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6 मैचों में 459 रन: द्रविड़ बेटे की तूफानी बल्लेबाजी ने दिलाया खास अवॉर्ड

नई दिल्ली राहुल द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट बल्लेबाज से नया आयाम दिया था. अब उनका बेटा अन्वय उसी राह पर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है. महज 16 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया. भारतीय क्रिकेट का इतिहास दिग्गजों से भरा हुआ है. सबके अपने-अपने रिकॉर्ड और खासियतें रही हैं. भारतीय क्रिकेट में जब भी तकनीक, अनुशासन और क्लास की बात होती है तो सबसे पहले जो नाम आता है वो है राहुल द्रविड़ का. इस दिग्गज को पूरी दुनिया ‘द वॉल’ के नाम से जानती है, लेकिन अब क्रिकेट जगत में एक नया ‘द्रविड़’ सुर्खियां बटोर रहा है, जी हां, बात हो रही है राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ की, जिसने महज 16 साल की उम्र में बल्ले से ऐसा कमाल दिखाया है कि पूरे कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में बस उसी की चर्चा है. दरअसल, हाल ही में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में अन्वय द्रविड़ को अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. यह लगातार दूसरा साल है जब अन्वय ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह पुरस्कार अपने नाम किया है. 6 मैचों में 459 रन बनाकर किया था कमाल 16 साल के अन्वय द्रविड़ पापा की राह पर हैं. उन्होंने इस साल विजय मर्चेंट ट्रॉफी के 6 मैचों की 8 पारियों में 459 रन ठोके थे. उन्होंने यह रन 91.80 की औसत और दो शानदार शतकों की बदौलत बनाए. उनके बल्ले से कुल 48 चौके और 2 छक्के निकले. अन्वय का यह शानदार प्रदर्शन बताता है कि वो अपने पिता की तरह धैर्य और तकनीक पर भरोसा तो करते ही हैं, लेकिन उनके खेल में आक्रामकता भी झलकती है. विजय मर्चेंट ट्रॉफी क्या है? जिस विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अन्वय द्रविड़ का बल्ला चला वो भारत का एक प्रतिष्ठित अंडर-16 घरेलू टूर्नामेंट है, जिसका आयोजन BCCI करती है. इसका नाम भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी विजय मर्चेंट के नाम पर रखा गया है. इस टूर्नामेंट का मकसद ऐसे युवा खिलाड़ियों को पहचान देना है जो भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें. विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे कई दिग्गजों ने भी अपने करियर की शुरुआत इसी ट्रॉफी से की थी. पिता राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर बेटा राहुल द्रविड़ हमेशा अपनी शांत और क्लासिकल बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. अब उनके बेटे अन्वय में भी वही क्रिकेटिंग डीएनए नजर आ रहा है. कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में कोच और खिलाड़ी मानते हैं कि अन्वय में ‘मिस्टर डिपेंडेबल’ की झलक साफ दिखाई देती है. राहुल द्रविड़ की तरह वह भी मैदान पर फोकस्ड रहते हैं और टीम के लिए जिम्मेदारी से खेलते हैं. अब देखना होगा कि बड़े होकर अन्वय कैसा क्रिकेट खेलते हैं. अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान KSCA के इस समारोह में अन्वय के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. मयंक अग्रवाल को विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए सम्मान मिला, उन्होंने 93 की औसत से 651 रन ठोके थे, जबकि आर. स्मरण को रणजी ट्रॉफी में 516 रनों की शानदार पारी और दो शतकों के लिए पुरस्कृत किया गया. इतना ही नहीं केएल श्रीजीत को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक 213 रन बनाने के लिए सम्मानित किया गया.

चेस बोर्ड पर दिखा ड्रामा: नाकामुरा ने गुकेश को हराने के बाद राजा का मोहरा दर्शकों की ओर उछाला

