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4 साल पुरानी कीमत पर मिलेगी कार? TATA ने की तगड़ी कटौती

मुंबई   गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) रिफॉर्म की चर्चा चारो ओर रही है. डेली लाइफ में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों की कीमत में भारी कटौती देखने को मिल रही है. लेकिन इस वक्त सबसे ज़्यादा चर्चा जिस ऑफर की हो रही है, वह टाटा मोटर्स का ‘फेस्टिवल ऑफ GST’ कैंपेन. GST 2.0 लागू होने के बाद कंपनी ने जिस आक्रामक अंदाज़ में दाम घटाए हैं और ऊपर से त्योहारों का तड़का लगाया है, वह ग्राहकों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है.  कुल 2 लाख तक के फायदे, लॉन्च प्राइस से नीचे लुढ़के दाम और फीचर-लोडेड वैरिएंट्स. यह सब मिलाकर टाटा मोटर्स ने त्योहारी सीज़न में कार बाजार का असली खेल पलटने की तैयारी की है. जीएसटी छूट के अलावा दिया जाने वाला एक्स्ट्रा बेनिफिट आगामी 30 सितंबर 2025 तक के ही लिए लागू होगा. यानी कार खरीदारी का ये सुनहरा मौका है.  Tata का ऐलान टाटा मोटर्स ने नए जीएसटी छूट का लाभ अपने ग्राहकों तक सीधे पहुंचाने का ऐलान किया है. जिससे कंपनी के पोर्टफोलियो में शामिल सबसे सस्ती कार टिएगो से लेकर नेक्सन और सफारी तक, सभी कारों की कीमत में 1.55 लाख रुपये तक की कटौती हो गई है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि, जीएसटी छूट के अलावा कारों की खरीदारी पर 65,000 रुपये तक के एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिए जा रहे हैं, जिससे कुल बचत का आंकड़ा 2 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. तो आइये देखें किस कार कितनी बचत होगी. Tata Nexon पर सबसे बड़ा फायदा  कंपनी की बेस्टसेलर एसयूवी Nexon की खरीद पर सबसे बड़ा लाभ मिल रहा है. यहां ग्राहक को 1.55 लाख तक की GST कटौती और 45,000 रुपये तक के एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल रहे हैं. अब इस एसयूवी की शुरुआती कीमत 7.31 लाख रुपये हो गई है, जो पहले 8.00 लाख रुपये हुआ करती थी. कुल मिलाकर टाटा नेक्सन की खरीद पर ग्राहक इस समय 2 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं. इस एसयूवी के टॉप मॉडल पर 17.5% तक की कटौती हुई है. Curvv पर भी बड़ा सरप्राइज हाल ही में लॉन्च हुई Curvv एसयूवी को लेकर किसी को बड़ी कटौती की उम्मीद नहीं थी, लेकिन टाटा ने यहां भी 1.07 लाख तक का लाभ दिया है. कंपनी ने इसकी कीमत में 67,000 रुपये तक की कटौती की है. अब इसकी शुरुआती कीमत 9.65 लाख रुपये हो गई है, इसके अलावा इस एसयूवी पर 40,000 रुपये का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिया जा रहा है. इस पर कुल बचत 1.07 लाख रुपये होगी.  Harrier और Safari में भी भारी कटौती हैरियर और सफारी के दाम में क्रमश: 1.44 लाख और 1.48 लाख रुपये की कटौती की गई है. इनकी शुरुआती कीमत अब क्रमश: 13.99 लाख और 14.66 लाख रुपये हो गई है. इसके अलावा इन दोनों एसयूवी पर 50-50 हजार रुपये तक का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिया जा रहा है. जिसके मिलाकर बचत का आंकड़ा लगभग 1.98 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. Punch और Tiago की बड़ी वापसी Punch, जो 2021 में 5.49 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुई थी, अब फिर से उसी दाम पर उपलब्ध है. यानी पिछले चार सालों में बढ़ी हुई महंगाई और प्राइस हाइक को कंपनी ने पूरी तरह से मिटा दिया है. इससे  भी बड़ा सरप्राइज है Tiago के लिए, जो आज 4.57 लाख से शुरू हो रही है. यह 2020 के लॉन्च प्राइस से भी कम है. एंट्री-लेवल हैचबैक सेगमेंट में इस तरह का वैल्यू फॉर मनी ऑफर ग्राहकों के लिए किसी बड़े तोहफ़े से कम नहीं. पंच के दाम में 1.08 लाख रुपये तक की कटौती हुई है. इसके अलावा इस छोटी एसयूवी पर 50,000 रुपये तक का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दिया जा रहा है. यानी कुल बचत 1.58 लाख रुपये होगी. वहीं टिएगो हैचबैक की कीमत में कंपनी ने 75,000 रुपये की कटौती की है. इस हैचबैक पर भी 45,000 रुपये का एक्स्ट्रा बेनिफिट दिया जा रहा है. यानी इस पर कुल बचत 1.20 लाख रुपये होगी. Tata Tigor पर 1.11 लाख की बचत टाटा की कॉम्पैक्ट सेडान कार टिगोर के दाम में 81,000 रुपये की कटौती की गई है. मारुति डिजायर के प्रतिद्वंदी के तौर पर दौड़ रही इस कार की शुरुआती कीमत अब 5.48 लाख रुपये हो गई है. इसके अलावा इस सेडान पर कंपनी 30,000 रुपये तक का एक्स्ट्रा बेनिफिट भी दे रही है. यानी कुल बचत का आंकड़ा 1.11 लाख रुपये तक पहुंच गया है.

