samacharsecretary.com

US-Iran जंग और महंगे तेल का असर, खुलते ही धड़ाम हुआ Stock Market, निवेशकों में मचा डर

मुंबई  शेयर बाजार में फिर से खौफ देखने को मिल रहा है और खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट आई है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 550 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी करीब 150 अंक फिसल गया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन भी दोनों रेड जोन में बंद हुए थे। Stock Market में इस गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी और इसका कनेक्शन सीधे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा हुआ है, जो दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी को पूरा करने के लिए अहम है. यहां फिर से अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं और दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं. इससे न सिर्फ भारत, बल्कि जापान-कोरिया समेत अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजार बुरी तरह टूटे हैं।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 की तुलना में गिरावट के साथ खुला और महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 550 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,611 के लेवल पर आ गया।  सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स में भी गिरावट बढ़ती हुई नजर आई. ये इंडेक्स 24,398 के अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही गिरकर 24,259 पर आ गया और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 24,229 पर ट्रेड करता हुआ दिखा।  बाजार में इसलिए फिर खौफ  शेयर बाजार फिर से खौफ में नजर आ रहा है और इसके तार सीधे मिडिल ईस्ट से जुड़े हुए हैं. पहला कारण अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ना है. पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल अटैक किए, तो पलटवार करते हुए अमेरिक की ओर से भी तगड़ी स्ट्राइक ईरानी ठिकानों पर शुरू कर दी गई।  दूसरे कारण की बात करें, तो दोनों देशों के बीच फिर तनातनी ने दुनियाभर के शेयर मार्केट में हलचल बढ़ा दी और US-Japan से South Korea तक के शेयर बाजार गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए, जिनसे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ. जापान का निक्केई खुलते ही 500 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो साउथ कोरिया का कोस्पी भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी रेड जोन में था।  फिर से डराने लगा कच्चा तेल बाजार में गिरावट का तीसरा कारण देखें, तो US-Iran Attacks की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाला और अचानक इसमें तेज उछाल आ गया. Brent Crude Oil Price 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी 72 डॉलर के पार कारोबार कर रहा था. तेल की कीमतों में फिर से लगी आग ने दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ाने का डर पैदा किया है और शेयर बाजार भी इसके दबाव में नजर आ रहे हैं।  हर ओर मची दिखी भगदड़ शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.50%), Asian Paints Share (2.42%), Reliance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (1.70%), ITC Share (1.60%), M&M Share (1.50%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Hindustan Petroleum Share (3.60%), Ashok Leyland Share (2.60%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप लिस्ट में NBCC Share (2.20%), PNB Housing Finance Share (2.10%) टूटकर कारोबार करता दिखा। 

रिलायंस और HDFC ने बाजार को दी रफ्तार, अचानक आई जोरदार तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी उछले

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 500 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक के आसपास चढ़ा दिखाई दिया. इस बीच बैंकिंग स्टॉक्स में जोरदार तेजी दिखी और HDFC Bank से लेकर ICICI Bank तक के शेयर उछले, तो वहीं Reliance, Maruti और Mahindra जैसे शेयर भी उछल पड़े।  सेंसेक्स-निफ्टी की अचानक बदली चाल  शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,763 की तुलना में तेजी लेकर 77,940 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसकी रफ्तार तेज होती चली गई. करीब दो घंटे के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स 526 अंकों की तेजी लेकर 78,289 पर जा पहुंचा।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी रफ्तार पकड़े हुए नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 24,270 के लेवल से उछलकर 24,306 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 24,428 के स्तर पर जा पहुंचा।  रिलायंस समेत इन शेयरों ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक आई इस तूफानी तेजी के दौरान बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank Share (2.70%), M&M Share (2%), Reliance Share (1.35%) और BEL Share (1.60%) की तेजी लेकर बाजार को सपोर्ट कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (4%), Godrej Properties Share (2.20%), Muthoot Finance Share (2%) की बढ़त लेकर कारोबार करते हुए नजर आए।  स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो Wel Corp Share (5.50%), Radico Share (4.60%) और Manappuram Share (4.50%) की तेजी में कारोबार कर रहे थे।  शेयर बाजार में तेजी के कारण सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट में आई इस जोरदार तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट से बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले थे. जापान-कोरिया के मार्केट में गिरावट नजर आई, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स और ब्रिटेन का FTSE-100 ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा।  भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty भी ओपनिंग के साथ ही तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया और खबर लिखे जाने तक ये 170 अंक के आसपास तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था।  इन कारणों के अलावा बैंकों से मजबूत तिमाही अपडेट ने भी बाजार की तेजी को सपोर्ट किया. बीते सप्ताह के अंत में HDFC Bank, Axis Bank, Kotak Bank समेत कई बैंकों ने  ने अप्रैल-जून के लिए अनंतिम आंकड़े जारी किए, जो शानदार रहे  .

रुपये की स्थिरता, सस्ता कच्चा तेल और घरेलू निवेशकों की ताकत से बढ़ेगा बाजार का भरोसा

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन अब कई ऐसे बड़े आर्थिक संकेत सामने आ रहे हैं, जो आने वाले सालों में बाजार के लिए नई तेजी यानी अगली 'बुल रन' की नींव रख सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार तेजी केवल सस्ते पैसे या विदेशी निवेश के दम पर नहीं, बल्कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, बढ़ती कॉर्पोरेट कमाई, घरेलू निवेशकों की ताकत और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती अहमियत के कारण देखने को मिल सकती है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई थी। लेकिन, अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। कई ऐसे मैक्रोइकोनॉमिक संकेत हैं, जो भारतीय शेयर बाजार के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। सबसे पहला बड़ा संकेत भारतीय रुपये की मजबूती और स्थिरता है। विदेशी निवेशक किसी भी देश में निवेश करने से पहले वहां की मुद्रा की स्थिति को काफी महत्व देते हैं। अगर रुपया स्थिर रहता है, तो विदेशी निवेशकों को मुद्रा में होने वाले नुकसान का डर कम रहता है। इसके साथ ही आयातित महंगाई पर भी कंट्रोल रहता है और कंपनियों के लिए भविष्य की लागत का अनुमान लगाना आसान हो जाता है। इससे निवेश का माहौल मजबूत होता है। दूसरा बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) में कमी है। पिछले दो सालों में पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही। तेल की कीमतें बढ़ीं और सप्लाई चेन प्रभावित हुई। अब अगर यह तनाव कम होता है, तो वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और वे फिर से उभरते बाजारों, खासकर भारत की ओर रुख कर सकते हैं। तीसरा और बेहद अहम कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होता है, महंगाई घटती है, सरकार पर वित्तीय दबाव कम होता है और कंपनियों की लागत भी घटती है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, केमिकल और FMCG जैसे कई सेक्टरों की कमाई बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई कंट्रोल में रहने पर RBI के पास ब्याज दरों को लेकर अधिक लचीलापन रहता है, जिससे आर्थिक विकास को और गति मिल सकती है। चौथा और सबसे मजबूत संकेत घरेलू निवेशकों की बढ़ती ताकत है। पहले भारतीय शेयर बाजार काफी हद तक विदेशी निवेशकों (FPI) पर निर्भर रहता था, जब भी विदेशी निवेशक बिकवाली करते थे, बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलती थी। लेकिन, अब स्थिति बदल चुकी है। SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए हर महीने म्यूचुअल फंड में आने वाला पैसा लगातार बढ़ रहा है। करोड़ों भारतीय अब नियमित निवेश कर रहे हैं, जिससे घरेलू निवेश बाजार को मजबूती मिल रही है। यही वजह है कि हाल के सालों में FPI की बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है या वे फिर से खरीदारी शुरू करते हैं, तो भारतीय बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। मजबूत रुपया, सस्ता कच्चा तेल, घटता वैश्विक तनाव और घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी मिलकर बाजार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि शेयर बाजार कभी भी सीधी रेखा में नहीं चलता। बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे और कुछ शेयरों का मूल्यांकन (Valuation) अभी भी महंगा माना जा रहा है। इसलिए केवल तेजी की उम्मीद में बिना रिसर्च के निवेश करना सही नहीं होगा। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में लंबे समय के नजरिए से निवेश करना और पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना हमेशा बेहतर रणनीति मानी जाती है। मौजूदा आर्थिक संकेत यह इशारा कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। अगर यही रुझान आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले सालों में भारतीय शेयर बाजार की अगली बड़ी बुल रन (Bull Run) की शुरुआत इसी दौर से मानी जा सकती है। निवेशकों के लिए यह समय बाजार की दिशा को समझने और लंबी अवधि की रणनीति बनाने का हो सकता है।  

शानदार तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 650 अंक और निफ्टी 200 अंक की छलांग

मुंबई  हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट में खुलते ही उछाल देखा गया. 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,375.65 पर ओपन हुआ. आईटी, मेटल, फार्मा और केमिकल शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों में करीब 1-1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. हालांकि कुछ मिनटों के भीतर बाजार थोड़ा स्थिर दिखा. सुबह 9:23 बजे निफ्टी 50 करीब 173 अंकों के उछाल के साथ 24,352 पर ट्रेड करता दिखा, जबकि सेंसेक्‍स 542 अंकों के उछाल के साथ 78,042 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  रुपये में भी लगातार मजबूती देखी जा रही है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय करेंसी रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे चढ़कर 95.17 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  बाजार की शुरुआती बड़ी बातें मुंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की मजबूती लेकर 24,375.65 के स्तर पर खुला. बाजार के इस शुरुआती उछाल से निवेशकों ने कुछ ही मिनटों में मोटी कमाई की।  सेक्टर्स का हाल: कहां रही तेजी, कहां मंदी? बाजार को ऊपर ले जाने में आज आईटी कंपनियों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई।  आईटी और मेटल में धूम: निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की बड़ी तेजी देखी गई. इसके साथ ही मेटल (धातु) इंडेक्स भी 1.66 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया।  छोटे और फार्मा शेयर चमके: छोटे आईटी और टेलीकॉम शेयरों के साथ-साथ केमिकल इंडेक्स में 0.82 प्रतिशत और फार्मा इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।  यहां दिखा दबाव: इस चौतरफा तेजी के बीच बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी सुस्ती रही. सरकारी बैंकों का इंडेक्स (Nifty PSU Bank) 0.87 प्रतिशत गिर गया. इसके अलावा टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, एसबीआई और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली।  उतार-चढ़ाव में आई कमी बाजार में जोखिम और डर को मापने वाला पैमाना यानी 'इंडिया विक्स' (India VIX) आज 1.62 प्रतिशत गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया. इसका घटना इस बात का संकेत है कि बाजार में अभी घबराहट कम है और स्थिरता बढ़ रही है।  बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार का रुख सकारात्मक बना रहेगा, लेकिन निवेशकों को थोड़ा सावधान भी रहना चाहिए।  निफ्टी के लिए जरूरी स्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 24,000 के ऊपर बने रहना बहुत जरूरी है. अगर यह इसके ऊपर टिका रहता है, तो तेजी का दौर जारी रहेगा. बाजार के लिए पहला बड़ा अवरोध 24,300 और फिर 24,450 पर है।  गिरावट पर यहां है सहारा: अगर बाजार में कोई बड़ी गिरावट आती है, तो 24,050 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा. यदि यह स्तर भी टूटता है, तो निफ्टी 23,900 तक नीचे जा सकता है।  विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि दुनिया भर के बाजारों में टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में चल रही बिकवाली पर नजर रखें, क्योंकि इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।  आईटी सेक्‍टर्स में ज्‍यादा उछाल  सेक्टर के लिहाज से बात करें तो निफ्टी आईटी (Nifty IT) में करीब 2 फीसदी का उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी मेटल (Nifty Metal) 1.66 फीसदी मजबूत हुआ. इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, केमिकल्स और फार्मा सूचकांकों में क्रमशः 1 फीसदी, 0.82 फीसदी और 0.72 फीसदी से अधिक की तेजी रही।  इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक (Nifty PSU Bank) इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 के शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV), एनटीपीसी (NTPC), एसबीआई (SBI) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।  व्यापक बाजार (Broader Market) में भी मजबूती बनी रही. निफ्टी स्मॉलकैप 50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.48 प्रतिशत और 0.46 प्रतिशत की बढ़त देखी गई. वहीं, निफ्टी 100 में 0.46 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.41 प्रतिशत की तेजी आई. बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' (India VIX) 1.62 फीसदी गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया।  एक्‍सपर्ट्स का क्‍या कहना है?  मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शॉर्ट टर्म के लिए बाजार का नजरिया सतर्कता के साथ सकारात्मक (Cautiously Optimistic) बना हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहना व्यापक रूप से तेजी के ट्रेंड को सकारात्मक रखता है. बाजार के लिए तात्कालिक रुकावट (Immediate Resistance) 24,300 पर है, जिसके बाद अगला रेजिस्टेंस 24,450 पर देखा जा रहा है।  गिरावट की स्थिति में 24,050 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (Key Support Level) बना हुआ है. अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार में 23,900 की तरफ एक सुधारात्मक गिरावट (Correction) आ सकती है।  एक्सपर्ट्स ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में चल रही बिकवाली (Global Technology Sell-off) पर नजर रखनी चाहिए. सेमीकंडक्टर शेयरों में दोबारा कमजोरी आने से घरेलू आईटी शेयरों में हालिया तेज रैली के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।  कमोडिटी और वैश्विक बाजारों के संकेत  अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 0.77 प्रतिशत बढ़कर 72.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना रहा।  एशियाई बाजारों में भी आज ज्यादातर शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जहां निक्केई (Nikkei), हैंगसेंग (Hang Seng) और कोस्पी (KOSPI) में 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।  इससे पहले, तकनीकी शेयरों में बिकवाली के कारण कल रात अमेरिकी बाजार (Wall Street) गिरावट के साथ बंद हुए थे. वहां नैस्डैक (Nasdaq) 0.80 प्रतिशत टूट गया था, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) बिना किसी खास बदलाव के सपाट बंद हुआ था। 

निवेशकों के लिए अहम रहेगा नया सप्ताह, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर

 नई दिल्ली  भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते निवेशकों की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उनका यह बयान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात के बाद आया था। दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद इस प्रस्तावित समझौते से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसकी वजह ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट पर मालवाहक जहाज को निशाना बनाना था। हालांकि, हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास बना हुआ है। घरेलू आर्थिक डेटा भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा आएगा 29 जून को इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा जारी होगा। 30 जून को मई का राजकोषीय घाटे और व्यापार संतुलन, 1 जुलाई को जीएसटी, ऑटो सेल्स एवं मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और 2 जुलाई को सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आएगा। बीता हफ्ता शेयर बाजार के लिए कैसा रहा? इस हफ्ते सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कम कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार के संकेतों के कारण इस हफ्ते भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क बने रहे, क्योंकि इससे ग्लोबल कैपिटल फ्लो पर असर पड़ सकता है।  

सेंसेक्स-निफ्टी की दमदार वापसी, बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार में उछाल

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को सुस्ती के साथ शुरुआत हुई, लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद ही अचानक बाजी पलट गई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आने लगे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 700 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 24000 के पार निकल गया. इस दौरान बैंकिंग शेयर रफ्तार पकड़े हुए नजर आए. ICICI Bank से लेकर HDFC Bank तक के स्टॉक ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे।  सेसेंक्स-निफ्टी की बदली चाल  शेयर मार्केट में कारोबार की ओपनिंग के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,200 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 76,229 के लेवल पर खुला और कुछ देर सुस्ती के साथ ही कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक 30 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने रफ्तार पकड़ी और 700 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 76,976 पर जा पहुंचा।  न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty इंडेक्स की भी चाल बदली-बदली नजर आई. अपने पिछले बंद 23,824 की तुलना में गिरावट के साथ ये इंडेक्स 23,795 के साथ रेड जोन में ओपन हुआ. लेकिन जैसे ही सेंसेक्स ने रफ्तार पकड़ी ये भी अचानक ग्रीन जोन में आ पहुंचा और खबर लिखे जाने तक 180 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 24,013 पर ट्रेड करता दिखा।  बैंकिंग समेत इन स्टॉक्स ने दिखाया दम शेयर बाजार में लौटी इस तेजी के बीच बैंकिंग स्टॉक्स समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने अपना दम दिखा. बीएसई लार्जकैप में शामिल Trent Share (3.70%), IndiGo Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.40%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. वहीं बैंकिंग सेक्टर में ICICI Bank Share (2.70%), HDFC Bank Share (2.20%), SBI Share (1.90%), Axis Bank Share (1.30%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप में शामिल AU Bank Share (3.50%), तो Yes Bank Share (1.50%) की तेजी लिए नजर आया।  विदेशों से मिले ये संकेत  भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से मिले-जुले संकेत मिल रहे थे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट की वजह से भी बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. अगर एशियाई बाजारों की बात करें, तो बुधवार को कोस्पी से लेकर हैंगसेंग तक में तेजी देखने को मिली, लेकिन शुरुआती कारोबार में धीमी रफ्तार से भागता हुआ Gift Nifty अचानक तेज रफ्तार से भागने लगा और करीब 200 अंक चढ़ गया।   

शेयर बाजार में मचा हड़कंप, IT स्टॉक्स की गिरावट से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का

मुंबई  शेयर मार्केट में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. ओपनिंग के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी करीब 200 अंक की बड़ी गिरावट लेकर ओपन हुआ. बाजार में इस गिरावट के बीच सबसे बुरा हाल आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों का रहा. Infosys, Tech Mahindra, TCS से लेकर HCL Tech तक के शेयर खुलते ही धड़ाम हो गए।  खुलते ही धड़ाम हुए Sensex-Nifty शुक्रवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों इंडेक्स बिखर गए. BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,409 की तुलना में बड़ी गिरावट लेकर 76,852 पर खुला और फिर अचानक ये गिरावट तेज हो गई और 30 शेयरों वाला इंडेक्स गिरकर 76,605 के लेवल पर आ गया. इस हिसाब से सेंसेक्स में 804 अंक से ज्यादा की गिरावट आई।  सेंसेक्स के जैसा ही हाल NSE Nifty का रहा और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 24,168 की तुलवा में गिरावट लेकर 23,991 पर खुला और फिर करीब 220 अंक की गिरावट लेकर 23,939 पर आ गया।  IT शेयरों में मचा कोहराम शेयर मार्केट में इस गिरावट को सपोर्ट करने में सबसे बड़ा रोल आईटी और टेक शेयरों का रहा, जो ओपनिंग के साथ ही धराशायी हो गए. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (8.50%), TCS Share (6.20%), Tech Mahindra Share (5.60%), HCL Tech Share (5.40%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत करने वाले अन्य बड़े शेयरों की बात करें, तो HDFC Bank Share (2.30%), Mphasis Share (6.60%), Presistent Share (5%), Coforge Share (4.20%), Dixon Share (2.20%) फिसलकर ट्रेड करता नजर आया।  1324 शेयर बड़ी गिरावट लेकर खुले ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच शुक्रवार को खुलते ही निफ्टी 24,000 के नीचे आ गया. मार्केट की ओपनिंग के दौरान करीब 956 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ट्रेड शुरू किया, तो वहीं 1324 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे थे, जो बड़ी गिरावट के साथ रेड जोन में ओपन हुए. इसके अलावा 178 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।  शेयर बाजार में यह गिरावट ग्लोबल आईटी सर्विस कंपनी एक्सेंचर की ओर से FY2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान में कटौती के बाद देखने को मिली है, जो वेस्ट एशिया से से राजस्व से जुड़ी चुनौतियों के चलते हैं. इसका शेयर रातोरात करीब 18 फीसदी टूट गया था, तो वहीं Infosys ADR में करीब 10 फीसदी, तो Wipro ADR में 3.6 फीसदी की गिरावट आई। 

Stock Market में उतार-चढ़ाव का खेल, अमेरिका की चेतावनी और ट्रंप के गुड सिग्नल ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

मुंबई  शेयर मार्केट में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारी कन्फ्यूजन देखने को मिला है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स की चाल बदली-बदली नजर आई. शुरुआती कारोबार के दौरान कभी ये ग्रीन जोन में ट्रेड करते हुए दिखाई दिए, तो अचानक ही गिरावट के साथ रेड जोन में आ गए. हालांकि, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77000 के पार, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,000 के पार बना हुआ है।  सेसेंक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने गुरुवार को अपने पिछले बंद 77,155 की तुलना में मामूली गिरावट लेकर 77,131 के लेवल पर खुला और फिर अचानक रेड जोन से ग्रीन जोन में छलांग लगाकर 77,281 पर कारोबार करता नजर आया. ये तेजी भी अगले ही पल चली गई और सेंसेक्स गिरकर 77,044 पर ट्रेड करने लगा।  बात 50 शेयरों वाले इंडेक्स NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही देखने को मिली है. अपने पिछले बंद 24,085 की तुलना में गिरकर निफ्टी 24,073 पर ओपन हुआ और फिर कभी रेड तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा।  बाजार में कन्फ्यूजन की वजह क्या?  शेयर बाजार में भारी कन्फ्यूजन की वजह पर गौर करें, तो अमेरिका से आई Good Or Bad News को माना जा सकता है. दरअसल अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने नीतिगत ब्याज दरों (US Fed Rate) को बिना किसी बदलाव के 3.50% से 3.75% पर स्थिर रखा है. फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श की अध्यक्षता वाली पहली बैठक में ये फैसला लिया गया है और उन्होंने किसी तरह की राहत नहीं दी है. इसके बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा है।  वहीं दूसरी ओर गुड न्यूज ये आई है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता डन हो गया है और दोनों के बीच एग्रीमेंट पर साइन भी कर दिए गए हैं. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के रूप में दिखा है, जो महंगाई का जोखिम कम होने का संकेत है और बाजार को इसका सपोर्ट मिल सकती है।  उथल-पुथल के बीच ये 10 शेयर चमके  शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जो शेयर अपने निवेशकों को फायदा कराते हुए नजर आए. उनमें बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की Trent Share (1.50%), BEL Share (1.20%), HDFC Bank Share (1.10%) की बढ़त में ट्रेड कर रहे थे।  इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Nykaa Share (1.20%), Yes Bank Share (1.10%) की बढ़त में कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. स्मॉलकैप सेक्शन में शामिल शेयरों की बात करें, तो यहां पर Carboruniv Share (7%), Redington Share (5.50%), ABREL Share (2.50%), WockPharma Share (2.10%), HSCL Share (1.90%) की बढ़त में कारोबार कर रहा था।  

शेयर बाजार में दूसरे दिन भी हरियाली, सेंसेक्स 262 अंक उछला, डॉलर के मुकाबले रुपया चमका