न्यूयॉर्क अमेरिका के स्टार चेस खिलाड़ी हिकारू नाकामुरा काफी सुर्खियों में हैं. नाकामुरा ने यूएसए vs इंडिया चेकमेट टूर्नामेंट में जैसी हरकत की, वो खेल भावना के खिलाफ थी. नाकामुरा अपने दिखावटी जश्न के कारण विवादों में घिर गए हैं. नाकामुरा ने वर्ल्ड चैम्पियन डी गुकेश को हराने के बाद चेस बोर्ड से गुकेश के किंग को उठाया और उसे दर्शकों की ओर फेंक दिया.  इस टूर्नामेंट में यूएसए ने भारत को 5-0 से हराया. हिकारू नाकामुरा की ये हरकत कई पूर्व चेस खिलाड़ियों को पसंद नहीं आई. पूर्व चेस वर्ल्ड चैम्पियन व्लादिमीर क्रैमनिक ने नाकामुरा के इस व्यवहार को पूरी तरह असम्मानजनक बताया. रूसी दिग्गज क्रैमनिक ने X पर लिखा, 'मुझे नहीं पता कि यह बचकाना और बेस्वाद काम क्यों किया गया. शायद इसका मकसद गुकेश को अपमानित करना नहीं था, लेकिन यह सार्वजनिक हरकत विशेष रूप से वर्ल्ड चैम्पियन के खिलाफ अपमानजनक और उकसाने वाली लगती है.' व्लादिमीर क्रैमनिक ने कहा कि इस तरह के जश्न शतरंज की गरिमा को गिरा रहे हैं. हिकारू नाकामुरा ने अपनी हरकत पर कोई माफी नहीं मांगी है. चेस इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'अगर मैं जीतता, तो मैं हमेशा किंग फेंकता. यह एक रोमांचक बुलेट गेम था और इसलिए इसे और मजेदार बनाया. मुझे उम्मीद है कि फैन्स ने इसका आनंद लिया होगा.' क्या दिखावे के लिए ऐसा किया गया? फेमस शतरंज स्ट्रीमर लेवी रोमैन ने कहा कि इस टूर्नामेंट में थिएट्रिक्स यानी दिखावटी हरकतों को बढ़ावा दिया गया था. रोजमैन ने कहा, 'दोनों टीमों को बताया गया था कि जश्न और किंग फेंकना ठीक है. बस नाकामुरा जीत गए और उन्होंने संभवत: गुकेश से पीछे जाकर कहा कि यह सब केवल शो के लिए था.' भारतीय मूल के डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी ने भी हिकारू नाकामुरा का समर्थन किया. उन्होंने X पर लिखा, मैं हिकारू के साथ हूं. आयोजक शायद एक प्रयोग कर रहे थे, यह दिखाने के लिए नहीं कि भविष्य में शतरंज हमेशा ऐसे ही खेला जाएगा. हिकारू सिर्फ दर्शकों के लिए मजेदार हरकत कर रहे थे. मुझे इसमें बड़ी बात नहीं दिखती.' इस विवाद से शतरंज में परंपरा और मनोरंजन के बीच संतुलन का सवाल सामने आया है. पारंपरिक दृष्टिकोण रखने वाले व्लादिमीर क्रैमनिक जैसे शख्स मानते हैं कि प्रतिद्वंद्वी के किंग को फेंकना असम्मानजनक है. वहीं कुछ फैन्स कहते हैं कि शतरंज बदल रहा है और अब इसे डिजिटल युग और सोशल मीडिया के हिसाब से मनोरंजन का हिस्सा बनाना भी जरूरी है. ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि हिकारू नाकामुरा की हरकत असम्मानजनक थी या सिर्फ मनोरंजन के लिए ऐसा किया गया था. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि नाकामुरा ने जो किया, उसने नए विवाद को जन्म दिया है.

टी20 कप्तानी की राह पर गिल? इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ने जताया भरोसा

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कप्तानी सौंपने के फैसले की सराहना की है। पनेसर ने इसे मास्टरस्ट्रोक बताया है और कहा कि गिल नेचुरल लीडर हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर उभर जाते हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गिल को वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया था। गिल ने रोहित की ली जगह गिल ने रोहित शर्मा की जगह ली थी जिनके नेतृत्व में भारत ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। भारत को 19 अक्तूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि उन्होंने खुद रोहित को टीम प्रबंधन के फैसले की जानकारी दी थी। पनेसर ने फैसले का किया स्वागत रोहित की जगह गिल को कप्तान बनाए जाने से फैंस काफी आश्चर्य हो गए थे और इसे लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। पनेसर ने हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि लीडरशीप भूमिका गिल के लिए सही है। पनेसर ने कहा, मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन फैसला है क्योंकि मुझे गिल ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया है। रोहित शर्मा के रहते उन्हें कप्तान बनाना, उन्हें सीरीज के दौरान मदद और मार्गदर्शन दे सकता है। यह वाकई एक अच्छा कदम है। हमने इंग्लैंड में देखा है कि वह एक स्वाभाविक कप्तान हैं। जब आप शुभमन गिल को जिम्मेदारी देते हैं, तो आप उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखते हैं। मुझे लगता है कि हम वनडे सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे। मुझे हैरानी नहीं होगी अगर उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की कप्तानी भी दी जाए क्योंकि मुझे लगता है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। गिल की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर दूसरी तरफ, गिल भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उनकी नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। इस बड़े आयोजन से पहले भारत के लगभग 20 वनडे मैच खेलने की उम्मीद है और नए कप्तान का लक्ष्य प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटना है। गिल ने हाल ही में बीसीसीआई के एक वीडियो में कहा था, अपने देश की वनडे टीम की कप्तानी करना और एक ऐसी टीम का नेतृत्व करना जो अच्छा प्रदर्शन कर रही है, मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले हमारे पास लगभग 20 वनडे मैच हैं और जाहिर है कि हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कप है।  