शेयर बाजार में रौनक लौटाई GST ने, ट्रंप की वीज़ा धमकी बेअसर

मुंबई  शेयर बाजार पर देश में लागू हुए जीएसटी रिफॉर्म्स को जोरदार असर देखने को मिला है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H1B वीजा बम पर टैक्स छूट भारी पड़ती नजर आई है. दरअसल, एच1वीजा फीस हाइक के ट्रंप के ऐलान के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट लेकर खुले. लेकिन कुछ ही मिनटों के बाद दोनों इंडेक्स जोरदार रिकवरी मोड में आ गए और शुरुआती गिरावट धीमी पड़ गई. जहां आईटी शेयर टूटे दिखाई दिए, तो वहीं अडानी पोर्ट्स-अडानी पावर से लेकर कोचीन शिपयार्ड तक के शेयरों में तेजी दर्ज की गई.  पहले तेज गिरावट, फिर संभले इंडेक्स  शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 82,626.23 की तुलना में बुरी तरह फिसलकर 82,151.07 के लेवल पर ओपन हुआ. इस बीच ट्रंप के H1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के चलते खासतौर पर आईटी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. लेकिन ये तेज गिरावट कुछ ही मिनटों के कारोबार में धीमी पड़ गई और बीएसई का इंडेक्स तगड़ी रिकवरी के मूड में नजर आया. खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार में ये मामूली गिरावट के साथ 82,557.88 पर कारोबार कर रहा था.  बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसमें भी सेंसेक्स की तरह ही पहले गिरावट और रिकवरी देखने को मिली. अपने पिछले बंद 25,327.05 की तुलना में ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 25,238.10 पर ओपन हुआ और फिर रिकवरी करते हुए 25,331.70 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया.  बाजार खुलते ही फिसले थे 2355 स्टॉक बाजार की खराब शुरुआत के दौरान शेयर मार्केट में लिस्टेड करीब 2,355 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले कारोबारी बंद के मुकाबले तेज या मामूली गिरावट लेकर ओपनिंग की थी, जबकि 948 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए थे. वहीं 155 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा और इनकी फ्लैट ओपनिंग हुई.  निफ्टी पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स जहां सबसे ज्यादा भागते हुए नजर आए, तो वहीं टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स, डॉ रेड्डीज लैब्स जैसे बड़े स्टॉक्स ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की.  ट्रंप के ऐलान का IT शेयर पर असर  अब बताते हैं डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H1B Visa Fee Hike से प्रभावित हुए शेयरों के बारे में, तो इसका सबसे ज्यादा असर आईटी शेयरों पर पड़ा. सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में लार्जकैप में शामिल टेक महिंद्रा शेयर (3.74%), टीसीएस शेयर (2.20%), इंफोसिस (2.10%), एचसीएल शेयर (1.70%) की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल हेक्सवेयर टेक शेयर (5.60%), एम्फेसिस शेयर (4%), टाटा टेक शेयर (2.10%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे.  अडानी पावर समेत ये 10 शेयर उछले बात करें, सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों के बारे में, तो सबसे तूफानी रफ्तार से गौतम अडानी के नेतृत्व वाली अडानी पावर का शेयर भागा और 18 फीसदी से ज्यादा की तेजी लेकर 167.55 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा अन्य बढ़त वाले स्टॉक्स में स्मॉलकैप कैटेगरी के स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (15%), आईआईएल (9%), बीसीएल इंडिया शेयर (7.56%), एमएमटीसी शेयर (7.50%) और नेट वेब शेयर (6%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. मिडकैप में पीईएल शेयर (5%), मुथूट फाइनेंस शेयर (3%), कोचीन शिपयार्ड शेयर (2.70%) और यस बैंक शेयर (2.10%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. 

