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Stock Market Bounce Back: बाजार में आई जबरदस्त रिकवरी, टाटा से इंडिगो तक निवेशकों की चांदी

मुंबई  शेयर बाजार में जारी गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आ रहा है और सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स-निफ्टी ने उबरते हुए तेज शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 74000 के पार खुला, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी 23,200 के पार निकलकर कारोबार शुरू किया. इस तेजी के बीच बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल 30 कंपनियों में से 25 के शेयर तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेड करते हुए नजर आए. सबसे ज्यादा तेजी टाटा की कंपनी Trent और IndiGo के शेयर में दिखी।  सेंसेक्स-निफ्टी की धांसू शुरुआत  मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से पॉजिटिव संकेत मिल रहे थे और कारोबार की शुरुआत भी धांसू हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,524 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ उछला और 74,035 के लेवल पर खुला. एनएसई निफ्टी ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ग्रीन जोन में ओपनिंग की. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स पिछले बंद 23,123 के मुकाबले खुलते ही 23,259 पर पहुंच गया।  इन 10 शेयरों में जोरदार तेजी शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयर छलांग लगाते हुए नजर आए. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में Trent Share (2.50%), ICICI Bank Share (2%), Axis Bank Share (1.75%) और IndiGo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था।  तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल IDFC First Bank Share (3.50%), TI India Share (2.80%), Nykaa Share (2.30%), Bharat Forge Share (2.10%) और Yes Bank Share (2%) की उछाल में नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो सबसे तेज उछाल Radington Share  में आई और ये 3 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था।  शेयर बाजार में तेजी का बड़ा कारण Stock Market में अचानक आई इस तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट को माना जा सकता है, जिससे महंगाई का जोखिम कम हुआ है और निवेशकों को सेंटीमेंट सुधरा है।  दरअसर, बीते कारोबारी दिन सोमवार को ईरान-इजरायल संघर्ष बढ़ने के बीच Crude Oil Price में आग लगी हुई नजर आई थी और ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 फीसदी के आसपास उछलकर 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी, लेकिन फिर एक दम से तेल की दाम गिर गए और खबर लिखे जाने तक Brent Crude Price 93 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था।  इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों में तेजी के चलते भी निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला. जापान का निक्केई से लेकर साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स तक खुलने के साथ ही तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। 

ग्लोबल तनाव से बाजार में हाहाकार! ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच निवेशकों के करोड़ों स्वाहा

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ… भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. ईरान और इजरायल के बीच मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले औऱ क्रूड की कीमतों में अचानक तेज उछाल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी भी सहमे हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो नहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 250 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला. इस गिरावट के बीच तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए और हर ओर लाल रंग में कारोबार शुरू हुआ।  खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,243 की तुलना में 822 अंकों की तेज गिरावट लेकर 73,421 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर अचानक फिसलते हुए 73,318 पर जा पहुंचा. एनएसई के निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,366 की तुलना में 286 अंक फिसलकर 23,080 पर खुला।  रिलायंस समेत इन शेयरों में तगड़ी गिरावट  शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच कई बड़ी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही बुरी तरह टूट गए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो Eternal Share (2.50%), TCS Share (2.10%), M&M Share (2.05%), HDFC Bank (1.50%) और Reliance Share (1.25%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे।   मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (3%), Muthoot Finance Share (2.63%), Godrej Properties Share (2.60%) और UPL Share (2%) की गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  बाजार में गिरावट के ये कारण शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ईरान-इजरायल के बीच फिर से शुरू हुई तेज जंग है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है. तो वहीं WTI Crude Price भी करीब इतनी ही बढ़त के साथ 94 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है।  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतें दुनिया को डरा रही थीं. अब ईरान और इजरायल में नए सिरे से भीषण जंग ने अचानक क्रूड की कीमतों में आग लगा दी है. ईरान ने होर्मुज की तरह ही खास बॉब अल मंदेब समुद्री रूट को बंद करने की धमकी भी दी है। 

