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टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: अर्धशतक चूके स्मट्स, कनाडा के खिलाफ इटली की 10 रन से जीत

चेन्नई इटली ने मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे वार्म-अप मैच मंं कनाडा के खिलाफ 10 रन के करीबी अंतर से जीत दर्ज की। सोमवार को एमए चिदंबरम स्टेडियम में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी इटली की टीम ने 4 विकेट खोकर 156 रन बनाए। इस टीम को जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने 5.3 ओवरों में 45 रन की साझेदारी की। एंथनी 20 गेंदों में 3 चौकों के साथ 22 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जस्टिन ने 17 गेंदों में 1 छक्के और 2 चौकों के साथ 22 रन बनाए। इसके बाद जेजे स्मट्स ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कप्तान वेन मैडसेन (10) के साथ 33 रन, जबकि हैरी मैनेंटी के साथ 41 रन की साझेदारी की। स्मट्स 37 गेंदों में 6 बाउंड्री के साथ 49 रन बनाकर आउट हुए, जबकि हैरी ने 24 गेंदों में नाबाद 33 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से कलीम सना, दिलप्रीत बाजवा, जसकरण सिंह और साद बिन जफर ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में कनाडा की टीम निर्धारित ओवरों में 6 विकेट खोकर सिर्फ 146 रन ही बना सकी। युवराज सिंह ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ बतौर सलामी जोड़ी 6.4 ओवरों में 55 रन जुटाए। युवराज 23 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 33 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद दिलप्रीत ने नवनीत धालीवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 30 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 85 के स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान दिलप्रीत 34 गेंदों में 6 चौकों के साथ 37 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद निकोलस किर्टन ने 33 रन कनाडा के खाते में जोड़े, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। इटली की तरफ से थॉमस ड्रेका, अली हसन, ग्रांट स्टीवर्ट, जेजे स्मट्स और बेन मैनेंटी ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। इटली अपने अगले मुकाबले में 6 फरवरी को यूएई से भिड़ेगी। यह मैच चेन्नई के इसी मैदान पर खेला जाना है। 7 फरवरी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत होगी।  

पाकिस्तान की ड्रामेबाजी का ICC पर भारी असर, एक IND-Pak मैच ने 7 साल की PCB कमाई बराबर नुकसान पहुँचाया

 नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत के साथ खेलने से इनकार किया है. दोनों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में ग्रुप स्टेज का मैच था. पाकिस्तान सरकार ने ये कदम वर्ल्ड कप शुरू होने के 5 दिन पहले उठाया है, जिसने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान के इस कदम से आईसीसी को भारी आर्थिक घाटा होगा. आईसीसी टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मुकाबला करीब 250 मिलियन डॉलर (2200 करोड़ रुपये से अधिक) का राजस्व पैदा करता है. कई रिपोर्ट्स में इस रेवन्यू को 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बताया गया है. ऐसे में अगर ये मैच नहीं होता है तो इसका खामियाजा सभी हितधारकों को भारी आर्थिक नुकसान के रूप में उठाना पड़ेगा. पाकिस्तान की सालाना कमाई से समझें नुकसान का गणित पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की साल भर की कमाई की बात करें तो वह 35-45 मिलियन डॉलर के बीच आती है. यानी 300 से 400 करोड़ रुपये की कमाई पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सालाना है. इसमें आईसीसी से पाकिस्तान को मिलने वाले रेवन्यू, PSL की कमाई, सीरीज और टिकट की कीमत से लेकर स्पॉनसरशिप से मिलने वाली आमदनी का लेखा-जोखा है. हालांकि, पीसीबी की कमाई का मुख्य जरिया आईसीसी से मिलने वाला रेवन्यू शेयर है, जो उसकी कुल कमाई का 80 फीसदी से ज्यादा बताया जाता है. अब भारत-पाक मैच की कमाई जान लीजिए अब अगर भारत पाकिस्तान के एक आईसीसी मुकाबले की कमाई की बात करें तो ये 2200 करोड़ रुपये से ज्यादा की है. कई बार इसे 3 हजार करोड़ से ज्यादा भी आंका गया है. यानी साफ है कि पाकिस्तान 7 साल में जितना पैसा कमाता है उतना रेवन्यू भारत-पाक के एक मैच से ही पैदा होता है.  ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि आईसीसी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया भारत-पाकिस्तान का मैच है. क्योंकि इसे पूरी दुनिया में लोग देखते हैं और कई करोड़ों का विज्ञापन भी मिलता है. यही कारण है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज न होने के बावजूद भी आईसीसी इन्हें मल्टी नेशनल्स टूर्नामेंट में एक ही ग्रुप में रखता है. ताकि दोनों के बीच टक्कर हो.   10 सेकेंड के स्लॉट की कीमत 40 लाख अगर वर्ल्ड कप में दोनों के बीच टक्कर नहीं हुई तो मेजबान ब्रॉडकास्टर को सिर्फ विज्ञापन से ही 200 से 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. भारत-पाकिस्तान जैसे बड़े मुकाबले में 10 सेकंड का विज्ञापन स्लॉट 40 लाख रुपये तक में बिकता है. ऐसे में ये तो साफ है कि अगर पाकिस्तान ने ये मैच बायकॉट करने की हिमाकत की तो आईसीसी को भारी नुकसान होगा. फिर आईसीसी इसकी भरपाई का आदेश पाकिस्तान को दे सकता है या उसपर कड़े प्रतिबंध लगा सकता है. इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पूरी तरह से तबाह हो सकता है.  भारत को बिना खेले मिलेगा दो अंक अगर भारत-पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होता है तो टीम इंडिया को बिना खेले ही वॉक ओवर मिल जाएगा. उसे फ्री में दो अंक मिल जाएंगे और पाकिस्तान को नेट रन रेट का भी भारी नुकसान होगा. जिससे वर्ल्ड कप में उसकी आगे की राह खतरे में पड़ सकती है. पाकिस्तान ने तोड़ा है समझौता पाकिस्तान की ड्रामेबाजी पिछले कई दिनों से जारी है. एशिया कप में भी टीम ने टूर्नामेंट बहिष्कार की धमकी दी थी. लेकिन फिर खुद ही खेलने आ गया था. इस बार भी बांग्लादेश और भारत के क्रिकेट बोर्ड में चल रही तनातनी में वह बीच में कूद गया.  पाकिस्तान ने ही बांग्लादेश को भड़काया और आखिरकार उसे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. फिर उसके बाद पाकिस्तान ने भी बायकॉट की धमकी दी. और फिर खुद ही केवल भारत के साथ मैच को न खेलने की बात कहने लगा. पाकिस्तान ने ऐसा कदम उठाने की हिमाकत तब की है जब आईसीसी, पीसीबी और बीसीसीआई के बीच 2027 तक भारत-पाकिस्तान मैचों के लिए हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनी हुई है. ये साफतौर पर सहमति है कि दोनों देश आईसीसी टूर्नामेंट्स में न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेंगे. ऐसे में पाकिस्तान बोर्ड के लिए इस तरह के चयनात्मक बहिष्कार को सही ठहराना आसान नहीं होगा. अब आईसीसी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एक मीटिंग बुलाई है. कहा जा रहा है की पाकिस्तान पर कड़े  एक्शन को लेकर इसमें चर्चा हो सकती है.   संभावित आईसीसी प्रतिबंध क्या हो सकते हैं? * पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक, साथ ही लीग से अंतरराष्ट्रीय मान्यता और व्यावसायिक समर्थन वापस लेना. * आईसीसी के राजस्व पूल से पाकिस्तान को मिलने वाली राशि में भारी कटौती, जिस पर पीसीबी की आर्थिक निर्भरता काफी हद तक है. * भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से हुए भारी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए ब्रॉडकास्टर को मुआवजा देने का निर्देश. * एशिया कप से बाहर किया जाना * पाकिस्तान से जुड़ी सभी द्विपक्षीय सीरीज़ पर रोक.

