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छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक मनेगा जन औषधि सप्ताह

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से 7 मार्च तक जन औषधि सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “जन औषधि : सस्ती भी, भरोसेमंद भी” रखी गई है। सप्ताहभर प्रदेशभर में विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां मुफ्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। लोगों को जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं और उनके लाभ के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 6 मार्च को राजधानी रायपुर में जन औषधि पदयात्रा निकाली जाएगी। वहीं 7 मार्च को रायपुर में राज्य स्तरीय जन औषधि दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राजनांदगांव दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री साय रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे। दोपहर 1 बजे वे डोंगरगढ़ के नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित फाल्गुन महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4 बजे रायपुर स्थित अपने निवास लौटेंगे।

विष्णु सरकार में खेती बन रही लाभ का व्यवसाय- कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर वर्चुअल माध्यम से 237 करोड़ से अधिक की राशि का किया अंतरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के अन्नदाताओं को होली पर्व से पूर्व बड़ी सौगात दी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सरगुजा जिले के 52 हजार 553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237,899.97 लाख रुपये का अंतरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप पाँच किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। किसानों के हित में समर्पित है विष्णु सरकार:  राजेश अग्रवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान की बंपर रिकॉर्ड खरीदी हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के 52,553 किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिला है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए विष्णु सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की है। होली के पावन पर्व से पहले यह अंतर राशि किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा है। कृषक उन्नति योजना के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्थाओं और गांव-गांव में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों की चिंता दूर की जा रही है। मेहनत का मिल रहा सही दामः  दिव्या सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष  दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ’धान का कटोरा’ है और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु सरकार में अब न केवल धान, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन रही है। कलेक्टर ने दी धान उपार्जन की जानकारी कलेक्टर  अजीत वसंत ने बताया कि जिले में 39 प्राथमिक समितियों और 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से धान खरीदी संपन्न हुई है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई, जिससे कोई भी किसान वंचित नहीं रहा। उन्होंने जानकारी दी कि धान उठाव का कार्य भी तेज गति से जारी है और आज मिली अंतर राशि से किसानों को आगामी खेती के कार्यों में बड़ी सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  पायल सिंह तोमर,  अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष  विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष  सतीश यादव, नगर सभापति  हरिमन्दर सिंह टिन्नी, पार्षद  आलोक दुबे,  भारत सिंह सिसौदिया,  अरूणा सिंह,  जन्मेजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच और बड़ी संख्या में किसान, जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, एवं कृषि विभाग उप  संचालक  पितांबर दिवान सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के अन्नदाताओं को होली पर्व से पूर्व बड़ी सौगात दी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सरगुजा जिले के 52 हजार 553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237,899.97 लाख रुपये का अंतरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप पाँच किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। किसानों के हित में समर्पित है विष्णु सरकार:  राजेश अग्रवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान की बंपर रिकॉर्ड खरीदी हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के 52,553 किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिला है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए विष्णु सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की है। होली के पावन पर्व से पहले यह अंतर राशि किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा है। कृषक उन्नति योजना के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्थाओं और गांव-गांव में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों की चिंता दूर की जा रही है। मेहनत का मिल रहा सही दामः  दिव्या सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष  दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ’धान का कटोरा’ है और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु सरकार में अब न केवल धान, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन रही है। कलेक्टर ने दी धान उपार्जन की जानकारी कलेक्टर  अजीत वसंत ने बताया कि जिले में 39 प्राथमिक समितियों और 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से धान खरीदी संपन्न हुई है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई, जिससे कोई भी किसान वंचित नहीं रहा। उन्होंने जानकारी दी कि धान उठाव का कार्य भी तेज गति से जारी है और आज मिली अंतर राशि से किसानों को आगामी खेती के कार्यों में बड़ी सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  पायल सिंह तोमर,  अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष  विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष  सतीश यादव, नगर सभापति  हरिमन्दर सिंह टिन्नी, पार्षद  आलोक दुबे,  भारत सिंह सिसौदिया,  अरूणा सिंह,  जन्मेजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच और बड़ी संख्या में किसान, जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, एवं कृषि विभाग उप  संचालक  पितांबर दिवान सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।  