होलकर स्टेडियम, इंदौर में आज वुमेंस वर्ल्ड कप का मैच—साउथ अफ्रीका vs न्यूजीलैंड, जानिए प्रवेश प्रक्रिया

 इंदौर  होलकर स्टेडियम में सोमवार को वुमेंस इंटरनेशनल वर्ल्ड कप का दूसरा मैच दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। इस मैच के दौरान यातायात विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। हुकमचंद घंटाघर और पंचम की फेल की ओर से आने वाले दर्शकों का प्रवेश जंजीरावाला चौराहा से होगा। लैंटर्न चौराहा की दिशा से आने वाले दर्शक केवल पैदल ही स्टेडियम तक पहुंच सकते हैं। स्टेडियम में प्रवेश के लिए पासधारी वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। विवेकानंद स्कूल और बास्केटबाल कांप्लेक्स में पार्किंग पास वाले वाहनों का प्रवेश घंटाघर की ओर से होगा। स्टेडियम के अंदर और बाहर आईटीसी अभय प्रशाल में पार्किंग पास वाले वाहनों का प्रवेश लैंटर्न चौराहे/यशवंत क्लब रोड से होगा। बिना पासधारी वाहनों के लिए पार्किंग बाल विनय मंदिर स्कूल, एसजीएसआईटीएस और पंचम की फेल में की गई है। लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहा की ओर का मार्ग दोपहर एक बजे से मैच समाप्ति तक केवल पासधारी वाहनों और इमरजेंसी वाहनों के लिए खुला रहेगा। मैच समाप्ति के एक घंटे पूर्व से लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहे की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए एक साइड पर यातायात सुचारु रहेगा। एमजी रोड, रेसकोर्स रोड, भंडारी ब्रिज और राजकुमार ब्रिज के सर्किल में लोडिंग वाहनों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। पार्किंग स्थल यशवंत क्लब, अभय प्रशाल, आईटीसी, बास्केटबाल कांप्लेक्स, विवेकानंद स्कूल, आईडीए परिसर व बाल विनय मंदिर स्कूल।

भारतीय महिला टीम की जोरदार जीत, पाकिस्तान को फिर चटाई धूल – मैच के बाद बना तनावपूर्ण माहौल

