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US से जापान तक बाजार में तूफानी तेजी, भारतीय शेयर बाजार भी उछला

मुंबई  अमेरिका से लेकर एशियाई शेयर बाजारों तक में जोरदार तेजी से भारतीय शेयर बाजार का मूड भी सुधरा है और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला. इस तेजी के बीच बीईएल, इंडिगो से लेकर जोमैटो की पेरेंट कंपनी एटरनल और टाटा स्टील जैसे शेयक खुलते ही दौड़ लगाते नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी में तेज उछाल  गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,318 की तुलना में तेजी लेकर 75,732 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ये 75,945 पर कारोबार करता हुआ नजर आया. BSE Sensex की तरह एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी बुधवार के अपने बंद 23,659 के मुकाबले तेजी लेकर 23,830 पर ओपन हुआ।  ये 10 शेयर खुलने के साथ ही भागे Share Market की तेज शुरुआत के बीच अगर सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndiGo Share (2.60%), BEL (2.20%), Eternal Share (1.80%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था।  इसके अलावा मिडकैप में शामिल TI India Share (2.10%), Godrej Properties Share (1.80%), Bharat Forge Share (1.50%)और Suzlon Share (1.40%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में देखें, तो Samman Cap Share (7%), AIIL Share (4%), Angel One Share (3.60%) की तेजी में नजर आया।  विदेशों से मिले थे ग्रीन सिग्नल भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से भी ग्रीन सिग्नल मिल रहे थे, एक ओऱ जहां अमेरिकी शेयर बाजारों में बीते कारोबारी दिन तूफानी उछाल देखने को मिला था और Dow Jones 645 अंक की धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुआ था, तो वहीं खुलने के साथ ही गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में धमाल मचा था. जापान का निक्केई 2000 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 7.70 फीसदी या 560 अंक की तेजी देखने को मिली।  (नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

ट्रंप के बयान से बाजार की गिरावट, ब्रेंट क्रूड 4% चढ़ा, पॉवेल बने नफरत का कारण

मुंबई  शेयर बाजार में कमजोरी के साथ 30 अप्रैल को कारोबार की शुरुआत हुई है. सुबह 9:30 बजे पर सेंसेक्स 902.35 अंक गिरकर 76,594 पर ट्रेड करते हुए नजर आया. निफ्टी 277 अंक उछलकर 23,900 पर कारोबार करते हुए दिखा. सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखी जा रही है. मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई है. इस गिरावट के पीछे कई वजह शामिल हैं।  सबसे पहली वजह मानी जा रही है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा कि वह अपनी स्थिति संभाल नहीं पा रहा और बिना परमाणु हथियार वाले समझौते पर फैसला लेने में भी असमंजस में है. सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि ईरान को जल्द समझदारी दिखानी होगी, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं. उनके इस सख्त रुख के बाद ग्लोबल मार्केट में असर दिखा और कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।  डोनाल्ड ट्रंप का बयान डोनाल्ड ट्रंप का ‘नो मोर मिस्टर नाइस गाय’ बयान सिर्फ एक सामान्य कमेंट नहीं, बल्कि उनकी रणनीति का संकेत माना जा रहा है. इसका मतलब है कि अब वह कूटनीतिक नरमी छोड़कर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने के पक्ष में हैं. यूएस और ईरान के बीच बढ़ता टेंशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने का खतरा, ग्लोबल डर बढ़ा रहा है।  डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर दुश्मन माने जाने वाले फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने US Fed की अपनी आखिरी बैठक में एक बार फिर से अमेरिकी पॉलिसी रेट्स को स्थिर रखने को फैसला किया है. यानी इनमें किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है. वेस्ट एशिया संषर्ष और इससे महंगाई के खतरे का हवाला देते हुए फेड ने US Policy Rates Unchanged रखे हैं. इसका असर अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट के रूप में दिखा, तो भारत समेत एशियाई शेयर मार्केट क्रैश हो गए।  Sensex-Nifty खुलते ही बिखरे ग्लोबल शेयर बाजारों में मचे कोहराम के बीच भारतीय शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 77,496 के मुकाबले तेज गिरावट लेकर 77,014 पर ओपन हुआ और फिर ये लगातार फिसलता चला गया. कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा का गोता लगाकर 76,502 के लेवल पर आ गिरा।  भारतीय रुपया में गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर करीब 95.21 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब माना जा रहा है. रुपये में यह गिरावट विदेशी निवेशकों (FII) के लिए चिंता बढ़ाती है, क्योंकि इससे निवेश का रिटर्न कम हो सकता है, और इसी वजह से शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है।  यूएस फेड का फैसला ग्लोबल संकेत भी फिलहाल नेगेटिव बने हुए हैं. यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को भले ही स्थिर रखा है, लेकिन बढ़ती महंगाई और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण 2026 में रेट कट की उम्मीदें कम हो गई हैं. वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड खासकर 10 साल की करीब 4.4% पर पहुंचने से अमेरिका में निवेश ज्यादा आकर्षक हो गया है, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों से कैपिटल आउटफ्लो का खतरा बढ़ सकता है।  निफ्टी लगातार गिरते हुए करीब 23,900 के स्तर पर पहुंच गया है और बाजार में पैनिक सेलिंग जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. India VIX करीब 4% उछलकर कारोबार कर रहा है, जो इस बात का संकेत है कि भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव (वॉलिटिलिटी) बढ़ रहा है और निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. अब निवेशकों की नजर Q4 नतीजों पर टिकी है, जहां ACC, Adani Ports, Hindustan Unilever और Bajaj Finserv जैसी बड़ी कंपनियां अपने रिजल्ट्स जारी करेंगी, जो बाजार की आगे की दिशा तय करने में अहम फैक्टर रहेगा। 

