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सीएजी रिपोर्ट ने की पुष्टिः ‘बीमारू’ नहीं अब ‘बेमिसाल’ है यूपी

लखनऊ. कभी बीमारू राज्यद का दर्जा पाए और पिछड़ेपन और आर्थिक तंगी की वजह से चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत के महालेखाकार (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश राज्यह राजस्वक अधिशेष में शामिल था। सीएजी ने राज्यों के 10 वर्षों के आर्थिक प्रदर्शन का अध्ययन कर बताया है कि देश में अब कुल 16 राज्य ऐसे हैं, जिनकी कमाई उनके खर्च से ज्यादा है यानी ये राज्य राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) में हैं।  महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस सूची में उत्तर प्रदेश ₹37,000 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस के साथ सबसे ऊपर है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में सीएम योगी के नेतृत्व में लागू की गई नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश न केवल सतत विकास की राह पर बढ़ रहा है बल्कि अन्य राज्यों के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।  भाजपा शासन वाले राज्यों में स्थिति बेहतर सीएजी की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि यूपी के बाद गुजरात (₹19,856 करोड़), ओडिशा (₹15,560 करोड़), झारखंड (₹13,920 करोड़), कर्नाटक (₹13,496 करोड़), छत्तीसगढ़ (₹8,592 करोड़), तेलंगाना (₹6,944 करोड़), केरल (₹5,310 करोड़), मध्य प्रदेश (₹4,091 करोड़) और गोवा (₹2,399 करोड़) का स्थान है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्य भी अधिशेष वाले राज्यों में शामिल हैं। इन 16 अधिशेष राज्यों में से कम से कम 10 पर भाजपा का शासन है।  12 राज्य अब भी जूझ रहे राजस्व घाटे से रिपोर्ट के अनुसार, देश के 12 राज्य अब भी राजस्व घाटे से जूझ रहे हैं। इनमें आंध्र प्रदेश (-₹43,488 करोड़), तमिलनाडु (-₹36,215 करोड़), राजस्थान (-₹31,491 करोड़), पश्चिम बंगाल (-₹27,295 करोड़), पंजाब (-₹26,045 करोड़), हरियाणा (-₹17,212 करोड़), असम (-₹12,072 करोड़), बिहार (-₹11,288 करोड़), हिमाचल प्रदेश (-₹6,336 करोड़), केरल (-₹9,226 करोड़), महाराष्ट्र (-₹1,936 करोड़) और मेघालय (-₹44 करोड़) शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार स्पष्ट है कि इन राज्यों की कमाई उनके खर्च को पूरा कर पाने में सक्षम नहीं है। केंद्रीय अनुदान पर ज्यापदा निर्भर पश्चिम बंगाल, केरल व पंजाब जैसे राज्य सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल, केरल, हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे राज्य अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए केंद्र से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान पर निर्भर हैं। वित्त वर्ष 2023 में अकेले पश्चिम बंगाल को 16% हिस्सा मिला, ताकि उसकी आय और खर्च के बीच का अंतर पूरा हो सके। इसके बाद केरल को 15%, आंध्र प्रदेश को 12%, हिमाचल प्रदेश को 11% और पंजाब को 10% अनुदान मिला। वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 में हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात उच्च राज्य