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शैंपू-साबुन पर GST घटा, डव-लाइफबॉय के नए रेट जारी – जानें कितनी होगी बचत

नई दिल्ली 22 सितंबर से लागू होने वाले नए जीएसटी रेट के चलते अब हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के कई पॉपुलर प्रॉडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे। दरअसल, कंपनी ने अपने इन प्रॉडक्ट्स के प्राइस में बड़ी कटौती की है। डव शैंपू, किसान जैम, हॉर्लिक्स, लक्स साबुन और लाइफबॉय साबुन जैसे प्रॉडक्ट्स की प्राइस अब 15% तक कम हो जाएगी। 22 सितंबर से ये बदलाव वाले रेट लागू होंगे। बता दें कि हाल ही में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया था। सरकार द्वारा जीएसटी के मेथड को और भी सरल बनाने के लिए दो टैक्स स्लैब्स को इंट्रोड्यूस किया गया। पहले टैक्स स्लैब्स 5%, 12% और 18% के थे, लेकिन अब इन सभी को सिर्फ दो टैक्स स्लैब्स 5% और 18% में लाया गया। सस्ते होने वाले हैं डव शैंपू, हॉर्लिक्स और लाइफबॉय साबुन जैसे HUL के कई प्रोडक्ट्स, जानिए कितनी कम हो जाएगी कीमत ये प्रोडक्ट्स हो जाएंगे सस्ते जीएसटी में हुए इन बदलावों के चलते कई प्रॉडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे। इनमें खास तौर पर फूड आइटम्स शामिल हैं। दूध, पनीर और जैम्स को जीएसटी से छूट मिली है, यानी इन पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि कुछ प्रॉडक्ट्स ऐसे हैं जिन्हें 5% टैक्स स्लैब में डाल दिया गया है। वहीं साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट जैसे प्रॉडक्ट्स पर लगने वाला 18% का टैक्स अब 5% कर दिया गया है। टैक्स कटौती से अब सीधा फायदा कंज्यूमर्स को पहुंचेगा। ऐसे में कई बड़ी कंपनियों के प्रॉडक्ट्स के रेट भी घट जाएंगे। 22 सितंबर से लागू होंगे नए रेट सरकार की ओर से 22 सितंबर से लागू होने वाले नए रेट के चलते कंपनियों को अपने पुराने बचे हुए स्टॉक की एमआरपी बदलने की इजाजत भी दी गई है। अब मैन्युफैक्चरर, पैकर्स और इंपोर्टर्स पुराने स्टॉक पर नई कीमतें स्टांप, स्टीकर या ऑनलाइन प्रिंटिंग से लगा सकेंगे, जिससे मैन्युफैक्चर का स्टॉक खराब नहीं होगा। हालांकि 31 दिसंबर 2025 तक पुराना स्टॉक खत्म करना जरूरी होगा। नई कीमतों के साथ कंपनियों को अब पुराना एमआरपी दिखाना भी जरूरी होगा। कंपनी ने ये क्यों किया? इसी महीने 3 सितंबर 2025 को GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग हुई। इस मीटिंग में सरकार ने GST को सरल बनाने का फैसला लिया। पहले टैक्स स्लैब 5%, 12% और 18% के थे, लेकिन अब 12% वाला स्लैब हटा दिया गया। इससे सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% बचे रहेंगे। कई फूड आइटम्स जैसे UHT मिल्क, पनीर और जैम्स को या तो GST से छूट मिल गई या फिर 5% टैक्स स्लैब में डाल दिया गया। इसके अलावा साबुन, शैम्पू और टूथ पेस्ट पर GST को 18% से घटाकर 5% कर दिया है। सरकार ने साफ कहा कि ये टैक्स कटौती का फायदा कंज्यूमर्स तक पहुंचना है। इसी के चलते कंपनी ने दाम घटाने का फैसला किया है। सरकार ने कंपनियों को पुराने स्टॉक की MRP बदलने की इजाजत दी सरकार ने 22 सितंबर से लागू हो रहीं नई GST दरों से पहले सरकार ने कंपनियों को अपने पुराने बचे हुए माल (अनसोल्ड स्टॉक ) की मैक्सिमम रिटेल प्राइज (MRP) बदलने की इजाजत दे दी है। मैन्युफैक्चरर्स, पैकर्स और इम्पोर्टर्स अब पुराने स्टॉक पर नई कीमतें स्टैंप, स्टिकर या ऑनलाइन प्रिंटिंग से डाल सकेंगे। भारत के कंज्यूमर अफेयर डिपार्टमेंट ने मंगलवार को आदेश जारी कर कहा कि ये अनुमति 31 दिसंबर 2025 तक या पुराना स्टॉक खत्म होने तक लागू रहेगी। नई कीमतों के साथ कंपनियों को पुराना MRP दिखना जरूरी होगा। लग्जरी आइटम्स पर ज्यादा टैक्स लगेगा लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28% की जगह 40% GST लगेगा। मध्यम और बड़ी कारें, 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें इस स्लैब में आएंगे। इससे इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने की कीमतें लुढ़कीं, चांदी में भी आई गिरावट

