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ब्रेकअप की राह पर हार्दिक पांड्या, रुमर्ड गर्लफ्रेंड से फिर दूरियां बढ़ीं

मुंबई   एक्स-वाइफ नताशा स्टेनकोविक से तलाक के बाद हार्दिक पांड्या का नाम जैस्मिन वालिया से जुड़ रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान जैस्मिन वालिया को स्टेडियम में मैच देखते देखा गया था जिसके बाद से लगातार मॉडल का नाम भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या के साथ जुड़ रहा था. जैस्मिन को हार्दिक के टीम के मैच में अक्सर देखा जाता था और उन्हें मुंबई इंडियन के टीम बस में भी स्पॉट किया गया था. कई महीनों से कपल की डेटिंग की चर्चा हो रही थी, लेकिन अब रूमर्ड कपल ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया है जिसके बाद से कपल के ब्रेकअप के कयास लग रहे हैं. हार्दिक पांड्या और जैस्मिन वालिया ने एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया है जिसके बाद से चर्चा हो रही है कि शायद दोनों का ब्रेकअप हो गया है. एक फैन ने रेडिट पर कमेंट कर इस बात की ओर लोगों का ध्यान खींचा कि दोनों ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है. रेडिट यूजर ने लिखा, ‘हार्दिक पांड्या और जैस्मिन वालिया ने एक-दूसरे को अनफॉलो किया? मैंने हाल ही में देखा कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया है. क्या चल रहा है?’. हार्दिक और जैस्मिन ने एक-दूसरे को किया अनफॉलो हार्दिक पांड्या और जैस्मिन वालिया ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलों कर दिया है, लेकिन दोनों ने अपनी डेटिंग की खबरों पर कोई कमेंट नहीं किया था और अब ब्रेकअप की चर्चा पर भी कोई रिएक्शन नहीं दिया है. बता दें, हार्दिक और जैस्मिन की डेटिंग की चर्चा तब तेज हुई जब दोनों की ग्रीस वेकेशन की फोटोज सोशल मीडिया पर लीक हो गई थीं. कौन हैं जैस्मिन वालिया? जैस्मिन वालिया ब्रिटिश सिंगर और मॉडल हैं. उनका जन्म इंग्लैंड में रहने वाले भारतीय मूल के माता-पिता के घर हुआ था. उन्होंने ब्रिटिश रियलिटी टीवी सीरीज, द ओनली वे इज एसेक्स (TOWIE) में हिस्सा लिया था. इस शो में हिस्सा लेने के बाद जैस्मिन को लोकप्रियता मिली थी. उन्होंने 2010 में शो में एक्स्ट्रा के रूप में शुरुआत की थी लेकिन जल्द ही अपनी पहचान बनाई और 2012 तक वो शो का पूरी तरह से हिस्सा बन गईं. इस लोकप्रिय रियलिटी शो में उनकी उपस्थिति ने उन्हें एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी पहचान स्थापित करने में मदद की और उन्हें संगीत में अन्य रचनात्मक रास्ते तलाशने में मदद की.

टीम वर्क का कमाल! इन 11 खिलाड़ियों ने इटली को दिलाई T20 वर्ल्ड कप जगह

नई दिल्ली इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले साल होने वाले मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर ली थी. इटली की टीम ने पहली पार किसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया, ऐसे में ये उसके लिए ऐतिहासिक पल रहा. इटली ने टी20 वर्ल्ड कप यूरोप क्वालिफायर 2025 में दूसरा स्थान हासिल करके ये उपलब्धि हासिल की. अब इतालवी खिलाड़ी भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना जलवा बिखेरेंगे. इटली में फुटबॉल काफी लोकप्रिय है, हालांकि पिछले दो FIFA वर्ल्ड कप के लिए इटली की फुटबॉल टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई. वहीं 2026 के वर्ल्ड कप में भी इटली की फुटबॉल टीम का भाग लेना तय नहीं है. फुटबॉल टीम क्वालिफाई करे या ना करे. लेकिन क्रिकेट टीम ने जरूर टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया है. इटली की टीम में किस देश के कितने प्लेयर? इटली को टी20 वर्ल्ड कप टिकट दिलाने में बाहरी खिलाड़ियों का अहम रोल रहा है. नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में जिन 11 खिलाड़ियों ने भाग लिया, उसमें से 5 का ताल्लुक ऑस्ट्रेलिया से था. वहीं दो खिलाड़ी एशियाई मूल थे. जबकि दो खिलाड़ियों का संबंध ब्रिटेन से भी है. जबकि 2 प्लेयर इतालवी मूल के थे. 1. थॉमस ड्रेका: सिडनी में जन्मे थॉमस ड्रेका ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मेगा ऑक्शन के लिए अपना नाम रजिस्टर कराया था, जिसके चलते वो सुर्खियों में आए थे. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज डेनिस लिली इस खिलाड़ी के 'अंकल' माने जाते हैं. ड्रेका की मां इतालवी मूल की हैं और उनका ताल्लुक नेपल्स के पास के एक गांव से है. इसी कारण ड्रेका को इटली के लिए खेलने का मौका मिला. 2. जो बर्न्स: इस खिलाड़ी के नाम से तो फैन्स अच्छी तरह वाकिफ होंगे. बर्न्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 23 टेस्ट और 6 वनडे मुकाबले खेले. साल 2024 में अपने बड़े भाई डोमिनिक के निधन के बाद उन्होंने इटली के लिए खेलने का निर्णय लिया. बर्न्स के नाना-नानी कैलाब्रिया से थे, जिसके चलते उन्हें इटली के लिए खेल पाने में आसानी हुई. 3. हैरी जॉन मैनेंटी: बिग बैश लीग (BBL) में हैरी मैनेंटी एडिलेड स्ट्राइकर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं. हैरी इटली के ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने किसी टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 5 विकेट झटके. ऑस्ट्रेलिया में जन्मे हैरी की क्रिकेट जर्नी ग्रासरूट लेवल से शुरू हुई थी. ऑलराउंड प्रदर्शन के चलते हैरी टी20 वर्ल्ड कप यूरोप क्वालिफायर में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे. 4. बेन मैनेंटी: हैरी मैनेंटी के बड़े भाई बेन भी इटली के लिए खेलते हैं. ऑफ स्पिन गेंदबाज बेन ऑस्ट्रेलिया में सिडनी सिक्सर्स और तस्मानिया के लिए खेल चुके हैं. हैरी और बेन की दादी इतालवी मूल की थी. इसी चलते दोनों भाइयों को इटली के लिए खेलने का अवसर मिल गया. 5. ग्रांट स्टीवर्ट: ऑस्ट्रेलिया में जन्मे ग्रांट स्टीवर्ट की मां इटालियन हैं, जिसके कारण वो इटली की टीम में शामिल हुए. स्टीवर्ट ने साल 2017 में केंट के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. स्टीवर्ट फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 2000 से ज्यादा रन बना चुके हैं, साथ ही उन्होंने 100 से ज्यादा विकेट भी चटकाए हैं. 6. एमिलियो गे: 25 साल के एमिलियो का जन्म इंग्लैंड के ब्रेडफोर्ड में हुआ था. बाएं हाथ के बल्लेबाज एमिलियो की मां इतालवी हैं, जिसके चलते उन्हें इटली के लिए खेलने में आसानी हुई है. एमिलियो ने हाल ही में इंग्लैंड लॉयन्स की ओर से भारत-ए के खिलाफ दो फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले थे. उसके कुछ दिनों बाद ही उनकी इतालवी टीम में एंट्री हुई. 7. मार्कस कैंपोपियानो: विकेटकीपर बल्लेबाज मार्कस कैंपोपियानो का जन्म टावर हैमलेट्स (इंग्लैंड) में हुआ था. 30 साल के मार्कस ने इटली के लिए 22 टी20 इंटरनेशनल और 19 लिस्ट-ए मुकाबलों में भाग लिया है. 8. जस्टिन मोस्का: जस्टिन मोस्का का जन्म इटली में हुआ था. जस्टिन को कम उम्र में ही क्रिकेट का शौक हो गया था, जिसके चलते उन्होंने इस खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया. बाएं हाथ के बल्लेबाज जस्टिन ने इटली के लिए 17 टी20 इंटरनेशनल और 9 लिस्ट-ए मुकाबले खेले हैं.   9. एंथोनी जोसेफ मोस्का: दाएं हाथ के बल्लेबाज एंथोनी मोस्का का जन्म अगस्त 1991 में हुआ था. एंथोनी ने इटली टीम के लिए खेलने से पहले यहां काफी क्लब क्रिकेट खेला. एंथोनी मोस्का ने अब तक इटली के 15 टी20 इंटरनेशनल और 19 लिस्ट-ए मैचों में भाग लिया है. 10. जसप्रीत सिंह: पंजाब के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह मध्यम गति के तेज गेंदबाज हैं. 32 साल के जसप्रीत ने अब तक इटली के लिए 24 टी20 इंटरनेशनल और 21 लिस्ट A मैच खेले हैं. 11. क्रिशन कालूगामागे: श्रीलंकाई मूल के क्रिशन कालूगामागे दाएं हाथ के ऑफ ब्रेक गेंदबाज हैं. 34 वर्षीय कालूगामागे ने इटली के लिए 15 टी20 इंटरनेशनल और 13 लिस्ट-ए मुकाबलों में शिरकत किया है.  

‘तुम मेरी ज़िंदगी हो’—डायरेक्टर ने किया स्मृति मंधाना से इश्क का इज़हार

मुंबई  स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ. इसके अलावा उनका क्रिकेट से पूराना नाता है. साल 2014 में इंग्लैंड में अपने इंटरनेशनल करियर की शुरूआत करने वाली स्मृति आज भारतीय टीम की एक स्टार प्लेयर हैं. उन्होंने भारत के लिए अभी तक कुल 7 टेस्ट मैच, 103 वनडे और 153 टी20I खेले हैं. जिसमें टेस्ट में 629 रन, वनडे में 4501 रन 46.40 के औसत से बनाए हैं. वहीं टी20I में 123.97 के स्ट्राइक रेट से 3982 रन बनाए हैं.  Smriti Mandhana: स्मृति के अनसुने किस्से स्मृति मंधाना एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ क्रिकेट का गहरा जुड़ाव रहा है. उनके पिता और भाई सांगली जिले के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं, और उनका भाई महाराष्ट्र की अंडर-16 टीम का भी हिस्सा रह चुका है. क्रिकेट का यह माहौल बचपन से ही स्मृति के आसपास था, और इसी प्रेरणा से उन्होंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया. सिर्फ 9 साल की उम्र में उनका चयन महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में हुआ और 11 साल की उम्र में वह राज्य की अंडर-19 टीम का हिस्सा बन गईं. 2013 में स्मृति ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. उन्होंने वेस्ट जोन अंडर-19 टूर्नामेंट में गुजरात के खिलाफ 150 गेंदों पर 224 रनों की जबरदस्त पारी खेली और वनडे में दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं. क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण इतना गहरा था कि उन्होंने 2014 के वर्ल्ड टी20 के लिए अपनी 12वीं की परीक्षा छोड़ दी और इंग्लैंड दौरे के चलते कॉलेज में दाखिला भी नहीं लिया. मैदान पर भले ही स्मृति गंभीर नज़र आती हों, लेकिन निजी जीवन में वह काफी मस्तमौला हैं. उन्हें मजाक करना, अरिजीत सिंह के गाने सुनना, किताबें पढ़ना और अच्छा खाना बहुत पसंद है. उनके बड़े भाई को राहुल द्रविड़ ने जो बैट गिफ्ट किया था, उसे स्मृति आज भी अपने किट बैग में सहेजकर रखती हैं, हालाँकि वह उससे खेलती नहीं हैं. शुरुआती दिनों में वह मैथ्यू हेडन की तरह बैटिंग करना चाहती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा को अपना आदर्श बना लिया क्योंकि उन्हें उनकी टाइमिंग बहुत पसंद आई. उनकी शानदार बैटिंग देखकर ऑस्ट्रेलिया के हेडन ने भी उनकी प्रशंसा की थी. सितंबर 2016 में स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर को वीमेन बिग बैश लीग में खेलने का मौका मिला, जिससे वे इस लीग में खेलने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर्स बन गईं. उनके क्रिकेट करियर में उनके परिवार का बड़ा योगदान है. पिता उनका शेड्यूल तय करते हैं, माँ उनका खानपान संभालती हैं और भाई उनकी प्रैक्टिस में मदद करता है. उनकी काबिलियत और मेहनत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2016 में उन्हें आईसीसी की महिला टीम ऑफ द ईयर में जगह दी गई, और वह उस वर्ष इस टीम में शामिल होने वाली अकेली भारतीय खिलाड़ी थीं. स्मृति मंधाना आज भारतीय महिला क्रिकेट का एक चमकता सितारा हैं और लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी. पलाश के साथ क्या है स्मृति का रिश्ता बात अगर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य समृति मंधाना की हो और उसमें जिक्र उनके बॉयफ्रेंड पलाश का न हो ये संभव ही नहीं है. बता दे कि स्मृति के  बॉयफ्रेंड पलाश मुच्छल एक संगीतकार और फिल्म निर्देशक हैं. दोनों ही साल 2019 से इस रिश्ते में बने बंधे हुए हैं. इसके अलावा पलाश, गायिका पलक मुच्छल के भाई हैं. दोनों अक्सर एक-दूसरे के साथ कार्यक्रमों और समारोहों में साथ दिखाई देते हैं. 

