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शेयर बाजार में खुशी की लहर, US-ईरान सीजफायर के बाद सेंसेक्स 2700 अंक बढ़ा

मुंबई  शेयर बाजार पर अमेरिका-ईरान में हुए दो हफ्ते के सीजफायर (US-Iran Ceasefire) का सीधा असर पड़ा है. खुलने के साथी ही बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं एनएसई निफ्टी ने भी ओपनिंग के साथ ही 800 अंकों की तगड़ी छलांग लगा दी. ग्लोबल मार्केट में बंपर तेजी के बीच शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही मिल रहे थे।  शेयर मार्केट में बुधवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 74,616.58 की तुलना में खुलने के साथ ही 77,290 के लेवल पर पहुंच गया और फिर कुछ सेकंड में ही ये अपनी रफ्तार को तेज करते हुए 77,392 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आने लगा।   बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) की करें, तो अपने पिछले बंद 23,123.65 की तुलना में तेज उछाल के साथ ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 23,855 पर ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए एक झटके में 800 अंक की तेजी के साथ 23,938 के लेवल पर जा पहुंचा।  युद्ध पर ब्रेक, तो हर ओर हरियाली युद्ध की टेंशन पर ब्रेक लगने के साथ ही शेयर बाजार में लौटी तूफानी तेजी के चलते सभी कैटेगरी में बुधवार को हरियाली देखने को मिली. BSE लार्जकैप में शामिल 30 में से 29 शेयरों बंपर उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. IndiGo Share (10%), LT Share (8%), Bajaj Finance Share (7%), Adani Ports Share (7%), Bajaja Finserv Share (6.60%), M&M Share (5.90%). Eternal Share (5.30%). Titan Share (5.20%), Maruti Share (5.10%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  इसके अलावा HDFC Bank Share (4.80%). SBI Share (4%), ICICI Bank Share (4%), Kotak Bank Share (3.30%) और Reliance Share भी करीब 3 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया।  शेयर बाजार में तेजी के ये बड़े कारण शेयर बाजार में तेजी के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध की टेंशन (US-Iran War Tension End) कम होने और दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बाद बाजारों के सेंटीमेंट में सुधार आया है. इसके अलावा तेल संकट गहराने से बढ़ी टेंशन को क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक आई गिरावट (Crude Oil Price Crash) ने कम किया है, जो इस तेजी के पीछे बड़ी वजह है।     

शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत, सेंसेक्स 73,600 के करीब और निफ्टी 500 अंक उछला

मुंबई  ईरान और इजराइल युद्ध के चलते पिछले एक महीने से शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. आज 1 अप्रैल को पॉजिटिव शुरुआत हुई है. सेंसेक्स निफ्टी 2 फीसदी के उछाल के साथ खुला. इससे पहले ही गिफ्ट निफ्टी इंडेक्स 450 अंक की बढ़त के साथ 22854 के करीब करते हुए नजर आया था. एशियाई बाजारों में भी बढ़त से कारोबार होते हुए नजर आया. KOPSI इंडेक्स 6 फीसदी उछलकर कारोबार करते हुए नजर आया. निक्कई में 3.91 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।  शेयर बाजार में तेजी जारी शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सेंसेक्स 1,879.76 अंक यानी 2.61% बढ़कर 73,827.31 पर पहुंच गया है. वहीं निफ्टी 570.25 अंक यानी 2.55% की तेजी के साथ 22,901.65 पर ट्रेड कर रहा है. बाजार में चौतरफा खरीदारी दिख रही है. करीब 3,351 शेयर बढ़े हैं, जबकि 268 शेयर गिरे हैं और 90 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।  चांदी के रेट में गिरावट एमसीएक्स पर सोने के भाव में 1.73 फीसदी की बढ़त देखी जा रही है. वहीं, चांदी के रेट में गिरावट देखने को मिल रही है।  सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेजी सभी सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिल रही है. मेटल, ऑटो, आईटी, मीडिया में 3 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है।  Escorts Kubota Limited की सेल्स में बढ़त Escorts Kubota Limited के एग्री मशीनरी बिजनेस ने मार्च 2026 में 12,119 ट्रैक्टर सेल किए हैं. यह पिछले साल मार्च 2025 के 11,374 ट्रैक्टरों के मुकाबले 6.6% की बढ़त है. घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री और बेहतर रही. मार्च 2026 में 11,582 ट्रैक्टर बिके, जो मार्च 2025 के 10,775 ट्रैक्टरों के मुकाबले 7.5% ज्यादा है।  IndiGo को मिला नया CEO InterGlobe Aviation ने विलियम वॉल्श को नया CEO नियुक्त किया है. वॉल्श फिलहाल International Air Transport Association (IATA) से जुड़े हुए हैं. उनका कार्यकाल वहां 31 जुलाई 2026 को खत्म होगा और इसके बाद वे 3 अगस्त 2026 तक कंपनी जॉइन कर सकते हैं।   