कर राजस्व (एसओटीआर) वाले राज्य थे, जिन्हें उनकी कुल राजस्व प्राप्तियों के अनुपात में मापा गया। इसी प्रकार, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे राज्यों का एसओटीआर 30% से भी कम रहा, जो इनकी कमज़ोर राजस्व क्षमता को दर्शाता है। इन राज्यों ने आमदनी के लिए टैक्स तथा गैर टैक्स स्रोतों को किया मजबूत… रिपोर्ट में राज्यों का उल्लेख किया है जिन्होंने अपनी कमाई यानी टैक्स व गैर-टैक्स स्रोतों को मजबूत किया है। हरियाणा इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां राज्य की कुल आय का 80% से ज्यादा हिस्सा उसकी खुद की कमाई से आता है। इसके बाद तेलंगाना (79%), महाराष्ट्र (73%), गुजरात (72%), कर्नाटक (69%), तमिलनाडु (69%) और गोवा (68%) हैं। यह दिखाता है कि इन राज्यों ने केंद्र पर निर्भर रहने के बजाय खुद के राजस्व स्रोत मजबूत किए हैं। राज्यों की अपनी आय में सबसे बड़ा हिस्सा राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) से आता है। इसके अलावा शराब, पेट्रोलियम उत्पाद और बिजली पर लगने वाला वैट तथा एक्साइज ड्यूटी भी राज्यों के लिए बड़ी कमाई का ज़रिया है क्योंकि ये जीएसटी ढांचे से बाहर हैं। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्यों को कुल ₹1,72,849 करोड़ की धनराशि फाइनेंस कमीशन ग्रांट्स के रूप में सौंपी गई, जिसमें से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट्स के तौर पर ₹86,201 करोड़ की धनराशि दी गई। उत्तर प्रदेश के सकारात्मक बदलाव पर एक नजर… उत्तर प्रदेश डबल इंजन की सरकार में दोगुनी रफ्तार से तरक्की कर रहा है तथा इस बात को सीएजी ने भी रिपोर्ट में माना है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा योगी सरकार के वर्ष 2017 से लेकर अब तक के कार्यकाल की तुलना अगर वर्ष 2012-17 के दौरान की पूर्ववर्ती समाजावादी पार्टी की सरकार से करेंगे तो जमीन-आसमान का फर्क देखने को मिलेगा। टैक्स कलेक्शनः वर्ष 2012-13 में यह मात्र ₹54,000 करोड़ था जो 2016-17 में बढ़कर ₹85,000 करोड़ हुआ यानी, 5 साल में करीब ₹31,000 करोड़ की वृद्धि हुई। वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017-18 में यह ₹95,000 करोड़ से बढ़कर 2024-25 तक ₹2,25,000 करोड़ तक पहुंचा। यानी, 8 साल में 1.3 लाख करोड़ से अधिक की वृद्धि हुई है। बजट का आकारः वर्ष 2012-13 में राज्य का बजट ₹ 2.0 लाख करोड़ था जो 2016-17 तक ₹3.46 लाख करोड़ पहुंच गया। यह लगभग 1.5 लाख करोड़ की बढ़ोत्तरी थी। दूसरी ओर, योगी सरकार में 2017-18 में राज्य का बजट ₹3.84 लाख करोड़ था जो कि वर्ष 2025-26 तक बढ़कर ₹8.08 लाख करोड़ हो गया। यानी, केवल आठ वर्षों में बजट का आकार दोगुने से अधिक बढ़ गया। सकल राज्य घरेलू उत्पादः वर्ष 2012-13 में प्रदेश की जीएसडीपी लगभग ₹8 लाख करोड़ थी जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 12.5 लाख करोड़ हो गई, यानी लगभग ₹ 4.5 लाख करोड़ की वृद्धि हुई। वहीं, योदगी सरकार में वर्ष 2017-18 में जीएसडीपी लगभग ₹13.6 लाख करोड़ था तथा वर्ष 2025-26 में यह 30 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यानी, केवल 8 वर्षों में लगभग ₹ 16.4 लाख करोड़ की वृद्धि हुई है।

