छा होता है. तो आखिर बालों में तेल कब लगाएं? जावेद हबीब के बताए तरीके के मुताबिक, बालों में तेल लगाने के लिए घंटों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है. इसे शैंपू करने से कुछ समय पहले लगाया जा सकता है. तेल लगाने के बाद इसे करीब 5 से 10 मिनट तक बालों और स्कैल्प पर रहने दें और फिर शैंपू कर लें. यानी रातभर तेल लगाकर सोने के बजाय प्री-शैंपू ऑयलिंग को अपनी रूटीन में शामिल किया जा सकता है. तेल लगाते समय जोर-जोर से न रगड़ें बहुत से लोग ये भी मानते हैं कि सिर में तेल लगाते समय जितनी तेज मालिश की जाएगी, उतना ही ज्यादा फायदा होगा. लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं है. जावेद हबीब कहते हैं कि स्कैल्प को जोर से रगड़ने या नाखूनों से खुजलाने के बजाय हल्के हाथों से तेल लगाना अच्छा रहता है. तेल को स्कैल्प और बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगाएं. इसके बाद कुछ मिनट छोड़कर शैंपू कर लें. इससे बालों की जड़ें कमजोर नहीं होंगी. तेल लगाने का मतलब यह नहीं कि बालों में घंटों तेल रहे बालों में तेल लगाने का मकसद उन्हें जरूरत से ज्यादा ऑयली बनाना नहीं है. असल में हेयर केयर में सबसे जरूरी बात है कि आप अपनी स्कैल्प और बालों की जरूरत को समझें. बहुत ज्यादा तेल लगाना, उसे लंबे समय तक छोड़ना या स्कैल्प को जोर से रगड़ना जरूरी नहीं है.

बालों का झड़ना और डैंड्रफ होगा कम? घर पर बनाएं रीठा-आंवला-शिकाकाई का नेचुरल शैंपू

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स की वजह से बालों का झड़ना, डैंड्रफ और रूखापन एक आम समस्या बन चुका है. बाजार में मिलने वाले महंगे शैंपू में अक्सर सल्फेट और पैराबेन जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो बालों को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप भी अपने बालों को बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक रूप से मजबूत, लंबा और घना बनाना चाहते हैं, तो पारंपरिक रीठा शैंपू एक बेहतरीन विकल्प है. रीठा में प्राकृतिक रूप से 'सैपोनिन' मौजूद होता है, जो बालों की गंदगी को गहराई से साफ करता है और स्कैल्प को पोषण प्रदान करता है. सामग्री: 8-10 सूखा रीठा (बीज निकाले हुए) 5-6 सूखा आंवला 5-6 सूखा शिकाकाई 2-3 कप पानी रीठा शैंपू बनाने का तरीका रातभर भिगोएं: एक बर्तन में रीठा, आंवला और शिकाकाई को 2-3 कप पानी में डालकर रातभर के लिए भिगोकर रख दें. उबालें: अगली सुबह इस मिश्रण को धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए उबालें, ताकि सभी जड़ी-बूटियों का अर्क पानी में आ जाए. मसलें: मिश्रण को ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद हाथों से रीठा और शिकाकाई को अच्छे से मसल लें ताकि झाग और रस पूरी तरह बाहर निकल आए. छानें: अब इस गाढ़े पानी को किसी पतले कपड़े या छलनी की मदद से छानकर एक साफ बोतल में भर लें. आपका नेचुरल रीठा शैंपू तैयार है. इस्तेमाल का तरीका सबसे पहले अपने बालों को नॉर्मल पानी से अच्छी तरह गीला कर लें. तैयार किए गए रीठा शैंपू की थोड़ी मात्रा अपने हाथों में लें और स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से 3-5 मिनट तक मसाज करें. चूंकि यह 100% नेचुरल है, इसलिए इसमें केमिकल शैंपू जितना ज्यादा झाग नहीं बनेगा, लेकिन यह स्कैल्प को पूरी तरह साफ कर देता है. मसाज करने के बाद बालों को सादे पानी से अच्छी तरह धो लें. बेहतर परिणामों के लिए हफ्ते में 2 बार इस शैंपू का इस्तेमाल करें.

