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सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का कारण: US से जापान तक आर्थिक भूचाल, क्रूड $100 तक पहुंचा

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ, भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले ओपनिंग के साथ ही 800 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 200 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान में टेंशन के साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतों में आए उछाल ने एक बार फिर बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है. विदेशों से भी सेंसेक्स-निफ्टी के लिए रेड सिग्नल मिल रहे थे।  सेंसेक्स ने लगाया तगड़ा गोता  BSE Sensex ने गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने के साथ अपने पिछले बंद 78,516 की तुलना में फिसलकर 77,983 के लेवल पर शुरुआत की. इसके कुछ ही मिनटों में इंडेक्स की गिरावट तेज होती चली गई और सेंसेक्स 823 अंक फिसलकर 77,693 पर कारोबार करता नजर आया।  न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी ऐसी ही चाल के साथ आगे बढ़ता दिखा. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,378 की तुलना में गिरावट लेकर 24,202 के स्तर पर खुला और फिर फिसलते हुए 24,134 के लेवल पर आ गया।  विदेशों से मिल रहे थे खराब सिग्नल  कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते पहले से ही शेयर बाजार में गिरावट की आशंका जताई जा रही थी. बीते कारोबारी दिन जहां अमेरिका शेयर मार्केट रेड जोन में बंद हुए थे, तो वहीं गुरुवार को खुलने के साथ ही एशियाई बाजार बिखरे हुए नजर आए थे।  जापान का निक्केई इंडेक्स खुलने के साथ ही फिसल गया और खबर लिखे जाने तक 650 अंक की गिरावट लेकर 58,952 पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 300 अंक की गिरावट लेकर 25,889 पर कारोबार करता नजर आ रहा था. अन्य एशियाई शेयर बाजारों में साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 1 फीसदी फिसला था।  Crude Price से सहमा बाजार  शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे का एक बड़ा कारण अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक आया बड़ा उछाल भी है, जिसने न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के शेयर बाजारों का सेंटीमेंट खराब किया है।  दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार निकल गई है. Brent Crude Price करीब 8 फीसदी उछलकर 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था।  सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 1095 शेयरों की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई थी और निफ्टी पर इंटरग्लोब एविएशन, SBI लाइफ इंश्योरेंस, एशियन पेंट्स, M&M के शेयर तगड़ी गिरावट में नजर आए थे।  खबर लिखे जाने तक Tech Mahindra Share (2.60%), M&M Share (2.20%), Eternal Share (2.15%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (3.10%), Dixon Tech Share (2%) की गिरावट में नजर आया।  US से जापान तक भूचाल विदेशों से मिल रहे हैं. दरअसल, अमेरिका से लेकर जापान तक दुनियाभर के शेयर बाजारों में भूचाल देखने को मिल रहा है. US Stock Market बुधवार को रेड जोन में बंद हुए, तो एशियाई बाजारों में से अधिकतर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।  Japan Nikkei 600 अंक से ज्यादा, जबकि Hongkong HangSeng करीब 300 अंक टूटा दिखाई दे रहा है. इस बीत भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी गिरावट में ट्रेड कर रहा है, जो सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का संकेत दे रहा है।  गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन बुधवार को शेयर बाजार में दिनभर गिरावट देखने को मिली थी. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,273 की तुलना में 756 अंकों की गिरावट लेकर 78,516 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी दिनभर टूटने के बाद अंत में 198 अंक फिसलकर 24,378 पर बंद हुआ था।  Gift Nifty दे रहा ये संकेत  जहां एशियाई शेयर बाजार भारतीय शेयर बाजार में भगदड़ के संकेत दे रहे हैं, तो वहीं गिफ्ट निफ्टी से भी रेड सिग्नल मिल रहे हैं. दरअसल, Gift Nifty ओपनिंग के साथ ही गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. खबर लिखे जाने तक भारतीय शेयर मार्केट के लिए संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी 170 अंक की गिरावट में कारोबार कर रहा था।  क्रूड की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन  अमेरिका और ईरान युद्ध में भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों में अभी भी टेंशन बरकरार है. ईरान होर्मुज खोलने को तैयार नहीं, तो अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी है. इस टेंशन के चलते कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल देखने को मिला है और Brent Crude Price 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. इससे शेयर बाजारों में दबाव बढ़ा है। 

