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न्यूजीलैंड के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स जिम्बाब्वे दौरे से बाहर

हरारे  न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स मेजर लीग क्रिकेट (MLC) फाइनल में अपनी दाहिनी कमर में चोट लगा बैठे। जिम्बाब्वे पहुंचने पर उनकी जाच की गई और तय हुआ कि उन्हें पुनर्वास के लिए कुछ हफ़्तों की जरूरत होगी। टिम रॉबिन्सन, जो MLC फाइनल के लिए कवर के तौर पर टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में पहले से ही शामिल थे, टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला के बाकी मैचों के लिए टीम के साथ बने रहेंगे। माइकल ब्रेसवेल, फिलिप्स, मार्क चैपमैन और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी MLC फाइनल में खेल रहे थे, इसलिए उनकी जगह कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया था। फिलिप्स टेस्ट टीम का भी हिस्सा थे और आईसीसी के अनुसार, टीम में उनके प्रतिस्थापन की घोषणा समय आने पर की जाएगी। ब्लैक कैप्स के मुख्य कोच रॉब वाल्टर्स को फिलिप्स पर गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा, 'ग्लेन जैसी क्षमता वाले खिलाड़ी को खोना निश्चित रूप से निराशाजनक है। फिन (एलन) की तरह, हमें ग्लेन के लिए बहुत दुख है और हम इस सीरीज में उनके न खेलने से दुखी हैं। हम जानते हैं कि वह ब्लैक कैप्स के लिए मैदान पर उतरने के लिए उत्सुक थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह इस सीरीज में ऐसा नहीं कर पाएंगे। हम जानते हैं कि वह मैदान पर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, और मैं उस समय का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं जब ऐसा होगा।'  फिलिप्स, जिमी नीशम और मिच हे के साथ न्यूजrलैंड लौटेंगे, जो दोनों एमएलसी फाइनल में खेलने वाले खिलाड़ियों के कवर के तौर पर जिम्बाब्वे में थे। न्यूज़ीलैंड ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था, और टिम रॉबिन्सन के नाबाद 75 रनों और जैकब डफी तथा मैट हेनरी के तीन-तीन विकेटों की बदौलत 21 रनों से जीत हासिल की थी।   

टीम में वापसी से पहले सोचें पंत! शास्त्री ने जताई चिंता चौथे टेस्ट को लेकर

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मैच में टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोटिल हो गए थे। उन्हें बाएं हाथ में गेंद लगी थी और चोट की वजह से काफी दर्द में दिखे। मैच में बल्लेबाजी करते समय भी उनके हाथ में कई बार गेंद लगी। चौथे टेस्ट में ऋषभ पंत के खेलने को लेकर संशय बरकरार है। भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे को उम्मीद है कि मैनचेस्टर में ट्रेनिंग के दौरान तक पंत बैटिंग के लिए फिट हो सकते हैं। हालांकि भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि अगर ऋषभ पंत मैनचेस्टर में होने वाले मुकाबले में विकेटकीपिंग के लिए फिट नहीं हो तो उन्हें ये मैच नहीं खेलना चाहिए।   भारतीय टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। ऐसे में चौथा मैच सीरीज के निर्णय के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। रवि शास्त्री का मानना है कि अगर ऋषभ पंत खेलते हैं तो उनकी चोट गंभीर हो सकती है। पंत को चौथे मैच में आराम करना चाहिए और ओवल में होने वाले आखिरी मैच के लिए तैयार रहना चाहिए। पंत तीसरे टेस्ट में चोट लगने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे लेकिन काफी दर्द में दिखे और कई गेंदों उनके ग्लव्स पर आकर भी लगी थी। रवि शास्त्री ने आईसीसी से कहा, ''उसे फील्डिंग करनी होगी और अगर वह ऐसा करता है तो दिक्कतें बढ़ेंगी। गल्व्स के साथ कम से कम कुछ सुरक्षा तो है। लेकिन बिना गल्व्स के अगर उन्हें वहां कोई चीज लगती है तो ये अच्छा नहीं होगा। इससे चोट और गहरा होगा। उसे विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों करनी होगी। वह दोनों में से एक नहीं कर सकता। अगर फ्रैक्चर है, तो उसे आराम करना चाहिए और ओवल के लिए तैयार होना चाहिए। लेकिन अगर नहीं, तो उसके पास ठीक होने के लिए लगभग नौ दिन हैं।" भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाया थआ। पहली पारी में उन्होंने 178 गेंद में 134 और दूसरी पारी में 140 गेंद में 118 रन की पारी खेली थी। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने गुरुवार को ट्रेनिंग नहीं की, लेकिन टीम के साथ बेकेनहैम गए। डोएशे ने कहा, ‘‘तीसरे टेस्ट में उन्होंने काफी दर्द के साथ बल्लेबाजी की और हम उस स्थिति से दोबारा नहीं गुजरना चाहते जहां हमें पारी के बीच में विकेटकीपर बदलना पड़े। उन्होंने आज आराम किया। हम बस उन्हें यथासंभव आराम देने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि वह मैनचेस्टर में पहले ट्रेनिंग सत्र में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे। कीपिंग करना निश्चित रूप से इस प्रक्रिया का आखिरी चरण है। ’’  