नवरात्र विशेष: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विंध्याचल और मैहर स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें

प्रयागराज  शारदीय नवरात्र के अवसर पर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 22 ट्रेनो का पांच-पांच मिनट का ठहराव विंध्याचल धाम और मैहर स्टेशनो पर करने का फैसला लिया है। रेलवे ने आज से एक अक्टूबर तक और छह अक्टूबर को 22 ट्रेनों को विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर दो दो मिनट का ठहराव दिया है। इसी प्रकार मैहर स्टेशन पर भी 15 ट्रेनों को पांच-पांच मिनट का ठहराव दिया गया है। यहां उतर सकते है दर्शन करने वाले भक्त रेलवे के इस फैसले से दर्शन करने वाले भक्तों को यहां उतरने में सहूलियत मिल सकेगी। रेलवे के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने बताया ,विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर नवरात्र में दो मिनट रुकने वाली ट्रेनों में हावड़ा-जोधपुर, हावड़ा-बीकानेर, पुरी-आनंद विहार टर्मिनल, लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पाटलिपुत्र, जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल,जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। श्रद्धालुओं का पहुंचना और वापस जाना होगा आसान माता रानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विंध्याचल पहुंचना और वापसी करना आसान हो जाएगा और ऐसा ही मैहर रेलवे स्टेशन पर किया गया है। यहां पर पांच मिनट के लिए ट्रेनों का ठहराव होगा। इसमें लोकमान्य तिलक ट.-गोरखपुर, लोकमान्य तिलक ट.- छपरा, चेन्नई -छपरा, वलसाड- मुज़फ्फरपुर, कोल्हापुर- धनबाद, लोकमान्य तिलक ट.- रक्सौल, दुर्ग-नवतनवा, आदि ट्रेन रुकेगी।   

गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ

गोरखपुर. शारदीय नवरात्र के पहले दिन (प्रतिपदा), सोमवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पीठ की परंपरा के अनुसार हुआ। सोमवार सायंकाल गोरक्षपीठाधीश्वर ने मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शारदीय नवरात्र प्रतिपदा का अनुष्ठान मां जगतजननी की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ। कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य कलश शोभायात्रा पारंपरिक तरीके और श्रद्धाभाव से निकाली गई। सायंकाल गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की शोभायात्रा, परंपरागत वाद्ययंत्रों घंट-घड़ियाल, तुरही, शंख की ध्वनियों और मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ आई। इसके बाद जल से भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आवाहन कर इसे स्थापित किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में श्रीमददेवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

अयोध्या में 120 फीट के मंच पर थ्रीडी तकनीक के साथ शुरू हुई भव्य रामलीला

अयोध्या. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या लगातार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वैभव से निखर रही है। इसी कड़ी में भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामकथा पार्क में सातवें संस्करण की भव्य फिल्मी रामलीला का शुभारंभ हुआ। 120 फीट ऊंचे मंच पर थ्रीडी तकनीक के साथ शुरू हुई इस रामलीला में पहले दिन नारद मोह के प्रसंग से सबका मन मोह लिया। यह आयोजन 22 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार रामलीला की खासियत 240 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा, जो इसे और भी भव्य बनाएगा। इसके साथ ही 190 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। 60 कारीगर तैयार कर रहे हैं पुतला कोरोना काल 2020 में शुरू हुई इस फिल्मी रामलीला ने हर साल अपनी भव्यता और नवाचार के साथ लोगों का ध्यान खींचा है। संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मालिक ने बताया कि इस बार चार राज्यों के 60 कारीगरों की टीम ने इन विशाल पुतलों को तैयार किया है, जो तकनीक और कला का अनूठा संगम प्रदर्शित करेंगे।  बड़े बड़े कलाकार निभा रहे पात्रों की भूमिका रामकथा पार्क में आयोजित इस रामलीला में फिल्मी सितारों की भागीदारी इसे और भी आकर्षक बनाती है। इस साल भगवान शंकर का किरदार बिंदु दारा सिंह, बाली का किरदार सांसद मनोज तिवारी, परशुराम का किरदार पुनीत इस्सर और केवट का किरदार रवि किशन निभा रहे हैं। इन सितारों की मौजूदगी से रामलीला में फिल्मी तड़का और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अत्याधुनिक तकनीक का किया जा रहा इस्तेमाल रामलीला का मंचन अत्याधुनिक थ्रीडी तकनीक के साथ किया जा रहा है, जो दर्शकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करेगा। मंच की ऊंचाई और तकनीकी प्रभावों के कारण दर्शक रामायण के दृश्यों को और करीब से महसूस कर सकेंगे। आयोजकों ने बताया कि इस बार रावण दहन का आयोजन अभूतपूर्व होगा। मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 बनेंगी सीता इस बार सीता की भूमिका मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मणिका विश्वकर्मा कर रही हैं। अयोध्या की रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि इस बार अयोध्या की रामलीला इतिहास रचने जा रही है। इसमें रावण का रोल प्रसिद्ध कलाकार विजय सक्सेना कर रहे हैं। श्रीराम की भूमिका फिल्म अभिनेता राहुल भूचर कर रहे हैं। गत वर्ष 47 करोड़ ने देखी थी रामलीला सुभाष मालिक ने बताया कि रामलीला न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इस आयोजन से अयोध्या में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रामकथा पार्क में हर शाम हजारों की संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं, और इसका सीधा प्रसारण भी विभिन्न मंचों पर किया जा रहा है। गत वर्ष ऑनलाइन व दूरदर्शन के माध्यम से 47 करोड़ लोगों ने रामलीला देखी थी। इसका प्रसारण रोजाना शाम सात बजे से दस बजे तक दिखाई जाएगी।  

