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शेयर बाजार में लौटी रौनक, क्या विदेशी निवेशकों ने फिर से की वापसी?

मुंबई  शेयर मार्केट में इन दि‍नों रौनक है. होर्मुज का टेंशन वहीं है, तेल की कीमतें अभी भी 100 के आसपास हैं. डोनाल्‍ड ट्रंप के मनमानी फैसले सामने हैं, फ‍िर भी सेंसेक्‍स उड़ान भर रहा है. उड़ान ऐसी वैसी नहीं, 4 द‍िन में भारतीय शेयर बाजार ने 4000 से ज्‍यादा अंकों की छलांग लगाई है. सोमवार के बाद मंगलवार को भी बाजार 1200 प्‍वाइंट से ज्‍यादा उछला. वहीं, निफ्टी भी 275 पॉइंट उछलकर 23,716 पर आ गया. 8 सितंबर 2026 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब निफ्टी ने 23,700 का आंकड़ा पार किया है. आख‍िर ये पैसा आ कहां से रहा है? क्‍या ये तेजी ट‍िकाऊ है? बाजार में अचानक आई इस तेजी के पीछे कोई एक वजह नहीं. कई अच्छी खबरों ने मिलकर यह माहौल बनाया है. एक ओर क्रूड के रेट 8 फीसदी नीचे आ गए हैं. तो दूसरी ओर अमेर‍िका- चीन में एआई का बबल फूटने से भारतीय आईटी कंपन‍ियों की चांदी है. प‍िटने के बाद व‍िदेशी न‍िवेशक अब भारत की ओर रुख कर रहे हैं. सरकार भी उनके ल‍िए रास्‍ता आसान कर रही है. खुद व‍ित्‍तमंत्री न‍िर्मला सीतारमण ने संकेत द‍िया क‍ि कैप‍िटल गेन टैक्‍स खत्‍म क‍िया जा सकता है. नतीजा, व‍िदेशी न‍िवेश भारत लौटने लगे हैं. चंद द‍िनों में विदेशी न‍िवेशकों ने 2.28 बिलियन डॉलर भारतीय मार्केट में लगाए हैं. हम आपको उन सारे फैक्‍टर के बारे में बता रहे हैं, ज‍िनका इंम्‍पैक्‍ट शेयर मार्केट पर हुआ है।      सस्ता कच्चा तेल     शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी संजीवनी बनकर आया है कच्चा तेल. मंगलवार को कच्चे तेल के दाम अचानक 8 फीसदी तक नीचे आ गए. एक्‍सपर्ट के मुताबिक- कारोबार‍ियों को लग रहा क‍ि यूएस म‍िडटर्म इलेक्‍शन के बाद ट्रंप ईरान पर कोई बड़ा एक्‍शन नहीं लेंगे. कतर दोनों देशों के बीच बातचीत करवा रहा है. इससे शांत‍ि की उम्‍मीद बंधी है. बाजार को लगता है क‍ि तेल सस्ता होगा तो भारत में महंगाई कम होगी, और महंगाई कम होगी तो बाजार का झूमना तय है।      एआई का बुलबुला फूटा     पिछले कुछ सालों से पूरी दुनिया में ‘AI’ यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खूब हो हल्‍ला था. चीन अमेर‍िका और यूरोप के निवेशकों ने एआई के नाम पर आंख मूंदकर पैसा लगाया. उन्हें लगा कि यह तकनीक रातों-रात सब कुछ बदल देगी. लेकिन अब यह एआई का गुब्बारा फूटता हुआ नजर आ रहा है. लोगों को समझ आ रहा है कि हर काम सिर्फ मशीनों या एआई के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. एआई का यह तिलिस्म टूटने का सबसे बड़ा फायदा भारत की आईटी कंपनियों को हो रहा है. विदेशी कंपनियों का भरोसा अब वापस भारत की उन मजबूत कंपनियों पर लौट रहा है जो सालों से उनका काम संभाल रही हैं. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार भी मानते हैं कि एआई ट्रेड का कमजोर होना भारतीय बाजार की इस ताजा रैली को और तेज कर रहा है।      