सेंसेक्स में गिरावट: होर्मुज संकट, क्रूड के उछाल और IT शेयरों का संकट, 755 अंक की गिरावट

मुंबई  शेयर मार्केट में जारी तूफानी तेजी पर ब्रेक लग गया है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी इंडेक्स तेज गिरावट के साथ ओपन हुआ. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान में मचे घमासान और क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आए उछाल ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में फिर हलचल और खौफ बढ़ा दिया है।  भारत की बात करें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 300 अंक की गिरावट के साथ ओपन हुआ और कुछ देर में ये 755 अंक से ज्यादा टूट गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty करीब 200 अंक की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा. इस गिरावट के बीच टेक कंपनियों के शेयर क्रैश (IT-Tech Stock Crash) नजर आए. HCT Tech Share तो खुलने के साथ ही करीब 10 फीसदी टूट गया।  खराब शुरुआत, फिर बिखरे इंडेक्स  Share Market में बुधवार को कारोबार की शुरुआत खराब रही और कुछ देर में ही गिरावट तेज हो गई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,273 की तुलना में 79,019 पर ओपन हुआ और फिर अचानक कुछ मिनटों में ही 755 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 78,518 के लेवल पर कारोबार करने लगा।   सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी की भी शुरुआत खराब रही और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,576 की तुलना में गिरावट के साथ 24,470 पर खुला. इसके बाद NSE Nifty भी तेजी से फिसलता चला गया और करीब 200 अंक की गिरावट लेकर 24,352 पर ट्रेड करता दिखा।  Tech Share खुलते ही क्रैश  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी और टेक कंपनियों के शेयर बुरी तरह क्रैश नजर आए. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share खुलते ही 10 फीसदी के आसपास टूट गया. इसके अलावा Infosys Share (3%), Tech Mahindra Share (2.50%), TCS Share (2.10%) तक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।  बाजार क्रैश होने के बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में मची तबाही के पीछे के कारणों के बारे में, तो मिडिल ईस्ट युद्ध की टेंशन फिर हाई पर है, डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर अड़े हुए हैं और ईरान दूसरी ओर से लगातार धमकियां दे रहा है. इसके चलते क्रूड की कीमतों में फिर से उबाल आने लगा है. इसका असर एशियाई बाजारों में उथल-पुथल के तौर पर देखने को मिला और विदेशों से मिले निगेटिव सिग्नल के चलते सेंसेक्स-निफ्टी भी बिखर गए।  ये शेयर भी धराशायी आईटी-टेक शेयरों के अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स की बात करें, तो ICICI Bank Share (2%), BEL Share (1.50%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप में शामिल Coforge Share (2.70%), MPhasis Share (1.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था। 