बस्तर की सांस्कृतिक विरासत से अभिभूत हुई संयुक्त राष्ट्र की मेंटर, छह दिवसीय प्रवास के बाद भावुक होकर विदा हुई सु किर्सी ह्यवैरिनेन

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सु किर्सी ह्यवैरिनेन ने अपने छह दिवसीय प्रवास के दौरान बस्तर की जीवंत परंपराओं, लोक कला और जनजातीय संस्कृति को करीब से अनुभव किया। प्रवास की समाप्ति पर शनिवार को उन्होंने बस्तर कलेक्टर  आकाश छिकारा से औपचारिक मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रतीक जैन भी उपस्थित रहे। बैठक में बस्तर में सतत पर्यटन, सामुदायिक सहभागिता और वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। सु किर्सी ने विशेष रूप से धुड़मारास के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की प्राकृतिक छटा, जनजातीय जीवन शैली और पारंपरिक लोकाचार ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने स्थानीय समुदायों के आत्मीय आतिथ्य, लोकनृत्यों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की  सांस्कृतिक जड़ें अत्यंत मजबूत और जीवंत हैं। यहां की परंपराएं केवल विरासत नहीं, बल्कि आज भी लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, जो इसे विश्व के पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट और अविस्मरणीय गंतव्य बनाती हैं। छह दिनों तक बस्तर के विभिन्न अंचलों का भ्रमण करने के दौरान उन्होंने ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों और प्रकृति आधारित पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में सामुदायिक सहभागिता के साथ पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं और यदि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरचित किया जाए, तो यह वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त पहचान बना सकता है। कलेक्टर  आकाश छिकारा ने सु किर्सी के अनुभवों को बस्तर के पर्यटन संवर्धन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से न केवल स्थानीय पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि बस्तर की लोक कला, परंपराएं और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर और सशक्त पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संवाद से बस्तर में सतत और समावेशी विकास की अवधारणा को और बल मिलेगा। प्रवास के समापन पर सु किर्सी ह्यवैरिनेन भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि बस्तर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि अनुभवों की ऐसी भूमि है जहां प्रकृति, संस्कृति और मानवीय संवेदनाएं एक साथ जीवंत हो उठती हैं। उनकी यह यात्रा बस्तर के लिए केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान और संभावनाओं के नए द्वार खोलने वाला प्रेरक अध्याय बनकर उभरी है।

आर्थिक अभाव अब प्रतिभा की राह में नहीं बनेगा बाधा, कला-संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ ने अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। प्रविष्टियां निर्धारित प्रारूप में पूर्ण दस्तावेजों सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से 20 मार्च 2026 तक आमंत्रित की गई हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली युवा की प्रगति में बाधा न बने। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में यह छात्रवृत्ति योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल युवा कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगी। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रवृत्ति प्रोत्साहन हेतु विभिन्न विद्याएं एवं उपविद्याएं निर्धारित की गई हैं। लोक एवं पारंपरिक जनजातीय कलाओं के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की समस्त पारंपरिक जनजातीय एवं लोक नृत्य, नृत्य-गीत, लोकसंगीत, पारंपरिक खेल, वाद्य, पंडवानी, ददरिया, करमा, सुवा, राउत नाचा, गोंडी सहित अन्य जनजातीय गायन-वादन एवं लोक परंपराएं सम्मिलित हैं। शास्त्रीय संगीत में हिंदुस्तानी एवं कर्नाटक (गायन/वादन) मान्य हैं। शास्त्रीय नृत्य में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी, मणिपुरी, कथकली आदि विधाएं शामिल हैं। रंगमंच के अंतर्गत हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी नाटक तथा अन्य लोक-जनजातीय नाट्य विधाएं सम्मिलित की गई हैं। दृश्य कला में ग्राफिक्स, मूर्तिकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, मृद्भांड (सेरामिक्स) एवं लोक-जनजातीय चित्रांकन परंपराएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुगम शास्त्रीय संगीत की विधाएं जैसे ठुमरी, दादरा, टप्पा, भजन, ग़ज़ल एवं कव्वाली भी मान्य हैं। योजना के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए तथा चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य है। आवेदक की आयु 15 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक अथवा उसके माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन केवल निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित विद्यार्थियों को नियमानुसार मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक प्रदान की जाएगी, जो डीबीटी/ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे खाते में अंतरित होगी। आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से “अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों/छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2026-27” अंकित करना अनिवार्य होगा। विलंब से प्राप्त अथवा अपूर्ण आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइटwww.cgculture.inपर उपलब्ध है। राज्य सरकार का मानना है कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है। लोक और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ में युवाओं को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं, जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, पंथी, राउत नाचा, भरथरी, करमा जैसे लोक रूप प्रदेश की पहचान हैं। ऐसे में युवा कलाकारों को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से न केवल कलाकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नया आयाम प्राप्त होगा। राज्य सरकार की यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करते हुए यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती अपितु उसे केवल अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार कला, संस्कृति और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में यह छात्रवृत्ति योजना एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध एवं सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को संबल प्रदान करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