कोलंबो  आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के मैच नंबर-6 में रविवार (5 अक्टूबर) को भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ. कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में भारत ने 88 रनों से शानदार जीत हासिल की. मुकाबले में पाकिस्तान को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट मिला था, जिसका वो पीछा नहीं कर पाई. पाकिस्तानी टीम 43 ओवरों में 159 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने तीन विकेट झटके और वो 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुनी गईं. दीप्ति शर्मा ने भी तीन और स्नेह राणा ने दो विकेट हासिल किए. पाकिस्तान पर भारतीय टीम ने वूमेन्स वनडे में लगातार 12वीं जीत हासिल की है. उसने अब तक एक भी वनडे मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ गंवाया नहीं है. मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत की ये लगातार दूसरी जीत रही और वो अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है. भारतीय टीम ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए पहले मुकाबले में श्रीलंका को डीएलएस नियम के तहत 59 रनों से पराजित किया था. भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 9 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका का सामना करेगी. टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 6 रनों के स्कोर पर मुनीबा अली का विकेट गंवा दिया  मुनीबा 2 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुईं. फिर उसने सदफ शमास (6 रन) और आलिया रियाज (2 रन) का विकेट भी सस्ते में खो दिया. 26 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और नतालिया परवेज ने चौथे विकेट के लिए 69 रन जोड़े. क्रांति गौड़ ने नतालिया को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. कप्तान फातिमा सना (2 रन) कुछ खास नहीं कर पाईं और उन्हें दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी में फंसाया. पाकिस्तान के लिए सिदरा अमीन ने खेली अच्छी पारी पांच विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और सिदरा नवाज ने मिलकर छठे विकेट के लिए 41 रन जोड़े. जरूरी रनरेट बढ़ता जा रहा था, इसी चलते पाकिस्तानी टीम बैक टू बैक ओवरों में सिदरा नवाज (14 रन) और रमीन शमीम (0 रन) के विकेट खो दिए. पाकिस्तान को फिर सिदरा अमीन के रूप में आठवां झटका लगा, जो शानदार बैटिंग कर रही थीं. सिदरा ने 106 गेंदों पर 81 रन बनाए, जिसमें 9 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. यह वूमेन्स ओडीआई में भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी बैटर का बेस्ट स्कोर रहा. सिदरा अमीन के आउट होने के बाद भारतीय टीम के लिए जीत औपचारिकता रह गई. भारतीय महिला टीम ने PAK प्लेयर्स से नहीं मिलाया हाथ स मुकाबले में नो हैंडशेक पॉलिसी देखने को मिली. टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया. फिर मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया. इससे पहले एशिया कप 2025 में भारतीय मेन्स टीम ने ऐसा किया था. तब भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों ही मैचों में पाकिस्तान प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया था. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बोर्ड की ओर से खिलाड़ियों को पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा था, 'पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. खिलाड़ियों को हैंडशेक करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. हमारा फोकस सिर्फ खेल पर है.' मोहसिन नकवी के हाथों नहीं ली एशिया कप ट्रॉफी यह मुद्दा सबसे पहले मेन्स एशिया कप के दौरान उभरा था, जब भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए थे. उस समय भारतीय टीम ने मैच से पहले और उसके बाद हैंडशेक से परहेज किया थाा. पाकिस्तानी टीम के कोच माइक हेसन ने दावा किया था कि भारतीय टीम ने सुरक्षा और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा किया. तनाव उस समय और बढ़ गया जब भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि पाकिस्तान के साथ खेल संबंध सिर्फ आईसीसी या न्यूट्रल वेन्यू पर होने वाले टूर्नामेंट्स तक सीमित रहेंगे. दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी. महिला वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान की टीम कोलंबो में ही ठहरी हुई है, जबकि भारत के मुकाबले गुवाहाटी और कोलंबो में हो रहे हैं. भारत ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका को 59 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की थी.

पाकिस्तान की धीमी शुरुआत, भारतीय टीम को मिला पहला विकेट

नई दिल्ली  ऋचा घोष की आखिरी ओवरों में खेली गई 20 गेंदों पर 35 रनों की पारी के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ वनडे वर्ल्ड कप के मैच में 50 ओवरों में 247 रनों का स्कोर खड़ा किया है। रेणुका सिंह के रूप में भारत ने आखिरी गेंद पर अपना आखिरी विकेट खोया।  ऋचा से पहले हरलीन देओल ने 46 रनों की पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स ने भी उनका साथ दिया और 32 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना सकी।   टूर्नामेंट में भारत ने जीत के साथ आगाज किया है। पहले मुकाबले में श्रीलंका को हराया। वहीं, पाकिस्तान का अभी तक खाता तक नहीं खुला है। अपने पहले ही मुकाबले में उसे बांग्लादेश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान को लगा पहला झटका पाकिस्तान को पहला झटका लग गया है। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर दूसरे छोर पर मुनीब रन आउट हो गई हैं। 

सरेआम धोखेबाजी का आरोप, टॉस विवाद में पाकिस्तान को मिला मैच रेफरी का सहारा

नई दिल्ली  इंडिया और पाकिस्तान के बीच कोलंबो में खेले जा रहे वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 के लीग मैच के दौरान मैच रेफरी ने एक कांड कर दिया। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच खेला जा रहा है, लेकिन इस हाई-वोल्टेज मैच में टॉस के दौरान एक बड़ा ब्लंडर हो गया, जिसे सुधारा नहीं जा सका। मैच रेफरी ने पाकिस्तान की टीम को टॉस जिता दिया और भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर कुछ कर भी नहीं पाईं। एक तरह से टीम इंडिया के साथ सरेआम धोखेबाजी हो गई। इसका वीडियो भी कैमरे में कैद हो चुका है। दरअसल, भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच में टॉस फेंका। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने कॉल किया और बोला – टेल्स…इसके बाद मैच रेफरी शांद्रे फ्रिट्ज और टॉस प्रेजेंटर मेल जोंस ने बोला- Heads is the Call और हेड्स आया। इस तरह जीत तो टॉस में भारत की होनी थी, लेकिन पाकिस्तान जीत दे गई और इसके बाद पाकिस्तान की कप्तान से सीधे सवाल पूछा गया कि वे क्या करना पसंद करेंगी तो सना ने भी देर करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वीडियो आप स्टार स्पोर्ट्स द्वारा शेयर की गई है। देख सकते हैं। इस तरह के ब्लंडर आमतौर पर क्रिकेट में होते नहीं हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। अन्यथा वह आवाज उठा सकती थीं। हो सकता है कि शोर में या फिर किसी अन्य वजह से हरमनप्रीत कौर ने फातिमा सना का कॉल नहीं सुना हो, लेकिन मैच रेफरी और मैच प्रेजेंटर की ये जिम्मेदारी होती है कि वह बताए कि आखिर टॉस में क्या आया है। खैर मैच शुरू हो चुका है और इस पर आगे विवाद और भी बढ़ सकता है। फिलहाल के लिए भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही है, क्योंकि टॉस के बाद पाकिस्तान ने गेंदबाजी चुनी थी।  

हरजस सिंह की धुआंधार पारी: ऑस्ट्रेलिया में 141 गेंदों पर 314 रन और 35 छक्के

सिडनी शनिवार का दिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। भारतीय मूल के युवा बल्लेबाज हरजस सिंह ने सीमित ओवरों के ग्रेड क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले किसी ने नहीं किया था। वेस्टर्न सबर्ब्स की ओर से सिडनी क्रिकेट क्लब के खिलाफ खेले गए मैच में हरजस ने मात्र 141 गेंदों पर 314 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 35 छक्के और 12 चौकों की बरसात कर दी। ग्रेड क्रिकेट में लगाया तिहरा शतक यह उपलब्धि हरजस को क्रिकेट इतिहास के बेहद खास क्लब में ले आई है। वह ग्रेड-लेवल क्रिकेट के सीमित ओवरों के प्रारूप में तिहरा शतक बनाने वाले पहले क्रिकेटर बन गए। साथ ही वह न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर फर्स्ट ग्रेड क्रिकेट (लंबे प्रारूप को मिलाकर) में तिहरा शतक लगाने वाले तीसरे क्रिकेटर बन गए। इससे पहले केवल दो खिलाड़ियों- फिल जैक्स (321 रन) और विक्टर ट्रम्पर (335 रन) ने ही तिहरा शतक लगाया था। भारत से जुड़ी जड़ें, ऑस्ट्रेलिया में उभरता सितारा सिडनी में जन्मे हरजस सिंह भारतीय मूल के हैं। उनके माता-पिता साल 2000 में चंडीगढ़ से सिडनी जाकर बस गए थे। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही झलकता था। हरजस ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 में भी शानदार प्रदर्शन किया था। भारत के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने 64 गेंदों पर 55 रन बनाए थे, जो उस मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सर्वाधिक स्कोर था। उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 253 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 2024 अंडर-19 विश्व कप का खिताब भी जीता था। 'ये मेरे जीवन की सबसे बेहतरीन पारी थी' रिकॉर्ड तोड़ पारी के बाद हरजस सिंह ने फॉक्स क्रिकेट से बातचीत में अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, 'यह निश्चित रूप से मेरी अब तक की सबसे साफ़-सुथरी बल्लेबाज़ी थी। मैं इस पर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं क्योंकि ऑफ-सीजन में मैंने अपनी पावर हिटिंग पर काफी मेहनत की थी, और आज उसका नतीजा मिला। यह मेरे लिए बहुत खास दिन है।' उन्होंने आगे कहा, 'पिछले एक-दो सीजन में मैं मैदान के बाहर की चीजों पर ज्यादा ध्यान दे रहा था, लेकिन अब मैंने खुद को सिर्फ अपने खेल पर केंद्रित करना शुरू किया है, और इसका फायदा साफ दिख रहा है।'   ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं को मिला सितारा हरजस सिंह की यह तिहरी शतकीय पारी अब उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम के चयनकर्ताओं की नजरों में एक बड़ा दावेदार बना चुकी है। उनके साथी खिलाड़ी जैसे सैम कॉन्स्टास, ह्यूग वेबजेन, माहली बियर्डमैन और ओलिवर पीक पहले ही स्टेट टीमों या नेशनल लेवल पर पहुंच चुके हैं। सैम कॉन्स्टास तो टेस्ट डेब्यू भी कर चुके हैं। अब हरजस की यह विस्फोटक पारी न केवल उनके करियर को नई दिशा देगी, बल्कि यह संकेत भी दे रही है कि ऑस्ट्रेलिया के पास एक और भविष्य का सुपरस्टार तैयार हो चुका है।  

