samacharsecretary.com

कार्तिक ने शुभमन की प्रशंसा करते हुए उन्हें सुझाव भी दिया

मुंबई भारतीय टीम के पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने भारतीय टेस्ट टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा है कि अपने पहले ही दौरे में उन्होंने सभी को प्रभावित किया है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के अचानक संन्यास के बाद शुभमन को कप्तानी सौंपी गयी थी और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। इंग्लैंड दौरे में टीम के अच्छे प्रदर्शन से उनका मनोबल भी आगे के मुकाबलों के लिए बढ़ा है। साथ ही कहा कि वह अपनी आक्रामकता पर कुछ नियंत्रण करें तो और भी बेहतर होगा। इसके अलावा शुभमन ने सीरीज में अच्छा प्रदर्शन कर अपने आलोचकों को भी करारा जवाव दिया है।  सीरीज में उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ 754 रन बनाए, जो किसी भारतीय कप्तान के किसी एक टेस्ट सीरीज में सबसे अधिक रन है। शुभमन ने अपनी कप्तानी से भी कई क्रिकेट विशेषज्ञ को प्रभावित किया है। कार्तिक ने उन्हें आगामी सीरीज के लिए कुछ सुझाव भी दिए है। कार्तिक ने कहा, वह कई बार आक्रामक रहे हैं। कभी कभी वह अधिक आक्रामक हो जाते हैं मेरा मानना है कि वह इसपर नियंत्रण करें। मुझे लगता है कि वह अपने बारे में यह बात कुछ हद तक बदलें। मुझे उम्मीद है कि वह इसे ज़्यादा नहीं बदलेंगे। कार्तिक ने आगे कहा, इस सीरीज में आते ही लोग पूछ रहे थे शुभमन, भारत से बाहर, उनका रिकॉर्ड बेहतर हो सकता है। और उन्होंने कहा, मैं दोनो टीमो में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनना चाहता हूं। आत्मविश्वास होना एक बात है, लेकिन आपको उसके साथ कौशल भी जोड़ना होगा। वह पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनकी बल्लेबाजी में वापस आती गेंद के सामने थोड़ी कमजोरी थी। उन्होंने अपनी तकनीक पर काम करने और उसका सामना करने का तरीका निकाल लिया।  

संजू सैमसन ट्रेड की चर्चा, CSK-राजस्थान रॉयल्स के बीच 2 खिलाड़ियों का संभावित सौदा

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स के के कप्तान संजू सैमसन अपनी फ्रेंचाइजी छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने फ्रेंचाइजी से अनुरोध किया है कि आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले या तो उन्हें रिलीज किया जाए या फिर ट्रेड किया जाए। दरअसल नीलामी से एक हफ्ते पहले तक ट्रेड विंडो खुली होती है और उसमें फ्रेंचाइजी सहमति से अपने किसी खिलाड़ी को दूसरे फ्रेंचाइजी को या तो कैश डील या फिर किसी अन्य खिलाड़ी/खिलाड़ियों के बदले में दे सकती हैं।   मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संजू सैमसन में चेन्नई सुपर किंग्स रुचि दिखा रही है। सीएसके के अलावा कोलकाता नाइट राइडर्स भी संजू को अपने साथ जोड़ना चाहती है लेकिन ऐसा लगता है कि वह कई कारणों से चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ही जुड़ना चाहते हैं। आईपीएल 2025 खत्म होने के बाद संजू सैमसन ने अमेरिका में सीएसके के मैनेजमेंट और उनके हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग से मुलाकात भी की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राजस्थान रॉयल्स संजू सैमसन के बदले में चेन्नई सुपर किंग्स से दो खिलाड़ी चाहती है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘चेन्नई 30 साल के स्टार को कैश में ट्रेड करके अपने साथ जोड़ने की इच्छुक है लेकिन गतिरोध ये है कि राजस्थान का जोर चेन्नई से 2 खिलाड़ियों के एक्सचेंज पर है।’ स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज को लेकर अगर राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स में कोई समझौता नहीं हो पाता है तो अगली नीलामी में उनके लिए बोलियां लगती हुईं दिख सकती हैं। संजू सैमसन के आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 2013 में डेब्यू किया था। वह अब तक आईपीएल में दो टीमों- राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स (पहले दिल्ली डेयरडेविल्स) के साथ खेल चुके हैं। दुनिया की इस सबसे अमीर क्रिकेट लीग में उन्होंने 177 मैच खेले हैं जिनमें उनके नाम 4704 रन हैं। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 26 अर्धशतक जड़े हैं।  

