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iPhone 17 लॉन्च पर क्रेज़: खरीदने की होड़ में झगड़े तक, दिल्ली-मुंबई में रातभर खड़े रहे लोग

मुंबई  एप्पल ने भारत में अपनी नई आईफोन 17 सीरीज की बिक्री शुरू कर दी है. एप्पल अपने नए आईफोन्स की बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर रहा है. एप्पल ने भारत में अब अपने चार ऑफलाइन स्टोर्स खोल दिए हैं और आज एप्पल के इन सभी स्टोर्स पर लोगों की भारी भीड़ लगी हुई है. एप्पल के फैन्स में iPhone 17 सीरीज का इतना ज्यादा क्रेज देखने को मिल रहा है कि मुंबई में लोगों की भीड़ को कंट्रोल करना भी मुश्किल हो रहा है, ग्राहक आपस में लड़ाई भी कर रहे हैं. दिल्ली के स्टोर पर लोग कल रात से ही लाइन लगाकर आईफोन खरीदने का इंतजार कर रहे हैं. आइए हम आपको वीडियो के जरिए दिखाते हैं कि भारत के ऑफलाइन एप्पल स्टोर्स में आईफोन 17 सीरीज को खरीदने के लिए कितनी भीड़ लगी है. iPhone 17 Series के लिए लोगों को जबरदस्त क्रेज आज सुबह पीटीआई ने एक वीडियो शेयर की, जिसमें देखा जा सकता है कि मुंबई में स्थित एप्पल स्टोर पर लोग घंटों से लाइन में लगे हैं और आपस में झगड़ा भी कर रहे हैं. मुंबई के एप्पल स्टोर के बाहर भारी भीड़ का आलम ऐसा है कि लोगों के बीच में झपड़ हो गई और उन्हें कंट्रोल करने के लिए सिक्योरिटी स्टाफ को लाठियों का भी इस्तेमाल करना पड़ा.    इसके अलावा मुंबई के एप्पल स्टोर की एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग 3-4 अलग-अलग लंबी लाइन्स में लगे हैं और आईफोन को खरीदने का इंतजार कर रहे हैं.इसके अलावा दिल्ली के साकेत सिटी वॉक मॉल में स्थित एप्पल स्टोर पर भी लंबी लाइन देखने को मिली. दिल्ली के साकेत में एप्पल स्टोर के बाहर लगी लाइन मॉल से मेन रोड तक लगी हुई है. लोगों ने बताया कि वो कल रात से ही आईफोन्स खरीदने के लिए लाइन्स में लगे हुए हैं. इसके अलावा बेंगलुरु के एप्पल स्टोर का भी हाल ऐसा ही है. बेंगलुरु में पहली बार लोगों को ऑफलाइन एप्पल स्टोर में जाकर आईफोन 17 सीरीज के आईफोन्स खरीदने का मौका मिल रहा है. ऐसे में वहां पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. एप्पल ने इसी महीने पहले 2 सितंबर को बेंगलुरु और फिर 4 सितंबर को पुणे में भी एप्पल स्टोर खोला था और वहां पर लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली, जो आईफोन 17 सीरीज के फोन्स खरीदने के लिए आए थे. इस भारी भीड़ के क्रेज को पार करते हुए आईफोन 17 सीरीज के आईफोन्स खरीदने वाले कुछ लोगों से न्यूज़ एजेंसियों ने बात की. एएनआई को दिए एक बाइट में मुंबई के एक ग्राहक, अमन चौहान ने कहा, "मैंने iPhone 17PRO Max खरीदा है, एक 256GB का और दूसरा 1TB का है. मैं रात 12 बजे से लाइन में इंतज़ार कर रहा था और अब मुझे मिल गया है. इसमें नए फीचर हैं. नारंगी रंग नया है."