मुंबई  गोल्ड ज्वेलरी खरीदने वालों को आज राहत मिली है। बुधवार (17 सितंबर) को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद दोनों कीमती धातुओं के दाम लुढ़के हैं। MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,09,749 रुपए पर है। चांदी की कीमत में भी 1.07 फीसदी की गिरावट आई है, ये 1,27,437 रुपए प्रति किग्रा पर है। सोना रिकॉर्ड 1.15 लाख के पार, चांदी भी नए शिखर पर मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,800 रुपए उछलकर 1,15,100 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, इसके अलावा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,800 रुपये बढ़कर 1,14,600 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गयी। स्थानीय सर्राफा बाजार में, पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 500-500 रुपए गिरकर क्रमशः 1,13,300 रुपए और 1,12,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।  एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘कमजोरर डॉलर और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर कटौती की बढ़ती उम्मीदों के चलते मंगलवार को सोना एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। डॉलर सूचकांक दस हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी को बल मिल रहा है।'' इसके अलावा, मंगलवार को चांदी 570 रुपए चढ़कर 1,32,870 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। सोमवार को चांदी 1,32,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।  

बाजार में लगातार दूसरे दिन उछाल, सेंसेक्स 82,600 पार, निफ्टी भी तेजी के साथ बंद

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे दिन ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत हुई और मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्स-निफ्टी तेज बढ़त लेकर बंद हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 313.02 अकों की तेजी लेकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 91.25 अंकों की बढ़त के साथ 25,300 के पार क्लोजिंग की. बाजार में तेजी के बीच पीसी ज्वेलर्स से लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तक के शेयर उछाल के साथ बंद हुए.  82600 के पार बंद हुआ सेंसेक्स  बुधवार को शेयर मार्केट में दिनभर तेजी में कारोबार हुआ. 30 शेयरों वाले सेंसेक्स इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 82,380.69 की तुलना में उछलकर 82,506.40 के लेवल पर ओपन होने के बाद 82,741.95 तक छलांग लगाई और अंत में 313.02 अंक चढ़कर 82,693.71 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी-50 ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाए रखा और पिछले कारोबारी बंद 25,239.10 के मुकाबले बढ़त लेते हिुए 25,276.60 पर खुला, फिर कारोबार के दौरान 25,346.50 के स्तर तक उछला. हालांकि, अंत में ये एनएसई इंडेक्स भी 91.15 अंक की तेजी लेकर 25,330.25 पर क्लोज हुआ.  PC ज्वेलर्स का शेयर 15% तक भागा कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले 10 शेयरों की बात करें, तो ज्वेलरी कंपनी पीसी ज्वेलर्स से लेकर एसबीआई तक के शेयर आज के हीरो साबित हुए. लार्जकैप कैटेगरी में शामिल एसबीआई स्टॉक 3.02% की तेजी के साथ 856.95 रुपये पर क्लोज हुआ, तो भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयर ने 2.36% की छलांग लगाते हुए 412.30 रुपये पर क्लोजिंग की. टॉप-10 गेनर्स लिस्ट में शामिल अन्य स्टॉक्स की बात करें, तो… IRME Energy Share    19.99%    329.85 रुपये Platinum Industries     10.51%    317.00 रुपये PC Jewellers               9.50%    14.65 रुपये Dhani Share                9.34%    69.41 रुपये RedTape Share           7.92%    151.85 रुपये Maharashra Bank       3.98%    57.28 रुपये KPI Tech Share          3.87%    1296.65 रुपये Kalyan Jewellers        3.01%    522.90 रुपये क्या इसलिए उछला शेयर बाजार?  बीते कारोबारी दिन मंगलवार को तमाम मुद्दों पर अटकी भारत-US ट्रेड डील को लेकर नई दिल्ली में छठे दौर की बातचीत हुई. इस बैठक के शुरू होने से पहले ही शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी और फिर सेंसेक्स-निफ्टी ने ताबड़तोड़ उछाल के साथ कारोबार खत्म किया था. वहीं सात घंटे चली इस बैठक के सकारात्मक परिणामों की उम्मीद का असर बुधवार को भी दोनों इंडेक्स में तेजी के रूप में देखने को मिला. इसके अलावा 17 सितंबर को ही अमेरिका में पॉलिसी रेट को लेकर US Fed की बैठक होने वाली है और इसमें 25 बेसिसि पॉइंट की कटौती की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे भी बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है. 

