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स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

रायपुर यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है। एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव – काले हिरण – से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है। बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है। छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे। अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया। संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। काले हिरण के बारे में: काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

24 घंटे में 41.75 करोड़ की शराब बिकी छत्तीसगढ़ में, राजस्व में 23% की जबरदस्त बढ़ोतरी

रायपुर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आबकारी विभाग के खजाने में धनवर्षा हो रही है। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच प्रदेश में शराब की खपत ने पिछले सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हाल ही में जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार बीते 22 अप्रैल को प्रदेशवासियों ने महज 24 घंटे के भीतर 41 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की शराब खाली कर दी। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 23.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है। बिक्री के आंकड़ों में राजधानी रायपुर एक बार फिर शीर्ष पर रहा है। अकेले रायपुर जिले में एक दिन में 7.39 करोड़ रुपए की शराब बिकी। औद्योगिक नगरी दुर्ग 5.09 करोड़ रुपए के साथ दूसरे और न्यायधानी बिलासपुर 3.71 करोड़ रुपए की खपत के साथ तीसरे स्थान पर रही। बड़े शहरों में शराब की यह मांग लंबे समय से बरकरार है, लेकिन इस साल के आंकड़ों ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। कोरिया और सुकमा में रिकार्ड बढ़ोत्तरी रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू छोटे और दूरस्थ जिलों से सामने आया है। विकास की दौड़ में पीछे माने जाने वाले इन जिलों में शराब की खपत की रफ्तार मेट्रो शहरों से भी तेज है। कोरिया जिले में पिछले वर्ष की तुलना में 78.4 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि हुई है। वहीं, माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद सुकमा में 74 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और सूरजपुर में बिक्री में 65.9 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। हालांकि, नारायणपुर और बीजापुर जैसे अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच सीमित होने के कारण बिक्री में गिरावट देखी गई है। अप्रैल में आठ अरब के पार पहुंचा कारोबार नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 22 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में आठ अरब 66 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बेची जा चुकी है। यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में अब घर खरीदना हुआ सस्ता, रजिस्ट्री पर लगने वाला सेस खत्म, मंगलवार से लागू होंगी नई दरें बिक्री बढ़ने के मुख्य कारण  एक अप्रैल से दुकानों पर कई नए विदेशी और देशी ब्रांड उपलब्ध कराए गए हैं। भीषण गर्मी को भी बीयर और शराब की बढ़ती मांग का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन ने भी खपत को बल दिया है। आबकारी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही प्रवृत्ति जारी रही, तो चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व प्राप्ति के सभी पुराने कीर्तिमान धराशायी हो सकते हैं।  

Durg में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वाहन चोरी गैंग के 5 सदस्य दबोचे गए

भिलाई नगर. दोपहिया वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों की निशानदेही पर 5 स्प्लेण्डर एवं 1 एक्टिवा सहित कुल 6 चोरी के वाहन बरामद कर जब्त किया है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी सुखदेव पाण्डेय निवासी मदर टेरेसा नगर कैम्प- 01 ने 1 जनवरी को थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 25 दिसंबर 2025 को नेहरू नगर अटल प्रतिमा के पास से उसकी मोटर साइकिल स्प्लेण्डर अज्ञात आरोपी चोरी कर ली थी। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान 24 अप्रैल को मुखबिर सूचना पर लक्ष्मी नगर सुपेला क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों हर्ष साहू, गजानंद यादव, देवेन्द्र यादव, अजय पटेल व एक नाबालिग ने संगठित होकर अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर भिलाई नगर रेलवे स्टेशन गौठान के पास झाड़ियों से चोरी के 6 दोपहिया वाहन बरामद कर जब्त किए गए।

अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ से सम्मानित

रायपुर अम्बिकापुर की प्रतिभाशाली गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी के रूप में शिवानी को ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा सम्मानित किया गया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे भेंट कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि जब बेटियाँ अपनी मेहनत और प्रतिभा से सफलता के नए आयाम स्थापित करती हैं, तो पूरा समाज गर्व महसूस करता है। शिवानी सोनी की उपलब्धि न केवल युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा का वैश्विक मंच पर सशक्त प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और ऐसे खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर शिवानी सोनी ने भी मंत्री  अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना गर्व की बात है और वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगी।  शिवानी की इस उपलब्धि से अम्बिकापुर सहित पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है तथा यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

