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700 करोड़ की डील के बाद मुंबई इंडियंस की टीम का नाम बदलने की तैयारी, रिपोर्ट में दावा

मुंबई  मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी विदेशों में भी खूब सारा पैसा इन्वेस्ट कर रही है. कुछ सप्ताह पहले ही MI फ्रैंचाइजी ने द हंड्रेड लीग की ओवल इन्विंसिबल्स टीम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है. अब एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ओवल इन्विंसिबल्स को 'MI London' नाम से जाना जाएगा. यह नया नाम अगले सीजन से लागू होगा. बता दें कि ओवल इन्विंसिबल्स ऐसी छठी टीम बनी थी, जिसका मालिकाना हक मुंबई इंडियंस के पास है. द टेलीग्राफ के मुताबिक द हंड्रेड सीजन 2026 से पहले ओवल इन्विंसिबल्स का नाम बदल कर 'MI London' कर दिया जाएगा. 2025 सीजन शुरू होने से पहले द हंड्रेड टीमों की कम से कम 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बोली लगनी शुरू हुई थी. इनमें से MI फ्रैंचाइजी ने ओवल इन्विंसिबल्स टीम के लिए बोली लगाई थी, जिसकी वैल्युएशन 123 मिलियन पाउंड्स बताई गई थी. चूंकि मुंबई इंडियंस ने 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है, जिसके लिए उसे करीब 60 मिलियन पाउंड्स से ज्यादा रकम चुकानी होगी. जो भारतीय मुद्रा में करीब 700 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी. ओवल इन्विंसिबल्स की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी अब मुंबई इंडियंस के पास है, बाकी 51 प्रतिशत का मालिक अब भी सरे काउंटी क्लब है. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सरे चाहता था कि ओवल इन्विंसिबल्स को उसी का नाम मिले, इसके बावजूद अगले सीजन से टीम का नाम MI लंदन कर दिया जाएगा. मुंबई इंडियंस की कुल 6 टीम मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी की अब दुनियाभर में कुल 6 टीम हो गई हैं. BCCI द्वारा संचालित इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में मुंबई इंडियंस टीम खेलती हैं. अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में MI न्यू यॉर्क का मालिकाना हक मुंबई इंडियंस के पास है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका की SA20 में MI केपटाउन, इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) में MI एमिरेट्स और इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग में ओवल इन्विंसिबल्स, इन सभी की मालिक MI फ्रैंचाइजी है.

वनडे कप्तानी को लेकर उठे सवाल, श्रेयस का नाम चर्चा में, BCCI सचिव ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली  पिछले कुछ दिनों से भारतीय क्रिकेट में हंगामा मचा हुआ है. रोहित शर्मा के टेस्ट और टी20 से संन्यास के बाद उनके वनडे खेलने पर भी सवाल उठाया जा रहा है. खबरें यहां तक आई कि एशिया कप से बाहर रखे गए श्रेयस अय्यर को उनकी जगह पर वनडे टीम का कप्तान बनाया जा सकता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने श्रेयस अय्यर के अगले वनडे कप्तान बनने की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है.  कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि श्रेयस अय्यर जिन्हें एशिया कप 2025 की टीम से बाहर रखा गया था. रोहित शर्मा के बाद भारत के अगले वनडे कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं.  सूत्रों ने बताया कि रोहित जो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, उनको BCCI कप्तानी के बोझ से मुक्त करने के इच्छुक है. श्रेयस अय्यर को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया है.  बात करते हुए सैकिया ने सभी अफवाहों को खारिज कर दिया और कहा कि BCCI मैनेजमेंट ने इस मामले पर कोई चर्चा नहीं की है. उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए नई खबर है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है.” अय्यर तब से चर्चा में हैं जब से उन्हें अगले महीने एशिया कप के लिए चयनकर्ताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था. भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम की घोषणा के दौरान श्रेयस की अनुपस्थिति के बारे में बताया. पत्रकारों से कहा, “श्रेयस के मामले में अगर हम बात करें तो यह न तो उनकी गलती है और न ही हमारी. आप 15 खिलाड़ियों को चुन सकते हैं और फिलहाल आपको उनके मौके का इंतजार करना होगा.” श्रेयस अय्यर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे. कुल मिलाकर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे. उन्होंने पांच मैचों में 48.60 की औसत से 243 रन बनाए इसमें दो अर्धशतक और 79 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल है.