बाजार में बड़ी गिरावट से मचा हड़कंप, अडानी स्टॉक्स ने फिर जीता भरोसा

मुंबई  पूरे हफ्ते के दौरान तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय बाजार में गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स-निफ्टी गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि अडानी के शेयरों ने आज कमाल का प्रदर्शन किया है. अडानी के शेयर शुक्रवार को शानदार कारोबार कर रहे हैं. अडानी के शेयरों में यह तेजी, सेबी द्वारा हिंडनबर्ग केस खत्‍म करने के बाद आया है.  सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 240 अंक गिरकर 82771 पर और निफ्टी 60 अंक गिरकर 25361 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी बैंक में भी गिरावट देखी जा रही है, जो करीब 150 अंक टूट चुका है.  BSE के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 7 शेयर ही उछाल पर थे, जिसमें अडानी पोर्ट सबसे ऊपर कारोबार कर रहा था. वहीं 23 शेयर मामूली गिरावट पर थे. टीसीएस में एक फीसदी की गिरावट रही.  क्‍यों आई ये गिरावट?  यह गिरावट लार्जकैप के शेयरों में आई गिरावट के कारण है. सप्‍ताहभर तेजी के बाद आज इन शेयरों में बिकवाली हो रही है. इसके अलावा, अमेरिका से टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर भी रुख स्‍पष्‍ट नहीं हो रहा है. अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा भी फेड रेट में कटौती के कारण भी शेयर बाजार में दबाव दिख रहा है.  कौन से शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे?  Zydus Wellness, डीसीएम श्रीराम, जेन टेक्‍नोलॉजी के शेयर 2 प्रतिशत से ज्‍यादा टूटकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा, आईएफसीआई, इंडियामार्ट और सोनट सॉफ्टवेयर जैसे शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली.  अडानी के शेयरों ने किया कमाल!  अडानी पावर का शेयर 7 फीसदी चढ़कर 675 के करीब पहुंच गया. अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी रही. अडानी एनर्जी सॉल्‍यूशन 3 फीसदी, अडानी पोर्ट 2 फीसदी और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में भी करीब 3 फीसदी की तेजी रही.  132 शेयरों में अपर सर्किट BSE पर आज कुल 3538 शेयर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें से 1,980 शेयरों में तेजी और 1,380 शेयरों में गिरावट है. बाकी 178 शेयर अनचेंज हैं. वहीं 132 शेयरों ने अपर सर्किट टच किया है, जबकि 61 ने लोअर सर्किट टच किया है. 87 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 29 52 सप्‍ताह के लो पर कारोबार कर रहे हैं. 

ट्रंप का बदला रुख? भारत पर से हट सकता है 25% एक्स्ट्रा टैक्स का बोझ

नई दिल्ली अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ में बड़ी राहत मिल सकती है और रूसी तेल खरीद पर ट्रंप द्वारा लगाया गया एक्स्ट्रा 25% टैरिफ हटाया जा सकता है. मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने गुरुवार ये उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ हटा सकता है और रेसिप्रोकल टैरिफ को भी घटाकर 10 से 15% किया जा सकता है. इसके साथ ही सीईए ने भारत-US ट्रेड डील के आगे बढ़ने का भी संकेत दिया है.  8-10 हफ्ते में निकल आएगा हल कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सीईए नागेश्वरन ने कहा कि उन्हें टैरिफ मसले का अगले 8 से 10 हफ्तों के भीतर समाधान होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अगले कुछ महीनों में कम से कम 25% के एक्स्ट्रा टैरिफ का समाधान जरूर निकल आएगा.' बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, नागेश्वरन ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे करीब 50 अरब  डॉलर मूल्य के भारतीय निर्यात पर दबाव कम हो सकता है. ट्रंप ने क्यों लगाया 25% एक्स्ट्रा टैरिफ? गौरतलब है कि भारत पर पहले अमेरिकी की ओर से 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, लेकिन अगस्त में भारत की रूसी तेल खरीद को युक्रेन युद्ध में पुतिन की आर्थिक मदद करने का जरिया करार देते हुए जुर्माने के रूप में 25% का एक्स्ट्रा टैरिफ जुर्माने के तौर पर लगाया था. इसके बाद भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50% हो गया था और इससे ये ब्राजील के साथ सबसे ज्यादा ट्रंप टैरिफ को झेलने वाले देशों में शामिल हो गया था. अपने संबोधन में नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों ही सरकारों के बीच सतह के नीचे तमाम मुद्दों को हल करने के लिए काफी बातचीत हो रही है. भारत-US ट्रेड डील में क्या प्रोग्रेस?   भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील एग्रीकल्चर और डेयरी प्रोडक्ट्स समेत अन्य मुद्दों को लेकर अटकी हुई थी और इस पर बातचीत भी ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ के बाद थमी हुई थी. लेकिन बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए ट्रेड डील के सफल निष्कर्ष निकलने की बात कही थी.  इसके बाद इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका की ओर से प्रमुख वार्ताकर ब्रेंडेन लिंच ट्रेड डील पर छठे चरण की बैठक करने के लिए नई दिल्ली आए थे और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार राजेश अग्रवाल के साथ करीब 7 घंटे की लंबी चर्चा की थी.  55% सामान हाई टैरिफ के अंदर रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में अमेरिका को भारत के निर्यात का लगभग 55% हिस्सा ट्रंप के हाई टैरिफ के अंदर आ रहा है. इसकी मार से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स की बात करें, तो कपड़ा, केमिकल, मरीन फूड, जेम्स एंड ज्वेलरी के साथ ही मशीनरी शामिल हैं. ये इसलिए भी खास हैं, क्योंकि भारत की श्रम-प्रधान निर्यात अर्थव्यवस्था के प्रमुख हिस्से हैं. टैरिफ के असर को देखें, तो अगस्त महीने में अमेरिका को निर्यात घटकर 6.87 अरब डॉलर रह गया, जो 10 महीने का सबसे निचला स्तर है.