विदेशी सेठों की वापसी और आईपीओ का क्रेज     शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) जमकर खरीदारी कर रहे हैं. अकेले मंगलवार को उन्‍होंने 3,114 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का निवेश किया. ट्रस्टलाइन होल्डिंग्स के संस्थापक अरुणगिरी एन ने बताया क‍ि अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने भले ही पुराने शेयरों से 5 अरब डॉलर निकाल लिए हों, लेकिन उन्होंने नई कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाना बंद नहीं किया. 23 अक्टूबर तक उन्होंने आईपीओ में करीब आधा अरब डॉलर का निवेश किया. इसका सीधा मतलब है कि विदेशी लोगों को भारत की नई कंपनियों पर पूरा भरोसा है।      कैपिटल गेन टैक्स खत्म होने की सुगबुगाहट     एक और खबर ने बाजार को हवा दी. शेयर बाजार से होने वाले मुनाफे पर जो कैपिटल गेन टैक्स लगता है, उसके खत्म होने के आसार दिख रहे हैं. टैक्स का हटना निवेशकों के लिए वैसा ही है जैसे किसानों की फसल पर लगने वाला लगान माफ कर दिया जाए. अगर ये टैक्स खत्म होता है, तो निवेशकों की जेब में सीधा मुनाफा जाएगा, जिससे वो बाजार में और ज्‍यादा पैसा लगाएंगे।      मजबूत रुपया और कंपनियों की मोटी कमाई     जब कच्चा तेल सस्ता होता है और बाहर से डॉलर देश में आता है, तो हमारा रुपया मजबूत होने लगता है. विदेशी बाज़ार में डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे मजबूत होकर 94.72 पर पहुंच गया है. रुपया मज़बूत होने से देश को बाहर से सामान मंगाने में कम पैसा खर्च करना पड़ता है. इसके अलावा, भारत की अपनी कंपनियां भी बेहतरीन मुनाफा कमा रही हैं. जब कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे आते हैं, तो उनके शेयर भी भागते हैं. रिलायंस जैसी विशाल कंपनी के शेयर में एक ही दिन में 11.6 फीसदी का उछाल देखा गया, जो कि बहुत दुर्लभ बात है. इसी तरह, मैरिको नाम की कंपनी का शेयर 4.5 फीसदी चढ़ गया क्योंकि कच्चा नारियल (कोपरा) सस्ता होने से कंपनी का मुनाफा बढ़ गया और बाज़ार में उनके उत्पादों की मांग भी अच्छी रही।  एक्‍सपर्ट टेक- क्‍या यह तेजी ट‍िकाऊ है? एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर बाजार ने मनीकंट्रोल से बातचीत में बाजार की इस चाल को समझाया. उन्‍होंने कहा, निफ्टी ने बहुत मजबूती के साथ शुरुआत की और 23,582 के आंकड़े को पार कर लिया. यह दिखाता है कि बाजार के अंदरूनी हालात सुधर रहे हैं. अगर बाजार में खरीदारी ऐसे ही चलती रही और निफ्टी 23,600 के ऊपर टिका रहा, तो यह जल्द ही 23,800 से 24,000 की मंज‍िल तय कर सकता है. गिरावट की स्थिति में बाजार के लिए 23,500 से 23,450 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन का काम करेगा. अगर कोई बुरी खबर नहीं आती है और बाज़ार इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो तेजी का यह दौर आगे भी जारी रहेगा।   