मुंबई  अमेरिका-ईरान में शांति समझौता होने का असर लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है और दोनों इंडेक्स ने तेजी के साथ ओपनिंग की है. कच्चे तेल का तेल निकलते ही शेयर मार्केट का जोश भी हाई नजर आ रहा है. मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 76,500 का स्तर पार कर दिया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 24,000 के करीब ओपन हुआ।  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत  शेयर मार्केट में सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबार स्टार्ट होते ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 76,264 के मुकाबले तेज रफ्तार के साथ खुला और 76,586 के लेवल पर पहुंच गया. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही रही और ये अपने सोमवार के बंद 23,853 की तुलना में उछाल के साथ 23,944 पर पहुंच गया।  शेयर मार्केट के लिए ये हफ्ता शानदार रहा है. अमेरिका-ईरान के बीच जंग खत्म होते देख बाजार में लगातार लिवाली का दौर बना हुआ है. सोमवार के बाद लगातार हफ्ते के दूसरे दिन बढ़त के साथ बाजार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स जहां 262 अंकों की तेजी के साथ 76,526 पर खुला, वहीं निफ्टी में 70 अंकों की ग्रोथ के साथ 23,923 पर रहा. बीते दिन सोमवार को कारोबारी सत्र के आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए थे।  बैंक निफ्टी का आगाज शानदार रहा है. 57,198 के मुकाबले आज 57,320 अंक पर खुला. नतीजन बैंकिंग शेयरों में लगातार तेजी दिख रही है. सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी 28,237 और निफ्टी एफएमसीजी 49,158 के लेवल पर खुला है. पिछले सेशन के मुकाबले इसमें लगातार ग्रोथ कायम है।  बड़े इंडेक्स में लगातार हो रही खरीदारी मार्केट के शुरुआती समय में एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और एलटी जैसे शेयर कमाल का प्रदर्शन करते दिखाई दिए. हलांकि दूसरी तरफ टाटा स्टील, पावर ग्रिड और एक्सिस बैंक के शेयर प्रेशर में दिखाई दे रहे हैं. कहा जा सकता है कि दूसरे दिन मार्केट का आगाज पॉजिटिव रहा है. और बड़े इंडेक्स में निवेशक खरीदारी कर रहे हैं।  गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे अच्छे संकेत शुरुआत में GIFT Nifty भी 23,894 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिसने पहले ही संकेत दे दिए थे कि बाजार में तेजी का रुख बना रहेगा. दो दिन में बाजार के पॉजिटिव रुखने निवेशकों की जमकर कमाई कराई है।  इधर क्रैश, उधर बाजार का सुधरा मूड  शेयर बाजार में लगातार जारी इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चा तेल है, जिसका दो दिन में ही 'तेल' निकल गया. डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही ईरान के साथ शांति समझौते पर सहमति बनने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने का ऐलान किया, अंतरराष्ट्री बाजार में क्रूड का दाम भरभराकर क्रैश होने लगा और ये सिलसिला मंगलवार को भी जारी है।  ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है, तो वहीं WTI Crude Oil Price गिरते हुए इसी स्तर के आसपास आ गया है. मर्बन क्रूड (Murban Crude Oil Price) की अगर बात करें, तो ये मंगलवार को करीब 7 फीसदी की गिरावट के साथ 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।  कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का जोखिम कम हुआ है. दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी की आपूर्ति के लिए जरूरी समुद्री रूट होर्मुज स्ट्रेट ओपन होने से तेल-गैस संकट कम होता नजर आने लगा है और इनसे शेयर बाजार निवेशकों की धारणा में अचानक बदलाव देखने को मिला है।   इन शेयर ने खुलते ही लगाई छलांग  मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होने के साथ ही जिन स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिली. उनमें बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (3%), Bajaj Finance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (2%) शामिल हैं. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में Suzlon Share (3%), GMR Airport Share (3%), Dixon Share (2.10%), Yes Bank Share (1.90%) शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागते हुए नजर आए. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल Lal Path Lab Share (7%), PGEL Share (4%) और IIFL Share (3.60%) उछला।  तेल फिसला, तो रुपया भी मजबूत  कच्चे तेल की कीमतें क्रैश (Crude Oil Price Crash) होने से सिर्फ शेयर बाजार में ही तेजी नहीं देखने को मिल रही है, बल्कि भारतीय करेंसी रुपया की स्थिति में भी सुधार हुआ है और ये मजबूत हुआ है. मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे बढ़त के सात 94.63 पर खुला, जबकि सोमवार को यह 94.71 पर बंद हुआ था। 

बाजार में जश्न का माहौल! लगातार 4 पॉजिटिव संकेतों से आई जबरदस्त उछाल, अब नजर अगली बड़ी खबर पर

 नई दिल्ली कारोबारी हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में जश्न का माहौल है, सेंसेक्स 860 अंक और निफ्टी 260 अंक उछलकर कारोबार कर रहा है. दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साढ़े तीन महीने से जारी संघर्ष आखिरकार समाप्त होने जा रहा है. दोनों देशों के बीच एक शांति समझौता हो गया है. फिलहाल बाजार में तेजी के पीछे ये 4 बड़े कारण हैं, जिसने निवेशकों के सेंटिमेंट को सुधार दिया है. वहीं, बाजार अब 5वीं बड़ी खबर का इंतजार कर रहा है।  आइए एक-एक कर जानते हैं कि बाजार में तेजी के पीछे क्या कारण हैं.. 1. होर्मुज का खुलना पिछले तीन महीनों से पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण होर्मुज रूट बाधित चल रहा था. रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक शांति समझौते और नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की घोषणा के बाद, इस रूट को पूरी तरह से व्यापार के लिए खोल दिया गया है. वैश्विक व्यापार के लिए यह इस साल की सबसे बड़ी राहत है. दुनिया का 20% से अधिक कच्चा तेल और LNG इसी रास्ते से गुजरता है, इसके खुलने से सप्लाई चेन ठप होने का डर पूरी तरह खत्म हो गया है. जिसने भारतीय बाजार में चौतरफा लिवाली को बढ़ावा दिया है।  2. कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट होर्मुज संकट टलने का सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिला है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें 5% से अधिक टूटकर $83 प्रति बैरल के पास आ गई हैं. भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी बूस्टर डोज से कम नहीं है. इससे देश का आयात बिल घटेगा, चालू खाता घाटा (CAD) नियंत्रण में आएगा।  3. डॉलर के मुकाबले रुपये की रिकॉर्ड मजबूती कच्चे तेल में गिरावट और वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स के सुस्त पड़ने से भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त मजबूती का प्रदर्शन कर रहा है. रुपया मजबूत होकर 94.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है. रुपये की इस मजबूती से विदेशी निवेशकों (FIIs) का भरोसा भारतीय बाजार में फिर से लौट आया है, क्योंकि इससे उन्हें करेंसी डेप्रिसिएशन (मुद्रा के अवमूल्यन) का जोखिम कम हो जाता है. साथ ही, आयात होने वाली जरूरी वस्तुओं की लागत घटने से घरेलू स्तर पर महंगाई को रोकने में मदद मिलेगी।  4. बॉन्ड टैक्स कटौती से FII की बिकवाली थमी घरेलू मोर्चे पर सरकार और नीति निर्माताओं द्वारा बॉन्ड मार्केट पर टैक्स ढांचे में किए गए हालिया सुधार और कटौती का बड़ा असर दिख रहा है. पिछले कुछ महीनों से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसे निकाल रहे थे, लेकिन बॉन्ड टैक्स में राहत मिलने के बाद फिक्स्ड इनकम और इक्विटी मार्केट दोनों में विदेशी फंड्स का आउटफ्लो न के बराबर रह गया है. FIIs अब आक्रामक शॉर्ट-कवरिंग कर रहे हैं।  अब इस एक खबर का इंतजार (भारत-अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील) बाजार में आई इस शुरुआती तेजी के बीच अब निवेशकों की नजरें उस पांचवें और सबसे निर्णायक ट्रिगर पर टिकी हैं, जो इस रैली को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकता है. भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Pact) के अंतिम मसौदे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है।  ट्रेड डील से बाजार को क्या उम्मीद? इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय निर्यात खासकर टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी सर्विसेज और इंजीनियरिंग सामान पर लगने वाली भारी ड्यूटी को कम किया जाना है, जिससे भारतीय कंपनियों को वियतनाम और मेक्सिको जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बड़ा एडवांटेज मिलेगा।