सफर अब और आसान: Rail Neer का पानी अब होगा किफायती

नई दिेल्ली इंडियन रेलवे ने जीएसटी सुधारों के बाद रेल नीर की कीमतों में कटौती का एलान किया है। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी नोटफिकेशन के अनुसार, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा निर्मित रेल नीर की एक लीटर की बोतल की कीमत 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये कर दी गई है। वहीं, 500 मिलीलीटर पानी की बोतल की कीमत 9 रुपये से घटाकर 10 रुपये कर दी गई है। नोटिफिकेशन में कहा गया है, "पैकेज्ड पेयजल बोतल 'रेल नीर' का अधिकतम खुदरा मूल्य एक लीटर क्षमता वाली बोतल के लिए 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये और 500 मिलीलीटर क्षमता वाली बोतल के लिए 10 रुपये से घटाकर 9 रुपये किया जाएगा।"   रेल नीर हुआ सस्ता नई कीतमें देश भर के रेलवे परिसरों और ट्रेनों में बेची जाने वाली सभी ब्रांडों की अन्य 'शॉर्टलिस्टेड' पैकेज्ड पेयजल बोतलों पर भी लागू होगा। रेलवे परिसरों/ट्रेनों में बेची जाने वाली आईआरसीटीसी/रेलवे द्वारा चयनित अन्य ब्रांडों की पैकेज्ड पानी की बोतलों का अधिकतम खुदरा मूल्य भी एक लीटर की बोतल के लिए 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये और 500 मिलीलीटर की बोतल के लिए 10 रुपये से घटाकर 9 रुपये कर दिया जाएगा। जीएसटी सुधार क्या हैं? आज से  लागू होने वाले जीएसटी रिफॉर्म में अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर 5 और 18 प्रतिशत का कर लगेगा। लग्जरी वस्तुओं पर 40 प्रतिशत कर लगाया जाएगा। अभी जीएसटी 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की चार स्लैब में लगाया जाता है। इसके अलावा, विलासिता वस्तुओं और अवगुण या पाप वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है।  

खुशखबरी! बदल गई कीमतें, देखें आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा

नई दिल्ली भारत के इनडायरेक्ट टैक्सेशन सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव कल 22 सितंबर से लागू होने जा रहा है। यह बदलाव गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) सुधार के रूप में सामने आया है। जीएसटी काउंसिल (जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं) ने सितंबर की शुरुआत में इस सुधार को मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना, उपभोग को बढ़ावा देना और दरों का तार्किकरण करना है। इससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलने वाली है। आइए जानते हैं डिटेल में… क्या है नया बदलाव? 1. दो मुख्य स्लैब – अब जीएसटी को सरल करते हुए दो प्रमुख दरें तय की गई हैं- 5% और 18% 2. विशेष स्लैब – तथाकथित सिन वस्तुओं जैसे तंबाकू, शराब, एरेटेड ड्रिंक्स इत्यादि पर 40% जीएसटी लगेगा। कल से आपके लिए क्या हो रहा है सस्ता? रोजमर्रा की जरूरी चीजें वो घरेलू सामान जिन पर अभी 12% जीएसटी लगता है, अब 5% स्लैब में आ सकते हैं। इनमें शामिल हैं: • टूथपेस्ट, साबुन और शैम्पू • पैकेज्ड फूड जैसे बिस्किट, स्नैक्स और जूस • डेयरी उत्पाद जैसे घी और कंडेंस्ड मिल्क • साइकिल और स्टेशनरी • निश्चित कीमत तक के कपड़े और जूते 2. घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स जिन वस्तुओं पर अभी 28% टैक्स है, उन्हें घटाकर 18% किया जा सकता है। इससे कीमतें लगभग 7–8% तक कम हो सकती हैं। इनमें शामिल हैं: • एयर कंडीशनर • रेफ्रिजरेटर और डिशवॉशर • बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजन • सीमेंट (निर्माण और हाउसिंग के लिए महत्वपूर्ण) ऑटोमोबाइल ऑटो सेक्टर को भी इस बदलाव से बड़ा फ़ायदा मिलने की उम्मीद है: • छोटे कार (1,200cc से कम इंजन वाली) पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो सकता है। • टू-व्हीलर (भारत की मोबिलिटी की रीढ़) भी कम स्लैब में आ सकते हैं। • बड़ी लग्जरी कार और एसयूवी पर ऊंचा टैक्स जारी रहेगा। बीमा और वित्तीय सेवाएं अभी बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी लगता है, जिससे यह महँगा हो जाता है। जीएसटी 2.0 में इन्हें कम स्लैब में लाया जा सकता है या कुछ मामलों में पूरी तरह छूट दी जा सकती है। बता दें कि बीमा सस्ता होने से मिडिल इनकम परिवारों में कवरेज बढ़ेगा, जिससे वित्तीय सुरक्षा और स्वास्थ्य/जीवन से जुड़े जोखिमों में कमी आएगी। कल से क्या होगा महंगा? जीएसटी 2.0 के बाद भी सब कुछ सस्ता नहीं होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कुछ वस्तुओं पर 40% ‘सिन टैक्स’ लागू रहेगा। • तंबाकू उत्पाद, शराब और पान मसाला • ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म • पेट्रोलियम उत्पाद अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर हैं, इसलिए ईंधन की कीमतों में कोई राहत नहीं मिलेगी। • लग्जरी सामान जैसे हीरे और कीमती रत्नों पर भी ऊंचा टैक्स जारी रहेगा।  