सेंसेक्स-निफ्टी पर बिकवाली का दबाव जारी, गिरावट के बीच बाजार ने दिखाई वापसी

मुंबई  शेयर मार्केट में गुरुवार को एक बार गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स रेड जोन में खुले. लेकिन खास बात ये रही है कि तेज गिरावट लेकर खुलने के कुछ ही मिनटों में रिकवरी भी जोरदार देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ करीब 500 अंक फिसल गया, लेकिन कुछ देर में ही गिरावट की रफ्तार धीमी पड़ गई. कुछ ऐसा ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स के साथ ही देखने को मिला है।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,346 की तुलना में गिरकर 73,935 पर खुला और फिर अचानक फिसलकर 73,807 के लेवल पर आ गया. हालांकि गिरावट की तेज रफ्तार कुछ ही देर बाद धीमी पड़ गई और ये 30 शेयरों वाला इंडेस्क 200 अंक के आसपास फिसलकर कारोबार करता हुआ नजर आया।  NSE Nifty की बात करें, तो ये पिछले बंद 23,405 के मुकाबले गिरावट लेकर 23,282 पर ओपन हुआ और फिसलते हुए कुछ ही मिनटों में 23,247 तक चला गया. इसके बाद इसमें भी सुधार आया और खबर लिखे जाने तक 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स सिर्फ 80 अंक फिसलकर 23,322 पर ट्रेड कर रहा था।  शुरुआती कारोबार में निफ्टी पर Coal India, Adani Enterprises, Grasim, ONGC, Adani Ports तेज बढ़त के साथ ओपन हुए, तो वहीं Infosys, HCL Tech, Cipla, Eicher Motors और M&M के शेयरों ने रेड जोन में कारोबार की शुरुआत की।  बुधवार को ऐसा था बाजार का हाल  बीते कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर मार्केट में भारी उथल-पुथल देखने को मिली थी. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 74,649 की तुलना में गिरकर 74,507 पर खुला था और फिर देखते ही देखते क्रैश (Sensex Crash) होकर 73,492 के लेवल पर आ गया था. हालांकि, अंत में ये तेज रिकवरी के साथ 303 अंक फिसलकर 74,346 पर क्लोज हुआ था।  पहले ही मिले थे गिरावट के संकेत  भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही मिल रहे थे. जहां Gift Nifty 200 अंक फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं तमाम एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया था. जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) करीब 1500 अंक, हांगकांग का हैंगसेंग (HangSeng) करीब 400 अंक और साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स (KOSPI) 170 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।  इन शेयरों से बाजार को सपोर्ट  शुरुआती तेज गिरावट से उबारने में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों का रोल रहा, जिन्होंने मार्केट को सपोर्ट दिया. इनमें बीएसई लार्जकैप में शामिल Eternal Share (2%), Titan Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप में Voltas Share (5%), Dixon Share (2%), Suzlon Share (1.90%) की तेजी में नजर आए। 

अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, Sensex 1100 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

मुंबई  बाजार बंद के दौरान,शुक्रवार को अचानक स्‍टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई. सेंसेक्‍स-निफ्टी सभी इंडेक्‍स दबाव में रहे. दोपहर 3 बजे निफ्टी करीब 400 अंक टूटकर 23,500 पर पहुंच गया. वहीं सेंसेक्‍स 1150 अंक टूटकर 74,800 के ऊपर था. सबसे ज्‍यादा दबाव मिडकैप और स्‍मॉलकैप में दिखाई दिया, जहां सबसे ज्‍यादा मुनाफावसूली हुई।  BSE टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 4 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे थे, बाकी सभी 26 शेयर बिखर गए हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट इंडिगो, टाटा स्‍टील और पावरग्रिड जैसे शेयरों में आई है।  हालांकि कारोबार बंद होने तक, निफ्टी 360 अंक या 1.50 फीसदी गिरकर 23,547 पर था और सेंसेक्‍स 1092 अंक या 1.45 फीसदी गिरकर 74775 पर था. बैंक निफ्टी में भी 600 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट आई।  5.56 लाख करोड़ का नुकसान बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देखें तो बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 470.75 लाख करोड़ रुपये था, जो आज 5.56 लाख करोड़ रुपये गिरकर 45.19 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. इसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्‍यूवेशन 5.56 लाख करोड़ कम हुई है।  क्‍यों गिरा शेयर बाजार?  अमेरिका ईरान जंग: अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है. रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान गुरुवार को अपने युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज से होकर गुजरने वाले जहाजों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं, हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं किया है, और ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है कि इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।  वीआईएक्‍स में तेजी: इंडिया VIX में तगड़ी बढ़ोतरी हो गई है, जो 6% बढ़कर 15.91 पर पहुंच गया है. यह एक बड़े गिरावट का संकेत देता है।  FII की सेलिंग: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं. सबसे जयादा बिकवाली साल 2026 में देखी जा रही है, जो अभी तक 2.20 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की है. बुधवार को 1040 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए थे।  मुनाफावसूली: सबसे बड़ा कारण दो दिनों की छुट्टी के कारण बाजार में अचानक से मुनाफावसूली मानी जा रही है. ग्‍लोबल इम्‍पैक्‍ट के कारण गिरावट के साथ ज्‍यादातर सेक्‍टर में बिकवाली देखने को मिली. ऑटो से लेकर फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 2 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि, आईटी और कंज्‍यूमर गूड्स ने थोड़ा सपोर्ट देने का प्रयास किया, लेकिन यह बड़ी गिरावट को रोकने में नाकाम रहे।  मानसून देरी से आने का अनुमान  बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह मानी जा रही है, वह मानसून के देरी से आने का अनुमान है. देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी की लहरें जारी रहने के बावजूद, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूर्वानुमान को दीर्घकालिक औसत के 92% से घटाकर 90% कर दिया, जो इस बात का संकेत है कि जून से सितंबर के दौरान भारत में सामान्य से कम वर्षा होने का खतरा है।  हैवीवेट शेयरों में बड़ी गिरावट मार्केट में हैबीवेटज रखने वाले स्‍टॉक रिलायंस के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट रही. टीसीएस में भी 1 फीसदी से ज्‍यादा गिरावट रही. बजाज फाइनेंस के शेयर 2.45 फीसदी, सन फार्मा के शेयर 2 फीसदी और पावरग्रिड के शेयर 4 फीसदी तक गिरे, जिसने सेंसेक्‍स को बड़ी गिरावट में बड़ा योगदान दिया। 

कच्चे तेल में गिरावट का बाजार पर असर, Sensex 76,220 के पार; Nifty भी 24,000 के ऊपर

मुंबई पश्चिम एशिया से आ रही सकारात्मक खबरों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम विस्तार के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखा जा रहा है. घरेलू संस्थागत निवेशकों और वैश्विक संकेतों के दम पर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं।  सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 352 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,220 के इंट्राडे हाई (उच्चतम स्तर) पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 100 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 24,002 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर तनाव कम होता है, तो बाजार को और अधिक मजबूती मिल सकती है।  आईटी और फार्मा सेक्टर में जोरदार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में देखी जा रही है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा टेलीकॉम, हेल्थकेयर, फार्मा (दवा), और पीएसयू (सरकारी) बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने अच्छी रुचि दिखाई है. रियल्टी, मीडिया और मेटल (धातु) से जुड़े इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।  दूसरी ओर, प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली के दबाव के कारण केमिकल्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के शेयर लगभग सपाट स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।  शीर्ष पर रहने वाले और घाटे वाले शेयर निफ्टी के शीर्ष घाटे वाले शेयरों में प्रमुख रूप से भारती एयरटेल, ओएनजीसी (ONGC), आयशर मोटर्स, बीईएल (BEL) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) शामिल रहे, जिनमें शुरुआती दौर में मुनाफावसूली देखी गई।  कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए सबसे बड़ी राहत है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.24 प्रतिशत गिरकर $91.55 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ $87.37 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. कच्चा तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होगा और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।  वैश्विक बाजारों का हाल एशियाई बाजारों में आज चौतरफा तेजी का माहौल रहा. जापान का निक्केई (Nikkei) 2 प्रतिशत से अधिक उछला, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 3 प्रतिशत तक की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इससे पहले अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) भी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई थी। 

Gift Nifty के संकेत ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता, क्या भारतीय बाजार में आने वाली है बड़ी गिरावट?

नई दिल्ली  भारत का शेयर बाजार शुक्रवार 29 मई को भारी दबाव के साथ खुल सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जिसने पूरी दुनिया के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) फ्यूचर्स करीब 2% टूटकर 23,580 के स्तर पर पहुंच गया, जो इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग देखने को मिल सकती है। गुरुवार को बकरीद के कारण घरेलू शेयर बाजार बंद था, लेकिन वैश्विक बाजारों में आई तेज हलचल का असर अब शुक्रवार को भारतीय बाजार पर दिखाई देने की संभावना है। दरअसल, हालात तब और बिगड़ गए, जब अमेरिका ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर ताजा हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री रास्तों के आसपास तनाव काफी बढ़ गया है। कुवैत में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों ने निवेशकों को डरा दिया है। यही वजह है कि पूरी दुनिया के बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है। इस तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3% से ज्यादा उछलकर करीब 97 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 91 डॉलर के ऊपर चला गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि महंगा कच्चा तेल महंगाई बढ़ा सकता है और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। यही कारण है कि निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है। एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.4% गिरा, दक्षिण कोरिया का KOSPI 1% टूटा और जापान का निक्केई भी लाल निशान में बंद हुआ। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय बाजार ने बुधवार को अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स 142 अंक गिरकर 75,868 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मामूली 7 अंक टूटकर 23,907 पर बंद हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि India VIX यानी बाजार का डर सूचकांक 6% गिरा, जिससे यह संकेत मिला कि अभी घबराहट पूरी तरह हावी नहीं हुई है। लेकिन अब ताजा भू-राजनीतिक घटनाओं के बाद बाजार का मूड बदल सकता है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल निफ्टी के लिए 23,835–23,922 का स्तर बेहद अहम रहेगा। अगर बाजार इस दायरे के नीचे फिसलता है, तो कमजोरी और बढ़ सकती है। वहीं, अगर निफ्टी इन स्तरों के ऊपर टिकता है, तो आने वाले दिनों में 24,200–24,300 तक की तेजी भी संभव है। अब निवेशकों की नजर पूरी तरह मिडिल-ईस्ट (Middle East) के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेंगी। अगर अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।

नई जंग के डर से शेयर बाजार धराशायी, ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स में भारी गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ. खुलते के साथ ही शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपन होने के कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 280 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग पर नजर डालें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,237 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 74,807 के लेवल पर खुला था और अगले पांच मिनट में ही ये भारी गिरावट के साथ फिसलते हुए 907 अंक टूट गया और 74,330 के लेवल पर आ गया और कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करने लगा. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,643 की तुलना में गिरकर पहले 23,482 पर खुला और फिर अचानक इसमें गिरावट भी तेज होती चली गई. शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होने के पांच मिनट बाद ही ये इंडेक्स भी 280 अंक टूटकर 23,361 पर कारोबार करता नजर आया।  ये बड़े शेयर बिखर गए  शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल Tata Steel Share (3.75%), PowerGrid Share (3.50%), Maruti Share (2.40%), Trent Share (2.25%), SBI Share (2.05%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Eternal, Titan, Adani Ports जैसे स्टॉक्स भी करीब 2 फीसदी की गिरावट में थे।  US-Iran में नई जंग की आहट से डर शेयर मार्केट के क्रैश होने के पीछे के कारण की बात करें, तो इनमें सबसे बड़ा अमेरिका और ईरान के बीच नई जंग की आहट को माना जा सकता है. दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि, 'ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेज भाग रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा. वक्त बहुत कीमती है।  ट्रंप की धमकी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है. सोमवार को खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत तेजी से उछाल भरती नजर आई. Brent Crude Oil Price 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी का उछाल आया है और ये 3.034 डॉलर पर पहुंच गई हैं।  विदेशों से मिल रहे थे रेड सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के सिग्नल पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां Gift Nify 195 अंक फिसलकर 23,550 पर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एशियाई मार्केट्स में भी भूचाल देखने को मिला था. Japan Nikkei करीब 600 अंक फिसलकर, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 385 अंक, ब्रिटेन का मार्केट FTSE-100 भी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (510 अंक), तो CAC (150 अंक) की गिरावट में कारोबार कर रहा था।   (नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, निवेशकों के लिए अहम होगा आने वाला सप्ताह

नई दिल्ली  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Outlook) के लिए अगला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई की चाल और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल निर्धारित करेंगे। आने वाले सत्रों में निवेशकों की निगाहें अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर होंगी। दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। वहीं, ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नया प्लान पेश करने वाला है। दूसरी तरफ अमेरिका भी ईरान के लेकर आक्रामक बना हुआ है। कच्चे तेल पर निवेशकों की निगाहें बनी हुई हैं। तेल के दाम उछले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री के बयानों के बाद शुक्रवार को तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों और जब्ती को रोकने के लिए संभावित समझौते की उम्मीदें कमजोर हो गई हैं। इस सप्ताह के दौरान, ईरान-अमेरिका संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के चलते ब्रेंट क्रूड में 7.84 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि डब्ल्यूटीआई में 10.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विदेशी निवेशक भी खफा विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अहम होने वाले हैं। एफआईआई ने इस महीने में अब तक (16 मई तक) 27,177 करोड़ रुपए की बिकवाली की है। वहीं, 2026 में अब तक 2,31,486 करोड़ रुपए सेकेंडरी इक्विटी बाजार से निकाल चुके हैं। वहीं, प्राइमरी बाजार के माध्यम से वर्ष के दौरान कुल निवेश 12,468 करोड़ रुपए रहा है। इस वर्ष एफपीआई द्वारा की गई कुल बिक्री पिछले वर्ष दर्ज की गई कुल निकासी को पार कर चुकी है। दूसरी तरफ घरेलू आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। 21 मई को एचएसबीसी पीएमआई का डेटा जारी होगा। वहीं, 22 मई को बैंक लोन, बैंक डिपॉजिट और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे आंकड़े जारी होंगे। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता नुकसान वाला रहा। कैसा रहा पिछला हफ्ता? पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,090 अंक या 2.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,237 और निफ्टी 532 अंक या 2.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,643 पर बंद हुआ। इस दौरान सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी 8.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप गेनर था। निफ्टी आईटी 5.71 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 4.71 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 4.36 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 4.16 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 4.12 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 3 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा 2.18 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 2.17 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 1.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।  