कौन था भारत का पहला ODI कप्तान? शुभमन गिल बने 28वें

नई दिल्ली शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कमान सौंप दी गई है। शनिवार, 4 अक्टूबर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए स्क्वॉड का ऐलान करते हुए नए कप्तान का भी ऐलान किया। रोहित शर्मा के बाद गिल भारत के 28वें वनडे कप्तान बनें। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला वनडे कप्तान कौन था? टीम इंडिया ने पहला वनडे मैच कब खेला था? अगर आपके जहन में भी कुछ ऐसे ही सवाल है तो आईए आपको इनका जवाब देते हैं। भारत ने पहला वनडे 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, उस मैच में टीम इंडिया की अगुवाई अजीत वाडेकर ने की थी, वो ही भारतीय वनडे टीम के पहले कप्तान थे। हालांकि भारत को उस मैच में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि वाडेकर का कैप्टेंसी करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और दो मैच के बाद ही भारतीय वनडे टीम का कप्तान बदल गया। उनके बाद यह जिम्मेदारी श्रीनिवास वेंकटराघवन को मिली और वह भारत के दूसरे वनडे कप्तान थे। वेंकटराघवन ने 7 मैच में टीम इंडिया को लीड किया, इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी बिशन सिंह बेदी को सौंपी गई जिन्होंने 4 वनडे मैचों में भारत की अगुवाई की। वनडे कैप्टेंसी में हो रहे लगातार बदलाव के बाद भारत को सुनील गावस्कर मिले, जिन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम की अगुवाई की। गावस्कर ने 37 मैचों में टीम इंडिया को लीड किया। गावस्कर के बाद एक मैच के लिए गुंडप्पा विश्वनाथ को कप्तान बनाया गया, इसके बाद 1983 से पहले यह जिम्मेदारी कपिल देव को सौंप दी गई। कपिल देव ने 74 मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई की और इस दौरान उन्होंने 1983 का वर्ल्ड कप भी जिताया। गावस्कर के बाद भारतीय वनडे टीम के 5 कप्तान बदले, मगर किसी में लीडरशिप क्वालिटी नजर नहीं आई। इसके बाद 1990 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की एंट्री हुई। अजहरुद्दीन 100 से ज्यादा वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने कुल 175 मैचों में टीम को लीड किया। सचिन तेंदुलकर भी भारतीय वनडे टीम की कमान संभाल चुके हैं, अजहरुद्दीन के बाद 72 मैचों में वह टीम इंडिया के कप्तान रहे। 1999 में आकर सौरव गांगुली ने आकर भारतीय वनडे टीम की तस्वीर बदली और उन्होंने देश के साथ-साथ विदेशी सरजमीं पर भी भारतीय टीम को जीतना सिखाया। गांगुली के बाद द्रविड़, सहवाग, कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने कुछ मैचों में कप्तानी की, फिर एमएस धोनी की एंट्री हुई जिन्होंने भारतीय टीम को अलग स्तर पर पहुंचाया। एमएस धोनी 200 वनडे मैचों में कप्तानी करने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उनकी अगुवाई में भारत 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीता था। इसके बाद दो खिलाड़ियों ने बतौर वनडे कप्तान नाम कमाया, विराट कोहली और रोहित शर्मा। कोहली ने 95 तो रोहित ने 56 मैचों में टीम को लीड किया। अब कमान शुभमन गिल के हाथों में है, देखना होगा कि वह कितने लंबे समय तक टीम को लीड कर पाएंगे। भारतीय वनडे कप्तानों की लिस्ट– प्लेयर पहला मैच मैच जीत हार अजीत वाडेकर 13/07/1974 2 0 (0.00%) 2 (100.00%) एस वेंकटराघवन 07/06/1975 7 1 (14.29%) 6 (85.71%) बिशन सिंह बेदी 21/02/1976 4 1 (25.00%) 3 (75.00%) सुनील गावस्कर 06/12/1980 37 14 (37.84%) 21 (56.76%) गुंडप्पा विश्वनाथ 15/02/1981 1 0 (0.00%) 1 (100.00%) कपिल देव 12/09/1982 74 39 (52.70%) 33 (44.59%) सैयद किरमानी 17/12/1983 1 0 (0.00%) 1 (100.00%) मोहिंदर अमरनाथ 31/10/1984 1 0 (0.00%) 0 (0.00%) रवि शास्त्री 27/01/1987 11 4 (36.36%) 7 (63.64%) दिलीप वेंगसरकर 08/12/1987 18 8 (44.44%) 10 (55.56%) के श्रीकांत 13/10/1989 13 4 (30.77%) 8 (61.54%) मोहम्मद अज़हरुद्दीन 01/03/1990 175 90 (51.43%) 77 (44.00%) सचिन तेंदुलकर 28/08/1996 72 23 (31.94%) 42 (58.33%) अजय जडेजा 20/05/1998 13 8 (61.54%) 5 (38.46%) सौरव गांगुली 05/09/1999 147 76 (51.70%) 66 (44.90%) राहुल द्रविड़ 14/12/2000 79 42 (53.16%) 33 (41.77%) अनिल कुंबले 25/01/2002 1 1 (100.00%) 0 (0.00%) वीरेंद्र सहवाग 16/04/2003 12 7 (58.33%) 5 (41.67%) एमएस धोनी 29/09/2007 200 110 (55.00%) 74 (37.00%) सुरेश रैना 28/05/2010 12 6 (50.00%) 5 (41.67%) गौतम गंभीर 28/11/2010 6 6 (100.00%) 0 (0.00%) विराट कोहली 02/07/2013 95 65 (68.42%) 27 (28.42%) अजिंक्य रहाणे 10/07/2015 3 3 (100.00%) 0 (0.00%) रोहित शर्मा 10/12/2017 56 42 (75.00%) 12 (21.43%) शिखर धवन 18/07/2021 12 7 (58.33%) 3 (25.00%) केएल राहुल 19/01/2022 12 8 (66.67%) 4 (33.33%) हार्दिक पांड्या 17/03/2023 3 2 (66.67%) 1 (33.33%)  