मारुति की नई मिड-साइज धाकड़ SUV Victoris हुई लॉन्च, कीमत ₹10.5 लाख से शुरू

मुंबई  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने कुछ समय पहले ही अपनी नई मिड-साइज एसयूवी Maruti Suzuki Victoris का खुलासा किया था, लेकिन इसकी कीमतों की घोषणा नहीं की गई थी. लेकिन अब कंपनी ने इसकी कीमतों का खुलासा कर दिया है. इस कार को कुल छह ट्रिम लेवल में पेश किया गया है, और इसकी शुरुआती कीमत 10.5 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है, जबकि इसके टॉप-स्पेक वेरिएंट की कीमत 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. कंपनी ने जानकारी दी है कि Maruti Victoris की बुकिंग 3 सितंबर, 2025 से शुरू हो चुकी है और इस कार को विशेष रूप से Maruti Arena शोरूम के माध्यम से बेचा जाएगा. Maruti Suzuki Victoris के पावरट्रेन और गियरबॉक्स इसमें मिलने वाले पावरट्रेन की बात करें तो इसमें Maruti Grand Vitara के ही इंजन विकल्प मिलते हैं. कार में तीन मुख्य पावरट्रेन हैं, जिनमें पहला 102 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर, 4-सिलेंडर माइल्ड हाइब्रिड पेट्रोल इंजन, दूसरा 114 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन, और तीसरा 88 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर पेट्रोल-सीएनजी इंजन शामिल हैं. Maruti Suzuki ने इसके CNG टैंक को अंडरबॉडी में स्थानांतरित कर दिया है, जिससे इसमें मिलने वाला बूट स्पेस खाली हो गया है. गियरबॉक्स विकल्पों की बात करें तो इसमें पेट्रोल इंजन के लिए 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड के लिए ई-सीवीटी और सीएनजी वेरिएंट के लिए 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है. Maruti Victoris में पेट्रोल-ऑटो कॉन्फ़िगरेशन के साथ ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी दिया गया है. Maruti Suzuki Victoris की प्राइस लिस्ट Maruti Suzuki Victoris वेरिएंट के अनुसार एक्स-शोरूम कीमत वेरिएंट LXI VXI ZXI ZXI(O) ZXI+ ZXI+(O) 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 5-स्पीड MT 10.5 लाख रुपये 11.8 लाख रुपये 13.57 लाख रुपये 14.08 लाख रुपये 15.24 लाख रुपये 15.82 लाख रुपये 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 6-स्पीड AT – 13.36 लाख रुपये 15.13 लाख रुपये 15.64 लाख रुपये 17.19 लाख रुपये 17.77 लाख रुपये 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 6-स्पीड AT, AWD – – – – 18.64 लाख रुपये 19.22 लाख रुपये 1.5-लीटर CNG 5-स्पीड MT 11.5 लाख रुपये 12.8 लाख रुपये 14.57 लाख रुपये – – – 1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड eCVT – 16.38 लाख रुपये 17.80 लाख रुपये 18.39 लाख रुपये 19.47 लाख रुपये 19.99 लाख रुपये इन कीमतों के अलावा, कंपनी ने Maruti Victoris के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन की सुविधा भी पेश की है, जिसे 27,707 रुपये से शुरू किया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि Maruti Suzuki की सब्सक्रिप्शन योजना के तहत मासिक किराये में वाहन की लागत, रजिस्ट्रेशन, मेंटेनेंस, इश्योरेंस और रोड साइड असिस्टेंस की सुविधा शामिल है. Maruti Suzuki Victoris का इंटीरियर इसके इंटीरियर की बात करें तो नए Maruti Victoris को ज़्यादा तकनीक-केंद्रित डैशबोर्ड डिज़ाइन के साथ कंपनी की मौजूदा Maruti Grand Vitara से काफ़ी अलग रखा गया है. इसके डैशबोर्ड के ऊपर एक बड़ा 10.25-इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, दाईं ओर एक डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और तीन-स्पोक वाला स्टीयरिंग व्हील दिया गया है. गौरतलब है कि Maruti Victors को एक 5-सीटर कार के तौर पर पेश किया गया है. Maruti Suzuki Victoris में ADAS 2.0 के फीचर्स Maruti Victoris के सेफ्टी पैकेज में स्टैंडर्ड तौर पर छह एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, ट्रैक्शन कंट्रोल, ब्रेक असिस्ट, हिल होल्ड कंट्रोल और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसके हायर वेरिएंट में 360-डिग्री कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और मारुति मॉडल में पहली बार लेवल 2 ADAS भी मिलता है. इसके अलावा, Maruti Victoris को भारत NCAP क्रैश सेफ्टी रेटिंग में 5-स्टार हासिल किया है. Maruti Suzuki Victoris के प्रतिद्वंद्वी सबसे नई Maruti Victoris का मुकाबला, अपनी ही सिबलिंग Maruti Grand Vitara से होने वाला है. ऐसा इसलिए, क्योंकि Maruti Victoris के अलावा Maruti Grand Vitara कंपनी की बेहद लोकप्रिय मिडसाइज़ एसयूवी है. इसके अलावा, भारत में इस कार का मुकाबला, Hyundai Creta, Kia Seltos, Toyota Urban Cruiser, MG Astor और Honda Elevate जैसी कारों से होने वाला है.

