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जानें पितृपक्ष की शुरुआत से पहले किन वस्तुओं को हटाना है जरूरी

पितृपक्ष हिंदू धर्म का एक पवित्र काल होता है, जो पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए समर्पित है। यह 16 दिनों का विशेष समय होता है, जिसमें श्राद्ध, तर्पण और दान-धर्म के माध्यम से पितरों को संतुष्ट किया जाता है। पितृपक्ष आने से पहले घर की सफाई, व्यवस्था और कुछ खास वस्तुओं को घर से बाहर निकालना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा न करने पर मान्यता है कि घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रह सकती है और अशुभ प्रभावों से मनुष्य प्रभावित हो सकता है। इस आर्टिकल में जानेंगे पितृपक्ष आने से पहले किन पांच वस्तुओं को घर से बाहर निकालना चाहिए ताकि शुभ कार्य हो और घर में खुशहाली बनी रहे। टूटी-फूटी वस्तुएं और बर्बाद चीजें टूटी-फूटी चीजें जैसे टूटा हुआ बर्तन, फटा कपड़ा, टूटा हुआ इलेक्ट्रॉनिक सामान या खराब हो चुका कोई भी सामान घर में अशुभ माना जाता है। पितृपक्ष से पहले इन्हें साफ-सुथरे तरीके से बाहर निकाल देना चाहिए। ये वस्तुएं घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती हैं और अशुभ प्रभाव पैदा कर सकती हैं। टूट-फूट का प्रतीक जीवन में बाधा और नकारात्मकता को दर्शाता है। सूखे फूल और मुरझाए हुए पौधे घर में लगे मुरझाए हुए पौधे या सूखे फूल भी पितृपक्ष में अशुभ माने जाते हैं। ये न केवल घर की ऊर्जा को खराब करते हैं बल्कि पूर्वजों की आत्मा के प्रति उचित सम्मान नहीं माना जाता। इसलिए पितृपक्ष आने से पहले इन सूखे और मुरझाए हुए पौधों को हटा देना चाहिए। अधूरी या टूटी हुई पूजा सामग्री पूजा में उपयोग होने वाली अधूरी या टूटी हुई सामग्री जैसे टूटी हुई दीपक, अधूरा धूपबत्ती पैक, फटा हुआ थाली सेट आदि को भी बाहर निकालना चाहिए। अधूरी या टूटी पूजा सामग्री घर की शुद्धि में बाधा डालती है और पूजा का प्रभाव कम हो जाता है। बासी भोजन या खराब खाना पितृपक्ष में घर के किसी भी हिस्से में बासी या खराब भोजन रखना अशुभ माना जाता है। यह पूर्वजों के प्रति सम्मान का अभाव दर्शाता है। बासी या खराब भोजन से न केवल घर में बदबू और कीट-पतंगे बढ़ते हैं बल्कि नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अधूरा काम या असंपन्न वस्तुएं पितृपक्ष के पहले किसी भी अधूरे काम को पूरा कर लेना चाहिए। अधूरा काम घर में मानसिक तनाव और अशांति लाता है। साथ ही असंपन्न वस्तुएं जैसे आधे अधूरे कपड़े, अधूरा निर्माण कार्य या अधूरा सामान भी घर में नकारात्मकता पैदा करता है।