9 लाख करोड़ का नुकसान, आज फिर शेयर बाजार क्रैश, सेंसेक्स में 1700 अंक की गिरावट

मुंबई  दो दिनों की तेजी के बाद, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. लॉर्जकैप से लेकर मिड और स्‍मॉलकैप स्‍टॉक में हैवी फाल रहा. बीएसई SENSEX में 1690 अंक या 2.25% की गिरावट आई और यह 73,583 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी में 486 अंक या 2.09 फीसदी की गिरावट रही, जो 22,819 पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक 1433 अंक गिरकर 52,274 पर क्‍लोज हुआ।  शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट ईरान और अमेरिका के बीच स्थिति सामान्‍य नहीं होने के कारण आई है. हालांकि ट्रंप ने ईरान के तेल ठिकानों पर 10 दिनों तक कोई हमला नहीं करने का ऐलान किया है और होर्मुज को खोलने की डेडलाइन बढ़ाकर 6 अप्रैल तक कर दी है. फिर भी बाजार में गिरावट देखने को मिली है।  बीएसई टॉप 30 शेयरों में एयरटेल, टीसीएस और पावरग्रिड को छोड़कर बाकी 27 शेयर तेजी से टूटे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट रिलायंस इंडस्‍ट्री के शेयरों में हुई है, जो 4.60 फीसदी गिरकर 1347 रुपये पर आ चुका है. इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एसबीआई जैसे शेयरों में 4 फीसदी की गिरावट रही है. बाकी शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा गिरे हैं।  निवेशकों को तगड़ा नुकसान बुधवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 431 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 422 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. इस हिसाब से देखा जाए तो निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं।  क्‍यों आई शेयर बाजार में भारी गिरावट     प्रॉफिट बुकिंग: पिछले दो सत्रों में शेयरों में 3.5% की तेजी के बाद 27 मार्च को मुनाफावसूली देखने को मिली. आईटी को छोड़कर सभी सेक्‍टर बुरी तरह प्रभावित हुए. स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में 1.7% की गिरावट आई. बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के शेयरों में 1-3% की गिरावट दर्ज की गई. सबसे ज्‍यादा गिरावट में योगदान Reliance ने दिया, जो 4.60 फीसदी तक टूट गया।      जियो-पॉलिटिकल तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होते हुए दिखाई नहीं दे रही है. हालांकि ट्रंप ने 6 अप्रैल तक डेडलाइन बढ़ा दी है और कहा है कि वे 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर हमला नहीं करेंगे. इसके बावजूद, शेयर बाजार इसके निगेटिव ले रहा है. इसी कारण ग्‍लोबल मार्केट में भी भारी गिरावट देखने को मिली है।      कच्‍चे तेल का भाव: शुक्रवार को कच्‍चे तेल के भाव में तेजी देखी जा रही है. भारतीय शेयर बाजार बंद होने तक कच्‍चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया, जिस कारण शेयर बाजार में गिरावट और भी हावी हो गई।      ऑल टाइम लो पर रुपया: शुक्रवार को भारतीय रुपया 94 प्रति डॉलर के पार चला गया. यह रुपया का सबसे निचला स्‍तर है, क्‍योंकि इस बात की चिंता थी कि मिडिल ईस्‍ट वॉर के कारण पैदा एनर्जी आपूर्ति संकट लंबा खिंचेगा, जिससे एनर्जी आयात करने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर दबाव और गहरा जाएगा।      VIX में बड़ी उछाल: बाजार की अस्थिरता का सूचकांक इंडिया VIX करीब 9% बढ़कर 28 पर पहुंच गया, जो दर्शाता है कि बाजार को निकट भविष्य में बिकवाली के दबाव की उम्मीद है।   

निवेशकों को बड़ा झटका: बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड गिरावट