ट्रैक एंड फील्ड स्टार मरिना बेक-रोमांचुक का डोप टेस्ट पॉजिटिव, 4 साल का प्रतिबंध

लंदन  एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ( एआईयू) ने  घोषणा की कि लंबी कूद और ट्रिपल जंप में विश्व रजत पदक विजेता यूक्रेन की मैरीना बेख-रोमनचुक पर डोपिंग के कारण चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है।डोपिंग रोधी संस्था ने एक्स पर कहा, "एआईयू ने मैरीना बेख-रोमनचुक पर प्रतिबंधित पदार्थ (टेस्टोस्टेरोन) की मौजूदगी/उपयोग के लिए 13 मई 2025 से 4 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।" एआईयू के अनुसार, 30 वर्षीय बेख-रोमनचुक का पिछले साल 7 दिसंबर को टेस्टोस्टेरोन परीक्षण पॉजिटिव आया था। मई में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।बेख-रोमनचुक ने 2019 विश्व चैंपियनशिप में लंबी कूद में रजत पदक जीता और 2023 में ट्रिपल जंप में रजत पदक जीता, जब वह अंतिम दौर में वेनेजुएला की युलिमार रोजास से हार गईं।पिछले वर्ष पेरिस ओलंपिक में ट्रिपल जंप फाइनल में वह 11वें स्थान पर रहीं। तीन ओलंपिक खेलों की स्टार मरिना के जंप्स सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक दृश्य आनंद जैसे थे-  हवा में लहराता तन, कसाव से भरा बदन और फिनिश लाइन पर उतरते ही चेहरे पर खिली मुस्कान… आज वही एथलीट खेल के मैदान से दूर अपनी बेगुनाही साबित करने की लड़ाई लड़ रही है. … करियर और सपनों पर ताले एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) ने उन्हें 10 अगस्त तक दोष स्वीकार करने का मौका दिया था, लेकिन मरिना ने 'गिल्टी' शब्द से समझौता करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि यह सब एक चिकित्सीय कारण और इलाज की वजह से हुआ. वह इस बैन के खिलाफ स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट (CAS) में अपील कर सकती हैं. .. लेकिन जब तक उनकी अपील स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट में नहीं सुनी जाती, उनके करियर पर ताला लग चुका है. पेरिस 2024 में वे ट्रिपल जंप फाइनल में 11वें स्थान पर रहीं, पर अब लॉस एंजेलिस 2028 का सपना भी अधूरा ही रह जाएगा. खूबसूरती और ग्लैमर वाली दूसरी पहचान मरिना सिर्फ एथलीट ही नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस मॉडल और इन्फ्लुएंसर भी हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 4.91 लाख फॉलोअर्स हैं. यूक्रेनी ब्रांड्स Domino Group, Trihard और Fabric 17 के लिए किए गए उनके फोटोशूट्स उनकी दिलकश अदाओं और आत्मविश्वासी अंदाज को बखूबी बयान करते हैं. एथलेटिक्स ट्रैक पर पसीना बहाने वाली यह खिलाड़ी कैमरों के सामने एकदम अलग रूप में दिखती हैं- ग्लैमरस और आत्मविश्वास से भरी हुई. निजी जीवन में सुकून मरिना की जिंदगी में एक और बड़ा सहारा है- उनके पति और ओलंपिक मेडलिस्ट मिखाइलो रोमांचुक. यह कपल यूक्रेन का स्पोर्ट्स पावर कपल कहलाता है. यह स्पोर्ट्स पावर कपल सोशल मीडिया पर अक्सर अपने रोमांटिक पलों और साथ बिताए लम्हों को शेयर करता है. मिखाइलो ने टोक्यो 2020 (आयोजित 2021 में) में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत और 800 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य जीता था. वहीं, मरिना ने लॉन्ग जंप में पांचवां स्थान हासिल किया. खेल, प्यार और ग्लैमर- तीनों को साथ लेकर यह कपल यूक्रेन की पहचान बन चुका है. इस जोड़े को यूक्रेन का 'स्पोर्ट्स पावर कपल' कहा जाता है. मरिना की भावनाएं AIU के फैसले से पहले मरिना ने अपनी पीड़ा साझा की थी- 'मैं अब दो मोर्चों पर नहीं लड़ सकती,अपना ईमानदार नाम बचाने की जंग और अपने निजी जीवन की जद्दोजहद. यह थका देने वाला है, दिल और शरीर दोनों को तोड़ देता है. कभी-कभी परिवार और खुद की सेहत को पहले रखना जरूरी होता है.' उन्होंने साफ कहा, 'मैं गुनाह स्वीकार नहीं करूंगी. मेरी इंसानियत और मेरी इज्जत मेरे लिए किसी भी सजा से बड़ी है.' अब आगे की छलांग अब सबकी नजरें उनके उस बड़े इंटरव्यू पर हैं, जिसमें वह अपनी कहानी खुलकर सुनाने वाली हैं. खेल के ट्रैक पर जो एथलीट छलांगों से तालियां बटोरती थी, अब उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी छलांग लगानी होगी.  