ट्रेड डील की उम्मीद ने बढ़ाई सेंसेक्स की रफ्तार, बाजार ने छुआ 82,000 का निशान

मुंबई  भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आज नई दिल्ली में बड़ी बैठक होने वाली है. तमाम मुद्दों को लेकर ये समझौता अटका हुआ है और इसे सुलझाने के लिए अमेरिका से प्रमुख वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में टीम सोमवार को यहां पहुंची है. दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर मिले पॉजिटिव संकेतों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है और खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी दौड़ लगाते हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स का झटके में 82,000 के पार निकल गया. इस बीच बैंकिंग समेत अडानी पोर्ट्स, एमआरएफ, महिंद्रा जैसे शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला.  खुलते ही सेंसेक्स ने लगाई छलांग  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,785.74 की तुलना में बढ़त लेकर 81,852.11 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये एक बार फिर 82,000 का आंकड़ा पार कर गया. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 380 अंक के आसपास की तेजी लेकर 82,163.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.  न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी ओपनिंग के साथ ही तूफानी तेजी पकड़ता हुआ नजर आया. निफ्टी अपने पिछले बंद 25,069.20 के लेवल से मामूली बढ़त लेकर 25,073.60 पर ओपन हुआ और फिर तेज रफ्तार के साथ 25,181.05 पर ट्रेड करने लगा.  MRF से अडानी पोर्ट तक दौड़े बाजार में तूफानी तेजी के बीच जिन शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला. उनमें लार्जकैप कैटेगरी में एक्सिस बैंक (1.70%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.50%), कोटक बैंक (1.40%) और अडानी पोर्ट (1.20%) शामिल रहे. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में एमआरएफ स्टॉक (2.66%), महिंद्रा फाइनेंस (2.30%), कॉनकोर (2%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल रेडिंगटन (12%), रामा स्टील (8.21%) और गुडफ्राई फिलिप (6.86%) की जोरदार बढ़त लिए हुए थे.  1635 शेयरों ने की तेज शुरुआत  मार्केट में कारोबार शुरू होने के दौरान ग्लोबल पॉजिटिव संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी ने जहां ग्रीन जोन में ओपनिंग की. तो वहीं बाजार में मौजूद 1635 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर खुले. हालांकि, 665 कंपनियों के शेयरों की शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई, वहीं 162 कंपनियों के स्टॉक्स की फ्लैट ओपनिंग हुई, यानी इनके भाव में कोई भी चेंज देखने को नहीं मिला.  भारत-US ट्रेड डील पर आज बैठक  गौरतलब है कि ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ अटैक के चलते India-US के बीच ट्रेड डील अटक गई थी, लेकिन एक बार फिर इसपर बातचीत आगे बढ़ रही है. इसके लिए मंगलवार नई दिल्ली में एक बड़ी बैठक होने वाली है, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के प्रमुख वार्ताकार ब्रेंडन लिंच सोमवार को दिल्ली पहुंचे हैं और US Team का नेतृत्व करेंगे. बता दें कि एग्री-डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर दोनों देशों के बीच डील में पेंच फंसा था और उसके बाद रूसी तेल को मुद्दा बनाकर अमेरिका ने भारत पर लागू 25% टैरिफ को बढ़ाकर 50% कर दिया था. इससे पहले भारत-अमेरिका में पांच दौर की बातचीत हो चुकी थी और छठे दौर की वार्ता रद्द हो गई थी. अब आज की बैठक में ट्रेड डील और टैरिफ पर सकारात्मक बात होने की उम्मीद जताई जा रही है. 

क्यों बंद हुआ Hike Messenger? कभी भारत का देसी जवाब था WhatsApp को

नई दिल्ली भारत के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक व्हाट्सएप है. भारत के बहुत सारे यूज़र्स के दिमाग में ऐसा सवाल आता है कि क्या व्हाट्सएप को कोई दूसरा मैसेजिंग ऐप टक्कर दे सकता है. टेलीग्राम से लेकर सिंग्नल तक बहुत सारे ऐप्स मार्केट में आए लेकिन व्हाट्सएप का जलवा बरकरार है. हालांकि, एक ऐसा मैसेजिंग ऐप था, जो व्हाट्सएप को टक्कर देने के लिए और लोगों को एक नया और व्हाट्सएप से बेहतर विकल्प देने के लिए बनाया गया था. इस ऐप का नाम हाइक (Hike) है. यह एक इंडियन मैसेजिंग ऐप ही है, जिसने अमेरिकन मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को कड़ी चुनौती दी थी, लेकिन अब यह ऐप बंद हो गया है. इसके फाउंडर कविन भारती मित्तल ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि वो अब इस ऐप को बंद कर रहे हैं. आइए हम आपको इस पूरी ख़बर के बारे में बताते हैं. इस ऐप ने अपने सफर की शुरुआत एक इंटरेस्टिंग मैसेजिंग ऐप के रूप में की थी, लेकिन उसके बाद इसने गेमिंग इंडस्ट्री में कदम रखा था. अब हाल ही में भारत सरकार के नए कानून की वजह से हाइक का सफर खत्म हो गया. 2012 में हुई थी शुरुआत 2012 में लॉन्च हुआ Hike Messenger युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ था. लेकिन 2021 में मैसेजिंग ऐप को बंद कर कंपनी ने Rush नाम से रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसमें कैरम और लूडो जैसे गेम्स में कैश प्राइज़ दिए जाते थे. चार साल में Rush ने 10 मिलियन यूज़र्स और $500 मिलियन से ज़्यादा का ग्रॉस रेवेन्यू हासिल किया. Mittal ने हाल ही में एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका में शुरू किया गया नया बिज़नेस अच्छा चल रहा था, लेकिन उसे ग्लोबली स्केल करना “समय और पूंजी का सही उपयोग नहीं” होगा. उन्होंने साफ कहा—अब ये चढ़ाई उनके लिए, उनकी टीम और निवेशकों के लिए सही नहीं है. Hike को कभी SoftBank, Tiger Global और Tencent जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन मिला था. 2016 में इसकी वैल्यू $1.4 बिलियन तक पहुंच गई थी. 2025 में लागू हुए नए ऑनलाइन गेमिंग कानून ने नकद इनाम वाले गेम्स की दुनिया को झटका दिया. भारत सरकार के इस नए कानून का भारत की कई कंपनियों पर असर पड़ा और दुकानें बंद हो गई.