बिखरे बाजार और 2 बड़े कारण: सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट, भारी नुकसान

मुंबई  24 अप्रैल का दिन भारतीय शेयर बाजारों के लिए ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। लगातार तीसरे दिन गिरावट झेलते हुए बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 1000 अंकों की गिरावट के साथ 76,664.21 पर और निफ्टी 275.10 अंकों की गिरावट के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ। निफ्टी पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में हैं। सबसे ज्यादा 5 प्रतिशत निफ्टी आईटी टूटा है। फार्मा इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत और हेल्थकेयर व रियल्टी इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आए हैं। बाजार की गिरावट में निवेशकों के 4.90 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। गुरुवार, 23 अप्रैल को मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,66,39,864.88 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को बाजार बंद होने पर यह घटकर 4,61,49,758.18 करोड़ रुपये पर आ गया। यानि कि 4,90,106.7 करोड़ रुपये की कमी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 77,483.80 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से 1260.13 अंकों तक लुढ़ककर 76,403.87 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,100.55 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से लगभग 359.4 अंक गिरकर 23,813.65 के लो तक गया। क्यों फिसल रहा है बाजार अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने से कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 105.97 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से माहौल और अनिश्चित हो गया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में लगातार सेलर बने हुए हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को उन्होंने 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। रुपये में जारी गिरावट भी एक वजह है। शुक्रवार को घरेलू मुद्रा में लगातार पांचवें सत्र में गिरावट रही।रुपया 22 पैसे गिरकर 94.23 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव कायम है। वैश्विक बाजारों की कमजोरी भी भारतीय बाजारों को प्रभावित कर रही है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए। भारत के अलावा कई अन्य एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को गिरावट है। जकार्ता कंपोजिट 3 प्रतिशत गिरा है। शंघाई कंपोजिट, सेट कंपोजिट में भी गिरावट है। हालांकि निक्केई, हेंग सेंग और ताइवान वेटेड हरे निशान में हैं।

सेंसेक्स 1263 अंक उछला, 78,111 पर बंद, निफ्टी ने 24,200 का आंकड़ा पार किया

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत से भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया। बुधवार (15 अप्रैल) को सेंसेक्स-निफ्टी दिनभर हरे निशान पर थे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1263.67 (1.64%) अंक की बढ़त के साथ 78,111.24 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 388.65 (1.63%) अंक की तेजी के साथ 24,231.30 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में तेजी के कारण… ट्रंप का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल में गिरावट ब्रेंट क्रूड नरम पड़ा, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी।   India VIX में बड़ी गिरावट वोलैटिलिटी इंडेक्स 17% से ज्यादा गिरा यानी बाजार में डर कम हुआ और जोखिम लेने की भूख बढ़ी।   शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,983.18 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,432.30 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। सेंसेक्स सोमवार को 0.91 प्रतिशत जबकि निफ्टी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था। बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को शेयर बाजार बंद थे। 