अब रेंट पेमेंट पर सख्ती: फिनटेक ऐप्स से सिर्फ पंजीकृत मकान मालिक को ही भेज सकेंगे किराया

नई दिल्‍ली  आप भी अगर हर महीने फोनपे, पेटीएम या क्रेड जैसी मोबाइल ऐप्स से अपने घर का किराया क्रेडिट कार्ड से भरते थे, तो अब आपको मुश्किल होने वाली है. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि फिनटेक कंपनियों ने अब अपने ऐप्स पर रेंट पेमेंट सर्विस बंद कर दी है. बता दें कि बीते कुछ वर्षों में क्रेडिट कार्ड के जरिए रेंट पेमेंट करने का चलन बढ़ गया था. अब दरअसल, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में भुगतान सेवाओं से जुड़े नए नियम लागू करने के बाद फिनटेक कंपनियों को यह सर्विस बंद करनी पड़ी है. आरबीआई ने 15 सितंबर को इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया था. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर होगा जो क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाकर पॉइंट्स कमाते थे या महीने भर तक बिना ब्याज के पैसे इस्तेमाल करते थे. अब उन्हें फिर से पुराना तरीका अपनाना होगा जैसे कि सीधे बैंक खाते में किराया ट्रांसफर करना या चेक से भुगतान करना. भुगतान पर मिलते थे रिवॉर्ड प्‍वाइंट्स और कैशबैक अभी तक लोग आसानी से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके किराया चुकाते थे. ऐसा करने से उन्हें रिवॉर्ड प्वाइंट्स या कैशबैक भी मिलता था और साथ ही महीने भर का क्रेडिट पीरियड भी मिल जाता था. मकान मालिक को भी तुरंत पैसा मिल जाता था. इस वजह से यह सेवा बहुत तेजी से लोकप्रिय हुई. लेकिन RBI को यह व्यवस्था ठीक नहीं लगी, क्योंकि इसमें मकान मालिकों का पूरा KYC नहीं होता था और फिनटेक कंपनियां बीच में मार्केटप्लेस की तरह काम कर रही थीं. बैंकों की पहले से चिंता बैंकों ने भी पिछले साल से इस पर रोक लगानी शुरू कर दी थी. HDFC बैंक ने जून 2024 में ही क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने पर 1% तक का शुल्क लगा दिया था. ICICI बैंक और SBI कार्ड्स ने भी किराया भुगतानों पर रिवॉर्ड पॉइंट्स बंद कर दिए थे. मार्च 2024 से कई ऐप्स जैसे फोनपे, पेटीएम और अमेज़न पे ने यह सेवा रोक दी थी. हालांकि कुछ ने बाद में अतिरिक्त KYC प्रक्रिया जोड़कर इसे दोबारा शुरू किया.