कजाकिस्तान में म.प्र. खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शूटिंग में हासिल किए 2 पदक, मंत्री सारंग ने दी बधाई

16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 भोपाल कजाकिस्तान के शिमकेंट शुटिंग प्लाजा, शिमकेंट शहर में 16 से 30 अगस्त 2025 तक 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन किया जा रहा है। शिमकेंट शहर में आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में म.प्र. खेल अकादमी के प्रतिभावान खिलाडी कु. मानसी रघुवंशी ने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन करते हुये स्वर्ण और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने कांस्य पदक जीत कर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया। आज 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 में म.प्र. राज्य शूटिंग (शॉटगन) अकादमी के खिलाड़ी कु. मानसी रघुवंशी ने जूनियर महिला वर्ग की शॉटगन स्कीट स्पर्धा में शारीरिक दक्षता कौशल और एकाग्रता के साथ निशाना साधकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वही इसी चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के ही खिलाड़ी ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जूनियर पुरूष वर्ग के स्कीट इवेन्ट में खेल कौशल और एकाग्रता का शानदार परिचय प्रस्तुत करते हुये कांस्य पदक अर्जित किया। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 कजाकिस्तान में शूटिंग खेल का दमदार प्रदर्शन करने वाले दोनों प्रतिभाशाली शॉटगन खिलाड़ियों मानसी और ज्योतिरादित्य सिंह के खेल प्रदर्शन की सराहना की है। खिलाड़ियों की इस खेल उपलब्धि को गौरवान्वित क्षण बताते हुये खेल मंत्री सारंग ने कहा कि इस तरह के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों द्वारा ऐसी अविस्मरणीय खेल उपलब्धियां ही देश और प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र जोड़ने और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। खेल मंत्री सारंग ने दोनों ही खिलाड़ियों को पदक जीतने पर बधाई देते हुये भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर देश और प्रदेश को निरंतर गौरवान्वित के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान के शेमकेंट शूटिंग प्लाजा में आयोजित की जा रही इस एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप में एशिया महाद्वीप के 27 देशों के 748 प्रतिभाशाली शूटिंग खिलाड़ी प्रतिभागिता कर रहे है। चैम्पियनशिप महिला और पुरूष वर्ग की 120 स्पर्धाएँ आयोजित हो रही है।

हैंडबॉल महाकुंभ का मुरैना में आगाज, मध्यप्रदेश-गुजरात-राजस्थान की 71 टीमें मुकाबले को तैयार

मुरैना खेलों की दुनिया में चंबल का नाम इस बार एक नए अध्याय के साथ दर्ज होने जा रहा है. मुरैना में पहली बार राज्य स्तरीय वेस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है. यह ऐतिहासिक खेल महाकुंभ 24 अगस्त से 28 अगस्त तक मुरैना के टीएसएस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित होगा. जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इसमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात और राजस्थान के हैंडबॉल खिलाड़ी शामिल होंगे. सीबीएसई के वेस्ट जोन की हैंडबॉल प्रतियोगिता सीबीएसई के वेस्ट जोन ने हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए मुरैना को चुना है. इस प्रतियोगिता की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 2000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं. इनमें से लगभग 1000 खिलाड़ी मैदान में उतरकर अपना दमखम दिखाएंगे. 60 स्कूलों की 71 टीमें होंगी शामिल इस प्रतियोगिता में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदरा, राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर और मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित अन्य चुनिंदा 60 स्कूलों की 71 टीमें इस बार हिस्सा ले रही हैं. 3 विशाल मैदानों पर होने वाले मैचों के लिए खिलाड़ियों, रेफरी और प्रबंधन की उच्च स्तरीय व्यवस्था की गई है. आयोजन की निगरानी के लिए सीबीएसई ऑब्जर्वर राजकुमार सेंगर भी मौजूद रहेंगे. 24 से 28 अगस्त तक 5 दिनों का आयोजन डायरेक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि "ये आयोजन 24 अगस्त से 28 अगस्त तक पांच दिन का होगा. अभी तक 42 स्कूलों की लिस्ट आ चुकी है, जिसमें 71 टीमें आ रही हैं. इसमें 600 से अधिक बच्चे और 100 कोच शामिल हैं. यह प्रतियोगिता अंडर-11,अंडर-14 और अंडर-19 की होंगी. इससे पहले विद्यालय ने राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया था. अब हैंडबॉल महाकुंभ से मुरैना एक बार फिर खेल इतिहास का गवाह बनने जा रहा है."     'चंबल की संस्कृति को जानने का मिलेगा मौका' विद्यालय प्रबंधन ने आयोजन को यादगार बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि "इस साल सीबीएसई ने वेस्ट जोन के लिए मुरैना को चुना है. ऐसे में इस छोटे शहर में बड़ा आयोजन न केवल खिलाड़ियों को नई ऊर्जा देगा बल्कि बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को चंबल की मिट्टी और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर भी देगा."

क्रिकेट फिटनेस का नया मापदंड: ब्रोन्को टेस्ट अब खिलाड़ियों के लिए जरूरी

नई दिल्ली  भारतीय खिलाड़ियों के फिटनेस का स्तर उठाने के लिए मुख्य कोच गौतम गंभीर और कंडिशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स ने ब्रोन्को टेस्ट शुरू किया है। अब यह मौजूदा यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर दौड़ के साथ नया बेंचमार्क होगा। बीसीसीआई ने इस टेस्ट को शुरू भी कर दिया है और कुछ खिलाड़ी बेंगलुरु जाकर इसका टेस्ट भी दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेटरों के लिए ब्रोन्को टेस्ट का विचार स्ट्रेंड ऐंड कंडिशनिंग कोच ले रॉक्स ने दिया था जो इस साल जून में ही भारतीय टीम से जुड़े थे। इससे पहले वह 2000 के दशक में भी एक बार भारतीय टीम के साथ जुड़े थे। वह दक्षिण अफ्रीकी टीम, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के साथ भी काम कर चुके हैं। ब्रोन्को टेस्ट का फैसला यूं ही नहीं किया गया। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया 5 टेस्ट मैच की सीरीज के दौरान टीम मैनेजमेंट ने ध्यान दिया कि कुछ तेज गेंदबाजों का फिटनेस लेवल उच्च स्तर का नहीं है। मोहम्मद सिराज इकलौते ऐसे तेज गेंदबाज रहे जिन्होंने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के सभी 5 मैच खेले। इससे तेज गेंदबाजों के फिटनेस लेवल को लेकर चिंता बढ़ी। इंग्लैंड दौरे के बाद ले रॉक्स ने ब्रोन्को टेस्ट का सुझाव दिया ताकि तेज गेंदबाज अपने रनिंग वर्कलोड और क्षमता को बढ़ा सके। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस आइडिया का समर्थन किया और अब बीसीसीआई ने इसे लागू कर दिया है। आगे से अब खिलाड़ियों के फिटनेस का आकलन यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की समयबद्ध दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों के आधार पर होगा। क्या होता है ब्रोन्को टेस्ट? ब्रोन्को टेस्ट परंपरागत तौर पर रग्बी में होता है। इसमें खिलाड़ी सबसे पहले 20 मीटर की शटल रन को पूरा करता है। उसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ लगानी पड़ती है। इन तीनों दौड़ को मिलाकर एक बनता है और खिलाड़ी को बिना रुके हुए ऐसे 5 सेट पूरे करने होते हैं। इसके लिए समयसीमा 6 मिनट रखी गई है जिसमें खिलाड़ी कुल करीब 1200 मीटर की दौड़ लगानी होगी। ब्रोन्को टेस्ट को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में शुरू किया जा चुका है और कुछ सीनियर खिलाड़ी वहां जाकर टेस्ट भी दे चुके हैं।  