इंग्लैंड दौरे से बाहर हुए युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी, अंगूठे में लगी गंभीर चोट

नई दिल्ली  स्टार बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी चोटिल होने की वजह से इंग्लैंड दौरे पर मैच नहीं खेल पाएंगे। रघुवंशी मुंबई की एमर्जिंग टीम के इंग्लैंड दौरे से बाहर हो गए हैं। अंगकृष रघुवंशी को अंगूठे में गंभीर चोट लगी है। उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ और इस वजह से उन्हें वापस घर लौटना पड़ रहा है। सूर्यांश शेड़गे के नेतृत्व में मुंबई की एमर्जिंग टीम ने 28 जून को दौरे की शुरुआत की थी। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने युवा खिलाड़ियों को अपनी कला को निखारने और विदेशी अनुभव प्राप्त करने में सहायता करने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया।   टीओआई के मुताबिक मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अभी तक अंगकृष रघुवंशी के रिप्लेसमेट की घोषणा नहीं की है। दौरे के दौरान लगी चोट के कारण वह आगे नहीं खेल पाएंगे। अंगकृष रघुवंशी ने काफी कम उम्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वह मुंबई और आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए 22 आईपीएल मैचों में 29 के औसत से 463 रन बनाए हैं। मुंबई की टीम में बल्लेबाजी ऑलराउंडर मुशीर खान, अंगकृष रघुवंशी और युवा स्पिनर हिमांशु सिंह भी शामिल हैं। यह टीम इंग्लैंड की विभिन्न टीमों के खिलाफ पांच दो दिवसीय मैच और चार एकदिवसीय मैच खेल रही है। इस दौरे पर टीम नॉटिंघमशर, काउंटी की समग्र टीम (चैलेंजर्स), वॉर्सेस्टरशर और ग्लूस्टरशर सहित अन्य टीमों के खिलाफ खेल रही है। दौरे पर गए दल के कुछ सदस्य पहले ही रणजी ट्रॉफी में मुंबई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दल में छह सदस्यीय प्रबंधन स्टाफ भी शामिल है, जिसमें मुंबई के पूर्व खिलाड़ी किरण पोवार मुख्य कोच और एमसीए कोषाध्यक्ष अरमान मलिक मैनेजरहैं। टीम: सूर्यांश शेडगे (कप्तान), वेदांत मुरकर (उप-कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, आयुष वर्तक, आयुष जिमारे, हिमांशु सिंह, मनन भट्ट, मुशीर खान, निखिल गिरी, प्रग्नेश कनपिल्लेवार, प्रतीककुमार यादव, प्रेम देवकर, प्रिंस बदियानी, जैद पाटणकर, हृषिकेश गोरे, हर्षल जाधव।  

बेन स्टोक्स की जिद पर बोले जो रूट- कप्तान रहते भी नहीं मना पाया!