जो रूट का धमाल जारी, मैनचेस्टर में टूटेंगे बड़े रिकॉर्ड – पोंटिंग-द्रविड़ से आगे निकलने का मौका

मैनचेस्टर  इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट कुछ दिग्गजों को पछाड़ने की कोशिश करेंगे क्योंकि सचिन तेंदुलकर के सर्वकालिक टेस्ट रिकॉर्ड की राह थोड़ी आसान हो गई है। मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के दौरान रूट को ऑस्ट्रेलियाई महान रिकी पोंटिंग को पछाड़ने और तेंदुलकर के बाद सफेद टेस्ट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए 120 रन और चाहिए।  इंग्लैंड के पक्ष में 2-1 से सीरीज होने और लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में शतक लगाकर पहले दो टेस्ट में मिले-जुले प्रदर्शन की भरपाई करने के साथ यह अनुभवी खिलाड़ी इंग्लैंड के लिए सर्वश्रेष्ठ रन-मशीन बने रहने का लक्ष्य रखेगा। अब तक तीन टेस्ट मैचों में रूट ने 50.60 की औसत से 253 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। वह अब तक आठवें सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं जो इस दशक में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए थोड़ा निराशाजनक है। रूट का मैनचेस्टर में शानदार रिकॉर्ड है, जहां उन्होंने 11 टेस्ट मैचों की 19 पारियों में 65.20 की औसत से 978 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 है। यह स्टाइलिश बल्लेबाज वर्तमान में टेस्ट मैचों में पांचवें सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने 156 टेस्ट मैचों की 285 पारियों में 50.80 की औसत से 13,259 रन बनाए हैं, जिसमें 37 शतक और 66 अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 262 है।  सिर्फ 30 रन और बनाकर रूट चौथे स्थान पर पहुंच जाएंगे और भारत के महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (164 टेस्ट मैचों में 13,288 रन) को पीछे छोड़ देंगे जबकि 120 रन और बनाकर वह दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस (166 टेस्ट मैचों में 13,289 रन) और ऑस्ट्रेलिया के पोंटिंग (168 मैचों में 13,378 रन) को पछाड़कर अब तक के दूसरे सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। तेंदुलकर टेस्ट मैचों में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं जिन्होंने 200 टेस्ट मैचों की 329 पारियों में 53.78 की औसत से 15,921 रन बनाए हैं जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 248* है। इंग्लैंड सीरीज के लिए भारत की टेस्ट टीम :  शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाशदीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव।  भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट के लिए इंग्लैंड टीम :  बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्स, जैक क्रॉली, लियाम डॉसन, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स।   

भारतीय टीम को मिला नया हथियार: कुलदीप यादव चयनित, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने की भविष्यवाणी

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में मिली हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को एक बड़ी सलाह मिली है। 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने बताया है कि इस अहम मैच में किस खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में जरूर शामिल किया जाना चाहिए। इस समय भारत के लिए करो या मरो की स्थिति है, क्योंकि एक और मैच हारने पर टीम सीरीज गंवा देगी। अगर भारतीय टीम चौथा मैच जीत जाती है तो सीरीज में जीवित रहेगी, अगर मैच हारी तो सीरीज भी हार जाएगी।   तीसरे मैच में मिडिल ऑर्डर ने थोड़ा सा साथ बल्लेबाजी में जरूर दिया, लेकिन फिर भी टीम 22 रन से मैच हारी। इस विषय पर बात करते हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने टीम इंडिया को सुझाव दिया कि आगामी मैच में स्पेशलिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव को खिलाना चाहिए। कुलदीप ने अभी तक इस सीरीज में कोई भी मैच नहीं खेला है, लेकिन यह उनके लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अच्छा मौका है। भारतीय टीम के लिए सीरीज भी दांव पर है। ऐसे में एक स्पेशलिस्ट स्पिनर पर दांव लगाया जा सकता है। बियोंड23 पॉडकास्ट में माइकल क्लार्क ने कहा, "भारत अपना सिर ऊंचा रख सकता है, खासकर जडेजा, लेकिन फिर से, देखिए, मैंने यह बात खुलकर कही है। मैं अब भी कुलदीप यादव को उस प्लेइंग इलेवन में देखना चाहूंगा। उन्हें शामिल करें, लेकिन अब मुझे नहीं पता कि कैसे? वाशिंगटन सुंदर ने शानदार गेंदबाजी की, कुछ उपयोगी रन बनाए। जडेजा की बल्लेबाजी अद्भुत रही है। उन्होंने कई मौकों पर भारत को बचाया है, कई मौकों पर भारत को मैच जिताए हैं। मुझे लगता है कि अगर कोई दूसरा छोर संभाले रहता और आउट नहीं होता, तो वह टीम को जीत दिला सकते थे। मुझे उनके लिए दुख हुआ और मुझे भारत के लिए भी दुख हुआ। ऐसे मैचों में तो आपको दुख होगा ही।"  

कंधे की सर्जरी के बाद छह हफ्ते तक मैदान से दूर रहेंगे जूड बेलिंगहैम

नई दिल्ली रियल मैड्रिड के मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम को आखिरकार अपने कंधे की लगातार बढ़ती समस्या के चलते सर्जरी करानी पड़ी है। क्लब ने पुष्टि की है कि सर्जरी सफल रही है और अब बेलिंगहैम करीब छह हफ्तों तक मैदान से दूर रहेंगे। इसका असर उनकी उपलब्धता पर साफ नजर आएगा, क्योंकि वह ला लीगा के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे और चैंपियंस लीग के कुछ मुकाबले भी मिस कर सकते हैं। बेलिंगहैम को नवंबर 2023 में पहली बार कंधे में चोट लगी थी, जब एक मैच के दौरान उनका कंधा खिसक गया था। इसके बाद से ही वह सपोर्ट ब्रेस पहनकर खेलते आ रहे थे। उन्होंने क्लब वर्ल्ड कप तक सर्जरी टाल दी ताकि टीम को उस प्रतियोगिता में अपनी सेवाएं दे सकें, लेकिन रियल मैड्रिड की टीम सेमीफाइनल में पेरिस सेंट-जर्मेन से हारकर बाहर हो गई। क्लब की मेडिकल टीम की देखरेख में डॉक्टर मैनुएल लेयेस और एंड्रयू वालेस ने बेलिंगहैम की सर्जरी की। क्लब ने बताया कि यह ऑपरेशन बार-बार कंधा खिसकने की समस्या को दूर करने के लिए किया गया है और अब बेलिंगहैम रिकवरी की प्रक्रिया से गुजरेंगे। वे जब पूरी तरह फिट होंगे, तभी फिर से ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे। इस सर्जरी के कारण बेलिंगहैम सिर्फ स्पेनिश लीग ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए होने वाले सितंबर के वर्ल्ड कप क्वालिफायर भी नहीं खेल पाएंगे, जिसमें इंग्लैंड को सर्बिया और अंडोरा से भिड़ना है। इसके अलावा वे 29 सितंबर को एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ होने वाले बड़े मुकाबले से भी बाहर हो सकते हैं। रियल मैड्रिड के लिए बेलिंगहैम एक बेहद अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने बोरुसिया डॉर्टमंड से क्लब में आने के बाद अब तक कुल 100 मुकाबले खेले हैं और इनमें 38 गोल करने के साथ 27 असिस्ट भी दिए हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें टीम का भविष्य माना जा रहा है। हालांकि क्लब को उम्मीद है कि वह अक्टूबर के अंत में बार्सिलोना के खिलाफ होने वाले सीजन के पहले ‘एल क्लासिको’ तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे और मैदान पर लौटेंगे। उनकी वापसी टीम की रणनीति के लिए अहम मानी जा रही है।  

