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नई जंग के डर से शेयर बाजार धराशायी, ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स में भारी गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ. खुलते के साथ ही शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपन होने के कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 280 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग पर नजर डालें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,237 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 74,807 के लेवल पर खुला था और अगले पांच मिनट में ही ये भारी गिरावट के साथ फिसलते हुए 907 अंक टूट गया और 74,330 के लेवल पर आ गया और कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करने लगा. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,643 की तुलना में गिरकर पहले 23,482 पर खुला और फिर अचानक इसमें गिरावट भी तेज होती चली गई. शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होने के पांच मिनट बाद ही ये इंडेक्स भी 280 अंक टूटकर 23,361 पर कारोबार करता नजर आया।  ये बड़े शेयर बिखर गए  शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल Tata Steel Share (3.75%), PowerGrid Share (3.50%), Maruti Share (2.40%), Trent Share (2.25%), SBI Share (2.05%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Eternal, Titan, Adani Ports जैसे स्टॉक्स भी करीब 2 फीसदी की गिरावट में थे।  US-Iran में नई जंग की आहट से डर शेयर मार्केट के क्रैश होने के पीछे के कारण की बात करें, तो इनमें सबसे बड़ा अमेरिका और ईरान के बीच नई जंग की आहट को माना जा सकता है. दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि, 'ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेज भाग रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा. वक्त बहुत कीमती है।  ट्रंप की धमकी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है. सोमवार को खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत तेजी से उछाल भरती नजर आई. Brent Crude Oil Price 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी का उछाल आया है और ये 3.034 डॉलर पर पहुंच गई हैं।  विदेशों से मिल रहे थे रेड सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के सिग्नल पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां Gift Nify 195 अंक फिसलकर 23,550 पर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एशियाई मार्केट्स में भी भूचाल देखने को मिला था. Japan Nikkei करीब 600 अंक फिसलकर, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 385 अंक, ब्रिटेन का मार्केट FTSE-100 भी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (510 अंक), तो CAC (150 अंक) की गिरावट में कारोबार कर रहा था।   (नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, निवेशकों के लिए अहम होगा आने वाला सप्ताह

नई दिल्ली  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Outlook) के लिए अगला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई की चाल और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल निर्धारित करेंगे। आने वाले सत्रों में निवेशकों की निगाहें अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर होंगी। दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। वहीं, ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नया प्लान पेश करने वाला है। दूसरी तरफ अमेरिका भी ईरान के लेकर आक्रामक बना हुआ है। कच्चे तेल पर निवेशकों की निगाहें बनी हुई हैं। तेल के दाम उछले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री के बयानों के बाद शुक्रवार को तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों और जब्ती को रोकने के लिए संभावित समझौते की उम्मीदें कमजोर हो गई हैं। इस सप्ताह के दौरान, ईरान-अमेरिका संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के चलते ब्रेंट क्रूड में 7.84 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि डब्ल्यूटीआई में 10.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विदेशी निवेशक भी खफा विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अहम होने वाले हैं। एफआईआई ने इस महीने में अब तक (16 मई तक) 27,177 करोड़ रुपए की बिकवाली की है। वहीं, 2026 में अब तक 2,31,486 करोड़ रुपए सेकेंडरी इक्विटी बाजार से निकाल चुके हैं। वहीं, प्राइमरी बाजार के माध्यम से वर्ष के दौरान कुल निवेश 12,468 करोड़ रुपए रहा है। इस वर्ष एफपीआई द्वारा की गई कुल बिक्री पिछले वर्ष दर्ज की गई कुल निकासी को पार कर चुकी है। दूसरी तरफ घरेलू आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। 21 मई को एचएसबीसी पीएमआई का डेटा जारी होगा। वहीं, 22 मई को बैंक लोन, बैंक डिपॉजिट और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे आंकड़े जारी होंगे। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता नुकसान वाला रहा। कैसा रहा पिछला हफ्ता? पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,090 अंक या 2.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,237 और निफ्टी 532 अंक या 2.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,643 पर बंद हुआ। इस दौरान सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी 8.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप गेनर था। निफ्टी आईटी 5.71 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 4.71 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 4.36 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 4.16 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 4.12 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 3 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा 2.18 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 2.17 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 1.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।  

