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डीएमएफ खर्च को लेकर टकराव: जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर कार्य स्वीकृति से भड़के सांसद-विधायक

गरियाबंद जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) समिति की बैठक सोमवार को लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई, लेकिन शुरुआत से ही माहौल गरमा गया। अफसरों द्वारा पिछली कार्ययोजना का एजेंडा प्रस्तुत किया जा रहा था कि इसी दौरान सांसद रूप कुमारी चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बैठक में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अफसरों पर आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कार्य आबंटन किया जा रहा है। सांसद ने बैठक में यहां तक पूछ लिया कि जिन कार्यों को स्वीकृति दी गई, वे आखिर किस समिति के अनुमोदन से पारित हुए। उनके तेवर देख बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। भाजपा विधायक रोहित साहू भी इस मुद्दे पर मुखर नजर आए। उन्होंने पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बोर खनन के लिए 500 फीट खुदाई बताई जा रही है, जबकि कई स्थानों पर 700 फीट से अधिक खुदाई की आवश्यकता है। भारी क्षमता वाली मशीनें लगाने की मांग भी अनसुनी की गई, जिससे पेयजल समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर ने भी आदिवासी बहुल गांवों की सड़क और पुल कनेक्टिविटी की मांगों की अनदेखी का मुद्दा उठाया। बैठक में कलेक्टर भगवान सिंह उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। जनप्रतिनिधियों की तीखी प्रतिक्रिया के बीच बैठक का माहौल असहज हो गया। सूत्रों के मुताबिक, डीएमएफ के लगभग 22 करोड़ रुपये के बजट में से अब तक करीब 7 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत और निष्पादित किए जा चुके हैं। इनमें बोर खनन, शौचालय निर्माण, स्प्रिंकलर और पावर स्पेयर जैसे कार्य शामिल हैं। आरोप यह भी है कि जेम पोर्टल की आड़ में कुछ बड़े कार्यों की मंजूरी और आवंटन में प्रभावशाली हस्तक्षेप रहा, जबकि समिति सदस्यों की प्राथमिकताओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। हालांकि जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्वीकार किया कि जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप कार्यों को मंजूरी नहीं मिलने से नाराजगी की स्थिति बनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में अब तक इस मद से कोई नया कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। बजट शेष है और आगामी दिनों में मांग के अनुरूप कार्यों को स्वीकृति देने की बात कही गई है। कलेक्टर भगवान सिंह उइके से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं सांसद रूप कुमारी चौधरी की प्रतिक्रिया के लिए भी प्रयास किए गए, परंतु उनका जवाब नहीं आया। उनके निज सहायक सौम्य रंजन ने अधिकृत मीडिया प्रभारी के माध्यम से प्रेस नोट जारी करने की बात कही है। होली से ठीक पहले जिला पंचायत सभागार में उठे इस हंगामे ने डीएमएफ फंड के उपयोग और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद कार्य अनुमोदन सूची में किस प्रकार के बदलाव किए जाते हैं।

त्योहार से पहले कानून-व्यवस्था मजबूत: रायपुर ग्रामीण में 223 वारंट तामील, 119 पर केस

रायपुर होली पर्व के मद्देनज़र जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने व्यापक विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन और संबंधित थाना प्रभारियों के नेतृत्व में यह सघन कार्रवाई की गई। अभियान में संवेदनशील और प्रमुख थाना क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। थाना माना, मंदिर हसौद, आरंग, धरसींवा, अभनपुर, गोबरानवापारा, राखी, विधानसभा, खरोरा और तिल्दा नेवरा क्षेत्रों में एक साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने लंबित वारंटों की तामिली, निगरानी बदमाशों की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की। 223 वारंट तामील, 119 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अभियान के दौरान कुल 223 वारंटों की तामिली कर न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया गया। संभावित शांति भंग की आशंका को देखते हुए 119 आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। विभिन्न अधिनियमों के तहत सख्ती विशेष अधिनियमों के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई की गई—     1 आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज।     12 आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज।     99 मामलों में कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई।     158 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई।     6 आरोपियों पर जुआ/सट्टा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज। इसके अलावा 49 गुंडा एवं निगरानी बदमाशों तथा 18 चाकूबाज प्रवृत्ति के व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न धाराओं और अधिनियमों में कुल 613 व्यक्तियों/प्रकरणों पर कार्रवाई की गई। नागरिकों से अपील पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

