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मार्केट क्रैश का डर: मोदी की अपील के बाद सोना-पेट्रोल की बढ़ी चिंता, शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई 
सोमवार का दिन भार
तीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। बाजार खुलते ही बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस गिरावट ने कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए। बाजार के इस खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं, जिन्होंने मंदी की गाड़ी में फ्यूल भरने का काम किया है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि अब कहानी सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि घरेलू मोर्चे पर आए पीएम मोदी के बयान ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया है।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1000 पॉइंट यानी 1 पर्सेंट से ज्यादा टूटकर 76,364 के लेवल पर आ गया। वहीं निफ्टी भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,896 के निचले स्तर तक पहुंच गया। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 पर्सेंट तक की गिरावट देखी गई। इस गिरावट की वजह से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 473.5 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। बाजार में इस कदर बिकवाली हुई कि छोटे और बड़े हर तरह के निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी
बाजार के गिरने की पहली बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का विफल होना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है, जिससे युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस अनिश्चितता की वजह से कच्चे तेल की कीमतें पिछले दो महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है, जिसका सीधा असर देश की इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ सकता है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयानों ने भी आग में घी डालने का काम किया है।

पीएम मोदी की बचत वाली अपील का असर
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार ग्लोबल कारणों से ज्यादा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'किफायत' वाली अपील का पड़ा है। पीएम मोदी ने रविवार को भारतीयों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने का आग्रह किया था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, पीएम की इस अपील ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है। लोगों से खर्च कम करने की बात कहने का मतलब है कि आने वाले समय में कंपनियों की कमाई और देश की इकोनॉमी पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

इन सेक्टर्स पर पड़ी सबसे ज्यादा मार
पीएम मोदी की इस अपील का सबसे बुरा असर ज्वेलरी कंपनियों पर पड़ा है। टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, सेनको गोल्ड और पीसी ज्वेलर जैसे शेयरों में भारी गिरावट देखी गई क्योंकि लोगों को डर है कि सोने की डिमांड कम हो जाएगी। इसके अलावा मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस जैसी गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखा। इतना ही नहीं, पीएम द्वारा विदेशी दौरों से बचने की सलाह देने के बाद थॉमस कुक और ईजी ट्रिप प्लानर्स जैसी ट्रेवल कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। बाजार को डर है कि अगर लोग कम खर्च करेंगे, तो कॉर्पोरेट अर्निंग्स यानी कंपनियों के मुनाफे पर इसका सीधा असर होगा।

निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान
सबसे बड़ा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 473.5 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 469.5 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी बाजार खुलने के कुछ ही समय में निवेशकों के लगभग 4 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। अब सवाल है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आ गई? इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इसे देखते हुए पीएम मोदी ने भी गोल्ड और पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों से अपील की है।

अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हो रही सुलह
दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच बातचीत से हालात सुधर सकते हैं। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर बातचीत पूरी तरह विफल होती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है। इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है।

पीएम मोदी की अपील
मिडिल ईस्ट संकट से दुनियाभर में एनर्जी की कीमतें आसमान पर हैं। इससे भारत का आयात घाटा लगातार बढ़ रहा है और रुपया गिर रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल को बचाने की अपील की है। पीएम ने कहा कि हमारे पड़ोस मे जंग जल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।

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