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कुरनूल में गोल्ड रिजर्व मिलने की संभावना, जोन्नागिरी बना फोकस पॉइंट

आंध्र प्रदेश किसी भी देश की आर्थिक मजबूती में सोने का बड़ा योगदान होता है। भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में सोने के अकूत भंडार का पता चला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां 50 टन सोना हो सकता है। जानकारों का कहना है कि सोने का भंडार मिलने का अनुमान अगर सही साबित होता है तो आंध्र प्रदेश देश में सोने का सबसे बड़ा उत्पादक और सप्लायर राज्य बन सकता है। वहीं भारत को विदेश से कम सोना खरीदना पड़ेगा। चार जगहों पर होगा खनन आंध्र प्रदेश में खनन विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि जोन्नागिरी के साथ चार संभावित स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है। रामागिरी, जव्वकुला औरचिगुरुकुंटा में खनन किया जाएगा। जोन्नागिरी पर सबसे ज्यादा सोना पाए जाने की संभावना है। अकेले इसी साइट पर 50 टन सोना मौजूद हो सकता है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी शोध किया जाएगा। जोन्नागिरी गांव में सोने का भंडार अधिकारियों के मुताबिक जोन्नागिरी गांव में पहले भी खनन के लिए 1500 एकड़ की भूमि आवंटित की गई थी। हालांकि 500 एकड़ में ही सोने की तलाशकी गई। बताया गया था कि इस जगह पर 13 टन सोना हो सकता है। अब बाकी की 1000 एकड़ जमीन पर सोना खोजने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। कैसे निकाला जाता है सोना कीमती धातुओं के खनन के लिए विशेष तकनीक की जरूरत होती है। इसका टेंडर प्राइवेट कंपनियों को दिया जाता है। लगभग एक टन मटीरियल की जब प्रोसेसिंग की जाती है तो लगभग एक ग्राम सोना निकलता है। सोना समेत अन्य धातुएं अयस्क के रूप में मौजूद रहती हैं। अयस्क से सोने को अलग किया जाता है। सीएम चंद्रबाबू नायडू इसी महने जोन्नागिरी में खनन का उद्घाटन कर सकते हैं। भारत में कितने सोने का प्रोडक्शन वर्तमान में कर्नाटक में हुट्टी गोल्ड माइन्स से ही देश में सोने का उत्पादन हो रहा है। इससे हर साल करीब 1.5 टन सोना मिलता है। हालांकि देश में सोने की मांग और खपत बहुत है। हर साल भारत में 800 टन तक सोने की खपत होती है। साल 2000 में कर्नाटक में कोलार गोल्ड फील्ड्स बंद हो गई थीं। इसके बाद से घरेलू प्रोडक्शन भी कम हो गया था। जोन्नागिरी में अगर 50 टन सोना पाया जाता है तो इसकी कीमत 7500 से 9 हजार करोड़ तक हो सकती है। इससे राज्य सरकार को सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला है।

आज सस्ता हुआ सोना-चांदी, कितने रुपये घटे रेट? चेक करें अपने शहर के नए भाव

मुंबई  अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए राहत लेकर आया है.  18 जून गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच हुए  शांति समझौते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद निवेशकों का रुख बदला, जिससे गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर दबाव बढ़ गया. चांदी में 2.5 प्रतिशत से ज्यादा और सोने में करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  MCX पर चांदी में बड़ी गिरावट, 7,000 रुपये से ज्यादा टूटा भाव गुरुवार के कारोबार में एमसीएक्स सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स अपने पिछले बंद 2,51,807 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर दिन के निचले स्तर 2,44,495 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. चांदी ने आज 2,48,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार की शुरुआत की थी.  सुबह करीब 11:43 बजे जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 7,057 रुपये यानी 2.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,44,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।  सोने की चमक भी फीकी, 1.5% से ज्यादा गिरा MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना भी दबाव में रहा. खबर लिखे जाने तक गोल्ड फ्यूचर्स 2,378 रुपये यानी 1.55 प्रतिशत गिरकर 1,51,501 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया.कारोबार के दौरान सोना अपने पिछले बंद 1,53,879 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर 1,51,348 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया।  आज आपके शहर में सोने और चांदी का क्या है भाव? दिल्ली में सोने-चांदी का रेट दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,340 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं 22 कैरेट सोना 1,39,645 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. चांदी का भाव 2,47,170 रुपये प्रति किलोग्राम है।  मुंबई में सोने-चांदी का रेट मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,883 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. चांदी का भाव 2,47,600 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।  पटना में सोने-चांदी का रेट पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,520 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट सोना 1,39,810 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. वहीं चांदी का भाव 2,47,470 रुपये प्रति किलोग्राम है।  जयपुर में सोने-चांदी का रेट जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,52,580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,865 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. चांदी का भाव 2,47,570 रुपये प्रति किलोग्राम है।  कानपुर में सोने-चांदी का रेट कानपुर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,640 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट सोना 1,39,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. चांदी का भाव 2,47,660 रुपये प्रति किलोग्राम है।  लखनऊ में सोने-चांदी का रेट लखनऊ में भी 24 कैरेट सोना 1,52,640 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. चांदी का भाव 2,47,660 रुपये प्रति किलोग्राम है।  आखिर क्यों गिर रहे सोना और चांदी के दाम? जानें वजह कमोडिटी मार्केट के जानकारों के मुताबिक सोना और चांदी पर कई वजहों से दबाव बना।  सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता रहा. इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की मांग कमजोर पड़ी।  इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार चौथी बैठक में ब्याज दरों को 3.5-3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा, लेकिन साथ ही आगे और ब्याज दर बढ़ाने के संकेत भी दिए. बढ़ती ब्याज दरें आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।  एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने भी कीमती धातुओं की चमक कम की है।  COMEX पर भी गोल्ड-सिल्वर लुढ़के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी कमजोर कारोबार करते दिखाई दिए.COMEX पर चांदी करीब 3 प्रतिशत गिरकर 68.76 डॉलर पर कारोबार कर रही थी. वहीं COMEX गोल्ड 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ 4,318.90 डॉलर पर ट्रेड करता नजर आया।  हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में बढ़ते निवेश के कारण चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है. खासकर चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद के चलते चांदी में गिरावट सीमित रही। 

सोना हुआ 6 महीने में सबसे सस्ता! कीमतों में बड़ी गिरावट के पीछे क्या है कारण, जानिए Buy or Wait

 नई दिल्ली सोने का भाव टूट (Gold Rate Fall) रहा है. न सिर्फ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और घरेलू मार्केट में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ये लगातार सस्ता हो रहा है. गुरुवार को सोने का भाव छह महीने के निचले स्तर पर आ गया है. स्पॉट गोल्ड की कीमत 21 नवंबर के बाद के सबसे निचले स्तर 4,022.09 डॉलर पर पहुंच गई. इसके अलावा डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर 4,116.20 डॉलर पर आ गए।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में गिरावट को लेकर स्टोनएक्स के सीनियर एनालिस्ट मैट सिम्पसन ने कहा, 'Gold Rate 4,000 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) की ओर तेजी से बढ़ रहा है. बुधवार को जारी सीपीआई रिपोर्ट के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कोई खास तेजी नहीं आई।  MCX पर भी टूटे सोना-चांदी  न सिर्फ स्पॉट मार्केट में सोने की कीमत बिखरी है, बल्कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी गोल्ड-सिल्वर प्राइस में गिरावट आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate  गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया. तो वहीं 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी की कीमत गिरकर 2.30 लाख रुपये के करीब आ गई. इसमें ओपनिंग के साथ ही लगभग 5000 रुपये की गिरावट आई. इसके बाद अब चांदी अपने हाई से 2.26 लाख रुपये सस्ती मिल रही है।  Gold में गिरावट की वजह क्या?  अगर सोने में गिरावट के कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा एक कारण नजर आता है और वो है महंगाई का जोखिम. अमेरिका में मई महीने की रिटेल महंगाई दर तीन साल के हाई 4.2% पर पहुंच गई है. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति कहते नजर आ रहे हैं कि, 'I Love Inflation'. मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते एनर्जी प्रोडक्ट की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकियों पर महंगाई का बम फोड़ने का काम किया है।  CME फेडवॉच टूल के मुताबिक, व्यापारी दिसंबर तक अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 70% से ज्यादा संभावना जता रहे हैं. उधर ईरान के होर्मुज बंद के ऐलान के बाद अचानक तेल की कीमतों में उछाल आया है. महंगाई बढ़ने के जोखिम के चलते सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. बता दें कि गोल्ड को हमेशा महंगाई के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है, लेकिन हाई पॉलिसी रेट्स कीमती धातुओं पर दबाव डालते हैं।  Gold में खरीदारी का मौका  तमाम रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका में महंगाई और मिडिल ईस्ट में संघर्ष के चलते के कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आई है. यह गिरावट निवेशकों के लिए एक खरीदारी का मौका (Gold Buying Opportunity) बन सकती है। 

नेपाली नौकर निकले मास्टरमाइंड! 12 करोड़ की ज्वेलरी चोरी कर भाग रहे थे दंपती और साली, ऐसे पकड़े गए

 रामपुर रामपुर और तेलंगाना पुलिस के ऑपरेशन में ऐसे पति-पत्नी और साली को अरेस्ट किया गया है, जो तेलंगाना से चोरी कर नेपाल भाग रहे थे. ये चोरी कोई मामूली नहीं थी. जिस घर में तीनों नौकर बनकर पहुंचे थे, वहां से करीब 7 किलो सोना, एक किलो चांदी और कैश पर हाथ साफ किया था. टोटल चोरी करीब 12 करोड़ की थी. फिलहाल तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है।  दरअसल, तेलंगाना के साइबराबाद कमिश्नरेट के गाचीबाउली इलाके में एक संपन्न परिवार रहता था. घर बड़ा था, जिंदगी व्यवस्थित थी और जरूरत थी कुछ मदद की. इसी जरूरत ने घर में एंट्री कराई- नेपाल से आए कमल, उसकी पत्नी विमला और उसकी साली कल्पना की।  शुरुआत बिल्कुल सामान्य थी. काम हुआ, व्यवहार अच्छा रहा और धीरे-धीरे ये तीनों घर के 'अंदर' आ गए- सिर्फ दीवारों के भीतर नहीं, बल्कि भरोसे के भीतर भी. घर के लोग शायद यह सोच भी नहीं सकते थे कि जिस परिवार पर वे आंख बंद करके भरोसा कर रहे हैं, वही एक दिन उनके लिए सबसे बड़ा झटका बन जाएगा।  कहते हैं कि बड़े घरों में सबसे बड़ी सुरक्षा दीवारें नहीं, भरोसा होता है. और इसी भरोसे को धीरे-धीरे मजबूत किया गया. कमल, विमला और कल्पना ने खुद को सिर्फ काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रखा. वे घर की दिनचर्या, लोगों की आदतें, आने-जाने का समय- सब समझने लगे. और जब किसी घर की हर कमजोरी सामने हो, तो वार करना आसान हो जाता है।  फिर आया वो दिन, जो इस पूरी कहानी का टर्निंग पॉइंट बना. घर के मालिक परिवार समेत बाहर गए हुए थे. घर खाली था, लेकिन अंदर तीन लोग मौजूद थे- जिन्हें अब सिर्फ काम नहीं करना था, बल्कि खेल खेलना था।  आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर इन तीनों ने घर के अंदर रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया. और जो माल लेकर ये निकले, वह मामूली नहीं था- 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और नकदी- कुल कीमत करीब 12 करोड़ रुपये. एक झटके में घर की दुनिया बदल गई, और एक घर के अंदर का भरोसा पूरी तरह टूट गया।  नेपाल की तरफ भाग रहे थे आरोपी चोरी के बाद ये तीनों अचानक गायब हो गए. कोई शोर नहीं, कोई संकेत नहीं. बस एक खाली घर और एक बड़ा सवाल- इतना बड़ा माल गया कहां? तेलंगाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू हुई. लेकिन यह केस इतना आसान नहीं था. क्योंकि चोरी के आरोपी थे, जो रोज उसी घर में खाना बनाते, सफाई करते और लोगों के बीच रहते थे।  जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ी और सुराग रामपुर तक पहुंचे. तेलंगाना पुलिस ने यूपी के रामपुर पुलिस अधीक्षक से संपर्क साधा. दो राज्यों की पुलिस एक साथ आई, इनपुट शेयर हुए, चेकिंग शुरू हुई और निगाहें उन लोगों पर टिक गईं, जो नेपाल की तरफ निकलने की कोशिश में थे।  रामपुर में चेकिंग के दौरान पुलिस को सफलता मिली. पुलिस टीम ने तीनों- कमल, विमला और कल्पना को दबोच लिया. उनके पास से जो बरामद हुआ, उसने पूरे केस को और बड़ा बना दिया- करीब 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी और लगभग 25 हजार रुपये नकद. पुलिस के मुताबिक, यह पूरा माल उसी घर से चोरी किया गया था, जहां वे नौकरी करते थे।  रामपुर पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि यह एक संयुक्त ऑपरेशन था, जिसमें तेलंगाना पुलिस और रामपुर पुलिस ने मिलकर काम किया. उनके अनुसार, गाचीबाउली में दर्ज केस के आधार पर लगातार इनपुट शेयर किए जा रहे थे. चेकिंग के दौरान ही यह सफलता मिली और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि अभी इनके अन्य साथियों की भी जांच की जा रही है और नेपाल पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा, ताकि इनके आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी सामने आ सके। 

गोल्ड वैल्यू में बड़ी गिरावट से बढ़ी चर्चा, RBI ने साफ किया- रिजर्व का सोना सुरक्षित है

नई दिल्‍ली भारतीय रिजर्व बैंक के गोल्‍ड रिजर्व वैल्‍यू में गिरावट आई है. यह वैल्‍यू 2 अरब डॉलर से ज्‍यादा कम हो चुका है. RBI के नए वीकली रिपोर्ट में 29 मई, 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान उसके सोने के भंडार की वैल्‍यू में 2.19 अरब डॉलर की गिरावट आई है।  इस गिरावट से बाजार में यह अटकलें लगने लगीं कि RBI ने अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्‍सा बेच दिया होगा, लेकिन गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक का गोल्‍ड रिजर्व बरकरार है, बल्कि इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है।  RBI के आंकड़ों के अनुसार, 29 मई तक गोल्‍ड रिजर्व की वैल्‍यू 112.60 अरब डॉलर थी. इसी सप्ताह के दौरान, फॉरेन करेंसी असेट (भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक) में 3.12 अरब डॉलर की बढ़ोतरी देखी गई और यह बढ़कर 546.15 अरब डॉलर हो गया. गोल्‍ड रिजर्व की रिपोर्ट किए गए वैल्‍यू में गिरावट के बावजूद, विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में बढ़ोतरी ने देश की पूरी रिजर्व स्थिति को मजबूत करने में मदद की।  सोने के भंडार में गिरावट?  RBI ने स्पष्ट किया कि सोने के भंडार में गिरावट खासतौर पर वैल्‍यू में बदलाव के कारण हुई है, न कि कीमती धातु की बिक्री के कारण. सोने के भंडार अमेरिकी डॉलर में दर्ज किए जाते हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार प्राइस के आधार पर हर सप्ताह इनका वैल्‍यूवेशन किया जाता है. इसी कारण, वैश्विक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रा के परिवर्तन भंडार के रिपोर्ट किए गए प्राइस को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं, चाहे केंद्रीय बैंक के पास मौजूद सोने की मात्रा अनचेंज रहे।  शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मल्होत्रा ​​ने कहा कि ऐसी खबरों का कोई आधार नहीं है जिनमें यह सुझाव दिया गया है कि आरबीआई ने सोना बेचा है. उन्‍होंने  कहा कि नहीं, RBI ने सोना नहीं बेचा है. हमारे सोने के भंडार में मामूली बढ़ोतरी हुई है।  RBI ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्टों का खंडन किया यह स्पष्टीकरण ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक विश्लेषण के बाद आया है जिसमें सुझाव दिया गया था कि भंडार के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि 22 मई को समाप्त होने वाले दो सप्ताह की अवधि के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर वैल्‍यू के सोने की बिक्री हुई, जबकि इसी अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि हुई. इस विश्लेषण के कारण यह अटकलें लगाई गईं कि वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बीच केंद्रीय बैंक ने रुपये को सहारा देने या अपनी विदेशी मुद्रा स्थिति को मजबूत करने के लिए सोने के भंडार का उपयोग किया होगा।  हालांकि, आरबीआई ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसके पास मौजूद सोने का फिजिकल रिजर्व 880.52 टन पर अनचेंज है. केंद्रीय बैंक ने इस बात पर जोर दिया कि सोने के भंडार के प्राइस में होने वाले उतार-चढ़ाव को वास्तविक भंडार में होने वाले बदलाव से भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें लाभ और नुकसान भंडार प्रबंधन की एक नियमित प्रक्रिया है।  पीआईबी ने भी खबरों का किया खंडन  सरकार की सूचना जांच एजेंसी, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने भी सोने की बिक्री से जुड़ी खबरों को 'फर्जी' बताया. आरबीआई के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए, पीआईबी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है. सितंबर 2025 के अंत में कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92% थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70% हो गई और 22 मई 2026 तक और बढ़कर 16.85% हो गई। 