Anil Tuteja की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा— सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के डिस्टि्रक्ट मिनरल फंड से जुड़े फंड के इस्तेमाल में भ्रष्टाचार के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा की तुरंत जमानत दिए जाने पेश आवेदन को खारिज कर दिया, कोर्ट ने कहा कि जुर्म की गंभीरता, आवेदक की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने में आवेदक की स्थिति पर गौर किया गया, क्योंकि वह डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिसर था और सप्लायर्स के साथ मिलकर बहुत सारा पब्लिक फंड हड़पा है. आर्थिक अपराध जानबूझकर और सोच-समझकर किया जाता है, जिसमें निजी फ़ायदे को ध्यान में रखा जाता है, चाहे समुदाय पर इसका कोई भी नतीजा हो, जिससे समुदाय का भरोसा और आस्था खत्म हो जाती है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हित को नुकसान होता है. मामले की सुनवाई जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई. ईओडब्ल्यू एवं एसीबी ने कोरबा जिले में डीएमएफ फंड घोटाला मामले में तत्कालीन इंडस्ट्रीयल डिपोर्टमेंट के एडिशनल सिक्रेटरी अनिल टुटेजा को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल दाखिल किया है. जेल में बंद अधिकारी ने हाईकोर्ट में स्थाई जमानत दिए जाने आवेदन दिया था. आवेदन में सह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत दिए जाने, मामले की सुनवाई में विलंब के आधार पर जमानत की मांग की गई थी. आवेदन पर जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास की कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश में कहा करप्शन एक्ट, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध करने में आवेदक की संलिप्तता साबित करते हैं. केस डायरी को और देखने पर, यह साफ़ पता चलता है कि सतपाल सिह छाबड़ा को उन फर्मों से गैर-कानूनी कमीशन के तौर पर 16 करोड़ रुपये मिले हैं. इसमें से आवेदक को पेमेंट किया गया है, इसलिए पहली नज़र में, आवेदक के इस अपराध में शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता. आवेदक ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके प्राइवेट कंपनियों द्बारा पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल किया है, जिससे पब्लिक के हित को बहुत नुकसान हुआ है. सतपाल सिह छाबड़ा के 18.02.2025 को पुलिस के सामने दिए गए बयान में लगाए गए आरोपों के बारे में सच्चाई सामने लाने के लिए, आवेदक की कस्टडी ज़रूरी है. आवेदक का यह भी कहना है कि दूसरे सह-आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई है, इसलिए, मौजूदा आवेदक को पैरिटी बेसिस पर ज़मानत दी जा सकती है. इस पर कहा कि केस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि आरोपी दीपेश टांक 8 महीने से एक साल से ज़्यादा जेल में रहा, इसी तरह रानू साहू और सौम्या चौरसिया 2 साल से ज़्यादा जेल में रहे, जबकि आवेदक 23.02.2026 से यानी सिर्फ़ दो महीने जेल में रहा, इसलिए आवेदक इन आरोपियों के साथ पैरिटी का दावा नहीं कर सकता है. आवेदक का यह भी कहना है कि ट्रायल में ज़्यादा समय लग सकता है क्योंकि प्रॉसिक्यूशन को कई गवाहों से पूछताछ करनी है और चार्जशीट के साथ बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स फाइल किए गए हैं. इस पाइंट पर कोर्ट ने कहा ट्रायल में देरी हमेशा आरोपी को बेल पर रिहा होने का कोई हक नहीं देती. कोर्ट को जुर्म की गंभीरता, एप्लीकेंट की भूमिका और गवाहों को प्रभावित करने में एप्लीकेंट की स्थिति पर गौर करना होगा, क्योंकि वह डिपार्टमेंट में सीनियर ऑफिसर था और एप्लीकेंट ने सप्लायर्स के साथ मिलकर बहुत सारा पब्लिक फंड हड़पा है. एप्लीकेंट पहले भी एक असरदार पद पर था, इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि अगर उसे इस कोर्ट ने बेल पर रिहा किया तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, गवाहों को प्रभावित कर सकता है और जांच में रुकावट डाल सकता है. इसके साथ कोर्ट ने आरोपी की जमानत आवेदन को खारिज किया है.