रंगों में घुले प्रेम और सौहार्द का त्योहार है होली : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी होली की शुभकामनाएँ

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है तथा भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है।उन्होंने कामना की कि यह होली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि त्योहार मनाते समय प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, जल संरक्षण का ध्यान रखें तथा पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाई गई होली ही सच्चे अर्थों में आनंद और सौहार्द का उत्सव बनती है तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार का कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025-26 में छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं ने ईस्ट ज़ोन रीजनल प्रतियोगिता में 12 पदक और 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता क्रमशः चार चरणों में जिला, राज्य, रीजनल एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा।  छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। राज्य सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। यह सफलता सशक्त युवा, समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदकईस्ट जोन की रीजनल प्रतियोगिता का समापन 02 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में हुआ, जिसमें ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने 59 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान अर्जित किए, जिनमें 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य पदक तथा 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं।  डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया में सुनील कुमार पैतल ने स्वर्ण पदक, 3डी डिजिटल गेम आर्ट में खुशांक नायक, सीएनसी मिलिंग में पुष्कर सोनबर एवं सीएनसी टर्निंग में आत्माराम ने रजत पदक अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया। इसी तरह सीएनसी मिलिंग में निखिल, इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिषेक कुमार, प्लंबिंग एवं हीटिंग में रेशमान, वेब टेक्नोलॉजी में सतेंद्र कुमार ने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। इसी तरह रेन्यूबल एनर्जी में नोहर लाल पटेल, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ओम बंजारे, हेल्थ एंड सोशल केयर में अंतरा मुखर्जी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया।  उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगिता का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 19 कौशल ट्रेड्स में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 3327 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित हुए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 03 एवं 04 फरवरी 2026 को रायपुर, दुर्ग एवं रायगढ़ जिलों के प्रतिष्ठित संस्थानों में संपन्न हुई। व्यावहारिक मूल्यांकन के पश्चात 38 प्रतिभागियों का चयन रीजनल स्तर के लिए किया गया। रीजनल स्तर पर सफल प्रतिभागी अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य में पहली बार कौशल तिहार 2025 एवं मोबाइल आधारित एमसीक्यू परीक्षा जैसे नवाचारों के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक एवं पारदर्शी संचालन किया गया।

90 वर्षीय चाका बाई पुनः सुन सकती है जीवन की मधुर ध्वनि

रायपुर  90 वर्षीय चाका बाई की चेहरे से झलकती मुस्कराहट बता रही है कि उनके जीवन में खुशियां फिर से लौट आई है। उम्र के इस दौर में शारीरिक परेशानियों का आना स्वाभाविक है और ऐसे समय में की गई सहायता बुजुर्गों के लिए बड़ी सहारा बनती है। ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही चाका बाई मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें उनकी परेशानियों का समाधान यहां पर अवश्य मिलेगा और हुआ भी ऐसा ही, कैंप कार्यालय से उन्हें तत्काल मदद मिली और उसे श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। जशपुर जिले के ग्राम पंचायत जामचुआं, तहसील कुनकुरी निवासी चाका बाई ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही थी। उन्होंने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्याओं को साझा किया। कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। श्रवण यंत्र पाकर चाका बाई ने अपनी प्रसन्नता जाहिर की और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को आशीर्वाद दिया है।  गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।

होली में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद, हुड़दंग करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