बेन शेल्टन ने कारेन खाचानोव को हराकर जीता कैनेडियन ओपन पुरुष एकल वर्ग का खिताब

टोरंटो बेन शेल्टन ने कैनेडियन ओपन पुरुष एकल वर्ग का खिताब जीत लिया है। फाइनल में शेल्टन ने कारेन खाचानेव को हराया। शेल्टन के करियर का यह सबसे बड़ा खिताब है। बेन शेल्टन ने कारेन खाचानेव तीन सेट तक चले मुकाबले में 6-7(5), 6-4, 7-6(3) से हराया। फाइनल मैच दो घंटे 48 मिनट तक चला। बेन शेल्टन एंडी रोडिक के बाद एटीपी मास्टर्स 1000 जीतने वाले दूसरे सबसे युवा अमेरिकी खिलाड़ी बन गए हैं। शेल्टन से पहले 2004 में एंडी रोडिक ने मियामी ओपन का खिताब जीता था। खिताबी जीत के साथ शेल्टन एटीपी लाइव रेस टू ट्यूरिन में चौथे स्थान पर भी पहुंचे। इससे नवंबर में होने वाले एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की उनकी संभावना बढ़ गई है। शेल्टन 2025 में पहली बार मास्टर्स 1000 चैंपियन बनने वाले चौथे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले जैक ड्रेपर (इंडियन वेल्स), जैकब मेन्सिक (मियामी) और कैस्पर रूड (मैड्रिड) ने ये उपलब्धि हासिल की थी। यह शेल्टन के करियर का तीसरा खिताब है, इससे पहले उन्होंने 2023 में टोक्यो और 2024 में ह्यूस्टन में जीत हासिल की थी। शेल्टन ने लगातार तीन सालों से कम से कम एक खिताब जीता है। जीत के बाद बेन शेल्टन ने कहा, “यह एक अद्भुत एहसास है। यह एक लंबा सप्ताह रहा है। फाइनल तक का रास्ता आसान नहीं था। मेरा सर्वश्रेष्ठ टेनिस तब सामने आया जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।” खाचानोव ने शुरुआती सेट में 10 फोरहैंड विनर लगाए और उनकी ताकत ने शेल्टन को बेसलाइन के काफी पीछे धकेल दिया। लेकिन अपने कोच और पिता ब्रायन की सलाह पर, शेल्टन ने दूसरे और तीसरे सेट में कोर्ट पर अपनी पकड़ मजबूत की और आक्रामक रुख अपनाया। शेल्टन अब एटीपी हेड-टू-हेड सीरीज में खाचानोव से 2-0 से आगे हैं। इससे पहले उन्होंने खाचानोव को साल की शुरुआत में इंडियन वेल्स में भी हराया था। दोनों खिलाड़ियों को सिनसिनाटी ओपन के क्वार्टर फाइनल में भिड़ना है।  

नाओमी ओसाका पर मिली जीत से विक्टोरिया म्बोको बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन

मॉन्ट्रियल विक्टोरिया म्बोको ने कैनेडियन ओपन महिला एकल का खिताब जीत लिया है। 18 साल की कनाडा की विक्टोरिया म्बोको ने जापान की दिग्गज खिलाड़ी नाओमी ओसाका को हराकर चैंपियन बनी। वाइल्ड कार्ड एंट्री करने वाली विक्टोरिया म्बोको ने चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता नाओमी ओसाका को 2-6, 6-4, 6-1 से हराकर कैनेडियन ओपन का खिताब जीता था। अपने घर में मिली यह जीत म्बोको के लिए विशेष थी। म्बोको ने पहला सेट हारने के बाद जोरदार वापसी की और दो सेट जीतकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत से म्बोको ने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की। वह डब्ल्यूटीए रैंकिंग में 25वें स्थान पर पहुंच गई। उन्हें इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क में होने वाले ग्रैंड स्लैम में पहली वरीयता दी जाएगी। 2019 के बाद म्बोको कनाडा की ऐसी दूसरी महिला खिलाड़ी बनी हैं, जिन्होंने कैनेडियन ओपन जीता है। 2019 में बियांका एंड्रीस्कू ने खिताब अपने नाम किया था। टूर्नामेंट में आने से पहले म्बोको की रैंकिंग 85 थी। उनकी जीत उन्हें 1990 में इस प्रारूप की शुरुआत के बाद से टियरI ‘डब्ल्यूटीए 1000’ खिताब जीतने वाली दूसरी सबसे कम रैंकिंग वाली खिलाड़ी बनाती है। वह 2009 के बाद से ‘डब्ल्यूटीए 1000 इवेंट’ में अपना पहला खिताब जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं। म्बोको 1995 में मोनिका सेलेस के बाद नेशनल बैंक ओपन जीतने वाली दूसरी वाइल्डकार्ड खिलाड़ी हैं। म्बोको ने सोफिया केनिन, कोको गॉफ, एलेना रयबाकिना और ओसाका जैसी दिग्गजों को हराते हुए खिताब जीता। गॉफ और रयबाकिना को क्रमशः पहली और तीसरी वरीयता दी गई थी। वहीं, चार पूर्व महिला एकल ग्रैंड स्लैम चैंपियन का सामना करने वाली और ओपन एरा में एक ही डब्ल्यूटीए इवेंट में चारों को हराने वाली विक्टोरिया म्बोको पहली कनाडाई खिलाड़ी हैं। म्बोको ओपन एरा में एक ही डब्ल्यूटीए इवेंट में चार ग्रैंड स्लैम चैंपियन को हराने वाली दूसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। पहली खिलाड़ी 1999 में सेरेना विलियम्स थीं।  

एशेज 2025 का नतीजा पहले ही बता दिया ग्लेन मैकग्रा ने, बोले— ये टीम नहीं हारेगी एक भी मैच

लंदन  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज शुरू होने में अभी तीन महीने से अधिक का समय बाकी है लेकिन दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने भविष्यवाणी की है कि ऑस्ट्रेलिया इसमें 5-0 से क्लीन स्वीप करेगा। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच यह प्रतिष्ठित सीरीज 21 नवंबर को पर्थ में शुरू होगी। मैकग्रा ने कहा कि उनकी भविष्यवाणी भारत के खिलाफ हाल में समाप्त हुई सीरीज में इंग्लैंड के प्रदर्शन पर आधारित है। भारत ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए खेली गई इस सीरीज में इंग्लैंड को 2-2 से बराबरी पर रोका था।   मैकग्रा ने 'बीबीसी रेडियो' पर कहा, ‘‘मैं अमूमन भविष्यवाणी नहीं करता हूं लेकिन एशेज के लिए मेरी भविष्यवाणी है कि ऑस्ट्रेलिया इसमें 5-0 जीत हासिल करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। जब पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लियोन अपने घरेलू हालात में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, तो इंग्लैंड के लिए यह काफी मुश्किल होने वाला है। इसके अलावा इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया में रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है।’’ इंग्लैंड इस साल के अंत में पांच मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा। उसने 2015 के बाद से एशेज नहीं जीती है। इसके अलावा इंग्लैंड को 2002-03 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज को छोड़कर बाकी सभी सीरीज में 0-5 या 0-4 से हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में आखिरी टेस्ट मैच 2010-11 में जीता था। इंग्लैंड ने तब सीरीज 3-1 से अपने नाम की थी। ऑस्ट्रेलिया ने 2021-22 में जब इंग्लैंड का आखिरी दौरा किया था, तब 4-0 से जीत हासिल की थी। यही नहीं ऑस्ट्रेलिया ने अपनी धरती पर जो पिछले 15 टेस्ट मैच खेले हैं उनमें से 11 में उसने जीत दर्ज की है। उसने इस बीच केवल दो मैच हारे जबकि दो अन्य मैच ड्रॉ समाप्त हुए थे।  