घरों में रखा सोना बनेगा देश की ताकत? PM मोदी सरकार की नई रणनीति पर चर्चा तेज

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों जनता से सालभर सोना नहीं खरीदने की अपील करके सभी को चौंका दिया था. सरकार का तर्क था कि सोने की बढ़ती खपत से देश का आयात बिल काफी बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है. इस अपील का कितना असर हुआ या होगा, ये तो नहीं पता लेकिन सरकार ने सोने की वजह से आयात बिल पर पड़ने वाले बोझ को कम करने का दूसरा प्‍लान बना लिया है. सरकार की न‍िगाह देश के घरों और मंदिरों में जमा करीब 32 हजार टन सोने पर है. उसका मानना है कि इसमें से अगर 1 फीसदी सोना भी हर साल बाजार में आ जाए तो आयात बिल को एक तिहाई से भी ज्‍यादा कम किया जा सकता है।  भारत में सोने की खरीद निवेश कम और जरूरत ज्‍यादा लगती है. त्‍योहार हो या शादी अथवा अन्‍य कोई मौका, सोने के गहने खरीदना परंपरा से जुड़ा होता है. हालांकि, हर साल सोने की यह खरीद धीरे-धीरे उनके पास ऐसे गोल्‍ड का भंडार तैयार कर देती है, जिसका लंबे समय तक कोई इस्‍तेमाल नहीं होता है. पीएम मोदी ने भी अपनी अपील में इसी तरफ इशारा किया था कि लोग विदेश से नया सोना आयात करने के बजाय, घरों में कैद सोने को ही बाजार में लाएं और रीसाइकिल कराएं।  देश में कितना है सोने का भंडार गोल्‍ड इंडस्‍ट्री से जुड़े एक्‍सपर्ट का मानना है कि भारतीय घरों में करीब 30 से 32 हजार टन सोने का भंडार है, जिसकी कीमत 3.8 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है. यह आंकड़ा कई देशों की जीडीपी से भी ज्‍यादा है. कुछ एक्‍सपर्ट का तो दावा है कि यह आंकड़ा 35,000 टन तक जा सकता है. इसमें से ज्‍यादातर सोने का भंडार बैंक लॉकर्स, अलमारियों और तिजोरियों में भरा हुआ है. अगर इसमें से छोटा सा हिस्‍सा भी इकनॉमी में वापस आ जाए तो इसका बड़ा असर पड़ेगा. सरकार की मंशा भी यही है कि इस सोने को वापस सिस्‍टम में लाया जाए।  आखिर क्‍या है गोल्‍ड रीसाइकलिंग यह बात तो समझ में आती है कि सरकार की मंशा गोल्‍ड रीसाइकलिंग करने की है, लेकिन यह काम होगा कैसे और इसका फायदा क्‍या होगा. गोल्‍ड रीसाइकलिंग का मतलब है पुराने या टूटे गहनों, सिक्‍कों, बार, उद्योगों के स्‍क्रैप और इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडक्‍ट में इस्‍तेमाल किए गए सोने को वापस रिफाइन करके शुद्ध सोने में बदलना. सबसे पहले इन प्रोडक्‍ट की शुद्धता मापी जाती है और फिर उसे पिघलाकर रिफाइन किया जाता है. इस प्रक्रिया से उच्‍च मानक वाला 99.9 फीसदी शुद्धता का सोना प्राप्‍त होता है. फिर इस गोल्‍ड का इस्‍तेमाल ज्‍वैलरी बनाने, सिक्‍के व अन्‍य बुलियन प्रोडक्‍ट को तैयार करने में किया जाता है।  रीसाइकिल से कितना होगा फायदा देश में आयात बिल के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि वित्‍तवर्ष 2025-26 में सोने की डिमांड पूरी करने के लिए 72.4 अरब डॉलर (6.87 लाख करोड़ रुपये) आयात पर खर्च करने पड़े. बाजार एक्‍सपर्ट का मानना है कि अगर देश में मौजूद सोने के भंडार में से 1 फीसदी भी बाजार में वापस लाया जा सके तो आयात को 30 फीसदी से ज्‍यादा कम किया जा सकता है. इस कदम से 300 टन सोने को हर साल वापस सिस्‍टम में लाया जा सकता है, जो आयात बिल का बोझ 2.29 लाख करोड़ रुपये तक कम कर सकता है। 

गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में गिरावट, खरीदारी से पहले चेक करें लेटेस्ट भाव

मुंबई  भारतीय सर्राफा बाजार में 01 जून को सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com के मुताबिक, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को बाजार खुलने के साथ 999 शुद्धता वाले यानी 24 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 56 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है, जो बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार शाम को 1 लाख 56 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार था. वहीं, चांदी की कीमत भी अब गिरावट के साथ 2 लाख 63 हजार रुपये प्रति किलो तक आ गई है।  ibjarates.com पर 01 जून को सुबह जारी किए गए रेट्स के मुताबिक, 995 शुद्धता वाले यानी 23 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 54 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, 22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है।  बता दें कि केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा ibjarates.com पर सोमवार से शुक्रवार रोज सुबह और शाम रेट जारी नहीं किए जाते हैं. आइए देखते हैं बीते कारोबारी दिन, शुक्रवार 29 मई की शाम की तुलना में आज कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी।  01 जून 2026 को कितने रुपये सस्ता हुआ 22-24 कैरेट सोना और चांदी?   शुद्धता शुक्रवार, 29 मई शाम का भाव सोमवार, 01 जून का भाव रेट में कितना बदलाव सोना (प्रति 10 ग्राम) 999   (24 कैरेट) 156463 155599  864 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995   (23 कैरेट) 155836 154976  860 रुपये सस्ता  सोना (प्रति 10 ग्राम) 916  (22 कैरेट)  143320 142529  791 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750   (18 कैरेट) 117347 116699  648 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585    (14 कैरेट) 91531 91025  506 रुपये सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999      263350 262900 Advertisement    450 रुपये सस्ती शुक्रवार, 29 मई को सुबह-शाम क्या था 22-24 कैरेट सोने का रेट?      450 रुपये सस्ती शुक्रवार, 29 मई को सुबह-शाम क्या था 22-24 कैरेट सोने का रेट? 24 कैरेट गोल्ड     सुबह का रेट- 157043     शाम का रेट-  156463 22 कैरेट गोल्ड     सुबह का रेट-  143851     शाम का रेट-  143320 इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं. गोल्ड-सिल्वर की इन कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होता और ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज अलग से देने होते हैं.

गोल्ड-सिल्वर मार्केट में भारी हलचल, औंधे मुंह गिरे दाम; मध्य प्रदेश में क्या है नया भाव?

इंदौर   भारतीय सराफा बाजार से इस अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में सोने और चांदी की खरीदी पर साल भर के लिए रोक लगाने की अप्रत्याशित अपील के बाद स्थानीय सराफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। पीएम मोदी के इस फैसले ने न केवल आम खरीदार बल्कि बड़े निवेशक और कारोबारियों को भी हैरान-परेशान कर दिया है। सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की खबर सुनते ही बाजार में खरीदारों की होड़ मच गई है। वहीं इस भारी गिरावट ने हर किसी को चौंका कर रख दिया है। चांदी 9.3 फीसदी टूटी, सोना भी औंधे मुंह गिरा स्थानीय बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक बाजार खुलते ही चांदी की कीमत में अब तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी 9.3 फीसदी टूटकर सीधे 2,58,000 रुपए प्रतिकिलोग्राम पर आ गई। शनिवार सुबह जैसे ही सराफा बाजार खुला चांदी बीते दिन शुक्रवार के मुकाबले 2000 रुपए सस्ती बिकी। वहीं दूसरी ओर 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 3 फीसदी तक सस्ता हो गया। इस गिरावट के बाद शुद्ध सोने का भाव 1,54,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अब कारोबारियों का कहना है कि किसी एक ही दिन में इतनी उठापटक से वे हैरान हैं। एक्सपर्ट ने बताया क्यों आई भारी गिरावट सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव में इतनी गिरावट और बाजार के सेंटीमेंट होने पर मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी निर्मल वर्मा 'घुघरू' ने इस पर विस्तृत बात की। उन्होंने बताया कि इस गिरावट के पीछे केवल घरेलू घोषणा नहीं, बल्कि वैश्विक कारण भी हैं। 1- डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई मजबूती वे कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही अमेरीकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी निवेशकों का रुझान सोने से हट गया है। वे डॉलर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। 2- भारी मुनाफा वसूली पिछले कई दिनों से सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं। इस तेजी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा काटा है। इससे बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ी और कीमतें धड़ाम से गिरी हैं। 3- सख्त मौद्रिक नीति भी एक वजह हो सकती है घुंघरू बताते हैं कि लगातार महंगाई की चिंताओं ने वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति यानी कड़ी ब्याज दरें की उम्मीद बढ़ा दी है। जब भी ब्याज दरें बढ़ने की आशंका होती है, तो कीमती धातुओं पर इसका सीधे तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वैश्विक बाजारों में हाहाकार घरेलू या स्थानीय बाजार ही नहीं अब अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक बाजार भी बेहाल हो चुके हैं। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 104 डॉलर की भारी गिरावट के साथ 4,548,46 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 5.26 डॉलर टूटकर 75.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। बाजार विश्वलेषकों का कहना है कि दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत डॉलर इंडेक्स ने सराफा बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है। उनका कहना है कि बाजार में स्थिरता आने में थोड़ा समय लग सकता है। सोना चांदी के आज के भाव (Gold Silver Price Today) 24 कैरेट सोना- 16,300 (1 ग्राम) 22 कैरेट सोना- 14,500 (1 ग्राम) 18 कैरेट सोना- 11,870 (1 ग्राम) चांदी- 2,75,000 रुपए प्रति किलो सराफा महासंघ भोपाल के महामंत्री और प्रवक्त नवनीत अग्रवाल कहते हैं। आभूषण खरीदते समय इन भावों में 3 फीसदी GST और लेबर चार्ज भी अतिरिक्त देना होगा। 

सर्राफा बाजार में आग! इंदौर में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी छलांग