क्रिकेट अपडेट: दीप्ति शर्मा ने T20I रैंकिंग में किया कमाल, नंबर-1 गेंदबाज बनीं

मुंबई  ICC Rankings: भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और गर्व का पल सामने आया है. ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा पहली बार ICC महिला T20 इंटरनेशनल गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 बन गई हैं. ताजा रैंकिंग में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया  है. वहीं, बल्लेबाजी रैंकिंग में भारत की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना को नुकसान हुआ है और उन्हें शीर्ष स्थान गंवाना पड़ा है. दीप्ति शर्मा का ऐतिहासिक नंबर-1 सफर दीप्ति शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेले गए पहले T20 मुकाबले में शानदार गेंदबाजी की थी. उन्होंने अपने चार ओवर में सिर्फ 20 रन देकर एक विकेट लिया. भारत ने यह मैच आठ विकेट से जीता था. इस किफायती प्रदर्शन का फायदा दीप्ति को रैंकिंग में मिला और उन्हें पांच रेटिंग अंक मिले. इसी के साथ वह एनाबेल सदरलैंड से सिर्फ एक अंक आगे निकलकर दुनिया की नंबर-1 T20I गेंदबाज बन गईं. यह दीप्ति के करियर की अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है. भारतीय गेंदबाजों की रैंकिंग में हलचल दीप्ति के अलावा भारत की अरुंधति रेड्डी को भी रैंकिंग में फायदा हुआ है. श्रीलंका के खिलाफ प्रदर्शन के बाद उन्होंने पांच स्थान की छलांग लगाते हुए 36वां स्थान हासिल किया है. इससे साफ है कि भारतीय महिला टीम की गेंदबाजी यूनिट लगातार मजबूत हो रही है. ODI रैंकिंग में स्मृति मंधाना को झटका वहीं, वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में स्मृति मंधाना को नंबर-1 का ताज गंवाना पड़ा है. साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने आयरलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए फिर से टॉप स्थान हासिल कर लिया है. उन्होंने सीरीज के आखिरी दो मैचों में शतक जड़े और साउथ अफ्रीका ने 3-0 से सीरीज जीती. T20 बल्लेबाजी में जेमिमा का बड़ा फायदा T20I बल्लेबाजी रैंकिंग में जेमिमा रोड्रिग्स भारतीय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा फायदे में रहीं. श्रीलंका के खिलाफ नाबाद अर्धशतक और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद वह पांच स्थान ऊपर चढ़कर नौवें नंबर पर पहुंच गई हैं. टॉप-10 में भारत की तीन बल्लेबाज मौजूद हैं- स्मृति मंधाना तीसरे, जेमिमा नौवें और शेफाली वर्मा दसवें स्थान पर हैं. अन्य खिलाड़ियों को भी मिला फायदा साउथ अफ्रीका की सुने लूस ने भी ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर वनडे बल्लेबाजी में सात और ऑलराउंडर रैंकिंग में 11 स्थान की छलांग लगाई. वहीं, आयरलैंड की अर्लीन केली, गैबी लुईस और एमी हंटर ने भी रैंकिंग में सुधार किया है.   

टी20 विश्व कप में भारतीय टैलेंट का जलवा: दूसरे देशों के लिए खेलेंगे देसी जड़ें वाले क्रिकेटर

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में कई टीमों में भारतीय मूल के क्रिकेटरों की भरमार है जो सात फरवरी से होने वाले टूर्नामेंट में अपनी 'घरेलू धरती' पर प्रभाव छोड़ने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं, जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ी के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा। जिस देश में उन्होंने जन्म लिया वह उसकी तरफ से तो नहीं खेल पाए, लेकिन अपने बचपन की इस धरती पर वापसी के लिए भावुक हैं।   फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह भी उस देश में शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए बेताब हैं, जिसे उन्होंने किशोरावस्था में ही छोड़ दिया था। नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन वह भी अपने मूल देश में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। आईसीसी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 20 टीमों में कनाडा की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। कनाडा की टीम में 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं, जबकि अमेरिका की टीम में 9 ओमान की टीम में 7 और यूएई की टीम में भी 7 खिलाड़ी भारतीय मूल के शामिल हैं। मेजबान भारत अपनी घरेलू धरती पर खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा, लेकिन कई अन्य टीमों में भी 'भारतीय दबदबा' देखने को मिलेगा। हम यहां पर भारतीय मूल के कुछ क्रिकेटरों पर नजर डाल रहे हैं जो कि टूर्नामेंट में प्रभाव छोड़ सकते हैं। सौरभ नेत्रवलकर: भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके अमेरिका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछली बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था। नेत्रवलकर भारत की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलने के लिए बेताब हैं, लेकिन सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी। मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका की कप्तानी आनंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विजेता अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी। यह 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं। बुमराह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं और मोनांक को किशोरावस्था में ही इसका पता चल गया था। मोनांक ने कहा, ''हमने साथ में लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों तरह की क्रिकेट खेली है और वह वाकई बहुत खास पल थे। वह मेरे क्रिकेट करियर का शुरुआती दौर था और तब भी जिस तरह से हम खेल रहे थे, विशेषकर जिस तरह से जसप्रीत प्रदर्शन कर रहा था, हम जानते थे कि उसमें वो खास हुनर ​​है और वह आगे चलकर जरूर बड़ा खिलाड़ी बनेगा।'' जसप्रीत सिंह: इटली के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह पर भी लोगों की निगाहें टकी रहेंगी। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईसीसी प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलना उस तेज गेंदबाज के लिए सपने जैसा है, जो कुछ समय पहले तक आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। आर्यन दत्त: आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं। दिलप्रीत बाजवा: गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था। जतिंदर सिंह: बाजवा की तरह लुधियाना में जन्मे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।  

