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सपनों को सच करने का विज्ञान : जानें न्यूरोसाइंटिस्ट के 5 कारगर टिप्स

आजकल सोशल मीडिया पर 'मेनिफेस्टेशन' शब्द काफी ट्रेंड कर रहा है। मेनिफेस्टेशन का मतलब होता है, 'लॉ ऑफ अट्रैक्शन' की मदद से अपनी इच्छाओं और सपनों को हकीकत में बदलना। आसान शब्दों से समझे तो इसका मतलब यह है कि आप जो सोचते और महसूस करते हैं, वही आपके जीवन में घटित हो जाता है। लेकिन सवाल यह यह है कि क्या वाकई ऐसा संभव है। न्यूरोसाइंटिस्ट और पूर्व चिकित्सक डॉ. तारा स्वार्ट सवाल के जवाब में कहती हैं हां। 'द मॉर्निंग' को दिए एक इंटरव्यू में डॉ. स्वार्ट, कहती हैं कि मेनिफेस्टेशन सिर्फ आपकी एक इच्छा नहीं है बल्कि यह तो आपके मस्तिष्क को एक बार फिर आपके लक्ष्यों के अनुरूप ढालने से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं 5 ऐसे न्यूरोसाइंटिस्ट के सुझाए हुए टिप्स, जिनकी मदद से आप अपने सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं। स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें अपने सपनों को हकीकत में बदलने की शुरुआत स्पष्टता से करें। इसके लिए आपको सबसे पहले यह जानना होगा कि आप वास्तव में खुद के लिए क्या चाहते हैं। ऐसा करते समय सामाजिक अपेक्षाओं की जगह अपने दिल में छिपी इच्छाओं पर ध्यान दें। अपनी सभी ख्वाहिशों को एक कागज पर उतारकर खुद से सवाल करें कि अगर सफलता की गारंटी हो, तो मैं ये सभी चीजें वाकई हासिल करना चाहूंगा? उदाहरण के लिए 'मैं एक सफल व्यवसाय शुरू करना चाहता हूं' जैसे अस्पष्ट लक्ष्य की जगह 'मैं एक साल में एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू करना चाहता हूं', ऐसा कुछ लिखें। सपने ही नहीं मेहनत भी करें सपने सिर्फ सोचने से पूरे नहीं होते, उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत भी करनी पड़ती है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं। अपने सपने को पूरा करने के लिए रोजाना कम से कम एक कदम जरूर बढ़ाएं। इसके लिए खुद को ऐसे वातावरण, लोगों और आदतों के बीच रखने की कोशिश करें, जो आपको आपका सपना पूरा करने में मदद कर सकती हैं। सकारात्मक मानसिकता अपनाएं व्यक्ति का दिमाग उसे हर खतरे से बचाने की कोशिश में लगा रहता है। ऐसा करते समय वह व्यक्ति को किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचने का संदेश देता है। लेकिन अपने सपनों को पूरा करने के लिए आपको यह सोचना होगा कि क्या वास्तव में आपके लिए यह जोखिम उठाना सुरक्षित है या नहीं। अपने सपनों से जुड़े सभी डर और शंकाओं को सकारात्मक सोच और आत्म-विश्वास की मदद से दूर करने की कोशिश करें। अपने दिमाग को उन अवसरों के लिए तैयार करें जो आपके लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेंगे। ऐसा करते समय बाधाओं की जगह अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें। एक्शन बोर्ड बनाएं सपनों को हकीकत बनाने के लिए विजन बोर्ड की जगह एक्शन बोर्ड बनाएं। यह बोर्ड न केवल आपके सपनों को स्पष्ट करेगा, बल्कि उन कोशिशों के बारे में भी आपका नजरिया साफ करेगा जो आपको अपना सना हासिल करने के लिए उठाने होंगे। उदाहरण के लिए अगर आपका सपना एक नया घर खरीदना है, तो बोर्ड पर उस घर की तस्वीर, बजट योजना, और बचत के लक्ष्य शामिल करें। सफलता के लिए पॉजिटिव बने रहे सफलता हासिल करने के लिए हमेशा पॉजिटिव सोच और बातें करें। व्यक्ति को नकारात्मक विचार जल्दी घेर सकते हैं। ऐसे में आप अपने घर के हर कोने में पॉजिटिव कोट्स चिपकाकर रख सकते हैं। उदाहरण के लिए- 'मैं शक्तिशाली हूं,' 'मैं साहसी हूं,' 'मैं एक सुपरस्टार हूं', जैसे विचार अपने शीशे, फोन या ऑफिस की टेबल पर चिपकाकर रखें और रोजाना इन्हें पूरे विश्वास के साथ दोहराएं।  