आज का दिन इन 5 राशियों के लिए खास, 6 सितंबर 2025 राशिफल में धन-खुशियों की बरसात

मेष राशि- अपना धैर्य बनाए रखें। बेकार की बातों में गुस्सा न करें, वरना घर का माहौल खराब हो सकता है। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहने वाली है। अपनों का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। आज महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर करें, वरना बाद में परेशानी हो सकती है। वृषभ राशि- आज का दिन आपके लिए आनंददायक रहने वाला है। दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करने से आपको लाभ मिलेगा। संपत्ति से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आज कार्यस्थल पर हर कोई आपसे प्यार करेगा और आपका समर्थन करेगा। जीवनसाथी के साथ पर नजर रखें। मिथुन राशि- आज आपको काम पर मानसिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र या बिजनेस में कोई भी लापरवाही आज आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। आज आप अपने लक्ष्य हासिल कर लेंगे। किसी नए व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। कर्क राशि- आज आप नई चीजों को सीखने की कोशिश कर सकते हैं। कार्यस्थल पर किसी अपने की सलाह फायदेमंद साबित हो सकती है। खुद को सही साबित करने के लिए अपने पार्टनर से झगड़ सकते हैं। किसी भी फैसले पर जल्दबाजी करने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। आर्थिक व व्यावसायिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। सिंह राशि- आज आपका मन परेशान हो सकता है। अपनों की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता रहेगी, जिससे कर्ज लेने की नौबत तक आ सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। यात्रा पर जा सकते हैं। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलने के संकेत हैं। कन्या राशि- आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। आपको वाहन सावधानी से चलाना चाहिए, वरना चोट-चपेट लग सकती है। आप अपने जीवनसाथी के साथ आज एक बार फिर पुराने खूबसूरत रोमांटिक दिनों को याद करेंगे। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। नौकरी करने वाले जातक ऑफिस में पॉलिटिक्स से दूर रहें। तुला राशि– आज आपकी वाणी में मधुरता रहेगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कारोबार के लिए यात्रा लाभप्रद रहेगी। सेहत का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से आप नौकरी के अच्छे प्रस्ताव प्राप्त कर सकते हैं। महत्वपूर्ण फैसले को फिलहाल के लिए टाल दें। वृश्चिक राशि- आज का दिन आपके लिए काम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। आपको मानसिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। लव लाइफ अच्छी रहने वाली है। आज कुछ लोगों को विदेश में नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। अपने जीवनसाथी के साथ कोई बेहद रोमांचक काम करेंगे। आर्थिक रूप से स्थिरता प्राप्त करेंगे। धनु राशि- आज आपका आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, लेकिन धैर्य रखने की जरूरत है। अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखें। बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। माता से धन मिल सकता है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। ऑफिस में तरक्की मिलने की संभावना है। मकर राशि- आज आपकी एनर्जी हाई रहने वाली है। किसी को रुपए-पैसे उधार देने से बचें, वरना वापसी में दिक्कत हो सकती है। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। आज आपको अनचाही यात्रा भी करनी पड़ सकती है। व्यापार में विस्तार के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। कुंभ राशि- आज आपके पास खुद के लिए पर्याप्त समय होगा। कार्यस्थल के तनाव को घर पर नहीं लाएं और अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए लंबी सैर पर जाएं। आज अटके हुए धन की वापसी हो सकती है। नए विचार फलदायी होंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। नौकरी में कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं। मीन राशि- आज आपको किसी करीबी व्यक्ति से सरप्राइज मिल सकता है। किसी प्लानिंग में आप सफल हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। सेहत अच्छी रहेगी। व्यवसाय में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

खराब नियत वाले लोग अक्सर अपनाते हैं ये 5 आदतें, इन्हें देखें तो रखें दूरी!

