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यूपी में गंगा का कहर बरपा, खतरे के निशान से ऊपर पानी, प्रभावित हुए दर्जनों गांव

बुलंदशहर पहाड़ों में भूस्खलन, बादल फटने व यूपी के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। कई जिलों में नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुलंदशहर के नरौरा बैराज पर शनिवार को गंगा में खतरे के निशान से ऊपर 2 लाख 81 हजार 676 क्यूसेक प्रति सेकंड का बहाव है। जबकि समुद्र तल से खतरे का जलस्तर 179.14 मीटर पर है। वहीं, मुरादाबाद गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गुन्नौर क्षेत्र के बबराला घाट, राजघाट और नरौरा गंगा बैराज पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यूपी में बारिश ने कई जिलों में आफत ला दी है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मुरादाबाद में गंगा किनारे बसे रघुपुर पुख्ता, मेगरा, नरुपुरा, शालिग की मढैया, मैदावली, तोतापुर, बझागी सहित दर्जनों गांवों में गंगा का पानी किनारे तक पहुंच चुका है। यदि जल स्तर यूं ही बढ़ता रहा तो गांवों में कटान और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भले ही स्थिति नियंत्रण में बताई हो, लेकिन ग्रामीणों में खौफ है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की तैयारी में हैं। गंगा में उफान से बुलंदशहर जिले के गंगा किनारे ग्रामों की खादर की फसलें जलमग्न हो गई हैं। खादर में बाढ़ के खतरे को देख प्रशासन ने ग्रामीणों को गंगा किनारे जाने से मना किया है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों की तैनाती कर प्रशासन गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर रख रहा है। पिछले एक हफ्ते से गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। गत बुधवार को हरिद्वार और बिजनौर गंगा बैराज से 3 लाख से भी अधिक जल की निकासी दर्ज की गई थी जिसके चलते नरौरा में शुक्रवार रात 12 बजे गंगा ने खतरे का निशान पार कर दिया। बदायूं के तीन तहसीलों के 36 गांव बाढ़ की चपेट में गंगा एवं रामगंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते बाढ़ बदायूं के तीन तहसीलों के 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं, इनमें उसहैत क्षेत्र के आठ गांवों में अंदर तक पानी पहुंच गया है। सहसवान के भी पांच गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग के ऊपर से पानी चल रहा है। नरौरा, बिजनौर, हरिद्वार से डिस्चार्ज बढ़ने के चलते लगातार गंगा नदी में उफान बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार के लिए गंगा नदी में जलस्तर खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गये। इससे जो गांव बाढ़ से दूर थे, उनमें भी पानी पहुंच गया है। गंगा नदी में आयी बाढ़ के चलते सदर, सहसवान, दातागंज तहसील के कुल 36 गांव प्रभावित हैं, इन गांवों के लोग इन दिनों समस्याओं का दंश झेल रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, उन गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना शुरू कर दी है।  

दंगों से जूझती बरेली से आध्यात्मिक नगरी बनी नाथ नगरी, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

बरेली 2017 से पहले का समय याद होगा। सपा की सरकार में बरेली दंगों के लिए बदनाम था, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने प्रदेश में विरासत के साथ विकास की गंगा बहाई है। पहले बरेली में जहां हर तीन माह में दंगा होता था, आज नाथ नगरी की आध्यात्मिक पहचान बन गई है। भाजपा सरकार में बरेली को दंगों के लिए नंहीं आध्यात्मिक नगरी के रूप में पहचाना जा रहा है। बरेली कॉलेज के मैदान पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित होते बरेली के स्वरूप को इस तरह जनसमूह के सामने रखा। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर, धार्मिक स्थलों के विकास और शांतिपूर्ण कांवड़ यात्राएं निकाले जाने से बरेली की तस्वीर बदल रही है। नाथ नगरी में बाबा अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, वनखंडीनाथ और पशुपतिनाथ मंदिरों को जोड़कर विकसित हो रहे नाथ कॉरिडोर से यहां की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई गति मिली है। शासन ने यहां के धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से संवारने के लिए 62 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके साथ ही रामनगर किला, दिगंबर जैन मंदिर और जैन तीर्थों के आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई दिशा दी जा रही है। बरेली को पार्श्वनाथ भगवान की पावन भूमि बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राम, कृष्ण, बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि और तपोभूमि है। आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित कर आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक नेतृत्व में अग्रणी बने। यहां शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी विकास हो रहा है। पूर्व की सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि तब नौकरियों में भाई-भतीजावाद हावी था। आज सरकार योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर नियुक्तियां दे रही हैं। बरेली में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज और वन प्रोडक्ट पर काम हो रहा है। पुराने अस्पताल भवनों का नवीनीकरण, यूनानी मेडिकल कालेज, हाईवे चौड़ीकरण, बीडीए, नगर निगम और ऊर्जा विभाग की कई परियोजनाएं शहर के विकास को गति देने का काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है, आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बरेली मंडल को विकास की उड़ान मिलने वाली है। विरासत के साथ विकास के सिद्धांत के तहत बरेली समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है। बोले, प्रदेश को माफिया मुक्त और भय मुक्त बनाया है। जनसभा में इनकी रही मौजूदगी मंत्री वित्त एवं संसदीय कार्य सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता जेपीएस राठौर, राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण डा. अरुण कुमार, राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय सिंह गंगवार, सांसद बरेली छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, विधायक फरीदपुर डा. श्याम बिहारी लाल, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ. राघवेंद्र शर्मा, विधायक मीरगंज डॉ. डीसी वर्मा, विधायक नवाबगंज डा. एमपी आर्य, भाजपा ब्रज प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिला अध्यक्ष बरेली सोमपाल शर्मा, जिला अध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।  

झोलाछाप डॉक्टर की तस्वीर से आहत होकर युवती ने किया आत्महत्या जैसा कदम

बरेली झोलाछाप ने गांव की एक युवती का फोटो एडिट कर अपने साथ फेसबुक स्टेटस पर लगा दिया। युवती और उसके स्वजन को जब इस बारे में जानकारी हुई तो झोलाछाप से फोटो हटाने की बात कही, लेकिन आरोपित ने गाली-गलौच कर और फोटो प्रसारित करने की धमकी दी। इससे आहत युवती ने शुक्रवार दोपहर फंदे से लटककर जान दे दी। मामले में स्वजन ने झोलाछाप के विरुद्ध शिकायती पत्र दिया है। सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को बताया कि उनके घर के पास में ही नरेंद्र नाम का एक झोलाछाप क्लीनिक का संचालन करता है। उनकी बहन एक-दो बार क्लीनिक पर दवा लेने गई थी। इसके बाद से आरोपित नरेंद्र ने उनकी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया। बहाने से उसका नंबर लेकर उसे फोन करता और परेशान करता था। जब इस बात की जानकारी युवती के स्वजन को हुई तो उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपित नहीं माना। आरोप है कि गुरुवार को आरोपित नरेंद्र ने उनकी बहन का फोटो एडिट कर अपने साथ फेसबुक स्टोरी पर लगा दिया। इस बात की जानकारी जब युवती और उसके स्वजन को हुई तो उन्होंने झोलाछाप से उसे हटाने को कहा, लेकिन आरोपित उन्हें धमकी देने लगा। कहा कि यदि ज्यादा कहा तो और भी फोटो को इसी तरह से अपलोड करेगा। आरोप है कि आरोपित ने सभी को जान से मारने की धमकी दी। फोटो प्रसारित होने से युवती आहत हो गई और उसने शुक्रवार दोपहर कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वजन को जब पता चला तो उन्होंने आनन-फानन में उसे उतारा और डाक्टर के पास पहुंचे, लेकिन डाक्टर ने युवती को मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्वजन के शिकायती पत्र पर झोलाछाप के विरुद्ध प्राथमिकी लिखने की तैयारी है। मामले में एसपी सिटी मानुष पारीक का कहना है कि स्वजन की ओर से शिकायती पत्र दिया गया है। उसकी के आधार पर झोलाछाप पर प्राथमिकी लिखाई जाएगी। 

898 कैदियों ने मथुरा जेल में राखी बंधवाई, बहनों से मांगा अपराध मुक्त जीवन का वचन

मथुरा भाई-बहन के अटूट रिश्ते, विश्वास और प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन शनिवार को जिले भर में धूमधाम व शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया। भाई-बहन के प्रेम की मिठास की महक जिला कारागार में भी खूब रही। 898 बंदियों ने बहनों से राखी बंधवाकर अपराध छोड़ने का वचन दिया। जिला कारागार ने बहनों के लिए परिसर में टेंट, ठंडा पानी और शरबत आदि की व्यवस्था कराई। 1549 महिलाएं और 767 बच्चे के साथ 2316 स्वजन ने बंदियों से मुलाकात की। रक्षा बंधन पर्व पर शनिवार सुबह वर्षा कुछ देर के लिए बाधा बनी, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद जिला कारागार के बाहर बहनों व स्वजन की लंबी कतारें लगीं। हर चेहरे पर बंदी भाई से मिलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की उत्सुकता झलक रही थी। कारागार प्रशासन ने तेज़ धूप और गर्मी से बचाने के लिए टेंट लगाए गए और ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारियों ने कारागार के बाहर ठंडा पानी और शरबत के काउंटर लगाए, ताकि मुलाकात के लिए आए लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। बहनों व बच्चों को एक-एक पैकेट बिस्कुट और चाकलेट दी गई। बहनों को जेल प्रशासन की ओर से राखी, रोली और चावल भी उपलब्ध कराए गए। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर जिला कारागार में 1549 महिलाएं और 767 बच्चे 898 बंदी भाइयों से मिलने पहुंचे। वहीं बाहर से आए 10 पुरुषों ने भी जेल में बंद बहनों से विशेष मुलाकात की और राखी बंधवाई।

लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो फ्लाइट पौने दो घंटे लेट, तकनीकी समस्या सामने आई

लखनऊ  रक्षाबंधन वाले दिन यानि शनिवार सुबह लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो की फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रोक दी गई। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यह फ्लाइट कुछ मिनटों में ही टेकऑफ करने वाली थी। इंडिगो की फ्लाइट 6E-515 लखनऊ से सुबह 8:55 बजे रवाना होकर 10:15 बजे देहरादून पहुंचनी थी। विमान में सफर करने वाले एक यात्री के मुताबिक, इस विमान की बोर्डिंग पूरी हो चुकी थी और उसमें क्रू मेंबर सहित 158 यात्री सवार थे। जब विमान उड़ान भरने के लिए टैक्सी वे से रनवे पर जा रहा था, तभी विमान में हल्का झटका लगा, पायलट ने तकनीकी गड़बड़ी पहचान ली। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना देते हुए विमान को रोक दिया। इसके बाद विमान को वापस टैक्सीवे पर लाया गया। विमान की खराबी दूर करने के लिए तत्काल इंजीनियरों की टीम बुलाई गई। यहां पर इंजीनियरों की टीम ने लगभग पौने दो घंटे की मेहनत के बाद विमान की खराबी दूर किया। इसके बाद विमान को रवाना किया। 8:55 पर रवाना होने वाला विमान सुबह 10.50 बजे उड़ान भर सका। विमान का देहरादून पहुंचने का समय 10.15 बजे है।

प्यार के लिए उठाया बड़ा कदम, ममेरी-फुफेरी बहनों ने शादी कर पुलिस से मांगी मदद

मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो बहनों के बीच शादी का एक अनोखा मामला सामने आया है। ममेरी और फुफेरी बहनों ने समाज के दायरे से बाहर जाकर एक-दूसरे को जीवनसाथी चुन लिया। दोनों युवतियों ने आपसी सहमति से शादी कर ली है। अब पति-पत्नी की तरह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। परिवार से जान का खतरा बताते हुए दोनों ने अब पुलिस से सुरक्षा की मांग कर दी है। यह मामला जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना तितावी थाना क्षेत्र की है। दोनों युवतियां पिछले करीब डेढ़ साल से एक साथ रह रही थीं। परिवार के लोगों ने उनके इस रिश्ते का विरोध किया। इस कारण कुछ महीने पहले दोनों घर छोड़कर गाजियाबाद चली गईं। वहां दोनों ने एक किराए के मकान में रहना शुरू किया। इसके बाद एक निजी फैक्ट्री में नौकरी करने लगीं। परिवार ने दर्ज कराई थी शिकायत दोनों लड़कियों के गायब होने के परिवार में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने दोनों को खोजने की भरसक कोशिश की। जब परिवार को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो एक युवती के पिता ने आईजीआरएस पोर्टल पर अपहरण की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के जरिए युवतियों से संपर्क साधा। गुरुवार शाम दोनों युवतियां तितावी थाने पहुंचीं। इनमें से एक ने मांग में सिंदूर लगाया हुआ था, जबकि दूसरी पैंट-शर्ट में नजर आई। उनके इस रूप को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। साथ रहने का जताया इरादा तितावी पुलिस ने दोनों युवतियों के बयान दर्ज किए हैं। सिंदूर लगाए युवती ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले शादी कर ली है। अब वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं। दोनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने परिवारों से जान का खतरा है। इसलिए उन्होंने परिवार से सुरक्षा की भी मांग पुलिस के सामने रखी है। थाना प्रभारी मानवेंद्र भाटी ने बताया कि दोनों युवतियां ममेरी और फुफेरी बहन हैं। अब लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही हैं। उन्होंने थाने में आकर एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जाहिर की है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें घर भेजा है। उनके परिवारों को भी कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। सोशल मीडिया पर मामला वायरल मुजफ्फरनगर के इस अनोखे रिश्ते का मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इस मामले पर समर्थन जता रहे हैं, वहीं कुछ लोगों की ओर से विरोध भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, दोनों युवतियों ने साफ कहा है कि वे अपनी मर्जी से साथ रह रही हैं। वे अपने फैसले से खुश हैं। राहुल पराशर

वाराणसी के लाखों बच्चों के लिए बड़ी राहत, पेट के कीड़े निकालने की एल्बेंडाजोल दवा का वितरण

वाराणसी जनपद में 11 अगस्त को एक से 19 वर्ष के 18 लाख से अधिक बालक-बालिकाओं को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों के शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत 18.60 लाख बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक से पांच साल तक के सभी आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों के साथ ही छह से 19 साल तक के स्कूल जाने वाले सभी बालक-बालिकाओं को शामिल किया गया है। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। उनमें खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर होने लगते हैं। दवा खिलाने से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है। कृमि मुक्ति से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चों में एनीमिया पर नियंत्रण रहता है। कृमि मुक्ति से बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार होता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए कीड़े निकालने की दवा उन्हें जरूर खिलाएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. संजय राय ने बताया कि लगभग 7.50 लाख शहरी क्षेत्र व लगभग 11.0 लाख बच्चे ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जिन्हें एल्बेन्डाजोल की दवा खिलायी जाएगी। इस कार्य में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्र तथा 2853 सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र में आरबीएसके टीम के चिकित्सक व शहरी क्षेत्र में समस्त अर्बन पीएचसी के चिकित्सक के साथ ही पूरे जिले की समस्त एएनएम तथा आशा कार्यकर्ती सहयोग करेंगी। अभियान में उन बच्चों को भी दवा खिलाई जाएगी जो स्कूल नहीं जाते हैं। इसके साथ ही ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली तथा दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक गोली दवा खिलाई। इस दिवस पर छूट गए बच्चों के लिए 14 अगस्त को माप अप राउंड आयोजित किया गया है। इसमें छूटे हुए बच्चों को भी दवा देने के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।  

आज से रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर, यूपी में महिलाओं को मुफ्त बस सफर

लखनऊ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए एक खास सौगात दी है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने का ऐलान किया है। यह सुविधा 9 अगस्त की सुबह 6 बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान महिलाएं राज्य परिवहन की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इस योजना के तहत न केवल महिलाएं, बल्कि उनके साथ एक सहयात्री भी मुफ्त में यात्रा कर सकेगा। यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को और खास बनाने के लिए की गई है, ताकि महिलाएं अपने भाइयों और परिवारजनों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकें। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा सभी प्रकार की बसों, जैसे साधारण, एसी, और जनरथ बसों में उपलब्ध होगी। यात्रा के दौरान किसी भी तरह के टिकट की आवश्यकता नहीं होगी। महिलाओं को बस में चढ़ते समय अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए कोई दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रा और भी सुगम होगी। इससे पहले, चार अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह ऐलान कर दिया था कि उनकी सरकार रक्षाबंधन बंधन के मौके पर प्रदेश की बहन-बेटियों को बस का मुफ्त सफर देने जा रही है। यह कदम रक्षाबंधन को देखते हुए उठाया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने भाई के घर में जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। सीएम योगी ने स्पष्ट किया था कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की बहन-बेटियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। बता दें कि रक्षाबंधन के मौके पर बस का मुफ्त सफर देने की शुरुआत साल 2017 में हुई थी, जिसका सिलसिला अब तक जारी है। प्रदेश सरकार के मुताबिक, 1.23 करोड़ महिलाएं इसका फायदा उठा चुकी हैं। वहीं, इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया। साथ ही, परिवहन निगम ने सभी बस चालकों और परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अवधि में महिलाओं और उनके सहयात्रियों को पूरी सुविधा और सम्मान के साथ यात्रा कराएं।  

श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया फिलहाल रोक आदेश

मथुरा  सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस अध्यादेश, 2025 पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसके तहत सरकार मथुरा-वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन अपने हाथों में ले रही थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले को अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि अध्यादेश की वैधता पर निर्णय लिया जा सके। निगरानी के लिए समिति का गठन अध्यादेश की कानूनी वैधता तय होने तक, उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति मंदिर के मामलों की निगरानी करेगी। इस समिति में जिला कलेक्टर, राज्य सरकार के अधिकारी और हरिदासी संप्रदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि मंदिर का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके और किसी भी पक्ष के अधिकारों का हनन न हो।   गलियारा विकास और फंड का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट ने अपने 15 मई के उस फैसले को भी वापस ले लिया है, जिसमें राज्य सरकार को गलियारा विकास परियोजना के लिए मंदिर के फंड का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। पिछली सुनवाई के दौरान, पीठ ने राज्य सरकार द्वारा मंदिर के फंड के उपयोग की अनुमति मांगने के "गुप्त तरीके" पर कड़ी आपत्ति जताई थी।याचिकाकर्ताओं की मुख्य दलीलें : इस मामले में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें यूपी सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि यह अध्यादेश सरकार का धार्मिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप है, जिससे मंदिर प्रबंधन की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। सरकार ने मंदिर प्रशासन को अपने नियंत्रण में लेने का कोई ठोस और मजबूत कारण नहीं बताया है। वकील संकल्प गोस्वामी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह अध्यादेश हरिदासी/सखी सम्प्रदाय के अपने धार्मिक मामलों को खुद संभालने के अधिकार का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ताओं का यह भी मानना है कि इस अध्यादेश से धार्मिक रीतियां और परंपराएं बदलने की कोशिश की जा रही है, जो देवता को नाराज कर सकता है और पूरे सम्प्रदाय के अस्तित्व पर खतरा पैदा कर सकता है। यह मंदिर 1939 से पारंपरिक रूप से निजी प्रबंधन के अधीन है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विस्तृत आदेश जल्द ही अपलोड करेगा।

पहले आप खाइए! राखी पर बच्ची की मीठी मांग पर CM योगी ने मिठाई खाई

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर बच्चों के साथ चुहल करते और उनको चाकलेट व अन्य चीजें बांटते नजर आते हैं। पिछले दिनों एक बच्ची की अपील के बाद स्कूल में दाखिला का मामला काफी चर्चित हुआ था। योगी के निर्देश पर बच्ची को एक बड़े निजी स्कूल में दाखिला मिला था। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक समारोह के दौरान सीएम योगी का वही रूप दिखाई दिया। बच्ची की एक जिद के आगे सीएम योगी को मजबूर होना पड़ गया। एक बच्ची ने योगी को मिठाई खाने पर मजबूर कर दिया। बच्ची सीएम योगी को राखी बांधने आई थी। राखी के साथ मिठाई भी लेकर आई थी। राखी बंधवाने के बाद सीएम योगी ने बच्ची को मिठाई खिलाने की कोशिश की तो बच्ची ने तपाक से बोल दिया कि पहले आप खाइए। इस पर सीएम योगी पहले मुस्कराए और बच्ची को ही मिठाई खिलाने की कोशिश की। लेकिन बच्ची भी नहीं मानी। उसने भी मिठाई नहीं खाई। कहा पहले आप खाइए, पहले आप खाइए। अंतत: बच्ची की जिद सीएम योगी को पूरी करनी पड़ी और मिठाई खाकर उसे खुश कर दिया। सीएम योगी ने इस दौरान बच्चियों को चाकलेट के पैकेट और पैसे भी दिए। सीएम योगी काकोरी एक्शन शताब्दी समापन समारोह में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ पहुंचे थे। इस दौरान योगी ने एक बार फिर लोगों से विदेशी की जगह स्वदेशी चीजों को खरीदने की अपील की। कहा कि विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो पैसा आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगा। सीएम योगी ने कहा कि आने वाले रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दीपावली व अन्य त्योहारों के मौके पर केवल स्वदेशी सामान ही खरीदें। यह भी कहा कि चाहे स्वदेशी सामान महंगे क्यों न हों, इन्हें खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और कारीगरों को मदद मिलेगी। कहा कि यह अवसर है हमारे बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने का। 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा झंडा होना चाहिए। हमें बलिदानियों के प्रति कृतज्ञ रहने के साथ महात्मा गांधी के स्वदेशी अपनाओ आंदोलन को भी आगे बढ़ाना है। महात्मा गांधी ने जो मंत्र दिया, उसी पर हमें चलते हुए केवल स्वदेशी अपनाना है।