मुंबई ईरान की ओर से कतर के बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालात इतने बिगड़े कि गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक का गोता लगाकर 74,207.24, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी भारतीय शेयर में आए भूचाल के बीच गुरुवार को कई प्रमुख और मिडकैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बड़े-बड़े दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी हो गए। सेंसेक्स पर इटरनल 5.46, बजाज फाइनेंस 5.34, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.86, एलएंडटी 4.57, एचडीएफसी बैंक 4.35, इंडिगो 4.21, बजाज फिनसर्व 4.08 प्रतिशत लुढ़क गए। केमिकल सेक्टर की कंपनी Camlin Fine Sciences में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जिसका शेयर करीब 6.87% टूटकर ₹120.60 पर आ गया। वहीं राम-कृष्ण Forgings में 3.92% और सोलर इंडस्ट्री में 3.65% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का असर बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भी पड़ा है। हनीवेल करीब 2.05% टूटा, जबकि फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला में भी 2% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की आंधी में शुगर सेक्टर के कुछ शेयर डटे रहे। अवध शुगर एंड एनर्जी (2.52% ऊपर) और बलरामपुर चीनी मिल्स (1.90% ऊपर) हैं। शेयर मार्केट में चौतरफा गिरावट है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 2164 अंको का गोता लगाकर 74,539 पर आ गया है। निफ्टी 672 अंकों के नुकसान के साथ 23,105 पर पहुंच गया है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं।  शेयर मार्केट में आए भूचाल से सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बाजार में चौतरफा गिरावट है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। इसमें 1.15 प्रतिशत की तेजी है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं। निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 6.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर है। इटरनल में 5.22, बजाज फिनसर्व में 4.71, एलएंडटी में 4.27 और टाटा मोटर्स में 4.20 प्रतिशत की गिरावट है। शेयर मार्केट की गाड़ी गिरावट की पटरी से उतरने का नाम ही नहीं ले रही। सेंसेक्स अभी 1808 अंकों की गिरावट के साथ 74895 पर है। जबकि, निफ्टी 587 अंकों का गोता लगाकर 23190 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.15 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। बजाज फाइनेंस में 4.55 पर्सेंट और एलएंडटी में 4.16 प्रतिशत का नुकसान है। एचडीएफसी बैंक में गिरावट अब 3.71 प्रतिशत की रह गई है। जबकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व भी करीब 4 फीसद लुढ़क गए हैं। शेयर मार्केट में अभी भी गिरावट बड़ी है। सेंसेक्स अभी 1664 अंकों की गिरावट के साथ 75039 पर है। जबकि, निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 23247 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.26 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच बैंक निफ्टी में 2.70 प्रतिशत की गिरावट है। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में भी 2.86% का नुकसान है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.65 प्रतिशत नीचे है। आईटी में 2.38 और एफएमसीजी में 1.80% की गिरावट है। मीडिया में 0.94, मेटल में 1.61 प्रतिशत का नुकसान है। पीएसयू बैंक 2.09, प्राइवेट बैंक 2.77, फार्मा 1.48, हेल्थ केयर 1.61, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स 2.86 प्रतिशत लुढ़का है। सेंसेक्स अभी 1741 अंकों की गिरावट के साथ 74963 पर है। जबकि, निफ्टी 534 अंकों का गोता लगाकर 23241 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच सेंसेक्स अभी 1716 अंकों की गिरावट के साथ 74988 पर है। जबकि, निफ्टी 516 अंकों का गोता लगाकर 23261 पर ट्रेड कर रहा है। एनएसई पर केवल 400 स्टॉक्स ही ग्रीन जोन में हैं। 2303 शेयरों में गिरावट है। जबकि, सेंसेक्स ब्लड बाथ कर रहा है। सभी शेयर लाल हैं और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर। शेयर मार्केट में आज भूचाल है। सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1953 अंकों की गिरावट के साथ 74751 पर खुला। जबकि, निफ्टी 589 अंकों का गोता लगाकर 23198 पर खुला।

शेयर बाजार में बड़ी उछाल, गिरावट के बाद एक घंटे में सेंसेक्स पहुंचा 76,000 पर

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के 'हीरो' Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