किसी इंसान की नीयत को उसके चेहरे से नहीं पहचाना जा सकता। बाहर से कोई कितना भी सीधा-सादा या भला लगे, जरूरी नहीं कि उसके दिल में भी उतनी ही अच्छाई हो। इंसान की असली पहचान तो उसकी आदतों से होती है। कुछ छोटी-छोटी बातें और व्यवहार, ये दो ही चीजें ऐसी हैं, जिनके जरिए आप इंसान की अच्छी और बुरी नीयत को पहचान सकते हैं। कुछ लोग बाहर से तो बहुत अच्छे बने रहते हैं लेकिन उनकी नियत खराब होती है। ऐसे लोगों से बचकर रहना बहुत जरूरी होता है क्योंकि ये किस फायदे के लिए आपके साथ जुड़े हुए हैं, ये कहना मुश्किल होता है। तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसी आदतें, जो अक्सर खराब नियत वालों में देखने को मिल जाती हैं। हर बात में अपना फायदा ढूंढना खराब नीयत वाले लोग हर स्थिति को इस नजरिए से देखते हैं कि इसमें उनका क्या फायदा हो सकता है। चाहे वह दोस्ती हो, काम का रिश्ता हो या परिवार से जुड़ा मामला। उनके मन में हमेशा यह कैलकुलेशन चलती रहती है कि उन्हें इस चीज से क्या फायदा मिलने वाला है। ये लोग किसी की मदद भी तब ही करते हैं, जब उन्हें यकीन हो कि बाद में उससे उन्हें कोई लाभ मिल सकता है। अगर उन्हें किसी रिश्ते से फायदा नहीं मिल रहा होता है तो वो उससे किनारा करने लगते हैं। दूसरों की बुराई करके खुद को बेहतर दिखाना जो लोग हमेशा दूसरों को बुरा दिखाकर खुद को अच्छा साबित करने की फिराक में लगे रहते हैं, ऐसे लोग भी खराब नीयत वाले होते हैं। ऐसे लोग अक्सर दूसरों की कमियों को उजागर करते हैं, ताकि खुद को ऊँचा दिखा सकें। पीठ पीछे बुराई करना इन लोगों की खास आदत होती है। ऐसे लोगों की बातें सुनने में तो तर्कपूर्ण लग सकती हैं, लेकिन उनका मकसद सिर्फ अपनी छवि को चमकाना और दूसरों को कमजोर साबित करना होता है। जिन्हें हो झूठ बोलने की आदत खराब नियत वाले इंसान की एक खास आदत ये भी होती है कि उन्हें झूठ बोलने में कोई झिझक नहीं होती। ऐसे लोगों के लिए सच को तोड़-मरोड़कर पेश करना या पूरी तरह से झूठी बातें बना लेना आम बात है। इस तरह के लोग अपने झूठ को इतनी सफाई से कहते है कि सामने वाला तुरंत पकड़ भी नहीं पाता। धीरे-धीरे जब सच्चाई सामने आती है, तब तक कई लोगों को काफी नुकसान हो चुका होता है। जिन्हें दूसरों के इमोशन की कद्र ना हो खराब नीयत वाले इंसान कभी दूसरों के इमोशन की कद्र नहीं करते हैं। किसी के सुख-दुख का इन्हें कोई ख्याल नहीं रहता। ऐसे लोग किसी का भरोसा जीतकर, फिर उसी का गलत इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते। इनके लिए प्यार, दोस्ती, सहानुभूति जैसे इमोशन सिर्फ एक हथियार है, जिसका इस्तेमाल वो अपने मतलब को पूरा करने के लिए करते हैं। कभी अपनी गलती नहीं मानना खराब नीयत वाले व्यक्ति में विनम्रता की भी कमी होती है। ऐसे लोग इस बात को कभी एक्सेप्ट नहीं करते हैं कि उनसे कोई गलती हुई है। उल्टा वे अपनी गलती को दूसरों पर डालने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग अपनी इमेज को सुधारने के लिए किसी को भी बलि का बकरा बना सकते हैं।  

वास्तु टिप्स: कछुए की मूर्ति से मिलता है धन-समृद्धि का आशीर्वाद

  माना जाता है कि जिस घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखा जाता है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस तरह अपने घर में कछुए की मूर्ति रख सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। मिलते हैं ये फायदे वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में कछुए की मूर्ति (tortoise vastu tips) रखने से जीवन में धन-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। इतना ही नहीं वास्तु के अनुसार, घर में कछुए की मूर्ति रखने से वास्तु दोष भी दूर होता है। किस दिशा में रखना है शुभ कछुए की मूर्ति को हमेशा घर की उत्तर या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। इस दिशा में पीतल, सोना या फिर चांदी से बनी कछुए की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। वहीं अगर आप क्रिस्टल से बनी कछुए की मूर्ति रख रहे हैं, तो इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में कछुए की इस तरह की मूर्ति घर में रखना शुभ माना गया है, जिसमें कछुआ पानी के अंदर हो। इस पानी को रोजाना बदलना चाहिए। कहां रखें कछुएं की मूर्ति बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कछुए की मूर्ति रखना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इसे बच्चों के कमरे में रख सकते है। इसके साथ ही कछुए की मूर्ति को मुख्य द्वार के पास रखना भी लाभकारी माना जाता है। मूर्ति को कुछ इस तरह से रखें कि कछुए का मुंह घर के अंदर की तरफ हो।  