सेंसेक्स में भारी गिरावट, 702 अंक लुड़क कर 76,847 पर बंद, निफ्टी 23,842 पर

मुंबई  हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। शुरुआत करीब 2% की बड़ी गिरावट के साथ हुई लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आने से बाजार ने कुछ रिकवरी जरूर दिखाई। इसके बावजूद आखिरी घंटों तक दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 702.68 अंक (0.91%) गिरकर 76,847.57 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 207.95 अंक (0.86%) टूटकर 23,842.65 के स्तर पर आ गया। सबसे ज्यादा दबाव ऑटो और बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला। Maruti Suzuki और Eicher Motors करीब 4% तक टूटे। वहीं Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, State Bank of India और HDFC Bank में 1% से 2% से ज्यादा की गिरावट रही। फाइनेंशियल शेयरों जैसे Shriram Finance, Jio Financial Services और Bajaj Finance में भी कमजोरी दर्ज की गई। स्पाइसजेट में लगातार चौथे दिन लगा अपर सर्किट SpiceJet का शेयर सोमवार को लगातार चौथे सेशन में अपर सर्किट पर पहुंच गया। लगातार चल रहे फाइनेंशियल दबाव और हाल की कानूनी मुश्किलों के बावजूद शेयरों में यह तेजी जारी रही। दोपहर के कारोबार में शेयर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट पर 12.88 रुपये पर लॉक हो गया, जिससे चार दिनों में इसका कुल फायदा लगभग 21.4 प्रतिशत हो गया। लंबे समय तक कमज़ोरी के दौर से गुज़रने के बाद अब SpiceJet के शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है, और लगातार बनी हुई खरीदारी की दिलचस्पी के चलते शेयर लगातार अपर सर्किट पर पहुंच रहे हैं। कच्चे तेल में उछाल से बजाज इलेक्ट्रिकल्स समेत अन्य घरेलू उपकरण कंपनियों के शेयरों में तेजी कच्चे तेल के $100 के स्तर पर लौटने से बजाज इलेक्ट्रिकल्स और अन्य घरेलू उपकरण कंपनियों के शेयरों में 2.5% तक की बढ़त हुई। इन शेयरों में यह उछाल ऐसे समय में आया है, जब भू-राजनीतिक तनाव के बीच तेल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। कुकिंग गैस (LPG) की कीमतें कच्चे तेल से सीधे तौर पर जुड़ी होती हैं। जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो LPG सिलेंडर भी महंगे हो जाते हैं। जैसे-जैसे कुकिंग गैस महंगी होती जाती है, उपभोक्ता बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक केतली जैसे सस्ते या ज़्यादा स्थिर विकल्पों की तलाश करने लगते हैं। BSE मिडकैप में Thermax और Voltas सबसे अधिक चढ़ने वाले शेयरों में शामिल BSE MidCap Today: आज Thermax में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई, जबकि Vedant Fashions और Ajanta Pharma 4–5 प्रतिशत ऊपर चढ़े। Sun TV Network और Voltas में भी तेजी देखी गई। बाजार ने निचले स्तरों से कुछ संभलने की कोशिश की। इसकी तीन प्रमुख वजहें रहीं…. पहला, गिरावट के बाद निवेशकों ने वैल्यू बाइंग की, जिससे निफ्टी फिर से 23,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। दूसरा, विदेशी और घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया। FIIs और DIIs दोनों की ओर से खरीदारी देखने को मिली, वहीं म्यूचुअल फंड और SIP निवेश भी मजबूत बना रहा। तीसरा, तकनीकी रूप से 23,500–23,700 का सपोर्ट जोन मजबूत बना हुआ है, जिससे बड़ी गिरावट फिलहाल टलती दिख रही है।