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत के खिलाफ इंग्लैंड को मिली 22 रनों की जीत में कप्तान बेन स्टोक्स का अहम रोल रहा। स्टोक्स ने चोट की परवाह किए बिना आखिरी दिन लगभग 10-10 ओवर के दो स्पेल डाल इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। जबकि पिछले एक साल में वह दो बार हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार बन चुके हैं। मैनचेस्टर में होने वाले अगले टेस्ट मैच से पहले जब पूर्व कप्तान जो रूट से बेन स्टोक्स के वर्कलोड के बारे में पूछा तो उन्होंने खुलासा किया कि जब वह कप्तान थे तो भी बेन स्टोक्स उनकी नहीं सुना करते थे। रूट ने कहा, "आप कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने पाँच साल तक कोशिश की। मैंने उन्हें यह बताया, लेकिन वह हमेशा मेरी बात नहीं सुनते। जब मैं कप्तान था, तब भी उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी।" उन्होंने आगे कहा, “अब यह उसका फैसला है। ऐसा कर पाना एक अविश्वसनीय प्रयास था, लेकिन मुझे लगता है कि वह इसी तरह का इंसान है। वह बस एक ऐसा इंसान बनने और चीजों को अंजाम देने के लिए बेताब है। यह हमारे लिए आगे बढ़ने का एक अच्छा संकेत है, सचमुच, क्योंकि वह अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में वापस आ गया है।” हालांकि बेन स्टोक्स को इस मेहनत का फल इंग्लैंड की जीत और प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में मिला। स्टोक्स ने भारत की आखिरी पारी में सर्वाधिक 24 ओवर डाले थे, वहीं अन्य तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और ब्रयडन क्रॉस 16-16 ओवर से आगे नहीं बढ़े थे। रूट ने कहा, “उनमें वह मानसिकता और खेल जीतने की इच्छा है और हम भाग्यशाली हैं कि वह हमारे लीडर हैं। मुझे बस यह डर था कि कुछ गंभीर चोटों के बाद वह खेल में आगे नहीं बढ़ पाएंगे, लेकिन अब उन्हें अपने शरीर पर पूरा भरोसा है। वह जानते हैं कि वह क्या कर रहे हैं और उन्हें अपनी शारीरिक स्थिति पर अच्छी पकड़ है।” इंग्लैंड 5 मैच की इस सीरीज में 2-1 से आगे चल रही है। सीरीज का चौथा मैच 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाना है। स्टोक्स की नजरें इस मैच को भी जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। वहीं भारत मैनचेस्टर में जीत दर्ज कर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाना चाहेगा।  

ICC का एक्शन: भारत-इंग्लैंड खिलाड़ियों पर जुर्माना, जानें क्या थी वजह

नई दिल्ली भारत और इंग्लैड की महिला टीमों के बीच खेले गए पहले वनडे मैच के बाद आईसीसी ने भारतीय बल्लेबाज और इंग्लैंड की पूरी टीम पर फाइन लगाया है। भारतीय बल्लेबाज प्रतिका रावल को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे इंटरनेशनल मैच के दौरान आईसीसी की आचार संहिता के लेवल 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया और उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। वहीं, इंग्लैंड की महिला टीम को स्लो ओवर रेट का दोषी पाया गया है। ऐसे में इंग्लैंड की टीम पर 5-5 फीसदी मैच का फीस का जुर्माना ठोका गया है।   भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को थोड़े समय के अंतराल में हुई दो अलग-अलग घटनाओं के लिए दंडित किया गया है। 18वें ओवर में सिंगल लेते समय उन्होंने गेंदबाज लॉरेन फाइलर के साथ बॉडी कॉन्टेक्ट किया, जिससे बचना संभव था और अगले ओवर में आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम लौटते समय उन्होंने गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन के साथ भी ऐसा ही बॉडी कॉन्टेक्ट बनाया, जिससे बचना संभव था। 10 फीसदी मैच फीस के अलावा रावल के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया गया है। 24 महीने की अवधि में यह उनका पहला अपराध था। वहीं, इंग्लैंड की टीम पर स्लो ओवर रेट के लिए मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि समय सीमा का उन्होंने ध्यान नहीं रखा और तय सीमा के बाद उन्होंने एक ओवर देरी से किया। प्लेयर्स एंड प्लेयर्स सपोर्ट स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के अनुसार, जो न्यूनतम ओवर गति अपराधों से संबंधित है, खिलाड़ियों पर निर्धारित समय में प्रत्येक ओवर कम फेंकने पर उनकी मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। प्रतिका रावल और इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर ब्रंट ने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया है। ऐसे में इसमें सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है।  