गर्भवती महिलाएं चंद्रग्रहण में रखें विशेष ध्यान, वरना हो सकता है असर

साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण जल्द ही लगने वाला है. साल का दूसरा चंद्रग्रहण भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि को लगेगा. यह साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा. 7 सितंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है. यह ग्रहण भारत में भी नजर आएगा. 7 सितंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण से गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होगी. मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान ब्रह्मांड में शक्तिशाली तरंगें सक्रिय हो जाती हैं. इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सुरक्षा हो सके. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के रहना चाहिए. मान्यता है कि इस दौरान निकलने वाली हानिकारक किरणें गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकती हैं. साथ ही चंद्र ग्रहण के समय आमतौर पर कुछ भी खाने से परहेज किया जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं को ताज़े फल, सात्विक भोजन और जरूरी दवाइयां लेने की अनुमति होती है. चंद्र ग्रहण के दिन प्रेग्नेंट महिलाओं को तेज धार वाली या नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.इस दौरान घर की खिड़कियां और दरवाजे को बंद कर लेना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की किरणें घर के अंदर प्रवेश ना कर सके. गर्भवती महिलाएं को ग्रहण के समय ध्यान और मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है और उनके लिए भगवान का नाम लेना और मंत्र जाप करना लाभकारी होता है.चंद्र ग्रहण से पहले और बाद में स्नान करना जरूरी होता है. मान्यता है नहाने से नकारात्मक असर को दूर किया जा सकता है.

तुलसी पूजन से मिलेगा विष्णु का आशीर्वाद, सुख-समृद्धि का होगा आगमन

हिंदू धर्म में हर माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन व्रत किया जाता है. साल में कुल 12 पूर्णिमा पड़ती है, जिसमें हर पूर्णिमा तिथि का अपना अलग महत्व बताया गया है. भाद्रपद माह की पूर्णिमा को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा-अर्चना की जाती हैं और चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है. पूर्णिमा तिथि हिंदू कैलेंडर के अनुसार 15वां दिन होता है. भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि इसलिए भी विशेष होती है क्योंकि यह हिंदू वर्ष की छठवीं पूर्णिमा होती है और इस दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होती है. साल 2025 में भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि 7 सितंबर 2025, रविवार के दिन पड़ रही है. भाद्रपद पूर्णिमा 2025 भाद्रपद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय शाम 06 बजकर 26 मिनट रहेगा. भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि का महत्व पूर्णिमा का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. इस दिन व्रत, पूजा, दान आदि विशेष महत्व है. इस दिन स्नान, दान को श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन दान, व्रत, कथा और भगवान विष्णु का पूजन करने से शुभ फल प्राप्त होता है. पूर्णिमा तिथि के दिन विशेष रूप से इस दिन सत्यनारायण व्रत की जाती है. भाद्रपद पूर्णिमा 2025 पर तुलसी उपाय     भाद्रपद पूर्णिमा के दिन सुबह तुलसी पूजा करने से जीवन में विष्णु जी की कृपा बनी रहती है साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.     इस दिन तुलसी पूजन का संकल्प लें, तुलसी के पौधे में जल को अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं.     तुलसी की परिक्रमा करें,     इस दिन तुलसी माला का जाप करें, और साथ में इस मंत्र को बोलें, ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’.इस जाप को करने से पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है.     पूर्णिमा की रात्रि को आप भगवान विष्णु को खीर का भोग लगा सकते हैं. भोग में तुलसी दल को उसमें शामिल जरूर करें. ऐसा करने से सुख-शांति का आगमन होता है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है.     तुलसी माता को सोलह श्रृंगार अर्पित करें, ऐसा करने से सुहाग बना रहता है.  

आज की कुंडली: 5 सितम्बर 2025 को इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत, लाभ होगा पैसों का