सेंसेक्स में 1100 अंक की गिरावट, जानिए 5 कारण जो बने वजह

मुंबई  शेयर बाजार में लगातार 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया है. आज सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स 1012 अंक फिसलकर 76,631.65 पर बंद हुआ और निफ्टी 222 अंक से ज्यादा फिसलकर 23,775 के पास क्लोज हुआ है. निफ्टी टॉप गेनर्स में हिंडाल्को, बजाज-ऑटो, BEL शामिल हैं. इनके शेयर्स में 3-1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली और निफ्टी टॉप लूजर्स में इंडिगो और जियो फाइनेंस शामिल हैं. इनके शेयर्स में 3-3 फीसदी की गिरावट देखी गई।  निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेस, निफ्टी एफएमसीजी, बैंकिंग, रिएल्टी में बिकवाली देखने को मिली. वहीं, मेटल, फार्मा और आईटी में खरीदारी के साथ कारोबार होता हुआ नजर आया. शेयर बाजार में आज आई भारी गिरावट के पीछे 5 अहम वजह शामिल हैं।  कच्चे तेल में लगी आग ईरान और इजराइल के बीच सीजफायर होने के बावजूद दोनों देशों के बीच एक बार फिर से अनिश्चितता देखने को मिली जिसकी वजह से होर्मुज मार्ग फिर से बंद हो गया है. ऐसे में ब्रेंट का भाव 2 फीसदी चढ़कर 96 डॉलर के पार निकल गया है. साथ ही, WTI क्रूड की कीमत भी 2.60 डॉलर बढ़ गई है।  ईरान और इजराइल के बीच तनाव जारी ईरान और इजराइल के बीच सीजफायदा हो गया था लेकिन एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव का मौहाल बन गया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने सीजफायर के बावजूद बेमानी की है और कमिटमेंट्स का उल्लंघन किया है. वहीं, अमेरिका का कहना है कि ईरान ने द्विपक्षीय बातचीत होने के बावजूद सर्तक रुख अपनाया है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजफायर को लेकर अभी निवेशकों के बीच कंफ्यूजन बनी हुई है. इसी वजह से सुबह गिफ्ट निफ्टी में भी 140 अंकों की गिरावट देखने को मिल रही थी।  रुपया में आई गिरावट आरबीआई की कोशिशों के बाद भी भारतीय रुपया में गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को शुरुआती कोराबार में भारतीय रुपया 17 पैसे टूटकर 92.71 प्रति डॉलर पर आ गया. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, फॉरेन करेंसी कारोबारियों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में स्थिति नाजुक है और बाजार मजबूत रुख अपनाने की बजाय वेट एंड वाच की स्थिति में है. बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 92.54 पर बंद हुआ था. भारतीय रुपए में 2 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले जोरदार तेजी देखने को मिली. 2 अप्रैल को रुपया करीब 2% बढ़कर 92.94 प्रति डॉलर पर पहुंच गया था, जो सितंबर 2013 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी मजबूती रही थी।  ग्लोबल मार्केट में कमजोरी ग्लोबल मार्केट्स में आज कमजोरी देखने को मिल रही है. एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई , चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आए. खासकर कोस्पी में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में इन बाजारों में तेज उछाल देखने को मिला था. वहीं, अमेरिकी और यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे ग्लोबल संकेत मिले-जुले बने हुए हैं। 

सेंसेक्स में 1009 अंकों की गिरावट, युद्ध और कमजोर रुपया प्रमुख कारण—गिरावट की 5 वजहें

मुंबई   शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक शुरुआती कारोबार के दौरान लुढ़क गए। सेंसेक्स 1009 अंक की गिरावट के बाद 74624.78 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 23,000.85 स्तर तक लुढ़क गया था। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये आज डूब गए हैं। इस गिरावट की वजह एशिआई बाजारों की कमजोर स्थिति, रुपया का नए रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने को माना जा रहा है। आइए जानते हैं 5 बड़ी वजहें — 1-मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ईरान के साथ जारी सत्ता संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से अनिश्चितता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर अटैक ना करने की बात कही है। एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं तब की स्थिति में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकती है। इसका बुरा असर शेयर बाजारों पर दिख सकता है। 2-वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति एशिया के कई धाकड़ शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को को मिली है। कोरिया Kospi और जापान Nikkei में आज 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 और Nasdaq में भी दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 3- रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर है युद्ध शुरू होने के बाद से ही रुपया की स्थिति ठीक नहीं है। आज रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। 1 डॉलर की कीमत 94.1575 के स्तर पर आ गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड लो लेवल 93.98 था। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से रुपया 3.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है। 4- कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल ने बढ़ाई टेंशन सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। आज ब्रेंट क्रू़ड ऑयल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। 5- FPI की निकासी घरेलू शेयर बाजारों से एफपीआई की निकासी जारी है। एफपीआई ने 123688 रुपये की निकासी की है। यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है। (यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

दूसरे दिन बाजार में जोश! सेंसेक्स 800 अंक बढ़ा, निफ्टी 400 अंक चढ़ा

मुंबई  शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ शुरुआत हुई है. सेंसेक्स 800 अंक चढ़कर 74,898 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी 400 अंक उछलकर 22,912 पर ट्रेड करते हुए नजर आ रहा है. निफ्टी टॉप गेनर्स में श्रीराम फाइनेंस, अडाणी पोर्ट्स, JSW Steel के शेयर्स शामिल हैं. वहीं, निफ्टी टॉप लूजर्स में टेक महिंद्रा, इंफोसिस के स्टॉक्स हैं. बाजार खुलने से पहले GIFT Nifty करीब 23,059 के स्तर पर ट्रेड करते हुए नजर आया और इसमें लगभग 130 अंकों की तेजी है, जिससे संकेत मिल रहा है कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत आज मजबूत और पॉजिटिव रह सकती है।  Nifty Midcap 100 इंडेक्स में करीब 2% की तेजी आई है और यह लगातार दूसरे दिन भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. निफ्टी Nifty Smallcap 100 में भी 2% की बढ़त देखने को मिल रही है. India VIX में गिरावट देखने को मिली है, यह 0.31% कम होकर 24.66 पर आ गया. इसमें कमी का मतलब है कि बाजार में उतार-चढ़ाव की चिंता घट रही है. इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, जो शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है. शेयर बाजार में बढ़त के पीछे की वजह क्या है, ये बताते हैं।  किस वजह से आई शेयर बाजार में तेजी? ग्लोबल बाजार से मजबूत संकेत मिले हैं. एशियाई शेयर बाजारों में करीब 1.4% की तेजी देखी गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ईरान और इजराइल के बीच युद्धविराम की उम्मीद बढ़ने से सप्लाई में रुकावट कम होने की संभावना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के साथ एक महीने के सीजफायर की कोशिश कर रहा है और 15 प्वाइंट का शांति प्रस्ताव भी दिया गया है. वहीं यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।  बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप मंगलवार के मुकाबले करीब ₹7.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹429.49 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले सेशन में ₹422.24 लाख करोड़ था।  एक्सपर्ट की राय मनींकट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, Livelong Wealth के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट Hariprasad K के मुताबिक,  क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं, जो इस बात का संकेत है कि बाजार को कूटनीतिक समाधान की उम्मीद है. यह गिरावट वैश्विक स्तर पर बढ़ते भरोसे को दिखाती है. वहीं ग्लोबल संकेत भी मजबूत हैं एशियाई बाजार जैसे Kospi, Nikkei 225, SSE Composite और Hang Seng में तेजी है, जबकि वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी पॉजिटिव शुरुआत का इशारा दे रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के अमेरिका-ईरान बातचीत के संकेतों से निवेशकों को राहत मिली है और इसी वजह से ग्लोबल बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है। 

आज शेयर बाजार में धमाकेदार तेजी, सेंसेक्स ने 1000 अंक बढ़ाए, निफ्टी 22850 तक पहुंचा!

मुंबई  शेयर बाजार में तेजी के साथ शुरुआत हुई है. गिफ्ट निफ्टी सुबह तेजी के साथ भारतीय बाजार खुलने के संकेत मिल रहे थे. सेंसेक्स 1065 अंक की बढ़त के साथ 73761 पर खुला है और निफ्टी 336 अंक की तेजी के साथ 22849 पर ओपन हुआ है. ईरान और इजराइल वॉर के चलते सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बिकवाली हावी रही लेकिन आज ऑटो, मेटल, कैपिटल मार्केट, पीएसयू बैंक. डिफेंस में खरीदारी देखी जा रही है. डिफेंस सेक्टर में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है. इसके अलावा निफ्टी ऑटो और मेटल में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है।  निफ्टी गेनर्स में एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन, जियो फाइनेंशियल, एल एंड टी और Interglobe Aviation के शेयर्स शामिल हैं. वहीं, पावर ग्रिड के शेयर्स 1 फीसदी की गिरावट देखी जी रही है. लेकिन क्या आज जानते हैं कि इस ताबड़तोड़ तेजी के पीछे की वजह क्या है? इन वजहों से आई शेयर बाजार में तेजी इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि 5 दिन के लिए पावर प्लांट पर हमले के प्लान को टाल दिया गया है. ट्रंप के इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. अमेरिका में डाउ 600 पॉइंट से ज्यादा चढ़ा और तेल की कीमतें भी काफी गिर गईं, हालांकि बाद में दोनों में थोड़ी गिरावट भी देखी गई. फिलहाल तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं और करेंसी में बदलाव पर भी नजर रखना जरूरी है. सीएनबीसी के एनालिस्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है, जबकि 23,200–23,300 का लेवल आगे रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है। बैंकिंग शेयर्स में खरीदारी रिकवरी में बैंकिंग शेयरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है. HDFC Bank, ICICI Bank और State Bank of India जैसे शेयरों में तेजी आई, जिससे पूरा बाजार को मजबूती मिली है. साथ ही ऑटो, कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली, जो दिखाता है कि तेजी सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है।  गिफ्ट निफ्टी ने दिए तेजी के संकेत GIFT Nifty जोकि भारतीय बाजार की शुरुआत का शुरुआती संकेत देता है, शुरुआती कारोबार में करीब 520 अंक तक उछल गया. इससे भी संकेत मिल रहा था कि बाजार 12 महीने के निचले स्तर के आसपास से रिकवरी दिखा सकता है. इसके अलावा एशियन मार्केट में भी तेजी के साथ कारोबार होते हुए नजर आया।  मंगलवार को रुपये में थोड़ी मजबूती देखने को मिली है, क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट आई थी और ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के संकेत दिए थे. रुपया डॉलर के मुकाबले 93.64 पर खुला, जो पिछले सेशन के 93.9750 से बेहतर था, जब यह अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 93.98 तक पहुंच गया था. हालांकि, ईरान द्वारा बातचीत से इनकार करने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और आगे की दिशा अभी साफ नहीं है. वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX), जोकि बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का संकेत देता है, 4% से ज्यादा गिरकर 25.60 पर आ गया है. निवेशकों के बीच अनिश्चितता कम हुई है और बाजार में डर थोड़ा कम हो गया है. जिससे तेजी का मूड देखा जा रहा है। 

निवेशकों में हड़कंप: ट्रंप बयान से शेयर बाजार धड़ाम, निफ्टी 550 अंक टूटा

मुंबई आज शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एशियाई बाजारों में गिरावट आई है। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सेंसेक्स लगभग 1,800 अंकों की गिरावट के साथ 72,700 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी भी लगभग 550 अंक गिरकर 22,650 के स्तर पर आ गया है। आज बैंकिंग, ऑटो, FMCG और IT सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयर आज लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। इस गिरावट के चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 7.74 लाख करोड़ कम होकर 421 लाख करोड़ रह गया है। इस बीच, शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। शुरुआती कारोबारी घंटों के दौरान, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.1 प्रतिशत कमजोर होकर 93.83 पर आ गया। पिछले सत्र में, इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो 64 पैसे की बड़ी गिरावट थी। वैश्विक तनाव बढ़ने के बीच, विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण रुपया इस समय दबाव में है। किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई? सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट आई है, जबकि निफ्टी के 50 शेयरों में से 48 नीचे कारोबार कर रहे हैं। टाटा स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और JSW स्टील में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। इसके विपरीत, ONGC और HCL Tech में बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, NSE निफ्टी इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स 10 प्रतिशत बढ़कर 25.09 पर पहुँच गया। यह निवेशकों के बीच फैले डर का एक संकेत है। व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.90 प्रतिशत गिरा है, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.18 प्रतिशत नीचे आया है। सेक्टर के हिसाब से, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है, जो लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया है। Nifty Bank और Nifty Metal इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। Brent crude $113 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, जो 77 सेंट ज्यादा है। US का बेंचमार्क, WTI crude, 1.05 प्रतिशत बढ़कर $99.26 प्रति बैरल पर पहुँच गया। शेयर बाजार क्यों गिरा? US के राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर Iran 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को फिर से नहीं खोलता है, तो उसके पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएँगे। इस वजह से आज एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। South Korea का शेयर बाजार खुलते ही लगभग छह प्रतिशत तक गिर गया। Japan के शेयर बाजार में भी चार प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।