आंध्र प्रीमियर लीग 2025: नितीश कुमार रेड्डी को भीमावरम बुल्स की कमान

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए पहले टी20 और फिर टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भी उम्दा प्रदर्शन कर चुके हैं. अब उन्हें इसका इनाम मिला है. नीतीश कुमार रेड्डी को आंध्र प्रीमियर लीग 2025 के लिए भीमावरम बुल्स ने अपना कप्तान नियुक्त किया है. नीतीश को सिर्फ 22 साल की उम्र में आंध्र प्रीमियर लीग में कप्तानी करने का जिम्मा मिला है. इसके साथ ही वो आंध्र प्रीमियर लीग में कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के दूसरे कप्तान बन गए हैं. इस लीग में सबसे कम उम्र में कप्तानी करने की लिस्ट में सबसे ऊपर शेख रशीद का नाम शामिल है. वो 19 साल की उम्र कप्तान नियुक्त किए गए थे. वो चेन्नई सुपर किंग्स का भी हिस्सा रह चुके हैं. आंध्र प्रीमियर लीग 2025 में कुल 7 टीम हिस्सा लेने वाली हैं. इसमें अमरावती रॉयल्स, भीमावरम बुल्स, काकीनाडा किंग्स, रॉयल्स ऑफ रायलसीमा, वाइजैक लायंस, तुंगभद्रा वॉरियर्स और विजयवाड़ा सनशाइनर्स शामिल हैं. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 8 अगस्त, 2025 को होगी. ये पूरा टूर्नामेंट लगभग 2 सप्ताह तक खेला जाएगा. इसका फाइनल 24 अगस्त, 2025 को होगा. इसके साथ ही टूर्नामेंट का समापन हो जाएगा. राउंड रॉबिन फॉर्मेट में होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 19 मैच होंगे. ये सभी मैच विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2022 में हुई थी. 2023 और 2024 को मिलाकर इसके तीन संस्करण हो चुके हैं. अब तक कोस्टल राइडर्स, रायलसीमा किंग्स और वाइजैग वॉरियर्स ने ही खिताब अपने नाम किया है. इस बार नीतीश की टीम भी चैंपियन बनना चाहेगी. नीतीश रेड्डी के अलावा हनुमा विहारी, केएस भरत, शेख रशीद, रिकी भुई और अश्विन हेब्बार इस सीजन कप्तानी करते हुए नजर आएंगे. नीतीश इन दिनों इंडियन टेस्ट टीम का हिस्सा है जो इंग्लैंड ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत पांच मैचों की सीरीज खेल रही है. 

रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।  

जॉर्डन कॉक्स की हैरतअंगेज पारी: T20 ब्लास्ट में गेंदबाज़ों की उड़ाईं धज्जियाँ

नई दिल्ली T20 ब्लास्ट में इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स का ऐसा तूफान आया कि सामने वाली टीम के परखच्चे उड़ गए। टी20 ब्लास्ट 2025 में एसेक्स और हैम्पशायर के बीच साउथ ग्रुप मैच में जॉर्डन कॉक्स ने अपना पहला टी20 शतक लगाया, जो वाकई में कमाल था। अपनी 139 रनों की पारी में उन्होंने 100 से ज्यादा रन तो चौके-छक्कों से बनाए। जॉर्डन कॉक्स की इसी पारी की बदौलत एसेक्स की टीम ने 221 रनों के लक्ष्य को चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम वहां तक शायद ना पहुंचे, लेकिन जॉर्डन कॉक्स ने ऐसा होने नहीं दिया। 60 गेंदों में 11 चौके और 11 छक्कों की मदद से जॉर्डन कॉक्स ने 139 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 231.66 का था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसेक्स की टीम की ओर से दूसरा सबसे बड़ा निजी स्कोर 23 रन था, जो ओपनर माइकल पेपर ने बनाया था। इस तरह अकेले दम पर जॉर्डन कॉक्स ने टीम को जीत दिलाई। बड़े स्कोर का पीछा करते हुए तीसरे ओवर में ही जॉर्डन कॉक्स को बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा, क्योंकि पहला विकेट 33 रनों के कुल स्कोर पर गिर गया था। ऐसे में कॉक्स के सामने एक विशाल लक्ष्य था। शुरुआती कुछ गेंदों पर शांत रहने के बाद कॉक्स ने जेम्स फुलर के पहले ओवर में ताबड़तोड़ 19 रन बनाए। उन्होंने बेनी हॉवेल के पहले ओवर में भी इतने ही रन बनाए और आठवें ओवर के अंत तक 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। जॉर्डन कॉक्स ने दूसरे ओवर में भी हॉवेल पर कोई रहम नहीं दिखाया और लगातार तीन छक्के जड़कर 80 के पार पहुंच गए। उन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर अपना शतक पूरा किया। 44 गेंदों में वे टी20 क्रिकेट में अपने पहले शतक तक पहुंचे। एसेक्स को अभी भी तीन ओवरों में 41 रनों की जरूरत थी और उसने छह विकेट खो दिए थे। दूसरे छोर पर कॉक्स के जोड़ीदार साइमन हार्मर ने पारी के 18वें और 19वें ओवर में केवल दो गेंदों का सामना किया। आखिरी ओवर में एसेक्स को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। ऐसे में 24 वर्षीय इस बल्लेबाज ने शुरुआती दो गेंदों पर ही दो गगनचुंबी छक्के जड़कर शानदार अंदाज में मैच को फिनिश किया और एसेक्स को एक यादगार जीत दिलाई। हालांकि, ये सीजन एसेक्स के लिए अच्छा नहीं रहा, क्योंकि 13 मैचों में टीम की ये तीसरी जीत थी। वे 9 मुकाबले बार चुके हैं और एक मुकाबला बेनतीजा रहा था। इस सीजन सिर्फ एक ही मैच अब इस टीम का बाकी है।  

वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला आज, लॉर्ड्स में भिड़ेंगी भारत और इंग्लैंड की महिलाएं

लॉर्ड्स कई मैच विजेता खिलाड़ियों से सजी भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को लंदन के लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत हासिल करके सीरीज में अजेय बढ़त बनाने के साथ ही आगामी विश्व कप के लिए अपनी पुख्ता तैयारी को नए मुकाम पर पहुंचाने की कोशिश करेगी।   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साउथैम्प्टन में पहला मैच चार विकेट से जीता था और लॉर्ड्स में जीत से वह तीन मैचों की इस सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर लेगी। इससे हाल के दिनों में इस फॉर्मेट में उसकी जीत का सिलसिला भी जारी रहेगा, जिसमें मई में श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज में मिली जीत भी शामिल है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच आईसीसी महिला एकदिवसीय विश्व कप की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिसकी मेजबानी भारत इस वर्ष के अंत में करेगा। कई खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के कारण विश्व कप टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जो मुख्य कोच अमोल मजूमदार और कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए अच्छा सिरदर्द है। टीम में कुछ ऐसे स्थान हैं, जिनमें टीम प्रबंधन के पास कई विकल्प हैं। टीम की गहराई और बेंच स्ट्रेंथ पहले कभी इतनी अच्छी नहीं रही। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और पूजा वस्त्राकर चोटिल होने के कारण इस श्रृंखला में नहीं खेल रही हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने पहले मैच में थोड़ी अधिक अनुभवी अरुंधति रेड्डी की जगह क्रांति गौड़ को तरजीह दी और इस 21 वर्षीय खिलाड़ी ने दो विकेट लेकर अपना प्रभाव छोड़ा। प्रतीका रावल शीर्ष क्रम में स्मृति मंधाना की जोड़ीदार के लिए पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरी हैं, जबकि शैफाली वर्मा भी टी20 अंतरराष्ट्रीय, महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और घरेलू क्रिकेट में अपने फॉर्म के कारण दावेदार बनी हुई हैं। हरलीन देओल भी अच्छी फॉर्म में हैं और अगर शैफाली निकट भविष्य में अंतिम एकादश में वापसी करती हैं तो रावल को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है। ऐसी स्थिति में देओल को टीम में शामिल करना मुश्किल होगा, जिसके बल्लेबाजी विभाग में हरमनप्रीत, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष भी शामिल हैं। स्पिन विभाग भी काफी मजबूत है, जिसमें अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाली बाएं हाथ की स्पिनर एन श्री चरणी के अलावा अनुभवी दीप्ति, स्नेहा राणा और राधा यादव भी शामिल हैं। पहले वनडे में नाबाद अर्धशतक जमा कर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली दीप्ति ने अपनी इस पारी के दौरान ऋषभ पंत की तरह एक हाथ से छक्का लगाया था। शनिवार को होने वाले मैच में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाह टिकी रहेगी। भारतीय महिला टीम ने इससे पहले इंग्लैंड को टी20 सीरीज में हराया था और अब वनडे श्रृंखला जीतने से उसका 30 सितंबर से शुरू होने वाले वनडे विश्व कप के लिए मनोबल और बढ़ेगा। जहां तक इंग्लैंड की टीम का सवाल है तो उसको जीत हासिल करने के लिए खेल के तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), प्रतीका रावल, हरलीन देयोल, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्री चरणी, शुचि उपाध्याय, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, सयाली सतघरे। इंग्लैंड: नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एम अर्लट, टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, माइया बाउचियर, एलिस कैप्सी, केट क्रॉस, एलिस डेविडसन-रिचर्ड्स, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फाइलर, एमी जोन्स, एम्मा लैम्ब, लिंसे स्मिथ।