Bajaj Chetak ने रचा रिकॉर्ड, लॉन्च के बाद अब तक 5.1 लाख यूनिट्स की बिक्री

मुंबई  दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto की इलेक्ट्रिक स्कूटर Bajaj Chetak ने जनवरी 2020 में लॉन्च होने के बाद से अब तक 5,10,000 से ज़्यादा यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर दिया है. ख़ास तौर पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इन बिक्री हुए यूनिट्स में से 40 प्रतिशत से ज़्यादा यानी करीब 2,06,366 यूनिट्स बिक्री नवंबर 2024 के बाद के 10 महीनों में हुई है. Bajaj Chetak की बिक्री की उपलब्धि Bajaj Auto ने यह उपलब्धि हाल ही में आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बावजूद हासिल की है. गौरतलब है कि रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी के कारण Bajaj Chetak का उत्पादन अस्थायी रूप से रुक गया था. फिर भी, Bajaj Chetak लगातार भारत में सबसे ज़्यादा बिकने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों में से एक रहा है. Bajaj Chetak , TVS iQube के साथ टॉप स्थान पर भी रहा, जब तक कि हालिया समस्याओं ने इसे क्रम में नीचे नहीं गिरा दिया. हालांकि, अब उत्पादन फिर से पटरी पर आने के साथ, हम आने वाले महीनों में बिक्री के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद कर सकते हैं. इस सफलता का श्रेय Bajaj Auto द्वारा Bajaj Chetak लाइनअप में कई वेरिएंट पेश करने और देश भर में 3,800 से ज़्यादा टचपॉइंट्स के अपने व्यापक सर्विस नेटवर्क का लाभ उठाने को दिया जा सकता है. अब तक बेचे गए 5,10,007 Chetak स्कूटरों में से, 3,48,251 यूनिट्स अप्रैल 2024 से पिछले 20 महीनों में भेजी गईं. दिल चस्प बात यह है कि Bajaj Auto के कारखाने से भारत भर के डीलरों तक पिछली 2,00,000 यूनिट्स 10 महीने से भी कम समय में भेजी गईं. Bajaj Chetak पोर्टफोलियो में वर्तमान में दो बैटरी कॉन्फ़िगरेशन वाले चार मॉडल शामिल हैं. इनमें Bajaj Chetak 3001 में 3kWh की बैटरी मिलती है, जबकि 3501, 3502 और 3503 वेरिएंट में 3.5kWh का बड़ा बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है. इस रेंज की कीमतें 99,900 रुपये से शुरू होकर 1.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती हैं.

PhonePe को RBI की हरी झंडी, डिजिटल भुगतान में SMEs और मर्चेंट्स को मिलेगी सहूलियत

मुंबई  PhonePe को RBI से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस मिल गया है इससे SMEs और मर्चेंट्स के लिए डिजिटल भुगतान करना आसान होगा. यह कदम छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल लेनदेन में सुरक्षित और तेज़ सुविधा प्रदान करेगा और वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा.  भारत में डिजिटल पेमेंट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में PhonePe ने अपनी ताकत साबित की है. 650 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स और 45 मिलियन मर्चेंट आउटलेट्स के नेटवर्क के साथ, PhonePe रोजाना 360 मिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है. अब कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त कर लिया है. यह मंजूरी न केवल कंपनी के लिए बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) और मर्चेंट्स के लिए भी नई संभावनाएँ लेकर आई है. RBI लाइसेंस का महत्व RBI से मिली यह मंजूरी PhonePe को डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने और उनके लेनदेन को सुरक्षित और तेज़ बनाने का अधिकार देती है. यह कदम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाने और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के RBI के प्रयासों का हिस्सा है. SMEs और मर्चेंट्स पर फोकस PhonePe विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल भुगतान के समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर, युवराज सिंह शेखावत के अनुसार, यह लाइसेंस मर्चेंट सर्विसेज के विस्तार में सहायक होगा और व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन की सुविधा देने में मदद करेगा. PhonePe की सेवाएं     SMEs और मर्चेंट्स को UPI, QR कोड और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध कराना     मर्चेंट्स के लिए टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स टूल्स प्रदान करना     व्यवसायिक लेनदेन को तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना RBI का यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा. SMEs का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है और कैशलेस लेनदेन की दिशा में अहम कदम है. PhonePe को RBI से लाइसेंस क्यों मिला है? RBI ने PhonePe को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस दिया है ताकि यह डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड कर सके और उनके लेनदेन को सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बना सके. यह लाइसेंस SMEs और मर्चेंट्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? इस लाइसेंस के बाद छोटे और मध्यम व्यवसाय डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकते हैं, जिससे उनका व्यापार बढ़ेगा और लेनदेन अधिक सुरक्षित होगा. PhonePe रोजाना कितने ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है? PhonePe प्रतिदिन 360 मिलियन से अधिक ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है और इसका मर्चेंट नेटवर्क 45 मिलियन से अधिक आउटलेट्स तक फैला हुआ है. इस लाइसेंस से उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा? उपभोक्ताओं को सुरक्षित और तेज़ डिजिटल भुगतान का विकल्प मिलेगा, साथ ही लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी.  

LPG सिलेंडर पर राहत मिल सकती है! 22 सितंबर से घट सकती हैं कीमतें, GST रेट जानें

नई दिल्ली 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया था, जिसमें नए GST Reform को मंजूरी दे दी गई. इस बैठक में 12  और 28 फीसदी GST स्‍लैब को हटाकर सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी को ही रखा गया. फूड आइटम्‍स से लेकर कपड़ा और कार- एसी, टीवी तक की चीजों पर जीएसटी रेट कट किया गया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी होंगे.  नए GST Reform से आम जरूरत की ज्‍यादातर चीजें 22 सितंबर से सस्‍ती हो रही हैं. खाने-पीने की चीज से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर जरूरी चीज 22 से सस्‍ती हो रही हैं. इसी बीच, लोग एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी सर्च कर रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्‍या LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या नहीं? तो आइए जानते हैं कि एलपीजी पर जीएसटी कितना लगेगा.  अभी कितना जीएसटी लगता है?  सरकार घरेलू सिलेंडर यानी रसोई गैस वाले सिलेंडर और कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर अलग-अलग जीएसटी रेट लगाती है. घरेलू स‍िलेंडर पर 5% जीएसटी वसूला जाता है तो वहीं कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर 18% GST लगता है. जीएसटी काउंसिल की तरफ से एलपीजी सिलेंडर पर GST रेट में बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि एलपीजी पर जीएसटी नहीं कम होगा.  कमर्शियल सिलेंडर पर क्‍यों 18% जीएसटी?  22 सितंबर से घरेलू और कमर्शियल यूज वाले LPG सिलेंडर के दाम अपरिवर्तित रहेंगे. इनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा. कमर्शियल एलपीजी पर 18% जीएसटी इसलिए लागू किया गया है, क्‍योंकि ये सिलेंडर व्‍यवसाय के लिए यूज किए जाते हैं, जैसे होटल ओर रेस्‍तरां में कमर्शियल सिलेंडर का यूज होता है.  ये प्रोडक्‍ट्स हो रहे सस्‍ते गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल मीटिंग में कई बड़े फैसले की मंजूदी दी गई थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद के फैसले ने 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव किया. काउंसिल ने डेली आवश्यक वस्तुओं (FMCG) और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों से लेकर शिक्षा सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि उपकरण, बीमा और ऑटोमोबाइल तक जैसी वस्‍तुओं पर GST रेट को घटा दिया.  सिर्फ तंबाकू जैसे सिन प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 40 फीसदी करने का ऐलान किया. इसमें इस बार कोल्‍ड ड्रिंग्‍स को भी रखा गया है. सुपर लग्‍जरी कारों पर भी जीएसटी रेट को 40 फीसदी कर दिया गया है. 

Suzuki Motorcycle इंडिया ने कीमतों में किया संशोधन, GST 2.0 के कारण बड़ी बचत

मुंबई   GST 2.0 के चलते वाहन निर्माता कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में संशोधन कर रही हैं. नई GST दरों के चलते 350cc से कम क्षमता वाली बाइक और स्कूटरों की कीमतों में कटौती की जा रही है. अब तक कई दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों ने अपनी कीमतों की घोषणा कर दी है. इसी क्रम में Suzuki Motorcycle India भी अपने उत्पादों की कीमतों में कटौती करने वाली है. Suzuki Motorcycle के उत्पादों की कीमतों में होने वाली कटौती Suzuki की बाइक्स और स्कूटर की संशोधित कीमतें मॉडल पुरानी कीमत (एक्स-शोरूम, दिल्ली) नई कीमतें (एक्स-शोरूम, दिल्ली) कीमत में अंतर Suzuki Access 125 1,02,400 रुपये 93,877 रुपये 8,523 रुपये Suzuki Avenis 125 94,000 रुपये 86,177 रुपये 7,823 रुपये Suzuki Burgman Street 1,00,600 रुपये 92,227 रुपये 8,373 रुपये Suzuki Burgman Street EX 1,17,700 रुपये 1,07,902 रुपये 9,798 रुपये Suzuki GIXXER 1,38,401 रुपये 1,26,881 रुपये 11,520 रुपये Suzuki GIXXER SF 1,47,901 रुपये 1,35,590 रुपये 12,311 रुपये Suzuki GIXXER 250 1,98,501 रुपये 1,81,976 रुपये 16,525 रुपये Suzuki GIXXER SF 250 2,16,500 रुपये 1,98,476 रुपये 18,024 रुपये Suzuki V-Strom SX 2,16,000 रुपये 1,98,018 रुपये 17,982 रुपये जानकारी के अनुसार Suzuki Motorcycle ने 350cc और उससे कम क्षमता के अपने पूरे लाइन-अप की कीमतों में कटौती करने वाली है. सबसे पहले, कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली 125cc वाहनों में से एक Suzuki Access 125 की बात करें तो कंपनी इसकी कीमत में 8,523 रुपये की कटौत करने वाली है. वहीं दूसरी ओर Suzuki Access के स्पोर्टी वर्ज़न, Suzuki Avenis 125 की कीमत में 7,823 रुपये तक की अपेक्षाकृत कम कटौती की जा सकती है. इसके अलावा, Suzuki Burgman Street की बात करें तो इसकी कीमतों में 8,373 रुपये तक की कटौती की जाएगी. Suzuki Burgman Street के ज्यादा महंगे EX वेरिएंट की कीमतों में 9,798 रुपये की ज़्यादा कटौती की जाएगी. बाइक्स की कीमतों की बात करें तो, Suzuki Gixxer लाइनअप की कीमतों में कम से कम 11,520 रुपये की कटौती की जाएगी, जबकि ज़्यादा महंगी Gixxer SF 250 पर सबसे ज़्यादा 18,024 रुपये की छूट दी जाएगी. इसके अलावा Suzuki Motorcycle की क्वार्टर-लीटर टूरर मोटरसाइकिल Suzuki V-Strom SX की कीमत में 17,982 रुपये की गिरावट आएगी. इसके अलावा, Suzuki Motorcycle का कहना है कि स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज पर कम GST का लाभ भी मालिकों को दिया जाएगा और इससे रखरखाव की लागत भी कम होगी.    

अपोलो हॉस्पिटल्स ने मनाई अपनी 42वीं सालगिरह

अपोलो हॉस्पिटल्स ने मनाई अपनी 42वीं सालगिरह अपोलो 24/7 डिजिटल हेल्थ के माध्यम से 40 मिलियन भारतीयों को दी सेवाएं  नई दिल्ली  अपोलो हॉस्पिटल्स ने देश भर के 19000 पिनकोड्स तक पहुंच बनाने, 185 देशों का भरोसा जीतने और 200 मिलियन से अधिक ज़िंदगियों पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के बाद अपनी 42वीं सालगिरह का जश्न मनाया। अपोलो ने 1983 में भारत का पहला कॉर्पोरेट हास्पिटल खोल कर स्वास्थ्यसेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रान्ति की शुरूआत की, पिछले चार दशकों की अपनी यात्रा में अस्पताल 51 लाख से अधिक सर्जरियों और 27000 से अधिक अंग प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं को अंजाम दे चुका है। अपोलो ने 11 लाख से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षित कर देश में हेल्थकेयर सेक्टर में कुशल मानवपूंजी बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।   देश की हेल्थकेयर की गुणवत्ता में भरोसा उत्पन्न कर, अपोलो ने भारत को उत्कृष्ट देखभाल के विश्वस्तरीय गंतव्य के रूप में स्थापित किया है, जबकि इससे पहले मरीज़ों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता था। डॉ प्रताप सी रेड्डी, चेयरमैन अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कहा, ‘‘1983 में अपोलो की शुरूआत के साथ एक अस्पताल का नहीं बल्कि एक आंदोलन का जन्म हुआ। पिछले चार दशकों के दौरान यह आंदोलन ऐसी शक्ति बनकर उभरा है, जिसने 200 मिलियन लोगों के जीवन को प्रभावित किया है, 185 देशों का भरोसा जीता है और हेल्थकेयर को नए आयाम दिए हैं। हम हमेशा से विश्वस्तरीय देखभाल को सुलभ और भविष्य के लिए तैयार बनाने हेतु प्रयासरत रहे हैं। भारत विश्वस्तरीय मंच पर विकसित हो रहा है, इस बीच अपोलो एक प्रेरक शक्ति के रूप में स्वस्थ समाज के निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ सुनिश्चित करेगा कि परिवार, उम्मीद स्वास्थ्य एवं खुशहाली के साथ भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।’ अपोलो की यात्रा भारत की बढ़ती दीर्घायु और स्वास्थ्य के मानकों के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। विदेशी देखभाल पर निर्भरता कम कर, विभिन्न सेक्टरों में चिकित्सा के मानकों को बेहतर बनाकर और लाखों लोगों तक पहुंच बनाकर, अपोलो ने मरीज़ों की उम्र बढ़ाने, उन्हें लम्बे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम बनाया है तथा हेल्थकेयर के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत बनाया है। इस अवसर पर डॉ प्रीथा रेड्डी, एक्ज़क्टिव वाईस चेयरपर्सन, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कहा, ‘‘देश की क्षमता इसके लोगों के स्वास्थ्य में निहित है। भारत के डॉक्टरों, नर्सों और मरीज़ों की देखभाल करने वाले स्टाफ को प्रगति के साइलेन्ट आर्कीटेक्ट कहा जा सकता है। अपोलो में हमने न सिर्फ अस्पताल बल्कि मानव पूंजी बनाई है। जब हम लोगों में निवेश करते हैं, तो वास्तव में हम देश की गरिमा, प्रतिष्ठा और भविष्य में निवेश करते हैं।’ डॉ सुनीता रेड्डी, मैनेजिंग डायरेक्टर, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कहा, ‘‘विकास की यात्रा में हमने हमेशा से मरीज़ों को प्राथमिकता दी है। निवारक देखभाल से लेकर आधुनिक उपचार तक, डिजिटल स्वास्थ्य से लेकर अनुसंधान तक, हर विस्तार भरोसे, सुलभता और प्रभाव पर आधारित रहा है। भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है, और हेल्थकेयर ही इस विकास की सबसे मजबूत नींव होनी चाहिए। अपोलो का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्तापूर्ण देखभाल 1.4 बिलियन लोगों के इस देश के हर कोने तक पहुंचे।’ अपोलो ने भारत में चिकित्सा जगत का चेहरा बदल डाला है, संस्थान कई उल्लेखनीय कार्यों में अग्रणी रहा है जैसे दक्षिण एशिया का पहला प्रोटोन कैंसर सेंटर, भारत का पहला एआई-प्रेसीज़न ओंकोलोजी सेंटर और देश का पहला साइबरनाईफो रोबोटिक रेडियोसर्जरी सिस्टम। आज अपोलो 28 आधुनिक रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म्स, एआई-पावर्ड कार्डियोवैस्कुलर रिस्क प्रेडिक्शन, ऑगमेंटेड रिएल्टी- असिस्टेड सर्जरी में सबसे आगे है और आने वाले कल की चिकित्सा को सुलभ बना रहा है। डॉ संगीता रेड्डी, जॉइन्ट मैनेजिंग डायरेक्टर- अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा, ‘‘हेल्थकेयर का भविष्य सीमारहित, व्यक्तिगत तथा भावी तकनीकों से पावर्ड होना चाहिए। अपोलो में हम न सिर्फ बीमारियों के इलाज में बल्कि इनके अनुमान और रोकथाम के लिए भी एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे हैं। एक ऐसी दुनिया की कल्पना कीजिए जहां हर भारतीय के पास डिजिटल हेल्थ ट्विन होगा, जहां हस्तक्षेप रियल टाईम में सुलभ, सटीक और किफ़ायती होंगे- एक ऐसा भविष्य जिसका हम निर्माण कर रहे हैं।’ अपोलो 24/7 के माध्यम से 40 मिलियन से अधिक भारतीय जब चाहें, जहां चाहें टेलीकन्सलटेशन, डायग्नॉस्टिक्स एवं फार्मेसी सर्विसेज़ का उपयोग कर सकते हैं। अस्पतालों के दायरे से बढ़कर, अपोलो फाउन्डेशन के बिलियन हार्ट्स बीटिंग एवं टोटल हेल्थ प्रोग्राम 1.9 मिलियन संवेदनशील लोगों तक पहुंचे हैं और अपोलो की इस अवधारणा की पुष्टि की है कि हेल्थकेयर कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि सभी का एक समान अधिकार है।

Gold Rate में बड़ी गिरावट की संभावना, निवेशकों के लिए अलर्ट — सोना फिलहाल न खरीदें

नई दिल्ली चंद दिन के बाद से देश में फेस्टिव सीजन (Festive Season) का आगाज हो जाएगा. दुर्गा पूजा के बाद दिवाली और धनतेरस है, इस मौके पर देश में सोना-चांदी खरीदने की परंपरा रही है. लेकिन इस बार त्योहार थोड़ी फीकी रह सकती है, क्योंकि सोना-चांदी इतना महंगा हो चुका है कि भाव सुनते ही लोग सोच में पड़ जाते हैं.  दरअसल, पिछले एक साल में सोना (Gold) करीब 46% महंगा हो चुका है. हैरानी तो इस बात होती है कि इसी साल यानी 2025 में ही सोने की कीमत 40 फीसदी तक बढ़ चुकी है. एक साल पहले 24K कैरेट 10 ग्राम गोल्ड की कीमत करीब 75 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1,10,000 रुपये को पार कर चुकी है.  फेस्टिव सीजन में खरीदने वालों के अलावा वो लोग भी परेशान हैं, जिनके यहां इस साल शादी है, बिना ज्वेलरी की शादी कैसे हो सकती है, और ज्वेलरी की कीमत इतनी बढ़ चुकी है कि आम परिवार का बजट बिगड़ता जा रहा है. क्योंकि एक साल में 10 ग्राम सोने का भाव करीब 35000 रुपये उछल चुका है.  एक साल में सोना कहां के कहां (24 कैरेट)  सितंबर-2024         सितंबर- 2025  ₹75,930               ₹1,11,000 इस बीच पिछले दो दिनों से सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. गुरुवार को 24 कैरेट गोल्ड करीब 500 रुपये सस्ता हुआ है. IBJA के मुताबिक सोने का भाव गुरुवार को 1,09,264 रुपये प्रति 10 ग्राम है. जबकि बुधवार को भाव 1,09,733 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इससे पहले मंगलवार को भाव 1,10,869 रुपये प्रति 10 ग्राम था, बता दें, यही सोने का ऑलटाइम हाई रेट भी है. यानी मंगलवार के मुकाबले सोना 1600 रुपये से ज्यादा सस्ता हो चुका है. सोने के भाव में बड़ी गिरावट संभव वहीं बुधवार के मुकाबले चांदी में गुरुवार को मामूली गिरावट देखने को मिल रही है. 17 सितंबर को एक किलो चांदी का भाव 125756 रुपये था, जो कि गुरुवार को गिरकर 125563 रुपये पर पहुंच गया. जबकि चांदी 16 सितंबर को चांदी का भाव बढ़कर 129300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था. यानी दो दिन में चांदी की कीमत लगभग 3500 रुपये घट चुकी है.  दरअसल अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती कर दी है, फेड ने बेंचमार्क दर को 4.25% से घटाकर 4.0% कर दिया है. इस फैसले से सोने-चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है, और भाव टूटने लगा है. टैरिफ का असर आभूषण उद्योग पर भी पड़ रहा है. ये इससे भारतीय निर्यात प्रभावित हुए हैं, खासकर अमेरिका होने वाला कारोबार.  लेकिन अब जिस तरह ब्याज दरों में कटौती की गई और आगे भी कटौती के संकेत दिए गए हैं, इससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ सकता है, साथ ही टैरिफ को लेकर भी धीरे-धीरे बीच का रास्ता निकल रहा है. जानकारों की मानें तो सोने-चांदी में फिलहाल मुनाफावसूली का भी वक्त है, क्योंकि इस साल सोने में एकतरफा रैली देखने को मिली है. सोने में कीमतों में क्यों आ सकती हैंं गिरावट? अगर भारत के परदृश्य से देखें तो टैरिफ के मोर्चे पर राहत और रुपया डॉलर की तुलना में मजबूत होने पर सोने की कीमतों को कुछ हद तक बढ़ने से रोका जा सकता है. जानकार मानते हैं कि फेस्टिव सीजन में भले ही कीमतों में और हल्की बढ़त देखने को मिल जाए, लेकिन सोने-चांदी में करक्शन आ सकता है. यहां से सोने की कीमत 10 फीसदी तक गिर सकती है. यानी सोने भाव फिर से 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकता है. ये करक्शन लंबा भी चल सकता है, संभव भी ये है कि लंबे समय तक सोने का भाव एक दायरे में बना रहे. जबकि कुछ एक्सपर्ट्स तो शॉर्ट टर्म में ही 5-6 फीसदी गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं. हालांकि चांदी में बड़ी गिरावट की संभावना कम है.    अनुमान है कि फेस्टिव सीजन के दौरान भारत में सोने की कीमतें ₹1,10,000 से ₹1,12,000 प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत प्रति औंस US$ 3600 से US$ 3700 के बीच होने की भविष्यवाणी की जा रही है. लेकिन अगर ग्लोबल तनाव कम हुए तो फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना प्रति औंस US$ 3300 तक फिसल सकता है, यानी 10% करक्शन संभव है. इस हिसाब में भारत में सोने की कीमत गिरकर 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे भी फिसल सकती है. हालांकि ग्लोबल कारोबार में टेंशन बढ़ने पर भाव में यहां से भी उछाल देखने को मिल सकता है.  एक्सपर्ट्स ने बताए- कब खरीदें सोना दरअसल इस दौर में करीब-करीब हर मध्यमवर्गीय परिवार का एक ही सवाल है कि सोना-चांदी अभी खरीदा जाए, या फिर यहां से गिरावट की कोई उम्मीद है? इसके जवाब में अधिकतक एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं, कि आंख मूंदकर फिलहाल सोने-चांदी में निवेश से बचें, क्योंकि भाव बहुत बढ़ चुका है, गिरावट की ज्यादा आशंका है. ऐसे में अगर आप मौजूदा भाव में निवेश करते हैं तो फिर आगे गिरावट आने पर पछताना पड़ सकता है. इसलिए अभी कम से कम 3-6 महीने इंतजार करें. अगर आपने खरीदने का मन बना ही लिया है, तो फिर थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करें. सोना महंगा होने पर अब क्या विकल्प?    बता दें, सोने की कीमतों में उछाल का सीधा असर ज्वेलरी बाजार पर भी दिख रहा है. ज्वेलर्स की बिक्री में गिरावट आई है और कई दुकानदार किस्तों पर गहने देने की योजना ला रहे हैं. यही नहीं, भारी नेकलेस और कंगन की जगह अब लोग हल्के डिजाइन चुन रहे हैं. छोटे चेन, स्लीक रिंग्स और मिनिमल ब्रेसलेट्स की डिमांड बढ़ी है. इससे सोना भी खरीदा जाता है और बजट पर बोझ भी कम पड़ता है. इसके अलावा पहले लोग ज्यादातर 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड खरीदते थे, लेकिन अब 18K और 14K के गहने बनवा रहे हैं. इससे सोना सस्ता भी पड़ रहा है और फैशनेबल डिजाइनों की भी बड़ी रेंज मिलती है. साथ ही सोने के विकल्प के तौर पर लोग अब सिल्वर और प्लैटिनम ज्वेलरी की तरफ रुख कर रहे हैं.