बाजार में भारी गिरावट: पीएम के बयान के बाद निवेशकों को बड़ा झटका, इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 2 दिन में जो बयान दिए हैं उनसे मार्केट में भयानक बिकवाली का दौर जारी हो गया है. 2 दिन में सेंसेक्स लगभग 2400 पॉइंट लुढ़क गया है. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 1.92 परसेंट या 1456 पॉइंट गिरकर 74559 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 436 पॉइंट या 1.83 फीसदी गिरकर 23379 पर बंद हुआ. पीएम मोदी ने रविवार और फिर सोमवार को भारत के लोगों से अपील की थी कि वे 1 साल तक सोना न खरीदें. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी संकट के दौर से गुजर रहा है और लोग अगर एकजुट होकर इसका मुकाबला करें तो इस मुसीबत से पार पा लेंगे। हालांकि, यह गिरावट सिर्फ पीएम के बयान की वजह से ही नहीं आई है. इसके पीछे कुछ और कारण भी हैं. इनमें पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव का माहौल बनना, रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतें और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली भी शामिल हैं। सोमवार के बाद मंगलवार को भारतीय भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2% तक लुढ़क गए। रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने, तेल की चढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बेरुखी से बाजार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। सेंसेक्स 1,456 अंक से अधिक गिरकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक से अधिक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 4% बढ़कर 19.26 हो गया। इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, जिससे यह घटकर 457 लाख करोड़ रुपये गया।

Gold रिकॉर्ड स्तर पर, शेयर बाजार क्रैश… PM मोदी ने पेट्रोल-डीजल को लेकर कही बड़ी बात

मुंबई शेयर बाजार में मंगलवार को भी तेज गिरावट देखने को मिली है. मार्केट के दोनों इंडेक्स सोमवार को क्रैश होने के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भी धड़ाम नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 160 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, Tech Mahindra, TCS समेत अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली। मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील के बाद लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में डर देखने को मिला. PM Modi ने 24 घंटे में अपनी इस अपील को दोहराया भी। बिखरते चले गए सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,015 के लेवल से तेज गिरावट लेकर 75,688 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही देर में इसकी गिरावट और तेज होती चली गई. महज 5 मिनट के कारोबार के दौरान ही BSE Sensex 723 अंक से ज्यादा टूटकर 75,291 के लेवल पर लुढ़क गया। न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी रेड जोन में खुलने के साथ देखते ही देखते बिखर गया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,815 की तुलना में गिरकर 23,722 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,633 तक फिसल गया। IT कंपनियों के शेयर क्रैश शेयर मार्केट में तेज गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नुकसान में आईटी कंपनियां नजर आईं. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल TCS Share (3.61%), Infosys Share (3.30%), Tech Mahindra Share (2.80%), HCL Tech Share (2.30%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो मिडकैप में शामिल UPL Share (4.10%), Hindustan petroleum Share (3.60%), Coforge Share (3%) गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इस डर का PM Modi कनेक्शन! शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट आने के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे ज्यादा खौफ पीएम मोदी द्वारा रविवार को की गई अपील का माना जा सकता है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने के लिए कहा था. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट युद्ध और होर्मुज टेंशन का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की सेविंग करने का आग्रह किया था। PM Narendra Modi ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारे पड़ोस में जंग चल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें। सिर्फ यही एक कारण नहीं है Stock Market Crash होने का, बल्कि अमेरिका और ईरान में तनातनी के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में दिख रहा है. Brent Crude Oil Price 105 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है और महंगाई के जोखिम ने शेयर बाजार पर दबाव बनाया है।

बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 76,015, निफ्टी 360 अंक नीचे

मुंबई  घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 23,900 के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर और निफ्टी 360.30  अंक टूटकर 23,815.85 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें 1. कच्चे तेल में तेज उछाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने से वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया। इसके बाद ब्रेंट क्रूड करीब 4% उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। 2. रुपए पर दबाव तेल महंगा होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय रुपया भी दबाव में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI को रुपए को संभालने के लिए बाजार में दखल देना पड़ा। 3. गोल्ड और एविएशन शेयरों में भारी गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। इसके बाद ज्वैलरी और एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। Titan Company, Kalyan Jewellers और InterGlobe Aviation जैसे शेयर दबाव में रहे। 4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ते तेल दाम, कमजोर रुपया और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। 5. इंडिया VIX में उछाल बाजार की घबराहट मापने वाला India VIX करीब 12% बढ़कर 18.82 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है।

