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बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 76,015, निफ्टी 360 अंक नीचे

मुंबई  घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 23,900 के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर और निफ्टी 360.30  अंक टूटकर 23,815.85 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें 1. कच्चे तेल में तेज उछाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने से वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया। इसके बाद ब्रेंट क्रूड करीब 4% उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। 2. रुपए पर दबाव तेल महंगा होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय रुपया भी दबाव में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI को रुपए को संभालने के लिए बाजार में दखल देना पड़ा। 3. गोल्ड और एविएशन शेयरों में भारी गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। इसके बाद ज्वैलरी और एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। Titan Company, Kalyan Jewellers और InterGlobe Aviation जैसे शेयर दबाव में रहे। 4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ते तेल दाम, कमजोर रुपया और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। 5. इंडिया VIX में उछाल बाजार की घबराहट मापने वाला India VIX करीब 12% बढ़कर 18.82 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है।

मार्केट क्रैश का डर: मोदी की अपील के बाद सोना-पेट्रोल की बढ़ी चिंता, शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई  सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बाजार खुलते ही बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस गिरावट ने कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए। बाजार के इस खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं, जिन्होंने मंदी की गाड़ी में फ्यूल भरने का काम किया है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि अब कहानी सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि घरेलू मोर्चे पर आए पीएम मोदी के बयान ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1000 पॉइंट यानी 1 पर्सेंट से ज्यादा टूटकर 76,364 के लेवल पर आ गया। वहीं निफ्टी भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,896 के निचले स्तर तक पहुंच गया। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 पर्सेंट तक की गिरावट देखी गई। इस गिरावट की वजह से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 473.5 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। बाजार में इस कदर बिकवाली हुई कि छोटे और बड़े हर तरह के निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी बाजार के गिरने की पहली बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का विफल होना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है, जिससे युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस अनिश्चितता की वजह से कच्चे तेल की कीमतें पिछले दो महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है, जिसका सीधा असर देश की इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयानों ने भी आग में घी डालने का काम किया है। पीएम मोदी की बचत वाली अपील का असर बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार ग्लोबल कारणों से ज्यादा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'किफायत' वाली अपील का पड़ा है। पीएम मोदी ने रविवार को भारतीयों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने का आग्रह किया था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, पीएम की इस अपील ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है। लोगों से खर्च कम करने की बात कहने का मतलब है कि आने वाले समय में कंपनियों की कमाई और देश की इकोनॉमी पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। इन सेक्टर्स पर पड़ी सबसे ज्यादा मार पीएम मोदी की इस अपील का सबसे बुरा असर ज्वेलरी कंपनियों पर पड़ा है। टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, सेनको गोल्ड और पीसी ज्वेलर जैसे शेयरों में भारी गिरावट देखी गई क्योंकि लोगों को डर है कि सोने की डिमांड कम हो जाएगी। इसके अलावा मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस जैसी गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखा। इतना ही नहीं, पीएम द्वारा विदेशी दौरों से बचने की सलाह देने के बाद थॉमस कुक और ईजी ट्रिप प्लानर्स जैसी ट्रेवल कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। बाजार को डर है कि अगर लोग कम खर्च करेंगे, तो कॉर्पोरेट अर्निंग्स यानी कंपनियों के मुनाफे पर इसका सीधा असर होगा। निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान सबसे बड़ा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 473.5 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी बाजार खुलने के कुछ ही समय में निवेशकों के लगभग 4 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। अब सवाल है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आ गई? इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इसे देखते हुए पीएम मोदी ने भी गोल्ड और पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों से अपील की है। अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हो रही सुलह दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच बातचीत से हालात सुधर सकते हैं। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर बातचीत पूरी तरह विफल होती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है। इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है। पीएम मोदी की अपील मिडिल ईस्ट संकट से दुनियाभर में एनर्जी की कीमतें आसमान पर हैं। इससे भारत का आयात घाटा लगातार बढ़ रहा है और रुपया गिर रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल को बचाने की अपील की है। पीएम ने कहा कि हमारे पड़ोस मे जंग जल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।