वास्तु टिप्स: घर में छोटे-छोटे बदलाव से आएगी खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा

   कई बार बिना किसी वजह व्यक्ति के परिवार में कुछ समस्याएं बनी रहती हैं। जैसे लड़ाई-झगड़े या स्वास्थ्य समस्या आदि। इसका कारण वास्तु दोष भी हो सकता है। ऐसे में अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है। चलिए जानते हैं इस बारे में। ध्यान रखें ये बातें वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार घर के मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। क्योंकि यहीं से घर में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवेश होता है। इसके साथ ही घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी दिशा में भी साफ-सफाई का ख्याल रखें और इस बात का भी ध्यान रखें कि इस दिशा में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो। इसके साथ ही अगर आप अपने मुख्य द्वार पर रोजाना दीपक जलाते हैं, तो इससे भी आपको लाभ देखने को मिल सकता है। उत्तर दिशा में रखें ये चीजें वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को काफी महत्व दिया जाता है। इस दिशा में पानी से संबंधित चीजें जैसे बोरिंग, छोटा-सा फाउंटेन या फिर पानी की टंकी आदि रखनी चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। इसके साथ ही उत्तर दिशा में आपको मंदिर, धन या तिजोरी रखने से भी लाभ मिल सकता है। ध्यान रखें पूर्व दिशा के नियम वास्तु के मुताबिक पूर्व इस दिशा को जितना हो सके उतना खाली रखना चाहिए। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। इसके साथ ही इस दिशा में खिड़की भी जरूर होनी चाहिए। वहीं अगर आप अपने घर का दरवाजा पूर्व दिशा में बनवाते हैं, तो इससे भी आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। दूर होगी नेगेटिव एनर्जी अगर घर में नेगेटिव एनर्जी होती है, तो इससे आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे बचने के लिए आपको रोजाना पानी में थोड़ा-सा नमक मिलाकर पोछा लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।  

