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सफेद बालों से राहत के लिए करी पत्ते का तेल, जानें फायदे और इस्तेमाल का तरीका

 आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बन गई है. पहले जहां लोगों के बाद उम्र बढ़ने पर सफेद होते थे, वहीं अब 20-30 साल के युवाओं में भी ये परेशानी तेजी से देखने को मिल रही है. ऐसे में युवाओं से लेकर बड़े लोग तक बार-बार अपने सफेद बालों को काला करने के लिए हेयर डाई या केमिकल वाले हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं. केमिकल वाली हेयर डाई से बाल काले तो हो सकते हैं, लेकिन लगातार इनका इस्तेमाल बालों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. यही वजह है कि आजकल लोग प्राकृतिक और घरेलू उपायों की तलाश में रहते हैं. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो केमिकल हेयर डाई लगाना पसंद नहीं करते हैं और बालों को काला करने के लिए किसी नेचुरल नुस्खे की तलाश में रहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है. आपने करी पत्ते की मदद से सफेद बालों को काला करने के बारे में जरूर सुना होगा. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में करी पत्ता सफेद बालों पर असर करता है या ये सिर्फ एक घरेलू नुस्खा भर है? आइए जानते हैं कि सफेद बालों के लिए करी पत्ते का इस्तेमाल कैसे किया जाता है, इससे बालों को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं. कम उम्र में बाल सफेद क्यों हो रहे हैं? पहले सफेद बाल सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी माने जाते थे, लेकिन अब छोटी उम्र के लोगों में भी ये समस्या तेजी से बढ़ रही है. 20-30 साल के कई लड़के-लड़कियों के बाल उम्र से पहले ही सफेद होने से परेशान हैं. इसके पीछे तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण, जेनेटिक्स और बालों पर बार-बार केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल जैसी कई वजहें होती हैं. यही कारण है कि आजकल लोग बालों की देखभाल के लिए नेचुरल और घरेलू उपायों की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. बालों के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है करी पत्ता? करी पत्ता बालों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों और स्कैल्प के लिए बढ़िया माने जाते हैं. इनका नियमित इस्तेमाल बालों की जड़ों को मजबूत बनाने, स्कैल्प को पोषण देने, ड्राईनेस को कम करने और बालों की चमक बनाए रखने में मदद कर सकता है. साथ ही, ये समय से पहले बाल सफेद होने की एक वजह माने जाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मददगार हो सकता है. क्या करी पत्ता सफेद बालों को दोबारा काला कर सकता है? इसका सटीक जवाब मिल पाना मुश्किल है क्योंकि ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो ये साबित करे कि करी पत्ता सफेद बालों को फिर से काला कर सकता है. अगर बालों की नेचुरल तरीके से रंग बनाने वाले सेल्स काम करना बंद कर चुके हैं, तो सिर्फ करी पत्ते से बालों का काला हो पाना संभव नहीं है. हालांकि, ये बालों को हेल्दी रखने और समय से पहले सफेद होने की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा करने में मदद कर सकता है. सफेद बालों के लिए करी पत्ते का तेल कैसे बनाएं? अगर आप इसे आजमाना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से करी पत्ते का तेल तैयार कर सकते हैं. तेल बनाने के लिए आपके चाहिए:     15-20 ताजे करी पत्ते     2 बड़े चम्मच नारियल का तेल बनाने का तरीका     सबसे पहले नारियल का तेल हल्का गर्म करें.     इसमें करी पत्ते डाल दें.     पत्तों का रंग गहरा होने तक धीमी आंच पर पकाएं.     अब गैस बंद करके तेल को ठंडा होने दें.     ठंडा होने के बाद तेल छानकर किसी साफ बोतल में भर लें. इस्तेमाल करने का सही तरीका     तेल को स्कैल्प और बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाएं.     5-10 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें.     करीब 2 घंटे तक तेल लगा रहने दें.     इसके बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें.     बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है.  

बारिश में बालों का झड़ना रोकेंगे ये 7 आसान घरेलू उपाय, रखें बाल मजबूत हमेशा।

बारिश का मौसम हमें भीषण गर्मी से तो राहत दिलाता है, लेकिन अपने साथ हवा में बहुत ही ज्यादा ह्यूमिडिटी भी लेकर आता है. बारिश के इस मौसम में हमें कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिनमें से एक है तेजी से बालों का झड़ना. हवा में मॉइस्चर होने की वजह से स्कैल्प चिपचिपा हो जाता है, जिस वजह से बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का खतरा और भी ज्यादा बढ़ने लगता है. इसका नतीजा होता है कि हमारे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और देखते ही देखते टूटने भी लग जाती हैं. अगर बारिश के दिनों में आपको भी हेयर फॉल की समस्या होती है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको 7 ऐसे आसान और कमाल के घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बारिश के इस मौसम में भी अपने बालों को मजबूत, शाइनी, हेल्दी और खूबसूरत बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं विस्तार से. बारिश के पानी से बालों को बचाएं बारिश के पानी में भीगने में भले ही आपको बहुत मजा आता हो, लेकिन आज के समय में बारिश के पानी में पॉल्यूशन के साथ हानिकारक केमिकल भी मिले हुए होते हैं. जब इस तरह का केमिकल वाला और पॉल्यूटेड पानी हमारे सिर पर पड़ता है, तो बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है. इसलिए बारिश के दिनों में जब भी आप अपने घर से बाहर निकलें, एक छाता या फिर स्कार्फ अपने साथ जरूर रखें. अगर आप किसी कारण से भीग जाते हैं, तो घर आने के बाद सबसे पहले अपने बालों को अच्छी तरह से गुनगुने पानी से धोकर साफ करें. एंटी-फंगल और माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें बारिश के दिनों में स्कैल्प पर पसीना और ऑयल जमा होने की वजह से डैंड्रफ की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है. आप सभी यह बात तो जानते ही होंगे कि डैंड्रफ भी आपके बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण बन सकता है. डैंड्रफ की प्रॉब्लम से बचने के लिए हफ्ते में दो से तीन बार एक माइल्ड या एंटी-फंगल शैंपू का इस्तेमाल करके अपने बालों को जरूर ही धोएं. इस बात का ख्याल रखें कि ऐसा शैंपू चुनें जिसमें सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्श केमिकल न हों, ताकि आपके बालों का नेचुरल मॉइस्चर बरकरार रहे. कभी न भूलें कंडीशनर लगाना हवा में ह्यूमिडिटी और मॉइस्चर होने की वजह से बारिश के मौसम में हमारे बाल ड्राई, बेजान और फ्रिजी हो जाते हैं. जब आपके बाल ज्यादा उलझते हैं, तो कंघी करते समय वे टूटते भी ज्यादा हैं. इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि शैंपू करने के बाद आप अपने बालों की लंबाई पर एक अच्छे कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करें. कंडीशनर आपके बालों को न्यूट्रिशन देता है, जिसकी वजह से वे आपस में उलझते नहीं हैं और एक प्रोटेक्टिव लेयर भी बनती है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि कंडीशनर को केवल बालों पर लगाएं, स्कैल्प पर गलती से भी नहीं. गीले बालों में कंघी करने से बचें यह एक ऐसी गलती है जिसे अनजाने में हम आए दिन दोहराते ही रहते हैं. अगर आप अपने बालों को डैमेज होने से बचाना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि जब आपके बाल गीले होते हैं, तब उनकी जड़ें सबसे ज्यादा नाजुक और कमजोर होती हैं. ऐसे में अगर आप तुरंत गीले बालों पर कंघी करते हैं, तो वे बहुत ही तेजी से टूटने लगते हैं. बालों को अगर आप हेल्दी रखना चाहते हैं, तो उन्हें धोने के बाद नैचुरली सूखने का मौका दें. जब आपके बाल पूरी तरह सूख जाएं, तभी चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करके, वह भी बिल्कुल हल्के हाथों से, उन्हें सुलझाएं. स्कैल्प को हमेशा रखें ड्राई और क्लीन मानसून में अक्सर पसीने और मॉइस्चर की वजह से स्कैल्प हमेशा गीला या फिर चिपचिपा महसूस होता रहता है. यह माहौल फंगल इन्फेक्शन और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. इसलिए, यह बहुत ही जरूरी हो जाता है कि आप अपने स्कैल्प को हमेशा साफ और सूखा रखें. अगर वर्कआउट करने या फिर बाहर से आने के बाद आपका स्कैल्प पसीने से गीला हो गया है, तो उसे तौलिए से उन्हें अच्छी तरह सुखा जरूर लें. हैवी ऑयलिंग करने से बचें वैसे तो बालों में तेल लगाना बहुत ही अच्छा और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में बहुत ज्यादा या हैवी ऑयलिंग करने से आपको बचना चाहिए. जैसा कि हमें आपको पहले भी बताया कि इस मौसम में हमारा स्कैल्प पहले से ही चिपचिपा होता है, और ऐसे में अगर बहुत ज्यादा तेल लगाया जाए, तो वह धूल और गंदगी को अपनी तरफ खींचने लगेगा, जिससे बालों के पोर्स बंद भी हो सकते हैं. ऐसा न हो इसलिए आपको हफ्ते में सिर्फ एक बार हल्के गुनगुने नारियल या आल्मंड ऑयल से सिर्फ 15 से 20 मिनट के लिए हल्की मसाज करनी चाहिए और करीबन एक घंटे बाद अपने बालों को अच्छी तरह से धो जरूर लें. हेयर ड्रायर और स्टाइलिंग टूल्स से दूरी बनाएं बारिश के दिनों में हमारे बाल नॉर्मल दिनों की तुलना में ज्यादा देर से सूखते हैं. ऐसे में कई लोग अपने बालों को जल्दी सुखाने के लिए बार-बार हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा, स्ट्रेटनर या कर्लर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल भी आपके बालों को और भी ज्यादा कमजोर और ड्राई बना देता है. बारिश के मौसम में बालों को नैचुरली हवा में ही सूखने देना सबसे बेस्ट माना जाता है. अगर आपके लिए बहुत ही जरूरी है, तो ड्रायर को कूल मोड पर रखकर इस्तेमाल करना आपके लिए बेस्ट है.

डैमेज बालों के लिए दही और शहद से नेचुरल हेयर मास्क

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पॉल्यूशन और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते-करते हमारे बाल बेजान और ड्राई हो जाते हैं. जब बाल डैमेज हो जाते हैं तो रिपेयर करने के लिए अक्सर हम महंगे ट्रीटमेंट लेते हैं या फिर हेयर स्पा का सहारा लेते हैं. अगर आपके बाल डैमेज हो चुके हैं और आप इन्हें नेचुरल तरीके से रिपेयर करना चाहते हैं, तो इसके लिए जितनी भी जरूरी चीजें चाहिए वे आपके किचन में ही मौजूद हैं. जब आप इन चीजों का इस्तेमाल करके हेयर मास्क बनाते हैं तो इससे आपके बालों को डीप नरिशमेंट मिलती है और वे पहले से काफी ज्यादा हेल्दी भी लगने लगते हैं. तो चलिए जानते हैं ऐसी कुछ चीजों के बारे में जिनका इस्तेमाल करके आप काफी आसानी से और मिनटों में ही एक असरदार हेयर मास्क तैयार कर सकते हैं. ड्राई बालों के लिए दही और शहद का मास्क अगर आपके बाल बहुत ज्यादा ड्राई और बेजान हो गए हैं, तो दही और शहद का मास्क आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो स्कैल्प को साफ करता है, जबकि शहद एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है जो बालों की मॉइस्चर को एब्जॉर्ब करके उन्हें सॉफ्ट बनाता है. इस मास्क को बनाने के लिए आधा कप फ्रेश दही लें और उसमें दो चम्मच शहद मिला लें. अब इन दोनों ही चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें. अब इसे अपने स्कैल्प से लेकर बालों की पूरी लंबाई तक लगाएं. इसे करीबन 30 मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर किसी माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करने से बाल बेहद सॉफ्ट और शाइनी हो जाते हैं. मजबूत बालों के लिए अंडा और ऑलिव ऑयल अगर आप बालों के टूटने और झड़ने की समस्या से परेशान हैं, तो ऐसे में आपको अंडे और ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करके एक हेयर मास्क तैयार कर लेना चाहिए. अंडे में प्रोटीन की मात्रा बहुत ही ज्यादा पायी जाती है, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है. वहीं, ऑलिव ऑयल आपके बालों को अंदर से न्यूट्रिशन देता है. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में एक अंडा तोड़ें और फिर इसमें दो चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाएं. इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें और फिर इसे अपने बालों में लगाएं और 20 से 25 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को ठंडे पानी और शैंपू से धो लें. इस बात का ख्याल रखें कि अंडा लगाने के बाद कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल न करें, नहीं तो अंडे की महक बालों से नहीं जाएगी. शाइनी और स्मूद बालों के लिए केला और नारियल तेल अगर आपको मालूम नहीं है तो बता दें पके हुए केले में आपको भरपूर मात्रा में पोटैशियम, नेचुरल ऑयल और विटामिन्स मिल जाते हैं, जो आपके बालों के ड्राइनेस को दूर करके उन्हें सिल्की बनाते है. नारियल तेल बालों को न्यूट्रिशन देकर उन्हें टूटने से बचाता है. इस हेयर मास्क को बनाने के लिए एक पका हुआ केला लें और उसे अच्छी तरह मैश कर लें ताकि उसमें कोई गांठ न रहे. अब इसमें एक से दो चम्मच नारियल का तेल मिलाएं. इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं और कम से कम 30 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर नॉर्मल पानी से ही अपने बालों को अच्छी तरह से धो लें. यह मास्क नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और बालों को गजब की शाइन देता है.

सिर्फ पानी से बाल धोना कितना सही? जानें ‘नो-शैम्पू’ ट्रेंड के फायदे और नुकसान

बिना शैंपू के सिर्फ पानी से बाल धोना (Water-Only Hair Washing) आजकल एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, जिसे 'नो-शू मूवमेंट' भी कहा जा रहा है. लोग केमिकल से बचने के लिए इसे अपना रहे हैं, लेकिन क्या यह वाकई बालों के लिए फायदेमंद है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ पानी से सिर धोने से धूल-मिट्टी तो साफ हो सकती है, लेकिन बालों में जमा एक्स्ट्रा ऑयल (Sebum) और डर्ट पूरी तरह साफ नहीं होते. ऑयल और पानी का कॉम्बिनेशन न मिलने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपाहट बनी रहती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.   क्या कहते हैं विदेशी एक्सपर्ट्स और रिसर्च? हेल्थलाइन के अनुसार, शैंपू न लगाने से स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स सुरक्षित रहते हैं जिससे बाल कम ड्राई होते हैं. लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि पानी अकेले तेल को ब्रेकडाउन नहीं कर सकता. बालों में जमा नेचुरल ऑयल (सीबम) और हेयर प्रोडक्ट्स के केमिकल पानी से नहीं निकलते. इसके लिए शैंपू में मौजूद सर्फेक्टेंट्स यानी क्लींजिंग एजेंट्स की जरूरत होती है. सिर्फ पानी से बाल धोने के फायदे हेल्थकेयर रिसर्च फर्म Hims के मुताबिक, अगर आप बिना शैंपू के बाल धोते हैं तो इसके कुछ फायदे भी हैं. केमिकल्स से बचाव: शैंपू में मिलने वाले सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्ड केमिकल्स से बाल बच जाते हैं. कम ड्राइनेस: जो लोग बहुत ज्यादा शैंपू करते हैं, उनके बाल रूखे हो जाते हैं. पानी से धोने पर बालों की नेचुरल नमी बनी रहती है. सस्ता ऑप्शंस: यह पूरी तरह से फ्री है और प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल कम होने से पर्यावरण को भी फायदा होता है. स्कैल्प इन्फेक्शन और डैंड्रफ का खतरा सिर्फ पानी के इस्तेमाल से फायदे कम और नुकसान ज्यादा हो सकते हैं. हेयर केयर और ट्राइकोलॉजी एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब बालों से तेल साफ नहीं होता तो स्कैल्प के पोर्स बंद हो जाते हैं. इससे स्कैल्प पर गंदगी जमा होने लगती है जो आगे चलकर डैंड्रफ, तेज खुजली और हेयर फॉल का कारण बन सकती है. जिन लोगों के बाल पतले या बहुत ऑयली हैं उनके बाल सिर्फ पानी से धोने पर ज्यादा चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं. क्या है सही तरीका? एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आपको पूरी तरह शैंपू बंद करने की जरूरत नहीं है. आप हफ्ते में 1 या 2 बार माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं. बीच के दिनों में बालों को फ्रेश रखने के लिए केवल सादे पानी से रिंस (Rinse) किया जा सकता है. इससे बालों का नेचुरल ऑयल बैलेंस भी नहीं बिगड़ेगा और स्कैल्प भी पूरी तरह क्लीन और हेल्दी रहेगी.

गंजेपन से परेशान लोगों के लिए नुस्खा: प्याज और सरसों तेल से उग सकते हैं नए बाल

 गिरते बाल और गंजापन आजकल हर उम्र के लोगों के लिए काफी बड़ी समस्या बना हुआ है. इससे बचने के लिए या फिर बालों को वापिस उगाने के लिए लोग महंगे ट्रीटमेंट और शैंपू के पीछे भागते हैं लेकिन फिर भी मनमुताबिक रिजल्ट नहीं मिलते. सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने एक इंटरव्यू के दौरान इस समस्या के बारे में बताया कि यदि आपके बाल झड़ रहे हैं या आप नए बाल उगाना चाहते हैं तो महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय अपनी रसोई में मौजूद चीजों पर भरोसा करें. उनके अनुसार, बालों की ग्रोथ के लिए सही पोषण और सही तेल का चुनाव सबसे जरूरी है. प्याज और लहसुन का जादू हेयर स्टाइलिस्ट ने बताया कि बालों को दोबारा उगाने के लिए प्याज का रस सबसे ज्यादा असरदार हो सकता है. प्याज में मौजूद सल्फर स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हेयर फॉलिकल्स को एक्टिव करता है. उन्होंने लहसुन के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक, जिन चीजों में 'आग' यानी थोड़ी तेजी या तीखापन होता है, वे स्कैल्प को स्टिमुलेट करने में मदद करती हैं. लहसुन का अर्क बालों की जड़ों में जाकर उन्हें मजबूती देता है और नए बाल उगने की प्रोसेस को तेज करता है. सरसों तेल की अहमियत आजकल लोग फैंसी और खुशबूदार तेलों के पीछे भागते हैं लेकिन स्टाइलिस्ट के अनुसार सरसों का तेल बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह तेल नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और बालों को अंदरूनी पोषण देता है. अगर आप रोज बाल धोते हैं तो हल्का तेल रोज लगाना चाहिए. हालांकि उन्होंने साफ किया कि प्याज के रस और सरसों तेल का कॉम्बिनेशन हफ्ते में कम से कम 2 बार जरूर इस्तेमाल करना चाहिए. इससे बालों का झड़ना बंद होता है और उनकी चमक वापस आती है. फॉलो करें ये रूटीन इंटरव्यू में जावेद ने सलाह दी कि बालों की केयर को लेकर आपको डिसिप्लिन बनाना होगा. हफ्ते में 2 बार प्याज का रस और लहसुन का पेस्ट बालों की जड़ों में अच्छे से लगाएं. इसके बाद सरसों तेल से मसाज करें. यह रूटीन न केवल नए बाल उगाने में मदद करेगा बल्कि जो बाल मौजूद हैं उन्हें भी घना और काला बनाए रखेगा. अगर आप भी बालों की समस्या से जूझ रहे हैं तो यह घरेलू और सस्ता नुस्खा आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.  

प्याज-अदरक शैंपू नहीं रोकते बाल झड़ना, जावेद हबीब ने बताई असली वजह

मार्केट में आजकल हेयर फॉल कंट्रोल करने के नाम पर अदरक, प्याज और नींबू वाले शैंपू की बाढ़ आई हुई है. हम लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आकर महंगे प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं क्योंकि वो सोचने लगते हैं कि शैंपू में नेचुरल तत्व मिले हुए हैं जिससे रातों-रात बालों का झड़ना बंद हो सकता है. हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने इस बारे में एक पॉडकास्ट में बताया है कि क्या सच में ऐसे शैंपू काम करते हैं? उनके मुताबिक, अगर आप सही तरीके से बाल धोते हैं तो कोई भी प्रोडक्ट यूज कर सकते हैं. क्या कहते हैं जावेद हबीब? जावेद हबीब के अनुसार, लोग अक्सर यह गलती कर बैठते हैं कि किसी शैंपू में प्याज या अदरक है तो वह जादुई असर करेगा.लेकि बाल गिरना तब रुकता है जब आपका स्कैल्प साफ हो. यदि आप इन महंगे शैंपू की जगह साधारण साबुन का इस्तेमाल भी सही तरह से करें तो भी वैसा ही असर दिखेगा. आप बालों की नियमित सफाई करें भले ही आप महंगा शैंपू इस्तेमाल करें या सस्ता, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. फर्क पड़ता है कि आप अपने बालों को कितना साफ रखते हैं. क्या कहती हैं रिसर्च? इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स और रिसर्च भी जावेद हबीब की बात से काफी हद तक एग्री करती हैं. बालों के झड़ने के पीछे अक्सर स्कैल्प पर जमी गंदगी, तेल और इंफेक्शन होता है. जब आप बाल धोते हैं तो यह लेयर हट जाती है जिससे फॉलिकल्स बेहतर तरीके से सांस ले पाते हैं. Healthline के अनुसार, हालांकि क्लिनिकल स्टडीज में सीधे स्कैल्प पर प्याज का रस लगाने से बालों के दोबारा उगने की संभावना देखी गई है, लेकिन शैंपू जैसे धोए जाने वाले प्रोडक्ट्स में एक डाइल्यूटेड इंग्रीडिएंट के रूप में इसकी प्रभावशीलता पर एकमत नहीं है. अधिकतर शैंपू स्कैल्प पर इतने समय तक नहीं टिकते कि ऐसे तत्व गहराई तक जा सकें. Medical News Today के अनुसार, रिसर्चर्स का सुझाव है कि शैंपू का प्राइमरी फंक्शन स्कैल्प को साफ करना है. बालों का झड़ना अक्सर जेनेटिक्स, हार्मोन या मेडिकल कंडीशंस से जुड़ा होता है. सरफेस-लेवल के सफाई वाले प्रोडक्ट्स केवल तभी मदद कर सकते हैं जब समस्या स्कैल्प की हाइजीन या डैंड्रफ से जुड़ी हो. सफाई है असली चाबी अंत में, जावेद हबीब का मैसेज साफ है कि स्कैल्प की हेल्थ ही हेयर हेल्थ है. किसी भी चमत्कारिक इंग्रीडिएंट के पीछे भागने के बजाय, अपने बालों को रेगुलर धोने और उन्हें साफ रखने पर ध्यान दें. यदि आपका स्कैल्प साफ है तो बालों की जड़ें मजबूत रहेंगी. किसी भी शैंपू को चुनने से पहले यह देखें कि वह आपके बालों से धूल-मिट्टी और एक्स्ट्रा तेल को कितनी अच्छी तरह निकाल पा रहा है, न कि उसमें कौन सा मसाला डाला गया है.

भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक हेयर केयर टिप्स: लंबे और घने बालों का राज

 भारत की महिलाएं सदियों से अपने खूबसूरत बालों के लिए जानी जाती हैं, लंबे घने बाल महिलाओं की सुंदरता से जोड़ा जाता है और इसलिए हर महिला चाहती है कि उसका बाल काले, घने और लंबे हो. हालांकि भारत में हर राज्य की क्लाइमेट और खानपान अलग है, लेकिन बालों की देखभाल के उनके ट्रेडिशनल तरीके आज भी उतने ही असरदार हैं. अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपने बालों को हेल्दी बनाना चाहती हैं, तो देशभर के इन आसान हेयर केयर टिप्स को जरूर अपनाएं. क्योंकि एक तो यह केमिकल फ्री होते हैं और इनसे बालों को कोई नुकसान भी नहीं होता है. आप भारत के जिस राज्य से हैं अब आपको अपने बालों की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप अपने प्रदेश की जलवायु के मुताबिक सही हेयर केयर चुन सकते हैं. वैसे भी ज्यादातर गलती लोग गलत हेयरकेयर चुनने में ही करते हैं. केरल: नारियल तेल और हर्बल मास्क केरल की महिलाएं अपने घने और लंबे बालों के लिए मशहूर हैं. अगर आप भी उनकी तरह बाल चाहती हैं तो उनका सबसे बड़ा राज है नारियल तेल से नियमित मालिश. नारियल तेल के अलावा वो थाली नाम का एक खास हेयर मास्क लगाती हैं, जो गुड़हल (हिबिस्कस), खसखस, मूंग दाल और भृंगराज से मिलकर बनता है. यह बालों को पोषण देता है और उन्हें मजबूत बनाता है. आप इसमें मेथी दाना भी मिलाकर इस्तेमाल कर सकती हैं. राजस्थान: गर्मी में ठंडक देने वाले उपाय राजस्थान की तेज गर्मी के बावजूद वहां की महिलाओं के बाल लंबे और हेल्दी भी होते हैं, क्योंकि वो लोग अपने बालों का खास ख्याल रखती हैं. राजस्थानी महिलाएं लौकी यानी घिया को पीसकर स्कैल्प पर लगाती हैं, जो ठंडक देता है. इसके अलावा वे मुल्तानी मिट्टी, शिकाकाई और रीठा से बाल धोती हैं, जिससे बाल साफ और मुलायम रहते हैं. उत्तर प्रदेश: लकड़ी की कंघी का फायदा उत्तर प्रदेश में महिलाएं पीढ़ियों से लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करती आ रही हैं. यह कंघी बालों में फ्रिज कम करती है, स्कैल्प की हल्की मसाज करती है और बालों में नेचुरल ऑयल को समान रूप से फैलाती है. लकड़ी की कंघी से बालों को सुलझाने से बाल कम टूटते हैं और आसानी से सुलझ जाते हैं. पश्चिम बंगाल सरसों तेल और मुलायम कपड़ा बंगाल की महिलाएं अपने बालों में सरसों का तेल लगाना पसंद करती हैं, यह बालों को मजबूती और चमक देता है. बाल धोने के बाद वो मुलमल के कपड़े से बाल सुखाती हैं, जिससे बाल उलझते नहीं और फ्रिज भी कम होता है. तमिलनाडु: गुड़हल और नारियल तेल केरल की तरह तमिलनाडु की महिलाएं भी लंबे और मजबूत बालों के लिए जानी जाती हैं. तमिलनाडु की महिलाएं नारियल तेल में गुड़हल मिलाकर लगाती हैं, यह मिक्सर बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है और उन्हें घना बनाता है. अगर आप तेजी से बाल बढ़ाना चाहती हैं, तो आप भी यह देसी नुस्खा आजमा कर देख सकते हैं. पंजाब: घी से मिलती है चमक और सॉफ्टनेस पंजाबी महिलाओं के घने और चमकदार बालों का एक राज घी भी है, वे इसे खाने के साथ-साथ बालों में भी लगाती हैं. देसी घी बालों को कंडीशन करता है, उन्हें सॉफ्ट बनाता है और उलझने से बचाता है.

समब्रानी धूप से बालों की देखभाल का आयुर्वेदिक तरीका

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों का झड़ना, पतला होना और उनकी ग्रोथ धीमी पड़ना बहुत आम बात हो गई है. यही वजह है कि कई लोग इसे लेकर स्ट्रेस में भी रहने लगते हैं. लंबे, घने और मजबूत बाल सिर्फ खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि यह आपके अच्छी सेहत का भी संकेत होते हैं. लेकिन सच यह है कि बालों को बेहतर बनाने के लिए कोई जादुई तरीका नहीं होता है. अगर आप अपने बालों को हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो उनकी सही देखभाल करना ही सबसे जरूरी है. नियमित केयर और सही आदतों से ही बालों की सेहत में सुधार लाया जा सकता है. ऐसा ही बालों को हेल्दी बनाने का एक आयुर्वेदिक तरीका है, जिसमें खास तरीके के धुएं का इस्तेमाल किया जाता है. इस आयुर्वेदिक नुस्खे का नाम है समब्रानी धूप (Sambrani Dhoop). आपने कम ही सुना होगा किसी को अपने बालों में समब्रानी धूप का इस्तेमाल करते हुए. अगर हम अभी की बात करें तो समब्रानी धूप को लेकर दिमाग में Jodhaa Akbar फिल्म का सीन याद आता है, जिसमें एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन इस चीज का इस्तेमाल करती नजर आई थीं. हालांकि, आजकल के बीजी शेड्यूल में यह तरीका ज्यादा देखने को नहीं मिलता है. लेकिन, पहले के समय में यह आयुर्वेदिक नुस्खा बालों को हेल्दी और मजबूत बनाने के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता था. लेकिन इसका इस्तेमाल करने के लिए इसका बारे में जानना भी जरूरी है. तो आइए जानते हैं कि क्या है समब्रानी धूप, जो बालों को मजबूती देता है. क्या है समब्रानी धूप? आयुर्वेद और नेचुरल थेरेपी एक्सपर्ट Rretvika के मुताबिक, समब्रानी धूप एक नेचुरल जड़ीबूटी है, जो स्टाइरैक्स पेड़ से मिलती है. इसकी खुशबू थोड़ी वुडी और मस्की होती है. ये बालों और स्कैल्प के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. एक्सपर्ट Rretvika के अनुसार, नहाने के बाद धूप लेना सिर्फ बालों के लिए ही अच्छी नहीं होता है, बल्कि ये मन को सुकून देने वाली आदत भी मानी जाती है. इससे बॉडी बैलेंस रहती है और दिमाग भी शांत रहता है. इस धुएं की हल्की गर्माहट वट दोष को भी कंट्रोल करने में मदद करती है. ऐसा भी माना जाता है कि ये आसपास की नेगेटिव एनर्जी को भी दूर करता है. इस हर्बल स्मोक में नीम, तुलसी, गुग्गल के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी शामिल हैं, जो सिर की गंदगी, बैक्टीरिया और पसीने को हटाने में भी मदद करते हैं. इस हर्बल स्मोक से बाल सुखाने पर स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है और जड़ें मजबूत होती हैं. अगर आप ज्यादा अच्छा रिजल्ट चाहते हैं, तो सूखे नीम के पत्ते या उपले में हर्ब्स मिलाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. क्या रोजाना करना चाहिए इसका प्रयोग? भले ही बालों के लिए यह तरीका काफी अच्छा और सुकून देने वाला लगे, लेकिन एक्सपर्ट Rretvika खुद इसे रोज की हेयर केयर रूटीन का हिस्सा नहीं मानती हैं. वह इसे सिर्फ एक रिलैक्स करने वाली प्रक्रिया के तौर पर अपनाती हैं. उन्होंने बताया कि वह इसे महीने में सिर्फ एक या दो बार ही करती हैं, हर बार बाल धोने के बाद नहीं. उनका कहना है कि गुग्गल या कपूर जैसे नेचुरल चीजों का धुआं अगर ज्यादा लिया जाए तो फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं होता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए. घर पर कैसे करें इस्तेमाल? भारतीय वेलनेस ब्रांड अनाहता ऑर्गेनिक के अनुसार, नैचुरल समब्रानी या लोबान कप का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें धूनी (होल्डर) में जलाया जाता है. इसे किसी खुली और हवादार जगह, जैसे बालकनी में जलाएं ताकि अच्छे से धुआं निकल सके. नहाने के बाद हल्के गीले बालों को इस धुएं के ऊपर रखें, लेकिन ध्यान रखें कि बाल और धूनी के बीच करीब 15 से 25 सेंटीमीटर की दूरी हो. आखिरी में मोटे कंघे से बालों में कंघी कर लें, ताकि धुआं और उसमें मौजूद नैचुरल ऑयल्स बालों में अच्छे से फैल जाएं.