सरकार ने GST 2.0 के लिए FAQ प्रकाशित किया, मिलेगी सभी जानकारी

नई दिल्ली  वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 2.0 को लेकर छह सवालों का एक फ्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन (एफएक्यू) जारी किया गया है। इसका उद्देश्य 22 सितंबर को लागू होने वाले जीएसटी सुधारों के बारे में लोगों को बेहतर ढंग से जानकारी देना है। एफएक्यू कुछ इस प्रकार है: प्रश्न 1. मुझे किस अधिसूचना में वस्तुओं पर सीजीएसटी दरों में बदलाव देखने को मिलेगा? क्या कोई नई अधिसूचना जारी की जाएगी? वस्तुओं पर सीजीएसटी दरों में बदलाव आपको अधिसूचना संख्या 9/2025- केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025 में मिलेगा। यह अधिसूचना संख्या 9/2025- केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025, पूर्व की अधिसूचना संख्या 1/2017- केंद्रीय कर (दर) दिनांक 28 जून 2017 के स्थान पर जारी की गई है। प्रश्न 2. मुझे सीजीएसटी से छूट प्राप्त वस्तुओं की सूची किस अधिसूचना में मिलेगी? क्या कोई नई अधिसूचना जारी की जा रही है? आपको सीजीएसटी से छूट प्राप्त वस्तुओं की सूची अधिसूचना संख्या 10/2025-केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025 में मिलेगी। यह अधिसूचना संख्या 10/2025-केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025, पूर्व की अधिसूचना संख्या 2/2017-केंद्रीय कर (दर) दिनांक 28 जून 2017 के स्थान पर जारी की गई है। प्रश्न 3. हस्तशिल्प के लिए जीएसटी दर मुझे किस अधिसूचना में मिलेगी? क्या कोई नई अधिसूचना जारी की जाएगी? हस्तशिल्प के लिए जीएसटी दरें आपको अधिसूचना संख्या 13/2025-केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025 में मिलेंगी। यह अधिसूचना संख्या 13/2025-केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025, अधिसूचना संख्या 21/2018-केंद्रीय कर (दर) दिनांक 26 जुलाई, 2018 को संशोधित करने के लिए जारी की गई है। प्रश्न 4. कौन सी अधिसूचना क्षतिपूर्ति उपकर की संशोधित दरें निर्धारित करती है? क्षतिपूर्ति उपकर दरों में परिवर्तन अधिसूचित करने के लिए अधिसूचना संख्या 1/2017-क्षतिपूर्ति उपकर (दर) दिनांक 28.6.2017 को अधिसूचना संख्या 2/2025-क्षतिपूर्ति उपकर (दर) दिनांक 17.9.2025 द्वारा संशोधित किया गया है। प्रश्न 5. पेट्रोलियम ऑपरेशंस के लिए आयातित वस्तुओं पर जीएसटी दर में परिवर्तन से संबंधित अधिसूचना कौन सी है? कृपया इस संबंध में अधिसूचना संख्या 11/2025- केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025 देखें। प्रश्न 6. क्या स्पेशल कंपोजिशन स्कीम के अंतर्गत ईंटों के लिए कोई नई अधिसूचना जारी की गई है? रेत-चूना ईंटों के अलावा अन्य ईंटों के लिए स्पेशल कंपोजिशन स्कीम के अंतर्गत जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संबंध में अधिसूचना संख्या 14/2025- केंद्रीय कर (दर) दिनांक 17.9.2025 जारी की गई है।

हिंडनबर्ग के दावों पर SEBI का फैसला: अदाणी ग्रुप को मिली क्लीन चिट

नई दिल्ली भारत के अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी को बड़ी राहत मिली है। हिंडनबर्ग मामले में सेबी ने अदाणी समूह को क्लीनचिट दे दी है। शेयर बाजार नियामक संस्था, SEBI ने कहा है कि अदाणी ग्रुप पर लगे आरोप साबित नहीं हुए। सेबी ने अपनी जांच के बाद बताया कि हिंडनबर्ग द्वारा अदाणी समूह पर लगाए गए इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप साबित नहीं हुए। सेबी ने 18 सितंबर को पारित अपने अंतिम आदेश में गौतम अदाणी, उनके भाई राजेश अदाणी, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी पावर और एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज को दोषमुक्त कर दिया है। SEBI ने ऑर्डर में क्या कहा? सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने आदेश में लिखा, "मुझे लगता है कि एससीएन में नोटिसियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, नोटिसियों पर किसी भी दायित्व के हस्तांतरण का सवाल ही नहीं उठता है और इसलिए जुर्माने की मात्रा के निर्धारण के सवाल पर भी किसी विचार-विमर्श की आवश्यकता नहीं है।" 24 जनवरी, 2023 को, अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें शेयरों में हेराफेरी, अकाउंटिंग धोखाधड़ी और फंड ट्रांसफर के लिए ऑफशोर टैक्स हेवन और शेल कंपनियों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए थे। हिंडनबर्ग ने कहा था कि अदाणी ग्रुप द्वारा नियंत्रित संस्थाओं से कई टैक्स हेवन के ज़रिए फंड निकाला गया और फिर शेयर की कीमतों को आर्टिफिशियल तरीके से बढ़ाने के लिए बाजार में लिस्टेड अदाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश किया गया।

Maruti की बड़ी घोषणा: S-Presso और Wagon R की कीमत में भारी कटौती, अब और सस्ती हुईं कारें

मुंबई  देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने आज अपने कारों की कीमतों में भारी कटौती का ऐलान किया है. कंपनी ने घोषणा की है कि, मारुति वैगनआर से लेकर ऑल्टो और इग्निस जैसी छोटी कारों की कीमत में तकरीबन 1.29 लाख रुपये तक की कटौती की गई है. कारों की कीमत में ये कटौती आगामी 22 सितंबर से लागू होगी.  मारुति सुजुकी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, हाल ही में हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST Reforms) सुधारों का फायदा ग्राहकों तक सीधे पहुंचाया जाएगा. जिसके तहत कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में शामिल मॉडलों की कीमत में कटौती की घोषणा की है. तो आइये देखें किस कार के दाम में कितनी कटौती की गई है.  किस कार की कीमत में कितनी कटौती: मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सीनियर एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, कारों की कीमत में कटौती हालिया जीएसटी सुधारों के तहत की गई है. कीमतों में कटौती के चलते वाहन के फीचर्स और टेक्नोलॉजी इत्यादि में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इस नए प्राइस अपडेट के बाद अब ऑल्टो के10 मारुति सुजुकी की सबसे सस्ती कार नहीं रही है. बल्कि अब कंपनी के पोर्टफोलियो को Maruti S-Presso सबसे सस्ती कार हो गई है. इस कार की कीमत में सबसे ज्यादा 1,29,600 रुपये की कटौती की गई है. यहां पर कारों की एक्स-शोरूम कीमत दी गई है.  अन्य कारों की कीमत में कटौती मारुति सुजुकी ने अपनी मशहूर कार स्विफ्ट की कीमत में 84,600 रुपये की कटौती का ऐलान किया है. अब स्विफ्ट की शुरुआती कीमत केवल 5.79 लाख रुपये हो गई है. बता दें कि, हाल ही में स्विफ्ट के थर्ड जेनरेशन मॉडल को लॉन्च किया गया था. उस वक्त इस कार को 6.49 लाख रुपये में पेश किया गया था.  इसके अलावा बलेनो के दाम 86,100 रुपये तक घट गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत केवल 5.99 लाख रुपये रह गई है. हालिया लॉन्च कंपनी की पहली 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कार मारुति डिजायर की कीमत में भी कंपनी ने कटौती की है. इस कार के कीमत में अधिकतम 87,700 रुपये की कटौती की गई है. अब मारुति डिजायर केवल 6.26 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में आती है.  यूटिलिटी व्हीकल रेंज में भी भारी कटौती मारुति सुजुकी ने अपने एसयूवी और एमपीवी रेंज की कीमतों में भी भारी कटौती की है. कंपनी की सबसे सस्ती एसयूवी Fronx की कीमत में 1,12,600 रुपये की कटौती की गई है. अब फ्रोंक्स की शुरुआती कीमत 6.85 लाख रुपये हो गई है. इसके अलावा ब्रेजा के दाम 1,12,700 रुपये तक घट गए हैं, अब आप ब्रेजा को 8.26 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में घर ला सकते हैं.  एमपीवी की बात करें तो Maruti Ertiga की कीमत में 46,400 रुपये की कटौती की गई है. इसकी शुरुआती कीमत अब 8.80 लाख रुपये है. वहीं XL6 की खरीद पर ग्राहक 52,000 रुपये तक की बचत कर सकते हैं. अब एसयूवी स्टाइल वाली ये एमपीवी 11.52 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में आती है. इसके अलावा वैन सेग्मेंट की Maruti Eeco की कीमत 68,000 रुपये घट कर केवल 5.18 लाख रुपये रह गई है. GST स्लैब क्या सुधार हुआ है? बीते 4 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया था कि, अब देश में चार के बजाय केवल दो जीएसटी स्लैब (5% और 18%) की रहेंगे. इसके अलावा लग्ज़री और सिन गुड्स पर 40% जीएसटी लागू होगा. इस नए स्ट्रक्चर के तहत 4,000 मिमी से कम लंबाई वाली 1,200 सीसी तक की पेट्रोल कारें और 1,500 सीसी तक की डीजल कारों पर केवल 18% जीएसटी लगेगी. पहले इन कारों पर 28% जीएसटी लागू होता है.  वहीं 4 मीटर से लंबी और लग्ज़री सेग्मेंट की कारें 40% जीएसटी के दायरे में आएंगी. लग्ज़री कारों की कीमत में भी भारी कटौती हुई है. क्योंकि पहले इन पर 28% जीएसटी और तकरीबन 22% सेस (Cess) लगता था. जिसके बाद कुल टैक्स लगभग 50% हो जाता था. लेकिन अब इन पर कोई अतिरिक्त सेस या उपकर नहीं लगाया जा रहा है. 

सेंसेक्स 83,000 के पार, निवेशकों में उत्साह का माहौल

मुंबई  अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में की गई कटौती से भारतीय शेयर बाजार गदगद है। यही वजह है कि सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी एक बार फिर छलांग लगाते नजर आए। हालांकि, शुरुआती कारोबार में ये दोनों इंडेक्स उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 320.25 अंक उछलकर 83,013.96 और एनएसई निफ्टी 93.35 अंक की बढ़त के साथ 25,423.60 अंक पर बंद हुआ। शेयर मार्केट में तेजी जारी है। सेंसेक्स 320 अंक ऊपर 83013 के लेवल पर है। जबकि, निफ्टी 92 अंकों की बढ़त के साथ 25422 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में इस तेजी के बीच मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स में भी तेजी है। आईटी शेयर भी चमक रहे हैं और फार्मा भी। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर हैं। शेयर मार्केट में तेजी जारी है। सेंसेक्स 313 अंक ऊपर 83007 के लेवल पर है। जबकि, निफ्टी 86 अंकों की बढ़त के साथ 25416 पर। एनएसई पर 2846 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं। इनमें 1747 में बढ़त और 993 में गिरावट है। 55 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है जबकि, 51 शेयर 52 हफ्ते के हाई पर हैं। शेयर मार्केट में तेजी के बीच आईटी शेयर चमक रहे हैं। निफ्टी टॉप गेनर्स की लिस्ट में इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा हैं, जिनमें 1.03 से 2.01 फीसद तक की तेजी है। टॉप-5 लूजर्स की बात करें तो बजाज फाइनेंस, हिन्डाल्को, अपोलो हॉस्पिटल, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक जैसे स्टॉक्स हैं। पिछले एक महीने में निफ्टी 50 ने 2.15 पर्सेंट की छलांग लगाई है। जबकि, एक हफ्ते में यह 1.61 पर्सेंट उछला है। अगर पिछले 3 महीने की बात करें तो निफ्टी ने 2.40 पर्सेंट और छह महीने में 11.27% का रिटर्न दिया है। इस साल अब तक निफ्टी में 7 पर्सेंट का उछाल आ चुका है। शेयर मार्केट में तेजी जारी है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज जहां 83000 के पार खुलने में कामयाब रहा वहीं, एनएसई का निफ्टी तेजी के शतक के साथ गुरुवार के कारोबार की शुरुआत की। सेंसेक्स आज 415 अंकों की बंपर उछाल के साथ 83108 और निफ्टी 110 अंक ऊपर 25441 पर खुला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती का फैसला किए जाने के बाद गुरुवार को शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के तेजी से खुलने की उम्मीद है। इससे एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार मिश्रित रहा। इससे पहले बुधवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता शुरू होने के बीच धारणा में सुधार के साथ बुधवार को भारतीय शेयर बाजार अच्छी बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स ने 313.02 अंक चढ़कर 82,693.71 पर बंद हुआ। जबकि, निफ्टी 50 ने 91.15 अंकों की बढ़त हासिल की और 25,330.25 पर बंद हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी के लिए क्या हैं आज के ग्लोबल संकेत एशियाई बाजार गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्केई 225 0.26 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.43 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 25,497 के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 74 अंकों का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।

US की खबर ने भरा बाजार में जोश, सेंसेक्स ने पार किया 83,000 का आंकड़ा

मुंबई  अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा साल 2025 में पहली बार पॉलिसी रेट में की गई कटौती का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही तगड़ी छलांग लगाते हुए 83,000 के आंकड़े को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 25,400 का स्तर क्रॉस कर गया. इस बीच शुरुआती कारोबार में आईटी से लेकर फार्मा तक के शेयर तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आए.  बाजार पर दिखा US रेट कट का असर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,693.71 की तुलना में तेज उछाल लेकर 83,108.92 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार और तेज हो गई, 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 83,141.21 के स्तर पर पहुंच गया. एनएसई के निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन बुधवार को मार्केट क्लोज होने पर 25,330.25 पर बंद हुआ था और गुरुवार को 25,441.05 पर ओपनिंग की.  भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जहां 1651 कंपनियों के स्टॉक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर ओपन हुए, तो वहीं 698 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 152 शेयरों की ओपनिंग फ्लैट रही, यानी इनके भाव में ओपनिंग के साथ कोई बदलाव देखने को नहीं मिला या ये बेहद मामूली घट-बढ़ रही. ओपनिंग पर ये शेयर सबसे तेज भागे गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल इंफोसिस का शेयर करीब 2 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक से लेकर सनफार्मा तक का शेयर 1-1.50 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों पर नजर डालें, तो एस्कॉर्ट शेयर (3.29%), इरेडा शेयर (2.86%), टाटा कम्युनिकेशन शेयर (2.50%), बायोकॉन शेयर (2.10%) और केपीआई टेक का शेयर (1.80%) की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में से आईआरएम एनर्जी शेयर (13%), पूनावाला शेयर (11.10%), एसएमएस फार्मा शेयर (7%), एचआईटेक शेयर (6.50%), जबकि न्यूजेन (4.86%) और जेनटेक का शेयर (4.80%) की तूफानी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए.  US ने कम कर दीं ब्याज दरें बता दें कि बुधवार को अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान किया गया और फेड ने बड़ा कदम उठाते हुए पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट या 0.25% की कटौती की घोषणा की. अमेरिकी सेंट्रल बैंक की ओर से पॉलिसी रेट में एक चौथाई अंकों की ये कटौती साल 2025 में पहली बार है और ट्रंप के टैरिफ वॉर से बढ़े महंगाई के खतरे के बीच बड़ी राहत है. ताजा रेट कट के बाद अब अमेरिका में ब्याज दरें 4 से 4.25 फीसदी के दायरे आ गई हैं.

Mobikwik पर बड़ा झटका! ₹40 करोड़ यूजर्स के अकाउंट से हुए गायब

मुंबई  MobiKwik चलाने वाले कई यूजर्स के साथ एक बड़ी प्रॉब्लम सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 48 घंटों के दौरान कई लोगों के बैंक अकाउंट्स से 40 करोड़ रुपये निकाल लिए गए. ये ट्रांसफर UPI के जरिए किया गया है. ये घटना 11 -12 सितंबर को हुई.  इस घटना के बाद जब मामले की जांच हुई तो उसके बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया.  ये गिरफ्तारी हरियाणा के जिले नूंह और पलवल से हुई हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों के बैंक अकाउंट से चोरी किए गए 9 लाख रुपये भी बरामद हुए .  सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद शुरू हुई प्रॉब्लम टेक्निकल प्रॉब्लम की शुरुआत हाल ही में जारी किए गए सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद शुरू हुई है. इस अपडेट में एक ग्लिच था, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया. जांचकर्ताओं का मानाना है कि इस गलत अपडेट की वजह से सिक्योरिटी चेक को डिसेबल कर दिया गया.  UPI पिन के बाद भी बैंक खाते से निकाले रुपये  टेक्निकल ग्लिच के चलते एक खामी सामने आई और ठगों ने इस खामी का इस्तेमाल करके कई लोगों के खातों से रुपये उड़ा लिए हैं.   अथॉरिटीज ने 8 करोड़ रुपये को फ्रीज कर दिया है, जो अलग-अलग बैंक अकाउंट ने निकाले गए थे.  पुलिस ने लोगों से की अपील  नूंह जिले में रहने वाले लोगों से पुलिस ने अपील की है कि 11 -12 सितंबर के दौरान जिन लोगों के बैंक अकाउंट से MobiKwik ऐप के जरिए फर्जी ट्रांजैक्शन हुई हैं, वे लोग SP ऑफिस आकर कंप्लेंट दर्ज कराएं. बचाव के लिए क्या करें?  UPI के जरिए होने वाले किसी भी साइबर ठगी से बचाव के लिए जरूरी है कि आप एक से ज्यादा बैंक अकाउंट को यूपीआई ऐप से लिंक ना करें. MobiKwik ऐप वॉलेट और UPI दोनों की सुविधा देता है.