ग्रामीण क्षेत्रों से तीन लाख से ऊपर और शहरी क्षेत्रों से करीब एक लाख सुझाव मिले

 आगरा के ललित वर्मा ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने की मांग की शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सबसे बड़े मुद्दे, युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा कन्नौज के अखिलेश पांडेय ने वेटरनरी छात्रों की तैनाती का सुझाव दिया बस्ती के गोबिंद ने ग्राम सचिवालय को पारदर्शिता का केंद्र बनाने की बात कही देवरिया से शिशिरा प्रजापति ने ग्रामीण क्षेत्रों में एआई व रोबोटिक्स सिखाने का सुझाव दिया जनता से मिलने वाले अच्छे सुझावों को विजन डॉक्युमेंट में शामिल करेगी योगी सरकार लखनऊ, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारीऔर प्रबुद्ध जन आम जनता से संवाद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा जारी है, जिसमें ग्रामीण जनता की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। सोमवार तक अभियान में करीब चार लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें तीन लाख से ऊपर सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब एक लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। सबसे अधिक भागीदारी 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग की दिख रही है, जबकि जेन-ज़ी और वरिष्ठ नागरिकों ने भी सक्रियता दिखाई है। सुझावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों पर जनता का ज़्यादा जोर है। खासकर शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होने वाली नीतियों में पारदर्शिता को लेकर नागरिकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। ये हैं कुछ प्रमुख सुझाव देवरिया की शिशिरा प्रजापति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एआई, रोबोटिक्स और हरित ऊर्जा जैसी तकनीकें सिखाई जाएं। साथ ही उच्च शिक्षा व कौशल प्रशिक्षण सस्ता और सुलभ बनाया जाए, तेज़ इंटरनेट, स्मार्ट क्लास और विश्वविद्यालयों में शोध केंद्र व स्टार्टअप इनक्यूबेटर स्थापित किए जाएं। आगरा के ललित वर्मा ने निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि किताबें और ड्रेस कम से कम पांच साल तक न बदलें, एक समान सिलेबस हो और शिकायत निवारण के लिए राज्य स्तरीय पोर्टल बने। कन्नौज के अखिलेश कुमार पांडेय ने सुझाव दिया कि पशुपालन विभाग में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अंतिम वर्ष के वेटरनरी छात्र एक साल के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के तहत पशु चिकित्सालयों में तैनात किए जाएं। बस्ती के गोबिंद ने ग्राम सचिवालय को पारदर्शिता का केंद्र बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक हर योजना का पैसा कब आया, कितना और कहां खर्च हुआ, इसकी ऑनलाइन रिपोर्ट अपलोड करें और ग्राम लेखाकार के रूप में मान्यता पाएँ। अभियान में अब तक प्रयागराज, फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर नगर, गोरखपुर, सहारनपुर, मेरठ, फर्रुखाबाद और महाराजगंज जैसे जनपदों से सबसे अधिक सुझाव आए हैं। सरकार का कहना है कि जनता की इन रायों को विकास रोडमैप में शामिल कर उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार पर सीएम योगी ने जनसंर्पक कर व्यापारियों व ग्राहकों से किया संवाद