मेष राशि- आज का दिन आपकी सेहत के लिए अच्छा रहने वाला है। आर्थिक लाभ की संभावना है। नौकरी में तरक्की के साथ आय में वृद्धि मिल सकती है। ऑफिस में किसी नए प्रोजेक्ट को लीड करने का मौका मिल सकता है। रिश्तों में सुधार होगा। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। परिवार में किसी मेहमान का आगमन हो सकता है। अपनों का साथ मिलेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन प्रसन्न रहेगा। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। मिथुन राशि– लव लाइफ के लिहाज से दिन अच्छा रहने वाला है। शाम तक कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं। सेहत के मामले में दिन अच्छा रहने वाला है। करियर में आज मिश्रित परिणाम मिलने की संभावना है। यात्रा के योग बन रहे हैं। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। कर्क राशि– सिंगल लोगों की खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। शाम का समय रोमांस के लिहाज से अच्छा रहने वाला है। आज आपके जीवन में नई एनर्जी का संचार होगा। कलीग के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज धन के लेनदेन में सावधानी बरतें। सिंह राशि– आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। आर्थिक मामलों के सुलझने से मन प्रसन्न रहेगा। फिर भी धैर्य से काम लें। ऑफिस में सीनियर्स के साथ बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। सेहत का ध्यान रखें। खर्च बढ़ेंगे। कन्या राशि- आज आपके संतान सुख में वृद्धि होगी। लेकिन जीवन साथी की सेहत का ध्यान रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। काम के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्राएं करनी बढ़ सकती है। खर्च की अधिकता होने से कर्ज की स्थिति आ सकती है। तुला राशि– आज पारिवारिक समस्याओं का हल मिलेगा। करियर में उन्नति मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी के लिए परीक्षा और इंटरव्यू आदि कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी। वृश्चिक राशि- आज आपके आत्मविश्वास में कमी होगी। किसी फ्रेंड्स की मदद से कारोबार में वृद्धि होगी। धन लाभ में वृद्धि होगी। मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। किसी अटके हुए धन की वापसी संभव है। व्यापारिक स्थिति में सुधार होगा। धनु राशि- आज आपके मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। हालांकि माता-पिता की सेहत पर नजर रखें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें। मकर राशि- आज आप आत्मविश्वास में कमी महसूस कर सकते हैं। खर्च की अधिकता के कारण मन परेशान रहेगा। बेकार के वाद-विवाद व क्रोध से बचें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। लाभ में भी वृद्धि होगी। कुंभ राशि- आज आपकी शारीरिक व मानसिक सेहत अच्छी रहेगी। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। घर के रेनोवेशन में खर्च कर सकते हैं। धन का आगमन होगा। आय के नए स्रोत बनेंगे। व्यापार में तरक्की मिल सकती है। मीन राशि– आज पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आय के साधन भी बन सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। लेकिन यात्रा से लाभ के मार्ग बनेंगे।

बप्पा को विदा करते समय इन चीजों का दान देगा घर में सुख-शांति का संदेश

गणपति बप्पा की विदाई का समय नजदीक आ रहा है. इस साल अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर, 2025 को मनाई जाएगी. यह दिन गणेशोत्सव के समापन का प्रतीक है, जब भक्तगण भगवान गणेश को अगले साल वापस आने के वादे के साथ भावुक मन से विदा करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आप बप्पा की विदाई के बाद कुछ खास चीजों का दान करते हैं, तो इससे गणपति जी की कृपा पूरे साल आपके परिवार पर बनी रहती है. आइए जानते हैं कि अनंत चतुर्दशी के दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है. अन्न और वस्त्र का दान गणेश विसर्जन के बाद अन्न और वस्त्र का दान करना बहुत ही पुण्य का काम माना जाता है. आप किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज, जैसे चावल या दाल, और नए कपड़े दान कर सकते हैं. ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती है. गुड़ का दान गुड़ को बहुत शुभ माना जाता है और इसे भगवान गणेश का प्रिय भोग भी माना जाता है. अनंत चतुर्दशी के दिन गुड़ का दान करने से आपकी सारी परेशानियां दूर हो सकती हैं. आप किसी मंदिर में या किसी गरीब को गुड़ का दान कर सकते हैं. मान्यता है कि इससे जीवन में मिठास और खुशहाली आती है. नारियल का दान नारियल को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है और इसे शुभ कामों में इस्तेमाल किया जाता है. बप्पा की विदाई के बाद नारियल का दान करना बहुत फलदायी होता है. आप नारियल को किसी बहती नदी में प्रवाहित कर सकते हैं या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे सकते हैं. यह दान आपके जीवन से नकारात्मकता को दूर करने में मदद करता है. मोदक और मिठाई का दान मोदक भगवान गणेश का पसंदीदा पकवान है. गणपति विसर्जन के बाद मोदक या अन्य मिठाई का दान करना बहुत ही शुभ होता है. आप मंदिर में या गरीबों में मोदक और मिठाई बांट सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से आपको भगवान गणेश का विशेष आशीर्वाद मिलता है और आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. क्यों जरूरी है विसर्जन के बाद दान? हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व बताया गया है. गणपति जी को विघ्नहर्ता और सुखकर्ता कहा गया है. ऐसे में जब उन्हें विदा किया जाता है तो भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए दान-पुण्य का कार्य अवश्य करते हैं. माना जाता है कि यह दान घर से दरिद्रता को दूर कर देता है और सौभाग्य की वृद्धि करता है.