आज का राशिफल: 4 सितम्बर को इन 5 राशियों को मिलेगा तरक्की और फायदा

मेष राशि- आज का दिन आपके लिए बेहतरीन रहने वाला है जो आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराएंगे। शादीशुदा लोगों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। किसी करीबी व्यक्ति के साथ बहस हो सकती है, इसलिए सतर्क रहें। किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात की संभावना है। आप कड़ी मेहनत और धैर्य से अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति अच्छी रहने वाली है। वृषभ राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। कारोबार के लिहाज से दिन अच्छा रहने वाला है। परिवार के किसी सदस्य का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक रूप से स्थिति उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। मिथुन राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सकती है। आज का दिन आपकी आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है। आपके माता-पिता का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनता है। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बढ़िया दिन है। कर्क राशि- आज आपका कोई सपना पूरा हो सकता है। यात्रा करते समय सावधानी बरतें, वरना सामान चोरी हो सकता है। प्यार में जल्दबाजी में कदम उठाने से बचें। महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने से आपको प्रोफेशनल तौर पर बड़ा लाभ होगा। जल्दबाजी में ऐसे फैसले न लें जिसके लिए आपको जीवन में बाद में पछताना पड़े। सिंह राशि- आज आपका दिन हर तरह से अनुकूल दिख रहा है। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों की स्थिति अच्छी होगी। नौकरी के अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। सेहत में सुधार होगा। धन की स्थिति में सुधार होगा। कन्या राशि– आज किसी दोस्त से मुलाकात होना आपके जीवन में बदलाव लेकर आएगा। पैसों के निवेश और बचत को लेकर विचार करना अच्छा रहेगा। निवेश से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना अच्छा रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। आपका खाली समय किसी बेकार के काम की वजह से बर्बाद होगा। तुला राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सकती है। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। धन लाभ के संकेत हैं। कामकाज के सिलसिले से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आप अपने जीवन की सबसे बेहतरीन शाम अपने जीवनसाथी के साथ गुजारेंगे। वृश्चिक राशि- आज आपका मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। व्यापार में विस्तार हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वालों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। धनु राशि- आज आपको अपनी सेहत को पर्याप्त समय देने की जरूरत है। व्यवासायिक रूप से आपकी स्थिति अच्छी रहेगी। आर्थिक लाभ हो सकता है। शाम के लिए कुछ खास योजना बनाएं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। संपत्ति से जुड़े विवाद हल हो सकते हैं। मकर राशि- आज आपका कोई सपना साकार हो सकता है। अपने उत्साह को काबू में रखें। आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है। आपकी एनर्जी का स्तर हाई रहेगा। अपने रूप और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे। जीवनसाथी के साथ आज का दिन आपके जीवन की सबसे बेहतरीन शाम बन सकता है। कुंभ राशि- आज बड़े प्रोजेक्ट को छोटे भागों में बांट लें। संतान से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। घरेलू जीवन अच्छा रहेगा। परिवार की समस्याएं दूर हो सकती हैं। पार्टनरशिप में आने वाले दिक्कतें दूर हो सकती हैं। आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आएगा। मीन राशि- आज मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। यात्रा पर जा सकते हैं। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। माता से धन मिल सकता है।

कल मनाई जाएगी वामन जयंती: जानें व्रत-पूजन की विधि और महत्व

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु के पांचवें अवतार वामन देव की जयंती मनाई जाती है. यह पर्व इस साल 4 सितंबर 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लेकर राजा बलि के अभिमान का अंत किया था और उन्हें मोक्ष प्रदान किया था. इस दिन भगवान वामन की पूजा और व्रत करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. वामन जयंती के दिन विशेष पूजा, व्रत और दान का विधान है. शुभ मुहूर्त और तिथि पंचांग के अनुसार, वामन जयंती की द्वादशी तिथि 4 सितंबर 2025 को सुबह 4 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी और 5 सितंबर को सुबह 4 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी. इस दौरान श्रवण नक्षत्र भी रहेगा, जो 4 सितंबर को रात 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर 5 सितंबर को रात 11 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगा. द्वादशी तिथि 4 सितंबर को पूरे दिन रहेगी, इसलिए इसी दिन वामन जयंती का पर्व मनाया जाएगा. वामन जयंती की पूजन विधि वामन जयंती के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. घर के पूजा स्थल को साफ कर भगवान वामन या भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें. पूजा शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प लें और वामन देव से अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करें. वामन देव की प्रतिमा का पंचामृ से अभिषेक करें. भगवान वामन को पीले वस्त्र, पीले फूल, चंदन, तुलसीदल और नैवेद्य अर्पित करें. पूजा में दही और मिश्री का भोग अवश्य लगाएं. पूजा के दौरान वामन जयंती की कथा सुनें या पढ़ें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें, विशेषकर “ॐ नमो भगवते वामनाय” मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है. आखिर में धूप, दीप जलाकर भगवान वामन की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें. धार्मिक मान्यताएं और महत्व वामन जयंती का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. यह पर्व भगवान विष्णु के वामन अवतार की महिमा को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने राजा बलि के अहंकार को समाप्त कर तीनों लोकों को वापस देवताओं को दिलाया. यह पर्व हमें सिखाता है कि अहंकार का अंत निश्चित है. राजा बलि को भगवान वामन ने अपनी लीला से यह ज्ञान दिया कि किसी भी शक्ति या संपत्ति पर घमंड नहीं करना चाहिए.वामन जयंती दान के महत्व को भी दर्शाती है. इस दिन दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है. इस प्रकार, वामन जयंती का पर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह हमें जीवन में विनम्रता, त्याग और दान के महत्व का भी स्मरण कराता है.

करियर में सफलता चाहते हैं? अपनाएं चाणक्य की 5 अनमोल बातें, जिंदगी बदल जाएगी

अगर कड़ी मेहनत के बावजूद आपको करियर, बिजनेस या किसी इंटव्यू में सफलता नहीं मिल पा रही है तो आपको आचार्य चाणक्य की 5 खास बातों पर जरूर गौर करना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में करियर में सफलता दिलाने वाले ऐसे ही 5 गुणों का जिक्र किया है। जिन्हें फॉलो करने से व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने के साथ उसे एक नई राह भी मिल सकती है। बता दें, चाणक्य नीति में बहुत सी ऐसी बातें दर्ज हैं जिन्हें अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति खुशहाल सफल जीवन जी सकता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति के पास सफलता हासिल करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य नहीं होता है, उसकी मेहनत हमेशा बेकार हो जाती है। अगर आप एक ही तरह की नौकरी में बार-बार असफल हो रहे हैं, तो आपको रूक कर जरूर सोचना चाहिए कि क्या आप वाकई नौकरी के उसी क्षेत्र के बने हैं या आपकी मंजिल कुछ और है? गुस्से पर काबू रखें​ बात-बात पर गुस्सा करने वाले व्यक्ति को समाज में कोई भी पसंद नहीं करता है। ऐसे व्यक्ति की करियर ग्रोथ भी रूक जाती है। जरूरत से ज्यादा गुस्सा समाज में आपकी छवि खराब करता है। चाणक्य नीति में कहा गया है कि क्रोध इंसान की बुद्धि और मान-सम्मान दोनों को नष्ट कर देता है। समय खराब करने वाला व्यक्ति चाणक्य नीति के अनुसार समय व्यक्ति की सबसे बड़ी संपत्ति है। जो लोग करियर में सही समय पर सही निर्णय नहीं लेते, वो मौका चूक जाते हैं। असफलता मिलने पर ब्रेक लेकर एक ठोस रणनीति बनाएं कि आप कैसे लक्ष्य हासिल करने में सफल हो सकते हैं। मुश्किल समय में घबराने वाले लोग आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति संकट के समय में धैर्य के साथ आगे बढ़ता रहता है वही जीवन में सफलता हासिल कर पाता है। करियर में मिली असफलता एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन उसके बाद खुद पर संदेह करना, आत्मविश्वास खो देना और दूसरों से अपनी तुलना करना व्यक्ति की सबसे बड़ी भूल है। निराश होने की जगह विश्लेषण करें कि सफलता की राह हासिल करने में आपकी तरफ से कहां कमी रह गई है। सम्मान करें​ चाणक्य नीति के अनुसार बड़ों का आशीर्वाद व्यक्ति के लिए सफलता की राह आसान बना देता है। ऑफिस में भी खुद से सीनियर व्यक्ति का दिल से सम्मान करें। सम्मान देने वाला व्यक्ति हर किसी का प्रिय बन जाता है। जो उसे सफलता हासिल करने में मदद करता है।  

घर में न बने नकारात्मक ऊर्जा का कारण, अपनाएँ ये वास्तु टिप्स

अगर आप कुछ वास्तु नियमों की अनदेखी करते हैं, तो इससे आपके जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ जाती हैं। वास्तु दोष धन खर्च का कारण बन सकता है, साथ ही घर में किसी सदस्य का लगातार बीमार रहना, लड़ाई-झगड़े जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में आप इन बातों का ध्यान रखकर भी वास्तु दोष से बच सकते हैं। पश्चिम दिशा से जुड़े नियम वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपका किचन घर की पश्चिम दिशा में है, तो इसे शुभ माना जाता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि आपका किचन और टॉयलेट पास-पास नहीं होना चाहिए, वरना यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है। दक्षिण दिशा के वास्तु नियम वास्तु शास्त्र में यह माना गया है कि घर की दक्षिण दिशा जितनी ढकी हुई हो उतना अच्छा होता है। ऐसे में आप घर की इस दिशा में भारी सामान जैसे तिजोरी, मशीनें आदि रख सकते हैं। ऐसा करने से स्थिरता बनी रहती है। लेकिन दक्षिण दिशा में भूलकर भी खराब मशीनरी, कबाड़, जूते-चप्पल या तुलसी का पौधा आदि नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना गया है। रखें इन दिशाओं का भी ध्यान आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) – वास्तु शास्त्र में इस दिशा को अग्नि की दिशा का रूप में देखा जाता है। ऐसे में आप इस दिशा में रसोई, बॉयलर, बिजली के उपकरण और हीटर जैसी आग से संबंधित चीजें रख सकते हैं। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) – वास्तु शास्त्र में ईशान कोण को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिशा में पूजा घर होना शुभ माना गया है। साथ ही घर की इस दिशा में वाटर टैंक या बोरिंग होना भी अच्छा होता है। वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम दिशा) – घर की इस दिशा में बेडरूम या गैरेज होना अच्छा माना गया है। वहीं अगर नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) – वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आप इस दिशा में कैश काउंटर बनवा सकते हैं या फिर मशीनें आदि भी रख सकते हैं।