आखिरी घंटे में पलटी बाजी, शेयर बाजार ने दिखाई ताकत, सेंसेक्स 900 अंक बढ़ा

मुंबई शेयर बाजार की चाल ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को जमकर हैरान किया. कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार करते नजर आए, लेकिन दोपहर दो बजे के आसपास अचानक बाजी पलट गई और दोनों इंडेक्स रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257 अंक उछलकर क्लोज हुआ. इस तेजी के बीच HDFC Bank, M&M, Trent जैसे शेयर जोरदार उछाल के साथ बंद हुए।  सुस्त शुरुआत के बाद रॉकेट बना सेंसेक्स शेयर बाजार में धीमी शुरुआत के बीच BSE Sensex सोमवार को अपने पिछले शुक्रवार के बंद 74,563 की तुलना में गिरकर 74,415 के लेवल पर ओपन हुआ था और शुरुआती कारोबार के दौरान 73,949 तक फिसला था. हालांकि, आखिरी कारोबारी घंटे में 2.20 बजे के आसपास अचानक 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स गदर मचाने लगा और अंत में 938 अंक या 1.26 फीसदी की उछाल के साथ 75,502.85 पर क्लोज हुआ।   Nifty ने भी मचाया गदर  सेंसेक्स ही नहीं, NSE Nifty की भी चाल बदली-बदली नजर आई. एनएसई का ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,151 की तुलना में गिरकर 23,116 पर खुला था. खराब शुरुआत के बाद ये तेजी से फिसलता चला गया और 22,955.25 के लेवल आ गया था, लेकिन सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए इस इंडेक्स ने भी रफ्तार पकड़ी और बाजार बंद होने पर ये 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 पर क्लोज हुआ।  इन 10 शेयरों ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक लौटी तेजी के बीच जिन टॉप-10 शेयरों ने दम दिखाया, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (3.01%), HDFC Bank Share (2.88%), M&M Share (2.86%), Eternal Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.79%), ITC Share (2.22%) और Tata Steel Share (2.04%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Paytm Share (3.86%) चढ़कर क्लोज हुआ, तो वहीं स्मॉलकैप में शामिल शेयरों में Poonawalla Share (4.40%) और Apollo Tyre Share (3.38%) उछलकर बंद हुआ।  बाजार में तेजी के ये बड़े कारण  सोमवार को बाजार में अचानक लौटी तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो निचले स्तरों से वैल्यू बाइंग देखने को मिली. मेटल, ऑटो, बैंक और FMCG शेयरों ने मार्केट को सपोर्ट किया. इसके अलावा शेयर बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX करीब 5% फिसल गया। 

निफ्टी 23,500 से नीचे फिसला, बाजार ने कमजोर शुरुआत की लगातार तीसरे दिन

मुंबई शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोर शुरुआत हुई है. सुबह 9:15 बजे पर सेंसेक्स 530 अंक फिसलकर 75504 के लेवल पर खुला है. निफ्टी 159 अंक गिरकर 34,480 पर ओपन हुआ है.  आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2025 के बाद निफ्टी 23,500 के नीचे गिरा है. आज निफ्टी आईटी 0.78%, निफ्टी बैंक, 0.86 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट और निफ्टी मेटल और फाइनेंशियल में भी बिकवाली है. वहीं, एनर्जी और फार्मा सेक्टर में खरीदारी है।  निफ्टी लूजर्स में एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील शामिल हैं. इनके शेयर्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसले हैं. वहीं, निफ्टी टॉप गेनर्स में रिलायंस, इटरनल, पॉवर ग्रिड शामिल हैं. निफ्टी के 50 में से 45 शेयर्स में गिरावट देखी गई. साथ ही, निफ्टी बैंक के सारे शेयर्स में बिकवाली नजर आई है. आपको बता दें कि ईरान और इजराल के बीच चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर रहने से रुपये पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 92.35 पर पहुंच गया।  अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, V. K. Vijayakumar के अनुसार पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में कमजोरी बनी हुई है और बाजार फिलहाल अस्थिर स्थिति में हैं. अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मिल रहा है कि बाजार में तेजी आने में अभी समय लग सकता है. ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर के आसपास रहने से निवेशक सतर्क हैं और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बड़े ब्लूचिप शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है. हालांकि, फार्मा सेक्टर बाकि के मजबूत बना हुआ है क्योंकि इस पर बाहरी दबाव कम है. रुपये की कमजोरी निर्यात करने वाली फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद होती है. उनका कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में निवेशकों को घबराने की बजाय शांत रहकर नियमित निवेश जारी रखना चाहिए।  शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 533 अरब डॉलर से ज्यादा घटा साल 2026 में अब तक भारत के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) 533 अरब डॉलर से ज्यादा घट चुका है, जो 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. 2011 में पूरे साल के दौरान करीब 625 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कम हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि भारत के बाजार में आई यह गिरावट कई देशों जैसे Mexico, Malaysia, South Africa, Norway, Finland, Vietnam और Poland के पूरे मार्केट वैल्यू से भी ज्यादा है. वहीं यह गिरावट Chile, Austria, Philippines, Qatar और Kuwait जैसे देशों के मार्केट वैल्यू से लगभग दोगुनी है।  अमेरिकी बाजारों का हाल डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट गुरुवार को 1.5% से ज्यादा गिरकर बंद हुए, क्योंकि ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं थी. इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई और निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी. डाउ जोन्स 739.42 अंक (1.56%) गिरकर 46,677.85 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 103.22 अंक (1.52%) और नैस्डैक में 404.15 अंक (1.78%) की गिरावट दर्ज की गई. बड़ी बिकवाली के बीच एनर्जी और कुछ डिफेंस शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में तेज गिरावट देखी गई। 