घर में लगाएं पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर, नकारात्मक ऊर्जा होगी समाप्त

माना जाता है कि घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखने से व्यक्ति के घर-परिवार में सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। अधिकतर लोग अपने घरों में देवी-देवताओं की तस्वीर भी लगाते हैं। वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना काफी शुभ माना गया है। ऐसे में अगर आप वास्तु नियमों का ध्यान में रखते हुए इन तस्वीरों को घर में लगाते हैं, तो इससे आपको काफी लाभ देखने को मिल सकता है। कहां लगाएं हनुमान जी की तस्वीर वास्तु शास्त्र में हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर लगाने के लिए घर के दक्षिण-पश्चिम कोने को सबसे उत्तम माना गया है। यह कोना समृद्धि और स्थिरता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में अगर इस दिशा में हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर लगाते हैं, तो इससे आपको वास्तु दोष से राहत देखने को मिल सकती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बढ़ता है। जानिए सही विधि हनुमान जी की तस्वीर लगाने से पहले आपको उस जगह को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए। इसके साथ ही गंगाजल का छिड़काव भी करें। इसके साथ ही ॐ हं हनुमते नमः मंत्र का जप करें। इसके बाद हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर स्थापित करें। इसके साथ ही आपको रोजाना विशेषकर मंगलवार और शनिवार के दिन इस तस्वीर के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ये तस्वीरें भी हैं शुभ वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में भगवान गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और अन्य देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने से भी सुख-समृद्धि बढ़ती है। देवी-देवताओं की तस्वीरों को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके लगाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पूजा स्थल पर देवी-देवताओं की फोटो को हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। न करें ये गलती घर में कभी भी टूटी हुई या फिर खंडित तस्वीरें नहीं रखना चाहिए। इससे वास्तु दोष का खतरा बढ़ सकता है। इन तस्वीरों को सम्मानपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए और क्षमायाचना करनी चाहिए। इसके साथ ही वास्तु में माना गया है कि कभी भी देवी-देवताओं की तस्वीरों को बेडरूम में या फिर बाथरूम के पास नहीं लगाना चाहिए। वरना आपको बुरे परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।  

प्रदोष व्रत का महत्व: 5 सितंबर को करें भगवान शिव की आराधना और पाएं शुभ फल

हिंदू धर्म में हर व्रत और त्योहार का अपना विशेष महत्व है. भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत हर माह में दो बार पड़ता है. प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है जिसमे से एक शुक्ल पक्ष के समय और दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है. जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय पड़ती है उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है. साल 2025 में सितंबर माह में पड़ने वाला पहला और भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाएगा. इस दिन प्रदोष काल में पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है. शुक्र प्रदोष व्रत 2025 तिथि     त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 5 सितंबर को सुबह 04 बजकर 08 मिनट पर होगी.     त्रयोदशी तिथि समाप्त 6 सितंबर 2025 को सुबह 03 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी.     इसीलिए भाद्रपद माह में शुक्ल प्रदोष व्रत 5 सितंबर, 2025 शुक्रवार के दिन रखा जाएगा. संध्या पूजा का समय इस दिन प्रदोष काल में पूजा का समय शाम 6 बजकर 38 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 55 मिनट रहेगा. जिसकी कुल अवधि 2 घंटे 17 मिनट रहेगी. कब होता है प्रदोष काल?     प्रदोष काल शाम का समय होता है, जो सूर्यास्त से प्रारम्भ हो जाता है. जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं वह समय शिव पूजा के लिये सर्वश्रेष्ठ होता है.     इस दिन संध्या काल में पूजा करने का विशेष महत्व है. जरूरी है इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करें तो उसका शुभ फल प्राप्त होता है.     प्रदोष काल सूर्यास्त के लगभग डेढ़ से दो घंटे तक रहता है.     इस काल में शिव जी और माता-पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. यह समय भगवान शिव को समर्पित है. इस समय पूजा करने से शिव जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं.     प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, और बिल्व पत्र अर्पित करने से विशेष फल मिलता है. शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ने से इस प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भक्त महादेव के साथ-साथ मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है. विवाहित लोग जब इस दिन व्रत को करते हैं तो शादीशुदा जीवन में खुशियों का आगमन होता है. साथ ही इस दिन शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद बना रहता है और हर मनोकामना पूर्ण होती है. यह व्रत सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान प्राप्ति के लिए विशेष रूप से किया जाता है.