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पितृपक्ष में, इन राशियों को मिलेगा खास लाभ

हर साल भाद्रपद महीने की पूर्णिमा तिथि से पितृपक्ष आरंभ होता है। इस बार पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 को हो रही है। संयोग यह है कि इसी दिन साल का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण भी लगेगा। ज्योतिषाचार्य  ने बताया कि धार्मिक और खगोल विज्ञान की दृष्टि से यह दिन बेहद खास रहने वाला है। कब और कहां दिखेगा ग्रहण यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत सहित एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण स्पष्ट रूप से नजर आएगा, इसलिए सूतक काल का पालन अनिवार्य होगा। ग्रहण का छाया प्रवेश रात 8:58 बजे, स्पर्श 9:57 बजे, मध्यम 1:27 बजे और मोक्ष 2:25 बजे होगा। सूतक काल दोपहर 12:50 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। पूजा-पाठ और दान की परंपरा ग्रहण के दौरान धार्मिक कार्य, भोजन और यात्रा निषेध मानी गई है। इस अवधि में भगवान का स्मरण और जप करना सर्वोत्तम है। मान्यता है कि ग्रहण काल में दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। राहु ग्रह के दोष निवारण हेतु सात अनाज, वस्त्र, लोहा और तिलदान विशेष लाभकारी बताए गए हैं। राशि अनुसार प्रभाव और परामर्श ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा। इसलिए कुंभ और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इनके लिए ग्रहण देखना वर्जित है। ग्रहण का शुभ प्रभाव मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए रहेगा, जबकि मिथुन, सिंह, तुला और मकर पर सामान्य असर रहेगा। वहीं कर्क, वृश्चिक, मीन और कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण अशुभ फलदायी माना गया है। सूतक काल में सावधानियां गर्भवती महिलाओं को ग्रहण देखने से विशेष परहेज करना चाहिए। सूतक लगने के बाद भोजन नहीं करना चाहिए। स्नान, जप, ध्यान और भजन-कीर्तन करना मंगलकारी माना जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान करने से ग्रहण दोष शांति मिलती है। किन वस्तुओं का दान करें लाभ के लिए राशि अनुसार दान करना इस दिन विशेष फलदायी रहेगा। मेष राशि वाले लाल वस्तुएं, वृषभ और तुला राशि वाले सफेद वस्तुएं, कर्क राशि वाले दूध-दही-चावल, सिंह राशि वाले गेहूं-मूंगफली-शहद, कन्या राशि वाले गन्ने का रस, वृश्चिक राशि वाले आलू-शकरकंद-गेहूं, धनु और मीन राशि वाले पीले वस्त्र-फल तथा मकर और कुंभ राशि वाले काले तिल और वस्त्र दान करें। ग्रहण का सामाजिक और प्राकृतिक प्रभाव ग्रहण काल के दौरान काली, सफेद और लाल वस्तुओं के साथ ही जल में उत्पन्न होने वाली वस्तुएं और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भी असर दिखाई देगा। व्यापारिक दृष्टि से ज्वार, बाजरा जैसी अनाज वस्तुओं में तेजी आने की संभावना है। बंगाल, मगध और गुजरात के समुद्री क्षेत्रों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा। 