सस्ता होगा सोना? जानिए क्यों US फेड की बैठक बन सकती है गेमचेंजर

नई दिल्‍ली  सोने की चमक ने सबको चकाचौंध कर रखा है। इसने एक साल में ताबड़तोड़ तेजी दर्ज की है। इस दौरान यह करीब 53% तक चढ़ा है। दूसरे किसी भी एसेट क्‍लास में ऐसी बंपर तेजी देखने को नहीं मिली है। हालांकि, 17 सितंबर से पहले सोने की कीमतों में तेजी पर कुछ अंकुश लग सकता है। अगले हफ्ते बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों पर फैसला लेने वाला है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि आगे चलकर सोने की चमक बनी रहेगी। वे टैर‍िफ के असर, ब्रिटेन और यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की बैठकों पर नजर रखेंगे। सोने की कीमतों में तेजी आई है। लेकिन, अब यह रफ्तार धीमी हो सकती है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर का कहना है कि निवेशक अब सतर्क हो गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सोने के दाम काफी बढ़ गए हैं। इसलिए, वे अब और ज्यादा पैसा लगाने से डर रहे हैं। 17 सितंबर पर दुन‍िया की नजर मेर ने कहा कि पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के युद्ध के कारण सोने के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोने और चांदी के दाम बढ़ सकते हैं। लेकिन, निवेशकों को फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों का इंतजार है। ऐसे में कीमतों में कुछ बदलाव हो सकता है। फेडरल रिजर्व की दो दिन की बैठक 16 सितंबर को शुरू होगी। नीतिगत फैसले की घोषणा 17 सितंबर को की जाएगी। एंजल वन के प्रथमेश माल्या ने कहा कि अमेरिका में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगने और रूस-यूक्रेन के बीच लड़ाई बढ़ने से सोने के दाम में तेजी आना कोई हैरानी की बात नहीं है। सोने के दाम में तेजी क्यों आई? भू-राजनीतिक तनाव पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं। व्यापार शुल्क (टैरिफ) अमेरिका में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगने से भी सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।   आगे क्या हो सकता है? कीमतों में स्थिरता फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले तक सोने के दाम स्थिर रह सकते हैं। तेजी जारी रह सकती है जानकारों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और अन्य वैश्विक कारकों के कारण आगे भी सोने के दाम बढ़ सकते हैं।   निवेशकों को क्या करना चाहिए? सतर्क रहें सोने में निवेश करते समय सावधानी बरतें और बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर नज़र रखें। फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार करें कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले फेडरल रिजर्व के 17 सितंबर के फैसले का इंतजार करें, क्योंकि यह सोने के भविष्य के दाम तय कर सकता है। प्रणव मेर ने कहा, 'सोने की कीमतों में सकारात्मक रफ्तार जारी रही और यह लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सप्ताह के मध्य में बढ़त की रफ्तार कुछ धीमी हो गई। पिछले चार हफ्तों में कीमतों में 10 फीसदी से ज्‍यादा की बढ़ोतरी के बाद निवेशक और कारोबारी अब सतर्क हो गए हैं। मौजूदा कीमतों पर नए तेजी के सौदे जोड़ने से हिचक रहे हैं।'    

iPhone खरीदना है तो पहले खरीदो पास! Flipkart के Big Billion Days का अजीब ऑफर वायरल

नई दिल्ली अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली इंडियन ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart ने Big Billion Days सेल के लिए एक अनोखी स्कीम शुरू की है. सस्ते में iPhone खरीदने के लिए कंपनी ने 5000 रुपये का पास बेचना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर इस स्कीम की लोग आलोचना भी कर रहे हैं. दरअसल Flipkart ने Big Billion Days के लैंडिंग पेज पर लिखा है कि iPhone 16 Pro सिर्फ 70 हजार रुपये में ही मिलेगा. जबकि iPhone 16 Pro की कीमत 1 लाख रुपये से ऊपर है. ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक साल के अंदर Apple का कोई Pro फोन एक सिर्फ 70 हजार रुपये में मिलने लगा हो.  Flipkart के मुताबिक़ जो यूजर 5000 रुपये का पास खरीदता है उसे iPhone 16 Pro सस्ता मिलेगा. कंपनी ने दावा किया है कि Big Billion Days सेल के पहले 24 घंटे में एर्ली ऐक्सेस के तहत उन्हीं यूजर्स को सस्ते iPhone मिलेंगे जो 5000 रुपये का पास खरीदेंगे.  Flipkart का 5000 रुपये पास वाला ऑफ़र तीन स्मार्टफोन्स के लिए है. इनमे iPhone 16 Pro 128GB, iPhone 16 Pro 256GB और iPhone 16 Pro Max 256GB मॉडल्स शामिल हैं.  Flipkart ने दावा किया है कि सेल के दौरान iPhone 16 Pro सिर्फ 70 हज़ार रुपये से मिलना शुरू हो जाएगा. जबकि इसकी लॉन्च क़ीमत 1 लाख 30 हज़ार रुपये है.  iPhone 16 Pro Max को यूजर्स 90 हजार रुपये में ख़रीद सकेंगे, जबकि इसकी लॉन्च क़ीमत लगभग 1 लाख 45 हज़ार रुपये थी. आईफोन को लेकर भारत में काफी क्रेज है और कई लोगों ने पास खरीद भी लिया है. X पर कई लोगों की शिकायत है कि एरर की वजह से खरीद नहीं पा रहे हैं.  आपके लिए जानना इंपॉर्टेंट है कि ये 5000 रुपये वाला पास नॉन रिफंडेबल है और इसे आप कैंसिल भी नहीं करा सकते हैं. यानी अगर आप फैसला बदलते हैं तो आपको ये पैसा वापस नहीं मिलेगा. Flipkart का ये पास Big Billion Days Sals के शुरुआती 24 घंटे तक ही वैलिड रहेगा. यानी आप इसे अर्ली ऐक्सेस के तौर पर यूज कर पाएंगे. एक कस्टमर सिर्फ एक ही पास खरीद सकेगा.  फ़िलहाल ये साफ़ नहीं है कि जिन यूजर्स को 5000 रुपये वाला पास खरीदने के बाद भी iPhone 16 Pro या Pro Max नहीं मिलता है तो उस केस में क्या होगा? मुमकिन है कंपनी पैसे वापस कर दे. लेकिन कंपनी अगर ऐसा नहीं करती है तो ये यूजर्स के साथ नाइंसाफी होगी. 

डिजिटल पेमेंट में बड़ा अपडेट: UPI की लिमिट बढ़ी, अब एक दिन में 10 लाख रुपये ट्रांसफर संभव

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कई कैटेगरी में यूपीआई लेनदेन की लिमिट में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जो आज से प्रभावी होने जा रही है. हाई वैल्यू डिजिटल ट्रांजेक्शन को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए आसान बनाने की दिशा बड़ा कदम उठाते हुए एनपीसीआई ने लेनदेन की लिमिट को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है. यूपीआई पेमेंट के नियमों में ये अहम बदलाव 15 सितंबर 2025 से लागू हो रहे हैं. इसके बाद अब इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट, लोन ईएमआई और ट्रैवल कैटेगरी में प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख रुपये, जबकि डेली 10 लाख रुपये तक का लेनदेन किया जा सकेगा.  कहां-कहां लागू होगी नई लिमिट यूपीआई पेमेंट की नई लिमिट पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान पर प्रभावी होगी. मतलब वेरिफाइड कारोबारियों और संस्थाओं को पेमेंट पर ये बदलाव लागू होगा. इसके तहत कुछ कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपये, तो कुछ में मैक्सिमम 10 लाख रुपये तक का डेली ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा.  बीते 24 अगस्त को जारी एक सर्कुलर में एनपीसीआई की ओर से इस बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया था कि यूपीआई अब सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड बन चुका है और बड़े ट्रांजेक्शन के लिए बढ़ती डिमांड को देखते हुए यूपीआई पेमेंट की डेली लिमिट को बढ़ाने का यह कदम उठाया जा रहा है. ये बढ़ी हुई लिमिट 5 लाख रुपये तक के टैक्स भुगतान से जुड़ी कैटेगरी के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं पर लागू होगी. UPI पेमेंट लिमिट में ये चेंज  कैपिटल मार्केट निवेश 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये इंश्योरेंस पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये GeM लेनदेन 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये ट्रैवल पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख रुपये मर्चेंट पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन कोई डेली लिमिट नहीं ज्वेलरी पेमेंट 2 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख रुपये फॉरेक्स रिटेल (BBPS) 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख रुपये डिजिटल अकाउंट ओपनिंग 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख रुपये P2P पेमेंट लिमिट में बदलाव नहीं   यहां बता दें कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे को पैसे भेजने की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह ही एक लाख रुपये प्रति दिन रहेगी. एनपीसीआई द्वारा यूपीआई पेमेंट लिमिट में किया गया ये बदलाव खासतौर पर ऐसे यूपीआई यूजर्स के लिए राहत भरा है, जिन्हें पहले बड़े पेमेंट करने के लिए एक नहीं, बल्कि कई ट्रांजेक्शन करने पड़ते थे या ऑप्शनल बैंकिंग चैनल का सहारा लेना पड़ता था. इस बदलाव के बाद वे आसानी से हाई वैल्यू वाले लेनदेन कर पाएंगे. 

17 सितंबर को मिलेगी आराम की दिन! सरकारी छुट्टी पर बंद रहेंगे सभी शैक्षणिक संस्थान

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने आगामी छुट्टियों को लेकर एक अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार इस साल 17 सितंबर बुधवार को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त बेसिक विद्यालय बंद रहेंगे। यह छुट्टी सभी छात्रों और शिक्षकों के लिए मान्य होगी। जिउतिया पर नहीं मिलेगी छुट्टी हर साल जिउतिया व्रत के लिए महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश दिया जाता है। यह व्रत इस साल 14 सितंबर को पड़ रहा है। हालाँकि चूंकि 14 सितंबर को रविवार है इसलिए इस दिन स्कूल वैसे ही बंद रहेंगे और महिला शिक्षिकाओं को अलग से छुट्टी नहीं मिलेगी। यह व्रत संतान की लंबी उम्र और कल्याण के लिए निर्जला रहकर किया जाता है। विश्वकर्मा पूजा की तैयारी शुरू विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कल-कारखाने और प्रतिष्ठान बंद रहते हैं। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जाती है। उन्नाव-सफीपुर मार्ग पर स्थित कब्बाखेड़ा के विश्वकर्मा मंदिर में भी पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां हर साल इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें स्कूली बच्चे भी भाग लेते हैं। 17 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों के भी शामिल होने की उम्मीद है।