  दुकानदारों को दिया जीएसटी की घटी दरों का स्टीकर, एक दुकान पर खुद किया चस्पा किया गोरखपुर, नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म (अगली पीढ़ी के लिए जीएसटी सुधार) सोमवार से लागू हो गए। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में तय जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान के पहले चरण की शुरुआत खुद व्यापारियों और ग्राहकों के बीच जनसंर्पक करके की। सीएम ने सोमवार पूर्वाह्न पदयात्रा कर झूलेलाल मंदिर से गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक कारोबारी प्रतिष्ठानों में जाकर कारोबारियों और वहां मिले ग्राहकों से बात की, जीएसटी सुधारों पर उनकी प्रतिक्रिया जानी। उन्होंने कारोबारियों से आग्रह किया मोदी सरकार से उपहार स्वरूप घटी जीएसटी का लाभ ग्राहकों को अवश्य दें। साथ ही स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर भी लगाएं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी परिषद ने तीन सितंबर की बैठक में कर सुधारों का निर्णय लिया था। ये निर्णय सोमवार से प्रभावी हो गए। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिनों एक समीक्षा बैठक में 22 सितंबर से 29 सितंबर तक ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ का पहला चरण शुरू करने का निर्णय लिया था। इसका शुभारंभ सोमवार को उन्होंने खुद पदयात्रा, जनसंर्पक और संवाद से किया। ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झूलेलाल मंदिर से गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक पदयात्रा की और मार्ग पर स्थित कई दुकानों में जाकर व्यापारियों और ग्राहकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी की घटी दरों को लेकर उनसे संवाद किया। उन्हें जीएसटी की घटी दरों से संबंधित एक स्टीकर और गुलाब का फूल दिया। साथ ही कहा कि जीएसटी की घटी दरों का लाभ ग्राहकों को जरूर दीजिए। इससे आपका कारोबार और समृद्ध होगा। अभियान के दौरान सीएम योगी सबसे पहले स्टाइल बाजार गए। यहां प्रतिष्ठान के उच्च प्रबंधन ने उनका स्वागत किया। यहां मुख्यमंत्री ने खुद प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर जीएसटी की घटी दरों का स्टीकर चस्पा किया। उन्होंने स्नेहिल भाव से प्रतिष्ठान के मेंटर राजेंद्र खुराना, एमडी श्रेयांश खुराना और निदेशक प्रदीप अग्रवाल से पूछा कि कपड़ों पर जीएसटी में कितनी कमी आई है। यह बताए जाने पर कि 12 प्रतिशत घटकर 5 प्रतिशत हो गया है, सीएम ने कहा कि इससे आपका बाजार और मजबूत होगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए ग्राहकों को कम हुई जीएसटी का फायदा जरूर दीजिए। प्रतिष्ठान प्रबंधन ने बताया कि जीएसटी कमी का लाभ दिया जाना शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री जब यहां से जाने लगे तो उन्होंने प्रतिष्ठान संचालक को गुलाब का फूल भेंट किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पैदल चलकर न्यू स्वीट्स पैलेस पर आए। यहां उन्होंने दुकानदार बिहारी लाल व जतिन लाल से जीएसटी की कम हुई दरों पर संवाद किया। दुकानदार ने बताया कि कम हुई कीमतों का लाभ उन्होंने ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें जीएसटी रिफॉर्म का स्टीकर देकर कहा कि सभी लोगों को जीएसटी सुधार के लिए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। व्यापारियों और ग्राहकों से संपर्क और संवाद के क्रम में मुख्यमंत्री ने गीता होलसेल मार्ट में प्रतिष्ठान संचालक शम्भू शाह से कहा कि जीएसटी दरों में कमी को लेकर ग्राहकों को आप लोग खुद भी जागरूक करिए। इससे ग्राहक को फायदा होगा ही, आपका भी बाजार समृद्ध होगा। प्रेम मेडिकल्स में जाकर उन्होंने दवाओं की कीमतों में आई कमी पर चर्चा की। दुकानदार विनय प्रजापति और आकाश प्रजापति ने बताया कि जीवनरक्षक दवाओं पर टैक्स जीरो हो गया है। कई दवाओं में टैक्स अब सिर्फ 5 प्रतिशत रह गया है। आज से इसका लाभ वह ग्राहकों को देने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने सिटी कार्ट, श्री होम्यो स्टोर्स के सामने, रंगोली कलेक्शन के सामने, गोरखनाथ मिष्ठान के सामने, जयदेव भवन के सामने, श्री हुनमान कटरा के सामने खड़े दुकानदारों और गोरखनाथ मार्ग मंदिर मार्ग पर खड़े चौधरी कैफुलवरा के परिवार से जीएसटी रिफॉर्म पर संवाद कर उन्हें स्टीकर भेंट किया। उन्होंने कहा कि आप लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दें कि उन्होंने लंबे समय से चली आ रही व्यापारियों की मांग के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू किया है। इस दौरान दुकानदारों और आमजन ने जगह जगह पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री की पदयात्रा में ‘घटी जीएसटी बढ़ा व्यापार, धन्यवाद मोदी सरकार’ के खूब नारे लगे। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी आदि भी मुख्यमंत्री के साथ पदयात्रा में शामिल रहे। जीएसटी सुधार से मजबूत होगा टेक्सटाइल सेक्टर : शम्भू शाह जीएसटी रिफॉर्म पर पदयात्रा करते हुए संवाद करने गीता होलसेल मार्ट पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रतिष्ठान के संचालक शम्भू शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों को कम करके टेक्सटाइल सेक्टर को फिर मजबूत कर दिया है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर, कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि टैक्स की दर घटकर 5 प्रतिशत तक होने से बिक्री बढ़ेगी। उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। सपना था सीएम योगी से मिलना, आज पूरा हो गया : राजेन्द्र खुराना जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहजता ने कारोबारियों का दिल छू लिया। स्टाइल बाजार के मेंटर, कोलकाता से आए राजेन्द्र खुराना ने मुख्यमंत्री से संवाद करने के बाद कहा कि महाराज जी ने जिस आत्मीयता से बात की, वह उन्हें हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि महाराज जी (सीएम योगी) से मिलना उनका सपना था और आज उनका यह सपना पूरा हो गया।

61 साल बाद यूपी में लौटा जम्बूरी, प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

– लखनऊ में लगेगा सेवा, समर्पण और अनुशासन का 'महाकुम्भ', बसेगी टेंट सिटी, सीएम योगी करेंगे मेजबानी – योगी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रीगण करेंगे 29 सितंबर को भूमि पूजन, दुनिया भर की नजर   – भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित किया जाता है राष्ट्रीय जम्बूरी – देश-विदेश के 32 हजार युवा लेंगे 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में हिस्सा – इससे पहले 1964 में प्रयागराज में हो चुका है चौथे राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन – एडवेंचर, स्पोर्ट्स, विज्ञान और सांस्कृतिक आयोजनों का होगा संगम – आयोजन बनेगा युवा शक्ति का महापर्व, मिलेगी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क की सीख – 2009 में पीएम नरेन्द्र मोदी स्वयं रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा लखनऊ, प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस नवंबर एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को भारत स्काउट एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा आयोजित होने वाला यह विशाल शिविर न केवल युवाओं की ऊर्जा को दिशा देगा बल्कि वैश्विक भाईचारे का अनूठा संदेश भी फैलाएगा। कार्यक्रम 23 से 29 नवंबर तक होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे। इसके लिए राजधानी के वृंदावन योजना में एक विशाल टेंट सिटी बसाई जाएगी। सीएम योगी करेंगे मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद यह मेजबानी मिली है। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए योगी सरकार ने लखनऊ में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ गेटेड टेंट सिटी तैयार करने का निर्णय लिया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले हजारों युवा प्रतिभागियों को एक सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायी माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे आयोजन की मेजबानी करेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम 29 सितंबर को 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के आयोजन स्थल पर बनने वाली भव्य टेंट सिटी के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम 29 सितंबर को सुबह आयोजित किया जाएगा। योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, मंत्री गुलाब देवी, भारत स्काउट गाइड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह और स्टेट चीफ कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार मौजूद रहेंगे। जिस स्थान पर भूमि पूजन होगा, वहीं पर 35 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था वाली अस्थायी "गेटेड टेंट सिटी" विकसित की जानी है। 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है। युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन है जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात करेंगे। प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। अब बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 32 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जम्बूरी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं बल्कि नई पीढ़ी को नेतृत्व, जिम्मेदारी और सामाजिक दायित्व सिखाने का एक मंच है। यह आयोजन साबित करेगा कि जब युवा संगठित होकर आगे बढ़ते हैं तो वे राष्ट्र के भविष्य की दिशा बदल सकते हैं।

दीपक के परिजनों से मिले सीएम, दिया पांच लाख रुपये का चेक

गोरखपुर,  दुख और विपदा की घड़ी में हर व्यक्ति के साथ एक अभिभावक जैसे खड़े रहना, उसकी वेदना में संवेदना के साथ भरपूर मदद करना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की विशिष्ट पहचान है। दुखी-पीड़ित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और आत्मीयता का सजीव दर्शन सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार फिर देखने को मिला। बीते दिनों पशु तस्करों के हमले में मृत दीपक गुप्ता के परिजनों से मिलकर सीएम योगी ने न केवल उनकी पीड़ा पर संवेदना का मरहम लगाया बल्कि आर्थिक सहायता देकर उन्हें आश्वस्त किया कि उनके रहते परिवार को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि घटना में शामिल एक भी बदमाश को बख्शा नहीं नहीं जाएगा। सबके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के साथ कठोर सजा दिलाई जाएगी। 15/16 सितंबर की रात पिपराइच थानांतर्गत महुआचाफी गांव में पशु तस्करों ने दीपक गुप्ता की हत्या कर दी थी। इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि ग्रामीणों की पिटाई से घायल पशु तस्कर गिरोह के एक सदस्य की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार दीपक के परिजनों के सम्पर्क में बने हुए थे। इस बीच गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह दीपक गुप्ता के पिता दुर्गेश गुप्ता, मां और अन्य परिजनों से गोरखनाथ मंदिर के अपने बैठक कक्ष में मुलाकात की। उन्होंने दीपक की मौत पर  अपनी संवेदना प्रकट की और ढांढस बंधाते हुए परिजनों आत्मीय संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने दीपक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह दीपक के परिवार साथ खड़े हैं। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह भी मौजूद रहे।

मिशन शक्ति 5.0 : बेटियों का सशक्त उदय, बालिका सशक्तिकरण, शिक्षा और सुरक्षा पर केंद्रित अभियान चला रही योगी सरकार