क्रैश के बाद बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी ने तूफानी तेजी से किया आगाज

मुंबई  शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ा क्रैश देखने को मिला था, लेकिन बुधवार को कारोबार ओपन होते ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स गदर मचाए हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही अपने पिछले बंद के मुकाबले 500 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं इसके कदम से कदम मिलाकर चलते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी छलांग लगाकर 23,200 के पार निकल गया. इस तेजी के बीच ITC, HCL, BEL समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला।  सेंसेक्स-निफ्टी की दमदार शुरुआत बुधवार को शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,003 की तुलना में उछलकर 74,249 पर खुला और फिर इसके अपनी रफ्तार तेज करते हुए 500 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 75,505 का लेवल छू लिया. बात निफ्टी की करें, तो एनएसई का ये इंडेक्स भी अपने पिछले बंद 23,118 की तुलना में बढ़त के साथ 23,201 पर ओपन हुआ और फिर एक झटके में 23,281 पर जा पहुंचा।  कल क्रैश हो गया था शेयर बाजार पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में जारी गिरावट ने निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराया था और बीते कारोबारी दिन मंगलवार को तो शेयर मार्केट में भूचाल आ गया था. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स ने शुरुआत तो जोरदार की थी, लेकिन फिर कुछ देर के कारोबार के बाद देखते ही देखते ये बिखर गए थे. शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने पर बीएसई का Sensex 777 अंकों की गिरावट लेकर 74,003 के लेवल पर क्लोज हुआ था, जो दिन के हाई लेवल से 1433 अंक की गिरावट थी. वहीं NSE Nifty 279 अंक की गिरावट लेकर 23,118 पर बंद हुआ था और ये इंडेक्स अपने दिन के हाई से 474 अंक फिसला था।  सबसे तेज ये 10 शेयर  सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के बीच सबसे ज्यादा रफ्तार से भागते हुए शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share, ITC Share, Reliance Share, HUL Share करीब 2 फीसदी के आसपास बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए. वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों की लिस्ट में Yes Bank Share (3.20%), Colpal Share (1.50%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप कैटेगरी में Appolo Tyre Share, MSUMI, HSCL Share ग्रीन जोन में कारोबार करते नजर आए। 

शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 552 अंक फिसला; Nifty 23,300 के नीचे पहुंचा

मुंबई  शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और ऊर्जा कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। सेंसेक्स 552.02 अंक टूटकर 74,350.57 पर और निफ्टी 192.15 अंक गिरकर 23,285.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख शेयर बाजार शुक्रवार को तेज गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसका असर अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को आई कमजोरी के बाद देखने को मिला। निवेशक महंगे कच्चे तेल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच महंगाई और ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर सतर्क हैं। जापान का Nikkei 225 करीब 3 फीसदी और दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 2.6 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार भी दबाव में गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट रही। Dow Jones Industrial Average 0.6 फीसदी, S&P 500 करीब 0.58 फीसदी और Nasdaq Composite 0.65 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इस बीच, अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एशियाई कारोबार के दौरान करीब 5 फीसदी के ऊंचे स्तर पर बनी रही। गुरुवार को यह 4.95 फीसदी पर बंद हुई थी।

मार्केट क्रैश से मचा हड़कंप, धड़ाम हुए ये शेयर; निवेशकों को लगा 5 लाख करोड़ का झटका