सफेद बालों से राहत के लिए करी पत्ते का तेल, जानें फायदे और इस्तेमाल का तरीका

 आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बन गई है. पहले जहां लोगों के बाद उम्र बढ़ने पर सफेद होते थे, वहीं अब 20-30 साल के युवाओं में भी ये परेशानी तेजी से देखने को मिल रही है. ऐसे में युवाओं से लेकर बड़े लोग तक बार-बार अपने सफेद बालों को काला करने के लिए हेयर डाई या केमिकल वाले हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं. केमिकल वाली हेयर डाई से बाल काले तो हो सकते हैं, लेकिन लगातार इनका इस्तेमाल बालों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. यही वजह है कि आजकल लोग प्राकृतिक और घरेलू उपायों की तलाश में रहते हैं. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो केमिकल हेयर डाई लगाना पसंद नहीं करते हैं और बालों को काला करने के लिए किसी नेचुरल नुस्खे की तलाश में रहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है. आपने करी पत्ते की मदद से सफेद बालों को काला करने के बारे में जरूर सुना होगा. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में करी पत्ता सफेद बालों पर असर करता है या ये सिर्फ एक घरेलू नुस्खा भर है? आइए जानते हैं कि सफेद बालों के लिए करी पत्ते का इस्तेमाल कैसे किया जाता है, इससे बालों को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं. कम उम्र में बाल सफेद क्यों हो रहे हैं? पहले सफेद बाल सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी माने जाते थे, लेकिन अब छोटी उम्र के लोगों में भी ये समस्या तेजी से बढ़ रही है. 20-30 साल के कई लड़के-लड़कियों के बाल उम्र से पहले ही सफेद होने से परेशान हैं. इसके पीछे तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण, जेनेटिक्स और बालों पर बार-बार केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल जैसी कई वजहें होती हैं. यही कारण है कि आजकल लोग बालों की देखभाल के लिए नेचुरल और घरेलू उपायों की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. बालों के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है करी पत्ता? करी पत्ता बालों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों और स्कैल्प के लिए बढ़िया माने जाते हैं. इनका नियमित इस्तेमाल बालों की जड़ों को मजबूत बनाने, स्कैल्प को पोषण देने, ड्राईनेस को कम करने और बालों की चमक बनाए रखने में मदद कर सकता है. साथ ही, ये समय से पहले बाल सफेद होने की एक वजह माने जाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मददगार हो सकता है. क्या करी पत्ता सफेद बालों को दोबारा काला कर सकता है? इसका सटीक जवाब मिल पाना मुश्किल है क्योंकि ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो ये साबित करे कि करी पत्ता सफेद बालों को फिर से काला कर सकता है. अगर बालों की नेचुरल तरीके से रंग बनाने वाले सेल्स काम करना बंद कर चुके हैं, तो सिर्फ करी पत्ते से बालों का काला हो पाना संभव नहीं है. हालांकि, ये बालों को हेल्दी रखने और समय से पहले सफेद होने की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा करने में मदद कर सकता है. सफेद बालों के लिए करी पत्ते का तेल कैसे बनाएं? अगर आप इसे आजमाना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से करी पत्ते का तेल तैयार कर सकते हैं. तेल बनाने के लिए आपके चाहिए:     15-20 ताजे करी पत्ते     2 बड़े चम्मच नारियल का तेल बनाने का तरीका     सबसे पहले नारियल का तेल हल्का गर्म करें.     इसमें करी पत्ते डाल दें.     पत्तों का रंग गहरा होने तक धीमी आंच पर पकाएं.     अब गैस बंद करके तेल को ठंडा होने दें.     ठंडा होने के बाद तेल छानकर किसी साफ बोतल में भर लें. इस्तेमाल करने का सही तरीका     तेल को स्कैल्प और बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाएं.     5-10 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें.     करीब 2 घंटे तक तेल लगा रहने दें.     इसके बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें.     बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है.  

