samacharsecretary.com

प्लेयर्स ऑक्शन का बिग डे: 12 मार्च को तय होगा 63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों का भविष्य

नई दिल्ली इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड की नीलामी के लिए पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवाया है। इसमें टी20 के कप्तान सलमान अली आगा के साथ ही शाहीन अफरीदी, सैम अयूब और उस्मान तारिक जैसे नाम शामिल हैं। लीग के ऑक्शन में 710 खिलाड़ी शामिल होंगे। भारत को छोड़कर अन्य सभी देशों के खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए अपना नाम दिया है। पाकिस्तानी खिलाड़ी को इग्नोर करेंगी 6 फ्रेंचाइजी द हंड्रेड की 8 में से 6 फ्रेंचाइजी के मालिकों का कनेक्शन भारत से है। इसमें लंदन स्पिरिट, एमआई ओवल, मैनचेस्टर सुपरजायंट्स, सदर्न ब्रेव, सनराइजर्स लीड्स और वेल्श फायर शामिल हैं। इंग्लिश मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत से कनेक्शन वाले फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगे। बीबीसी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है- अगले महीने होने वाली हंड्रेड नीलामी के लिए भारत से मालिक पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लेने पर विचार नहीं कर रही है। शाहीन अफरीदी, सैम अयूब, सलमान आगा और उस्मान खान के साथ ही ऑक्शन में रजिस्टर करने वाले टॉप खिलाड़ियों में शादाब खान, हारिस रऊफ, मुहम्मद नवाज, नसीम शाह शामिल हैं। इनके बेस प्राइस 1,00,000 पाउंड स्टर्लिंग यानी करीब 1.22 करोड़ रुपये हैं। अबरार अहमद, मुहम्मद आमिर, जमान खान, उस्मान तारिक ने अपने बेस प्राइस 75 हजार पाउंट स्टर्लिंग रखी है। फहीम अशरफ, शाहिबजादा फरहान, उसामा मीर, इमाद वसीम, अब्बास अफरीदी, अफाक अफरीदी और आसिफ अफरीदी 50 हजार पाउंड स्टर्लिंग कैटेगरी में हैं। 12 मार्च को होगा ऑक्शन का आयोजन द हंड्रेड के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 12 मार्च को होनी है। पुरुष द हंड्रेड में एक फ्रेंचाइजी 16 से 18 खिलाड़ी रख सकती है। वहीं महिलाओं की टूर्नामेंट में 15 खिलाड़ी एक फ्रेंचाइजी रख सकती है। द हंड्रेड अपने तरह का एक फॉर्मेट है। इसमें एक टीम को 100 गेंद खेलने के लिए ही मिलती हैं। 2021 में इसकी शुरुआत हुई थी। पिछले सीजन पाकिस्तान के तीन ही खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।

SA Tour पर ऑस्ट्रेलिया का शेड्यूल तय, टेस्ट और वनडे सीरीज में होगी कड़ी टक्कर

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया तीन टेस्ट मैच और इतने ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए इस साल सितंबर अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा। पिछले साल जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के बाद दोनों टीम पहली बार टेस्ट मैच खेलेंगी। दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतकर 37 वर्षों में पहली बार कोई बड़ी ट्रॉफी जीती थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को बताया कि एकदिवसीय मैच 24 सितंबर को डरबन में, 27 सितंबर को जोहानिसबर्ग में और 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में खेले जाएंगे। इसके बाद 3-4 अक्टूबर को पोटचेफस्ट्रूम में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। पहला टेस्ट मैच नौ अक्टूबर को डरबन में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट मैच 18 अक्टूबर से गकेबरहा (पूर्व में पोर्ट एलिजाबेथ) में तथा तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 27 अक्टूबर से केपटाउन के न्यूलैंड्स में खेला जाएगा।  

एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: लवलीना-निकहत पर टिकी भारतीय दल की उम्मीदें

नई दिल्ली ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में होने वाली एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की 20 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगी। भारत ने एक महीने तक चली गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है। जनवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के बाद संभावित खिलाड़ियों को पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया था। चयन नीति के अनुसार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए चुना जाएगा। इससे इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का महत्व बढ़ गया है। स्पेन में हाल ही में बॉक्सम एलीट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीना (75 किग्रा) महिला टीम की अगुवाई करेंगी। स्पेन में स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य खिलाड़ियों प्रीति (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया (60 किग्रा) को भी टीम में शामिल किया गया है। मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मीन (57 किग्रा) भी टीम में शामिल हैं। महिला वर्ग में अन्य खिलाड़ियों में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता निकहत ज़रीन (51 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 किग्रा से अधिक) को टीम में जगह दी गई है। पुरुषों के वर्ग में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल और बॉक्सम चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता सचिन (60 किग्रा) टीम की अगुवाई करेंगे। उनके साथ आकाश (75 किग्रा) भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पेन में स्वर्ण पदक जीता था। स्पेन में रजत पदक जीतने वाले दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) तथा स्पेन में कांस्य पदक विजेता और विश्व मुक्केबाजी फाइनल के रजत पदक विजेता जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा) भी टीम का हिस्सा हैं। विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) टीम में शामिल अन्य खिलाड़ी हैं। भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप में हमेशा आपके कौशल और निरंतरता की अच्छी परीक्षा होती है। हमारा ध्यान ऐसे मुक्केबाजों के चयन पर रहा है जिन्होंने अच्छी फॉर्म, अनुशासन और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। हमें विश्वास है कि यह टीम एशिया चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेगी।’’ खिलाड़ियों का मूल्यांकन मुख्य कोच सैंटियागो नीवा (महिला) और सीए कुट्टप्पा (पुरुष) की देखरेख में किया गया। भारतीय टीम ने स्पेन में बॉक्सम एलीट में नौ स्वर्ण पदक जीते थे। एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम: पुरुष: विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), दीपक (70 किग्रा), आकाश (75 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा), नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक)। महिला: मिनाक्षी (48 किग्रा), निकहत ज़रीन (51 किग्रा), प्रीति (54 किग्रा), जैस्मिन (57 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 से अधिक किग्रा)।  

क्या खत्म होने वाला है नेमार का करियर? फीफा वर्ल्ड कप से पहले सामने आई सच्चाई

सैंटोस (ब्राज़ील) ब्राज़ील के स्टार फुटबॉलर Neymar ने संकेत दिया है कि वह 2026 के अंत में प्रोफेशनल फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि उनका पूरा फोकस इस साल होने वाले FIFA World Cup 2026 में ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व करने पर है। लगातार चोटों से जूझ रहे 34 वर्षीय नेमार फिलहाल फिटनेस हासिल करने की जद्दोजहद में हैं और एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सैंटोस में वापसी के बाद फिर से मिला आत्मविश्वास Santos FC के साथ अपने करियर की नई शुरुआत कर रहे नेमार ने दिसंबर 2025 में घुटने की सर्जरी करवाई थी। इससे पहले वह एसीएल (ACL) चोट के कारण पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे। FC Barcelona और Paris Saint-Germain के साथ सफल कार्यकाल के बाद नेमार ने अपने पुराने क्लब सैंटोस में वापसी की है। उनका कॉन्ट्रैक्ट कैलेंडर वर्ष के अंत तक बढ़ा दिया गया है। नेमार ने कहा, 'मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा। संभव है कि दिसंबर में मैं संन्यास लेने का फैसला करूं। मैं दिन-प्रतिदिन जी रहा हूं। यह साल मेरे लिए, सैंटोस के लिए और ब्राज़ीलियन नेशनल टीम के लिए बेहद अहम है।' फिटनेस पर पूरा ध्यान, आलोचनाओं का दिया जवाब नेमार ने बताया कि वह इस सीजन 100 प्रतिशत फिट होकर लौटना चाहते थे, इसलिए कुछ मैचों में आराम किया। उन्होंने कहा कि लोग बाहरी बातें करते हैं, लेकिन वह अपनी फिटनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं। 'मैं बिना दर्द और बिना डर के, पूरी तरह फिट होकर लौटना चाहता था। आखिरी मैच में मेरी वापसी अच्छी रही। मैं धीरे-धीरे अपनी लय में आ रहा हूं।' वर्ल्ड कप में वापसी बड़ी प्राथमिकता ब्राज़ील के लिए 128 मैचों में 79 गोल कर चुके नेमार अक्टूबर 2023 के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्राज़ील के कोच Carlo Ancelotti उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए हैं। ब्राज़ील को FIFA World Cup 2026 में ग्रुप C में रखा गया है। टीम 13 जून को Morocco national football team के खिलाफ MetLife Stadium में अपना अभियान शुरू करेगी। इसके बाद हैती और स्कॉटलैंड से मुकाबले होंगे। फिलहाल नेमार का पूरा ध्यान फिटनेस और प्रदर्शन पर है, जबकि उनके करियर का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।    

T20 वर्ल्ड कप में 5-0 से दबदबा, क्या सेमीफाइनल में बदलेगा इतिहास?

 कोलकाता T20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डन्स (Eden Gardens) में बुधवार (4 मार्च) को है, जहां साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे | मुकाबला सिर्फ फाइनल के टिकट का नहीं, बल्कि कीवी टीम के लिए इतिहास बदलने का भी है. वहीं दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में भारत और इंग्लैंड के बीच होना है |  साउथ अफ्रीकी टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है. वहीं न्यूजीलैंड ने सुपर 8 में नेट रन रेट के आधार पर पाकिस्तान को पछाड़कर सेमीफाइनल में जगह बनाई | कीवी टीम के कप्तान म‍िचेल सेंटनर के सामने बड़ी चुनौती है, और यह चुनौती है इत‍िहास बदलने की. क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में न्यूजीलैंड टीम  कभी भी साउथ अफ्रीका को नहीं हरा पाई है । यह हारों का सिलसिला इतना लंबा है कि न्यूजीलैंड के लिए यह सेमीफाइनल सिर्फ मैच नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक बदला लेने का मौका बन गया है. ब्लैक कैप्स के पास अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो इस बार चोक का टैग तोड़ने की कोशिश करेंगे. लेकिन साउथ अफ्रीका की टीम इस टूर्नामेंट में मजबूत फॉर्म में दिख रही है. वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड उन्हें फेवरेट बनाता है. प्रोटियाज इस एडिशन में एक भी मैच ना हारने वाली इकलौती टीम भी है। 2007 से 2026 तक, हर बार मिली जीत साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत साल 2007 में हुई थी. उस मैच में साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से बाजी मारी थी. इसके बाद दोनों टीमें 2009 टी20 वर्ल्ड कप में आमने-सामने आईं थीं, तब साउथ अफ्रीका सिर्फ 1 रन से जीता था. 2010 में भी कीवी टीम को 13 रनों से हार मिली थी. इसके बाद 2014 टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए मैच को भी साउथ अफ्रीका ने 2 रन से अपने नाम किया था. वहीं, 2026 टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में भी ये टीमें टकराई थीं. इस बार भी अफ्रीका ने 7 विकेट से मैच जीता. अब सेमीफाइनल में ये टीमें भिड़ने के लिए तैयार हैं। टी20 वर्ल्ड कप में 5 बार SA vs NZ का आमना-सामना 2007 से 2026 तक दोनों टीमों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पांच मुकाबले खेले गए हैं और हर बार जीत साउथ अफ्रीका को मिली है |      2007: साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से जीत दर्ज की.     2009: कीवी टीम 1 रन से हार गई.     2010: प्रोटियाज ने 13 रन से मुकाबला जीता.     2014: 2 रन से रोमांचक जीत साउथ अफ्रीका के नाम रही.     2026 (ग्रुप मैच, चेन्नई): 176 रन का लक्ष्य साउथ अफ्रीका ने 17.1 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया |  चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि मौजूदा टूर्नामेंट में भी साउथ अफ्रीका का आत्मविश्वास चरम पर है|  SA vs NZ ओवरऑल टी20I हेड टू हेड टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच कुल 19 मुकाबले हुए हैं. इनमें से 12 मैच साउथ अफ्रीका ने जीते हैं, जबकि 7 मुकाबले न्यूजीलैंड के खाते में गए हैं. आंकड़े बताते हैं कि अफ्रीकी टीम पलड़ा साफ तौर पर भारी रहा है|  एडेन मार्करम की कप्तानी में साउथ अफ्रीका पिछले टी20 वर्ल्ड कप से ही शानदार प्रदर्शन कर रहा है. 2024 में टीम फाइनल तक पहुंची थी और इस बार फिर से खिताब से सिर्फ एक जीत दूर है.वहीं मिचेल सेंटनर की अगुवाई में न्यूजीलैंड को फाइनल में जगह बनाने के लिए 19 साल का सिलसिला तोड़ना होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि ईडन गार्डन्स की पिच पर आंकड़े हावी रहते हैं या कीवी टीम नया इतिहास रचती है | यह सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार मैच शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और डीडी स्पोर्ट्स पर किया जाएगा, जबकि जियोहॉटस्टार पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होगी। सेमीफाइनल-1: साउथ अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड (4 मार्च, कोलकाता) ऑन-फील्ड अंपायर: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ थर्ड अंपायर: नितिन मेनन फोर्थ अंपायर: रॉड टकर मैच रेफरी: जवागल श्रीनाथ मुंबई में होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा, जिसे लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। इस मैच में न्यूजीलैंड के क्रिस गैफनी और साउथ अफ्रीका के अल्लाउद्दीन पलेकर फील्ड अंपायर होंगे। क्रिस गैफनी इससे पहले भी बड़े ICC मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। पलेकर ने भी मौजूदा टूर्नामेंट में इंग्लैंड और भारत के मैचों में जिम्मेदारी निभाई है। एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी की भूमिका में होंगे। सेमीफाइनल-2: भारत बनाम इंग्लैंड (5 मार्च, मुंबई)     ऑन-फील्ड अंपायर: क्रिस गैफनी और अल्लाउद्दीन पलेकर     थर्ड अंपायर: एड्रियन होल्डस्टॉक     फोर्थ अंपायर: पॉल रिेफेल     मैच रेफरी: एंडी पाइक्रॉफ्ट सेमीफाइनल में दिखेगा जबरदस्त रोमांच T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर अंपायरों और रेफरी की भूमिका बेहद अहम होती है। नॉकआउट मुकाबलों में हर फैसला मैच का रुख बदल सकता है। ऐसे में ICC ने अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि मुकाबले निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। अब फैंस की नजरें सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। मुंबई और कोलकाता में होने वाले इन हाई-वोल्टेज मुकाबलों के बाद ही तय होगा कि फाइनल में कौन सी दो टीमें भिड़ेंगी।    

सेमीफाइनल से पहले Sam Curran का बयान वायरल, कहा- वानखेड़े में भारत को देंगे कड़ी टक्कर

मुंबई टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान भारत के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले इंग्लैंड के सैम करन ने कहा कि दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ इतना खेल चुकी हैं कि कुछ छिपाने के लिए नहीं है लेकिन उन्हें अपनी टीम से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है। इंग्लैंड ने 2022 में भारत को सेमीफाइनल में दस विकेट से हराने के बाद खिताब जीता था जबकि भारत ने 2024 में इंग्लैंड को 78 रन से हराने के बाद खिताब जीता था। 'हम भारतीय खिलाड़ियों के साथ बहुत…' ऑलराउंडर करन ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के अभ्यास सत्र से पहले कहा, ''इस मैदान पर हम काफी खेल चुके हैं लिहाजा कुछ छिपा नहीं है।'' उन्होंने कहा ,''हमारे पास अभ्यास के लिए दो दिन का समय है जिससे हालात के अनुकूल ढलने में मदद मिलेगी। इन स्टेडियमों में हम इतना खेल चुके हैं कि अलग-अलग हालात की आदत हो गई है। हम भारतीय खिलाड़ियों के साथ बहुत खेलते हैं तो कुछ भी छिपा नहीं है।'' इंग्लैंड का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन उतार चढ़ाव भरा रहा है जिसने नेपाल को बमुश्किल चार रन से हराया। सुपर आठ में पाकिस्तान को दो विकेट से मात दी। 'वानखेड़े स्टेडियम को खामोश करेगा इंग्लैंड' करन ने कहा, ''पिछला प्रदर्शन अब मायने नहीं रखता। यह विश्व कप सेमीफाइनल है और हम इसमें अपना परफेक्ट खेल दिखाएंगे।'' वानखेड़े स्टेडियम पर भारत के समर्थकों का शोर रहेगा लेकिन करन को पता है कि उन्हें खामोश कैसे करना है। उन्होंने कहा, ''यह शानदार स्टेडियम है। मुझे यकीन है कि गुरुवार की रात यह स्टेडियम खामोश रहेगा। भारतीय टीम शानदार है लेकिन हमारे अधिकांश खिलाड़ियों ने उसके खिलाफ और आईपीएल में खेला है। हम किसी चीज से भयभीत नहीं हैं और दोनों टीमें सेमीफाइनल की चुनौती को लेकर रोमांचित होंगी।'' 'वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता है' भारत ने रविवार को वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। संजू सैमसन ने कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ 'संकटमोचक' की भूमिका निभाते हुए नाबाद 97 रन बनाए। वेस्टइंडीज ने 196 रन का लक्ष्य दिया था। खचाखच भरे ईडन गार्डंस पर भारत के फॉर्म में चल रहे सभी बल्लेबाज नाकाम रहे लेकिन संजू ने अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेलकर वेस्टइंडीज के जीत के अश्वमेधी अभियान में नकेल कसी। मैच के बाद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल को लेकर कहा, ''इंग्लैंड एक विश्वस्तरीय टीम हैं। उनके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं और हम सभी जानते हैं कि वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।''

ईरान की महिला फुटबॉलरों ने राष्ट्रगान नहीं गाया, चेहरे पर उदासी और दिल में ग़म

तेहरान  अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान की महिला फुटबॉल टीम एशियन कप में खेल रही है। इस दौरान महिला खिलाड़ियों ने अलग ढंग से अपना विरोध जताया। ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने एशियन कप में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले इस्लामिक शासन का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया। महिला एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट में जहरा घनबारी की अगुआई वाली ईरान की टीम को दक्षिण कोरिया से हार का सामना करना पड़ा। उदास नजर आईं खिलाड़ी राष्ट्रगान के दौरान ईरान की खिलाड़ी उदास दिख रही थीं। वहीं, मैच से पहले मुख्य कोच मरजियाह जाफरी ने हमले और अपने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि टीम को टूर्नामेंट पर फोकस करने की जरूरत है। हालांकि गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में समर्थकों को देखकर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट भी दिखी। पहले मैच में हार हालांकि ईरान की टीम को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। 2022 महिला एशियाई कप की उप विजेता रही दक्षिण कोरिया की टीम ने 3-0 से जीत हासिल की। टूर्नामेंट में ईरान टीम का लक्ष्य अगले साल ब्राजील में होने वाले महिला विश्व कप में जगह पक्की करना है। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया में उसे कम से कम क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचना होगा। ईरान का अगला मैच बृहस्पतिवार को मेजबान ऑस्ट्रेलिया से होगा। कैसा है युद्ध का हाल गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोला है। इसके जवाब में ईरान भी हमलावर है और मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला बोला है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गई है। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र में उनके परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हुई।

बड़ा फैसला तय? राशिद खान की कप्तानी पर मंडराया खतरा, अफगान बोर्ड बोला– बदलाव जरूरी

नई दिल्ली अफगानिस्तान की टी20 टीम के कप्तान राशिद खान हैं, लेकिन अगली सीरीज से पहले उनसे कप्तानी छीनी भी जा सकती है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम सुपर 8 में नहीं पहुंच पाई थी, जबकि एशिया कप 2025 में भी टीम का प्रदर्शन खराब रहा था। इसके अलावा भी मल्टी नेशन टूर्नामेंट में टीम आगे नहीं जा सकी है। ऐसे में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड टीम में बदलाव और सुधार करने की मन बना चुका है। राशिद खान वैसे तो दुनिया के सबसे धाकड़ टी20 प्लेयर्स में शामिल हैं, लेकिन कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन बेहतर नहीं है। 2019 में पहली बार उनको अफगानिस्तान की टीम का कप्तान बनाया गया था। हालांकि, 2021 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। इसके पीछे सिलेक्शन में मतभेद एक बड़ा कारण था। बाद फिर से कप्तान बने, जब 2022 के टी20 विश्व कप के बाद मोहम्मद नबी ने कप्तानी छोड़ी। एसीबी ने बड़ी उम्मीदों से उनको कप्तान बनाया और उन्होंने 2024 के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन इसके बाद प्रदर्शन टीम का गिरता चला गया। अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम टी20 फॉर्मेट में दमदार है, लेकिन एसीसी और आईसीसी इवेंट में अच्छा नहीं कर पा रही है। ऐसे में बोर्ड ने टीम में बदलावों की शुरुआत कर दी है। वर्ल्ड कप से पहले बल्लेबाजी कोच टॉबी रैडफोर्डको बल्लेबाजी कोच बनाया गया था, जबकि रिचर्ड पायबस ने हेड कोच के तौर पर जोनाथन ट्रॉट को रिप्लेस किया है। ट्रॉट और बोर्ड के बीच बन नहीं रही थी। इसके बाद क्या लीडरशिप में बदलाव होगा? इस पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ एग्जक्यूटिव नसीब खान ने कहा है कि इसी संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। नसीब ने क्रिकबज से कहा, "हम अभी टीम में सुधारों पर विचार कर रहे हैं। अगर आप भविष्य के लिए टीम बना रहे हैं, तो बदलाव तो होंगे ही। हम पहले ही हेड कोच, बैटिंग कोच और ट्रेनर बदल चुके हैं और टीम में भी इसी तरह के बदलाव किए जाएंगे। हालांकि, कप्तानों के बारे में अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है, इसलिए मैं इस समय यह नहीं कह सकता कि उन्हें बदला जाएगा या बनाए रखा जाएगा।"

धमाकों के साए में दुबई से लौटीं पीवी सिंधु, भावुक पोस्ट में किया आभार व्यक्त

 बेंगलुरु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी स‍िंधु आखिरकार सुरक्षित अपने घर बेंगलुरु लौट आई हैं. मध्य-पूर्व में बढ़ते अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव के कारण एयरस्पेस बंद होने से वह कई दिनों तक दुबई में फंसी रहीं. इस दौरान पास में हुए एक धमाके के बाद दुबई एयरपोर्ट से उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं, जिससे हालात और अनिश्चित हो गए |  स्थिति के चलते सिंधु को 3 मार्च 2026 से बर्मिंघम में शुरू हो रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन चैम्प‍ियनश‍िप  (All England Open Championships) से नाम वापस लेना पड़ा. यह टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) का सुपर 1000 इवेंट है और पेरिस ओलंपिक साइकिल की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा था. ऐसे में उनका बाहर होना बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है |  सिंधु अपनी टीम के साथ जिसमें इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह अदी प्रतामा भी शामिल थे, दुबई में फंस गए थे और उनके ठहरने की जगह के पास हुए धमाके के बाद वे बाल-बाल बच गईं. हालांकि उन्हें एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति और यात्रा में रुकावटों के कारण ओलंपिक मेडलिस्ट को ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप से हटना पड़ा. बेंगलुरु पहुंचने के बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित रहे, लेकिन सुरक्षित घर लौटकर आभारी महसूस कर रही हैं. उन्होंने दुबई प्रशासन, एयरपोर्ट स्टाफ, इमिग्रेशन अधिकारियों और ग्राउंड टीमों का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में सहानुभूति और पेशेवर रवैया दिखाया |  सिंधु ने संकेत दिए कि फिलहाल वह आराम करेंगी, खुद को रीसेट करेंगी और आगे की ट्रेनिंग योजना पर विचार करेंगी. हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए उनके अगले टूर्नामेंट और अभ्यास कार्यक्रम को लेकर तस्वीर साफ नहीं है |  व‍िमल कुमार ने बताया पीवी स‍िंधु न‍िराश थीं इससे पहले भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने PTI को बताया कि सिंधु सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में सोच रही थीं. उन्होंने कहा कि एक एथलीट के लिए यह मुश्किल होता है क्योंकि वह सच में बहुत अच्छी दिख रही थीं और उनकी पूरी टीम ऑल इंग्लैंड को लेकर उत्साहित थी. उन्होंने सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में भी सोचा था, लेकिन यह बहुत रिस्की होता, इसलिए उन्होंने प्लान छोड़ दिया |     

SF में कौन मारेगा बाजी? Sunil Gavaskar ने खोले पत्ते, Jasprit Bumrah को बताया मैच का ‘गेम चेंजर’

नई दिल्ली अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर को लगता है कि भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच बेहद रोमांचक होगा। बल्लेबाजी में लचीलापन और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम थोड़ा फायदे में रहेगी। मौजूदा चैंपियन टीम इंडिया गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगी। इससे पहले 2022 और 2024 में भी इन दोनों टीमों के बीच सेमीफाइनल खेला गया था। इंग्लैंड ने 2022 में एडिलेड में भारत को 10 विकेट से हराया, जबकि रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम ने दो साल बाद वेस्टइंडीज के प्रोविडेंस में इसका बदला चुकता कर दिया था। गावस्कर ने बेंगलुरु में चुनिंदा मीडियाकर्मियों से कहा, ‘दोनों टीम बहुत अच्छी हैं। उनके पास अच्छे बल्लेबाज और अच्छे गेंदबाज हैं। उनके पास मध्य क्रम में अच्छे बल्लेबाज हैं और फिनिशर भी हैं। दोनों टीमों की गेंदबाजी में विविधता है।’ उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड के पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में खेल चुके हैं और भारतीय परिस्थितियों से परिचित हैं। उसके खिलाड़ी नॉकआउट मैच खेलने के दबाव से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक रोमांचक मुकाबला होगा।’ गावस्कर ने हालांकि कहा कि तेज गेंदबाज बुमराह और इंग्लैंड के बल्लेबाजों के बीच जंग इस मैच का परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। इंग्लैंड की टीम में कप्तान हैरी ब्रूक इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि बुमराह को पावरप्ले में कम से कम दो ओवर करने चाहिए क्योंकि नई गेंद से अगर वह शुरू में विकेट ले लेते हैं, तो भारत का पलड़ा भारी हो जाएगा। वह जोस बटलर, फिल साल्ट और हैरी ब्रूक के विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर सकते हैं।’ गावस्कर ने कहा कि बुमराह को चार ओवर के बाद गेंदबाजी सौंपने का कोई मतलब नहीं है।उन्होंने कहा, ‘जब चार ओवर पहले ही फेंके जा चुके हैं और बल्लेबाजों को लगभग 20 गेंदें खेलने को मिल चुकी हैं, तो इसका मतलब होगा कि जब बुमराह गेंदबाजी करने के लिए आएंगे तो दोनों बल्लेबाजों को 8-10 गेंदें खेलने को मिल चुकी है और उन्होंने क्रीज पर अपने पांव जमा लिए होंगे। बुमराह और भारत दोनों के लिए यह बेहतर होगा कि बुमराह शुरू में गेंदबाजी करके विकेट हासिल करें।’ बुमराह का सभी प्रारूपों में इतना घातक गेंदबाज कैसे बने, इस बारे में गावस्कर ने कहा, ‘अगर आपने आंद्रे अगासी की आत्मकथा (ओपन) पढ़ी है तो आपको पता चल जाएगा कि उन्होंने बोरिस बेकर की सर्व का अंदाज़ा कैसे लगाया। शुरू में तो वह उनकी सर्व का अंदाज़ा नहीं लगा पाए, लेकिन फिर उन्हें अहसास हुआ कि अगर गेंद उछालते समय उनकी जीभ बाईं ओर होती है तो वे वाइड सर्व करेंगे। अगर उनकी जीभ दाईं ओर होती है तो वे सेंटर लाइन पर सर्व करेंगे।’ गावस्कर ने कहा, ‘लेकिन जहां तक बुमराह का सवाल है तो उनको समझना आसान नहीं है। वह पहले वाइड गेंद फेंकते हैं तो अक्सर लगता है कि गेंद अंदर की तरफ आएगी। लेकिन वह गेंद को स्विंग करा सकते हैं। इसीलिए वह तीनों प्रारूप में इतने खतरनाक गेंदबाज हैं।’ गावस्कर के अनुसार भारत का एक और फायदा यह है कि उसकी बल्लेबाजी में लचीलापन है और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। तिलक ने शुरू में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की, लेकिन टीम प्रबंधन ने जब संजू सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल करने का फैसला किया तो वह पांचवें और छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने लगे। गावस्कर ने कहा, ‘तिलक वर्मा बहुत ही समझदार क्रिकेटर है, जो स्थिति का अच्छी तरह आकलन करता है और फिर उसी के अनुसार खेलता है। मुझे लगता है कि पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए वह स्थिति की नजाकत को समझ सकता है। मुझे लगता है कि जिस तरह से उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी की, उसने सैमसन पर से दबाव काफी हद तक कम कर दिया था।’उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत भाग्यशाली है कि उसके पास तिलक जैसे खिलाड़ी हैं जो तीसरे नंबर पर और यहां तक ​​कि पांचवें या छठे नंबर पर भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।’ इंग्लैंड के बल्लेबाज जोस बटलर की टूर्नामेंट में खराब फॉर्म के बारे में गावस्कर ने कहा, ‘वह अभिषेक शर्मा की तरह खतरनाक खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि बटलर का विकेट जल्दी लेना महत्वपूर्ण होगा। हमने आईसीसी और आईपीएल जैसी प्रतियोगिताओं में देखा है कि वह काफी खतरनाक बल्लेबाज साबित हो सकते हैं।’