शेयर बाजार में तेज उछाल, अमेरिका से आई खबर ने किया असर, वॉर का डर खत्म

मुंबई  मंगलवार को शेयर बाजार (Stock Market) में मंगल ही मंगल नजर आ रहा है. ओपनिंग के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी जोरदार तेजी पकड़े हुए नजर आया. मिडिल ईस्ट में टेंशन फिर से बढ़ने के बाद भी बाजार बमबम है और इसके पीछे भारत-अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर आया बड़ा अपडेट माना जा सकता है, जिससे US-Iran War का खौफ धुआं-धुआं हो गया है. शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports से लेकर IndiGo तक के शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी उछाल  बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स मंगलवार को अपने पिछले कारोबारी बंद 78,520 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ओपन हुआ और 78,617 पर खुला. इसके बाद कुछ ही मिनट के कारोबार के दौरान Sensex 79 हजार का आंकड़ा पार कर गया और 500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 79,032 पर ट्रेड करता दिखा।  दूसरी ओर एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखाई दिया है. अपने पिछले बंद 24,364 की तुलना में इसकी ओपनिंग भी तेजी के साथ 24,374 पर हुई और फिर करीब 150 अंक की तगड़ी उछाल के साथ ही Nifty भी 24,500 का आंकड़ा पार कर गया।  शेयर बाजार में ये रैली ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी चरम पर है और दूसरे दौर की शांति वार्ता पर भी संकट मंडरा रहा है।  इस रैली की ये बड़ी वजह  बात करें, शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे के बड़े कारण के बारे में, तो अमेरिका से आई एक खबर को माना जा सकता है. दरअसल, India-US Trade Deal का नया दौर शुरू हो रहा है. 20 अप्रैल से शुरू हुई चर्चा के तहत बड़े बदलाव की उम्‍मीद जताई जा रही है।  खासकर टैरिफ को लेकर फिर से बातचीत हो सकती है, क्‍योंकि अमेरिका कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. इस चर्चा में मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के लीडरशिप में करीब एक दर्जन भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है, जिसका असर भी बाजार पर दिखा है।  इन शेयरों में दिखी तेजी  शेयर मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल AsianPaints Share (2%), Axis Bank Share (2%), Adani Ports Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल AU Bank Share (4%), Godrej Properties Share (2.50%), Phoenix Share (2.10%), Voltas Share (1.70%) की तेजी में दिखे. Paytm, Dixon, Zentech, Suzlon जैसे शेयर भी तेजी में कारोबार करते हुए नजर आए। 

शेयर बाजार में बड़ा बदलाव, आज 71 हजार करोड़ का स्वाहा, आगे क्या होने वाला है?

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता से पहले शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अब खबर है कि अमेरिका ने ईरानी जहाज पर कब्‍जा जमाया है. इस बीच, होर्मुज को लेकर टेंशन बनी हुई है. अमेरिका का कहना है कि अभी नाकबंदी जारी है, जबकि ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके कंट्रोल में है।  वहीं शुक्रवार रात में खबर आई थी कि होर्मुज को खोल दिया गया है, जिसके बाद अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी. भारतीय बाजार में भी तेजी का संकेत दिख रहा था. गिफ्ट निफ्टी सोमवार को 400 अंक ऊपर खुलने का संकेत दे रहा था, लेकिन फिर शनिवार को फिर से होर्मुज के बंद होने की खबर के बाद शेयर बाजार का गेम पूरी तरह पलट गया।  इन्‍हीं सभी चीजों को लेकर भारतीय शेयर बाजार में काफी उठा-पटक रही, लेकिन अंत तक यह ग्रीन जोन में क्‍लोज हुआ.सेक्‍टर वाइज बात करें तो आईटी और रियल्‍टी सेक्‍टर में काफी दाव देखने को मिला, दूसरी ओर ऑटो और पीएसयू बैंक ने मार्केट को ऊपर लाने की काफी कोशिश की, लेकिन मिड और स्‍माल कैप के शेयरों में भारी बिकवाली रही।  इन सभी चीजों के बीच ओवरऑल BSE पर लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गया यानी निवेशकों की रकम 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गई. कारोबार बंद होने तक सेंसेक्‍स 26.7 अंक या 0.03 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 78,520.30 और निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 फीसदी की तेजी के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 18 शेयरों में गिरावट रही. 12 शेयर मामूली तेजी पर बंद हुए. टाटा ट्रेंट जैसे शेयर 3 फीसदी से ज्‍यादा तेजी पर रहे. वहीं एल एंड टी के शेयर में 1 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट रही।  क्‍यों आई शेयर बाजार में गिरावट?      होर्मुज रुकावट के बाद तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई संबंधी समस्‍याएं बढ़ गईं, जिस कारण मार्केट का सेंटिमेंट बदल गया. ब्रेंट क्रूड 95-98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा.      भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच वैश्विक संकेत सतर्क रहे. ग्‍लोबल मार्केट भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाने के बाद अब गिरावट का संकेत दे रहा है.      सत्र के दौरान भारतीय VIX में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया से उत्पन्न उच्च अस्थिरता का संकेत है.      मिड और स्‍मॉल कैप सेक्‍टर में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसने मार्केट को और नीचे की ओर खींच दिया. शेयर बाजार में अब आगे क्‍या?  भारतीय शेयर बाजार अब पूरी तरह से होर्मुज और तेल कीमतों पर निर्भर दिखाई दे रहा है. अगर होर्मुज खुलता है तो शेयर बाजार में तेजी आ सकती है, लेकिन अगर ईरान अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ता है तो गिरावट देखने को मिल सकती है. फिलहाल, निफ्टी का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी 350 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट का संकेत दे रहा है। 

सेंसेक्स में 1300 अंकों की बढ़त, निफ्टी 24250 के पार – शेयर बाजार की तेजी के पीछे हैं ये वजहें

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार मंगलवार की छुट्टी के बाद आज 15 अप्रैल को जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सेंसेक्स 1300 अंक चढ़कर 78206 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी 407 अंक उछलकर 24250 पर ट्रेड कर रहा है. आज सभी सेक्टोरल इंडक्स में तेजी देखी जा रही है. निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक, आई़़टी में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है।  निफ्टी टॉप गेनर्स में आज इंडिगो, हिंडाल्को, श्रीराम फाइनेंस शामिल हैं. इनके शेयर्स 4-3 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं, निफ्टी टॉप लूजर्स में डॉ रेड्डी, ONGC और कोल इंडिया शामिल हैं. डॉ रेड्डी के शेयर्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. आज शेयर बाजार में किन-किन वजहों से तेजी आई है, ये बताते हैं।  यूएस और ईरान के बीच बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, जो पिछले हफ्ते रुक गई थी. इससे बाजार में यह संकेत मिला है कि तनाव कम हो सकता है।  क्रूड की कीमतों में गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है क्योंकि पाकिस्तान और ईरान के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इससे ब्रेंट क्रूड के दाम नीचे आए हैं और बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि ईरान से जुड़ा तनाव कम होगा, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता घटेगी और बाजार को राहत मिलेगी।  रुपया में मजबूती आज 21 पैसे मजबूती के साथ भारतीय रुपया खुला है. भारतीय रुपया 93.38 प्रति डॉलर के मुकाबले 93.17 प्रति डॉलर पर खुला है. इससे भी शेयर बाजार को मजबूती मिली है।  ग्लोबल मार्केट में तेजी अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली. यूएस मार्केट की बात करें तो Dow Jones 0.66 फीसदी के साथ 48535 पर बंज हुआ. Nasdaq में 1.96 फीसदी की बढ़त और S&P में 1.18 फीसदी की तेजी देखने को मिली।  एशियाई बाजारों की बात करें तो Hang Seng इंडेक्स में 1.26 फीसदी की तेजी, निक्कई में 0.46%, Taiwan इंडेक्स में 2 फीसदी, कोप्सी में 2.86 फीसदी और स्ट्रेट टाइम्स में 0,45 फीसदी की बढ़त देखी जा रही है। 

US-ईरान टेंशन का असर, शेयर बाजार धड़ाम—सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

मुंबई  अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में आए जोरदार उछाल (Crude Oil Price Surge) ने एक बार फिर से शेयर बाजारों का मूड खराब कर दिया है. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह की तेजी पर ब्रेक लग गया है और सोमवार को ओपनिंग के साथ ही ये क्रैश (Stock Market Crash) हो गया।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 490 अंक के आसपास फिसल गया. इस बीच IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints से लेकर HDFC Bank तक के शेयर धराशायी नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,550 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 75,937 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ सेकंड में ये गिरते हुए 75,868 पर आ गया. इस बीच एनएसई का निफ्टी-50 भी भरभराकर टूटा और अपने पिछले बंद 24,050 की तुलना में 23,589 पर खुला।  शेयर बाजार में आए इस भूचाल के बीच हर ओर कोहराम मचा हुआ नजर आया. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल सभी 30 शेयर रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो IndiGo Share (4%), Maruti Share (3%), Bajaj Finance Share (2.90%), SBI Share (2.80%), Reliance Share (2.70%) और HDFC Bank Share (2.60%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  विदेशों से मिले थे खराब संकेत  शेयर बाजार में गिरावट के लिए पहले से ही विदेशों से खराब सिग्नल मिल रहे थे. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच फिर चरम पर पहुंची टेंशन के चलते एशियाई शेयर मार्केट में हाहाकार मचा था. शुरुआती कारोबार में ही Japan Nikkei 600 अंक, Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।  वहीं South Korea KOSPI समेत अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 280 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था।  क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?  सोमवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे US-Iran के बीच फिर से बढ़ी युद्ध की टेंशन है. पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फेल हुए, तो क्रूड की कीमतों ने छलांग लगा दी. इस बीच अमेरिका-ईरान दोनों ओर से लगातार चेतावनियों का सिलसिला भी जारी है, जिनसे शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है और बाजार क्रैश हुआ है। 

HDFC बैंक और ICICI बैंक बने सबसे बड़े गेनर, रिलायंस और इंफोसिस को नुकसान

नई दिल्ल भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई जबरदस्त तेजी के बीच देश की सबसे मूल्यवान टॉप-10 कंपनियों में से 8 के मार्केट कैप में कुल 4,13,003.23 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। इस दौरान HDFC बैंक और ICICI बैंक सबसे बड़े मुनाफे वाले शेयर बनकर उभरे। वहीं रिलायंस और इंफोसिस कंपनियां नुकसान में रहीं। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक (5.77%) और निफ्टी 1,337.5 अंक (5.88%) की भारी बढ़त के साथ बंद हुए थे। एक्सपर्ट के मुताबिक बाजार में तेजी इन दो प्रमुख कारणों से आई:     अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को सकारात्मक बनाया।     अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से घरेलू चिंताओं में कमी आई और बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। किन कंपनियों को हुआ फायदा?     HDFC बैंक: सबसे ज्यादा 91,282.67 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। अब इसका कुल मार्केट कैप 12,47,478.57 करोड़ रुपये हो गया है।     ICICI बैंक: इसकी वैल्युएशन 76,036.36 करोड़ रुपये बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।     Bajaj Finance: मार्केट कैप 60,980.35 करोड़ रुपये बढ़ा। अब यह कुल 5,75,206.47 करोड़ रुपये हो गया है।     Larsen & Toubro (L&T): बाजार पूंजीकरण में 47,624.97 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 5,44,736.59 करोड़ रुपये हो गया।     Bharti Airtel: कंपनी की वैल्युएशन में 45,873.43 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। अब यह बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपये हो गया है।     State Bank of India (SBI): इसका मार्केट कैप 43,614.67 करोड़ रुपये बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपये हो गया।     TCS: मार्केट कैप 26,303.49 करोड़ रुपये बढ़ा। इसी के साथ यह 9,13,331.92 करोड़ रुपये हो गया है।     Hindustan Unilever (HUL): इसकी वैल्युएशन 21,287.29 करोड़ रुपये बढ़कर 5,06,477.89 करोड़ रुपये हो गई है। इन्हें हुआ नुकसान बाजार की इस रैली के बावजूद दो दिग्गज कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गई:     Infosys: इसका मार्केट कैप 3,285.03 करोड़ रुपये घटकर 5,24,124.40 करोड़ रुपये रह गया।     Reliance Industries : देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के मार्केट कैप में 947.28 करोड़ रुपये की मामूली गिरावट आई और यह 18,27,086.79 करोड़ रुपये रह गया। सबसे मूल्यवान कंपनी कौन? पिछले हफ्ते नुकसान के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।

एडुटेक कंपनी फिजिक्सवाला पर ब्रोकरेज बुलिश, 140 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय

एडुटेक कंपनी PhysicsWallah के शेयर में सुस्ती वाले माहौल के बीच ब्रोकरेज फर्म Elara सिक्योरिटीज ने इसे खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए एक टारगेट प्राइस भी दिया है जो वर्तमान कीमत से 35 पर्सेंट से भी अधिक है। शेयर का परफॉर्मेंस और टारगेट प्राइस फिजिक्सवाला के शेयर की बात करें तो अभी 101 रुपये पर है। शेयर के लिए ब्रोकरेज ने 'Buy' रेटिंग दी है। इसके साथ ही ₹140 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से इसमें लगभग 35% से अधिक बढ़त की संभावना है। इस शेयर के 52 हफ्ते का हाई 162.05 रुपये और 52 हफ्ते का लो 77.75 रुपये है। क्या कहा ब्रोकरेज ने? ब्रोकरेज का मानना ​​है कि इस कंपनी की ताकत उसके ओमनीचैनल मॉडल में निहित है, जिसके तहत वह सबसे पहले मुफ्त कंटेंट और जुड़ाव के जरिए बड़ा यूजर बेस तैयार करता है और फिर उन्हें पैसे देने वाले ग्राहकों में बदल देता है। इसके मुख्य ऑफर JEE और NEET कोर्स ही हैं जबकि यह क्षेत्रीय भाषाओं और नई कैटेगरीज में भी अपना विस्तार जारी रखे हुए है। ब्रोकरेज को क्या है उम्मीद? Elara को उम्मीद है कि विकास की मजबूत गति बनी रहेगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY25 और FY28 के बीच रेवेन्यू CAGR 27% और एबिटा CAGR लगभग 85% रहेगा। यह भी उम्मीद है कि FY27 तक कंपनी एडजस्टेड PAT लेवल पर मुनाफा कमाने लगेगी। अपने डिजिटल बिजनेस के साथ-साथ, कंपनी ने तेजी से बढ़ती हुई ऑफलाइन मौजूदगी भी बनाई है। कंपनी अब 200 शहरों में 300 से अधिक सेंटर चलाती है, जो क्लासरूम लर्निंग चाहने वाले स्टूडेंट्स को सेवा देते हैं। ब्रोकरेज ने मजबूत कैश जेनरेशन पर भी जोर दिया है। काफी कैश बैलेंस होने की वजह से कंपनी अपनी बैलेंस शीट पर बिना कोई दबाव डाले अपने विस्तार के लिए अंदरूनी तौर पर फंड जुटा रही है। Elara कंपनी के ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस की अलग-अलग वैल्यू लगाती है और मानती है कि इसकी ग्रोथ की संभावना और बढ़ते मुनाफे को देखते हुए, मौजूदा वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक हैं। फिजिक्सवाला आईपीओ की डिटेल बता दें कि पिछले साल फिजिक्सवाला का आईपीओ आया था। यह ₹3480 करोड़ का एक बुक-बिल्डिंग इशू था, जिसमें ₹3100 करोड़ का नया इशू और प्रमोटर अलख पांडे और प्रतीक बूब द्वारा ₹380 करोड़ का 'ऑफर फॉर सेल' शामिल था। इसकी प्राइस बैंड ₹103 से ₹109 प्रति शेयर के बीच तय की गई थी।

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 785 अंक मजबूत, निफ्टी 24,000 के आंकड़े को पार किया

मुंबई  बिजनेस डेस्कः एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (10 अप्रैल) को मजबूती के साथ शुरुआत की। बैंकिंग और इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को अच्छा सपोर्ट मिला, हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। 30 शेयरों वाला BSE Sensex बढ़त के साथ 77,198 अंक पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 76,631 अंक पर बंद हुआ था। खबर लिखे जाने के समय सेंसेक्स 785.40 अंक यानी 1.02% की तेजी के साथ 77,417.05 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 ने भी मजबूती दिखाई और 23,880 पर ओपन हुआ। पिछले सत्र में यह 23,775 पर बंद हुआ था। इस समय निफ्टी 241.35  अंक यानी 1% की बढ़त के साथ 24,017.45 पर ट्रेड कर रहा था। ग्लोबल मार्केट का हाल एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 2.18% चढ़ा, जबकि जापान का Nikkei 225 1.78% और हांगकांग का Hang Seng Index 1.11% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 0.62%, Dow Jones Industrial Average 0.58% और Nasdaq Composite 0.83% ऊपर बंद हुए।हालांकि, निवेशकों की नजर अब भी अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे सीजफायर पर बनी हुई है, जिसे फिलहाल नाजुक माना जा रहा है।

शेयर बाजार में गिरावट का तूफान: कल बना था रॉकेट, आज सेंसेक्स 900 अंक गिरा

मुंबई  शेयर बाजार में लंबे समय बाद बीते काबोरारी दिन जोरदार रैली देखने को मिली थी. न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के शेयर मार्केट गदर मचाते नजर आए थे. सेंसेक्स-निफ्टी ने भी खूब उड़ान भरी और बड़ी बढ़त लेकर बंद हुए थे. लेकिन ये खुशी एक ही दिन की थी और गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होते ही दोनों इंडेक्स धड़ाम नजर आए।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खराब ओपनिंग के बाद अचानक कुछ ही देर में 900 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी रेड जोन में ओपन हुआ. गिरावट के बीच कई Adani Ports से लेकर Infosys तक कई दिग्गज कंपनियों के शेयर टूटकर कारोबार कर रहे थे।  सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी थमी बीते कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 77,290 पर खुलने के बाद दिनभर रॉकेट की तरह भागा था और अंक में 2946.32 अंक या 3.95 फीसदी की तेजी लेकर 77,562.90 के लेवल पर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स सुस्ती में नजर आया और 200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ ओपन होने के बाद कुछ ही देर में ये 900 अंक से ज्यादा की तगड़ी गिरावट के साथ 76,624 के स्तर पर आ गया। बात एनएसई निफ्टी की करें, तो ये भी बुधवार को तेजी से भागा था और 23,855 पर कारोबार की ओपनिंग करने के बाद अंक में 873.70 अंक या 3.78 फीसदी की उछाल के साथ 23,997.35 के लेवल पर बंद हुआ था. इसका हाल भी सेंसेक्स जैसा ही रहा और ये करीब 90 अंक फिसलकर 23,909 पर खुला, फिर 23,815 तक फिसल गया और इसके बाद इसमें भी गिरावट तेज हो गई. खबर लिखे जाने तक ये इंडेक्स 238 अंक की गिरावट लेकर 23,759 पर कारोबार कर रहा था।  1288 शेयर लाल निशान पर खुले शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर बाजार में जहां 1215 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपनिंग की, तो वहीं दूसरी ओर 1288 कंपनियों के स्टॉक्स का हाल-बेहाल नजर आया और ये अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ खुले. इसके अलावा 174 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे, जिनकी स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट मोड में हुई।  सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share और Adani Ports Share 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर खुले, तो वहीं IndiGo, HDFC Bank के शेयर भी कल की बढ़त गवांकर रेड जोन में ओपन हुए.  इसके अलावा मिडकैप में Hindustan Petroleum, Coforge, Bharat Forge Share भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैर की बात करें, तो Chola Holding Share (4%), PGEL Share (2.50%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।   गिरावट के पीछे ये बड़ा कारण बात शेयर मार्केट में अचानक आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट टेंशन में फिर से इजाफा नजर आया है. दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान होने के बाद इसके टूटने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी. इसके चलते एशियाई मार्केट में भी ज्यादातर बाजार लाल निशान पर कारोबार करते दिखे।  निगेटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारत में भी सेंटीमेंट खराब हो गया और सेंसेक्स-निफ्टी भरभराकर टूट गए. क्रूड ऑयल की कीमतों में क्रैश के बाद फिर से मामूली तेजी देखने को मिली है, जिससे दबाव बढ़ा है।