बारिश में बालों का झड़ना रोकेंगे ये 7 आसान घरेलू उपाय, रखें बाल मजबूत हमेशा।

बारिश का मौसम हमें भीषण गर्मी से तो राहत दिलाता है, लेकिन अपने साथ हवा में बहुत ही ज्यादा ह्यूमिडिटी भी लेकर आता है. बारिश के इस मौसम में हमें कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिनमें से एक है तेजी से बालों का झड़ना. हवा में मॉइस्चर होने की वजह से स्कैल्प चिपचिपा हो जाता है, जिस वजह से बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का खतरा और भी ज्यादा बढ़ने लगता है. इसका नतीजा होता है कि हमारे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और देखते ही देखते टूटने भी लग जाती हैं. अगर बारिश के दिनों में आपको भी हेयर फॉल की समस्या होती है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको 7 ऐसे आसान और कमाल के घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बारिश के इस मौसम में भी अपने बालों को मजबूत, शाइनी, हेल्दी और खूबसूरत बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं विस्तार से. बारिश के पानी से बालों को बचाएं बारिश के पानी में भीगने में भले ही आपको बहुत मजा आता हो, लेकिन आज के समय में बारिश के पानी में पॉल्यूशन के साथ हानिकारक केमिकल भी मिले हुए होते हैं. जब इस तरह का केमिकल वाला और पॉल्यूटेड पानी हमारे सिर पर पड़ता है, तो बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है. इसलिए बारिश के दिनों में जब भी आप अपने घर से बाहर निकलें, एक छाता या फिर स्कार्फ अपने साथ जरूर रखें. अगर आप किसी कारण से भीग जाते हैं, तो घर आने के बाद सबसे पहले अपने बालों को अच्छी तरह से गुनगुने पानी से धोकर साफ करें. एंटी-फंगल और माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें बारिश के दिनों में स्कैल्प पर पसीना और ऑयल जमा होने की वजह से डैंड्रफ की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है. आप सभी यह बात तो जानते ही होंगे कि डैंड्रफ भी आपके बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण बन सकता है. डैंड्रफ की प्रॉब्लम से बचने के लिए हफ्ते में दो से तीन बार एक माइल्ड या एंटी-फंगल शैंपू का इस्तेमाल करके अपने बालों को जरूर ही धोएं. इस बात का ख्याल रखें कि ऐसा शैंपू चुनें जिसमें सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्श केमिकल न हों, ताकि आपके बालों का नेचुरल मॉइस्चर बरकरार रहे. कभी न भूलें कंडीशनर लगाना हवा में ह्यूमिडिटी और मॉइस्चर होने की वजह से बारिश के मौसम में हमारे बाल ड्राई, बेजान और फ्रिजी हो जाते हैं. जब आपके बाल ज्यादा उलझते हैं, तो कंघी करते समय वे टूटते भी ज्यादा हैं. इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि शैंपू करने के बाद आप अपने बालों की लंबाई पर एक अच्छे कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करें. कंडीशनर आपके बालों को न्यूट्रिशन देता है, जिसकी वजह से वे आपस में उलझते नहीं हैं और एक प्रोटेक्टिव लेयर भी बनती है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि कंडीशनर को केवल बालों पर लगाएं, स्कैल्प पर गलती से भी नहीं. गीले बालों में कंघी करने से बचें यह एक ऐसी गलती है जिसे अनजाने में हम आए दिन दोहराते ही रहते हैं. अगर आप अपने बालों को डैमेज होने से बचाना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि जब आपके बाल गीले होते हैं, तब उनकी जड़ें सबसे ज्यादा नाजुक और कमजोर होती हैं. ऐसे में अगर आप तुरंत गीले बालों पर कंघी करते हैं, तो वे बहुत ही तेजी से टूटने लगते हैं. बालों को अगर आप हेल्दी रखना चाहते हैं, तो उन्हें धोने के बाद नैचुरली सूखने का मौका दें. जब आपके बाल पूरी तरह सूख जाएं, तभी चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करके, वह भी बिल्कुल हल्के हाथों से, उन्हें सुलझाएं. स्कैल्प को हमेशा रखें ड्राई और क्लीन मानसून में अक्सर पसीने और मॉइस्चर की वजह से स्कैल्प हमेशा गीला या फिर चिपचिपा महसूस होता रहता है. यह माहौल फंगल इन्फेक्शन और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. इसलिए, यह बहुत ही जरूरी हो जाता है कि आप अपने स्कैल्प को हमेशा साफ और सूखा रखें. अगर वर्कआउट करने या फिर बाहर से आने के बाद आपका स्कैल्प पसीने से गीला हो गया है, तो उसे तौलिए से उन्हें अच्छी तरह सुखा जरूर लें. हैवी ऑयलिंग करने से बचें वैसे तो बालों में तेल लगाना बहुत ही अच्छा और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में बहुत ज्यादा या हैवी ऑयलिंग करने से आपको बचना चाहिए. जैसा कि हमें आपको पहले भी बताया कि इस मौसम में हमारा स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा होता है, और ऐसे में अगर बहुत ज्यादा तेल लगाया जाए, तो वह धूल और गंदगी को अपनी तरफ खींचने लगेगा, जिससे बालों के पोर्स बंद भी हो सकते हैं. ऐसा न हो इसलिए आपको हफ्ते में सिर्फ एक बार हल्के गुनगुने नारियल या आल्मंड ऑयल से सिर्फ 15 से 20 मिनट के लिए हल्की मसाज करनी चाहिए और करीबन एक घंटे बाद अपने बालों को अच्छी तरह से धो जरूर लें. हेयर ड्रायर और स्टाइलिंग टूल्स से दूरी बनाएं बारिश के दिनों में हमारे बाल नॉर्मल दिनों की तुलना में ज्यादा देर से सूखते हैं. ऐसे में कई लोग अपने बालों को जल्दी सुखाने के लिए बार-बार हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा, स्ट्रेटनर या कर्लर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल भी आपके बालों को और भी ज्यादा कमजोर और ड्राई बना देता है. बारिश के मौसम में बालों को नैचुरली हवा में ही सूखने देना सबसे बेस्ट माना जाता है. अगर आपके लिए बहुत ही जरूरी है, तो ड्रायर को कूल मोड पर रखकर इस्तेमाल करना आपके लिए बेस्ट है.