फैंस के लिए खुशखबरी! पैट कमिंस ने फिटनेस पर तोड़ी चुप्पी, IPL खेलने के संकेत

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पेस लीडर पैट कमिंस ने बताया है कि वह नेशनल टीम के आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन का हिस्सा बनने के कितने करीब थे, क्योंकि यह तेज गेंदबाज पीठ की चोट से उबर रहा है और साल के आखिर में होने वाले मुश्किल टेस्ट शेड्यूल पर नजर रखे हुए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए समय पर मैदान पर लौट आएंगे, जो मार्च के आखिर में शुरू होगी।   इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की वेबसाइट के मुताबिक, पीठ की पुरानी शिकायत समय पर ठीक नहीं होने के कारण कमिंस को 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया की आखिरी 15 मेंबर वाली टीम से बाहर कर दिया गया। ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए, 31 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान एक छोटी सी दिक्कत ने आखिरकार उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। कमिंस ने कहा, "यह सच में बहुत बुरा था।" "मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं, बस एक छोटी सी दिक्कत थी और सच में समय खत्म हो गया था। मैं कुछ हफ़्ते आराम करूंगा और फिर आगे बढ़ूंगा।" कमिंस ने बताया कि एडिलेड टेस्ट के बाद, मेडिकल टीम ने अनुमान लगाया था कि प्रभावित हड्डी को पूरी तरह से ठीक होने और फिर ठीक होने में चार से आठ हफ़्ते लगेंगे। शुरुआती संकेत अच्छे थे, लेकिन एक फ़ॉलो-अप स्कैन से पता चला कि उन्हें और आराम की जरूरत है। उन्होंने कहा, "शुरू में, हमें लगा कि शायद सिर्फ चार हफ़्ते लगेंगे, क्योंकि मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा था, लेकिन मैंने अभी एक फॉलो-अप स्कैन करवाया। उन्हें लगा कि शायद कुछ और हफ़्ते लगेंगे, इसलिए टाइमलाइन थोड़ी ज्यादा हो गई।" ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को उम्मीद है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए समय पर मैदान पर लौट आएंगे, जो मार्च के आखिर में शुरू होगी, जहां उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद को रिप्रेजेंट करना है। हालांकि, कमिंस ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता साल के दूसरे हिस्से में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के व्यस्त शेड्यूल के लिए पूरी तरह से फिट होना है। ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट की घरेलू सीरीज खेलनी है, जिसके बाद अक्टूबर से पहले दक्षिण अफ्रीका का तीन टेस्ट का दौरा होगा। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट और भारत के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज होगी, ये सभी मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के खत्म होने से पहले होंगे। कमिंस ने कहा, "हमें लगा कि साल का पहला आधा हिस्सा आने वाले क्रिकेट को ध्यान में रखकर कंजर्वेटिव रहने का अच्छा समय है। हम इसे ठीक कर लेंगे, फिर उम्मीद है कि इसका मतलब होगा कि आपको इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी, और आप बस बाहर जाकर वे सभी टेस्ट मैच खेल सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जबकि, अगर आप अभी इसके साथ सावधान नहीं हैं और यह बढ़ जाता है, तो आप थोड़ा पीछे भाग रहे हैं।" पाकिस्तान से हाल ही में टी20 सीरीज हारने और कई खास खिलाड़ियों के चोटिल होने की चिंताओं के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप में उतर रहा है, कमिंस का मानना है कि टीम टाइटल के लिए चुनौती देने के लिए अच्छी स्थिति में है। ऑस्ट्रेलिया अपने ग्रुप बी मैचों में आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे, ओमान और को-होस्ट श्रीलंका का सामना करेगा। कमिंस ने कहा, "ये (पाकिस्तान में) हमारे कुछ सबसे अच्छे गेम नहीं थे, लेकिन खिलाड़ी एक मजबूत बिग बैश से आ रहे हैं, और कुछ खिलाड़ी वर्ल्ड कप के लिए चोट से वापस आ रहे हैं।" "मनोबल अच्छा है। दूर से कुछ लड़कों से बात करने पर पता चला कि वे जानते हैं कि यह कितना बड़ा है, वे शुरू करने और इसमें शामिल होने के लिए बेताब हैं।"  