मार्केट क्रैश का डर: मोदी की अपील के बाद सोना-पेट्रोल की बढ़ी चिंता, शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई  सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बाजार खुलते ही बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस गिरावट ने कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए। बाजार के इस खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं, जिन्होंने मंदी की गाड़ी में फ्यूल भरने का काम किया है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि अब कहानी सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि घरेलू मोर्चे पर आए पीएम मोदी के बयान ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1000 पॉइंट यानी 1 पर्सेंट से ज्यादा टूटकर 76,364 के लेवल पर आ गया। वहीं निफ्टी भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,896 के निचले स्तर तक पहुंच गया। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 पर्सेंट तक की गिरावट देखी गई। इस गिरावट की वजह से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 473.5 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। बाजार में इस कदर बिकवाली हुई कि छोटे और बड़े हर तरह के निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी बाजार के गिरने की पहली बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का विफल होना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है, जिससे युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस अनिश्चितता की वजह से कच्चे तेल की कीमतें पिछले दो महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है, जिसका सीधा असर देश की इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयानों ने भी आग में घी डालने का काम किया है। पीएम मोदी की बचत वाली अपील का असर बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार ग्लोबल कारणों से ज्यादा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'किफायत' वाली अपील का पड़ा है। पीएम मोदी ने रविवार को भारतीयों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने का आग्रह किया था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, पीएम की इस अपील ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है। लोगों से खर्च कम करने की बात कहने का मतलब है कि आने वाले समय में कंपनियों की कमाई और देश की इकोनॉमी पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। इन सेक्टर्स पर पड़ी सबसे ज्यादा मार पीएम मोदी की इस अपील का सबसे बुरा असर ज्वेलरी कंपनियों पर पड़ा है। टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, सेनको गोल्ड और पीसी ज्वेलर जैसे शेयरों में भारी गिरावट देखी गई क्योंकि लोगों को डर है कि सोने की डिमांड कम हो जाएगी। इसके अलावा मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस जैसी गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखा। इतना ही नहीं, पीएम द्वारा विदेशी दौरों से बचने की सलाह देने के बाद थॉमस कुक और ईजी ट्रिप प्लानर्स जैसी ट्रेवल कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। बाजार को डर है कि अगर लोग कम खर्च करेंगे, तो कॉर्पोरेट अर्निंग्स यानी कंपनियों के मुनाफे पर इसका सीधा असर होगा। निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान सबसे बड़ा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 473.5 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी बाजार खुलने के कुछ ही समय में निवेशकों के लगभग 4 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। अब सवाल है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आ गई? इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इसे देखते हुए पीएम मोदी ने भी गोल्ड और पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों से अपील की है। अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हो रही सुलह दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच बातचीत से हालात सुधर सकते हैं। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर बातचीत पूरी तरह विफल होती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है। इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है। पीएम मोदी की अपील मिडिल ईस्ट संकट से दुनियाभर में एनर्जी की कीमतें आसमान पर हैं। इससे भारत का आयात घाटा लगातार बढ़ रहा है और रुपया गिर रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल को बचाने की अपील की है। पीएम ने कहा कि हमारे पड़ोस मे जंग जल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।

नया कारोबारी हफ्ता: विदेशी निवेश और महंगाई आंकड़ों पर टिकी नजरें

नई दिल्ली  सोमवार 11 मई से शेयर बाजार का नया कारोबारी हफ्ता शुरू होगा। विश्लेषकों के अनुसार आगामी हफ्ते में शेयर बाजार की दिशा (Stock Market Outlook for Next Week) अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों का कहना है कि रुपये-डॉलर की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बाजार इस सप्ताह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा और निवेशकों का ध्यान अमेरिका-ईरान से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगा। कच्चे तेल पर रहेगी नजर पोनमुडी ने कहा कि ब्रेंट कच्चे तेल के दाम बाजार की दिशा तय करने वाला एक अहम कारक रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं या तनाव कम करने की दिशा में प्रगति होती है तो जोखिम वाले निवेश माध्यमों में राहत भरी तेजी देखी जा सकती है। वहीं तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।’’ एक अन्य विशेषज्ञ के मुताबिक इस सप्ताह महंगाई के आंकड़े भी आने हैं जो बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इस बीच, केनरा बैंक, टाटा पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियां सप्ताह के दौरान अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। और कौन-से फैक्टर्स रहेंगे अहम? मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार निकट भविष्य में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे और बाजार व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है। खेमका ने कहा कि भारत के अप्रैल महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे, जबकि अमेरिका के सीपीआई और पीपीआई आंकड़े फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक जोखिम धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। कैसा रहा पिछला हफ्ता? बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफआईआई) ने भी भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। इस महीने अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजारों से 14,231 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। साथ ही चौथी तिमाही के नतीजों का अंतिम चरण शेयर और क्षेत्र आधारित गतिविधियों को प्रभावित करेगा।  

निफ्टी के लिए 23,500–25,000 का अहम रेंज, एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और वैश्विक राजनीतिक हलचलों के बीच शुक्रवार 8 मई को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स 516 अंक गिरकर 77,328 पर और निफ्टी 151 अंक फिसलकर 24,176 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस अस्थिरता के बावजूद आनंद राठी (Anand Rathi) के टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर गणेश डोंगरे का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, बाजार अब 'Buy-on-Dips' यानी हर गिरावट पर खरीदारी के मोड में है। सोमवार 11 मई 2026 के लिए उन्होंने तीन ऐसे शेयरों को चुना है जो निवेशकों को अच्छा मुनाफा दे सकते हैं। अगले हफ्ते के लिए बाजार का आउटलुक मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गणेश डोंगरे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,500–23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा, जबकि 24,800–25,000 की रेंज में बड़ी रुकावट (Resistance) देखी जा सकती है। अगर निफ्टी 24,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यह जल्द ही 25,300 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,500–55,000 का स्तर अहम सपोर्ट है। एक्सपर्ट की टॉप 3 पिक्स (Top Picks for Monday) सोमवार के लिए गणेश डोंगरे ने इन तीन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। 1- एमक्योर फार्मा (Emcure Pharmaceuticals):- खरीदें:- ₹1640 – ₹1660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹1730 स्टॉप लॉस:- ₹1615 2- केफिन टेक (Kfin Technologies):- खरीदें:- ₹910 – ₹920 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹980 स्टॉप लॉस:- ₹890 3- मझगांव डॉक (Mazagon Dock Shipbuilders):- खरीदें:- ₹2640 – ₹2660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹2750 स्टॉप लॉस:- ₹2580 निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। बाजार में किसी भी बड़ी खबर से उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकता है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करें और स्टॉप लॉस (Stop Loss) का सख्ती से पालन करें। अनुशासन के साथ निवेश करना ही मौजूदा बाजार में मुनाफे की कुंजी है।

शेयर बाजार में तूफान: क्रूड 6% फिसला, सेंसेक्स 1000 अंक उछला

मुंबई   देश भर के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच शेयर बाजार में आज (4 मई) जो हफ्ते का पहला ट्रेडिंग दिन है. तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की बढ़त के साथ 77,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी लगभग 300 अंकों की बढ़त हुई है. यह 24,250 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है।  सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में बढ़त देखने को मिल रही है, जबकि 7 में गिरावट दर्ज की जा रही है. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 4% तक की बढ़त देखी जा रही है. इस बीच, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. ऑटो, FMCG, मेटल, फार्मा, पब्लिक सेक्टर बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में लगभग 2% तक की बढ़त देखने को मिल रही है।  लेकिन शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक न सकी,  दोपहर 12 बजे तक बाजार की रफ्तार कमजोर पड़ गई. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. बाजार में कमजोरी की वजह वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई थी. निवेशक लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए थे।  लेकिन दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाजार का मूड बदल गया. AXIOS की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर लगभग सहमत हो गए हैं. इस खबर का असर सीधे क्रूड ऑयल पर दिखाई दिया।  कच्चे तेल यानी क्रूड का भाव करीब 3 फीसदी टूट गया. क्रूड की कीमतों में गिरावट आते ही भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई. क्योंकि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सस्ता क्रूड बड़ी राहत माना जाता है. इससे महंगाई कम होने, कंपनियों की लागत घटने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।  सेंसेक्स 941 अंक उछलकर 77,959 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 के पार पहुंच गया. सबसे ज्यादा दम बैंकिंग शेयरों में दिखा।  बैंक निफ्टी 1,434 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 55,981 पर बंद हुआ. भारती एयरटेल, फाइनेंशियल शेयर और एमएंडएम ने बाजार को ऊपर की ओर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।  तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में जान फूंक दी. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. इसका असर ऑयल कंपनियों पर साफ दिखा. डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों में तेजी आई, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों में दबाव दिखा।  मिडकैप शेयरों में तो मानो त्योहार जैसा माहौल रहा. कोफोर्ज शानदार तिमाही नतीजों के बाद 10% उछल गया. वॉकहार्ट में लगातार दूसरे दिन जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 13% चढ़ गया. फर्स्टसोर्स 12% और अरविंद फैशंस 10% उछले।  निफ्टी में इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़ा स्टार रहा. शेयर 6% से ज्यादा भागा. वहीं, एलएंडटी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे, जिससे शेयर 1% से ज्यादा टूट गया।  एसआरएफ 8% चढ़ा, जबकि हीरो मोटोकॉर्प में मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद तेजी दिखी. दूसरी तरफ एक्साइड इंडस्ट्रीज पर बढ़ती कमोडिटी लागत का दबाव दिखा और शेयर 2% से ज्यादा फिसल गया।  एनएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 3:1 पर रहा, यानी हर गिरने वाले शेयर के मुकाबले तीन शेयर चढ़े. इससे साफ है कि आज की तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल था।  निफ्टी की दिनभर की चाल: कब आई गिरावट और कब बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह 9:00 बजे: प्रीओपन में निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की. इंडेक्स करीब 24,171 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में ही 24,200 के ऊपर निकल गया. बाजार में शुरुआती उत्साह दिखा।  सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक: बाजार में धीरे-धीेरे मुनाफावसूली हावी हुई. निफ्टी लगातार दबाव में रहा और इंडेक्स फिसलकर 24,100 के नीचे पहुंच गया. ट्रेडर्स सतर्क नजर आए।  दोपहर 1:00 बजे: बाजार ने दिन का निचला स्तर छुआ. निफ्टी करीब 23,998 तक फिसल गया. इस दौरान बाजार में हल्की घबराहट दिखी, लेकिन बड़ी बिकवाली नहीं आई।  दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक: निचले स्तरों से खरीदारी शुरू हुई. धीरे-धीरे निफ्टी ने रिकवरी पकड़ी और 24,100 के ऊपर वापस पहुंच गया।  दिनभर हाल एक मिनट में जानिए दोपहर 2:30 बजे: बाजार में अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी ने जोरदार उछाल के साथ 24,250 का स्तर पार कर लिया. बैंकिंग और बड़े शेयरों में तेजी बढ़ी।  दोपहर 3:00 बजे के बाद: निफ्टी ने दिन का उच्च स्तर करीब 24,356 छुआ. बाजार में बुल्स पूरी तरह हावी दिखे.बाजार बंद होने के समय: निफ्टी 24,330.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 298 अंकों यानी 1.24 फीसदी की मजबूत तेजी दर्ज हुई। 

चुनावी नतीजों के बाद शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स में 900 अंक की बढ़त

मुंबई   मजबूत ग्लोबल सेंटिमेंट और पश्चिम बंगाल (West Bengal Election Result, 2026) सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बीचआज बाजार रफ्तार में है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में BJP की जीत की उम्मीद को बाजार घरेलू पॉलिटिकल डायनेमिक्स के हिसाब से एक पॉजिटिव संकेत मान रहा है। इसके चलते Sensex जहां, 900 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 77,910.75 पार चला गया है। वहीं, निफ्टी करीब 300 अंक के उछाल के साथ 24,290.20 तक पहुंच गया है। शुरुआती गैप-अप के बाद से ही बाजार में तेजी बरकरार है, जिससे साफ है कि ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और खरीदारी का दायरा बढ़ रहा है। गैप अप हुई ओपनिंग आज घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत पॉजिटिव लेकिन सतर्कता के साथ हुई है। Sensex जहां 343.77 अंकों की बढ़त के साथ 77,257.27 पर खुला, वहीं Nifty 66 अंकों की तेजी के साथ 24,063.55 पर ओपन हुआ है। हालांकि, आज ग्लोबल संकेत पॉजिटिव हैं। लेकिन, पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के चुनाव नतीजों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। हालांकि, ओवरऑल अब भी क्रूड और यूएस-ईरान युद्ध ही बाजार के प्रमुख ड्राइविंग फैक्टर बने हुए हैं। ब्रॉड मार्केट में चौतरफा खरीदारी ब्रॉड मार्केट में आज मजबूती का व्यापक संकेत दिखा, जहां Nifty 500 करीब 0.44% और Nifty 200 0.40% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। खास बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में ज्यादा तेजी दिखी, जहां Nifty Midcap 100 लगभग 0.75% और Nifty Smallcap 100 करीब 0.78% ऊपर हैं। यह संकेत देता है कि बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है और निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ ब्रॉड-बेस्ड खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि India VIX में उछाल (करीब 5.8%) यह भी दिखाता है कि वोलैटिलिटी अभी बनी हुई है। सेक्टोरल मार्केट में IT, Auto में तेजी सेक्टोरल इंडेक्स में आज मिलाजुला लेकिन पॉजिटिव रुख देखने को मिला, जहां Nifty IT (0.86%), Nifty Auto (0.83%) और Nifty Realty (0.87%) ने बाजार को सपोर्ट दिया। इसके अलावा FMCG, मेटल और फार्मा सेक्टर में भी हल्की खरीदारी देखने को मिली। हालांकि बैंकिंग स्पेस में कमजोरी दिखी, जहां Nifty Private Bank हल्की गिरावट में रहा और Nifty Bank में सीमित बढ़त दर्ज हुई। इससे साफ है कि बाजार की तेजी फिलहाल सेक्टर-विशिष्ट है, जिसमें IT और रियल्टी जैसे सेक्टर लीड कर रहे हैं, जबकि बैंकिंग अभी भी दबाव में है। निवेशकों की संपत्ति में ₹6 लाख करोड़ का इजाफा निफ्टी मिडकैप 150 और स्मॉलकैप 250 में भी 1-1% से ज्यादा का उछाल देखा गया. इस शानदार रैली के कारण निवेशकों की संपत्ति में एक ही सत्र में लगभग ₹6 लाख करोड़ का इजाफा हुआ, जिससे बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹463 लाख करोड़ से बढ़कर ₹469 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के रुझान जैसे-जैसे साफ होंगे, बाजार  में हलचल और तेज होने की उम्मीद है।  रियल्टी और आईटी शेयरों में बंपर तेजी सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में रियल्टी और आईटी शेयरों में खरीदारी देखी गई.निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी टॉप गेनर था. निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फार्मा के साथ करीब सभी इंडेक्स हरे निशान में थे।  विदेशों से मिले थे अच्छे संकेत  भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत से पहले ही विदेशों से सेंसेक्स निफ्टी के लिए अच्छे संकेत मिल रहे थे, ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी ग्रीन जोन में नजर आया।  सभी सेक्टर ग्रीन-ग्रीन  शेयर बाजार में तेजी के बीच लगभग सभी सेक्टर ग्रीन जोन में नजर आए. निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल्स और निफ्टी पीएसयू बैंक में तेजी के साथ कोराबार हो रहा था।  दिग्गज कंपनियों के शेयर दौड़े शेयर बाजार में तेजी के बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल Maruti Share (4.10%), HUL Share (3.95%), LT Share (2.50%), Asian Paints Share (2.40%), Adani Ports Share (2.35%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं बैंकिंग शेयरों में भी उछाल देखने को मिला. Axis Bank Share (1.80%), HDFC Bank Share (1.60%) और SBI Share (1.30%) की तेजी में नजर आया।