पुजारा की वापसी का मौका, रणजी ट्रॉफी में दिखाई देंगे दमदार खेल

नई दिल्ली राहुल द्रविड़ के बाद भारत की टेस्ट टीम की दीवार रहे चेतेश्वर पुजारा अभी के लिए भारतीय टीम से बाहर हैं, लेकिन उनकी निगाहें एक बार फिर से टेस्ट कमबैक करने पर हैं। यही कारण है कि चेतेश्वर पुजारा ने खुद को रणजी ट्रॉफी के आने वाले सीजन के लिए खुद को उपलब्ध कराया है। वे आखिरी जोर टेस्ट कमबैक के लिए लगाने वाले हैं। वहीं, उनके साथ लंबे समय तक खेलने वाले अजिंक्य रहाणे मुंबई के लिए आगामी रणजी सीजन में खेलने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन सीजन से ठीक पहले उन्होंने मुंबई की टीम की कप्तानी छोड़ दी है। सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन यानी एससीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुजारा की उपलब्धता की पुष्टि की। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने क्रिकबज को बताया, “उन्होंने आगामी रणजी सीजन में खेलने के लिए अपनी तत्परता का संकेत दिया है। यह निश्चित रूप से हमारे लिए अच्छी खबर है, क्योंकि उनका अनुभव टीम के लिए बहुत फायदेमंद होगा।” भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेल चुके दिग्गज चेतेश्वर पुजारा 37 साल के हो चुके हैं। अभी भारतीय टेस्ट टीम के आसपास नहीं है, लेकिन उनकी चाहत यही होगी कि वे एक बार फिर से टेस्ट कमबैक कर पाएं। हालांकि, वे घरेलू क्रिकेट में केवल बहु-दिवसीय मैचों में ही खेलते हैं। पुजारा ने पिछले सीजन में सात मैचों में 40.2 की औसत से 402 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था, जिसमें सौराष्ट्र की टीम को क्वार्टर फाइनल में गुजरात से हार मिली थी। वह जून 2023 में द ओवल में हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर हैं, जो राष्ट्रीय टीम के लिए उनका आखिरी मैच था। हाल ही में, वेस्ट जोन के चयनकर्ताओं ने पुजारा को दलीप ट्रॉफी से बाहर रखा था, क्योंकि उनका कहना था कि वे युवाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने वेस्ट जोन के सिलेक्टर्स ने क्रिकबज के एक प्रश्न का उत्तर नहीं दिया, लेकिन एससीए के एक अधिकारी ने कहा कि सौराष्ट्र को उनके अनुभव से लाभ मिलने की उम्मीद है। रणजी ट्रॉफी 15 अक्टूबर से शुरू हो रही है, जिसमें सौराष्ट्र का पहला मैच कर्नाटक से होगा।  

टीम इंडिया की घोषणा के साथ बदल गई अगरकर की भूमिका, क्या हिलेगी किसी की कुर्सी?

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यनी बीसीसीआई ने टीम इंडिया के हेड कोच अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव किया है। यह बदलाव एशिया कप 2025 के स्क्वॉड के ऐलान के कुछ दिन बाद ही हुआ। बीसीसीआईॉ ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक बढ़ा दिया है। जून 2023 में शुरू हुए उनके कार्यकाल में, भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। उनके रहते हैं भारतीय टेस्ट टीम में प्रभावशाली बदलाव देखने को मिले साथ ही टीम 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। इन सभी उपलब्धियों को देखते हुए अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया गया है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल 2025 से पहले ही अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने की बात हो गई थी, जिसे हेड कोच ने एक्सेप्ट कर लिया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, "उनके (अजीत अगरकर) कार्यकाल में भारतीय टीम ने खिताब जीते और टेस्ट और टी20 में भी बदलाव देखा। बीसीसीआई ने उनका अनुबंध जून 2026 तक बढ़ा दिया था और उन्होंने कुछ महीने पहले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था।" अजीत अगरकर के रहते ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 और टेस्ट से रिटायरमेंट लिया और इन दोनों फॉर्मेट में भारत को नया कप्तान मिला। टेस्ट में शुभमन गिल को तो टी20 में सूर्यकुमार यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोहित-विराट वनडे में एक्टिव है, मगर आगामी समय में यहां भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। एस शरत को हटाया जा सकता है मौजूदा समय में चयन समिति में अगरकर के अलावा एसएस दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरत शामिल हैं। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद सीनियर चयन समिति में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। शरत, जो सितंबर 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष थे और जनवरी 2023 में सीनियर चयन समिति में प्रमोट कर दिया गया था। उन्हें अब चार साल पूरे होने को है। पता चला है कि बोर्ड उनकी जगह किसी नए चेहरे को नियुक्त कर सकता है। बीसीसीआई आगे चलकर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करेगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड दास और बनर्जी को बरकरार रखेगा या नहीं। बोर्ड कथित तौर पर मौजूदा चयन समिति से संतुष्ट है और पैनल में केवल एक संभावित बदलाव किया जा सकता है।