बिलासपुर होली पर हुड़दंग और अपराध रोकने पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर शहर और ग्रामीण इलाकों में 4 एएसपी, 9 डीएसपी, सभी टीआई और एसआई सहित 800 जवान तैनात रहेंगे. 81 पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार गश्त करेंगी. किसी भी हुड़दंग या अपराध की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी. संबंधित क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारी से लेकर टीआई तक मौके पर पहुंचकर संज्ञान लेंगे. पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी ने नागरिकों से सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की है. आपराधिक गतिविधियों की सूचना के लिए नंबर जारी होली के दौरान आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम 9479193099 पर दी जा सकती है. इसके अलावा सिविल लाइन 9479193019, कोतवाली 9479193018, सरकंडा 9479193022, सिरगिट्टी 9479190151, सकरी 9479191721, कोनी 9479193023, तारबाहर 9479193020 और तोरवा 9479193021 से संपर्क किया जा सकता है. इन इलाकों में पुलिस का रहेगा कड़ा पहरा 7 जोन के संवेदनशील इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है. इनमें जोन क्रमांक दो तिफरा में मन्नाडोल, सिरगिट्टी बन्नाक चौक, जोन क्रमांक तीन का ठेठाडबरी, मिट्टीटीला, कुदुदंड सूर्यवंशी मोहल्ला और गुरु घासीदास नगर जरहाभाठा मिनीबस्ती शामिल है. इनके अलावा जोन चार अंतर्गत मिनीमाता नगर, तारबाहर, डिपूपारा, मंझवापारा, मरीमाई मंदिर, तालापारा, मगरपारा और जोन पांच के अंतर्गत करबला तालाब, कतियापारा नदी किनारे क्षेत्र, डबरीपारा, फिश मार्केट शनिचरी सहित जोन छह का मांडवा बस्ती, पटेल पारा, चुचुहियापारा, हेमूनगर पानी टंकी के पीछे, देवरीखुर्द, कंसा चौक टिकरापारा, खटीक मोहल्ला, मामा भांचा तालाब क्षेत्र, पुराना हाई कोर्ट के पीछे और मधुबन और जोन 7 में चिंगराजपारा, डबरीपारा, अशोक नगर मुरुम खदान, बंधवापारा इंमलीभाठा, चिल्हाटी, मोपका शामिल है.

हाईकमान की मुहर के साथ लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा उम्मीदवार, सीएम साय की सिफारिश हुई मजबूत

रायपुर छत्तीसगढ़ से खाली होने वाली राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अनुशंसा पर भाजपा हाईकमान ने लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई है. राजनीतिक सफर बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मु़ड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बहुत लंबा है. वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने 2000 में रायपुर सांसद रमेश बैस की सांसद प्रतिनिधि नियुक्त की गईं. अगले ही साल 2001 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति की सदस्य चुना गया. इस दायित्व को उन्होंने चार साल तक संभाला. पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता का फल भी मिला, 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्य समिति (2010 से 2014 तक) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति का सदस्य (2010 से 2022 तक ) नियुक्ति किया गया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष (2021 से 2025 तक) नियुक्त किया. इसके साथ (2021 से 2024 तक ) उन्हें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी मीडिया प्रवक्ता का भी दायित्व संभाला. संवैधानिक सफर लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर पालिका निगम में वार्ड नं. 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं. 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं. 2019 में एफएसएनएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम किया. वहीं 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य संवैधानिक पद संभाल रही हैं. सामाजिक पद लक्ष्मी वर्मा की केवल राजनीति में ही नहीं बल्कि सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान है. 1998 में शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1999 में नेहरू युवा केन्द्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2004 में श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर के सदस्य मनोनीत की गईं. 2009 से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ पंजीयन क्र. को 467 की प्रधान संरक्षक हैं. 2011 से कुटुम्ब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य हैं. वहीं 2014 वर्तमान में किसान संघर्ष समिति रायपुर छत्तीसगढ़ के विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. 2023 से वर्तमान में अखिल भारतीय पंचायत परिषद राष्ट्रीय महासचिव हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं. लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में अच्छी-खासी पैठ है. 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं. 2006 से 2008 तक समाज की प्रदेश संगठन मंत्री , 2008 से 2010 तक छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी प्रदेश महिला अध्यक्ष रहीं. वर्तमान में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं.

पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर नशे में वाहन चलाते 130 ड्राइवर पकड़े

रायपुर. होली पर्व को देखते हुए राजधानी में यातायात पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। नशे की हालत में तेज रफ्तार वाहन चलाकर स्वयं और अन्य राहगीरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के निर्देश पर शहरभर में सघन चेकिंग की गई। इस दौरान 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। बता दें कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात/प्रोटोकॉल) दौलत राम पोर्ते के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त सतीष ठाकुर, सुरेन्द्र साय पैकरा, रमेश येरेवार, गुरजीत सिंह एवं सीमा अहिरवार के नेतृत्व में यातायात के सभी थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए। शाम से देर रात तक ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से सघन जांच अभियान चलाया गया। 130 चालक नशे में वाहन चलाते पकड़े गए जांच के दौरान कुल 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। कार्रवाई में शामिल वाहनों में 39 कार, 73 मोटरसाइकिल, 3 ट्रक तथा 15 टाटा एस, पिकअप और ई-रिक्शा वाहन शामिल हैं। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत वाहन जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। जब्त वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित यातायात थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार, इन प्रकरणों को होली के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां नशे की हालत में वाहन चलाने पर प्रत्येक मामले में 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाता है। होली तक जारी रहेगी सख्त निगरानी पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश और डीसीपी विकास कुमार के मार्गदर्शन में होली तक विशेष रूप से रात्रि में चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि सड़कों पर बढ़ते हादसों को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस ने शहरवासियों से की अपील रायपुर पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। तेज रफ्तार और शराब के सेवन के कारण लगातार हो रहे सड़क हादसों से सबक लेने की जरूरत है। त्योहार के दौरान सौहार्द बनाए रखें, जिम्मेदार नागरिक बनें और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करें।

नशे में वाहन चलाने वालों पर शिकंजा: होली के दिन 42 नाकों पर चेकिंग, 130 पकड़े गए

रायपुर होली के मद्देनज़र राजधानी में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाया। देर शाम से रात तक चले विशेष ड्राइव में 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया गया। यह अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश में चलाया गया। शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए, जहां ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से चालकों की जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और दौलत राम पोर्ते के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्तों और यातायात टीमों ने मोर्चा संभाला। जांच के दौरान 39 कार चालक, 73 मोटरसाइकिल सवार, 3 ट्रक चालक तथा 15 टाटा एस पिकअप और ई-रिक्शा चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। सभी मामलों में मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार होली के बाद सभी प्रकरण न्यायालय में पेश किए जाएंगे, जहां प्रत्येक मामले में 10,000 से 15,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान विशेषकर रात्रि में सघन जांच अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि होली की खुशियां जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ मनाएं तथा नशे की हालत में वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।

केंद्रीय विश्वविद्यालय में होली मिलन में तेज साउंड बजाने पर छात्रों में जमकर चले लात-घूंसे

बिलासपुर. गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) परिसर में ब्रदर हुड पैनल ने होली मिलन कार्यक्रम रंग बरसे 0.5 का आयोजन किया था। कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्रों ने नशे में जमकर रंग-गुलाल उड़ाए और एक दूसरे के कपड़े फाड़े। इसके बाद अचानक एक दूसरे से मारपीट करने लगे। मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ है। यूनिवर्सिटी में एबीवीपी द्वारा होली पर आयोजित कार्यक्रम में हुई मारपीट की चर्चा खत्म नहीं हुई और दूसरी बार छात्र आपस में भिड़ गए। ब्रदरहुड पैनल ने छात्रों के लिए रंग बरसे 0.5 का आयोजन किया था। ऑडिटोरियम के सामने तेज आवाज में साउंड सिस्टम लगाकर छात्र जमकर रंग-गुलाल उड़ा रहे थे। छात्र-छात्राएं सभी आपस में डांस कर रहे थे। कुछ छात्र आपस में ही एक दूसरे के शर्ट तक फाड़ रहे थे। अबीर गुलाल के नशे के बीच अचानक कुछ छात्रों ने मारपीट शुरू कर दी। बाकी छात्र विवाद देख इधर-उधर भागने लगे। मारपीट का वीडियो भी शाम तक सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। वीडियो में छात्र एक दूसरे से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस विवाद के बाद न तो पुलिस यूनिवर्सिटी आई और ना ही कोई थाने गया। चार दिन पहले भी इसी तरह के आयोजन में लड़े थे छात्र चार दिन पहले एबीवीपी ने कैंपस में होली मिलन का आयोजन किया था। कार्यक्रम के दौरान यहां भी छात्र आपस में भिड़ गए थे। कुछ छात्र तो विवाद का पूरा कारण दबी जुबान में नशा और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की उदासीनता को बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले कार्यक्रम में विवाद के बाद यूनिवर्सिटी को ब्रदरहुड पैनल को रंग बरसे की अनुमति नहीं देना चाहिए था।