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तूफानी तेजी के बाद शेयर बाजार में अचानक क्रैश, दिन के हाई से 1300 अंक फिसला सेंसेक्स

मुंबई  मंगलवार का दिन शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों के लिए अमंगलकारी साबित हो रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि सेंसेक्स-निफ्टी ने तूफानी शुरुआत की थी, लेकिन देखते ही देखते बाजार में ऐसा भूचाल आया कि दोनों इंडेक्स क्रैश हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के हाई लेवल से एक झटके में 1400 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी डे-हाई से 474 अंकों का गोता लगा गया. शेयर मार्केट में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं।    तूफानी तेजी, फिर तगड़ी गिरावट शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत धुआंधार तेजी के साथ हुई और निवेशकों को लगा कि बीते सप्ताह की गिरावट पर ब्रेक लग गया, लेकिन उनकी खुशी महज घंटेभर बाद ही टेंशन में तब्दील हो गई. सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ वो कारोबार आगे बढ़ने के साथ तेज होता चला गया. शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने पर BSE Sensex 777 अंक की गिरावट लेकर 74,003 के लेवल पर क्लोज हुआ, जो दिन के हाई लेवल से 1433 अंक की गिरावट है।  सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि NSE Nifty ने भी निवेशकों को बुरी तरह चौंकाया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,398 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ 23,576 पर कारोबार की शुरुआत की थी और 23,592 तक उछला था, लेकिन फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये भी टूटता चला गया और खबर लिखे जाने तक अपने दिन के हाई लेवल से 474 अंक फिसलकर 23,118 पर आकर बंद हुआ।  शेयर मार्केट क्रैश के कारण Share Market Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो एक नहीं बल्कि कई हैं. इनमें कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से लेकर US बॉन्ड यील्ड तक का रोल है।  पहला कारण: वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान टेंशन और मध्य पूर्व में फैलते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. इसके असर तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत तेज उछाल के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रही है. इसने महंगाई के जोखिम को बढ़ाते हुए शेयर बाजारों का सेंटीमेंट खराब किया है।  दूसरा कारण: शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट के पीछे दूसरा कारण अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, सोमवार को बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी पर जा पहुंची, जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार है. गौरतलब है कि 10 साल की बॉन्ड यील्ड को ग्लोबल बेंचमार्क माना जाता है और ये सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है. वहीं बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसका असर मंगलवार को भारतीय बाजार पर भी नजर आया है।  तीसरा कारण: शेयर बाजार में मंगलवार को IT इंडेक्स के अलावा ज्यादातर कैटेगरी में तेज गिरावट दर्ज की गई. मार्केट टूटने का तीसरा बड़ा कारण तमाम ग्लोबल टेंशन और तेल की कीमतों में इजाफे के बीच शेयर बाजार के लिए डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में अचानक उछाल भी है. ये 6 फीसदी के आसपास बढ़कर 13 के पार निकल गया, जो आने वाले दिनों में शेयर मार्केट में बिकवाली का इंडिकेशन देता है।  ये शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे Stock Market Crash के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की लिस्ट देखें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल BEL Share (5%), IndiGo Share (3.56%), Bajaj Finserv Share (2.96%), Adani Ports Share (2.50%), SBI Share (2.42%), Titan Share (2.35%), Bajaj Finance Share (2.34%), Asian Paints Share (2.31%), M&M Share (2.19%), Trent Share (2%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. 

US मार्केट की गिरावट और महंगे कच्चे तेल का नहीं दिखा असर, शुरुआती कारोबार में चमके 4 IT स्टॉक

मुंबई  कच्चे तेल पर महंगाई छाई है, वेस्ट एशिया में तनाव जारी है, अमेरिकी शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है, लेकिन इन सब निगेटिव खबरों के बीच भी भारतीय शेयर बाजार ओपनिंग के साथ गदर मचाए हुए नजर आया. एक दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex खुलते ही 655 अंक की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला NSE Nifty भी जोरदार तेजी के साथ ओपन हुआ।  हालांकि, आधे घंटे तक तेजी के साथ कारोबार करने के बाद शेयर बाजार में बाजी पलटी हुई नजर आई और दोनों इंडेक्स अचानक रेड जोन में आ गए. लेकिन इन बीच भी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर धमाल मचाते हुए नजर आए, तो वहीं HDFC Bank Share भी निवेशकों को तगड़ी कमाई कराता हुआ नजर आया है।  सेंसेक्स-निफ्टी की धुआंधार ओपनिंग  सोमवार को गणेश चतुर्थी पर शेयर बाजार बंद था, लेकिन एक दिन की छुट्टी के बाद जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की तो ये जोरदार रही. तेल लगातार महंगा होने, देश में रिटेल से लेकर थोक महंगाई तक बढ़ने के बावजूद बीएसई की सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,781 की तुलना में तेजी लेकर 75,369 पर खुला और फिर अचानक छलांग लगाकर 655 अंक चढ़कर 75,436 पर जा पहुंचा. हालांकि, कुछ देर के कारोबार के बाद इसकी रफ्तार धीमी नजर आई।  सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी की भी चाल देखने को मिली है. मंगलवार को ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,398 की तुलना में बढ़त लेकर खुला और फिर एक झटके में उछलकर 23,592 के लेवल पर जा पहुंचा. बीते सप्ताह दोनों इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी।  HDFC बैंक से IT शेयरों तक का गदर शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा रोल आईटी कंपनियों के शेयरों का रहा, जिनमें तूफानी तेजी देखने को मिली है. सबसे ज्यादा तेज रफ्तार से HCL Tech Share भागा, जो खबर लिखे जाने तक करीब 7 फीसदी की उछाल में कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Tech Mahindra Share (5%), TCS Share (4.96%), Infosys Share (4.60%), MPhasis Share (4.56%), Persistent Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  बात प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक यानी HDFC Bank Share की करें, तो ये भी शेयर मार्केट ओपन होने के साथ ही गदर मचाए हुए नजर आया. इस बैंकिंग स्टॉक में 2.50% की जोरदार तेजी देखने को मिली है और इसका भाव 725 रुपये के करीब पहुंच गया. अन्य तेजी वाले शेयरों में एचयूएल, आईटीसी, टाटा स्टील शामिल रहे।  तेल से लेकर रिटेल महंगाई तक फेल शेयर मार्केट में ये जोरदार शुरुआती तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है, जबकि अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज, बाब अल मंदेब, सउदी अरब तेल पाइपलाइन को लेकर ग्लोबल टेंशन चरम पर है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल जारी है. अमेरिकी शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन निगेटिव जोन में बंद हुए हैं और सबसे खास भारत में रिटेल से लेकर थोक महंगाई तक में उछाल आया है. लेकिन इन सबके बावजूद बाजार ने तेज रफ्तार पकड़ी है। 

Stock Market Fall: मंगलवार को निवेशकों के लिए अमंगलकारी रहा बाजार, खुलते ही टूटे Sensex-Nifty

मुंबई  शेयर बाजार में फिर से बड़ी गिरावट आई है. मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खराब शुरुआत के बाद तेजी से फिसला और 400 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए करीब 100 अंक फिसल गया. इस बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 बड़ी कंपनियों के शेयरों में से 26 में गिरावट देखने को मिली. Share Market में आई गिरावट का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन से है।  Sensex-Nifty खुलते ही बिखरे शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर BSE Sensex ने अपने पिछले कारोबारी बंद 76,132 की तुलना में गिरावट लेकर 75,970 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर देखते ही देखते 418 अंक टूटकर 75,714 तक फिसल गया।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty की भी ओपनिंग देखने को मिली. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,779 के मुकाबले फिसलकर पहले 23,743 पर खुला और फिर इसके गिरने की रफ्तार भी तेज होती गई. खबर लिखे जाने तक निफ्टी 23,668 पर कारोबार कर रहा था।   सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (1.40%), Bharti Airtel Share (1.10%), ICICI Bank-Axis Bank करीब 1 फीसदी की  गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Voltas Share (2.50%), TI India Share (1.50%). Godrej Properties Share (1%) की गिरावट में नजर आया. स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की लिस्ट में Amber Share (1.60%), Cyient Share (1.45%) और Angel One Share (1.40%) रहे।  शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा कारण Stock Market में मंगलवार को आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन, ईरान और डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी और इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से है।  दरअसल, ईरान ने अपने उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमतों में इजाफा किया है, तो वहीं वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड का दाम 97 डॉलर के पार निकलकर महंगाई का जोखिम बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है. डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी 93 डॉलर के पार, तो मर्बन क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है। 

शेयर बाजार में मची धूम, Sensex 600 अंक चढ़ा; Reliance समेत इन शेयरों में जबरदस्त तेजी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. शुकवार को सेंसेक्‍स खुलते ही तेज उछाल के साथ  594 अंक चढ़ गया और आज का हाई लेवल 76,746.80 को टच किया. इसी तरह, निफ्टी में भी अच्‍छी तेजी देखने को मिली. निफ्टी हरे निशान में खुला और फिर 76.4 अंकों की तेजी के साथ 23,949.85 के हाई पर पहुंच गया।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 3 शेयर ही गिरावट पर कारोबार कर रहे थे, जबकि बाकी 27 शेयर तेजी पर रहे. सबसे ज्‍यादा तेजी टाटा ट्रेंट के शेयरों में देखी गई, जो 2.41 फीसदी चढ़ गया. इसके बाद रिलायंस के शेयरों में 2 फीसदी की उछाल आई. इसके अलावा, इंडिगो, बीईएल और बजाज के शेयर तेजी पर रहे।  इस बीच, बीएसई मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 489.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. 2,205 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,246 शेयर गिरावट पर थे. 130 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर थे और 59 शेयर 52 सप्‍ताह के नीचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे थे. 103 शेयरों में लोअर सर्किट लगा रहा. 112 शेयरों में अपर सर्किट लगा।  सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स और निफ्टी के ताजा हाल की बात करें तो दोनों में उछाल दिखा है। 9 बजकर 45 मिनट पर 30 शेयरों वाले इंडेक्स सेंसेक्स में 0.62 फीसदी की तेजी दिखी। यह 473.29 अंक मजबूत होकर 76,626.15 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी में 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। यह 54.05 अंक चढ़कर 23,927.50 पर ट्रेड कर रहा था। टीसीएस समेत इन शेयरों में तेजी सेंसेक्स के 30 शेयरों में से एक में गिरावट और बाकी में उछाल दिखा है। 9 बजकर 15 मिनट पर सबसे अधिक तेजी टीसीएस में दिखी। यह 1.85 फीसदी उछलकर हरे निशान में 2354.80 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, इन्फोसिस में 1.44 फीसदी की तेजी दिखी और यह 1144.20 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। इनके अलावा बजाज फिनसर्व में 1.26 फीसदी, ट्रेंट में 1.24 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.07 फीसदी, इंडिगो में 0.95 फीसदी, कोटक महिंद्रा में 0.85 फीसदी, टाइटन में 0.83 फीसदी, मारुति में 0.76 फीसदी, एसबीआई में 0.64 फीसदी, आईटीसी में 0.55 फीसदी, अडानी पोट्स में 0.50 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.43 फीसदी, इटरनल (जोमैटो) में 0.06 फीसदी और एक्सिस बैंक में 0.06 फीसदी की तेजी दिखी। वहीं, भारती एयरटेल 0.07 गिरकर 1863.90 पर ट्रेड कर रहा था। घरेलू और विदेशी निवेशकों का निवेश बीते कारोबारी सत्र यानी कि गुरुवार को घरेलू निवेशकों (Domestic Institutional Investor) ने 4977 करोड़ रुपये का निवेश किया। इन्होंने बुधवार को भी कुल 2813 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। वहीं, विदेशी निवेशकों (Foreign Institutional Investor) ने भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली की है। इन्होंने कुल 2346 करोड़ रुपये के शेयरों को बेचा है। हालांकि, बुधवार इन्होंने कुल 6688 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। इस खरीदारी और बिक्री का बाजार पर आज प्रभाव भी पड़ा है। गुरुवार को कैसी थी मार्केट की चाल? शेयर बाजार गुरुवार को अपना शुरुआती कारोबार शानदार किया था। घरेलू के अलावा विदेशी निवेशकों की बंपर खरीदारी ने मार्केट को बल दिया था। सेंसेक्स जहां 278 अंकों (0.36 फीसदी) की तेजी के साथ हरे निशान में 76.848.98 के लेवल पर खुला था। वहीं, निफ्टी उछलकर 23,978.85 पर ट्रेड कर रहा था। लेकिन, मार्केट बंद के दौरान इन दोनों में बड़ी गिरावट दिखी थी। सेंसेक्स 0.55 फीसदी लुढ़कर यानी कि 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी की बात करें तो यह 0.17 फीसदी यानी करीब 41 अंक गिरकर लाल निशान में 23,873.45 पर बंद हुआ था। 10% उछले ये स्‍टॉक  Puravankara के शेयर 10 फीसदी चढ़कर 232 रुपये प्रति शेयर पर थे. एचबीएल इंजीनियरिंग के शेयर में 8 फीसदी की चढ़कर 714 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. तेजस नेटवर्क के शेयर 8 फीसदी चढ़कर 613 रुपये पर कारोबार कर रहा थे. आईएफसीआई के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है. एंजल वन के शेयर में भी 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली है. फिजिक्‍सवाला के शेयर में 4 फीसदी की तेजी आई है।  क्‍यों आई ये तेजी?  विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में हिस्‍सेदारी बढ़ रही है. दूसरी ओर, आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिली है. साथ ही लार्जकैप कंपनियों जैसे रिलायंस, टाइटन और बजाज जैसे शेयर चढ़े हैं और मार्केट को ऊपर की ओर ले जा रहे हैं। 

US-Iran जंग और महंगे तेल का असर, खुलते ही धड़ाम हुआ Stock Market, निवेशकों में मचा डर

मुंबई  शेयर बाजार में फिर से खौफ देखने को मिल रहा है और खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट आई है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 550 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी करीब 150 अंक फिसल गया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन भी दोनों रेड जोन में बंद हुए थे। Stock Market में इस गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी और इसका कनेक्शन सीधे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा हुआ है, जो दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी को पूरा करने के लिए अहम है. यहां फिर से अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं और दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं. इससे न सिर्फ भारत, बल्कि जापान-कोरिया समेत अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजार बुरी तरह टूटे हैं।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 की तुलना में गिरावट के साथ खुला और महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 550 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,611 के लेवल पर आ गया।  सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स में भी गिरावट बढ़ती हुई नजर आई. ये इंडेक्स 24,398 के अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही गिरकर 24,259 पर आ गया और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 24,229 पर ट्रेड करता हुआ दिखा।  बाजार में इसलिए फिर खौफ  शेयर बाजार फिर से खौफ में नजर आ रहा है और इसके तार सीधे मिडिल ईस्ट से जुड़े हुए हैं. पहला कारण अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ना है. पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल अटैक किए, तो पलटवार करते हुए अमेरिक की ओर से भी तगड़ी स्ट्राइक ईरानी ठिकानों पर शुरू कर दी गई।  दूसरे कारण की बात करें, तो दोनों देशों के बीच फिर तनातनी ने दुनियाभर के शेयर मार्केट में हलचल बढ़ा दी और US-Japan से South Korea तक के शेयर बाजार गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए, जिनसे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ. जापान का निक्केई खुलते ही 500 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो साउथ कोरिया का कोस्पी भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी रेड जोन में था।  फिर से डराने लगा कच्चा तेल बाजार में गिरावट का तीसरा कारण देखें, तो US-Iran Attacks की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाला और अचानक इसमें तेज उछाल आ गया. Brent Crude Oil Price 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी 72 डॉलर के पार कारोबार कर रहा था. तेल की कीमतों में फिर से लगी आग ने दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ाने का डर पैदा किया है और शेयर बाजार भी इसके दबाव में नजर आ रहे हैं।  हर ओर मची दिखी भगदड़ शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.50%), Asian Paints Share (2.42%), Reliance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (1.70%), ITC Share (1.60%), M&M Share (1.50%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Hindustan Petroleum Share (3.60%), Ashok Leyland Share (2.60%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप लिस्ट में NBCC Share (2.20%), PNB Housing Finance Share (2.10%) टूटकर कारोबार करता दिखा। 

रिलायंस और HDFC ने बाजार को दी रफ्तार, अचानक आई जोरदार तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी उछले

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 500 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक के आसपास चढ़ा दिखाई दिया. इस बीच बैंकिंग स्टॉक्स में जोरदार तेजी दिखी और HDFC Bank से लेकर ICICI Bank तक के शेयर उछले, तो वहीं Reliance, Maruti और Mahindra जैसे शेयर भी उछल पड़े।  सेंसेक्स-निफ्टी की अचानक बदली चाल  शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,763 की तुलना में तेजी लेकर 77,940 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसकी रफ्तार तेज होती चली गई. करीब दो घंटे के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स 526 अंकों की तेजी लेकर 78,289 पर जा पहुंचा।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी रफ्तार पकड़े हुए नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 24,270 के लेवल से उछलकर 24,306 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 24,428 के स्तर पर जा पहुंचा।  रिलायंस समेत इन शेयरों ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक आई इस तूफानी तेजी के दौरान बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank Share (2.70%), M&M Share (2%), Reliance Share (1.35%) और BEL Share (1.60%) की तेजी लेकर बाजार को सपोर्ट कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (4%), Godrej Properties Share (2.20%), Muthoot Finance Share (2%) की बढ़त लेकर कारोबार करते हुए नजर आए।  स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो Wel Corp Share (5.50%), Radico Share (4.60%) और Manappuram Share (4.50%) की तेजी में कारोबार कर रहे थे।  शेयर बाजार में तेजी के कारण सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट में आई इस जोरदार तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट से बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले थे. जापान-कोरिया के मार्केट में गिरावट नजर आई, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स और ब्रिटेन का FTSE-100 ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा।  भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty भी ओपनिंग के साथ ही तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया और खबर लिखे जाने तक ये 170 अंक के आसपास तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था।  इन कारणों के अलावा बैंकों से मजबूत तिमाही अपडेट ने भी बाजार की तेजी को सपोर्ट किया. बीते सप्ताह के अंत में HDFC Bank, Axis Bank, Kotak Bank समेत कई बैंकों ने  ने अप्रैल-जून के लिए अनंतिम आंकड़े जारी किए, जो शानदार रहे  .

रुपये की स्थिरता, सस्ता कच्चा तेल और घरेलू निवेशकों की ताकत से बढ़ेगा बाजार का भरोसा

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन अब कई ऐसे बड़े आर्थिक संकेत सामने आ रहे हैं, जो आने वाले सालों में बाजार के लिए नई तेजी यानी अगली 'बुल रन' की नींव रख सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार तेजी केवल सस्ते पैसे या विदेशी निवेश के दम पर नहीं, बल्कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, बढ़ती कॉर्पोरेट कमाई, घरेलू निवेशकों की ताकत और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती अहमियत के कारण देखने को मिल सकती है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई थी। लेकिन, अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। कई ऐसे मैक्रोइकोनॉमिक संकेत हैं, जो भारतीय शेयर बाजार के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। सबसे पहला बड़ा संकेत भारतीय रुपये की मजबूती और स्थिरता है। विदेशी निवेशक किसी भी देश में निवेश करने से पहले वहां की मुद्रा की स्थिति को काफी महत्व देते हैं। अगर रुपया स्थिर रहता है, तो विदेशी निवेशकों को मुद्रा में होने वाले नुकसान का डर कम रहता है। इसके साथ ही आयातित महंगाई पर भी कंट्रोल रहता है और कंपनियों के लिए भविष्य की लागत का अनुमान लगाना आसान हो जाता है। इससे निवेश का माहौल मजबूत होता है। दूसरा बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) में कमी है। पिछले दो सालों में पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही। तेल की कीमतें बढ़ीं और सप्लाई चेन प्रभावित हुई। अब अगर यह तनाव कम होता है, तो वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और वे फिर से उभरते बाजारों, खासकर भारत की ओर रुख कर सकते हैं। तीसरा और बेहद अहम कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होता है, महंगाई घटती है, सरकार पर वित्तीय दबाव कम होता है और कंपनियों की लागत भी घटती है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, केमिकल और FMCG जैसे कई सेक्टरों की कमाई बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई कंट्रोल में रहने पर RBI के पास ब्याज दरों को लेकर अधिक लचीलापन रहता है, जिससे आर्थिक विकास को और गति मिल सकती है। चौथा और सबसे मजबूत संकेत घरेलू निवेशकों की बढ़ती ताकत है। पहले भारतीय शेयर बाजार काफी हद तक विदेशी निवेशकों (FPI) पर निर्भर रहता था, जब भी विदेशी निवेशक बिकवाली करते थे, बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलती थी। लेकिन, अब स्थिति बदल चुकी है। SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए हर महीने म्यूचुअल फंड में आने वाला पैसा लगातार बढ़ रहा है। करोड़ों भारतीय अब नियमित निवेश कर रहे हैं, जिससे घरेलू निवेश बाजार को मजबूती मिल रही है। यही वजह है कि हाल के सालों में FPI की बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है या वे फिर से खरीदारी शुरू करते हैं, तो भारतीय बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। मजबूत रुपया, सस्ता कच्चा तेल, घटता वैश्विक तनाव और घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी मिलकर बाजार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि शेयर बाजार कभी भी सीधी रेखा में नहीं चलता। बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे और कुछ शेयरों का मूल्यांकन (Valuation) अभी भी महंगा माना जा रहा है। इसलिए केवल तेजी की उम्मीद में बिना रिसर्च के निवेश करना सही नहीं होगा। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में लंबे समय के नजरिए से निवेश करना और पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना हमेशा बेहतर रणनीति मानी जाती है। मौजूदा आर्थिक संकेत यह इशारा कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। अगर यही रुझान आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले सालों में भारतीय शेयर बाजार की अगली बड़ी बुल रन (Bull Run) की शुरुआत इसी दौर से मानी जा सकती है। निवेशकों के लिए यह समय बाजार की दिशा को समझने और लंबी अवधि की रणनीति बनाने का हो सकता है।  

शानदार तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 650 अंक और निफ्टी 200 अंक की छलांग

मुंबई  हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट में खुलते ही उछाल देखा गया. 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,375.65 पर ओपन हुआ. आईटी, मेटल, फार्मा और केमिकल शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों में करीब 1-1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. हालांकि कुछ मिनटों के भीतर बाजार थोड़ा स्थिर दिखा. सुबह 9:23 बजे निफ्टी 50 करीब 173 अंकों के उछाल के साथ 24,352 पर ट्रेड करता दिखा, जबकि सेंसेक्‍स 542 अंकों के उछाल के साथ 78,042 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  रुपये में भी लगातार मजबूती देखी जा रही है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय करेंसी रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे चढ़कर 95.17 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  बाजार की शुरुआती बड़ी बातें मुंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की मजबूती लेकर 24,375.65 के स्तर पर खुला. बाजार के इस शुरुआती उछाल से निवेशकों ने कुछ ही मिनटों में मोटी कमाई की।  सेक्टर्स का हाल: कहां रही तेजी, कहां मंदी? बाजार को ऊपर ले जाने में आज आईटी कंपनियों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई।  आईटी और मेटल में धूम: निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की बड़ी तेजी देखी गई. इसके साथ ही मेटल (धातु) इंडेक्स भी 1.66 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया।  छोटे और फार्मा शेयर चमके: छोटे आईटी और टेलीकॉम शेयरों के साथ-साथ केमिकल इंडेक्स में 0.82 प्रतिशत और फार्मा इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।  यहां दिखा दबाव: इस चौतरफा तेजी के बीच बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी सुस्ती रही. सरकारी बैंकों का इंडेक्स (Nifty PSU Bank) 0.87 प्रतिशत गिर गया. इसके अलावा टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, एसबीआई और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली।  उतार-चढ़ाव में आई कमी बाजार में जोखिम और डर को मापने वाला पैमाना यानी 'इंडिया विक्स' (India VIX) आज 1.62 प्रतिशत गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया. इसका घटना इस बात का संकेत है कि बाजार में अभी घबराहट कम है और स्थिरता बढ़ रही है।  बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार का रुख सकारात्मक बना रहेगा, लेकिन निवेशकों को थोड़ा सावधान भी रहना चाहिए।  निफ्टी के लिए जरूरी स्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 24,000 के ऊपर बने रहना बहुत जरूरी है. अगर यह इसके ऊपर टिका रहता है, तो तेजी का दौर जारी रहेगा. बाजार के लिए पहला बड़ा अवरोध 24,300 और फिर 24,450 पर है।  गिरावट पर यहां है सहारा: अगर बाजार में कोई बड़ी गिरावट आती है, तो 24,050 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा. यदि यह स्तर भी टूटता है, तो निफ्टी 23,900 तक नीचे जा सकता है।  विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि दुनिया भर के बाजारों में टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में चल रही बिकवाली पर नजर रखें, क्योंकि इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।  आईटी सेक्‍टर्स में ज्‍यादा उछाल  सेक्टर के लिहाज से बात करें तो निफ्टी आईटी (Nifty IT) में करीब 2 फीसदी का उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी मेटल (Nifty Metal) 1.66 फीसदी मजबूत हुआ. इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, केमिकल्स और फार्मा सूचकांकों में क्रमशः 1 फीसदी, 0.82 फीसदी और 0.72 फीसदी से अधिक की तेजी रही।  इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक (Nifty PSU Bank) इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 के शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV), एनटीपीसी (NTPC), एसबीआई (SBI) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।  व्यापक बाजार (Broader Market) में भी मजबूती बनी रही. निफ्टी स्मॉलकैप 50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.48 प्रतिशत और 0.46 प्रतिशत की बढ़त देखी गई. वहीं, निफ्टी 100 में 0.46 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.41 प्रतिशत की तेजी आई. बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' (India VIX) 1.62 फीसदी गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया।  एक्‍सपर्ट्स का क्‍या कहना है?  मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शॉर्ट टर्म के लिए बाजार का नजरिया सतर्कता के साथ सकारात्मक (Cautiously Optimistic) बना हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहना व्यापक रूप से तेजी के ट्रेंड को सकारात्मक रखता है. बाजार के लिए तात्कालिक रुकावट (Immediate Resistance) 24,300 पर है, जिसके बाद अगला रेजिस्टेंस 24,450 पर देखा जा रहा है।  गिरावट की स्थिति में 24,050 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (Key Support Level) बना हुआ है. अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार में 23,900 की तरफ एक सुधारात्मक गिरावट (Correction) आ सकती है।  एक्सपर्ट्स ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में चल रही बिकवाली (Global Technology Sell-off) पर नजर रखनी चाहिए. सेमीकंडक्टर शेयरों में दोबारा कमजोरी आने से घरेलू आईटी शेयरों में हालिया तेज रैली के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।  कमोडिटी और वैश्विक बाजारों के संकेत  अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 0.77 प्रतिशत बढ़कर 72.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना रहा।  एशियाई बाजारों में भी आज ज्यादातर शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जहां निक्केई (Nikkei), हैंगसेंग (Hang Seng) और कोस्पी (KOSPI) में 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।  इससे पहले, तकनीकी शेयरों में बिकवाली के कारण कल रात अमेरिकी बाजार (Wall Street) गिरावट के साथ बंद हुए थे. वहां नैस्डैक (Nasdaq) 0.80 प्रतिशत टूट गया था, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) बिना किसी खास बदलाव के सपाट बंद हुआ था। 

निवेशकों के लिए अहम रहेगा नया सप्ताह, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर

 नई दिल्ली  भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते निवेशकों की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उनका यह बयान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात के बाद आया था। दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद इस प्रस्तावित समझौते से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसकी वजह ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट पर मालवाहक जहाज को निशाना बनाना था। हालांकि, हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास बना हुआ है। घरेलू आर्थिक डेटा भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा आएगा 29 जून को इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा जारी होगा। 30 जून को मई का राजकोषीय घाटे और व्यापार संतुलन, 1 जुलाई को जीएसटी, ऑटो सेल्स एवं मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और 2 जुलाई को सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आएगा। बीता हफ्ता शेयर बाजार के लिए कैसा रहा? इस हफ्ते सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कम कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार के संकेतों के कारण इस हफ्ते भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क बने रहे, क्योंकि इससे ग्लोबल कैपिटल फ्लो पर असर पड़ सकता है।  

सेंसेक्स-निफ्टी की दमदार वापसी, बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार में उछाल

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को सुस्ती के साथ शुरुआत हुई, लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद ही अचानक बाजी पलट गई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आने लगे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 700 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 24000 के पार निकल गया. इस दौरान बैंकिंग शेयर रफ्तार पकड़े हुए नजर आए. ICICI Bank से लेकर HDFC Bank तक के स्टॉक ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे।  सेसेंक्स-निफ्टी की बदली चाल  शेयर मार्केट में कारोबार की ओपनिंग के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,200 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 76,229 के लेवल पर खुला और कुछ देर सुस्ती के साथ ही कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक 30 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने रफ्तार पकड़ी और 700 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 76,976 पर जा पहुंचा।  न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty इंडेक्स की भी चाल बदली-बदली नजर आई. अपने पिछले बंद 23,824 की तुलना में गिरावट के साथ ये इंडेक्स 23,795 के साथ रेड जोन में ओपन हुआ. लेकिन जैसे ही सेंसेक्स ने रफ्तार पकड़ी ये भी अचानक ग्रीन जोन में आ पहुंचा और खबर लिखे जाने तक 180 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 24,013 पर ट्रेड करता दिखा।  बैंकिंग समेत इन स्टॉक्स ने दिखाया दम शेयर बाजार में लौटी इस तेजी के बीच बैंकिंग स्टॉक्स समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने अपना दम दिखा. बीएसई लार्जकैप में शामिल Trent Share (3.70%), IndiGo Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.40%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. वहीं बैंकिंग सेक्टर में ICICI Bank Share (2.70%), HDFC Bank Share (2.20%), SBI Share (1.90%), Axis Bank Share (1.30%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप में शामिल AU Bank Share (3.50%), तो Yes Bank Share (1.50%) की तेजी लिए नजर आया।  विदेशों से मिले ये संकेत  भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से मिले-जुले संकेत मिल रहे थे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट की वजह से भी बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. अगर एशियाई बाजारों की बात करें, तो बुधवार को कोस्पी से लेकर हैंगसेंग तक में तेजी देखने को मिली, लेकिन शुरुआती कारोबार में धीमी रफ्तार से भागता हुआ Gift Nifty अचानक तेज रफ्तार से भागने लगा और करीब 200 अंक चढ़ गया।