छत्तीसगढ़ में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत, मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित  बालाजी हॉस्पिटल परिसर में 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बालाजी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और आरोग्य की कामना की। साथ ही उन्होंने कैंसर अस्पताल के नवनिर्मित इकाइयों का शुभारंभ कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।              मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य की प्रगति और सशक्त होते आधारभूत ढांचे का स्पष्ट प्रमाण है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं और राज्य गठन के समय जहां प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं बीते वर्षों में 14 से 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने 5 से 6 नए अत्याधुनिक अस्पतालों का शुभारंभ किया है, जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कैंसर अपस्ताल में मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक दिक्कतें भी कम होगी।           इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. तेजस नायक, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नीता नायक,  आर. के. नायक, मती सत्यवती नायक तथा अस्पताल प्रबंधन और अधिकारी-कर्मचारी और आमजन उपस्थित थे।

दोनों कॉलोनी की वर्षो पुरानी समस्या से मिलेगी निजात, कॉलोनीवासियों ने मंत्री-मेयर का महामाला से किया अभिनंदन,जताया आभार

रायपुर दोनों कॉलोनी की वर्षो पुरानी समस्या से मिलेगी निजात, कॉलोनीवासियों ने मंत्री-मेयर का महामाला से किया अभिनंदन,जताया आभार कोरबा नगर विधायक और कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज कोरबा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 25 शिवाजी नगर एवं वार्ड क्रमांक 27 महाराणा प्रताप नगर कॉलोनी की बहुप्रतीक्षित नई सीवरेज लाइन निर्माण 14.40 करोड़ के लागत के कार्य का नारियल तोड़कर शुभारम्भ किया। एमपी नगर स्थित उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने सम्बोधित करते हुए कहा  कि दोनों ही कॉलोनी आज शहर के मुख्य आवासीय कॉलोनी हैं, लेकिन यहां की सीवरेज लाइन की समस्या विगत कुछ वर्षो से बदहाल थी। कॉलोनी की लंबे समय से नई सीवरेज लाइन के निर्माण की मांग थी। विधानसभा चुनाव में जब मुझे आप सभी के बीच संवाद कर आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला था तब आप सभी ने इस बहुप्रतीक्षित कार्य की मांग की थी। तब मैंने वादा किया था कि नई सीवरेज लाइन का निर्माण हर हाल में किया जाएगा। आप सभी को बताते हुए हर्ष हो रहा है की इस बहुप्रतीक्षित कार्य को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने 15 वें वित्त आयोग मद से तत्काल राशि की स्वीकृति प्रदान की और आज इस कार्य का शुभारम्भ किया जा रहा है।     दोनों ही कॉलोनी के 3350  मकानों की नई सीवरेज लाइन का लाभ मिलेगा। 14.4 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन का निर्माण होगा। मंत्री  देवांगन ने कहा कि सुशासन की सरकार एक ही पहचान है विकास और तेज विकास। ट्रिपल इंजन की सरकार में कोरबा नगर के विकास के लिए पर्याप्त राशि मिल रही है। उन्होने अधिकारियों से समयसीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिया।   शहर की हर छोड़ी-बड़ी समस्या के निजात हेतु तेजी से काम: महापौर मती संजू देवी राजपूत      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा कि कोरबा नगर में कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन के नेतृत्व में कोरबा नगर निगम हर छोटी से बड़ी समस्याओ के निजात के लिए काम तेज गति से जारी है। विकास के लिए फंड लगातार प्राप्त हो रहा है। शहर को सुव्यवस्थित एवं सुसज्जितकरने की दिशा मे कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। क्षेत्रवासियों ने मंत्री-महापौर का जताया आभार  इस अवसर पर दोनों ही वार्ड के  क्षेत्रवासियों ने मंत्री  देवांगन एवं महापौर सीमती संजू देवी राजपूत का महामाला से अभिनंदन कर आभार जताया। क्षेत्र वासियों ने कहा कि लंबे समय से इस कार्य की मांग की जा रही थी, फंड के अभाव में कार्य की स्वीकृति नही मिल पा रही थी।     इस अवसर पर पार्षद मती वर्षा दिनेश वैष्णव,  अनुज जायसवाल, अशोक चावलानी,  नरेंद्र देवांगन,  पंकज देवांगन,  अजय गौंड, मती ज्योति वर्मा,  सोनू भाटिया, जिला उपाध्यक्ष  प्रफुल्ल तिवारी,मंडल अध्यक्ष  राजेश राठौर,  धर्मपाल सोलंकी,  नितिन  चतुर्वेदी,  पुनीराम साहू,  ईश्वर साहू,  प्रकाश अग्रवाल सहित दोनों वार्ड के गणमान्य जन अधिक संख्या मे उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने राज्य को ‘अनछुए अनुभवों की धरती’ के रूप में नई पहचान दिलाई

रायपुर साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन नई दिल्ली में छाया छत्तीसगढ़ का पर्यटन छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन 2026 में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। 25 से 27 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा स्थापित भव्य पवेलियन आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ राज्य के प्राकृतिक वैभव, जनजातीय संस्कृति, आध्यात्मिक धरोहर, वन्यजीव पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। तीन दिवसीय इस आयोजन में पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत 36 स्टेकहोल्डर्स संस्थाओं ने संयुक्त रूप से भाग लेकर राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स और ट्रैवल विशेषज्ञों के समक्ष पेश किया। बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, इको-टूरिज्म मॉडल, जलप्रपातों और घने वनों से आच्छादित प्राकृतिक स्थलों की प्रस्तुति ने विशेष सराहना प्राप्त की। पवेलियन पर लगातार विभिन्न राज्यों एवं लंका, नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही, जिससे छत्तीसगढ़ के प्रति उत्सुकता और संभावित निवेश अवसरों को बल मिला। प्रदर्शनी के दौरान स्टेकहोल्डर्स को सकारात्मक व्यावसायिक प्रतिसाद प्राप्त हुआ तथा कई संभावित साझेदारियों पर प्रारंभिक चर्चा भी हुई। पर्यटन विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ को ‘इमर्जिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में रेखांकित करते हुए इसकी अप्रयुक्त संभावनाओं की सराहना की। राज्य में हाल के वर्षों में विकसित हो रहे इको-रिसॉर्ट्स, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, जनजातीय पर्यटन सर्किट और फिल्म पर्यटन गतिविधियों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की सशक्त उपस्थिति राज्य के पर्यटन भविष्य के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, प्राकृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना हमारा संकल्प है। साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन जैसे मंच राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पूरी टीम और सभी पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों से राज्य में पर्यटन निवेश, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, कनेक्टिविटी विस्तार, डिजिटल प्रमोशन और अंतरराष्ट्रीय रोड शो के माध्यम से छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम मती पूनम शर्मा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस मंच के माध्यम से हम छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत, इको-टूरिज्म और अनछुए प्राकृतिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने में हम सफल हो रहे हैं। हमारे पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय सहभागिता से राज्य में पर्यटन निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में ओडिशा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, केरल, असम, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली सहित अनेक राज्यों के पर्यटन विभागों ने भाग लिया। ऐसे प्रतिस्पर्धी वातावरण में छत्तीसगढ़ पवेलियन ने अपनी विशिष्ट प्रस्तुति और व्यवस्थित प्रबंधन से विशेष पहचान बनाई। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन महोत्सव, सांस्कृतिक उत्सव, हेरिटेज वॉक, फिल्म शूटिंग प्रोत्साहन, वेलनेस एवं आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट जैसी अनेक पहलें संचालित हो रही हैं, जिससे राज्य को निरंतर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर प्राप्त हो रहा है। पर्यटन मंडल की रणनीतिक ब्रांडिंग, डिजिटल कैंपेन और बीटूबी नेटवर्किंग प्रयासों ने राज्य को ‘अनछुए अनुभवों की धरती’ के रूप में नई पहचान दिलाई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल राज्य को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाकर वैश्विक पर्यटन परिदृश्य में स्थापित करने के अपने संकल्प पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। सकारात्मक दृष्टिकोण, मजबूत टीमवर्क और दूरदर्शी नेतृत्व के साथ छत्तीसगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी स्थायी पहचान बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

रायपुर मुख्यमंत्री  साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में  प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक  प्रधानमंत्री  विष्णुदेव साय और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह का संकल्प पूरा होगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री  साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई … Read more

प्रोत्साहन राशि मिलने पर बसंती ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

रायपुर प्रोत्साहन राशि मिलने पर बसंती ने मुख्यमंत्री का जताया आभार जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर जिले से वर्चुअल तौर पर जुड़े मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर जिले के मुंडापाल की महिला कृषक बसंती कश्यप से रूबरू होकर उन्हें समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि मिलने की बधाई देते हुए उक्त राशि के उपयोग के बारे में पूछा।     इस पर बसंती कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में साढ़े तीन एकड़ पैतृक कृषि भूमि है जिसमें धान की उन्नत खेती करते हैं। इस वर्ष 50 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किए थे, जिसकी एक लाख 18 हजार रुपए राशि तुरंत बैंक खाते में जमा हुई थी। जिससे आवास बनाने और खेती किसानी के लिए उपयोग किए। आज जो प्रोत्साहन राशि 36 हजार रुपए मिली है उसे कुक्कुटपालन के विस्तार सहित होली त्योहार मनाने के लिए उपयोग करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री  साय का आभार जताया।        उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती किसानी के साथ ही कुक्कुटपालन भी कर रहा है जिससे अच्छी आमदनी हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए अब अपने कुक्कुटपालन गतिविधि को और ज्यादा बढ़ाने का निर्णय लिया है और अब 300 से अधिक कुक्कुट रखेंगी। जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा आमदनी हो। उन्होंने शासन की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित होने की जानकारी देते हुए किसान हितैषी फैसलों के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।

विधायक किरण सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल

रायपुर विधायक  किरण सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बिलासपुर से प्रदेश के 25 लाख किसानों को 10 हजार 328 करोड़ रुपए से अधिक राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित किया। इस कार्यक्रम में वर्चुअली जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता कार्यक्रम एवं वृहद किसान सम्मेलन से उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी शामिल हुए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने वादे के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतर की राशि को एकमुश्त देकर किसानों की होली त्योहार की खुशी को दुगुनी कर दी है। राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए संवेदनशील होकर पहल कर रही है और वर्तमान बजट में भी उनकी सहायता के लिए अनेक किसान हितैषी प्रावधान किया गया है। जिससे किसानों को उन्नत खेती किसानी के लिए सहूलियत होगी।        उन्होंने सहकार से समृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि बस्तर में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने सहित लघु वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण के लिए सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों को हरसंभव मदद देने, सिंचाई संसाधनों को बेहतर बनाने प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां के निवासियों की आमदनी बढ़े और बस्तर की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो।        उन्होंने बस्तर की बेहतरी और तरक्की में समाज की व्यापक सहभागिता पर जोर देते हुए इस दिशा में सभी को मिलजुल कर कार्य करने का आव्हान किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक  किरण देव ने हल्बी में संबोधित करते हुए किसानों को होली त्योहार की हार्दिक बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार के निर्णय से किसानों के परिवारों में उत्सव का माहौल है उनकी होली की खुशियां बढ़ गई है। यह हमारी सरकार की किसान हितैषी सकारात्मक प्रयास है। वीर सावरकर भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जगदलपुर महापौर  संजय पांडे, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष  दिनेश कश्यप, जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष  कामदेव बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार   बस्तर जिले के 40,667 किसानों को 205.95 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का वितरण किया गया। जिसमें मोटा धान पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई है। जिले में इस योजना का सर्वाधिक लाभ बकावण्ड और बस्तर ब्लॉक के किसानों को मिल रहा है, जहाँ क्रमशः 67.90 करोड़ रुपए और 55.78 करोड़ रुपए की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई।