samacharsecretary.com

अब पांच अप्रैल को अर्जेंटीना में मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे भारत के संग्राम

नई दिल्ली भारत के एमएसए फाइटर संग्राम सिंह अब अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे इलाके में पांच अप्रैल को फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे। इसी के साथ ही संग्राम पहले भारतीय एमएमए फाइटर होंगे जो अर्जेंटीना की धरती पर मुकाबले के लिए उतरेगा। इसस पहले उन्होंने जॉर्जिया और नीदरलैंड में मुकाबले खेलें हैं। मुकाबले के आयोजकों के अनुसार संग्राम की एमएमए की कला में जो आकर्षण है उससे अर्जेंटीना के लोगों में काफी उत्साह है। वहां के लोग यह भी जानने को उत्सुक हैं कि संग्राम किसी प्रकार यहां तक पहुंचे हैं। इसका कारण है कि वह 40 की उम्र के बाद इस क्षेत्र में उतरे हैं। उन्होंने भारत को इस खेल में पहचान दिलाई है। पूर्व पेशेवर रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानगी जाहिर की थी कि वह कैसे सफल होंगे क्योंकि  कुश्ती और एमएमए काफी अलग हैं हालांकि उन्हें भारोसा था कि अनुशासन, फिटनेस और योद्धा की तरह जुझारूपन से वह यहां भी सफल होंगे। इस मुकाबले के लिए संग्राम अपने कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं। टीम ने उनके ट्रांज़शिन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी कंडीशंस में ढलने और फिटनेस पर विशेष काम किया है, जिससे वह एक एलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।  

जॉर्जिया वोल के शतक से ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत, मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में ली 6-4 की बढ़त

होबार्ट बेलरिव ओवल में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत महिला टीम को 5 विकेट से हराकर श्रृंखला 2-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में 6-4 की बढ़त भी बना ली। ऑस्ट्रेलिया की जीत की नायिका रहीं जॉर्जिया वोल, जिन्होंने अपने करियर का दूसरा वनडे शतक जड़ा, जबकि फोएबी लिचफील्ड ने तूफानी 80 रन बनाकर मैच को एकतरफा बना दिया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के 251/9 के स्कोर को 36.1 ओवर में ही हासिल कर लिया। भारत की अच्छी शुरुआत, फिर मध्यक्रम ध्वस्त टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत शानदार रही। प्रतीका रावल और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी। हालांकि स्मृति मंधाना को एक बार फिर एश्ले गार्डनर ने बोल्ड कर पवेलियन भेजा, जिसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। 17वें से 31वें ओवर के बीच भारत ने 52 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए। तीसरे नंबर पर उतरी जेमिमा रोड्रिग्स केवल 11 रन बनाकर एनेबेल सदरलैंड का शिकार बनीं। इसके बाद 52 रन बनाकर अच्छी लय में दिख रहीं प्रतीका रावल रन आउट हो गईं, जब हरमनप्रीत कौर के साथ गलतफहमी के चलते वह बीच पिच पर फंस गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 70 गेंदों में 54 रन बनाकर निचले क्रम को संभाला और टीम को 50 ओवर में 251/9 तक पहुंचाया। एश्ले गार्डनर (2/39) और अलाना किंग (2/41) ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से प्रभावी गेंदबाजी की। लिचफील्ड की आक्रामक बल्लेबाजी ने तोड़ी भारत की उम्मीदें लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को फोएबी लिचफील्ड ने विस्फोटक शुरुआत दिलाई। उन्होंने पावरप्ले में ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और केवल 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। लिचफील्ड ने कांति गौड़ के एक ओवर में लगातार तीन चौके जड़े और बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा पर भी खुलकर प्रहार किया। 80 रन बनाकर वह कांति गौड़ की गेंद पर बोल्ड हुईं, लेकिन तब तक मैच ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में आ चुका था। जॉर्जिया वोल का दबदबे वाला शतक सीरीज के पहले मैच में गोल्डन डक का सामना करने वाली जॉर्जिया वोल ने इस मुकाबले में शानदार वापसी की। एलिस पेरी की चोट के बाद टीम में जगह बनाने वाली वोल ने मिले जीवनदानों का पूरा फायदा उठाया। 19 और 53 रन पर उन्हें कैच का मौका मिला, लेकिन भारतीय फील्डरों की चूक भारी पड़ी। वोल ने 80 गेंदों में शतक पूरा किया और 101 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनका विकेट गिरने तक ऑस्ट्रेलिया जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था। अंततः ऑस्ट्रेलिया ने 36.1 ओवर में 252/5 बनाकर मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया। संक्षिप्त स्कोर: भारत महिला – 251/9 (50 ओवर) प्रतीका रावल 52, हरमनप्रीत कौर 54 एश्ले गार्डनर 2/39, अलाना किंग 2/41 ऑस्ट्रेलिया महिला – 252/5 (36.1 ओवर) जॉर्जिया वोल 101, फोएबी लिचफील्ड 80 कश्वी गौतम 2/47 ऑस्ट्रेलिया ने मैच 5 विकेट से जीता।  

सुंगुसी जूनियर के दो गोल ने पंजाब को बेंगलुरु के खिलाफ जीत दिलाई

बेंगलुरु सुंगुसी जूनियर एफियोंग के पहले हाफ में दागे गए दो सटीक गोल की बदौलत पंजाब एफसी ने शुक्रवार को यहां इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल में बेंगलुरु एफसी को 2-0 से हराया। ‘द शेरस’ ने इस सत्र की अपनी पहली जीत दर्ज की और तीन अंक के साथ अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बेंगलुरु एफसी चार अंक के साथ छठे स्थान पर बरकरार है। सुंगुसी जूनियर को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।  

सबसे निचले पायदान पर काबिज वॉल्व्स ने तीसरे नंबर की टीम एस्टन विला को हराया

वॉल्वरहैम्प्टन जोआओ गोम्स ने इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) के वर्तमान सत्र का अपना पहला गोल किया जबकि रोड्रिगो गोम्स ने स्टॉपेज टाइम में गोल दागा जिससे इस प्रतिष्ठित फुटबाल प्रतियोगिता के सबसे निचले पायदान की टीम वॉल्वरहैम्प्टन ने शानदार फॉर्म में चल रहे एस्टन विला को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। लीग में यह उस क्लब की केवल दूसरी जीत है जिसके 29 मैच में केवल 13 अंक हैं जो अपनी करीबी टीम से छह अंकों से पिछड़ रही है। एक ऐसी टीम जिसका निचली श्रेणी के टूर्नामेंट में खिसकना तय है। वॉल्व्स के प्रशंसक अपनी टीम की इस जीत से काफी खुश थे जिससे एस्टन विला की चैंपियंस लीग में जगह बनाने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। यह बर्मिंघम के इस क्लब के कोच के रूप में अपनी 100वीं जीत दर्ज करने की कोशिश कर रहे कोच उनाई एमरी के लिए भी करारा झटका है। एस्टन विला अभी प्रीमियर लीग की तालिका में 28 मैच में 51 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। मैनचेस्टर यूनाइटेड (48 अंक), चेल्सी (45) और लिवरपूल (45) भी शीर्ष चार में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हैं। आर्सेनल (61) और मैनचेस्टर सिटी (56) पहले दो स्थान पर हैं।  

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के हीरो आकिब नबी डार: शानदार प्रदर्शन से जीता अवार्ड, IPL से भी बना चुके पहचान

जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर (J&K) ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर हराकर अपना पहला खिताब जीत लिया है। हुबली के केएससीए मैदान पर खेले गए इस खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में कर्नाटक की टीम पहली पारी में मात्र 293 रनों पर ढेर हो गई, जिससे जेएंडके को 291 रनों की निर्णायक बढ़त मिली। मैच के अंतिम दिन जेएंडके ने अपनी दूसरी पारी 342/4 पर घोषित की, जिसके बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी की इसी बढ़त ने जम्मू-कश्मीर को 67 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चैंपियन बना दिया। इस पूरी ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक मध्यम-तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर आकिब नबी डार रहे। आकिब ने इस सीजन में अपनी धारदार गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में सर्वाधिक 60 विकेट लिए और उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया। फाइनल मुकाबले में भी उनका जलवा बरकरार रहा, जहां उन्होंने कर्नाटक की पहली पारी में मात्र 54 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे कर्नाटक की मजबूत बल्लेबाजी बिखर गई। उनके कप्तान पारस डोगरा ने भी माना कि आकिब का प्रदर्शन असाधारण रहा है और उन्होंने टीम की सफलता में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई है। मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ आकिब नबी डार IPL 2026 की नीलामी में भी चर्चा का केंद्र बने रहे। अबू धाबी में दिसंबर 2025 में आयोजित हुई इस नीलामी में मात्र 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले इस खिलाड़ी के लिए दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिली। अंततः दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा, जो उनके बेस प्राइस से लगभग 28 गुना अधिक थी। आईपीएल में आने से पहले आकिब कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमों के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भी काम कर चुके हैं। आकिब के व्यक्तिगत और पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनका जन्म 4 नवंबर, 1996 को हुआ और वे उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के शीरी गांव के रहने वाले हैं। अपनी इस सफलता पर आकिब ने अपने परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह यात्रा संभव नहीं थी। सुविधाओं की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि संघर्ष ही आपको अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आकिब के नाम दलीप ट्रॉफी में लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट लेने का भी एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। जम्मू-कश्मीर की इस जीत ने पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, पुंछ और कारगिल की सड़कों पर लोग ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। टीम की इस सफलता पर जेएंडके के मुख्यमंत्री भी मैदान पर खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते दिखे। आकिब नबी डार की यह कहानी अब जम्मू-कश्मीर के हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है, जो साबित करती है कि संसाधनों के अभाव में भी यदि इरादे फौलादी हों, तो इतिहास रचा जा सकता है।

प्राग मास्टर्स: गुकेश पर भारी पड़े प्रतिद्वंदी, अरविंद का मुकाबला रहा बराबरी पर

प्राग विश्व चैंपियन डी गुकेश को प्राग अंतरारष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के तीसरे दौर में नीदरलैंड के जॉर्डन वैन फोरेस्ट से हार का सामना करना पड़ा, जबकि अरविंद चिदंबरम ने ईरान के परहम मगसूदलू के साथ ड्रॉ खेला। टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश में लगे गुकेश ने वैन फोरेस्ट के खिलाफ शुरू से अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। वह मैच में किसी भी समय अपनी पकड़ नहीं बना पाए। फोरेस्ट ने सफेद मोहरों से खेलते हुए रूय लोपेज़ शैली का इस्तेमाल किया और टार्टाकोवर वेरिएशन में बिशप की जोड़ी के साथ शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। इससे भारतीय खिलाड़ी दबाव में आ गया और उन्हें अपना एक मोहरा गंवाना पड़ा। तकनीकी पेचीदगियां तो बनी रहीं, लेकिन तब तक फोरेस्ट जीत की स्थिति में नहीं दिख रहे थे। रानी के आदान-प्रदान के बाद गुकेश की स्थिति खराब हो गई और फोरेस्ट ने 48 चाल में जीत हासिल की। इस जीत से फोरेस्ट ने फिर से संयुक्त बढ़त हासिल कर ली है। वह इस प्रतियोगिता में एकमात्र खिलाड़ी हैं जिनके तीनों मैच को निर्णय निकला। फोरेस्ट के दो अंक हैं और वह उज़्बेकिस्तान की जोड़ी नोदिरबेक याकुबोए और नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव तथा स्थानीय खिलाड़ी डेविड नवारा के साथ संयुक्त बढ़त पर हैं। दस खिलाड़ियों के बीच खेले जा रहे हैं इस टूर्नामेंट में अभी छह दौर का खेल होना बाकी है। गुकेश, जर्मनी के शीर्ष वरीयता प्राप्त विन्सेंट कीमर, अमेरिका के हैंस मोके नीमन और मगसूदलू सातवें स्थान पर हैं। इन सभी ने अपने तीन मैचों में एक-एक अंक हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे दूसरे भारतीय खिलाड़ी अरविंद ने मगसूदलू के साथ ड्रॉ खेला और अपने अंकों की संख्या 1.5 तक पहुंचा दी। स्पेन के डेविड एंटोन गुइजारो के भी इतने ही अंक हैं। चैलेंजर्स वर्ग में खेल रहे भारत के दोनों खिलाड़ियों दिव्या देशमुख और सूर्या शेखर गांगुली को हार का सामना करना पड़ा। महिला विश्व कप विजेता दिव्या चीन की जिनेर झू के खिलाफ काले मोहरों से खेलते हुए हार गईं, जबकि गांगुली को चेक गणराज्य के जैचिम नेमेक ने हराया। गांगुली का पहले तीन दौर के बाद आधा अंक है, जबकि दिव्या का एक अंक है। चेक गणराज्य के फाइनक वाक्लाव 2.5 अंकों के साथ इस वर्ग में सबसे आगे हैं।  

जीत के बाद छलका कप्तान पारस डोगरा का जज्बा, कहा- ये पल जिंदगी का सबसे खास

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के पहली बार रणजी चैम्पियन बनने से उसके कप्तान पारस डोगरा गदगद नजर आ रहे हैं और उनका कहना है कि उनके पास इस जीत को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। जम्मू कश्मीर ने शनिवार को कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ रहे फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर 67 साल का इंतजार खत्म करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया। डोगरा ने शनिवार को कर्नाटक के खिलाफ फ़ाइनल ड्रा होने के बाद कहा, ''सच कहूँ तो मैं समझा नहीं सकता। मेरे पास अभी कोई शब्द नहीं हैं। इस समय, यह मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी चीज़ है और मैं इसके लिए बहुत शुक्रगुजार हूँ। सच कहूँ तो, मैं जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के साथ होने के लिए लकी रहा हूँ और वहाँ के लोग ज़बरदस्त रहे हैं। वे बहुत अच्छे रहे हैं और यह 11, 14, 15 लोगों के बारे में नहीं है, अगर आप देखेंगे, तो वे ज़बरदस्त रहे हैं।'' उन्होंने कहा,''वे अपना हाथ ऊपर उठा रहे हैं और वे सच में बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। वे मैच जीतने के लिए बहुत उत्सुक हैं और शुरू से ही, उन्हें 100% यकीन था कि हम यह जीतेंगे। मुझे फिलहाल सेलिब्रेट करने दो। आप देखेंगे कि आगे क्या होता है।'' पहली इनिंग में 291 रन की बड़ी लीड ने जम्मू-कश्मीर को ड्राइवर सीट पर पहुंचा दिया। कर्नाटक के पास गेम में वापस आने का एकमात्र मौका जम्मू-कश्मीर को उनकी दूसरी पारी में सस्ते में आउट करना और फिर चेज सेट करना था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को 11/2 पर थोड़ी मुश्किल में डाल दिया था, लेकिन कामरान इकबाल ने नई बॉल को देखा और डोगरा और समद के साथ लगातार फिफ्टी पार्टनरशिप करके गेम को कर्नाटक से और दूर ले गए। फिर, कामरन और साहिल लूथरा ने अपने सधे हुए अप्रोच से कर्नाटक के लिए दरवाजे पूरी तरह से बंद कर दिए। कामरान इकबाल और साहिल लूथरा दोनों ने सेंचुरी बनाईं और अपनी इनिंग्स को वे ज़िंदगी भर याद रखेंगे। चौथे दिन के बाद के हाफ से गेम उतार-चढ़ाव वाला रहा और कर्नाटक के खिलाड़ी बस इशारों में खेल रहे थे। पारस डोगरा ने आखिरकार दूसरे सेशन में डिक्लेयर करके जम्मू-कश्मीर की टीम को जश्न में डुबो दिया।  

शर्टलेस फैन के कारण मचा हंगामा, लियोनेल मेसी पिच पर गिर पड़े

 बायामोन  इंटर मियामी और इंडिपेंडिएंट डेल वैले के बीच हुए दोस्ताना मैच के दौरान स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी पिच पर गिर गए. एक अति उत्साही फैन की वजह से ऐसा हुआ, जो मेसी से मिलने के लिए उनके करीब आ गया. वो शर्टलेस फैन सुरक्षा को तोड़कर सीधे मेसी की ओर दौड़ा और उन्हें गले लगाने की कोशिश की. सुरक्षा गार्ड ने फैन को रोकते समय गलती से मेसी को भी गिरा दिया. हालांकि, मेसी तुरंत उठकर सामान्य स्थिति में लौट आए और कोई चोट नहीं आई. प्यूर्टो रिको के बायामोन स्थित जुआन रामोन लौब्रिएल स्टेडियम में यह फ्रेंडली मैच खेला गया. मैच एक घंटे की देरी से शुरू हुआ. लियोनेल मेसी  हाफटाइम के बाद इंटर मियामी के लिए मैदान पर उतरे और 70वें मिनट में पेनल्टी गोल कर इंटर मियामी को 2-1 की जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. टीम के दूसरे गोल का श्रेय संतियागो मोरालेस को जाता है. यह मैच पहले 13 फरवरी को होना निर्धारित था, लेकिन लियोनेल मेसी को लगी हल्की चोट के कारण स्थगित किया गया था. इस घटना के अलावा इस मैच के दौरान दो और फैन्स पिच पर आ पहुंचे. इनमें से एक ने सेल्फी ली और दूसरा खिलाड़ी के करीब गया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें हटा दिया. इस मैच के दौरान जब-जब लियोनेल मेसी ने गेंद को टच किया, तो दर्शकों की ओर से जोरदार तालियों की गूंज सुनाई दी. यह मेसी को देखने के लिए उनकी टीम के मूल रूप से स्थगित मैच के बाद दर्शकों की बेसब्री का प्रतीक भी था. इंटर मियामी ने इस सीजन की शुरुआत लॉस एंजेलिस एफसी (LAFC) के हाथों 0-3 से हार के साथ की थी. अब इस टीम का ध्यान अगले सप्ताह Orlando City SC के खिलाफ होने वाले मैच पर केंद्रित रहेगा. लियोनेल मेसी की उपस्थिति टीम के लिए मैदान पर और फैन्स के लिए ऑफ-फील्ड दोनों जगह महत्वपूर्ण साबित हो रही है.  

इतिहास रचा जम्मू-कश्मीर ने, 67 साल बाद रणजी ट्रॉफी जीती; कर्नाटक को फाइनल में दी शिकस्त

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जम्मू-कश्मीर ने जीत लिया है। जेएंडके की टीम को कर्नाटक की पहली पारी पर विशाल बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया। रणजी ट्रॉफी फाइनल के पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 342/4 के स्कोर पर घोषित की, जिसमें कामरान इकबाल (160) और साहिल लोतरा (101) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने-अपने शतक पूरे किए। दोपहर लगभग 2:10 बजे कप्तान पारस डोगरा द्वारा पारी घोषित किए जाने के बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। चूंकि जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की विशाल बढ़त हासिल की थी, इसलिए उन्हें विजेता घोषित किया गया और इस तरह उन्होंने 67 वर्षों के इतिहास में अपना पहला रणजी खिताब जीतकर नया इतिहास रचा। इस मैच में जम्मू एंड कश्मीर के लिए 121 रनों की पारी शुभम पुंडीर ने खेली थी, जबकि 88 रन यावर हसन ने बनाए थे। 72 रन साहिल लोत्रा ने और 70-70 रनों की पारी कप्तान पारस डोगरा और कन्हैया वधवान ने खेली थी। 61 रन अब्दुल समद ने भी बनाए थे। प्रसिद्ध कृष्ण को पांच विकेट मिले थे। कर्नाटक के लिए 160 रनों की पारी मयंक अग्रवाल ने खेली। उनके अलावा कोई अर्धशतक भी नहीं जड़ सका। आकिब नबी डार ने 5 विकेट निकाले। दूसरी पारी में कामरान इकबाल ने शतक पूरा कर लिया है।

हार में भी जीत! पाकिस्तान से हारने के बाद भी श्रीलंका को मिलेगा करोड़ों का फायदा

कोलंबो पाकिस्तान की टीम का भविष्य टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अंधकार में है। पाकिस्तान का आखिरी मुकाबला बाकी है, जो आज यानी शनिवार 28 फरवरी को खेला जाएगा। श्रीलंका से ये मैच पाकिस्तान को खेलना है, जो टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। इस मैच को जीतकर भी पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में नहीं जा सकती, लेकिन एक सिनेरियो को पूरा करके टीम को सेमीफाइनल का टिकट मिल सकता है। वहीं, हार या जीत उससे श्रीलंका को कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर पाकिस्तान ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया तो फिर श्रीलंका के लिए ये फायदे का सौदा जरूर होगा। दरअसल, श्रीलंका की टीम तो टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन पाकिस्तान की टीम अगर श्रीलंका को 65 से ज्यादा रनों से या 13 ओवर से पहले रन चेज में हरा देती है तो फिर पाकिस्तान को सेमीफाइनल का टिकट मिल सकता है। अपनी हार में श्रीलंका का फायदा छिपा हुआ है, क्योंकि अगर पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया तो फिर सेमीफाइनल मुकाबला श्रीलंका में खेला जाएगा, अगर पाकिस्तान की टीम भी बाहर हो गई तो पहला सेमीफाइनल कोलंबो की जगह कोलकाता में खेला जाएगा। श्रीलंका का फायदा इसमें ये है कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को सेमीफाइनल के लिए होस्टिंग फीस मिलेगी। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को मेजबानी का फायदा मिलेगा। श्रीलंका का भी फायदा होगा, क्योंकि फैंस मुकाबला देखने पहुंचेंगे, तो वीजा, फ्लाइट, होटल, खाना-पीना और ट्रेवलिंग पर खर्चा श्रीलंकाई मुद्रा में करेंगे। बड़ा रेवेन्यू इससे आएगा, क्योंकि हजारों फैंस मैच के लिए पहुंचते हैं। पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में पहुंचकर जीतती है तो फिर फाइनल भी श्रीलंका में आयोजित होगा। ऐसे में श्रीलंका का इस मैच को हार जाने में ही तगड़ा फायदा है। पैसों के इस खेल में श्रीलंका की टीम इस मैच को सीरियस लेगी भी या नहीं? कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि दुनिया को सिर्फ अपना फायदा देखना होता है और श्रीलंका भी ऐसा करे तो इसमें कोई गुनाह नहीं होगा, बर्शते जानबूझकर कोई ऐसी हरकतें न हो कि मैच फिक्सिंग जैसी चीजें उठने लगें।