शेयर बाजार में ‘Oil Strike’ का असर, खुलते ही ध्वस्त हुए ये 10 प्रमुख स्टॉक

मुंबई शेयर बाजार में एक बार फिर कोहराम (Stock Market Crash) मचा है. गुरुवार को खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान युद्ध के चलते पैदा हुआ तेल संकट और भारत में एलपीजी संकंट (LPG Crisis In India) का सीधा असर मार्केट पर देखने को मिला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही 978 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 275 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच जोमैटो, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक समेत कई दिग्गज स्टॉक धड़ाम नजर आए. बता दें कि गुरुवार को अचानक फिर क्रूड के दाम (Crude Oil Price Surge) में 9 फीसदी के आसपास का उछाल आया।  सेंसेक्स-निफ्टी में फिर हाहाकार मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच तेल संकट के चलते शेयर बाजार पर भी Oil Strike जारी है और ये संभलने का नाम नहीं ले रहा है, सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,863 के लेवल से टूटकर 76,369 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में बिखरते हुए 978 अंक फिसकर 75,871 पर आ गया. बात एनएसई निफ्टी की करें, तो इसमें भी खुलने के साथ ही हाहाकार मचा नजर आया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 23,866 के मुकाबले गिरकर 23,674 पर ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स की तरह ही फिसलते हुए 23,556 पर आ गया।  विदेशों से मिले थे खराब सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां बीते कारोबारी दिन अमेरिका शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी, तो वहीं गुरुवार को एशियाई शेयर मार्केट भी क्रैश नजर आए थे. गिफ्ट निफ्टी भी 180 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इन ग्लोबल निगेटिव संकेतों के भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही धराशायी हो गया।   1597 शेयर खुलते ही धड़ाम कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच आई Indian Stock Market में गिरावट के चलते Nifty 23,700 से नीचे आ गया. शुरुआती कारोबार में जहां 643 शेयरों ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया, तो वहीं 1597 कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए. इसके अलावा 159 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई, यानी इनकी स्थिति में कोई चेंज नहीं दिखा।  शुरुआती कारोबार में Interglobe Aviation, ICICI Bank, LT, Kotak Mahindra Bank, TMPV, Eternal, IndiGo, ICICI Bank जैसे शेयर सबसे ज्यादा गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  बात करें, बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 शेयरों के बारे में, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal (Zomato) Share 4.30%, M&M Share 3.20%, Maruti Share 2.25%, Trent Share 2.10%, IndiGo Share 2% और ICICI Bank Share 1.90% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.  इसके अलावा मिडकैप में शामिल Bharat Forge Share 4%, APL Apollo Share 2.90%, Supreme India Share 2.74% और Ashok Leyland Share 2.60% टूटकर ट्रेड कर रहे थे। 

कोहराम के बाद बाजार में रैली, क्या खत्म होने वाली है जंग? तेजी के पीछे ये 3 वजहें