डैमेज बालों के लिए दही और शहद से नेचुरल हेयर मास्क

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पॉल्यूशन और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते-करते हमारे बाल बेजान और ड्राई हो जाते हैं. जब बाल डैमेज हो जाते हैं तो रिपेयर करने के लिए अक्सर हम महंगे ट्रीटमेंट लेते हैं या फिर हेयर स्पा का सहारा लेते हैं. अगर आपके बाल डैमेज हो चुके हैं और आप इन्हें नेचुरल तरीके से रिपेयर करना चाहते हैं, तो इसके लिए जितनी भी जरूरी चीजें चाहिए वे आपके किचन में ही मौजूद हैं. जब आप इन चीजों का इस्तेमाल करके हेयर मास्क बनाते हैं तो इससे आपके बालों को डीप नरिशमेंट मिलती है और वे पहले से काफी ज्यादा हेल्दी भी लगने लगते हैं. तो चलिए जानते हैं ऐसी कुछ चीजों के बारे में जिनका इस्तेमाल करके आप काफी आसानी से और मिनटों में ही एक असरदार हेयर मास्क तैयार कर सकते हैं. ड्राई बालों के लिए दही और शहद का मास्क अगर आपके बाल बहुत ज्यादा ड्राई और बेजान हो गए हैं, तो दही और शहद का मास्क आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो स्कैल्प को साफ करता है, जबकि शहद एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है जो बालों की मॉइस्चर को एब्जॉर्ब करके उन्हें सॉफ्ट बनाता है. इस मास्क को बनाने के लिए आधा कप फ्रेश दही लें और उसमें दो चम्मच शहद मिला लें. अब इन दोनों ही चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें. अब इसे अपने स्कैल्प से लेकर बालों की पूरी लंबाई तक लगाएं. इसे करीबन 30 मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर किसी माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करने से बाल बेहद सॉफ्ट और शाइनी हो जाते हैं. मजबूत बालों के लिए अंडा और ऑलिव ऑयल अगर आप बालों के टूटने और झड़ने की समस्या से परेशान हैं, तो ऐसे में आपको अंडे और ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करके एक हेयर मास्क तैयार कर लेना चाहिए. अंडे में प्रोटीन की मात्रा बहुत ही ज्यादा पायी जाती है, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है. वहीं, ऑलिव ऑयल आपके बालों को अंदर से न्यूट्रिशन देता है. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में एक अंडा तोड़ें और फिर इसमें दो चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाएं. इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें और फिर इसे अपने बालों में लगाएं और 20 से 25 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को ठंडे पानी और शैंपू से धो लें. इस बात का ख्याल रखें कि अंडा लगाने के बाद कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल न करें, नहीं तो अंडे की महक बालों से नहीं जाएगी. शाइनी और स्मूद बालों के लिए केला और नारियल तेल अगर आपको मालूम नहीं है तो बता दें पके हुए केले में आपको भरपूर मात्रा में पोटैशियम, नेचुरल ऑयल और विटामिन्स मिल जाते हैं, जो आपके बालों के ड्राइनेस को दूर करके उन्हें सिल्की बनाते है. नारियल तेल बालों को न्यूट्रिशन देकर उन्हें टूटने से बचाता है. इस हेयर मास्क को बनाने के लिए एक पका हुआ केला लें और उसे अच्छी तरह मैश कर लें ताकि उसमें कोई गांठ न रहे. अब इसमें एक से दो चम्मच नारियल का तेल मिलाएं. इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं और कम से कम 30 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर नॉर्मल पानी से ही अपने बालों को अच्छी तरह से धो लें. यह मास्क नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और बालों को गजब की शाइन देता है.