  – रैलियों और नुक्कड़ नाटकों से समाज में गूँज रही बेटियों की आवाज़ – 23 सितम्बर को एक दिन का अधिकारी बन प्रशासनिक प्रक्रिया का अनुभव लेंगी तो 30 को स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकियों से होंगी परिचित – प्रत्येक बालिका को सशक्त, जागरूक और समाज का नेतृत्व करने योग्य बनाना है : संदीप सिंह – हर बालिका की प्रतिभा और आत्मविश्वास को निखारना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है : मोनिका रानी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाला मिशन शक्ति 5.0 पूरे प्रदेश में जोर-शोर से जारी है। सोमवार को भी प्रदेशभर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों में लाखों बालिकाओं, बालकों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया। बालिकाओं ने रैलियाँ निकाली और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर महिला सुरक्षा, शिक्षा और समाज में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया तो अभिभावकों ने संवाद स्थापित कर बालिकाओं को मार्गदर्शन किया।   प्रदेशभर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं ने अपने सशक्तिकरण और बाल अधिकारों की जागरूकता का शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर माँ दुर्गा के नवरूपों पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का मंचन लगभग 45,000+ स्थानों पर किया गया, जबकि 48,000+ स्थानों पर बालिकाओं और बच्चों ने जागरूकता रैलियाँ निकालीं और बाल अधिकारों से जुड़े नारे लगाए। इस कार्यक्रम में 3,45,000+ बालिकाएँ, 2,56,000 बालक, 45,000+ शिक्षक और 1,25,000+ अभिभावक सक्रिय रूप से शामिल हुए। साथ ही, 1,61,000+ बालिकाओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे इस महायोजना ने बच्चों और समाज में सुरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास का संदेश मजबूती से पहुँचाया। ज्ञातव्य है कि 21 सितम्बर को प्रदेश के सभी KGBV विद्यालयों में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में 88 हज़ार से अधिक बालिकाओं ने भाग लिया और माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित पोस्टर बनाकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। अब मिशन शक्ति 5.0 को नारीशक्ति और सशक्तिकरण की भावना को घर-घर तक पहुँचाने के व्यापक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा देने के साथ प्रत्येक बालिका को सशक्त, जागरूक और समाज का नेतृत्व करने योग्य बनाना हमारी सरकार का लक्ष्य है। हम इस दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। मिशन शक्ति 5.0 इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। – संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश 30 सितम्बर तक इन गतिविधियों का हिस्सा बनती रहेंगी बालिकाएं 23 सितम्बर – छात्राओं को ‘एक दिन का अधिकारी’ बनाकर प्रशासनिक प्रक्रिया का अनुभव कराया जाएगा। 24 सितम्बर – ‘मीना दिवस’ का आयोजन; बालिकाओं को ‘निडर’ फिल्म दिखाकर चर्चा, रैली और नुक्कड़ नाटक। 25 सितम्बर – KGBV बालिकाओं द्वारा बैंक भ्रमण और खाता संचालन प्रक्रिया पर जागरूकता। 26 सितम्बर – विद्यालयों में ख्याति प्राप्त महिलाओं से संवाद, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और ‘सेल्फ डिफेंस क्लब’ का गठन। 27 सितम्बर – बालिकाओं का थाना/कोतवाली भ्रमण; FIR और गिरफ्तारी प्रक्रिया, साइबर क्राइम तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी। 28 सितम्बर – बाल विवाह, महिला योजनाएँ और सामाजिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक। 29 सितम्बर – बालिकाओं को उनके अधिकार और उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी। 30 सितम्बर – बालिकाओं का सरकारी अस्पतालों में भ्रमण; स्वास्थ्य जांच, परामर्श और जनजागरूकता। मिशन शक्ति 5.0 अभियान, बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का संकल्प है। हर बालिका की प्रतिभा और आत्मविश्वास को निखारना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। – मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

दाम घटने से बढ़ेगी लोगों की क्रयशक्ति, उल्लास से मनाएंगे पर्व: सीएम योगी

गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीएसटी सुधारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से देशवासियों को दीपावली का उपहार बताते हुए जीएसटी की घटी दरों को रोजगार बढ़ाने में सहायक बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी कम होने से आम उपभोक्ता की क्रय शक्ति बढ़ेगी। क्रय शक्ति बढ़ने से मांग बढ़ेगी। मांग से खपत, खपत से उत्पादन बढ़ेगा और उत्पादन बढ़ने से नया रोजगार सृजन भी होगा। सोमवार को जीएसटी रिफॉर्म पर जन जागरण पदयात्रा और व्यापारियों से संवाद करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी की घटी दरें पूरे देश में लागू कर दी गई हैं। जीएसटी में यह अब तक सबसे बड़ा रिफॉर्म है। कई वस्तुओं और सेवाओं में कर की दरों को पांच प्रतिशत या शून्य पर ला दिया गया है। जीवनरक्षक दवाओं को करमुक्त कर दिया गया है जबकि अन्य दवाओं पर कर की दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि किसानों के लिए जीएसटी पांच प्रतिशत या शून्य कर दी गई है। शिक्षण सामग्री पर कर की दर को बारह से शून्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी एक है लेकिन इसके लाभ अनेक हैं। जीएसटी रिफॉर्म अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। क्रयशक्ति बढ़ने से आम ग्राहक उल्लास और उमंग से पर्व-त्योहार मनाएगा। बाजार में मजबूती आने से खपत और उत्पादन बढ़ने का सकारात्मक असर रोजगार पर पड़ेगा। उन्होंने व्यापक जनहित में जीएसटी सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।