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी 230 अंक या 1 फीसदी टूटकर 23,255 पर कारोबार कर रहा है. जबकि BSE सेंसेक्‍स 0.87 फीसदी या 637 अंक टूटकर 74,265.32 पर आ चुका है. सभी इंडेक्‍स में दबाव दिखाई दे रहा है. खासकर मेटल सेक्‍टर में ज्‍यादा बिकवाली दिख रही है।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि बाकी 22 शेयर भारी गिरावट पर हैं. बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्‍टील शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुके हैं. वहीं एलटी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों में भी गिरावट है।  शेयर बाजार में भारी दबाव के कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. बीएसई मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है. इसके अलावा, बीएसई के 120 शेयरों में आज लोअर सर्किट लगा है. 70 शेयर अपर सर्किट पर कामकाज कर रहे हैं. 117 शेयर 52 वीक के निचले स्‍तर पर हैं और 68 शेयर 52 वीक के हाई पर हैं. 3,365 शेयरों में से 809 शेयर तेजी पर कामकाज कर रहे थे और 2,376 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 180 शेयर अनचेंज थे।  मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव गहराने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से 11 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते दलाल स्ट्रीट की शुरुआत गैप-डाउन हुई और बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 708.23 अंक यानी 0.95% की भारी गिरावट के साथ 74,194.36 पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 259.70 अंक टूटकर 23,218.10 के स्तर पर फिसल गया। बाजार में मंदी का माहौल इतना तगड़ा रहा कि लगभग 1,824 शेयरों में बिकवाली रही, जबकि केवल 692 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए। क्रूड में लगी आग से ONGC चमका, IT शेयरों ने भी दी राहत कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल का सीधा फायदा तेल कंपनी ONGC को मिला। निफ्टी हीटमैप के मुताबिक, चौतरफा मंदी के बीच भी ONGC का शेयर 1.85% की तेजी के साथ ₹241.67 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।     टॉप गेनर स्टॉक्स: ONGC के अलावा टेक महिंद्रा (+1.26%), इन्फोसिस (+0.84%), टीसीएस (+0.83%), विप्रो (+0.34%), पावरग्रिड (+0.33%), आईटीसी (+0.31%) और एचसीएल टेक (+0.18%) हरे निशान में कारोबार करते दिखे। आईटी सेक्टर अकेला ऐसा सेक्टर रहा जिसने बाजार को थोड़ा सहारा दिया।     टॉप लूजर स्टॉक्स: दूसरी ओर, हिंडाल्को (-3.90%) और टाटा स्टील (-2.49%) में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। इनके अलावा बजाज फाइनेंस (-2.22%), जेएसडब्ल्यू स्टील (-2.01%), बजाज फिनसर्व (-1.85%), श्रीराम फाइनेंस (-1.83%), आयशर मोटर्स (-1.79%) और अडानी एंटरप्राइजेज (-1.74%) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर 3% तक टूटे सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी सेक्टर को छोड़कर सभी इंडेक्स लाल निशान में डूब गए। मेटल, ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में 1% से लेकर 3% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। क्‍यों आई मार्केट में इतनी भारी गिरावट?      शेयर बाजार में भारी गिरावट का सबसे खास वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल है, जिसकी कीमत अब ग्‍लोबल मार्केट में 108 डॉलर प्रति बैरल हो चुका है।      अमेरिका में महंगाई के मजबूत आंकड़े आए हैं, जिससे फेडरल बैंक द्वारा ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की उम्‍मीद और भी मजबूत हो चुकी है।       विदेशी निवेशकों ने जबरदस्‍त बिकवाली की है. 10 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 438 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू निवेशकों ने 1,026 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।  इन शेयरों में भारी दबाव हिंदुस्‍तान कॉपर 4 फीसदी टूटकर 508 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है. हिंदुस्‍तान जिंक के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. लोधा डेवलपर्स के शेयर भी 5 फीसदी टूटे हैं. कोचीन शिपयार्ड 6 फीसदी, गोदरेज प्रॉपर्टीज 6 फीसदी और एनएसीएल के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. डिक्‍सन टेक के शेयर भी 3 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं और मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भी करीब 4 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। 

सोमवार को बाजार में बुल्स का दमदार कमबैक, खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी तेजी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही बमबम नजर आ रहा है और दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग करने के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए दिख रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही जहां 800 अंकों से ज्यादा की धुआंधार तेजी लेकर 76000 के स्तर को पार कर गया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर करीब 250 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।  खास बात ये है कि तेल कंपनियों ने देश में लगातार चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Price Hike) का झटका दिया है, इसके बाद भी विदेशी कारणों की वजह से बाजार रफ्तार पकड़े हुए नजर आ रहा है।   सेंसेक्स-निफ्टी ने मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने से पहले ही प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के संकेत मिल गए थे. वहीं जब ट्रेडिंग शुरू हुई, तो BSE Sensex खुलते ही 76,000 का स्तर पार कर गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,415 की तुलना में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए 76,135 पर ओपन हुआ और महज पांच मिनट के कारोबार में ही 874 अंक उछलकर 76,289 पर जा पहुंचा।  बात NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,719 के मुकाबले चढ़कर 23,940 के लेवल पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 23,984 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।  शेयर बाजार में तेजी के तीन कारण बात करें, सोमवार को शेयर मार्केट रैली के पीछे के बड़े कारणों के बारे में, तो एक नहीं बल्कि तीन-तीज वजह हैं. इनका सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से भी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध खत्म किए जाने और दुनिया की तेल जरूरत को पूरा करने में अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से जल्द खोले जाने के सिग्नल दिए हैं।  बाजार का सेंटीमेंट बदलने में दूसरा कारण भी इससे जुड़ा हुआ है, क्योंकि ट्रंप के ईरान-अमेरिका के बीच सुलह के संकेतों का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा, जो इस ग्लोबल टेंशन के बीच दुनिया को डरा रही थीं और महंगाई बढ़ाने में अहम रोल निभा रही थीं. सोमवार को Brent Crude Price 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी।  तीसरा कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया अपडेट है. दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि India-US Trade Deal को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है. यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा. बता दें रूबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं।  ये 10 शेयर बने मार्केट 'हीरो' शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (2.90%), HDFC Bank Share (2.30%), IndiGo Share (2.10%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर मिडकैप में शामिल Hindustan Petroleum Share (4.20%), Ashok Leyland Share (3.60%), AU Bank Share (2.30%) की तेजी में नजर आए।  इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में NH Share (6%), Cohance Share (4.20%), IIFL Share (3%) और Inox Wind Share (2.50%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे। 