नया कारोबारी हफ्ता: विदेशी निवेश और महंगाई आंकड़ों पर टिकी नजरें

नई दिल्ली  सोमवार 11 मई से शेयर बाजार का नया कारोबारी हफ्ता शुरू होगा। विश्लेषकों के अनुसार आगामी हफ्ते में शेयर बाजार की दिशा (Stock Market Outlook for Next Week) अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों का कहना है कि रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बाजार इस सप्ताह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा और निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगा। कच्चे तेल पर रहेगी नजर पोनमुडी ने कहा कि ब्रेंट कच्चे तेल के दाम बाजार की दिशा तय करने वाला एक अहम कारक रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम करने की दिशा में प्रगति होती है तो जोखिम वाले निवेश माध्यमों में राहत भरी तेजी देखी जा सकती है। वहीं तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।’’ एक अन्य विशेषज्ञ के मुताबिक इस सप्ताह महंगाई के आंकड़े भी आने हैं जो बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इस बीच, केनरा बैंक, टाटा पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियां सप्ताह के दौरान अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। और कौन-से फैक्टर्स रहेंगे अहम? मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे और बाजार व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है। खेमका ने कहा कि भारत के अप्रैल महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे, जबकि अमेरिका के सीपीआई और पीपीआई आंकड़े फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। कैसा रहा पिछला हफ्ता? बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफआईआई) ने भी भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। इस महीने अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजारों से 14,231 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। साथ ही चौथी तिमाही के नतीजों का अंतिम चरण शेयर और क्षेत्र आधारित गतिविधियों को प्रभावित करेगा।  

निफ्टी के लिए 23,500–25,000 का अहम रेंज, एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और वैश्विक राजनीतिक हलचलों के बीच शुक्रवार 8 मई को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स 516 अंक गिरकर 77,328 पर और निफ्टी 151 अंक फिसलकर 24,176 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस अस्थिरता के बावजूद आनंद राठी (Anand Rathi) के टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर गणेश डोंगरे का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, बाजार अब 'Buy-on-Dips' यानी हर गिरावट पर खरीदारी के मोड में है। सोमवार 11 मई 2026 के लिए उन्होंने तीन ऐसे शेयरों को चुना है जो निवेशकों को अच्छा मुनाफा दे सकते हैं। अगले हफ्ते के लिए बाजार का आउटलुक मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गणेश डोंगरे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,500–23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा, जबकि 24,800–25,000 की रेंज में बड़ी रुकावट (Resistance) देखी जा सकती है। अगर निफ्टी 24,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यह जल्द ही 25,300 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,500–55,000 का स्तर अहम सपोर्ट है। एक्सपर्ट की टॉप 3 पिक्स (Top Picks for Monday) सोमवार के लिए गणेश डोंगरे ने इन तीन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। 1- एमक्योर फार्मा (Emcure Pharmaceuticals):- खरीदें:- ₹1640 – ₹1660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹1730 स्टॉप लॉस:- ₹1615 2- केफिन टेक (Kfin Technologies):- खरीदें:- ₹910 – ₹920 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹980 स्टॉप लॉस:- ₹890 3- मझगांव डॉक (Mazagon Dock Shipbuilders):- खरीदें:- ₹2640 – ₹2660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹2750 स्टॉप लॉस:- ₹2580 निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। बाजार में किसी भी बड़ी खबर से उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकता है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करें और स्टॉप लॉस (Stop Loss) का सख्ती से पालन करें। अनुशासन के साथ निवेश करना ही मौजूदा बाजार में मुनाफे की कुंजी है।