स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई ताकत: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के 7.19 करोड़ रुपये के सीएसआर कार्यों का किया लोकार्पण

बिलासपुर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत लगभग 7.19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस पहल के तहत एनटीपीसी की सीपत इकाई द्वारा बिलासपुर के दो प्रमुख संस्थानों कुमार साहब स्व श्री दिलीप सिंह जूदेव सुपरस्पेशलिटी एवं सिम्स अस्पताल को अत्याधुनिक उपकरणों एवं सुदृढ़ अधोसंरचना की सौगात प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान लगभग 4.27 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्थापित अत्याधुनिक रक्त कोष (ब्लड बैंक), सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशाला, हार्मोन परीक्षण प्रयोगशाला तथा एआई पॉवर्ड माइक्रोस्कोपी का उद्घाटन किया गया। यह रक्त केंद्र छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला आधुनिक ब्लड बैंक है, जिसमें विश्वस्तरीय मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे जांच और उपचार सेवाएं अधिक सटीक, त्वरित एवं पारदर्शी होंगी। वहीं, सिम्स बिलासपुर में लगभग 2.92 करोड़ रुपये की सीएसआर राशि से क्रय की गई मशीनों का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी सीपत और सिम्स के मध्य मशीनों के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान भी हुआ। इस सहायता से सिम्स के लगभग 8 विभागों के लिए 26 आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें उच्च स्तरीय रंगीन डॉप्लर, स्वचालित केमिल्यूमिनेसेंस प्रणाली, उच्च दक्षता तरल क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी), सी-आर्म मशीन, ऑपरेशन टेबल, दंत चिकित्सा कुर्सी, शवगृह फ्रीजर, एमओ2 फ्रैक्शनल लेजर प्रणाली तथा एसीटी मशीन शामिल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किया गया यह सहयोग छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक ब्लड बैंक और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं से मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा तथा यह पहल जनसेवा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगी। उन्होंने स्व श्री दिलीप कुमार जूदेव को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा से समाज के लिए काम किया,लोगों की सेवा की।  इस अवसर पर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ब्लड बैंक पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं ऑनलाइन प्रणाली से संचालित होगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों सुनिश्चित होंगी। यहां एकल दाता प्लेटलेट (एसडीपी) की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे कैंसर, डेंगू जैसे गंभीर रोगों के मरीजों को एक ही दाता से प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि एफेरेसिस मशीन, उन्नत सूक्ष्मजीव विज्ञान उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सूक्ष्मदर्शी के माध्यम से ब्लड कैंसर जैसी जटिल बीमारियों की त्वरित और सटीक जांच संभव होगी। यह सुविधा देश के चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध है। सिम्स के डीन श्री रमणेश मूर्ति ने कहा कि एनटीपीसी सीपत के सहयोग से अस्पताल में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे जटिल बीमारियों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा और मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एनटीपीसी सीपत से परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल, सिम्स अधीक्षक डॉ लखन सिंह, एनटीपीसी के श्री जयप्रकाश सत्यकाम,सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने एनटीपीसी सीपत के सीएसआर कार्यों की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किया गया यह प्रयास क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

Durg से चल रहा ऑनलाइन सट्टा गिरोह बेनकाब, 5 आरोपियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भिलाई नगर/दुर्ग. दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग और अन्य राज्यों से मिलकर संगठित तरीके से काम कर रहा था। खास बात यह है कि पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किया जा रहा था। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि इस कार्रवाई में भिलाई के अमन अली और हुसैन अली को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम गोवा पहुंची और वहां पांच दिनों तक रहकर अन्य मुख्य आरोपियों को पकड़ा गया। राठौर ने बताया कि राहुल रंगवानी (26 वर्ष) जो देवपुरी रायपुर का रहने वाला है, इस गिरोह का मुख्य संचालक था। वह गोवा में बैठकर क्रिक प्लस गेमिंग नाम के ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाता था। वहीं सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (26 वर्ष) निवासी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भी गोवा में रहकर इस नेटवर्क को संभालने का काम करता था। गिरोह में हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी थी। संदीप कापसे (25 वर्ष) निवासी गोंदिया (महाराष्ट्र) का काम लोगों से संपर्क बनाना और नेटवर्क को जोड़कर रखना था। वहीं अमन अली (23 वर्ष) निवासी गौतम नगर खुर्सीपार और हुसैन अली (21 वर्ष) निवासी गौतमनगर खुर्सीपार म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल सट्टे के पैसे को इधर-उधर करने में किया जाता था। हर दिन लाखों रुपए का लेनदेन करते थे। शुरुआती जांच में ही रोजाना करीब 10 से 15 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है, जबकि महीने में यह आंकड़ा 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता था। 45 बैंक और 76 पासबुक एटीएम कार्ड किया जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान भी जब्त किया है। इसमें 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2 लाख 70 हजार रुपए नकद शामिल हैं। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस का कहना है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल सट्टा संचालन में किया जा रहा था।

Udanti Sitanadi Tiger Reserve में घुसपैठ पर सख्ती, 22 आरोपी दबोचे गए

गरियाबंद. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी (कोर) रेंज अंतर्गत घुरवाड़ क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी कथित रूप से अतिक्रमण का प्रयास करते हुए वन्यप्राणियों के प्राकृतिक रहवास को नुकसान पहुंचा रहे थे. वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को हिरासत में लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर असर पड़ सकता था. वन भूमि पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है. दो दिन पहले ही महासमुंद में वन विभाग ने 94 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाते हुए संलिप्त 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वन विभाग के अनुसार, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95, 96 आरक्षित वन में अतिक्रमण कर हरे-भरे वृक्षों को काट कर आरोपी महिला-पुरुष खेती योग्य भूमि बना रहे थे. इसके पहले धमतरी में जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान चलाया था. यह कार्रवाई दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत वनखंड क्रमांक 169, पालगांव गोंदलानाल क्षेत्र में की गई थी.

Malhar से निकली प्राचीन विरासत, 2000 वर्ष पुराना ताम्रपत्र मिला; ज्ञान भारतम अभियान में बड़ी खोज

बिलासपुर. ज्ञान भारतम अभियान के तहत ऐतिहासिक नगर मल्हार में एक  महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। यहाँ रहने वाले संजीव पाण्डेय के निवास पर 3 किलोग्राम से अधिक वजन का एक दुर्लभ ताम्रपत्र प्राप्त हुआ है, जिस पर लगभग 2000 वर्ष पुरानी ब्राह्मी लिपि तथा पाली भाषा में लेख उत्कीर्ण हैं। यह ताम्रपत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है, जिसका उपयोग मौर्य काल से प्रारंभ होकर कई शताब्दियों तक होता रहा। वहीं पाली भाषा का संबंध मुख्यतः बौद्ध धर्म के साहित्य और शिक्षाओं से जुड़ा रहा है, जिससे इस खोज का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन समय में ऐसे ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश या धार्मिक घोषणाओं के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में किया जाता था। इस ताम्रपत्र का वैज्ञानिक परीक्षण एवं विस्तृत अध्ययन किए जाने पर उस काल की सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। ज्ञान भारतम अभियान के तहत यह खोज न केवल मल्हार क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती है, बल्कि शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति  मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् अभियान के तहत देश की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है, जहां ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को अपनी पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और उन्हें सामने लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन से जुड़े अमूल्य दस्तावेजों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है। विशेषज्ञों द्वारा पांडुलिपियों की पहचान कर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। यह अभियान न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि देश की ऐतिहासिक और बौद्धिक संपदा को पुनर्जीवित करने का भी एक सशक्त प्रयास है।

उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं रणनीतियों को किया साझा

रायपुर. केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके। आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे। आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।