मुंबई तीन कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन गुरुवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. सेंसेक्‍स 440 अंक या 0.56 फीसदी चढ़कर 79555 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 160 अंक या 0.65 फीसदी चढ़कर 24640 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी बैंक में भी 220 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था।  BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 16 शेयरों में उछाल है और बाकी 14 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्‍यादा गिरावट हिंदुस्‍तान यूनिलीवर और आईटी शेयरों में आई है. वहीं रिलायंस 3 फीसदी, एनटीपीसी 2.40 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 2 फीसदी की उछाल है. यह तेजी मिडिल ईस्‍ट में छिड़ी जंग के बीच आया है. ऐसे में कई निवेशक ये कयास लगा रहे हैं कि युद्ध खत्‍म हो सकता है. आइए जानते हैं आज शेयर बाजार में इतनी तेजी क्‍यों आई है।  क्‍यों आई शेयर बाजार में उछाल?      एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में काफी गिरावट आ चुकी है. पिछले तीन दिनों में निवेशकों की वैल्‍यू में 22 लाख करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं. इस कारण निचले लेवल से खरीदरी बढ़ी है. निवेशकों ने अच्‍छे और लार्जकैप शेयरों में ज्‍यादा दांव लगाया है।     एशियाई बाजार में भी तेजी रही है. जापान के शेयर बाजार में 2.50 फीसदी की तेजी आई है. अमेरिकी मार्केट में भी मिला-जुला असर दिखाई दिया है. इसके अलावा साउथ कोरिया के मार्केट में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. इधर, डॉलर की तुलना में रुपया 51 पैसा रिकवर होकर 91.54 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच चुका है।      इंडिया VIX डर का सूचकांक या अस्थिरता सूचकांक लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया. वहीं तकनीकी नजरिए से देखें तो जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स का कहना है कि जंग के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन गैप भरने के तुरंत बाद समापन के समय हुई भारी गिरावट ने कुछ तेजी को कम कर दिया. हालांकि, 24450 के आसपास बंद होने से सकारात्मक रुझान बना हुआ है. हम 24840 का स्तर देख रहे हैं, लेकिन 24625 को एक बड़ी बाधा मानते हैं. दूसरी ओर, 24370 से नीचे फिसलने पर 24000-23550 के स्तर तक पहुंचने की संभावनाएं फिर से बन सकती हैं. अभी बाजार में गिरावट की संभावना कम है।  इन सेक्‍टर्स में मजबूती सिर्फ एफएमजीसी, आईटी और टेलिकॉम सेक्‍टर्स में गिरावट देखी जा रही है, बाकी के सेक्‍टर्स में शानदार तेजी है. ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 3.30 फीसदी की तेजी है, जबकि निफ्टी फार्मा में 1 फीसदी की तेजी है. इसके बाद ऑटो, बैंक और फाइनेंस सेक्‍टर में भी अच्‍छी तेजी है। 

शेयर बाजार में रिकॉर्ड भागीदारी, NSE पर खुले 25 करोड़ से ज्यादा अकाउंट

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, भारत में कुल ट्रेडिंग अकाउंट्स (UCCs) की संख्या 25 करोड़ (250 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गई है. यह दिखाता है कि अब आम भारतीय नागरिक बचत के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर शेयर बाजार पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं. Indian Share Market Growth: इतनी तेजी से कैसे बढ़े निवेशक?  रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में निवेशकों की एंट्री अब और भी तेज हो गई है. पिछले एक करोड़ अकाउंट सिर्फ दो महीनों में जुड़े हैं. वहीं, कुल खातों का 20% हिस्सा यानी 5 करोड़ अकाउंट तो पिछले महज 16 महीनों में खुले हैं. इसका मुख्य कारण मोबाइल ऐप के जरिए आसान ट्रेडिंग, कम फीस और बढ़ता डिजिटल इंडिया है. आज एक मिडिल क्लास व्यक्ति भी अपने फोन से सीधे शेयर बाजार में निवेश कर पा रहा है. Indian Share Market Growth: कौन से राज्य हैं सबसे आगे? निवेश के मामले में महाराष्ट्र अभी भी नंबर वन बना हुआ है. यहां राज्यों की हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार है:     महाराष्ट्र: 4.2 करोड़ अकाउंट (सबसे ज्यादा 17% हिस्सा)     उत्तर प्रदेश: 2.8 करोड़ अकाउंट (दूसरे स्थान पर)     गुजरात: 2.2 करोड़ अकाउंट     पश्चिम बंगाल और राजस्थान: 1.4 करोड़ अकाउंट प्रत्येक हैरानी की बात यह है कि देश के टॉप 5 राज्य ही मिलकर लगभग आधा (49%) शेयर बाजार संभाल रहे हैं. क्या SIP के जरिए भी बढ़ रहा है निवेश? जी हां, लोग अब सिर्फ सीधे शेयर ही नहीं खरीद रहे, बल्कि म्यूचुअल फंड (SIP) के जरिए भी बाजार में पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 6 करोड़ नए SIP अकाउंट खुले हैं. हर महीने औसतन 28,766 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि SIP के जरिए बाजार में आ रही है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है. क्या निवेशकों का पैसा सुरक्षित है? NSE ने निवेशकों की सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया है. साल 2025 में लगभग 23,000 जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए. साथ ही, ‘इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड’ (IPF) भी 18.5% बढ़कर 2,791 करोड़ रुपये हो गया है, ताकि किसी गड़बड़ी या धोखाधड़ी होने पर छोटे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे.