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नक्सली मुठभेड़ में शहादत: नरसिंहपुर के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने दिया सर्वोच्च बलिदान

नरसिंहपुर/बोहानी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र में हुई एक भीषण नक्सली मुठभेड़ में, नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के बोहानी गांव के निवासी और मध्यप्रदेश हॉक फ़ोर्स के जाँबाज इंस्पेक्टर आशीष शर्मा वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को शोक संतप्त कर दिया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र पुलिस की एक संयुक्त सर्चिंग टीम बुधवार सुबह सीमावर्ती इलाक़े में नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी, जहां तीनों राज्यों के बॉर्डर पर स्थित बोरतलाव क्षेत्र में करीब 25 से 30 नक्सलियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी।   जैसे ही संयुक्त सर्चिंग टीम घटनास्थल पर पहुंची, नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया है कि इंस्पेक्टर आशीष शर्मा उस समय तीनों टीमों का नेतृत्व कर रहे थे, और इसी फायरिंग की जद में आने से उन्हें गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल आशीष शर्मा को तत्काल डोंगरगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वर्ष 2016 में उनका चयन सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था, हालांकि इससे पहले वह इंटेलिजेंस में आरक्षक के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। नक्सल विरोधी अभियानों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था, और उनकी बहादुरी के लिए उन्हें पिछले दो सालों में भारत सरकार की ओर से दो वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका था। परिजनों और पारिवारिक मित्रों ने बताया कि उनकी शादी आगामी जनवरी 2026 में होने वाली थी, लेकिन देशसेवा में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान ने खुशियों को मातम में बदल दिया। शहादत की सूचना मिलते ही, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) एवं स्थानीय विधायक ने तत्काल शहीद के निवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को संवेदनाएं प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर इंस्पेक्टर आशीष को श्रद्धांजलि अर्पित की, और लिखा कि उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्रीय नक्सल उन्मूलन अभियान में सदैव अविस्मरणीय रहेगा तथा उन्होंने नरसिंहपुर जिले के गौरवशाली इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है।

पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल – ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार ने राज्य को 774 सड़क कार्यों (2,426.875 किमी) की दी स्वीकृति प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को देगी नई गति – मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान कायम की है। योजना के विभिन्न चरणों में छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 9,722 सड़कें (48,594 किमी) और 669 पुल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8,753 सड़कें (43,380 किमी) और 470 पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जानकारी दी कि  ग्रामीण सड़क संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए PMGSY-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 774 नई सड़कें (कुल लंबाई 2,426.875 किमी) स्वीकृत की गई हैं। यह पहली बार है जब इस चरण में पात्र संपर्क-विहीन बसावटों को ‘बारहमासी सड़क संपर्कता’ प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्वीकृति से छत्तीसगढ़ की दूरस्थ और वंचित बसावटों तक सर्व मौसम सड़क सुविधा पहुँचाने का मार्ग खुल गया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि बारहमासी सड़क संपर्कता से इन बसावटों को बाज़ार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पोषण, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवागमन में व्यापक सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और जन-कल्याणकारी सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने लगातार अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों, पीएमजीएसवाई टीम, इंजीनियरों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रयास निरन्तर जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की गति में तेजी आएगी। “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को नई गति देगी। यह निर्णय दूरस्थ और संपर्क-विहीन बसावटों को बारहमासी सड़क सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ग्राम तक सुरक्षित, सुदृढ़ और सर्व मौसम सड़क संपर्क सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन-कल्याण को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाए।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

नक्सल विरोधी कार्रवाई पर बोले पूर्व सीएम बघेल: हमने युद्ध स्तर पर किया था काम

रायपुर नक्सलवाद के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई है. उन्होंने कहा कि नक्सली मामले में हमने अच्छा काम किया था. हमने युद्ध जैसे लड़ाई नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी. हमारी सरकार के समय से नक्सलियों का कमर टूटना शुरू हुआ. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में वहीं बिजली बिल हाफ की घोषणा पर तंज कसते हुए कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरा है. सरकार भी लोगों को ठगने लगी है. सरकार बिजली बिल का रेट तीन बार बढ़ा चुकी है. आम जनता को लाभ नहीं होगा. वहीं आज प्रदेशभर में मारे गए एसीबी-ईओडब्ल्यू के छापे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वसूली पर लगे हुए हैं. इनके ऊपर छापे पढ़ने चाहिए. रोज हत्याएं हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं. आईजी वसूली में लगा हुआ है. SISI के जुड़े दो नाबालिगों की रायपुर में गिरफ्तारी पर भूपेश बघेल ने कहा कि ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार यह काम कर रही है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद कहा गया था कि अब एक्ट ऑफ वार होगा, फिर अब दाएं-बाएं क्यों कर रहे हैं. एक-दो लोग पकड़ाते रहेंगे, लेकिन कश्मीर से राजधानी तक आतंकी पहुंचे इसका जिम्मेदार कौन है. वहीं सुरक्षा एजेंसी पर निशान साधते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसी विपक्षियों की जासूसी में लगी है. देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिए हैं. वहीं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री 3100 सौ रुपए में मध्य प्रदेश में धान खरीद रहे हैं. छत्तीसगढ़ में बारदाना आया है, उसमें 40 किलो धान नहीं आ पा रहा है. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू नहीं हो पाई है. लाखों किसान इससे वंचित हो गए हैं.