बाजार में भारी गिरावट: पीएम के बयान के बाद निवेशकों को बड़ा झटका, इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 2 दिन में जो बयान दिए हैं उनसे मार्केट में भयानक बिकवाली का दौर जारी हो गया है. 2 दिन में सेंसेक्स लगभग 2400 पॉइंट लुढ़क गया है. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 1.92 परसेंट या 1456 पॉइंट गिरकर 74559 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 436 पॉइंट या 1.83 फीसदी गिरकर 23379 पर बंद हुआ. पीएम मोदी ने रविवार और फिर सोमवार को भारत के लोगों से अपील की थी कि वे 1 साल तक सोना न खरीदें. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी संकट के दौर से गुजर रहा है और लोग अगर एकजुट होकर इसका मुकाबला करें तो इस मुसीबत से पार पा लेंगे। हालांकि, यह गिरावट सिर्फ पीएम के बयान की वजह से ही नहीं आई है. इसके पीछे कुछ और कारण भी हैं. इनमें पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव का माहौल बनना, रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतें और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली भी शामिल हैं। सोमवार के बाद मंगलवार को भारतीय भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2% तक लुढ़क गए। रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने, तेल की चढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बेरुखी से बाजार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। सेंसेक्स 1,456 अंक से अधिक गिरकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक से अधिक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 4% बढ़कर 19.26 हो गया। इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, जिससे यह घटकर 457 लाख करोड़ रुपये गया।

Gold रिकॉर्ड स्तर पर, शेयर बाजार क्रैश… PM मोदी ने पेट्रोल-डीजल को लेकर कही बड़ी बात

मुंबई शेयर बाजार में मंगलवार को भी तेज गिरावट देखने को मिली है. मार्केट के दोनों इंडेक्स सोमवार को क्रैश होने के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भी धड़ाम नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 160 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, Tech Mahindra, TCS समेत अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली। मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील के बाद लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में डर देखने को मिला. PM Modi ने 24 घंटे में अपनी इस अपील को दोहराया भी। बिखरते चले गए सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,015 के लेवल से तेज गिरावट लेकर 75,688 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही देर में इसकी गिरावट और तेज होती चली गई. महज 5 मिनट के कारोबार के दौरान ही BSE Sensex 723 अंक से ज्यादा टूटकर 75,291 के लेवल पर लुढ़क गया। न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी रेड जोन में खुलने के साथ देखते ही देखते बिखर गया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,815 की तुलना में गिरकर 23,722 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,633 तक फिसल गया। IT कंपनियों के शेयर क्रैश शेयर मार्केट में तेज गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नुकसान में आईटी कंपनियां नजर आईं. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल TCS Share (3.61%), Infosys Share (3.30%), Tech Mahindra Share (2.80%), HCL Tech Share (2.30%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो मिडकैप में शामिल UPL Share (4.10%), Hindustan petroleum Share (3.60%), Coforge Share (3%) गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इस डर का PM Modi कनेक्शन! शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट आने के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे ज्यादा खौफ पीएम मोदी द्वारा रविवार को की गई अपील का माना जा सकता है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने के लिए कहा था. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट युद्ध और होर्मुज टेंशन का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की सेविंग करने का आग्रह किया था। PM Narendra Modi ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारे पड़ोस में जंग चल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें। सिर्फ यही एक कारण नहीं है Stock Market Crash होने का, बल्कि अमेरिका और ईरान में तनातनी के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में दिख रहा है. Brent Crude Oil Price 105 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है और महंगाई के जोखिम ने शेयर बाजार पर दबाव बनाया है।