पितृपक्ष में भूलकर भी न छोड़ें ये 3 दिन, पूर्वजों की आत्मा को मिलता है तृप्ति

इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो पितरों के आशीर्वाद प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण समय है. पितृ पक्ष 15 दिनों तक चलता है, जो भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक होता है. इस साल पितृपक्ष 21 सितंबर तक रहने वाला है. इस दौरान सभी तिथियों का महत्व है, जिनमें पितरों के लिए किए गए कार्यों से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. तो चलिए आज हम आपको पितृपक्ष की सभी तिथियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनपर तर्पण करना बहुत ही शुभ माना जाता है.  किस तिथि पर किसका होता है श्राद्ध? – पूर्णिमा श्राद्ध या पहला श्राद्ध इस बर पूर्णिमा श्राद्ध 7 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की पूर्णिमा तिथि को हुई हो. – प्रतिपदा या पहला श्राद्ध इस बार प्रतिपदा श्राद्ध 8 सितंबर को होगा. प्रतिपदा श्राद्ध में उन पितरों का तर्पण, पिंडदान, दान, श्राद्ध आदि होता है, जिनका किसी भी माह की प्रतिपदा तिथि को निधन हुआ होता है. – द्वितीय श्राद्ध आश्विन मास का द्वितीय श्राद्ध 9 सितंबर को होगा. जिन पितरों की मृत्यु किसी भी महीने के दूसरे दिन (द्वितीया) हुई हो उनका श्राद्ध पितृपक्ष की द्वितीया तिथि पर किया जाता है.  – तृतीया श्राद्ध तृतीया श्राद्ध इस बार 10 सितंबर को है. जिनकी मृत्यु तृतीया तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध तृतीया को किया जाता है.  – चौथा श्राद्ध चौथा श्राद्ध भी इस बार 10 सितंबर को ही होगा. अगर किसी के पिताजी की मृत्यु चतुर्थी को हुई हो तो उनका श्राद्ध भी उसी तिथि को किया जाता है.  – पांचवां श्राद्ध या महाभरणी श्राद्ध पांचवां श्राद्ध इस बार 11 सितंबर को होगा. इस दिन अविवाहित पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु पंचमी तिथि पर हुई हो.  – षष्ठी श्राद्ध छठा श्राद्ध इस बार 12 सितंबर को होगा. षष्ठी तिथि के दिन किसी की मृत्यु हो जाती है, उन पितरों का श्राद्ध षष्ठी के दिन किया जाता है.  – सप्तमी श्राद्ध इस बार सप्तमी श्राद्ध 13 सितंबर को होगा. सप्तमी तिथि के दिन जिनकी मृत्यु हो जाती है, उनका श्राद्ध सप्तमी के दिन ही किया जाता है.  – अष्टमी श्राद्ध इस बार आठवां श्राद्ध 14 सितंबर को होगा. जिन पितरों की मृत्यु किसी भी महीने की अष्टमी तिथि के दिन हो जाती है, उनका श्राद्ध जो है वो अष्टमी तिथि के दिन किया जाता है.  – नवमी श्राद्ध इस बार नवमी श्राद्ध 15 सितंबर को होगा. नवमी श्राद्ध खास महिलाओं के लिए होता है. यदि किसी महिला की मृत्यु तिथि याद ना हो तो नवमी तिथि पर श्राद्ध करना चाहिए. – दशमी श्राद्ध इस बार दशमी श्राद्ध 16 सितंबर को होगा. अगर किसी पितर की मृत्यु किसी भी महीने की दशमी तिथि को हुई हो तो उनका श्राद्ध पक्ष की दशमी तिथि के दिन किया जाता है.  – एकादशी श्राद्ध इस बार एकादशी श्राद्ध 17 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों श्राद्ध किया जाता है,  जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की एकादशी के दिन होती है.  – द्वादशी श्राद्ध इस बार द्वादशी श्राद्ध 18 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जो संन्यासी होते हैं. इसलिए, इसे संन्यासी श्राद्ध भी कहा जाता है.  – त्रयोदशी श्राद्ध या मघा श्राद्ध त्रयोदशी श्राद्ध इस बार 19 सितंबर को होगा. पितृ पक्ष की त्रयोदशी के दिन बच्चे का श्राद्ध किया जाता है. अगर किसी के घर में बच्चे की मृत्यु हो गई हो तो उसका श्राद्ध त्रयोदशी के दिन किया जाता है.  – चतुर्दशी श्राद्ध इस बार चतुर्दशी श्राद्ध 20 सितंबर को होगा. इस दिन उन व्यक्तियों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी अकाल मृत्यु हो गई हो.  – सर्वपितृ अमावस्या या आखिरी श्राद्ध  ये इस बार 21 सितंबर को है. इस दिन ज्ञात-अज्ञात सभी पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. यह पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है जब सभी पितरों की पूजा की जाती है.  पितृ पक्ष की ये 3 तिथियां हैं खास पितृ पक्ष की सभी तिथियों का अपना महत्व है, क्योंकि हर तिथि पर किसी न किसी के पितर की मृत्यु हुई होती है और वे उनके लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं. लेकिन, इस दौरान भरणी श्राद्ध, नवमी श्राद्ध और सर्व पितृ अमावस्या की तिथियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.  1. भरणी नक्षत्र हिंदू पंचांग के मुताबिक, भरणी या पंचमी श्राद्ध 11 सितंबर, गुरुवार के दिन किया जाएगा. भरणी श्राद्ध को महाभरणी श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है. भरणी श्राद्ध किसी परिजन की मृत्यु के एक साल बाद करना जरूरी होता है. अविवाहित लोगों का श्राद्ध पंचमी तिथि पर किया जाता है, और यदि उस दिन भरणी नक्षत्र हो तो श्राद्ध का महत्व और भी बढ़ जाता है. इसके अलावा, जो लोग तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते हैं, उनके लिए गया, पुष्कर आदि में भरणी श्राद्ध करना आवश्यक होता है. 2. नवमी श्राद्ध नवमी श्राद्ध को मातृ श्राद्ध और मातृ नवमी के नाम से जाना जाता है. नवमी तिथि पर माता पितरों का श्राद्ध करने का विशेष महत्व है, जिसमें मां, दादी, नानी आदि के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है.  3. सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध पितृ पक्ष की सबसे खास और आखिरी तिथि है सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध. सर्व पितृ अमावस्या पर उन पितरों के लिए श्राद्ध किया जाता है, जिनकी तिथि का पता नहीं है. 

बुधवार का राशिफल: 3 सितम्बर को इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा पैसा और सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। माता-पिता का सहयोग मिलने से वित्तीय परेशानियां खत्म हो सकती हैं। आज किसी खास व्यक्ति से आपको सरप्राइज मिल सकता है। आप कार्यस्थल पर अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपके बॉस भी आपकी तरक्की से खुश नजर आएंगे। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। वृषभ राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल रहेंगे। शादीशुदा लोगों का दिन अच्छा रहने वाला है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। मिथुन राशि- आज आवेग में आकर कोई फैसला न लें। परिवार में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। इमोशनल फीलिंग्स को दबाकर रखें। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। यात्रा आनंददायक और लाभदायक रहेगी। आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा खराब हो सकता है। कर्क राशि– आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। कार्यस्थल पर आपको अच्छे बदलाव का अनुभव हो सकता है। अगर आप जल्दबाजी में फैसले पर पहुंचेंगे और बेकार की कार्रवाई करेंगे तो यह एक परेशान करने वाला दिन होगा। सिंह राशि- आज के दिन की शुरुआत योग और ध्यान से करने से मानसिक रूप से फिट रहेंगे। जमीन से जुड़े किसी मामले पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आज कार्यस्थल पर आपके विचारों को सुना जाएगा और स्वीकार किया जाएगा। व्यावसायिक उन्नति मिल सकती है। आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमांटिक दिन बिताएंगे। कन्या राशि- आज आपके कारोबार में वृद्धि हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम के निपटने से मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ होगा। ऑफिस में सावधान रहें क्योंकि कोई आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकता है। आप अपने जीवनसाथी से नाराज महसूस कर सकते हैं। तुला राशि- आज आपके मूड में बदलाव हो सकता है। आपकी करियर की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। किसी लक्ष्य को पाना आज आपके लिए आसान नहीं होगा। ऑफिस में ईमानदारी से काम करते रहें। प्यार के आनंद का अनुभव करने वाला कोई मिल सकता है। यात्रा से लाभ मिलेगा। वृश्चिक राशि- आज आपका मन परेशान रहेगा। बेकार के क्रोध से बचें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में बदलाव के योग हैं। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। अपनों का साथ मिलेगा। जिस चीज की जरूरत होगी उसकी उपलब्धता भी होगी। धनु राशि- आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। आज अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। कई स्रोतों से धन लाभ होगा। आप कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। किसी भी नई साझेदारी पर साइन करने से दूर रहें। आज का दिन एकांत में बिताना आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ एक यादगार दिन बिताएंगे। मकर राशि- आज दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। पैसे को रियल एस्टेट में निवेश करना अच्छा रहेगा। घरेलू मामलों को निपटाने के लिए दिन अनुकूल रहने वाला है। नौकरी पेशा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। कुंभ राशि- आज धन की स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक स्रोत से धन का आगमन होगा, जिससे आर्थिक स्थिरता मिल सकती है। परिवार में वाद-विवाद से दूर रहें। व्यापारिक प्लानिंग सफल होंगी। आप अपना खाली समय अपनी जरूरतों को पूरा करने में लगाना चाहेंगे, लेकिन कोई जरूरी काम आ जाने के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। मीन राशि- आज आपके मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। किसी राजनेता से भेंट हो सकती है। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ बढ़ेगा। नौकरी पेशा करने वालों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है।