इंग्लैंड से लौटे जुरेल को कप्तानी, गिल को टीम की कमान और कुलदीप को मौका

मुंबई  भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल को दलीप ट्रॉफी 2025-26 के लिए नॉर्थ जोन  की टीम का कप्तान बनाया गया है. वहीं ध्रुव जुरेल को सेंट्रल जोन का कप्तान बनाया गया है. कुलदीप यादव को भी इस टूर्नामेंट में अपना जौहर दिखाने का मौका मिलेगा. यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू हो रहा है.  शुभमन गिल ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 754 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. उनसे ज्यादा रन सिर्फ सुनील गावस्कर (774 रन, 1971 वेस्ट इंडीज दौरा) ने बनाए थे.  गिल की कप्तानी में नॉर्थ जोन की टीम ईस्ट जोन से भिड़ेगी. अगर गिल को एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम में चुना जाता है, तो वह सिर्फ पहला मैच खेलेंगे और फिर टीम से बाहर हो सकते हैं. एशिया कप में भारत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ अभियान शुरू करेगा, फिर 14 को पाकिस्तान और 19 को ओमान से भिड़ेगा.  वहीं शुभमन गिल, अर्शदीप सिंह या हर्षित राणा को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चुना जाता है, तो उनके विकल्प के तौर पर शुभमन रोहिल्ला, गुरनूर बराड़, और अनुल ठकराल को स्टैंडबाय में रखा गया है. गिल के उपकप्तान अंकित कुमार (हरियाणा) होंगे. जिन्होंने पिछले रणजी सीजन में 14 पारियों में 574 रन बनाए थे. निशांत सिंधु जो बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हैं, उन्हें भी टीम में मौका मिला है.  दिल्ली के तीन खिलाड़ी इस टीम में चुने गए हैं. इनमें हर्षित राणा, यश ढुल (U-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान), और आयुष बडोनी शामिल हैं.  जम्मू और कश्मीर से सबसे ज्यादा 5 खिलाड़ी टीम में हैं, जिनमें शुभम खजूरिया और आकिब नबी शामिल हैं. आक‍िब ने पिछले रणजी सीजन में 8 मैचों में 44 विकेट लिए थे और वह दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे थे.  इस बार की दलीप ट्रॉफी फिर से पुराने जोनल फॉर्मेट में खेली जाएगी और यह 2025-26 घरेलू सीजन की शुरुआत होगी.  कुलदीप यादव नॉर्थ जोन की टीम में शामिल सेंट्रल जोन की टीम में कुलदीप यादव भी शामिल हैं, जो इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाए थे, लेकिन अब वह वापसी के लिए तैयार हैं. वो दो और बाएं हाथ के स्पिनरों हर्ष दुबे (विदर्भ) और मानव सुथार (राजस्थान) के साथ मिलकर स्पिन अटैक को मजबूती देंगे. हर्ष दुबे ने पिछले रणजी सीजन में रिकॉर्ड 69 विकेट लिए थे. तेज गेंदबाजी की कमान खलील अहमद के हाथ में होगी, जो इंग्लैंड की काउंटी टीम एसेक्स से निजी कारणों की वजह से लौट आए हैं. वो दीपक चाहर के साथ नई गेंद संभाल सकते हैं. दीपक चोट के कारण आईपीएल के कुछ मैच नहीं खेल पाए थे लेकिन अब वो फिट हैं.  विदर्भ के यश राठौड़, जिन्होंने पिछले रणजी ट्रॉफी में 960 रन बनाए थे, वो बल्लेबाजी को मजबूती देंगे. उनके साथी दानिश मालेवार जिन्होंने रणजी फाइनल में शानदार पारियां (153 और 73 रन) खेलीं, उन्हें भी टीम में मौका मिला है. टीम के कोच उस्मान गनी होंगे, जो विदर्भ की रणजी जीत के कोच भी थे.  दलीप ट्रॉफी के ल‍िए सेंट्रल जोन की टीम: ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर, यूपी), रजत पाटीदार (उपकप्तान, मध्य प्रदेश), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर, यूपी), आयुष पांडे (छत्तीसगढ़), दानिश मालेवार (विदर्भ), शुभम शर्मा (मध्य प्रदेश), संजीत देसाई (छत्तीसगढ़), यश राठौड़ (विदर्भ), कुलदीप यादव (यूपी), हर्ष दुबे (विदर्भ), आदित्य ठाकरे (विदर्भ), मानव सुथार (राजस्थान), दीपक चाहर (राजस्थान), खलील अहमद (राजस्थान), सारांश जैन (मध्य प्रदेश),  स्टैंडबाय खिलाड़ी:मह‍िपाल लोमरोर (राजस्थान), यश ठाकुर (विदर्भ), माधव कौशिक (यूपी), कुलदीप सेन (मध्य प्रदेश), युवराज चौधरी (छत्तीसगढ़), उपेंद्र यादव (विकेटकीपर, रेलवे) दलीप ट्रॉफी के ल‍िए नॉर्थ जोन टीम: शुभमन गिल (कप्तान, पंजाब), अंकित कुमार (उपकप्तान, हरियाणा), शुभम खजूरिया (जम्मू-कश्मीर), आयुष बडोनी (दिल्ली), यश ढुल (दिल्ली), अंकित कालसी (हिमाचल प्रदेश), निशांत सिंधु (हरियाणा), साहिल लोत्रा (जम्मू-कश्मीर), मयंक डागर (हिमाचल प्रदेश), युद्धवीर सिंह चरक (जम्मू-कश्मीर), अर्शदीप सिंह (पंजाब), हर्षित राणा (दिल्ली), अंशुल कम्बोज (हरियाणा), आकिब नबी (जम्मू-कश्मीर), कन्हैया वधावन (विकेटकीपर, जम्मू-कश्मीर)

जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे: इरफान पठान

नई दिल्ली  भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में सिर्फ तीन मैच खेले थे। कार्यभार प्रबंधन के कारण दो टेस्ट मैचों में जसप्रीत बुमराह नहीं खेले थे। तीन टेस्ट खेलने के बावजूद वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज रहे। हालांकि सीरीज के दौरान वह कुछ पारियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और विकेट लेने के लिए जूझते नजर आए और इसी वजह से भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे।   पूर्व भारतीय क्रिकेटर से कमेंटेटर बने इरफान पठान ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे। जसप्रीत बुमराह ने पांच मैचों की टेस्ट के तीन मैच में 5 पारियों में 14 विकेट लिए। बुमराह ने तीन टेस्ट में 119.4 ओवर डाले। चौथे टेस्ट में मैनचेस्टर में उन्होंने अपने करियर में पहली बार 100 से ज्यादा रन दिए। इरफान ने कहा कि भले ही उनका नाम सम्मान बोर्ड पर दर्ज हो गया, लेकिन वह नंबर एक गेंदबाज की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''ईमानदारी से कहूं तो जब वह खेलते हैं, तो उन्होंने प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच विकेट हॉल लिया और उसका नाम लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड पर दर्ज हो गया। लेकिन जब आप नंबर वन गेंदबाज हो, उनसे नंबर एक लेवल के प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है और मुझे लगता है कि वह उस पर खरा नहीं उतर पाए।" उन्होंने आगे कहा, ''मैच के दौरान कुछ पल ऐसे थे, जब छठे ओवर की जरूरत थी, मैंने ये कमेंट्री के दौरान ये भी कहा। जो रूट को उन्होंने 11 बार आउट किया और लॉर्ड्स टेस्ट में बुमराह ने पांच ओवर डाले, बस एक और ओवर, छठा, और जोर लगाया जा सकता था। मुझे लगा कि उन्होंने वहां थोड़ा संयम बरता। कुछ चुनिंदा विकल्प भी थे, जिनके मैं हमेशा से खिलाफ रहा हूं, और वो भी साफ दिख रहा था।'' बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज ने दमदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत को छह रन से जीत दिलाकर सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने आखिरी मैच में नौ और सीरीज में 23 विकेट लिये। उन्होंने पांच टेस्ट में 185.3 ओवर डाले।  

MCA चेयरमैन ने खोली कहानी: कैसे रोहित शर्मा ने यशस्वी जायसवाल को दिलाया दूसरा मौका

नई दिल्ली भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने पूरी तरह से इस बात का मन बना लिया था कि वे मुंबई की टीम के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उन्होंने एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की भी मांग मुंबई क्रिकेट संघ यानी एमसीए से कर दी थी। एमसीए ने भी एनओसी उनको प्रदान कर दी थी, लेकिन एक शख्स है, जिसने यशस्वी जायसवाल को मुंबई के लिए ही खेलने को मनाया। ये शख्स कोई और नहीं, बल्कि भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा हैं। रोहित शर्मा के कहने पर ही यशस्वी जायसवाल मुंबई के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं। मुंबई मिरर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह रोहित शर्मा ही थे, जिन्होंने यशस्वी जायसवाल को मुंबई की टीम में रोका। रिपोर्ट में एमसीए के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक बताते हैं, "रोहित शर्मा ने करियर के इस पड़ाव पर यशस्वी जायसवाल को मुंबई की टीम के साथ बने रहने के लिए कहा। उन्होंने समझाया कि मुंबई के लिए खेलना बड़े सम्मान की बात है, क्योंकि ये टीम 42 रणजी टाइटल जीत चुकी है। रोहित ने यशस्वी से ये भी कहा था कि ये मत भूलो कि आपको मुंबई ने ही मंच दिया था, जिसके बाद आप इतनी छोटी उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में नाम कमा रहे हैं। रोहित ने यशस्वी को ये भी कहा था कि मुंबई शहर को भी मत भूलो, क्योंकि यहीं के मैदानों पर आपने एज ग्रुप क्रिकेट खेली है।" अजिंक्य नाइक ने आगे बताया, "रोहित शर्मा और अन्य दिग्गजों से यशस्वी जायसवाल ने इस बारे में बात की, जिन्होंने इंडिया और मुंबई का प्रतिनिधित्व किया है। इसके बाद उन्होंने एमसीए को एनओसी वापस लेने के लिए ईमेल किया और हमने उनको अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।" जायसवाल ने अप्रैल के महीने में एमसीए से एनओसी की मांग की थी। जायसवाल के इस फैसले से हर कोई हैरान था कि वे गोवा क्यों जाना चाहते हैं? हालांकि, अगले ही महीने उन्होंने एनओसी वापस लेने की अनुरोध एमसीए से कर दिया था और अब वे फिर से मुंबई के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं।  

धोनी से गिल तक हुए फेल, जो रूट का जलवा सब पर पड़ा भारी!

नई दिल्ली जो रूट को भारतीय टीम के खिलाफ खेलना पसंद है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में जो रूट का बल्ला अलग आग उगलता है। हाल ही में खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में जो रूट इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि जो रूट के इस प्रकोप से न एमएस धोनी बच सके, न विराट कोहली और न ही शुभमन गिल। हर किसी की टीम के खिलाफ उन्होंने एक टेस्ट सीरीज में 500+ रन बनाए हैं। हालांकि, एक सीजन वे 400 रन भी एक सीरीज में नहीं बना सके थे। वह भी विराट कोहली की कप्तानी में खेली गई थी, लेकिन कम से कम एक सीरीज में उन्होंने 500 प्लस रन विराट के खिलाफ बनाए हैं। दरअसल, जो रूट ने घर पर एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 2014 में, विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टेस्ट टीम के खिलाफ 2021 में और अब 2025 में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 500+ रन बनाकर करिश्मा कर दिखाया है। हालांकि, 2018 की टेस्ट सीरीज में जो रूट विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 400 रनों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए थे। उस साल 5 मैचों की 9 पारियों में उन्होंने सिर्फ 319 रन बनाए थे। उस सीरीज को 4-1 से इंग्लैंड ने ही जीता था। जो रूट के बल्ले से साल 2014 में एमएस धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम के खिलाफ 5 मैचों की 7 पारियों में 518 रन निकले थे, जबकि 2021 में 4 मैचों की 7 पारियों में उन्होंने विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 564 रन बनाए थे। 2025 में 5 मैचों की 9 पारियों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम के खिलाफ 537 रन बनाए हैं। हर एक साल उन्होंने कम से कम 2 शतक 2014, 2021 और 2025 में जड़े हैं। ये दर्शाता है कि वह लंबे समय से भारत के खिलाफ अपना 100 पर्सेंट दे रहे हैं।  