चिन्नास्वामी में क्रिकेट की वापसी जरूरी, वेंकटेश प्रसाद ने भगदड़ पर जताई चिंता

बेंगलुरु चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट की वापसी एक भव्य समारोह का मुख्य विषय रहा जहां पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने बुधवार को अपने पैनल का घोषणापत्र जारी करके आगामी कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) चुनावों में भाग लेने की दिशा में पहला ठोस कदम उठाया। चार जून को यहां हुई भगदड़ में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के 11 प्रशंसकों की जान चली गई थी जिसके बाद इस प्रतिष्ठित स्टेडियम में कोई मैच नहीं हुआ है। अब यहां अगले महीने होने वाले आईसीसी महिला विश्व कप के मुकाबलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। घोषणापत्र जारी करने के बाद प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘सच कहूं तो यह (भगदड़) कुछ ऐसा है जो नहीं होना चाहिए था। हमें (राज्य) सरकार के साथ संपर्क में बहुत सक्रिय होना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में जल्द से जल्द मैच खेले जाएं।’’ प्रसाद ने संकेत दिया कि उनके उम्मीदवारों के पैनल में 16 सदस्य होंगे। हालांकि उन्होंने इस समय उनके नाम बताने से परहेज किया। केएससीए के चुनाव अक्टूबर या नवंबर में हो सकते हैं क्योंकि रघुराम भट के नेतृत्व वाले मौजूदा पदाधिकारी 30 सितंबर को अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लेंगे। प्रसाद ने कहा, ‘‘जहां तक स्टेडियम की बात है तो हमें इसकी खोई हुई गरिमा वापस लाने की जरूरत है। हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को वापस लाना चाहते हैं। हमने देखा है कि हर अंतरराष्ट्रीय मैच बेंगलुरु से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत ही प्रतिष्ठित स्थल है – चिन्नास्वामी स्टेडियम जो पिछले 50 वर्षों से खड़ा है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है जहां अंतरराष्ट्रीय मैच बाहर स्थानांतरित किए गए हों। यह अच्छी बात नहीं है।’’  

भारतीय बैटर पर पाक क्रिकेटर की टिप्पणी, कहा– अय्यर पाकिस्तान में होते तो होता बड़ा फर्क

नई दिल्ली  पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक बड़ा बयान उन भारतीय खिलाड़ियों को लेकर दिया है, जिन्हें टी20 एशिया कप 2025 के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। इनमें श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है। बासित अली ने श्रेयस अय्यर को लेकर निराशा जाहिर की और कहा कि उनको बाहर किया जाना न्यायपूर्ण नहीं है। उनका कहना है कि अगर ये खिलाड़ी पाकिस्तान में होते तो ए कैटेगरी के प्लेयर होते। आईपीएल 2025 में 604 रन 50 से ज्यादा के औसत और 175 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बनाने वाले श्रेयस अय्यर बाहर हैं। पंजाब किंग्स को इस सीजन फाइनल तक का सफर तय कराने वाले कप्तान का नाम रिजर्व प्लेयर्स के पूल में भी शामिल नहीं है। यहां तक कि यशस्वी जायसवाल टी20 वर्ल्ड कप 2024 टीम का हिस्सा थे, लेकिन अब वे एशिया कप की टीम में नहीं हैं। उनको रिजर्व ओपनर के तौर पर रखा है। गेम टाइम शो में कामरान अकमल के साथ बात करते हुए बासिल अली ने कहा, “श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी अगर पाकिस्तान में होते ना ये लोग ए कैटेगरी में होते।” बासित अली ने आगे कहा, "श्रेयस अय्यर के साथ ज्यादती हो गई है। उनको टीम में होना चाहिए था।" बासित अली ने यह भी बताया कि कौन सी टीम भारत को कड़ी टक्कर दे सकती है? हैरान करने वाली बात ये है कि बासित अली ने अपने देश पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है। बासित अली ने कहा, "उनके पास बहुत ही विस्फोटक टीम है और मुझे लगता है कि केवल श्रीलंका ही उनसे मुकाबला कर सकता है।" बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया, जिसमें कोई भी खिलाड़ी ए कैटेगरी में शामिल नहीं है। उन्होंने एक तरह से पाकिस्तान पर तंज भी कसा है।