NZ बनाम AUS: मार्श का बल्ला बोला, ऑस्ट्रेलिया ने कीवी टीम को हराकर सीरीज जीती

नई दिल्ली NZ vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने शानदार शतक जड़कर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20I मैच में अपनी टीम को 3 विकेट से जीत दिलाई और 2-0 से सीरीज अपने नाम की। मार्श ने 52 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभाले रखा, जबकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। मिचेल मार्श का पहला T20I शतक दरअसल, न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी (NZ vs AUS) करते हुए 9 विकेट पर 156 रन बनाए। टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन (48) टिम सिफर्ट ने बनाए। इसके बाद माइकल ब्रेसवेल (26) और जिम्मी नीशम (25) ने आखिर में तेज खेल दिखाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कंगारू टीम की ओर से शॉन ऐबट ने तीन विकेट, जबकि जोश हेजलवुड, जेवियर बार्टलेट को दो-दो सफलता मिली। एडम जम्पा और मार्कस स्टोइनिस को एक-एक विकेट मिला। इसके जवाब में, ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य को 18 ओवर में ही हासिल कर लिया। उनके अलावा मिचेल ओवेन ने (14 रन) थोड़ा योगदान किया। न्यूजीलैंड की तरफ से जिमी नशीम ने 4 ओवर में 26 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके अलावा जेकब डफी ने द विकेट और बेन सीयर्स ने एक विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की टी20आई सीरीज का पहला मैच 6 विकेट से जीता था। उस मैच में भी कप्तान मिचेल मार्श ने 85रन की मैच विनिंग पारी खेली थी। दूसरा मैच जो कि 3 अक्टूबर को होना था, लेकिन बारिश की वजह से मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे टी20आई मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 12 गेंद बाकी रहते हुए 157 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए टी20 सीरीज 2-0 से अपने नाम की।