सिर्फ पानी से बाल धोना कितना सही? जानें ‘नो-शैम्पू’ ट्रेंड के फायदे और नुकसान

बिना शैंपू के सिर्फ पानी से बाल धोना (Water-Only Hair Washing) आजकल एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, जिसे 'नो-शू मूवमेंट' भी कहा जा रहा है. लोग केमिकल से बचने के लिए इसे अपना रहे हैं, लेकिन क्या यह वाकई बालों के लिए फायदेमंद है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ पानी से सिर धोने से धूल-मिट्टी तो साफ हो सकती है, लेकिन बालों में जमा एक्स्ट्रा ऑयल (Sebum) और डर्ट पूरी तरह साफ नहीं होते. ऑयल और पानी का कॉम्बिनेशन न मिलने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपाहट बनी रहती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.   क्या कहते हैं विदेशी एक्सपर्ट्स और रिसर्च? हेल्थलाइन के अनुसार, शैंपू न लगाने से स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स सुरक्षित रहते हैं जिससे बाल कम ड्राई होते हैं. लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि पानी अकेले तेल को ब्रेकडाउन नहीं कर सकता. बालों में जमा नेचुरल ऑयल (सीबम) और हेयर प्रोडक्ट्स के केमिकल पानी से नहीं निकलते. इसके लिए शैंपू में मौजूद सर्फेक्टेंट्स यानी क्लींजिंग एजेंट्स की जरूरत होती है. सिर्फ पानी से बाल धोने के फायदे हेल्थकेयर रिसर्च फर्म Hims के मुताबिक, अगर आप बिना शैंपू के बाल धोते हैं तो इसके कुछ फायदे भी हैं. केमिकल्स से बचाव: शैंपू में मिलने वाले सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्ड केमिकल्स से बाल बच जाते हैं. कम ड्राइनेस: जो लोग बहुत ज्यादा शैंपू करते हैं, उनके बाल रूखे हो जाते हैं. पानी से धोने पर बालों की नेचुरल नमी बनी रहती है. सस्ता ऑप्शंस: यह पूरी तरह से फ्री है और प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल कम होने से पर्यावरण को भी फायदा होता है. स्कैल्प इन्फेक्शन और डैंड्रफ का खतरा सिर्फ पानी के इस्तेमाल से फायदे कम और नुकसान ज्यादा हो सकते हैं. हेयर केयर और ट्राइकोलॉजी एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब बालों से तेल साफ नहीं होता तो स्कैल्प के पोर्स बंद हो जाते हैं. इससे स्कैल्प पर गंदगी जमा होने लगती है जो आगे चलकर डैंड्रफ, तेज खुजली और हेयर फॉल का कारण बन सकती है. जिन लोगों के बाल पतले या बहुत ऑयली हैं उनके बाल सिर्फ पानी से धोने पर ज्यादा चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं. क्या है सही तरीका? एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आपको पूरी तरह शैंपू बंद करने की जरूरत नहीं है. आप हफ्ते में 1 या 2 बार माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं. बीच के दिनों में बालों को फ्रेश रखने के लिए केवल सादे पानी से रिंस (Rinse) किया जा सकता है. इससे बालों का नेचुरल ऑयल बैलेंस भी नहीं बिगड़ेगा और स्कैल्प भी पूरी तरह क्लीन और हेल्दी रहेगी.

गंजेपन से परेशान लोगों के लिए नुस्खा: प्याज और सरसों तेल से उग सकते हैं नए बाल

 गिरते बाल और गंजापन आजकल हर उम्र के लोगों के लिए काफी बड़ी समस्या बना हुआ है. इससे बचने के लिए या फिर बालों को वापिस उगाने के लिए लोग महंगे ट्रीटमेंट और शैंपू के पीछे भागते हैं लेकिन फिर भी मनमुताबिक रिजल्ट नहीं मिलते. सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने एक इंटरव्यू के दौरान इस समस्या के बारे में बताया कि यदि आपके बाल झड़ रहे हैं या आप नए बाल उगाना चाहते हैं तो महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय अपनी रसोई में मौजूद चीजों पर भरोसा करें. उनके अनुसार, बालों की ग्रोथ के लिए सही पोषण और सही तेल का चुनाव सबसे जरूरी है. प्याज और लहसुन का जादू हेयर स्टाइलिस्ट ने बताया कि बालों को दोबारा उगाने के लिए प्याज का रस सबसे ज्यादा असरदार हो सकता है. प्याज में मौजूद सल्फर स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हेयर फॉलिकल्स को एक्टिव करता है. उन्होंने लहसुन के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक, जिन चीजों में 'आग' यानी थोड़ी तेजी या तीखापन होता है, वे स्कैल्प को स्टिमुलेट करने में मदद करती हैं. लहसुन का अर्क बालों की जड़ों में जाकर उन्हें मजबूती देता है और नए बाल उगने की प्रोसेस को तेज करता है. सरसों तेल की अहमियत आजकल लोग फैंसी और खुशबूदार तेलों के पीछे भागते हैं लेकिन स्टाइलिस्ट के अनुसार सरसों का तेल बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह तेल नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और बालों को अंदरूनी पोषण देता है. अगर आप रोज बाल धोते हैं तो हल्का तेल रोज लगाना चाहिए. हालांकि उन्होंने साफ किया कि प्याज के रस और सरसों तेल का कॉम्बिनेशन हफ्ते में कम से कम 2 बार जरूर इस्तेमाल करना चाहिए. इससे बालों का झड़ना बंद होता है और उनकी चमक वापस आती है. फॉलो करें ये रूटीन इंटरव्यू में जावेद ने सलाह दी कि बालों की केयर को लेकर आपको डिसिप्लिन बनाना होगा. हफ्ते में 2 बार प्याज का रस और लहसुन का पेस्ट बालों की जड़ों में अच्छे से लगाएं. इसके बाद सरसों तेल से मसाज करें. यह रूटीन न केवल नए बाल उगाने में मदद करेगा बल्कि जो बाल मौजूद हैं उन्हें भी घना और काला बनाए रखेगा. अगर आप भी बालों की समस्या से जूझ रहे हैं तो यह घरेलू और सस्ता नुस्खा आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.  