शेयर बाजार में तूफान: क्रूड 6% फिसला, सेंसेक्स 1000 अंक उछला

मुंबई   देश भर के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच शेयर बाजार में आज (4 मई) जो हफ्ते का पहला ट्रेडिंग दिन है. तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की बढ़त के साथ 77,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी लगभग 300 अंकों की बढ़त हुई है. यह 24,250 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है।  सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में बढ़त देखने को मिल रही है, जबकि 7 में गिरावट दर्ज की जा रही है. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 4% तक की बढ़त देखी जा रही है. इस बीच, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. ऑटो, FMCG, मेटल, फार्मा, पब्लिक सेक्टर बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में लगभग 2% तक की बढ़त देखने को मिल रही है।  लेकिन शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक न सकी,  दोपहर 12 बजे तक बाजार की रफ्तार कमजोर पड़ गई. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. बाजार में कमजोरी की वजह वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई थी. निवेशक लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए थे।  लेकिन दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाजार का मूड बदल गया. AXIOS की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर लगभग सहमत हो गए हैं. इस खबर का असर सीधे क्रूड ऑयल पर दिखाई दिया।  कच्चे तेल यानी क्रूड का भाव करीब 3 फीसदी टूट गया. क्रूड की कीमतों में गिरावट आते ही भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई. क्योंकि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सस्ता क्रूड बड़ी राहत माना जाता है. इससे महंगाई कम होने, कंपनियों की लागत घटने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।  सेंसेक्स 941 अंक उछलकर 77,959 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 के पार पहुंच गया. सबसे ज्यादा दम बैंकिंग शेयरों में दिखा।  बैंक निफ्टी 1,434 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 55,981 पर बंद हुआ. भारती एयरटेल, फाइनेंशियल शेयर और एमएंडएम ने बाजार को ऊपर की ओर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।  तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में जान फूंक दी. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. इसका असर ऑयल कंपनियों पर साफ दिखा. डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों में तेजी आई, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों में दबाव दिखा।  मिडकैप शेयरों में तो मानो त्योहार जैसा माहौल रहा. कोफोर्ज शानदार तिमाही नतीजों के बाद 10% उछल गया. वॉकहार्ट में लगातार दूसरे दिन जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 13% चढ़ गया. फर्स्टसोर्स 12% और अरविंद फैशंस 10% उछले।  निफ्टी में इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़ा स्टार रहा. शेयर 6% से ज्यादा भागा. वहीं, एलएंडटी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे, जिससे शेयर 1% से ज्यादा टूट गया।  एसआरएफ 8% चढ़ा, जबकि हीरो मोटोकॉर्प में मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद तेजी दिखी. दूसरी तरफ एक्साइड इंडस्ट्रीज पर बढ़ती कमोडिटी लागत का दबाव दिखा और शेयर 2% से ज्यादा फिसल गया।  एनएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 3:1 पर रहा, यानी हर गिरने वाले शेयर के मुकाबले तीन शेयर चढ़े. इससे साफ है कि आज की तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल था।  निफ्टी की दिनभर की चाल: कब आई गिरावट और कब बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह 9:00 बजे: प्रीओपन में निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की. इंडेक्स करीब 24,171 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में ही 24,200 के ऊपर निकल गया. बाजार में शुरुआती उत्साह दिखा।  सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक: बाजार में धीरे-धीेरे मुनाफावसूली हावी हुई. निफ्टी लगातार दबाव में रहा और इंडेक्स फिसलकर 24,100 के नीचे पहुंच गया. ट्रेडर्स सतर्क नजर आए।  दोपहर 1:00 बजे: बाजार ने दिन का निचला स्तर छुआ. निफ्टी करीब 23,998 तक फिसल गया. इस दौरान बाजार में हल्की घबराहट दिखी, लेकिन बड़ी बिकवाली नहीं आई।  दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक: निचले स्तरों से खरीदारी शुरू हुई. धीरे-धीरे निफ्टी ने रिकवरी पकड़ी और 24,100 के ऊपर वापस पहुंच गया।  दिनभर हाल एक मिनट में जानिए दोपहर 2:30 बजे: बाजार में अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी ने जोरदार उछाल के साथ 24,250 का स्तर पार कर लिया. बैंकिंग और बड़े शेयरों में तेजी बढ़ी।  दोपहर 3:00 बजे के बाद: निफ्टी ने दिन का उच्च स्तर करीब 24,356 छुआ. बाजार में बुल्स पूरी तरह हावी दिखे.बाजार बंद होने के समय: निफ्टी 24,330.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 298 अंकों यानी 1.24 फीसदी की मजबूत तेजी दर्ज हुई। 

चुनावी नतीजों के बाद शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स में 900 अंक की बढ़त

मुंबई   मजबूत ग्लोबल सेंटिमेंट और पश्चिम बंगाल (West Bengal Election Result, 2026) सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बीचआज बाजार रफ्तार में है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में BJP की जीत की उम्मीद को बाजार घरेलू पॉलिटिकल डायनेमिक्स के हिसाब से एक पॉजिटिव संकेत मान रहा है। इसके चलते Sensex जहां, 900 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 77,910.75 पार चला गया है। वहीं, निफ्टी करीब 300 अंक के उछाल के साथ 24,290.20 तक पहुंच गया है। शुरुआती गैप-अप के बाद से ही बाजार में तेजी बरकरार है, जिससे साफ है कि ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और खरीदारी का दायरा बढ़ रहा है। गैप अप हुई ओपनिंग आज घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पॉजिटिव लेकिन सतर्कता के साथ हुई है। Sensex जहां 343.77 अंकों की बढ़त के साथ 77,257.27 पर खुला, वहीं Nifty 66 अंकों की तेजी के साथ 24,063.55 पर ओपन हुआ है। हालांकि, आज ग्लोबल संकेत पॉजिटिव हैं। लेकिन, पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के चुनाव नतीजों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, ओवरऑल अब भी क्रूड और यूएस-ईरान युद्ध ही बाजार के प्रमुख ड्राइविंग फैक्टर बने हुए हैं। ब्रॉड मार्केट में चौतरफा खरीदारी ब्रॉड मार्केट में आज मजबूती का व्यापक संकेत दिखा, जहां Nifty 500 करीब 0.44% और Nifty 200 0.40% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। खास बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में ज्यादा तेजी दिखी, जहां Nifty Midcap 100 लगभग 0.75% और Nifty Smallcap 100 करीब 0.78% ऊपर हैं। यह संकेत देता है कि बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है और निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ ब्रॉड-बेस्ड खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि India VIX में उछाल (करीब 5.8%) यह भी दिखाता है कि वोलैटिलिटी अभी बनी हुई है। सेक्टोरल मार्केट में IT, Auto में तेजी सेक्टोरल इंडेक्स में आज मिलाजुला लेकिन पॉजिटिव रुख देखने को मिला, जहां Nifty IT (0.86%), Nifty Auto (0.83%) और Nifty Realty (0.87%) ने बाजार को सपोर्ट दिया। इसके अलावा FMCG, मेटल और फार्मा सेक्टर में भी हल्की खरीदारी देखने को मिली। हालांकि बैंकिंग स्पेस में कमजोरी दिखी, जहां Nifty Private Bank हल्की गिरावट में रहा और Nifty Bank में सीमित बढ़त दर्ज हुई। इससे साफ है कि बाजार की तेजी फिलहाल सेक्टर-विशिष्ट है, जिसमें IT और रियल्टी जैसे सेक्टर लीड कर रहे हैं, जबकि बैंकिंग अभी भी दबाव में है। निवेशकों की संपत्ति में ₹6 लाख करोड़ का इजाफा निफ्टी मिडकैप 150 और स्मॉलकैप 250 में भी 1-1% से ज्यादा का उछाल देखा गया. इस शानदार रैली के कारण निवेशकों की संपत्ति में एक ही सत्र में लगभग ₹6 लाख करोड़ का इजाफा हुआ, जिससे बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹463 लाख करोड़ से बढ़कर ₹469 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के रुझान जैसे-जैसे साफ होंगे, बाजार  में हलचल और तेज होने की उम्मीद है।  रियल्टी और आईटी शेयरों में बंपर तेजी सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में रियल्टी और आईटी शेयरों में खरीदारी देखी गई.निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी टॉप गेनर था. निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फार्मा के साथ करीब सभी इंडेक्स हरे निशान में थे।  विदेशों से मिले थे अच्छे संकेत  भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत से पहले ही विदेशों से सेंसेक्स निफ्टी के लिए अच्छे संकेत मिल रहे थे, ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी ग्रीन जोन में नजर आया।  सभी सेक्टर ग्रीन-ग्रीन  शेयर बाजार में तेजी के बीच लगभग सभी सेक्टर ग्रीन जोन में नजर आए. निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल्स और निफ्टी पीएसयू बैंक में तेजी के साथ कोराबार हो रहा था।  दिग्गज कंपनियों के शेयर दौड़े शेयर बाजार में तेजी के बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल Maruti Share (4.10%), HUL Share (3.95%), LT Share (2.50%), Asian Paints Share (2.40%), Adani Ports Share (2.35%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं बैंकिंग शेयरों में भी उछाल देखने को मिला. Axis Bank Share (1.80%), HDFC Bank Share (1.60%) और SBI Share (1.30%) की तेजी में नजर आया। 

शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 609 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,177 पर बंद

मुंबई   बुधवार (29 अप्रैल) को शेयर बाजार में दिनभर तेजी का माहौल रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,056 अंक उछला, वहीं निफ्टी 24,329.30 के स्तर पर था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 609.45 अंक की तेजी के साथ 77,496.36 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 181.95 अंक की बढ़त के साथ 24,177.65 के स्तर पर बंद हुआ।    शेयर बाजार में तेजी के कारण…. कच्चे तेल की कीमत में गिरावट वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की नरमी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 0.21% की गिरावट के साथ 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है, व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलती है और रुपए पर दबाव भी कम होता है। साथ ही ट्रांसपोर्ट, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की लागत भी घटती है। ग्लोबल मार्केट्स का हाल एशियाई बाजारों में मजबूती का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिला है। हेंग सेंग, कोस्पी, सेट कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में बढ़त रही, जबकि निक्केई 225 और ताइवान वेटेड में गिरावट दर्ज हुई। अमेरिकी बाजार मंगलवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया है। विदेशी निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 2,103.74 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,712.01 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही।  

US-ईरान वार्ता में अड़चन, शेयर बाजार में सुस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी कमजोर

मुंबई  शेयर मार्केट (Share Market) में मंगलवार को सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर से लेकर होर्मुज स्ट्रेट खोलने तक पर बात अटकी है और इसे लेकर सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) भी कन्फ्यूज नजर आए हैं. विदेशी शेयर बाजारों से मिले निगेटिव सिग्नल ने भी भारतीय स्टॉक मार्केट पर दबाव बढ़ाया है. इन सबके बीच दोनों इंडेक्स कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करते दिखे।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही पहले 200 अंक से ज्यादा फिसल गया, फिर अचानक ग्रीन जोन में ट्रेड करता नजर आया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स भी सेंसेक्स की तरह ही ओपनिंग के साथ फिसला और फिर अचानक ग्रीन जोन में आ गया. इस सुस्ती के बीच SBI, IndiGo, Adani Power जैसे शेयर धड़ाम दिखाई दिए।  ऐसी रही सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत के साथ बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 77,303.63 की तुलना में गिरावट के साथ 77,094 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर अचानक फिसलकर 76,973.54 के लेवल पर आ गया. कुछ देर गिरावट में कारोबार करने के बाद इसने ग्रीन जोन में छलांग लगाई और BSE Sensex 77,335 पर ट्रेड करता दिखा और फिर अगले ही पल टूट भी गया।  NSE Nifty की चाल पर नजर डालें, तो ये भी सेंसेक्स की तरह ही बदली-बदली नजर आई. अपने सोमवार के बंद 24,092 की तुलना में ये इंडेक्स फिसलकर 24,049 पर खुला था और फिर मिनटों में ये फिसलकर 23,999 के लेवल पर आ गया. हालांकि, 24 हजार के नीचे फिसलने के बाद अचानक ये मामूली रिकवरी लिए हुए भी दिखाई दिया।  गिरावट में कारोबार कर रहे ये शेयर  शेयर बाजार में सुस्ती के बीच Eternal, IndiGo, SBI जैसे लार्जकैप स्टॉक गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. वहीं मिडकैप में शामिल Phoenix, TIIndia, Laurus Labs और IDFC First Bank जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली. बीएसई की स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों पर नजर दौड़ाएं, तो KIMS Share, Wockpharma Share, APAR India Share के साथ ही FSL Stock फिसले हुए नजर आए।  इन कारणों से बाजार पर दबाव शेयर बाजार पर दबाव के प्रमुख कारणों की बात करें, तो अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर सेंसेक्स-निफ्टी पर भी है. दोनों देशों के बीच न तो सीजफायर को लेकर और न ही होर्मुज खोलने को लेकर कोई सहमति बन पा रही है. Hormuz Strait को लेकर ईरान का प्रपोजल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रास नहीं आ रहा है, दूसरी ओर क्रूड की कीमतों में उछाल ने टेंशन बढ़ाने का काम किया है। 

नर्चर वेल इंडस्ट्रीज बना मल्टीबैगर स्टॉक, 5 साल में 24970% रिटर्न

नई दिल्ली शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक हैं जिन्होंने लॉन्ग टर्म में निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। ऐसा ही एक स्टॉक-नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड है। इस स्टॉक की कीमत पांच साल पहले 14 पैसे थी, जो अब 35 रुपये के स्तर पर है। इस पांच साल की अवधि में शेयर ने 24970% से अधिक का रिटर्न दिया है। रकम के हिसाब से इस रिटर्न की बात करें तो अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले एक लाख रुपये निवेश किया था तो अब उसकी रकम लगभग 2.50 करोड़ रुपये हो गई होगी। शेयर का परफॉर्मेंस नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर की बात करें तो 34.08 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब ढाई पर्सेंट चढ़कर 34.90 रुपये पर पहुंच गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर 35.69 रुपये पर पहुंच गया। 17 फरवरी 2026 को शेयर 46 रुपये पर था, जो 52 हफ्ते का हाई भी है। सिंतबर 2025 में शेयर 17 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। बता दें कि नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने साल 2024 में स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू का ऐलान किया था। स्प्लिट के तहत एक शेयर को 10 टुकड़ों में बांटा गया था तो एक शेयर के बदले एक बोनस शेयर मिलेगा। शेयरहोल्डिंग पैटर्न FY26 की मार्च तिमाही में नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रमोटर की हिस्सेदारी 53.81 प्रतिशत पर स्थिर रही। विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs की हिस्सेदारी साल-दर-साल (YoY) 4.25 प्रतिशत से गिरकर 0.18 प्रतिशत रह गई जबकि घरेलू निवशकों यानी DIIs की हिस्सेदारी 0.07 प्रतिशत पर बनी रही। पब्लिक शेयरहोल्डिंग 41.86 प्रतिशत से बढ़कर 45.94 प्रतिशत हो गई, जो कंपनी में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है। हाल ही में नर्चर वेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने बोर्ड की बैठक में बड़े बदलाव की घोषणा की। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अनिल कुमार ने व्यक्तिगत व्यस्तताओं के कारण अपना इस्तीफा दे दिया है, जो 20 अप्रैल 2026 को कारोबार समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया। उनके स्थान पर बोर्ड ने नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिश पर शीतल सोनी को 21 अप्रैल 2026 से कंपनी की नई CFO नियुक्त कर दिया है। यह जानकारी सेबी (LODR) रेगुलेशन 30 के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है। कैसे रहे तिमाही नतीजे FY26 की दिसंबर तिमाही में परिचालन से राजस्व 1.04 प्रतिशत बढ़कर 290 करोड़ रुपये हो गया और परिचालन मार्जिन आधार पर 11 प्रतिशत पर स्थिर रहा। इसके साथ ही, नेट प्रॉफिट 31 करोड़ रुपये हो गया। EPS (प्रति शेयर आय) में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि होकर यह 1.06 रुपये हो गया।

शेयर बाजार में ₹3 लाख करोड़ की गिरावट, अंत तक नहीं संभला, जानिए इसके कारण

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को दिनभर गिरावट जारी रही. खुलने के साथ ही क्रैश हुआ शेयर बाजार (Stock Market Crash), अंत तक संभल नहीं सकता. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 852 अंक फिसलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 205 अंक का गोता लगाकर क्लोजिंग की. बाजार के भूचाल में Tata की ट्रेंट लिमिटेड के शेयर समेत Infosys, M&M से लेकर Tech Mahindra, HDFC Bank तक तेज गिरावट लेकर बंद हुए।  शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच मार्केट इन्वेस्टर्स को तगड़ा घाटा हुआ है और उनके करीब 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए. शेयर मार्केट में ये लगातार दूसरा दिन है, जबकि सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।  सेंसेक्स-निफ्टी दिनभर टूटते रहे   BSE Sensex ने गुरुवार को शेयर बाजार में ट्रेडिंग स्टार्ट होने पर अपने पिछले बंद 78,516 की तुलना में फिसलकर 77,983 के लेवल पर शुरुआत की और इसके बाद ये गिरावट लगातार बढ़ती चली गई. बाजार में कारोबार खत्म होने पर 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स 852.49 अंक फिसलकर 77,664 के लेवल पर क्लोज हुआ।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी गिरावट के साथ रेड जोन में ओपन होने के बाद अंत तक लाल निशान पर ही कारोबार करता रहा. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने बुधवार के बंद 24,378 की तुलना में टूटकर 24,202 के स्तर पर खुला था और इसने 205 अंक की गिरावट के साथ 24,173.05 पर क्लोजिंग की।  निवेशकों को हो गया इतना घाटा  सेंसेक्स-निफ्टी के फिसलने के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बुरी तरह बिखरे हुए नजर आए. इस गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप (BSE Mcap) गिरकर 4,66,35,326 करोड़ रुपये पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन क्लोजिंग के समय 4,69,36,824 दर्ज किया गया था. इस हिसाब से देखें, तो शेयर मार्केट में निवेश करने वालों को एक ही दिन में 3,01,498 करोड़ रुपये का झटका लगा है।  सबसे ज्यादा बिखरे ये 10 शेयर  Share Market में मची भगदड़ के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (4.21%), M&M Share (3.30%), Bajaj Finserv Share (2.93%), Tech Mahindra Share (2.90%), Infosys Share (2.04%), HDFC Bank Share (1.93%) की गिरावट लेकर बंद हुए. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (4.61%), Dixon Share (3.65%) और MFSL Share (2.35%) फिसलकर बंद हुआ. स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा IIFL Share (10.12%) टूटकर बंद हुआ।  शेयर मार्केट में गिरावट के बड़े कारण स्टॉक मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो अमेरिका-ईरान में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनातनी के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर से उछाल आना शुरू हो गया है, जिससे महंगाई का जोखिम गहरा गया है. गुरुवार को Brent Crude Oil Price 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।  इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले निगेटिव सिग्नल ने भी भारतीय शेयर मार्केट के सेंटीमेंट को खराब करने में बड़ी भूमिका निभाई. शुरुआत से ही Japan Nikkei, Honkong HangSeng, South Korea KOSPI इंडेक्स समेत गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) रेड जोन में कारोबार करते दिखे थे।