जिले की स्वच्छता यात्रा:खुले में शौच से ओडीएफ और सस्टेनेबल स्वच्छता की ओर

विश्व शौचालय दिवस आज बिलासपुर,  स्वच्छ  भारत मिशन के जिले में बेहतर क्रियान्वयन से अब कभी खुले में शौच की समस्या से जूझते ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। शौचालय निर्माण से लेकर ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन तक आम जनता की भागीदारी से स्वच्छ भारत का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से गांवों में स्वच्छता अभियान ने जोर पकड़ा है ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत शौचालय निर्माण से ग्रामीणों को राहत मिली है।     स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में ग्रामीण परिवारों की  व्यक्तिगत शौचालय की आवश्यकता थी लेकिन संसाधन और जागरूकता की कमी बड़ी चुनौती थी। प्रशासन, पंचायतों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से जिले में 2,03,091 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ। इनमें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 1 लाख 38 हजार 770, मनरेगा के तहत 30 हजार 574, डीएमएफ 5 हजार 68 एवं अन्य योजनाएँ 28 हजार 679 शौचालय शामिल है। इन शौचालयों के निर्माण ने हजारों परिवारों को गरिमा, सुरक्षा और स्वच्छ जीवन जीने की राह दिखाई। महिलाएँ, जो पहले अंधेरा होने का इंतज़ार करती थीं, अब उनके पास अपने घर में सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध है। इसी चरण ने जिले को ओडीएफ की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी।      बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नवगंवा की श्रीमती गायत्री खरे और रानी सूर्यवंशी कहती है कि शौचालय निर्माण से उनकी एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है अब उन्हें किसी भी मौसम में बाहर जाना नहीं पड़ता।।मस्तूरी ब्लॉक के  ग्राम ढेका निवासी युवा खुशबू राजपूत ने कहा कि सरकार द्वारा शौचालय निर्माण महिलाओं की  गरिमा का सम्मान है।  स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में जिले ने केवल शौचालय निर्माण तक खुद को सीमित नहीं रखा। यहाँ लक्ष्य था स्वच्छता को स्थायी और सस्टेनेबल बनाना। पहले से निर्मित शौचालयों के अलावा इस चरण में भी 13,987 नए शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे नई बस्तियों और जरूरतमंद परिवारों को सुविधा मिली। ग्राम बाजार, हाट-बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 512 सामुदायिक शौचालयों ने स्वच्छता को और सुदृढ़ किया। गाँवों में गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और प्रबंधन की दिशा में 636 इकाइयाँ स्थापित की गईं। अब कचरा नालियों या सड़कों में इकट्ठा नहीं होता कृ व्यवस्थित निपटान से गाँवों की स्वच्छता स्तर पहले से कई गुना बढ़ गया है। जिले के 4 विकासखण्डों में 4 यूनिट्स स्थापित की गईं, जहाँ प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिकल स्लज निपटान हेतु एक क्रियाशील और एक निर्माणाधीन इकाई स्थापित की गई है। यह ग्रामीण स्वच्छता के उन्नत स्तर की ओर बड़ा कदम है, जिससे जल स्रोतों के प्रदूषण में भारी कमी आई है। जिले में 8 बायोगैस संयंत्र क्रियाशील हैं। इससे न केवल कचरे का उपयोग हो रहा है, बल्कि स्वच्छ, धुआँ-रहित ऊर्जा भी ग्रामीण परिवारों को मिल रही है।     उल्लेखनीय है कि विश्व शौचालय दिवस हर वर्ष 19 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के महत्व के प्रति जागरूकता के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस की शुरुआत दुनिया भर में मौजूद स्वच्छता संकट की ओर ध्यान दिलाने के लिए किया।सुरक्षित शौचालय की सुविधा न होने से विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ फैलती हैं और लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

भक्ति यात्रा की शुरुआत: राजनांदगांव से अयोध्या हेतु भारत गौरव स्पेशल ट्रेन ने भरी दौड़

सरकार की निशुल्क सुविधाओं से तीर्थयात्रियों को मिलेगा रामलला व काशी विश्वनाथ के दर्शनों का शुभ अवसर रायपुर, रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आज भारत गौरव स्पेशल ट्रेन राजनांदगांव से अयोध्या धाम की ओर रवाना हुई। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा और महापौर श्री मधुसूदन यादव ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया।     दुर्ग स्टेशन पर विधायक ललित चंद्राकर ने तीर्थ यात्रियों का स्वागत व अभिनंदन किया। स्टेशन पर तीर्थयात्रियों का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया। स्टेशन पर माहौल भक्तिमय था, जहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर तीर्थयात्री अभिवादन से अभिभूत नजर आए। यात्रियों ने इस पावन अवसर को यादगार बताते हुए अपनी भावनाओं को साझा किया।     तीर्थयात्री भोला राम यादव ने कहा कि सरकार द्वारा दी गई सभी सुविधाएं हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। आने-जाने, रहने व भोजन  की बेहतरीन व्यवस्था ने हमारी यात्रा को सुखद और यादगार बना दिया है। वहीं एक तीर्थ यात्री अमरौतिन बाई ने भावुक होकर कहा कि स्टेशन पर भव्य स्वागत और श्रद्धा का माहौल देखकर मन गदगद हो गया है। एक बुजुर्ग तीर्थयात्री केजा बाई ने आशीर्वाद भरे स्वर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को श्रवण बेटा संबोधित कर तीर्थयात्रा कराने के लिए धन्यवाद दिया। तीर्थयात्रियों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शनों के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन भी कराए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से तीर्थयात्रियों के आने-जाने, रहने, खाने, ठहरने और चिकित्सा सुविधा सभी निशुल्क प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, समाज कल्याण विभाग और रेलवे के कर्मचारी तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए हर समय तत्पर दिखे।

खड़गवां में नशा मुक्ति अभियान

​   खड़गवाँ विकासखंड में जनपद पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर एक महत्वपूर्ण नशा मुक्ति अभियान चलाया। ​इस अभियान का उद्देश्य समाज को नशे के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करना और एक स्वस्थ भविष्य की ओर कदम बढ़ाना है। ​जनपद पंचायत की पूरी टीम ने स्थानीय गांवों और बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को विस्तार से बताया कि तम्बाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन उनके स्वास्थ्य, परिवार और आर्थिक स्थिति पर कितना बुरा असर डालता है। ​अधिकारियों ने नशे की लत छोड़ने के फायदे और इसके लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और काउंसलिंग के बारे में भी जानकारी दी। ​इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि MCB जिले के प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह अभियान खड़गवाँ विकासखंड को नशा मुक्त बनाने में एक निर्णायक कदम साबित होगा और अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा देगा।

दीपक बैज की चेतावनी: 400 यूनिट हाफ बिजली बिल लागू नहीं हुआ तो होगा CM हाउस का घेराव

रायपुर दिल्ली दौरे से लौटे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। बैज ने कहा, सरकार ने 200 यूनिट हॉफ कर जनता को फिर धोखा दिया है। कांग्रेस की 400 यूनिट बिल हॉफ योजना को बंद किया गया। चार बार बिजली की दरें बढ़ाई गईं। स्मार्ट मीटर लगाकर अतिरिक्त वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक 400 यूनिट हॉफ बिजली बिल योजना लागू नहीं की गई तो CM हाउस का घेराव करेंगे। बैज ने कहा, कोयला सस्ता हुआ, उस पर लगने वाला सेस खत्म हुआ, इसलिए अब 400 यूनिट बिजली बिल फ्री करना चाहिए।पीएम सूर्य घर योजना को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा, ये योजना छत्तीसगढ़ में फेल है। पीएम सूर्यघर योजना छत्तीसगढ़ में सफल नहीं है, इसे जबरन थोपा जा रहा है। दिल्ली में बैठक को लेकर दीपक बैज ने कहा, दिल्ली में 2 घंटे की महत्वपूर्ण बैठक हुई। AICC की बैठक में 12 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहे। SIR को लेकर कांग्रेस गंभीर है। बिहार में वोटर काटे गए और चुनाव से पहले नए वोटर जोड़े गए। इन मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा, घर-घर जाकर मतदाताओं को जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाएगी। सचिन पायलट प्रदेश के 3 हिस्सों में बैठक लेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निगरानी का मूल मंत्र दिया जाएगा। जल्द जारी होगी जिलाध्यक्षों की सूची कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची को लेकर बैज ने कहा, जिलाध्यक्षों की सूची अंतिम चरण में है। छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना की सूची लगभग तैयार है। बहुत जल्द जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी होगी। झीरम घाटी हमले को बताया राजनीतिक षड्यंत्र झीरम घाटी हमले के मास्टरमाइंड हिड़मा के मारे जाने से क्या न्याय मिला? इस मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा, आंध्रप्रदेश की सीमा पर उसका एनकाउंटर हुआ, बड़ी सफलता है, इसके लिए बधाई। झीरम घाटी की सच्चाई अब तक सामने नहीं आई है। वैसे भी यह राजनीतिक षड्यंत्र है।

फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ का जलवा: लगातार 13वीं बार ओवरऑल खिताब अपने नाम

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊंचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा। इन खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया, जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पांच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पांच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊंचाइयों तक पहुंने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।

धान विक्रय में हुई सुगमता से प्रसन्नचित है बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू

मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्र निपानी में आसानी से किया धान का विक्रय   रायपुर, बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम निपानी के बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका लगभग 80 क्विंटल धान आसानी से विक्रय हो गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा कर लिया था। धान खरीदी के एक दिन पूर्व ही उन्होंने अपने नाती के सहयोग से मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की बड़ी सुविधा मिली है, जो कि उनके जैसे बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।     बुजुर्ग किसान साहू ने बताया कि उन्होंने 17 नवम्बर को 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन लिया था, उस दिन वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए थे। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया।

बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारु रूप से जारी

आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई रायपुर, राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गयी थी। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान शामिल है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है। धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।