लीगल या संदिग्ध? उस्मान तारिक के ऐक्शन पर अंपायर की रिपोर्ट ने सब साफ कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान की टीम अपने एक गेंदबाज को बड़ा सोच समझकर इस्तेमाल कर रही है। 3-3 मैचों की सीरीज में भी एक-एक ही मुकाबला उसे खिलाती है। एक तरह से इस गेंदबाज को छुपाकर रखा जा रहा है। इसके पीछे की वजह है, उसका बॉलिंग ऐक्शन। ये गेंदबाज कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मुकाबला खेले। न तो पहले मैच में नजर आए और न ही तीसरे मुकाबले में खेले। जिस तरह से उस्मान तारिक का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस वजह से इस गेंदबाज के बॉलिंग ऐक्शन पर सवाल उठ रहे हैं। कैमरोन ग्रीन ने तो बीच स्टेडियम में उस्मान तारिक के ऐक्शन पर सवाल उठा दिए थे। कहा जा रहा था कि उनका बॉलिंग ऐक्शन लीगल नहीं है, लेकिन अब इस पर अंपायर का भी वर्जन सामने आ गया है।   इंटरनेशनल और आईपीएल जैसे मैचों में अंपायरिंग कर चुके अनिल चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस्मान तारिक के बॉलिंग ऐक्शन को लेकर जानकारी शेयर की। अनिल चौधरी ने अपना फैसला भी सुनाया है और कहा है कि आईसीसी के नियमों के हिसाब से उस्मान तारिक का बॉलिंग ऐक्शन लीगल है। उन्होंने अपने वीडियो में कहा, "अभी एक वीडियो मेरे पास आया है, उस्मान तारिक के ऐक्शन को लेकर। देखिए जो उनका जो ऐक्शन है थोड़ा साइड वाला है और थोड़ा अलग है और थोड़ा पॉज करके डालते हैं, क्योंकि वो सारी गेंद एक ही तरह से डालते हैं और उनका जो आर्म है, उसमें बेंडिंग और स्ट्रेटनिंग नहीं है, गाइडलाइन्स के अनुसार तो ऐक्शन बिल्कुल ठीक है। डिफरेंट है, पॉज करके डालते हैं, लेकिन सारी गेंद एक ही तरह से डालते हैं। मेरे हिसाब से उनका ऐक्शन फेयर है और यह एक फेयर डिलिवरी है।" पाकिस्तान के इस स्पिनर ने बीते तीन महीने में सिर्फ 3 ही टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। हैरानी की बात ये है कि वे तीन सीरीजों में 3 मैच खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लाहौर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने 2.4 ओवर गेंदबाजी की। 16 रन दिए और 2 विकेट हासिल किए। 3 टी20 इंटरनेशनल मैचों के करियर में उन्होंने 8 विकेट निकाले हैं। इस गेंदबाज का इस्तेमाल पाकिस्तान एक मिस्ट्री के तौर पर कर रहा है, जिसकी वजह से उनके बॉलिंग ऐक्शन पर संदेह किया जा रहा है।  

जोस बटलर का बड़ा कारनामा, इंग्लैंड क्रिकेट में पहली बार हुआ ऐसा रिकॉर्ड

नई दिल्ली इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज जोस बटलर ने इतिहास रच दिया है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान उन्होंने ऐसी उपलब्धि हासिल की जो उनसे पहले किसी अंग्रेज क्रिकेटर ने नहीं हासिल की थी। ये उनका 402वां अंतरराष्ट्रीय मैच था और अब वह इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। वह टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज हैं। इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी इससे पहले इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम था। उन्होंने 401 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे और अब बटलर ने इस मामले में उन्हें पछाड़ दिया है। 35 साल के जोस बटलर के अब तक के करियर की बात करें तो उन्होंने 57 टेस्ट मैच खेले हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के लिए 199 ओडीआई और 146 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। बटलर के नाम अब तक टेस्ट में 2907 रन, ओडीआई में 5515 रन और टी20 इंटरनेशनल में 3925 रन बनाए हैं। उन्होंने सितंबर 2022 के बाद से कोई टेस्ट नहीं खेला है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब उनके नाम 402 मैचों में 12308 रन दर्ज हैं। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज जोस बटलर ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 29 गेंदों में 39 रन ठोके और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। अब इंग्लैंड ने 3 मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इसके साथ ही जोस बटलर टी20 इंटरनेशनल में 4 हजार रन बनाने के नजदीक पहुंच गए हैं। वह T20I में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और इस मामले में दुनिया में उनका चौथा स्थान है। बटलर से ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन सिर्फ बाबर आजम, रोहित शर्मा और विराट कोहली के नाम हैं। रोहित और कोहली टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए जल्द ही बटलर इस फॉर्मेट में रन बनाने के मामले में इन दोनों खिलाड़ियों को पीछे छोड़ सकते हैं। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज 1- बाबर आजम- 4505 रन (139 मैच) 2- रोहित शर्मा- 4231 रन (159 मैच) 3- विराट कोहली- 4188 रन (125 मैच) 4- जोस बटलर- 3925 रन (146 मैच) 5- पॉल स्टर्लिंग (आयरलैंड)- 3888 रन, (161 मैच)

भारतीय क्रिकेट की शान: हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना बीबीसी अवॉर्ड्स की रेस में

नई दिल्ली भारत की महिला विश्व कप 2025 की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना, शतरंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिव्या देशमुख '2025 बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर' पुरस्कारों के लिए नामांकित हैं।   पिस्टल निशानेबाजी में सनसनी मचाने वाली सुरुचि सिंह और ट्रैक एवं फील्ड एथलीट ज्योति याराजी इस प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कार के लिए नामांकित अन्य दो खिलाड़ी हैं। अंतरिम वैश्विक निदेशक फियोना क्रैक ने एक विज्ञप्ति में कहा, ''इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर' पुरस्कार पूरे भारत में महिलाओं की खेल प्रतिभाओं के एक वर्ष का प्रतीक है और बीबीसी विश्व सेवा अन्य किसी भी मीडिया प्रदाता की तुलना में इन प्रयासों को प्रदर्शित करने और उनका जश्न मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।' उन्होंने कहा, ‘हम इन महिलाओं को भारत और दुनिया भर के दर्शकों के सामने अपनी मेहनत से हासिल की गई उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करके रोमांचित हैं।’ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने नवंबर 2025 में देश को आईसीसी महिला विश्व कप का पहला खिताब दिलाया था। उन्होंने घरेलू सरजमीं पर खेले गये विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 339 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 88 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेली। हरमनप्रीत की 2017 में इसी प्रतिद्वंदी के खिलाफ एक अन्य विश्व कप सेमीफाइनल में 171 रनों की नाबाद पारी को आज भी महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में से एक माना जाता है। इसी टीम की उप कप्तान 29 साल की मंधाना पहले से ही क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। यह वामहस्त बल्लेबाज एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतकों के मामले में दूसरे जबकि सबसे अधिक रन बनाने वालों की सूची में तीसरे पायदान पर है। महाराष्ट्र के सांगली शहर की रहने वाली मंधाना अपने पिता और भाई से प्रेरित हैं, दोनों ने ही जिला स्तर पर क्रिकेट खेला है। उन्होंने पिछले साल सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 गेंदों में शतक बनाया था। यह इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज शतक है। उन्होंने इस पारी के दौरान विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्हें 2018 और 2021 में दो बार आईसीसी की साल की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना गया है। बीस वर्षीय शतरंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिव्या ने पिछले साल जुलाई में फिडे महिला विश्व कप की पहली भारतीय और सबसे कम उम्र की चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि ने उन्हें ग्रैंडमास्टर का दर्जा भी दिलाया। दिव्या ने ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में ग्रैंडमास्टर बनने वाली पहली भारतीय महिला कोनेरू हम्पी को हराया था। नागपुर में जन्मी देशमुख ने पांच साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया। दो साल के भीतर ही वह अंडर-7 राष्ट्रीय चैंपियन बन गईं और 2017 में उन्होंने लड़कियों के अंडर-12 वर्ग में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। दिव्या ने 2022 में ओलंपियाड में भारत की कांस्य पदक विजेता टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इसके दो साल बाद व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर और शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम का हिस्सा बनकर और भी बड़ी उपलब्धि हासिल की। सुरुचि ने निशानेबाजी में आईएसएसएफ विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर शीर्ष खिलाड़ियों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई। हरियाणा की सुरुचि ने 2024 में राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में सात स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने इसके एक साल से भी कम समय में सीनियर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान तेजी से स्थापित की। इस 19 साल की खिलाड़ी ने 2025 में ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप सीरीज में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने लीमा में मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।  

जब से पीएम मोदी ने पद संभाला, खेलों में कभी भी बड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा: बृज भूषण शरण

नोएडा बीजेपी नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 को सराहा है। उन्होंने इस लीग को एक बड़ी सफलता बताते हुए खेल के लगातार विकास का श्रेय पिछले एक दशक में विकसित बेहतर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया। हरियाणा थंडर ने रविवार रात नोएडा इंडोर स्टेडियम में एक रोमांचक फाइनल में दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 5-4 से हराकर प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 का खिताब जीता। इस मुकाबले पर प्रतिक्रिया देते हुए बृज भूषण ने कहा कि फाइनल आखिरी तक प्रतिस्पर्धी बना रहा, जिससे यह हाल के कुश्ती इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बन गया। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही प्रभावशाली मैच था, जिसमें आखिरी पलों तक रोमांच बना रहा, क्योंकि स्कोर 4-4 से बराबरी पर था। दिल्ली के 4 प्वाइंट्स थे और हरियाणा के भी 4 ही प्वाइंट्स थे। नतीजतन, आखिरी पलों तक विजेता तय नहीं हो पाया। ज्यादातर मुकाबलों में, नतीजा जल्दी स्पष्ट हो जाता है, और कोई भी विजेता का अनुमान लगा सकता है, लेकिन इस फाइनल में, सस्पेंस आखिर तक बना रहा, जिससे यह एक बेहतरीन मुकाबला बन गया।” कुश्ती में भारत की बढ़ती ताकत पर प्रकाश डालते हुए, बृज भूषण शरण सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के भविष्य की संभावनाओं पर विश्वास जताते हुए कहा, “भारत कुश्ती में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। सभी खेलों में, कुश्ती में भारत के लिए सर्वाधिक मेडल लाने की सबसे ज्यादा क्षमता है।” डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार के तहत खेल की लगातार प्रगति के लिए पिछले एक दशक में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार का भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद संभाला है, खेल सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार सुधार हुआ है। इस दौरान कभी भी बड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा।” हरियाणा थंडरर्स ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के साथ 1.5 करोड़ रुपये की प्राइज मनी जीती है, जबकि रनर-अप दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 75 लाख रुपये मिले।  

पुलवामा हमले पर सख्ती दिखी, पर पूरा पाकिस्तान बॉयकॉट क्यों नहीं? अंदर की रणनीति क्या थी

नई दिल्ली पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने से इनकार कर दिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में यह मुकाबला खेला जाना था। पिछले साल दोनों टीमों के बीच यह तय हुआ था कि भारत और पाकिस्तान के सभी मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे, इसके बाजवजूद अब बांग्लादेश को अपना सपोर्ट दिखाने के लिए पाकिस्तान ऐसी नौटंकी कर रहा है। बता दें, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में टी20 वर्ल्ड कप के मैच खेलने से इनकार कर दिया था। आईसीसी के लाख समझाने के बाजवूद बांग्लादेश नहीं माना जिस वजह से आईसीसी ने उन्हें बाहर कर स्कॉटलैंड के टूर्नामेंट में शामिल किया। आईसीसी के इस फैसले के बाद अब पाकिस्तान यह बगावत कर रहा है।   भारत के पास भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच को बॉयकॉट करने का मौका था। पिछले साल जब पुलवामा अटैक हुआ था तो पूरे देश में आक्रोश फैला हुआ था। भारत कई तरीको से पाकिस्तान के खिलाफ बड़े फैसले ले रहा था। ऐसे में इसकी आंच क्रिकेट पर भी गिरने वाली थी। पूरे देशभर में कहा जा रहा था कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत को क्रिकेट मैच नहीं खेलना चाहिए। मगर सरकार ने समझदारी दिखाते हुए एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का फैसला किया। भारतीय सरकार ने बीसीसीआई को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की मंजूरी दी। इसके कई कारण थे।     अगर भारत पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर देता तो आईसीसी कई तरह की पाबंदियां लगा सकता था।     भारत का पाकिस्तान के खिलाफ ना खेलने का असर आईपीएल पर भी पड़ सकता था।     भारत को वित्तीय नुकसान भी हो सकता था।     दूसरी टीमों को भी आईसीसी भारत में द्विपक्षीय सीरीज खेलने से रोक सकता था।     आगामी आईसीसी और मल्टीनेशन इवेंट में भी भारत को इस फैसले का खामियाजा उठाना पड़ सकता था। इन्हीं सभी नुकसानों को टालने के लिए भारतीय सरकार ने बीसीसीआई को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की मंजूरी दी। हालांकि भारतीय टीम ने पाकिस्तान का क्रिकेट फील्ड पर कई तरह से बॉयकॉट किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सबसे पहले पाकिस्तानी कप्तान से टॉस के दौरान हाथ नहीं मिलाए। वहीं मैच खत्म होने के बाद भारतीय खिलाड़ी सीधा अपने ड्रेसिंग रूम में चले गए। इस घटना के बाद ही हैंडशेक विवाद खड़ा हुआ था। एशिया कप में भारत की फाइनल समेत तीन बार पाकिस्तान से भिड़ंत हुई थी और हर बार भारत का रुख ऐसा ही था। टीम इंडिया के खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से बात तक नहीं कर रहे थे। मगर जब पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने उन्हें उकसाया तो अभिषेक शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों ने मैदान पर ही उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान का बॉयकॉट करने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। भारत ने एशिया कप का खिताब जीतने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुखिया मोहसिन नकवी, जो एसीसी के भी अध्यक्ष हैं, उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। मोहसिन नकवी ने काफी देर भारतीय खिलाड़ियों का इंतजार किया, मगर सूर्यकुमार यादव की टीम मैदान पर होते हुए स्टेज तक नहीं पहुंची। अंत में नकवी ट्रॉफी लेकर ही मैदान के बाहर चले गए और आज तक उन्होंने भारत को एशिया कप की ट्रॉफी नहीं सौंपी। भारत ने तो बड़ी ही समझदारी से काम लिया और पाकिस्तान का अलग तरीके से बॉयकॉट करते हुए उनके खिलाफ मैच खेला। मगर बांग्लादेश को अपना सपोर्ट दिखान के चक्कर में पाकिस्तान कुल्हाड़ी पर अपना पैर मार बैठा है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में आईसीसी इस मुद्दे पर मीटिंग कर सकता है। आईसीसी पाकिस्तान को समझाने की कोशिश कर सकता है और उनसे भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए कह सकता है, क्योंकि इसी मैच से आईसीसी की सबसे ज्यादा कमाई होती है। अगर पाकिस्तान फिर भी नहीं मानता तो पाकिस्तान उन पर कई तरह की पाबंदियां लगा सकता है, इसकी वजह से पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह से बर्बाद भी हो सकता है।