मैट से मंडप तक: रेसलर पूजा की हुई सगाई, बिजनेसमैन से जुड़ा रिश्ता

हिसार  हरियाणा की अंतरराष्ट्रीय रेसलर पूजा ढांडा ने जीवन की एक नई पारी की शुरुआत कर हिसार के बिजनेसमैन अभिषेक बूरा से सगाई कर ली है। गुरुवार को हिसार में आयोजित भव्य समारोह में दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। यह एक अरेंज मैरिज है, जिसका रिश्ता पूजा के पिता अजमेर ढांडा ने तय किया था। अब दोनों 13 नवंबर को शादी के बंधन में बंधेंगे। पूजा ढांडा न केवल एक बेहतरीन रेसलर हैं, बल्कि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया है। रिंग से लेकर सगाई तक का सफर पूजा ढांडा का जन्म हिसार के बुडाना गांव में हुआ था। उनके पिता अजमेर ढांडा पशुपालन विभाग से ड्राइवर के पद से रिटायर हुए। उन्होंने हमेशा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पूजा ने अपने करियर की शुरुआत जूडो से की थी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। उनके जीवन में महत्वपूर्ण मोड़ 2009 में तब आया जब एशियन जूडो चैंपियनशिप के दौरान उनकी मुलाकात रेसलर कृपा शंकर बिश्नोई से हुई। कृपा शंकर ने पूजा को कुश्ती में जाने की सलाह दी। इस सलाह ने पूजा के जीवन की दिशा बदल दी। पूजा ने जूडो छोड़कर कुश्ती में अपना हाथ आजमाया और 2010 के यूथ ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया। असाधारण उपलब्धियां और 'दंगल' का ऑफर पूजा ढांडा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हेलेन मारोलिस को दो बार हराना। यह कारनामा उन्होंने 2018 में प्रो रेसलिंग लीग में किया था। हेलेन को हराने के बाद उन्होंने खुद पूजा की तारीफ करते हुए कहा था मैं तुम्हारी फैन बन गई हूं। पूजा के लिए यह एक सपने के सच होने जैसा था। पूजा को साल 2016 में आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' में बबीता फोगाट का किरदार निभाने का ऑफर मिला था। लेकिन चोट के कारण उन्होंने यह मौका ठुकरा दिया। पूजा ने पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बबीता फोगाट को हराकर यह खिताब जीता था। पूजा की अन्य उपलब्धियों में 2013 और 2017 में कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल और 2014 में एशियन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल शामिल हैं। चोट और संघर्ष का दौर पूजा का सफर कभी आसान नहीं रहा, 2016 में लगी एक गंभीर चोट के कारण वह रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। इस चोट से उबरने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। सर्जरी के बाद भी मैट पर वापसी करना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2017 में, उन्होंने अपनी चोट को पीछे छोड़ा और नेशनल चैंपियन बनकर वापसी की। उनके इसी जज्बे को देखते हुए भारत सरकार ने 2019 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। आज, पूजा ढांडा न केवल एक इंटरनेशनल रेसलर हैं, बल्कि हिसार के महावीर स्टेडियम में एक सीनियर कुश्ती ट्रेनर के रूप में बच्चों को प्रशिक्षण भी देती हैं। अपनी शादी की तैयारियों के बीच भी वह अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह उनकी लगन और समर्पण को दर्शाता है। नई जिंदगी की शुरुआत पूजा और अभिषेक की सगाई का समारोह उनकी नई जिंदगी की शुरुआत का एक खूबसूरत पल था। यह एक अरेंज मैरिज है, लेकिन दोनों के परिवार में खुशी का माहौल है। 23 फरवरी को हुई रोका सेरेमनी के बाद अब दोनों 13 नवंबर को शादी के पवित्र बंधन में बंध जाएंगे। पूजा के लिए यह एक नई पारी है, जिसमें उन्हें अपने जीवनसाथी अभिषेक का साथ मिलेगा। हम उन्हें उनके आने वाले जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हैं।