अचानक बाजार में आई जोरदार रैली, जानें ये 5 कारण जिन्होंने इसे प्रेरित किया

मुंबई  अचानक सोमवार को शेयर बाजार ने सबको हैरान कर दिया है. सुबह की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी. लेकिन दोपहर 12.30 बजे मार्केट ने पलटी मार दी, और धीरे-धीरे बाजार अब मजबूती के संकेत दे रहे हैं।  दोपहर ढाई बजे सेंसेक्स 641.81 अंक चढ़कर 73,950 पर कारोबार रहा था. वहीं निफ्टी 190 अंक चढ़कर 22,906 पर कारोबार कर रहा था. एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार में इस अचानक आए उछाल के पीछे वैश्विक के साथ-साथ घरेलू कारण भी हैं. अब निवशेक धीरे-धीरे बाजार को लेकर सकारात्मक नजरिया अपना रहे हैं।  कारोबार के दौरान Trent के शेयर में 7 फीसदी, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के शेयर में करीब 4 फीसदी, टाइटन के शेयर में 3.50 फीसदी, एक्सिस बैंक के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. मिडकैप कैटेगरी में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 6.30 फीसदी की जोरदार तेजी है।  शेयर बाजार में इस तेजी के मुख्य तौर पर 5 कारण हैं. 1. मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत अमेरिका और ईरान में सुलह के संकेत से बाजार को बल मिला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश 45 दिनों के युद्धविराम के लिए चर्चा कर रहे हैं. इस खबर ने बाजार में छाई अनिश्चितता को कम किया है. ईरान द्वारा ओमान के साथ मिलकर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'में आवाजाही के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने की घोषणा से भी निवेशकों ने राहत की सांस ली, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का डर कम हुआ।  2. आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है. बाजार के जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार भी ब्याज दरों (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रख सकता है. महंगाई पर नियंत्रण और विकास दर को संतुलित रखने के आरबीआई के प्रयासों ने निवेशकों को भरोसा दिया है।  3. नए वित्त वर्ष से निवेश का आगाज इसके अलावा अप्रैल का महीना नए वित्त वर्ष की शुरुआत का समय होता है. पिछले महीने (मार्च) में भारी बिकवाली और सुधार के बाद, कई शेयरों के वैल्युएशन (Valuation) काफी आकर्षक हो गए थे. संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने नए वित्त वर्ष के लिए नए सिरे से पूंजी निवेश शुरू कर दिया है. जिसे बाजार की तेजी का एक तकनीकी कारण माना जा रहा है।  4. आईटी और बैंकिंग सेक्टर में शानदार खरीदारी HDFC और Axis बैंक ने चौथी तिमाही के रिजल्ट से पहले अपडेट दिया है, जो कि बाजार को पसंद आया है. यही कारण है कि बाजार की इस रिकवरी को लीड बैंकिंग, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों ने किया है. बैंक निफ्टी में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखी गई. इसके अलावा, आईटी सेक्टर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर संकेतों के कारण सकारात्मक रुख बना रहा।  5. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का समर्थन भले ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) बिकवाली कर रहे थे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा है. एलआईसी (LIC) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की ओर से की गई खरीदारी ने बाजार को बड़े क्रैश से बचाया है और सोमवार को रिकवरी का आधार तैयार किया। 

15 साल का सबसे बुरा वित्तीय साल, निवेशकों ने ढाई महीने में खोए 48 लाख करोड़

 नई दिल्‍ली  शेयर बाजार निवेशकों के लिए कोरोना महामारी के दौर से भी ज्यादा भयानक साल 2026 गुजरा है. इस साल अभी महज ढाई महीने ही बीते हैं, लेकिन जितना नुकसान इतने कम समय में उठाया है, उतना पिछले 15 साल में किसी भी समय नहीं उठाया. भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत तो ठीक रही थी, लेकिन उसके बाद से लगातार दबाव और बिकवाली का ही समय रहा है. आलम यह रहा कि ढाई महीने से भी कम समय में निवेशकों ने 533 अरब डॉलर (48.50 लाख करोड़ रुपये) बाजार में गंवा दिए. आंकड़ों में झांकें तो पता चलता है कि साल 2011 के बाद से अब भारतीय निवेशकों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है. इस साल अभी तक बीएसई पर लिस्‍टेड कंपनयिों का मार्केट कैप 533 अरब डॉलर नीचे आ चुका है, जो 2011 में करीब 625 अरब डॉलर गिरा था. खास बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार को हुआ नुकसान मैक्सिको, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, फिनलैंड, वियतनाम और पोलैंड के बाजारों को हुए कुल नुकसान से भी ज्‍यादा है. इतना ही नहीं, भारतीय शेयर बाजार के नुकसान का आंकड़ा चिली, ऑस्ट्रिया, फिलीपींस, कतर और कुवैत को हुए नुकसान से भी दोगुना रहा है. मार्केट कैप एक साल में सबसे कम भारतीय शेयर बाजार में लिस्‍टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप अभी करीब 4.77 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, जो अप्रैल 2025 के बाद से सबसे निचला स्‍तर है. यह साल 2026 की शुरुआत में करीब 5.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया था. लिहाजा इसमें सीधे 10 फीसदी की गिरावट दिख रही है. यह गिरावट दिखाती है कि भारतीय शेयर बाजार में साल 2026 की शुरुआत से अब तक किस कदर बिकवाली हावी रही है. जनवरी से ही यहां लगातार उतार-चढ़ाव दिख रहा है. विदेशी निवेशकों की बेरुखी कायम भारतीय शेयर बाजार पर सबसे ज्‍यादा असर डालने वाले विदेशी निवेशकों की बेरुखी 2025 के बाद इस साल भी कायम है. साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने लगातार अपने पैसे निकाले हैं. इसके अलावा कंपनियों की कमाई और ट्रेड वॉर की वजह से भी बाजार पर खासा असर दिखा है. टैरिफ से लेकर मिसाइल तक के युद्ध ने पूरी दुनिया के बाजार को हिला दिया है, जिसका भारतीय बाजार पर कुछ ज्‍यादा ही असर दिखा. ईरान युद्ध ने आग में डाला घी. अभी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया संभली भी नहीं थी कि ईरान के साथ-साथ खाड़ी देशों में शुरू हुए युद्ध ने ग्‍लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया. कच्‍चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है, जिससे भारत में महंगाई और चालू खाते के घाटे के बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है. आयात बिल में होने वाला इजाफा देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी दबाव डाल रहा है. बार्कलेस का कहना है कि क्रूड में 10 डॉलर प्रति बैरल का भी इजाफा होता है तो भारत के चालू खाते का घाटा 9 अरब डॉलर बढ़ जाता है.  

टैरिफ पर ट्रंप को तगड़ा झटका, जबकि शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में बमबम रैली