इंदौर   घरेलू बुलियन बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, भारतीय तो रुपए में लगातार कमजोरी और आयात ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के चलते सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। इंदौर बाजार में सोने की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी ने लगभग 6.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में आरटीजीएस पर सोना 8000 रुपए महंगा होकर 1,59,000 ने रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी 9000 रुपए उछलकर न 2,78,000 रुपए प्रति किलो रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोना 4701.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी 87.04 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। उतार-चढ़ाव रहने की संभावना विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाना, अमरीका-ईरान संघर्ष को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) की चिंताओं ने कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग बढ़ा दी है। बाजार के कारोबारी हाल ही में आयात शुल्क में किए गए बदलावों असर का भी आकलन कर रहे है, जिससे सोने की कीमतों को और समर्थन मिल सकता है।  टैक्स बढ़ने से तस्करी को मिल सकता बढ़ावा वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं के कारण आने वाले कारोबारी सत्रों में बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलाटिलिटी) अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। सरकार का उद्देश्य विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना बताया जा रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सरकार के इस फैसले को अहम माना जा रहा है। हालांकि, सराफा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। उनका इस संबंध में तर्क है कि पहले जब आयात शुल्क कम किया गया था, तब सोने की स्मगलिंग में कमी आई थी। भारतीय ज्वैलरी के निर्यात को बढ़ावा देने की मांग मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश शास्त्री ने कहा कि आयात ड्यूटी बढ़ोतरी से सोने की तस्करी को ड्यूटी में भारी बढ़ावा मिल सकता है। 15 प्रतिशत आयात शुल्क और 3 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर सोने पर कुल 18 प्रतिशत का सरकार ने सोने की खरीद कम अतिरिक्त भार पड़ रहा है। करने की अपील भी की है। सरकार को भारतीय कारीगरों और ज्वैलरी उद्योग को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि बेहतर ज्वैलरी का निर्यात बढ़ सके।  

सोने की चमक बढ़ी, चांदी हुई सस्ती! जानिए आज के ताजा गोल्ड-सिल्वर रेट

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान के बाद बुधवार को धुआंधार तेजी देखने को मिली थी. एक ही दिन में एमसीएक्स पर सोना 11000 रुपये, जबकि चांदी 22000 रुपये चढ़ गई थी. लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी सोना महंगा हुआ है, हालांकि इसमें बीते कारोबारी दिन जैसी तेजी नहीं दिखी. वहीं दूसरी ओर MCS Silver Price की बात करें, तो एक दिन की उछाल के बाद ये धड़ाम हो गई हैं. गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही चांदी 5700 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई।  सोना आज भी हुआ महंगा सबसे पहले बताते हैं सोने की कीमत के बारे में, तो बुधवार को ये 11000 रुपये तक उछला था, लेकिन अंत में 8000 रुपये के आसपास की बढ़त लेकर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को भी कीमती पीली धातु के दाम में तेजी देखने को मिली है. शुरुआती कारोबार में 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.63 लाख रुपये के पार निकल गया. सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के फैसले के बाद दो दिन में सोना अब तक 9613 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है और इसकी कीमत 1,53,442 रुपये से उछलकर 1,63,055 रुपये पर पहुंच गई है।  चांदी की तेजी पर अचानक ब्रेक  दूसरी ओर चांदी की कीमत की बात करें, तो इसकी कीमत में बुधवार को आई धुआंधार तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और ये कीमती धातु भरभराकर टूटी. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी एक झटके में 5788 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई. दरअसल, बीते कारोबारी दिन इसका भाव 3,00,238 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही ये गिरकर 2,94,450 रुपये प्रति किलो पर आ गई।  हाई से अब कितना सस्ता Gold-Silver?  सोने की कीमत में इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद भले ही दो दिन से तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. वायदा कारोबार में 5 जून की एक्सपायरी वाले सोने की हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 39,929 रुपये सस्ता मिल रहा है।   चांदी ने भी एमसीएक्स पर इस साल जनवरी महीने में रिकॉर्ड तोड़े थे और पहली बार 4 लाख के पार निकली थी. 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का हाई लेवल 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम है और इस लेवल से अब ये कीमती धातु 1,62,878 रुपये कम कीमत पर मिल रही है।