प्याज-अदरक शैंपू नहीं रोकते बाल झड़ना, जावेद हबीब ने बताई असली वजह

मार्केट में आजकल हेयर फॉल कंट्रोल करने के नाम पर अदरक, प्याज और नींबू वाले शैंपू की बाढ़ आई हुई है. हम लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आकर महंगे प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं क्योंकि वो सोचने लगते हैं कि शैंपू में नेचुरल तत्व मिले हुए हैं जिससे रातों-रात बालों का झड़ना बंद हो सकता है. हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने इस बारे में एक पॉडकास्ट में बताया है कि क्या सच में ऐसे शैंपू काम करते हैं? उनके मुताबिक, अगर आप सही तरीके से बाल धोते हैं तो कोई भी प्रोडक्ट यूज कर सकते हैं. क्या कहते हैं जावेद हबीब? जावेद हबीब के अनुसार, लोग अक्सर यह गलती कर बैठते हैं कि किसी शैंपू में प्याज या अदरक है तो वह जादुई असर करेगा.लेकि बाल गिरना तब रुकता है जब आपका स्कैल्प साफ हो. यदि आप इन महंगे शैंपू की जगह साधारण साबुन का इस्तेमाल भी सही तरह से करें तो भी वैसा ही असर दिखेगा. आप बालों की नियमित सफाई करें भले ही आप महंगा शैंपू इस्तेमाल करें या सस्ता, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. फर्क पड़ता है कि आप अपने बालों को कितना साफ रखते हैं. क्या कहती हैं रिसर्च? इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स और रिसर्च भी जावेद हबीब की बात से काफी हद तक एग्री करती हैं. बालों के झड़ने के पीछे अक्सर स्कैल्प पर जमी गंदगी, तेल और इंफेक्शन होता है. जब आप बाल धोते हैं तो यह लेयर हट जाती है जिससे फॉलिकल्स बेहतर तरीके से सांस ले पाते हैं. Healthline के अनुसार, हालांकि क्लिनिकल स्टडीज में सीधे स्कैल्प पर प्याज का रस लगाने से बालों के दोबारा उगने की संभावना देखी गई है, लेकिन शैंपू जैसे धोए जाने वाले प्रोडक्ट्स में एक डाइल्यूटेड इंग्रीडिएंट के रूप में इसकी प्रभावशीलता पर एकमत नहीं है. अधिकतर शैंपू स्कैल्प पर इतने समय तक नहीं टिकते कि ऐसे तत्व गहराई तक जा सकें. Medical News Today के अनुसार, रिसर्चर्स का सुझाव है कि शैंपू का प्राइमरी फंक्शन स्कैल्प को साफ करना है. बालों का झड़ना अक्सर जेनेटिक्स, हार्मोन या मेडिकल कंडीशंस से जुड़ा होता है. सरफेस-लेवल के सफाई वाले प्रोडक्ट्स केवल तभी मदद कर सकते हैं जब समस्या स्कैल्प की हाइजीन या डैंड्रफ से जुड़ी हो. सफाई है असली चाबी अंत में, जावेद हबीब का मैसेज साफ है कि स्कैल्प की हेल्थ ही हेयर हेल्थ है. किसी भी चमत्कारिक इंग्रीडिएंट के पीछे भागने के बजाय, अपने बालों को रेगुलर धोने और उन्हें साफ रखने पर ध्यान दें. यदि आपका स्कैल्प साफ है तो बालों की जड़ें मजबूत रहेंगी. किसी भी शैंपू को चुनने से पहले यह देखें कि वह आपके बालों से धूल-मिट्टी और एक्स्ट्रा तेल को कितनी अच्छी तरह निकाल पा रहा है, न कि उसमें कौन सा मसाला डाला गया है.