एकादशी पर करें ये राशि वाले उपाय, हर समस्या होगी दूर

हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. सालभर में 24 एकादशी व्रत होते हैं. हर माह में 2 बार एकादशी व्रत होता है. मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. वहीं, भादो का यह माह बहुत ही पवित्र माना गया है. ऐसे में भादो मास की एकादशी का खास महत्व होता है. कुछ ही दिनों बाद 03 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी आने वाली है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायक होती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार इस दिन किया गया राशि अनुसार उपाय से सालभर लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहेगी. राशि के अनुसार जरूर करें यह काम – मेष राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए लाल रंग का फूल अर्पित करना चाहिए. – वृषभ राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन सफेद चीजों का दान करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. – मिथुन राशि के जातक को इस दिन हरे रंग के वस्त्र भगवान विष्णु को अर्पित करने चाहिए. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं. – कर्क राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए खीर का भोग अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि खीर का भोग अर्पित करने से घर में खुशियां आती हैं. – सिंह राशि के जातक को परिवर्तिनी एकादशी के दिन पीले रंग का वस्त्र भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए. इसके साथ ही पीले रंग का वस्त्र भी धारण करना चाहिए. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं. – कन्या राशि के जातक जो कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. उन्हें परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए सफेद मिठाई के साथ केसर अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सालभर सुख-शांति बनी रहेगी. – तुला राशि वाले जातकों को इस दिन सफ़ेद चीजों का दान करना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है. साथ ही सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है. – वृश्चिक राशि के जातक नौकरी-व्यापार में तरक्की पाने के लिए इस दिन गुड़ का दान अवश्य करें. इससे नारायण की कृपा हमेशा बनी रहेगी. – धनु राशि के जातक परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए पीले वस्त्र और पीले चंदन का दान करें. साथ ही पीले फल का भी दान करें. इससे नौकरी मिलने के चांस बढ़ते हैं. – मकर राशि के जातक परिवर्तिनी एकादशी के दिन दही और इलायची का भोग अर्पित करें. इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. शादी के योग खुलते हैं. – कुंभ राशि के जातक परिवर्तिनी एकादशी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं. – मीन राशि के जातकों को परिवर्तिनी एकादशी के दिन गरीबों की सेवा करना चाहिए. साथ ही गरीबों को दान करना चाहिए. और भगवान को मिश्री का भोग लगाना चाहिए.