मुंबई  अमेरिका (America) में मची किसी भी हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर देखने को मिलता रहा है. बीते सप्ताह भी यूएस में तमाम बड़े घटनाक्रम देखने को मिले, जिनमें सबसे अहम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की हार अहम है, US Supreme Court ने राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया, तो ट्रंप ने इस फैसले के तुरंत बाद दुनिया के सभी देशों पर नया 10% का टैरिफ लगा गया और 24 घंटे में ही इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया. इसके असर की बात करें, तो जिस टैरिफ से दुनिया के बाजारों में हड़कंप मचा नजर आया था, उसके हटते ही तेजी देखने को मिली है और Sensex-Nifty भी खुलने के साथ ही रॉकेट बने नजर आए हैं.   Sensex-Nifty ने खुलते ही मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 82,814.71 की तुलना में उछलकर 82,906.83 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 83,486 पर जा पहुंचा. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले शुक्रवार के बंद 25,571.25 की तुलना में चढ़कर 25,678 पर ट्रेड शुरू किया और फिर रॉकेट की तरह भागते हुए 25,771.45 के लेवल पर जा पहुंचा. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे Share Market में शुरुआती तेजी के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Adani Ports Share (2.80%), Axis Bank Share (2.10%), Kotak Bank Share (1.60%) और HDFC Bank Share (1.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी को देखें, तो Bharat Forge Share (2%), Policy Bazar Share (1.95%), Paytm Share (1.95%) और BHEL Share (1.50%) की तेजी लिए हुए दिखा. इसके अलावा स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल Cohance Share (4.80%) और IIFL Share (4.20%) में देखने को मिला.  टैरिफ का डर खत्म, तो झूमे बाजार बता दें कि Donald Trump के रेसिप्रोकल टैरिफ का डर खत्म होने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला, एशियाई बाजारों में जापान को छोड़कर लगभग सभी मार्केट ग्रीन जोन में नजर आए थे. विदेशों से मिले इन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में भी बमबम नजर आया. शुरुआती कारोबार में करीब 1,676 शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए, जबकि 830 शेयरों ने गिरावट के साथ शुरुआत की, वहीं 257 शेयर बिना किसी चेंज के खुले यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही. 

ट्रंप के ऐलान के बाद शेयर बाजार में तूफानी उतार-चढ़ाव, तेजी के बाद आई गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन अचानक ये तेजी बड़ी गिरावट में तब्दील हो गई. ट्रंप की नई टैरिफ धमकी का सीधा असर भारतीय बाजार (Trump Tariff Warning Impact) पर देखने को मिला है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% Tariff लगाने का ऐलान किया है और ये धमकी तमाम देशों की टेंशन बढ़ाने वाली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के बाद करीब 300 अंक अछला था, फिर झटके में 250 अंक से ज्यादा टूट गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) का भी ऐसा ही हाल नजर आया.  अचानक सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल शेयर मार्केट में कारोबार के शुरुआत की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,878.17 की तुलना में तेजी लेकर 84,000 के स्तर के पार ओपन हुआ था और फिर 84,258 तक उछला था. फिर अचानक ही इसकी तेज रफ्तार पर ब्रेक लग गया और BSE Sensex 250 अंक से ज्यादा टूटकर 83,616 के लेवल पर आ गया.  बात एनएसई के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी भी चाल सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 25,790 की तुलना में उछलकर 25,897 पर खुला और फिर फिसलकर 25,709 तक आ गया.  ट्रंप की ऐलान से भारत को क्या डर?  बता दें कि Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए ऐलान किया कि अमेरिका, ईरान के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश पर 25 फीसदी टैरिफ लगाएगा, जिससे ईरान और उसके कारोबारी साझेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा. ट्रंप ने साफ किया कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार कर रहा है, उसे अमेरिका के साथ सभी व्यापार पर तत्काल प्रभाव से 25 फीसदी टैरिफ देना होगा और ये आदेश फाइनल है. भारत के लिहाज से देखें, तो अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरानी तेल का आयात 2019 से ही बंद कर रखा है, लेकिन इसके बावजूद कई अन्य चीजों का आयात-निर्यात (India Export-Import With Iran) किया जाता है. ईरान में जहां भारत से चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिक मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहुंचती है, तो वहीं जबकि ईरान से भारत में सूखे मेवे, अकार्बनिक/कार्बनिक रसायन के साथ ही कांच के बर्तन आते हैं. अब ऐसे में अगर सभी कारोबार करने वाले देशों पर Trump 25% Tariff लगाते हैं, तो फिर भारत पर पहले से लागू 50% टैरिफ के बढ़कर 75% होने की संभावना बनती है. यही डर शेयर बाजार पर देखने को मिला है.  ये 10 बड़े शेयर बिखरे शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बाद अचानक आई गिरावट के चलते जिन शेयरों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल LT Share (2.30%), HCL Tech Share (2.10%), Bharti Airtel Share (1.50%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल  Glenmark Share (3.10%), Dixon Tech Share (2.20%), Godrej Properties Share (2.05%) और AU Bank Share (2%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में Lotus Chocolate Share (8%), Jubilant Agri Share (5.50%) और NEC Life Share (5%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे. 

2026 में शेयर बाजार ने दिखाया जोरदार उछाल, सेंसेक्स 223.54 अंक बढ़ा

मुंबई  साल 2026 (New Year) की शुरुआत हो चुकी है और नए साल को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) भी सलाम किया है. Sensex-Nifty दोनों इंडेक्स 1 जनवरी 2026 को तेज रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपनिंग के साथ ही 200 अंक से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में खुला. इस बीच कई शेयर खुलते ही 10 से 15 फीसदी तक उछल गए.  सेंसेक्स-निफ्टी की धांसू शुरुआत 2026 के पहले दिन शेयर मार्केट (Stock Market) पॉजिटिव नोट के साथ ओपन हुआ. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 85,220 की तुलना में ओपन होने के साथ ही 223.54 अंक की तेजी लेकर 85,444.14 के स्तर पर जा पहुंचा, तो वहीं एनएसई का निफ्टी अपने पिछले बंद 26,139 के मुकाबले ग्रीन जोन में खुलने के बाद 65.75 अंक चढ़कर 26,195.35 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया.  1284 कंपनियों के शेयरों की तेजी ओपनिंग शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में मौजूद करीब 1284 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी लेकर कारोबार की शुरुआत की थी. इसके अलावा 728 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए थे. इसके अलावा 151 कंपनियों के स्टॉक्स ने फ्लैट ओपनिंग की, यानी इनकी कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. Tata Steel, Jio Financial, L&T, Reliance Industries, Bajaj Finserv सबसे तेज भागने वाले शेयरों में शामिल थे.  भारतीय शेयर बाजारों ने मजबूत आशावाद के साथ ट्रेडिंग वर्ष की शुरुआत की, जिसमें प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने शुरुआती कारोबार में उल्लेखनीय लाभ दर्ज किया। बेंचमार्क सेंसेक्स में 223.54 अंकों की महत्वपूर्ण उछाल देखी गई, जो प्रभावशाली 85,444.14 पर पहुंच गया। साथ ही, निफ्टी सूचकांक ने भी 65.75 अंक बढ़कर 26,195.35 पर कारोबार करते हुए ठोस लाभ दर्ज किया। 2024 ट्रेडिंग कैलेंडर के पहले दिन इस सकारात्मक शुरुआत ने निवेशकों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वर्ष की वित्तीय गतिविधियों के लिए एक उत्साहजनक माहौल तैयार किया है। बाजार की प्रतिक्रिया व्यापार के शुरुआती घंटों में विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी रुचि देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ऊपर की ओर बढ़ी हुई चाल, नए ट्रेडिंग वर्ष में प्रवेश करते समय बाजार सहभागियों के बीच प्रचलित बुलिश सेंटिमेंट (तेजी की भावना) का सुझाव देती है। यह शुरुआती गति अक्सर साल के अंत के नतीजों के बाद नए सिरे से आशावाद और आगामी आर्थिक घटनाओं की प्रत्याशा से प्रेरित होती है। विश्लेषक इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखते हैं, जो बाद के ट्रेडिंग सत्रों में बाजार के रुझानों को प्रभावित कर सकता है और महीने के लिए एक रचनात्मक दिशा निर्धारित कर सकता है। वित्तीय निहितार्थ बेंचमार्क सूचकांकों में तत्काल वृद्धि समग्र मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में एक बड़ी वृद्धि को दर्शाती है। इक्विटी रखने वाले निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो मूल्यों में वृद्धि का अनुभव होने की संभावना है, जो बाजार की सकारात्मक भावना को दर्शाता है। यह ऊपर की ओर प्रदर्शन निवेशक के आत्मविश्वास को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है, जिससे पूरे वर्ष स्टॉक मार्केट में भागीदारी और पर्याप्त निवेश प्रवाह बढ़ सकता है। यदि यह प्रवृत्ति बनी रहती है तो कंपनियों को पूंजी जुटाने की गतिविधियों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ भी मिल सकती हैं।