अमेरिकी ओपन 2025 में कई दिग्गज खिलाड़ी उतरेंगे मैदान में

न्यूयार्क अमेरिकी ओपन 2025 के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इस प्रतिष्ठित ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में कई नामी सितारे अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं। गत चैंपियन यानिक सिनर और दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी एरीना सबालेंका उन 10 पूर्व विजेताओं में शामिल हैं जो इस बार भी खिताब के लिए जोर लगाएंगे। अमेरिकी टेनिस एसोसिएशन ने 24 अगस्त से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के लिए आधिकारिक प्रवेश सूची जारी की है जिसमें कुल 18 पूर्व ग्रैंडस्लैम एकल चैंपियन खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। इस सूची में खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश 14 जुलाई तक की विश्व रैंकिंग के आधार पर दिया गया है। पुरुष खिलाड़ियों के लिए कटऑफ 101वीं रैंकिंग रही जबकि महिला वर्ग में यह सीमा 99वीं रैंकिंग पर थी। इसका मतलब है कि इस साल भी कोर्ट पर दुनिया के कई बड़े सितारे और अनुभवी नाम एक बार फिर अपनी दावेदारी पेश करेंगे और दर्शकों को कड़ी टक्कर वाले मुकाबले देखने को मिलेंगे। विश्व के नंबर वन पुरुष खिलाड़ी यानिक सिनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने हाल ही में विंबलडन फाइनल में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को हराकर अपना चौथा ग्रैंडस्लैम खिताब जीता और अब वह अमेरिकी ओपन में भी उसी लय को बरकरार रखना चाहेंगे। दूसरी ओर, महिला वर्ग की नंबर एक खिलाड़ी एरीना सबालेंका विंबलडन में सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, हालांकि वहां उन्हें अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। अनिसिमोवा इस समय विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं और अमेरिकी ओपन में शीर्ष आठ खिलाड़ियों में शामिल चार अमेरिकी महिला खिलाड़ियों में से एक हैं, जो घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। अमेरिका की तरफ से इस बार सबसे ज्यादा 30 खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में सीधा प्रवेश मिला है, जिनमें 16 महिला और 14 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। इससे साफ है कि घरेलू दर्शकों को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का शानदार खेल देखने का भरपूर मौका मिलेगा और टूर्नामेंट में जबरदस्त रोमांच की उम्मीद की जा रही है।  

विश्व रिकॉर्डधारी चेपनगेटिच डोपिंग के आरोप में निलंबित

मोनाको विश्व रिकॉर्ड धारी महिला मैराथन एथलीट रूथ चेपनगेटिच मुश्किल में घिरती नजर आ रही हैं। चेपनगेटिच डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाई गई हैं जिसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। ट्रैक एंड फील्ड की एथलेटिक्स नैतिक इकाई (एआईयू) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जांचकर्ताओं ने बताया कि चेपनगेटिच का मार्च में प्रतिबंधित मूत्रवर्धक और मास्किंग एजेंट की जांच पॉजिटिव आई है और एआईयू की जांच जारी रहने तक उन्होंने स्वैच्छिक अस्थायी निलंबन का विकल्प चुना। केन्या की इस धावक ने पिछले साल अक्तूबर में शिकागो मैराथन में दो घंटे, नौ मिनट, 56 सेकेंड में लगभग दो मिनट के अंतर से विश्व रिकॉर्ड बनाया था। एआईयू ने अनुशासनात्मक मामले के लिए कोई समय नहीं दिया है।   

विश्व रिकॉर्डधारी चेपनगेटिच डोपिंग के आरोप में निलंबित

मोनाको विश्व रिकॉर्ड धारी महिला मैराथन एथलीट रूथ चेपनगेटिच मुश्किल में घिरती नजर आ रही हैं। चेपनगेटिच डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाई गई हैं जिसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। ट्रैक एंड फील्ड की एथलेटिक्स नैतिक इकाई (एआईयू) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जांचकर्ताओं ने बताया कि चेपनगेटिच का मार्च में प्रतिबंधित मूत्रवर्धक और मास्किंग एजेंट की जांच पॉजिटिव आई है और एआईयू की जांच जारी रहने तक उन्होंने स्वैच्छिक अस्थायी निलंबन का विकल्प चुना। केन्या की इस धावक ने पिछले साल अक्तूबर में शिकागो मैराथन में दो घंटे, नौ मिनट, 56 सेकेंड में लगभग दो मिनट के अंतर से विश्व रिकॉर्ड बनाया था। एआईयू ने अनुशासनात्मक मामले के लिए कोई समय नहीं दिया है।   

सुजीत कलकल ने पॉलीक इमरे-वर्गा जानोस कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को दिलाया गोल्ड

बुडापेस्ट (हंगरी) भारतीय पहलवान सुजीत कल्कल ने हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित पोल्याक इमरे एंड वर्गा जानोस मेमोरियल 2025 कुश्ती टूर्नामेंट में पुरुषों की 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में सुजीत ने अजरबैजान के चार बार के यूरोपीय पदक विजेता अली रहीमजादे को 5-1 से मात दी। यह जीत इस साल किसी भी रैंकिंग सीरीज़ इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत के पहलवान जॉर्डन के अम्मान और मंगोलिया में हुए टूर्नामेंट में पदक नहीं जीत सके थे। फाइनल मुकाबला पहले पीरियड में सुजीत ने एक एक्टिविटी पॉइंट गंवाया, लेकिन दूसरे पीरियड में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार दो टेकडाउन किए। इसके बाद एक और एक्टिविटी पॉइंट हासिल कर उन्होंने 5-1 से शानदार जीत दर्ज की। फाइनल तक का सफर सुजीत का फाइनल तक का सफर बेहद दमदार रहा। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पेरिस 2024 ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता इस्लाम डुडाएव (अल्बानिया) को 11-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूरोपीय रजत पदक विजेता खमज़ात अर्सामर्ज़ोएव (फ्रांस) को पछाड़ा, जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने आर्मेनिया के वाज़गेन तेवान्यान को 6-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 57 किग्रा में भारत को कांस्य पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत के राहुल ने जर्मनी के निक्लास स्टेचले को 4-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कोरिया गणराज्य के किम सुंग-ग्वोन को 5-3 से हराया था। हालांकि सेमीफाइनल में वह अमेरिका के ल्यूक जोसेफ लिलेडल से कड़े मुकाबले में 7-6 से हार गए। अन्य भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन भारत के उदित (61 किग्रा) और विकी (97 किग्रा) को रिपेचेज राउंड में हार का सामना करना पड़ा।यह टूर्नामेंट साल का चौथा और अंतिम रैंकिंग सीरीज़ इवेंट है। यहां मिलने वाले रैंकिंग पॉइंट्स सितंबर में क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए सीडिंग में मदद करेंगे। भारत ने बुडापेस्ट में चल रहे इस टूर्नामेंट में पुरुषों और महिलाओं की फ्रीस्टाइल तथा ग्रीको-रोमन स्पर्धाओं में पहलवान उतारे हैं। प्रतियोगिता का समापन रविवार को होगा।