शतक की जल्दी या बीते पल का डर? राहुल पर क्यों हावी है पंत का रन आउट कांड?

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की हार की सबसे बड़ी वजह पहली पारी में ऋषभ पंत के रन आउट को माना जाता है। तीसरे दिन लंच से पहले उनका आउट होना टर्निंग पॉइंट रहा। तब तक भारत ड्राइविंग सीट पर था और उसके पास इंग्लैंड पर पहली पारी के आधार पर ठीक-ठाक बढ़ता का बढ़िया मौका था लेकिन वैसा नहीं हुआ। क्या लंच से पहले केएल राहुल के शतक की हड़बड़ी के चक्कर में ऋषभ पंत आउट हुए? मैच के बाद भारतीय ओपनर खुद यह कबूल चुके हैं इसके बाद भी रन आउट का सवाल उनका पीछा नहीं छोड़ रहा। पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने सवाल उठाए हैं कि आखिर लंच से पहले ही शतक पूरा करने की ऐसी क्या हड़बड़ी थी। उन्होंने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, 'क्या किसी ने उनसे पूछा कि लंच से पहले शतक बनाना उनके लिए क्यों महत्वपूर्ण था? उसकी कोई वजह होनी चाहिए। उन्होंने ऐसा सोचा तो क्यों सोचा? उस पर इतना विचार क्यों किया गया? अगर कोई उनसे पूछे कि क्यों तब हमें असली बात पता चलेगी कि यह सब कुछ उपलब्धि से जुड़ा हुआ है।' रॉबिन उथप्पा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी ऑस्ट्रेलियाई या अंग्रेज खिलाड़ी के लिए ये आंकड़े (व्यक्तिगत उपलब्धियां) खास मायने रखते हैं। लेकिन किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए यह मायने रखता है। शतक मायने रखता है। यह बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि भारतीय मीडिया और आलोचकों के लिए भी यह उससे भी ज्यादा मतलब रखता है। इसलिए शतक और मील के पत्थर बड़ी बात हैं।’ ऋषभ पंत जब रन आउट हुए तब केएल राहुल तब 99 रन बनाकर खेल रहे थे। मैच में पंत के सिंगल लेने की हड़बड़ी के लिए लंच से पहले पार्टनर के शतक पूरा करने की जल्दबाजी को जिम्मेदार माना गया। खुद केएल राहुल भी मैच के बाद कबूल चुके हैं कि शतक की उनकी हड़बड़ी की वजह से ही पंत रन आउट हुए। इंग्लैंड ने पहली पारी में 387 रन बनाए थे। जवाब में भारत तीसरे दिन लंच से पहले 3 विकेट के नुकसान पर 248 रन बना लिए थे। तब ऋषभ पंत 74 रन और केएल राहुल 99 रन बनाकर खेल रहे थे। 66वां ओवर चल रहा था। स्ट्राइक पर पंत थे। उन्होंने तीसरी गेंद पर काफी जोखिम भरा रन लेने की कोशिश की ताकि केएल राहुल को स्ट्राइक मिल जाए और वह लंच से पहले अपना शतक बना लें। बेन स्ट्रोक्स के शानदार और सटीक थ्रो से पंत रन आउट हो गए। 141 रन की साझेदारी का अंत हो गया। बाद में केएल राहुल भी शतक पूरा करते ही 100 के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए। भारत बढ़त का शानदार मौका गंवा दिया और उसकी भी पहली पारी ठीक 387 रन पर खत्म हो गई। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 192 रन बनाए और भारत को मैच की चौथी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला। नौवें नंबर तक बल्लेबाज होने के बावजूद भारतीय टीम 17